उमर अब्दुल क़ादिर आर्तन फुटबॉल विश्व कप में रेफरी बनने के बेहद करीब थे, यह सोमालिया के इतिहास में पहला ऐसा मौका होता कि उनके देश का कोई रेफरी फीफा विश्वकप में शामिल होता। वह अफ्रीका महाद्वीप के सर्वश्रेष्ठ रेफरी में से एक हैं।
हालांकि उनको अमेरिका की सख्त आप्रवासन नीति के तहत मियामी एयरपोर्ट से ही वापस ही स्वदेश भेज दिया गया। गौरतलब है कि अमेरिका की नीतियों पर इस्लाम विरोधी और रंगभेद होने के आरोप लगते रहते हैं और इस घटना को देखें तो दोनों आरोप अमेरिका पर एक साथ लगाए जा सकते हैं।
दिलचस्प बात यह है कि उमर एक राजनैयकि के तौर पर अमेरिका आए थे लेकिन इसके बावजूद भी उन्हें इस्तानबुल जाने वाली उड़ान में बैठा दिया गया। सोमाली दूतावास ने उन्हें वीजा दिलाने में मदद की थी लेकिन अमेरिकी सुरक्षा बल ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया।
इस पूरी घटना पर उमर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मैं फिलहाल सकारात्मक बना हुआ हूं और अगली चुनौती का इंतजार कर रहा हूं। उन्होंने फीफा और सीएएफ को धन्यवाद करते हुए कहा कि वह अपने काम को उच्च स्तर तक ले जाने के लिए सतत प्रयास करते रहेंगें।
ABD’de düzenlenecek Dünya Kupası’nda görev alacak Somalili hakem Omar Artan, ülkeye giriş izni verilmeyince geri dönmek zorunda kaldı.
— Bir gün boyunca İstanbul’da konaklayan Omar Artan, bugün gece saatlerinde THY’ye ait uçakla Somali’nin başkenti Mogadişu’ya gitmek için… pic.twitter.com/xnvXDtZYsw
— gdh (@gundemedairhs) June 9, 2026
वहीं सोमालिया के प्रधानमंत्री ने एक्स पर इस घटना की निंदा करते हुए लिखा-''मुझे यह ख़बर सुनकर गहरी निराशा हुई है कि अफ़्रीका के श्रेष्ठ रेफरी और दुनिया के बेहतरीन रेफरियों में से एक उमर आर्तन विश्व कप में मैचों का संचालन नहीं कर पाएंगे. उमर ने अपनी प्रतिभा, कड़ी मेहनत, पेशेवर प्रतिबद्धता और ईमानदारी के बल पर यह मुकाम हासिल किया है. मुझे अब भी उम्मीद है कि इसका कोई समाधान निकलेगा. उमर, अफ्रीका और पूरी दुनिया आपके साथ खड़ी है.''
