Small Savings Scheme: सरकार ने नई तिमाही के लिए इंटरेस्ट रेट का ऐलान किया, जानिए अब कितना मिलेगा ब्याज

Small Savings Scheme: सरकार ने बुधवार को छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों पर बड़ा फैसला किया है। अक्टूबर-दिसंबर 2026 तिमाही में इन दरों में कोई बदलाव नहीं होगा। यानी PPF, NSC, KVP, सुकन्या समृद्धि योजना और सीनियर सिटिजन सेविंग्स पर अभी वाली ब्याज दर ही मिलेगी।

निवेशकों को उम्मीद थी कि सरकार कुछ योजनाओं की दरों में बदलाव कर सकती है। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जुलाई-सितंबर तिमाही में भी ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया था। ये छोटी बचत योजनाएं कम जोखिम वाले निवेश के लिए पसंद की जाती हैं। सरकार इनकी ब्याज दर की हर तीन महीने में समीक्षा करती है।

अभी कितना ब्याज मिल रहा है?

PPF पर सालाना 7.1% ब्याज मिल रहा है। SCSS और सुकन्या समृद्धि योजना पर 8.2% ब्याज है। वहीं, NSC पर 7.7% ब्याज मिल रहा है। पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम पर 7.4% और किसान विकास पत्र पर 7.5% की कमाई होती है।

पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट में 1 साल के लिए 6.9% का इंटरेस्ट रेट है। 2 साल के लिए 7% और 3 साल के लिए 7.1% ब्याज मिलता है। 5 साल की जमा पर 7.5% ब्याज है। वहीं, 5 साल के Post Office Recurring Deposit पर 6.7% इंटरेस्ट मिल रहा है।

ब्याज दर कैसे तय होती है?

सरकार हर तिमाही छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दर की समीक्षा करती है। इन दरों का आधार Government Securities यानी G-Sec की यील्ड होती है।

अलग-अलग योजनाओं के लिए अलग स्प्रेड तय होता है। इसलिए G-Sec की यील्ड में बदलाव होने पर छोटी बचत योजनाओं की दरों पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि, अंतिम फैसला सरकार ही लेती है। हर तिमाही सरकार ब्याज दरों को नोटिफाई करती है।

आखिरी बार दर कब बदली थीं?

छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में आखिरी बदलाव जनवरी-मार्च 2024 तिमाही के लिए हुआ था। दिसंबर 2023 में सरकार ने कुछ योजनाओं की दरें बढ़ाई थीं।

तब 3 साल की Post Office Time Deposit की ब्याज दर 7% से बढ़ाकर 7.1% की गई थी। Sukanya Samriddhi Yojana की दर भी 8% से बढ़ाकर 8.2% कर दी गई थी।

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Post Office TD vs Bank FD: पोस्ट ऑफिस या बैंक FD, किसमें निवेश पर मिलेगा ज्यादा फायदा? समझिए पूरा हिसाब

Post Office TD vs Bank FD: अगर आप बिना जोखिम के तय रिटर्न चाहते हैं, तो पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (TD) और बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) दोनों अच्छे विकल्प हैं। दोनों में आपका पैसा सुरक्षित रहता है और तय ब्याज मिलता है।

लेकिन सुरक्षा, ब्याज, पैसे निकालने की सुविधा और टैक्स बेनिफिट्स जैसे मामलों में दोनों के बीच बड़ा अंतर है। ऐसे में निवेश से पहले यह जानना जरूरी है कि आपके लिए कौन-सा विकल्प ज्यादा सही रहेगा।

सुरक्षा के मामले में कौन बेहतर?

अगर पैसों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है, तो पोस्ट ऑफिस TD आगे है। इसकी वजह यह है कि इस पर सरकार की गारंटी होती है। यानी आपका मूलधन और ब्याज, दोनों पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं।

वहीं, बैंक FD पर डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) का बीमा मिलता है। लेकिन इसकी सीमा 5 लाख रुपये तक ही है। इसमें मूलधन और ब्याज दोनों शामिल होते हैं। अगर किसी बैंक में आपकी जमा राशि इससे ज्यादा है, तो अतिरिक्त रकम पर बीमा नहीं मिलता।

कहां मिल रहा है ज्यादा ब्याज?

पोस्ट ऑफिस TD की ब्याज दरें सरकार हर तीन महीने में तय करती है। एक बार जिस ब्याज दर पर निवेश कर दिया, वही दर पूरी अवधि तक लागू रहती है।

मौजूदा पोस्ट ऑफिस TD ब्याज दरें

अवधिब्याज दर
1 साल6.90%
2 साल7.00%
3 साल7.10%
5 साल7.50%

वहीं, बैंक FD की ब्याज दरें हर बैंक में अलग-अलग होती हैं। ये समय-समय पर भी बदलती रहती हैं। फिलहाल कई प्राइवेट और स्मॉल फाइनेंस बैंक 7.5% से 8.10% तक ब्याज दे रहे हैं। कई लोग सुरक्षा के लिहाज सरकारी बैंकों को भी प्राथमिकता देते हैं। हालांकि, उनकी ब्याज दर प्राइवेट और स्मॉल फाइनेंस बैंकों के मुकाबले कम रहती है।

पैसे निकालने की सुविधा किसमें बेहतर?

अगर आपको बीच में पैसे की जरूरत पड़ सकती है, तो बैंक FD ज्यादा सुविधाजनक है। बैंकों में आप 7 दिन से लेकर 10 साल तक की FD करा सकते हैं। जरूरत पड़ने पर मैच्योरिटी से पहले FD तोड़ भी सकते हैं। हालांकि, इसके लिए आमतौर पर 0.5% से 1% तक ब्याज का जुर्माना देना पड़ता है। कई बैंक FD के बदले लोन की सुविधा भी देते हैं।

वहीं, पोस्ट ऑफिस TD में पहले 6 महीने तक पैसा नहीं निकाला जा सकता। अगर छह महीने बाद लेकिन मैच्योरिटी से पहले खाता बंद करते हैं, तो कम ब्याज मिलता है। इससे आपका कुल रिटर्न घट जाता है।

टैक्स और सीनियर सिटीजन को क्या फायदा?

अगर आप टैक्स बचाना चाहते हैं, तो 5 साल का पोस्ट ऑफिस TD और 5 साल का टैक्स सेवर बैंक FD, दोनों पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट मिलती है।

हालांकि, सीनियर सिटीजन के लिए बैंक FD ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकती है। ज्यादातर बैंक सामान्य ग्राहकों के मुकाबले 0.25% से 0.75% तक अतिरिक्त ब्याज देते हैं। पोस्ट ऑफिस TD में वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग से कोई अतिरिक्त ब्याज नहीं मिलता।

आखिर किसमें निवेश करना चाहिए?

अगर आपकी पहली प्राथमिकता पूरी सुरक्षा है, तो पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट बेहतर विकल्प हो सकता है। क्योंकि इस पर सरकार की गारंटी होती है। लेकिन अगर आप ज्यादा ब्याज, पैसे निकालने में आसानी, निवेश अवधि चुनने की आजादी और सीनियर सिटीजन के लिए अतिरिक्त ब्याज चाहते हैं, तो बैंक FD बेहतर साबित हो सकती है। कुछ मामलों में FD का ब्याज पोस्ट ऑफिस के मुकाबले ज्यादा होता है।

फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सिर्फ ब्याज दर देखकर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। सुरक्षा, लिक्विडिटी, टैक्स बेनिफिट और निवेश की अवधि जैसी सभी बातों को ध्यान में रखकर फैसला लें। चाहें तो दोनों विकल्पों में पैसा लगाकर सुरक्षा और बेहतर रिटर्न के बीच संतुलन भी बना सकते हैं।

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