ट्रेन में खाली बर्थ अब खुद मिलेगी RAC-वेटिंग पैसेंजर्स को, रेलवे ला रहा डिजिटल सिस्टम
ट्रेन में सफर के दौरान खाली होने वाली बर्थ को लेकर रेलवे एक नई डिजिटल व्यवस्था शुरू करने जा रहा है। इससे किसी पैसेंजर के ट्रेन में नहीं चढ़ने पर उसकी खाली बर्थ की जानकारी सिस्टम तक तुरंत पहुंच जाएगी और नियम के अनुसार उसे RAC या वेटिंग लिस्ट वाले पैसेंजर को अलॉट किया जा सकेगा। इससे सीट मिलने की प्रोसेस पहले से ज्यादा आसान और साफ होने की उम्मीद है।
अब मोबाइल बता देगा कहां है खाली बर्थ!
नए सिस्टम के बाद पैसेंजर्स को ट्रेन में खाली हुई बर्थ के बारे में पता करने के लिए TTE को ढूंढने की जरूरत नहीं पड़ेगी। रेलवे के सिस्टम में खाली बर्थ की जानकारी रियल टाइम में अपडेट होगी। पैसेंजर्स रेल मदद या IRCTC ऐप के जरिए यह देख सकेंगे कि सफर के दौरान किस स्टेशन से किस कोच में कितनी सीटें खाली हुई हैं। इसके बाद RAC और वेटिंग लिस्ट वाले पैसेंजर्स को तय नियम और क्रम के अनुसार बर्थ अलॉट की जा सकेगी। बर्थ मिलने की जानकारी पैसेंजर के मोबाइल पर भी भेजी जा सकेगी।
पहला ट्रायल होगा नई मुंबई से
रेलवे इस नई तकनीक को पहले मुंबई सेंट्रल डिवीजन की कुछ चुनिंदा ट्रेनों में आजमाने की तैयारी कर रहा है। योजना के मुताबिक दिसंबर 2026 तक कुछ TTE को स्मार्ट जैकेट, GPS और कैमरे देकर इसका ट्रायल किया जाएगा। इसके नतीजे देखने के बाद अप्रैल 2027 से इस तकनीक को देश के सभी 17 रेलवे जोनों में चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना है। अगर TTE खाली बर्थ को सिस्टम में अपडेट नहीं करते या चेकिंग के लिए मौजूद नहीं होते हैं, तो पैसेंजर रेल मदद ऐप या 139 पर शिकायत भी दर्ज करा सकेंगे।
HHT से तुरंत अपडेट होगा डेटा
- 4G कनेक्टिविटी और GPS ट्रैकिंग: डिवाइस में 4G की सुविधा होगी, जिससे डेटा रियल टाइम में सर्वर तक भेजा जा सकेगा। करीब 5 मीटर तक की सटीकता के साथ TTE की लोकेशन ट्रैक की जा सकेगी।
- बायोमेट्रिक स्कैनर: फिंगरप्रिंट स्कैनर के जरिए TTE की डिजिटल उपस्थिति दर्ज होगी।
- 12 घंटे का बैटरी बैकअप: लंबे सफर के दौरान डिवाइस को लगातार इस्तेमाल किया जा सकेगा।
- मजबूत डिजाइन: HHT को वाटरप्रूफ और डस्टप्रूफ बनाया जा रहा है, ताकि सफर के दौरान इसे आसानी से इस्तेमाल किया जा सके।
स्मार्ट जैकेट से TTE की सुरक्षा होगी मजबूत
- GPS डिवाइस और HD बॉडी कैमरा: जैकेट में GPS लगा होगा, जिससे ड्यूटी के दौरान TTE की लोकेशन ट्रैक की जा सकेगी। जैकेट में HD कैमरा लगाया जाएगा, जिससे ड्यूटी के दौरान होने वाली गतिविधियों को रिकॉर्ड किया जा सकेगा।
- SOS बटन: किसी इमरजेंसी में TTE एक बटन दबाकर तुरंत मदद के लिए अलर्ट भेज सकेंगे। ट्रेन में किसी पैसेंजर की तबीयत अचानक बिगड़ने पर TTE SOS दबाकर मदद मांग सकेंगे। SOS दबाते ही नजदीकी कंट्रोल रूम और अगले स्टेशन के स्टेशन मास्टर तक इमरजेंसी की जानकारी पहुंचाई जा सकेगी।
रेलवे का अनुमान है कि पूरी व्यवस्था लागू होने के बाद टिकट जांच की प्रक्रिया ज्यादा प्रभावी हो सकती है और खाली बर्थ के गलत इस्तेमाल से जुड़ी शिकायतों में भी कमी आ सकती है। इसके अलावा, अगर TTE चेकिंग के लिए उपलब्ध नहीं होते या खाली बर्थ को सिस्टम में अपडेट नहीं करते, तो यात्री रेल मदद ऐप या 139 पर शिकायत दर्ज करा सकेंगे।








