FD vs SCSS: ₹10 लाख लगाने पर सालाना कितनी कमाई होगी? समझिए पूरा कैलकुलेशन

FD vs SCSS: रिटायरमेंट के बाद नियमित आय सबसे बड़ी जरूरत होती है। सीनियर सिटिजन के लिए FD और SCSS दो मशहूर विकल्प हैं। दोनों में पैसा सुरक्षित रखने के साथ ब्याज से कमाई होती है। हालांकि, ब्याज दर और भुगतान के तरीके में अंतर है।

फिलहाल SCSS पर 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है। वहीं, SBI की 5 साल तक की FD पर वरिष्ठ नागरिकों को 7.05% ब्याज मिल रहा है। ये बैंक के हिसाब से अलग-अलग भी हो सकता है। ऐसे में ₹10 लाख के निवेश पर दोनों विकल्पों की कमाई में अंतर साफ नजर आता है।

SCSS में ₹10 लाख पर कितनी कमाई?

SCSS में ₹10 लाख लगाने पर 8.2% की दर से सालाना ₹82,000 ब्याज बनेगा। इसका भुगतान हर तिमाही किया जाता है। यानी हर तीन महीने में करीब ₹20,500 मिलेंगे।

इस तरह सालभर में कुल ब्याज ₹82,000 होगा। मूल निवेश ₹10 लाख बना रहेगा। SCSS की अवधि 5 साल है। इसे नियमों के तहत आगे बढ़ाया भी जा सकता है।

FD में ₹10 लाख पर कितना ब्याज?

SBI की 5 साल तक की FD पर वरिष्ठ नागरिकों को 7.05% ब्याज मिल रहा है। ₹10 लाख पर इस दर से सालाना ब्याज करीब ₹70,500 होगा।

यानी समान ₹10 लाख के निवेश पर SCSS की तुलना में FD से करीब ₹11,500 कम सालाना ब्याज मिलेगा। हालांकि, FD की दर बैंक और अवधि के हिसाब से अलग हो सकती है।

निवेशब्याज दर₹10 लाख पर सालाना ब्याजभुगतान
SCSS8.20%₹82,000तिमाही
SBI Senior Citizen FD7.05%₹70,500
बैंक के विकल्प के अनुसार

अंतर1.15%₹11,500SCSS में ज्यादा

टैक्स का भी रखें ध्यान

₹10 लाख के निवेश पर SCSS से सालाना ₹82,000 और SBI सीनियर सिटिजन FD से ₹70,500 ब्याज मिलेगा। अगर निवेशक 20% टैक्स स्लैब में है, तो 4% सेस सहित SCSS पर करीब ₹17,056 कटेगा। वहीं और FD पर करीब ₹14,664 टैक्स जाएगा। यानी टैक्स के बाद ब्याज SCSS में करीब ₹64,944 और FD में ₹55,836 रहेगा।

SCSS की ब्याज दर सरकार हर तिमाही तय करती है। इसलिए मौजूदा 8.2% की दर भविष्य में बदल सकती है। दूसरी ओर, FD की ब्याज दर भी बैंक और निवेश की अवधि के अनुसार बदलती रहती है।

₹10 लाख के निवेश में कौन कितना देगा?

मौजूदा दरों के आधार पर ₹10 लाख पर SCSS से सालाना ₹82,000 और SBI सीनियर सिटिजन FD से करीब ₹70,500 ब्याज बनता है। यानी अंतर ₹11,500 सालाना है।

हालांकि, सिर्फ ब्याज दर के आधार पर फैसला नहीं करना चाहिए। निवेश की अवधि, नियमित आय की जरूरत, लिक्विडिटी और टैक्स को भी ध्यान में रखना जरूरी है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Bank FD: बिना जोखिम गारंटीड रिटर्न! जानिए 7 प्रकार के ऑप्शंस और आपके लिए कौन सी FD रहेगी सबसे बेस्ट

Fixed Deposit Investment Guide: शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड के उतार-चढ़ाव से दूर रहकर जो लोग एक सुरक्षित और तय रिटर्न की गारंटी चाहते हैं, उनके लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) हमेशा से पहली पसंद रही है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एफडी केवल एक तरह की नहीं होती?

कोई एफडी आपको हर महीने तय इनकम देती है, कोई टैक्स बचाती है, तो किसी में जरूरत पड़ने पर बिना किसी पेनाल्टी के पैसा निकाला जा सकता है। ऐसे में अपनी वित्तीय जरूरतों और गोल्स के हिसाब से सही एफडी चुनना बेहद जरूरी है।

आइए आसान भाषा में समझते हैं कि एफडी कितने प्रकार की होती है और आपको अपने लिए कौन सा ऑप्शन चुनना चाहिए।

कितने प्रकार की होती है फिक्स्ड डिपॉजिट (FD)?

बैंक और वित्तीय संस्थान आपकी अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से ये कुछ प्रमुख FD ऑप्शंस ऑफर करते हैं:

 1. स्टैंडर्ड एफडी (Standard FD): यह सबसे आम एफडी है, जो 7 दिनों से लेकर 10 साल तक की अवधि के लिए होती है। इसमें आपको बचत खाते से बेहतर और तय ब्याज मिलता है।

2. टैक्स-सेविंग एफडी (Tax-Saving FD): अगर आप टैक्स बचाना चाहते हैं, तो यह बेस्ट है। इसमें 5 साल का लॉक-इन पीरियड होता है और आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की टैक्स छूट मिलती है।

3. कम्युलेटिव एफडी (Cumulative FD): इसमें मिलने वाले ब्याज को मूलधन में जोड़कर कंपाउंड यानी ब्याज पर ब्याज किया जाता है और पूरा पैसा मैच्योरिटी पर एक साथ मिलता है। यह उन लोगों के लिए बेहतर है जिन्हें बीच में नियमित पैसे की जरूरत नहीं होती और वे बड़ा फंड बनाना चाहते हैं।

4. नॉन-कम्युलेटिव एफडी (Non-Cumulative FD): इसमें मैच्योरिटी का इंतजार नहीं करना पड़ता। आपको आपकी जरूरत के हिसाब से हर महीने, तिमाही, छमाही या सालाना आधार पर ब्याज का भुगतान किया जाता है। रिटायर्ड लोगों के लिए यह बेहतरीन विकल्प है।

5. फ्लेक्सी एफडी (Flexi FD): यह आपके बचत खाते से लिंक होती है। सेविंग्स अकाउंट में एक तय सीमा से ज्यादा पैसा होते ही वह अपने आप एफडी में बदल जाता है, जिस पर ज्यादा ब्याज मिलता है। जरूरत पड़ने पर आप बिना किसी पेनाल्टी के वह पैसा निकाल भी सकते हैं।

6. सीनियर सिटीजन एफडी (Senior Citizen FD): 60 साल या उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों को बैंक सामान्य ग्राहकों के मुकाबले 0.50% से 0.75% तक ज्यादा ब्याज देते हैं।

7. कॉरपोरेट एफडी (Corporate FD): यह बैंक नहीं, बल्कि एनबीएफसी या हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां जारी करती हैं। इनमें बैंक एफडी से ज्यादा ब्याज मिलता है, लेकिन ध्यान रखें कि इन पर DICGC का 5 लाख रुपये वाला सरकारी बीमा कवर लागू नहीं होता। इसलिए इसमें निवेश से पहले कंपनी की क्रेडिट रेटिंग जरूर जांच लें।

अपने लिए सही FD कैसे चुनें?

लिक्विडिटी और गोल तय करें: अगर आपको हर महीने खर्चों के लिए पैसा चाहिए तो नॉन-कम्युलेटिव एफडी चुनें। अगर लंबे समय के लिए पैसा जोड़ना है तो कम्युलेटिव एफडी चुनें।

समयसीमा का ध्यान रखें: आमतौर पर कम अवधि की एफडी पर ब्याज दर थोड़ी कम और लंबी अवधि की एफडी पर ज्यादा होती है।

लैडरिंग तकनीक अपनाएं: सारा पैसा एक ही एफडी में लगाने के बजाय उसे अलग-अलग अवधि (जैसे- 1 साल, 2 साल, 3 साल) की 3-4 एफडी में बांट दें। इससे आपको जरूरत पड़ने पर बीच-बीच में पैसे मिलते रहेंगे और आपको कभी पूरी एफडी समय से पहले नहीं तोड़नी पड़ेगी।

केवल हाई ब्याज दर देखकर ही किसी एफडी का चुनाव न करें। कॉरपोरेट एफडी में जहां ब्याज थोड़ा ज्यादा मिलता है, वहीं बैंक एफडी में आपकी जमा पूंजी को सरकारी सुरक्षा (DICGC कवरेज) का फायदा मिलता है। अपनी जरूरत, टैक्स स्लैब और लिक्विडिटी को ध्यान में रखकर ही सही विकल्प का चयन करें।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

80 साल के दादा 60 साल से कर रहे गांव की सफाई | Inspiration | West Bengal | Senior Citizen

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दूषित नदियों, रास्तों और पहाड़ों की शिकायत करने वाले लोग तो आपको जरूर कहीं न कहीं मिल जाएंगे। लेकिन बिना किसी शिकायत के अपने शहर और देश की गलियों को अपना घर समझकर सफाई करने वाले लोग आपको कहाँ मिलेंगे?
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Senior Citizen FD: 8.5% ब्याज देने वाले बैंक कौन से हैं? रिटायरमेंट के बाद 20 लाख फिक्स करने पर समझिए इंट्रेस्ट इनकम का पूरा कैलकुलेशन

Senior Citizen FD Calculator: अपनी गाढ़ी कमाई को बिना किसी जोखिम के सुरक्षित रखने और रिटायरमेंट के बाद रेग्युलर इनकम के लिए वरिष्ठ नागरिकों के बीच फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) हमेशा से सबसे भरोसेमंद विकल्प रहा है। इस समय सीनियर सिटीजंस के लिए बैंकों में एफडी पर काफी आकर्षक ब्याज दरें मिल रही हैं। खासकर स्मॉल फाइनेंस बैंक वरिष्ठ नागरिकों को एफडी पर 8.50 फीसदी प्रति वर्ष तक का अधिकतम ब्याज ऑफर कर रहे हैं।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज दर में जरा सा भी अंतर कुल रिटर्न पर बड़ा असर डालता है। खासकर तब जब आप अपनी रिटायरमेंट की एक बड़ी राशि निवेश कर रहे हों। सही बैंक और सही मैच्योरिटी का चुनाव कर आप बिना बड़ा जोखिम उठाए अपनी इंट्रेस्ट इनकम को मैक्सिमाइज कर सकते हैं। आइए जानते हैं कौन सा बैंक सीनियर सिटिजंस को FD पर कितना इंट्रेस्ट ऑफर कर रहा है।

स्मॉल फाइनेंस बैंक वरिष्ठ नागरिकों को सबसे ज्यादा ब्याज दरें ऑफर कर रहे हैं:

इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक: 8.50 प्रतिशत तक ब्याज।

ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक: 8.50 प्रतिशत तक ब्याज।

सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक: 8.50 प्रतिशत तक ब्याज।

जना स्मॉल फाइनेंस बैंक: 8.30 प्रतिशत तक ब्याज।

उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक: 8.30 प्रतिशत तक ब्याज।

शिवालिक स्मॉल फाइनेंस बैंक: 8.25 प्रतिशत तक ब्याज।

उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक: 8.25 प्रतिशत तक ब्याज।

जानिए प्राइवेट सेक्टर बैंक में क्या हैं दरें?

निजी क्षेत्र के बैंक वरिष्ठ नागरिकों को नीचे दी गईं ब्याज दरें ऑफर कर रहे हैं:

डीसीबी बैंक: 8.00 प्रतिशत तक ब्याज।

बंधन बैंक: 7.95 प्रतिशत तक ब्याज।

एसबीएम बैंक इंडिया: 7.80 प्रतिशत तक ब्याज।

इंडसइंड बैंक: 7.75 प्रतिशत तक ब्याज।

एक्सिस बैंक: 7.25 प्रतिशत तक ब्याज।

एचडीएफसी बैंक: 7.10 प्रतिशत तक ब्याज।

आईसीआईसीआई बैंक: 7.10 प्रतिशत तक ब्याज।

आईडीबीआई बैंक: 7.00 प्रतिशत तक ब्याज।

पब्लिक सेक्टर बैंक: सरकारी बैंकों में कितना ब्याज?

देश के प्रमुख सरकारी बैंकों में वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली ब्याज दरों की जानकारी यहां नीचे दी गई है-

बैंक ऑफ इंडिया: 7.45 प्रतिशत तक ब्याज।

पंजाब एंड सिंध बैंक: 7.35 प्रतिशत तक ब्याज।

बैंक ऑफ बड़ौदा: 7.25 प्रतिशत तक ब्याज।

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया: 7.25 प्रतिशत तक ब्याज।

बैंक ऑफ महाराष्ट्र: 7.15 प्रतिशत तक ब्याज।

इंडियन बैंक: 7.15 प्रतिशत तक ब्याज।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया: 7.05 प्रतिशत तक ब्याज।

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया: 7.05 प्रतिशत तक ब्याज।

विदेशी बैंक दे रहे इतना ब्याज

स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक: 7.10 प्रतिशत तक ब्याज।

ड्यूश बैंक: 7.00 प्रतिशत तक ब्याज।

एचएसबीसी बैंक: 6.00 प्रतिशत तक ब्याज।

8.5% ब्याज पर 20 लाख की FD से कितनी होगी कमाई?

अगर कोई वरिष्ठ नागरिक अपने रिटायरमेंट फंड से 20 लाख रुपये की राशि 8.50% इंट्रेस्ट रेट पर FD में फिक्स करता है तो उसकी इंट्रेस्ट इनकम एक साल में 1 लाख 70 हजार रुपये होगी। यानी इसे मंथली देखें तो ये करीब 14 हजार रुपये के आसपास होगी। इसी कैलकुलेशन से 3 साल की कुल ब्याज आय 5 लाख 10 हजार और 5 साल की कुल ब्याज आए 8 लाख 50 हजार बैठती है। (नोट: अगर बैंक में ब्याज का रीइन्वेस्टमेंट या तिमाही आधार पर कम्पाउंडिंग होती है तो इंट्रेस्ट से कुल इनकम इससे भी अधिक हो सकती है।)

एक्सपर्ट्स की सलाह: कैसे बनाएं सही रणनीति?

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सीनियर सिटिजंस को अपना पूरा डिपॉजिट एक ही बैंक में रखने के बजाय कई बैंकों में बांटकर रखना चाहिए ताकि 5 लाख रुपये तक के बैंक डिपॉजिट इंश्योरेंस कवर के दायरे में सुरक्षित रहा जा सके। इसके साथ ही, ज्यादा रिटर्न के लिए स्मॉल फाइनेंस बैंकों का इस्तेमाल समझदारी से करना चाहिए और एफडी की अवधि का चुनाव अपनी लिक्विडिटी जरूरतों को ध्यान में रखकर ही करना चाहिए।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

FD vs SCSS: सीनियर सिटिजन के लिए कौन-सी स्कीम बेस्ट? पूरा कैलकुलेशन समझिए

FD vs SCSS: रिटायरमेंट के बाद सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि पैसा कहां रखा जाए, जहां नियमित कमाई भी होती रहे और मूलधन भी सुरक्षित रहे। ऐसे में ज्यादातर लोग बैंक FD और सीनियर सिटिजंस रेविंग्स स्कीम (SCSS) के बीच उलझ जाते हैं।

अगर सिर्फ सुरक्षा देखें, तो SCSS आगे निकलती है। लेकिन कुछ बैंक ऐसी FD भी दे रहे हैं, जिनका ब्याज SCSS के बराबर या उससे थोड़ा ज्यादा है। ऐसे में फैसला सिर्फ ब्याज देखकर नहीं करना चाहिए।

एक नजर में FD vs SCSS

पैमानाSenior Citizen FDSCSS
ब्याज दरबड़े बैंकों में 7%-8%+, कुछ SFB में 8.3% तक8.20%
सुरक्षाDICGC बीमा ₹5 लाख तक
भारत सरकार की गारंटी

अवधिबैंक के हिसाब से
5 साल (3 साल बढ़ा सकते हैं)

अधिकतम निवेशकोई सीमा नहीं₹30 लाख
ब्याज भुगतानमासिक, तिमाही या मैच्योरिटी परहर तिमाही
टैक्स लाभ5 साल की टैक्स-सेविंग FD परधारा 80C के तहत पात्र

₹10 लाख पर किसमें कितना मिलेगा?

अब मान लीजिए आपके पास ₹10 लाख हैं। सवाल यह है कि साल भर में जेब में कितना पैसा आएगा। यही तुलना सबसे साफ तस्वीर देती है।

विकल्पब्याज दरसालाना ब्याजहर तिमाही
SCSS8.20%₹82,000₹20,500
FD (7.5%)7.50%₹75,000₹18,750
FD (8%)8%₹80,000₹20,000
FD (8.3%)8.30%₹83,000₹20,750

यहां एक बात साफ दिखती है। अगर किसी छोटे फाइनेंस बैंक में 8.3% की FD मिल जाए, तो कमाई SCSS से थोड़ी ज्यादा हो सकती है। लेकिन बड़े सरकारी और निजी बैंकों की ज्यादातर FD पर SCSS अब भी आगे है।

₹30 लाख पर कितनी होगी कमाई?

SCSS में एक व्यक्ति अधिकतम ₹30 लाख तक निवेश कर सकता है। अगर कोई पूरी रकम निवेश करता है, तो हर साल ₹2,46,000 ब्याज मिलेगा। यानी हर तीन महीने में ₹61,500 खाते में आएंगे। यही वजह है कि कई रिटायर्ड लोग इसे नियमित आय के लिए चुनते हैं।

सुरक्षा में कौन आगे?

यहीं सबसे बड़ा फर्क आता है। SCSS पूरी तरह भारत सरकार की गारंटी वाली योजना है। दूसरी तरफ बैंक FD में DICGC का बीमा सिर्फ ₹5 लाख तक मिलता है। इसमें मूलधन और ब्याज दोनों शामिल होते हैं। अगर आपके पास बड़ी रकम है, तो सुरक्षा के लिहाज से SCSS ज्यादा मजबूत विकल्प माना जाता है।

टैक्स का क्या होगा?

दोनों में मिलने वाला ब्याज टैक्सेबल होता है। अगर आप पुरानी टैक्स व्यवस्था चुनते हैं, तो दोनों योजनाएं धारा 80C के तहत टैक्स लाभ के लिए पात्र हो सकती हैं। हालांकि 80C की कुल सीमा अलग से लागू होती है।

किसे क्या चुनना चाहिए?

अगर आपकी पहली प्राथमिकता सुरक्षा है, तो SCSS बेहतर विकल्प है। अगर आपको हर तीन महीने में तय आय चाहिए, तब भी SCSS मजबूत साबित होती है। वहीं ₹30 लाख से ज्यादा रकम निवेश करनी है, तो FD का सहारा लेना पड़ेगा। अगर किसी भरोसेमंद बैंक में SCSS से ज्यादा ब्याज वाली FD मिल रही है, तो उस विकल्प पर भी विचार किया जा सकता है।

आखिरी फैसला कैसे करें

अगर सवाल है कि सीनियर सिटिजन के लिए सबसे सुरक्षित और नियमित आय वाला विकल्प कौन सा है, तो SCSS बढ़त ले जाती है। इसमें 8.2% की सरकारी गारंटी वाली ब्याज दर मिलती है। हर तिमाही पैसा खाते में आता है। वहीं अगर लक्ष्य सिर्फ ज्यादा ब्याज पाना है, तो कुछ छोटे फाइनेंस बैंकों की FD थोड़ा बेहतर रिटर्न दे सकती है।

Retirement Planning: रिटायरमेंट फंड से हर साल कितना पैसा निकालें? जानें पैसे खत्म होने के डर से बचने के ये 6 ‘गोल्डन रूल्स’

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

सीनियर सिटिजंस के लिए सरकार की बड़ी पहल, जानिए AVYAY स्कीम में क्या-क्या मिलती हैं सुविधाएं

Senior Citizen schemes: देश में वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है। इसी क्रम में अटल वयो अभ्युदय योजना (AVYAY – Atal Vayo Abhyudaya Yojana) के तहत बुजुर्गों को आश्रय, स्वास्थ्य देखभाल, सहायक उपकरण और सहायता सेवाएं दी जा रही हैं।

सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री बीएल वर्मा ने लोकसभा में सांसद गणेश सिंह के एक सवाल के जवाब में इस योजना की स्टेट्स और सक्सेस रिपोर्ट शेयर की है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2021-22 से अब तक राष्ट्रीय वयोश्री योजना के तहत 7.68 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को फायदा मिला है। राष्ट्रीय हेल्पलाइन एल्डरलाइन के माध्यम से 8.41 लाख से अधिक बुजुर्गों को समय पर सहायता पहुंचाई गई है।

बुजुर्गों के लिए आश्रय और मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं (IPSrC)

अटल वयो अभ्युदय योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों के लिए इंटिग्रेटेड कार्यक्रम (IPSrC) चलाए जा रहे हैं। इसके माध्यम से पात्र संस्थाओं को वरिष्ठ नागरिक आवास, निरंतर देखभाल गृह, मोबाइल मेडिकेयर यूनिट्स और फिजियोथेरेपी क्लीनिक चलाने के लिए फाइनेंशियल असिस्टेंस दिया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य बेसहारा वरिष्ठ नागरिकों को भोजन, आश्रय, स्वास्थ्य देखभाल और मनोरंजन के साधन उपलब्ध कराना है।

सरकार ने बुजुर्गों की देखभाल और सुगम इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए न्यूनतम मानक तय किए हैं। वित्त वर्ष 2021-22 से अब तक इस कार्यक्रम से 6.98 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिक लाभान्वित हो चुके हैं। इसके अलावा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की स्थानीय जरूरतों के मुताबिक योजनाएं लागू करने के लिए वरिष्ठ नागरिकों के लिए राज्य कार्य योजना (SAPSrC) को भी 2019-20 से लागू किया गया है।

राष्ट्रीय वयोश्री योजना: मुफ्त मिलेंगे शारीरिक सहायक उपकरण

उम्र से जुड़ी शारीरिक अक्षमताओं या दिव्यांगता से जूझ रहे ऐसे बुजुर्ग जिनकी मासिक आय 15000 रुपये तक है उनके लिए राष्ट्रीय वयोश्री योजना (RVY) चलाई जा रही है। योजना के तहत बुजुर्गों को उनके जीवन को आसान बनाने के लिए मुफ्त शारीरिक सहायता उपकरण दिए जाते हैं। इस योजना का क्रियान्वयन एलिम्को (ALIMCO – Artificial Limbs Manufacturing Corporation of India) द्वारा किया जा रहा है। वित्त वर्ष 2021-22 से अब तक देश भर में 768749 वरिष्ठ नागरिकों को इस योजना का लाभ मिला है।

एल्डरलाइन (14567): इस हेल्पलाइन पर मिलती है मदद

वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं के तुरंत समाधान के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन एल्डरलाइन (14567) रोजाना सुबह 8:00 बजे से रात 8:00 बजे तक चलती है। यह हेल्पलाइन बुजुर्गों को मुफ्त जानकारी, मार्गदर्शन, भावनात्मक समर्थन और दुर्व्यवहार या संकट के मामलों में फील्ड हस्तक्षेप/बचाव की सुविधा देती है। 1 अक्टूबर 2021 को शुरू होने के बाद बाद से अब तक 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 841734 वरिष्ठ नागरिकों को इस हेल्पलाइन के जरिए सहायता दी जा चुकी है।

केयरगिवर्स की ट्रेनिंग और टेक-स्टार्टअप्स को बढ़ावा

बढ़ती उम्र के साथ बुजुर्गों की देखभाल के लिए कुशल पेशेवरों की मांग को पूरा करने के लिए सरकार ने विशेष पहल की है-

PM-SPECIAL योजना: वित्त वर्ष 2023-24 में शुरू की गई इस योजना के तहत अब तक 38893 जेरियाट्रिक केयरगिवर्स की ट्रेनिंग की जा चुकी है। इससे देश में बुजुर्गों की देखभाल का ढांचा मजबूत हुआ है।

SAGE पहल (Seniorcare Ageing Growth Engine): बुजुर्गों के लिए तकनीक-आधारित समाधान विकसित करने वाले स्टार्टअप्स को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके तहत पात्र स्टार्टअप्स को 1 करोड़ रुपये तक की इक्विटी सहायता दी जाती है। अब तक स्वास्थ्य देखभाल और सहायक तकनीक से जुड़े 9 स्टार्टअप्स को इस पहल के तहत सहायता दी गई है।

बेसहारा पशुओं को आसरा देने वाले रिटायर्ड फौजी | Senior Citizen | Uttarakhand | Animal Love

उत्तराखंड के छोटे से कांडा गाँव के रहने वाले बलवंत सिंह 2023 में भारतीय सेना से सूबेदार मेजर के पद से रिटायर हुए। देश की सेवा के बाद, आराम करने के बजाय उन्होंने पशुओं की सेवा का रास्ता चुना।

सड़क पर बेबस और बेसहारा घूमने वाली गायों और बाकी पशुओं के लिए उन्होंने एक गौशाला बनाई, जो आज 150 से ज़्यादा बेजुबानों का घर है।

आवारा जानवरों को आसरा, उनका पेट भरने के लिए चारा, इलाज से लेकर उनकी देखभाल करने तक वह हर चीज़ का खर्चा खुद उठाते हैं। लेकिन अब आप भी इनका साथ दे सकते हैं-
Name : Gaunli rup amar gau seva samiti
A/C number : 44 901 992 302
IFSC : 923 543 049 88(प्रत्येक दान और खर्च का स्पष्ट एवं व्यवस्थित विवरण आसानी से उपलब्ध कराया जा सकता है। यह खाता केवल बलवंत सिंह संचालित करते हैं

@kanda_gaushala

[Retired from Army, Running Shelter Home for Animals, FURishte ,Kargil Diwas]

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लोअर बर्थ से व्हीलचेयर बुकिंग तक, बुजुर्गों को मिलेगा सब कुछ, बस अपनाएं IRCTC टिकट बुकिंग के ये स्मार्ट टिप्स!

अगर आप या आपके घर के कोई वरिष्ठ नागरिक 2026 में ट्रेन से सफर करने की प्लानिंग बना रहे हैं, तो टिकट बुकिंग के समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। सही जानकारी भरने, समय पर टिकट बुक करने और अवेलेबल फैसिलिटीज का सही यूज करने से जर्नी ज्यादा आरामदायक और बिना किसी परेशानी के हो सकती है।

 

सीनियर सिटीजन से जुड़े रूल और एलिजिबिलिटी पहले चेक कर लें

क्या भारत में वरिष्ठ नागरिकों/सेवानिवृत्त लोगों को क्रेडिट कार्ड पर विचार करना चाहिए?

टिकट बुक करने से पहले भारतीय रेलवे के मौजूदा नियमों और सीनियर सिटीजन (Senior Citizen) के लिए अवेलेबल फैसिलिटीज की इनफार्मेशन जरूर लें। समय-समय पर रेलवे की पॉलिसी में बदलाव हो सकता है, इसलिए ट्रेवलिंग से पहले ताजा नियम देखना बेहतर रहता है।

 

 

केवल IRCTC की ऑफिशल वेबसाइट या Rail Connect ऐप से बुकिंग करें

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हमेशा टिकट बुक करने के लिए IRCTC की ऑफिशल वेबसाइट या Rail Connect ऐप का ही इस्तेमाल करें। इससे आपकी बुकिंग सिक्योर रहती है और किसी तरह की धोखाधड़ी या गलत जानकारी की संभावना कम हो जाती है।

 

 

उम्र और आइडेंटिटी से जुड़ी डिटेल सही भरें

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बुकिंग करते समय नाम, उम्र, लिंग और गवर्मेंट आइडेंटिटी प्रूफ (आधार, वोटर ID, पासपोर्ट आदि) की जानकारी बिल्कुल सही दर्ज करें। सीनियर सिटीजन (Senior Citizen) के लिए उम्र की सही डिटेल देना खास तौर पर जरूरी है, क्योंकि जर्नी के दौरान इसकी चेकिंग की जा सकती है।

 

 

बुकिंग के समय लोअर बर्थ का ऑप्शन जरूर चुनें

Budget 2026: Government May Reintroduce Railway Concessions For Senior Citizens - Outlook Money

अगर सीनियर सिटीजन (Senior Citizen) को नीचे वाली सीट की जरूरत है, तो टिकट बुक करते समय लोअर बर्थ का ऑप्शन जरूर चुनें। सीट अलोकेशन अवेलेबिलिटी के बेस पर होता है, लेकिन सही ऑप्शन चुनने से लोअर बर्थ मिलने की संभावना बढ़ जाती है और सफर ज्यादा सुविधाजनक रहता है।

 

 

सीनियर सिटीजन (Senior Citizen) को प्रायोरिटी

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भारतीय रेलवे सीनियर सिटीजन को प्रिऑरिटीज के बेस पर लोअर बर्थ एलोकेट करती है। कई ट्रेनों में इसके लिए अलग लोअर बर्थ कोटा भी रखा गया होता है, जिससे चढ़ने-उतरने में आसानी हो सके।

जर्नी के दौरान गवर्मेंट फोटो ID साथ रखें

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जिस गवर्मेंट फोटो ID का इस्तेमाल टिकट बुकिंग के समय किया गया है, उसे जर्नी के दौरान अपने साथ जरूर रखें। टिकट एग्जामिनर जरूरत पड़ने पर आइडेंटिटी और उम्र का प्रूफ मांग सकते हैं, इसलिए वैलिड आइडेंटिटी साथ होना जरूरी है।

 

एडवांस में टिकट बुक कराएं

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सीनियर सिटीजन के लिए समय रहते टिकट बुक करना सबसे अच्छा ऑप्शन है। जल्दी बुकिंग करने से पसंदीदा ट्रेन, सुविधाजनक सीट और लोअर बर्थ मिलने की संभावना बढ़ जाती है। त्योहारों, छुट्टियों और पीक सीजन में यह और भी जरुरी हो जाता है।

 

बीमार पत्नी के इलाज के लिए 80 साल का यह बुजुर्ग रोज चलाता है 16 घंटे टैक्सी, इनकी कहानी सुन रो पड़ेगा दिल

लगभग 80 साल की उम्र में भी, जब उनका शरीर उनके इरादों का साथ नहीं देता, रवींद्रनाथ सरकार हर सुबह अपनी पीली टैक्सी का स्टीयरिंग व्हील थाम लेते हैं। वे ऐसा किसी बड़े मकसद के लिए नहीं, बल्कि अपनी 67 साल की बीमार पत्नी का खर्च उठाने के लिए करते हैं। घर का गुजारा करने के लिए वे किराए की पीली टैक्सी चलाते हैं।

सोशल मीडिया पर चैताली बोस नाम की यूजर द्वारा शेयर किए गए इस वीडियो ने हज़ारों लोगों का दिल जीत लिया है। लोग उनके जज्बे की तारीफ कर रहे हैं और कोलकाता के दम दम में रेलवे ट्रैक के पास रहने वाले इस बुज़ुर्ग जोड़े की मदद करने की अपील कर रहे हैं। क्लिप में बताया गया है कि सरकार, जो लगभग 52 सालों से गाड़ी चला रहे हैं, रोजाना सुबह 6 बजे से लेकर 16 घंटे तक कोलकाता की सड़कों पर गुजारा करने के लिए टैक्सी चलाते हैं।

उम्र बढ़ने और सेहत खराब होने के बावजूद, वे बिना एक दिन की छुट्टी लिए किराए की पीली टैक्सी चलाते रहते हैं। कभी-कभी वे रात 11 बजे तक गाड़ी चलाते हैं, और अगर उन्हें पूरे दिन कोई सवारी न मिले या एक रुपया भी न कमा पाएं, तब भी उन्हें टैक्सी का किराया मालिक को देना ही पड़ता है। यह जोड़ा, जिसकी देखभाल करने वाला कोई बच्चा नहीं है, उनकी कमाई से ही गुजारा करता है, लेकिन उनकी कमाई दवाइयां खरीदने के लिए काफी नहीं है।

उनकी अपनी सेहत की दिक्कतों को देखते हुए उनकी कहानी और भी खास हो जाती है। महिला ने बताया कि सरकार को लंबे समय से अस्थमा की बीमारी है, जबकि उनकी पत्नी को दिल से जुड़ी एक बीमारी है। बोस ने बताया कि इतनी तकलीफों के बावजूद, 80 साल के ये बुज़ुर्ग अपनी सवारी से उतना ही किराया लेते हैं जितना वे सही समझें।

इस जोड़े के रहने की हालत भी बहुत मुश्किल है। वे टीन के एक छोटे से घर में रहते हैं, जिसकी छत मॉनसून के दौरान टपकती है। बारिश का पानी घर के अंदर आ जाता है, और मरम्मत करवाना उनकी पहुंच से बाहर है। क्लिप के आखिर में, बोस ने लोगों से अपील की कि वे जिस तरह से भी हो सके, उनकी मदद के लिए आगे आएं।

उनकी कहानी ने ऑनलाइन लोगों के दिलों को छू लिया है। एक यूजर ने कहा, “जिन लोगों ने अपनी ज़िंदगी सम्मान के साथ काम करते हुए बिताई है, उन्हें कभी भी अपने बुढ़ापे के दिन गुजारा करने के लिए संघर्ष करते हुए नहीं बिताना चाहिए। अगर हम थोड़ी सी भी मदद कर सकते हैं, तो हमें करनी चाहिए। दया कोई दान नहीं है, बल्कि एक-दूसरे के प्रति हमारा फर्ज है।”

एक और व्यक्ति ने कहा, “ऐसे हालात में लोगों को भीख तक मांगनी पड़ती है और वे इस उम्र में भी कड़ी मेहनत कर रहे हैं। एक ने लिखा कि “मुझे लगता है कि अन्नपूर्णा योजना के लिए तय की गई रकम कम कर दी जानी चाहिए और उस पैसे को बुढ़ापे की पेंशन के तौर पर दिया जाना चाहिए। सक्षम महिलाएं अपनी कोशिशों से कुछ कमा सकती हैं, लेकिन इन बुज़ुर्गों की काम करने की क्षमता कम होती है और उन्हें ज्यादा पैसे की जरूरत होती है।”