Weather Update: बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया सिस्टम, यूपी से MP तक इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, जानिए कहां-कहां तूफानी मौसम

IMD Heavy Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मानसून की चाल एक बार फिर से तेज हो गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मौसम को लेकर ताजा बुलेटिन जारी करते हुए चेतावनी दी है कि बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र आकार ले रहा है। इसके असर से आने वाले दिनों में देश के कई राज्यों में मूसलाधार बारिश और तूफानी हवाएं चलने की संभावना है। उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल तक बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक पूर्वोत्तर उत्तर प्रदेश और इसके आसपास के इलाकों में बने कम दबाव के क्षेत्र की वजह से पूर्वी मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति बनी हुई है। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल व उत्तर ओडिशा के तटों पर 29 अगस्त के आसपास एक और नया लो-प्रेशर एरिया बनने वाला है। इस नए सिस्टम के चलते ओडिशा में अति भारी बारिश का खतरा मंडरा रहा है।

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में आफत की बारिश, पिछले 24 घंटों का हाल

मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान पश्चिम उत्तर प्रदेश में अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या उससे अधिक) दर्ज की गई है। वहीं उत्तराखंड, मेघालय, मिजोरम और पूर्वी मध्य प्रदेश के कई क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश (12 से 20 सेमी) हुई है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, झारखंड, बिहार, अरुणाचल प्रदेश और पश्चिम मध्य प्रदेश में भी कुछ जगहों पर भारी बारिश दर्ज की गई है।

उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी-उत्तराखंड और हिमाचल में मूसलाधार बारिश का अनुमान

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मानसूनी बारिश का जोर बना रहेगा। उत्तराखंड में 28 अगस्त से 3 सितंबर तक काफी बारिश की संभावना जताई गई है। इसमें 31 अगस्त से 1 सितंबर के बीच भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में 30 अगस्त से 3 सितंबर के दौरान काफी बारिश और 31 अगस्त से 3 सितंबर के बीच भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

उत्तर प्रदेश के संदर्भ में पश्चिम यूपी में 28 अगस्त और 2 से 3 सितंबर के दौरान भारी बारिश का अनुमान है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 31 अगस्त से 3 सितंबर तक भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के इलाकों में भी 31 अगस्त से 1 सितंबर के बीच व्यापक बारिश हो सकती है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में झमाझम बारिश की चेतावनी

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के इलाकों में मौसम विभाग ने काफी बारिश का अलर्ट जारी किया है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 28 से 30 अगस्त और 2 से 3 सितंबर के बीच मध्यम से तेज बारिश होगी। 28 अगस्त और 3 सितंबर को बेहद भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

पश्चिम मध्य प्रदेश में 28 अगस्त और 2-3 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ में 28 अगस्त से 3 सितंबर तक लगातार व्यापक बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। विदर्भ क्षेत्र में भी 28 अगस्त और 2-3 सितंबर के दौरान झमाझम बारिश होने के आसार हैं।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश और तूफानी हवाएं

पूर्वी भारत के राज्यों पर बंगाल की खाड़ी में बन रहे नए मौसमी तंत्र का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। ओडिशा में 28 से 31 अगस्त के दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी जबकि 30 अगस्त को राज्य में कुछ जगहों पर अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 28 और 29 अगस्त को 50 से 60 किमी प्रति घंटे (जो बढ़कर 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है) की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने की आशंका है।

गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में 28 अगस्त से 1 सितंबर के दौरान मध्यम से भारी बारिश के साथ 30 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। बिहार में 28 अगस्त को आकाशीय बिजली चमकने और बिजली गिरने की गंभीर चेतावनी भी दी गई है। पूर्वोत्तर राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 28 अगस्त से 3 सितंबर तक भारी बारिश और बिजली कड़कने की गतिविधियां जारी रहेंगी।

पश्चिम और दक्षिण भारत: कोंकण-गोवा में बारिश, दक्षिण भारत में कमजोर रहेगा मानसून

पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा के तटीय इलाकों में 28 अगस्त से 3 सितंबर के दौरान बारिश जारी रहने का अनुमान है। गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र व कच्छ में छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है। दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत की बात करें तो अगले एक हफ्ते के दौरान यहां मानसूनी गतिविधियां थोड़ी सुस्त रहने की संभावना है। हालांकि, तटीय कर्नाटक, केरल, माहे और लक्षद्वीप में 28-29 अगस्त और 2-3 सितंबर को अच्छी बारिश दर्ज की जा सकती है। तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने और छिटपुट बारिश होने की संभावना जताई गई है।

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Ashoka Buildcon को RVNL से मिला ₹602 करोड़ का प्रोजेक्ट, अब 31 अगस्त को रहेगी शेयरों पर नजर

Ashoka Buildcon Shares: दिग्गज सिविल कंस्ट्रक्शन कंपनी अशोक बिल्डकॉन को रेलव विकास निगम लिमिटेड (RVNL) से ₹602.16 करोड़ (जीएसटी मिलाकर) का एक कॉन्ट्रैक्ट मिला है। कंपनी ने इसकी जानकारी आज 29 अगस्त को एक्सचेंज फाइलिंग में दी है। ऐसे में अशोका बिल्डकॉन के शेयरों पर इसका असर सोमवार 31 अगस्त को मार्केट खुलने पर दिख सकता है। अभी की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले शुक्रवार 28 अगस्त को बीएसई पर यह 0.22% की गिरावट के साथ ₹112.70 पर बंद हुआ है। एक साल में शेयरों के चाल की बात करें तो पिछले साल 4 नवंबर 2025 को यह एक साल के निचले स्तर ₹214.35 पर था जिससे 4 महीने में यह 52.88% टूटकर 30 मार्च 2026 को ₹101.00 पर आ गया था।

कैसा ऑर्डर मिला है Ashoka Buildcon को RVNL से?

अशोक बिल्डकॉन को रेल विकास निगम लिमिटेड से उत्तराखंड में बन रही ऋषिकेश-कर्णप्रयाग नई रेल लाइन की चार सुरंगों के लिए ₹602.16 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह ऑर्डर प्रोजेक्ट के E-4 पैकेज के तहत आने वाली सुरंगों T-13, T-14, T-15 और T-16 से जुड़ा है। इसके तहत कंपनी को सुरंगों के लिए जरूरी इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल सिस्टम की सप्लाई, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग का काम करना है। इनमें सब-स्टेशन, हाई-टेंशन और लो-टेंशन केबल, डीजल जनरेटर सेट, लाइटिंग, यूपीएस सिस्टम, वेंटिलेशन और फायर-फाइटिंग सिस्टम शामिल हैं।

कंपनी को 30 महीने के भीतर यह कॉन्ट्रैक्ट पूरा करना है। इसके अलावा कंपनी को रेल विकास निगम के पास ₹25.51 करोड़ की परफॉरमेंस बैंक गारंटी भी जमा करनी होगी। इसमें डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड दो साल है यानी काम पूरा होने के बाद दो साल तक तय शर्तों के अनुसार किसी कमी या खराबी की जिम्मेदारी कंपनी की रहेगी।

ऑर्डर बुक में सबसे बड़ा हिस्सा सड़कों का

इस महीने की शुरुआत में अशोक बिल्डकॉन ने आरईसी पावर डेवलपमेंट एंड कंसल्टेंसी से महाराष्ट्र में एक ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट के लिए LoI (लेटर ऑफ इंटेंट) मिलने की बात कही थी। इस प्रोजेक्ट में सालाना लगभग ₹126.5 करोड़ का ट्रांसमिशन चार्जेज है। इस प्रोजेक्ट के तहत महाराष्ट्र के भंडारा जिले में सकोली सबस्टेशन बनाया जाएगा। इस कंपनी को 24 महीने के भीतर काम पूरा करना है और इसके बाद 35 वर्षों तक O&M (ऑपरेशंस एंड मेंटेनेंस) का काम संभालना है।

इससे पहले जून 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी का ऑर्डर बुक ₹15,251 करोड़ था। इसमें तिमाही के बाद मिले ₹451 करोड़ के ऑर्डर शामिल नहीं हैं। ऑर्डर बुक में सबसे बड़ा हिस्सा सड़कों का था, जिसमें रोड ईपीसी ₹6,783 करोड़ और रोड एचएएम ₹1,519 करोड़ है और कुल मिलाकर ये ऑर्डर बुक का करीब 54.5% हिस्सा हैं। रेलवे के ₹1,346 करोड़ के ऑर्डर्स को मिलाकर सड़क और रेलवे कंपनी का ऑर्डर बुक का करीब 63% हिस्सा हैं। ऑर्डर बुक में ₹5,066 करोड़ यानी 33.2% हिस्सा पावर ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन तो ₹536 करोड़ यानी 3.5% हिस्सा बिल्डिंग ईपीसी की है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

‘इन्हें खुद खाओ’: रिश्वत के आरोप में भीड़ ने महाराष्ट्र FDA अधिकारी को घेरा, मुंह में एक्सपायर्ड बिस्किट ठूंसने की कोशिश की

महाराष्ट्र के संभाजीनगर में उस वक्त अजीबोगरीब स्थिति बन गई, जब गुस्साई भीड़ ने एक फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) अधिकारी को घेर लिया और उस पर एक्सपायर्ड बिस्किट के पैकेट फेंकने लगी। NDTV के मुताबिक, भीड़ अधिकारी से कह रही थी, “इन्हें खुद खाओ।”

अधिकारी पर आरोप था कि उन्होंने एक ऐसे दुकानदार को बचाने के लिए रिश्वत ली थी जो कथित तौर पर एक्सपायर हो चुके सामान बेच रहा था। इस हंगामे के बीच, कुछ लोगों ने उनके मुँह में एक्सपायर हो चुके बिस्किट ठूंसने की भी कोशिश की।

लेकिन इतना गुस्सा क्यों?

NDTV के अनुसार, यह गुस्सा एक स्थानीय पान की दुकान पर एक्सपायर्ड (समय-सीमा खत्म हो चुके) प्रोडक्ट बेचने के आरोपों की वजह से भड़का। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एक दो साल का बच्चा उस दुकान से खरीदे गए नमकीन स्नैक मिक्स को खाने के बाद बीमार पड़ गया और उसे चक्कर आने लगे।

बच्चे की हालत बिगड़ने पर उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

इस घटना से छत्रपति संभाजीनगर के लोगों में गुस्सा फैल गया और उन्होंने FDA ऑफिस से संपर्क करके शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद, FDA का एक अधिकारी मौके पर पहुंचा और दुकान की जांच शुरू की।

हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि जांच से पहले ही उस नमकीन स्नैक मिक्स को हटा दिया गया था, जिसका इस घटना से संबंध था। जांच के दौरान, अधिकारी को पान की दुकान पर एक्सपायर्ड बिस्कुट के कई पैकेट बिकते हुए मिले।

एक्सपायर्ड पैकेट जब्त तो कर लिए गए, लेकिन स्थानीय लोगों का दावा है कि दुकानदार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। उनका आरोप है कि अधिकारी रिश्वत लेकर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश कर रहा था।

बता दें कि यह घटना राज्य भर में खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ FDA की बड़ी कार्रवाई के दौरान सामने आई है। हाल के हफ्तों में, खाद्य कंपनियों को कई नोटिस जारी किए गए हैं और अधिकारी खाद्य पदार्थों में मिलावट, एक्सपायर्ड प्रोडक्ट्स की बिक्री और अन्य खामियों को लेकर जांच कर रहे हैं।

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IPO News: SEBI की हरी झंडी, दो कंपनियों के आईपीओ के रास्ते का एक बड़ा पड़ाव पार

IPO News: बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने पारस हेल्थकेयर और एमके सन्स के आईपीओ प्रस्ताव को हरी झंडी दिखा दी है। सेबी की साइट पर मौजूद डिटेल्स के मुताबिक अब ये दोनों कंपनियों अपनी आईपीओ योजना पर आगे बढ़ सकती हैं। इन दोनों ने इस साल की शुरुआत में सेबी के पास आईपीओ का ड्राफ्ट फाइल किया था। अब इन्हें हरी झंडी मिल चुकी है लेकिन अभी तक आईपीओ खुलने की तारीख या प्राइस बैंड का ऐलान नहीं हुआ है। आईपीओ की सफलता के बाद इनके शेयरों की बीएसई और एनएसई पर एंट्री होगी।

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पारस हेल्थकेयर ने ₹1,800 करोड़ तक का आईपीओ लाने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत कंपनी की योजना ₹500 करोड़ तक के नए इक्विटी शेयर जारी करने की है को ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत ₹1,300 करोड़ तक के शेयरों की बिक्री हो सकती है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिलेगा तो नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी कर्ज हल्का करने में करेगी। इसके अलावा कंपनी की योजना आईपीओ के पैसों को सब्सिडियरी PMHPL में भी निवेश की है ताकि इसका भी कर्ज हल्का हो सकते है। इसके अलावा आईपीओ के बाकी पैसों का इस्तेमाल आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में होगा।

पारस हेल्थकेयर पारस हेल्थ ब्रांड के तहत काम करती है और टर्शियरी और क्वाटर्नरी हेल्थकेयर सर्विसेज देती है। 31 मार्च 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक यह उत्तर भारत, बिहार और झारखंड में कुल 2,211 बेड की क्षमता वाले आठ अस्पताल चला रही थी। इसके अस्पताल हरियाणा, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, झारखंड और जम्मू-कश्मीर में हैं।

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एमके सन्स फाइन ज्वेल्स रिटेल-फोकस्ड ज्वैलरी कंपनी है। इसकी योजना आईपीओ के तहत 1.36 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करने की है और ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत प्रमोटर शेयरहोल्डर रामचंद मुरलीधर रायमलानी अधिकतम 34 लाख शेयरों की बिक्री कर सकते हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले प्रमोटर को मिलेगा तो नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी महाराष्ट्र में एक नया शोरूम खोलने, गुजरात में अपने मौजूदा शोरूम को बड़ा करने, कर्ज हल्का करने और आम कॉर्रपोरेट उद्देश्यों में करेगी। एमके सन्स फाइन ज्वेल्स अपने शोरूम के जरिए सोने, हीरे और क्यूबिक जिर्कोनिया के गहने बेचती है। अभी मुंबई और अहमदाबाद में इसके पांच शोरूम हैं।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

इन बैंकों में FD पर मिल रहा 8.5% तक का ब्याज! रिटायरमेंट के बाद 10 लाख फिक्स करने पर समझिए इंट्रेस्ट इनकम का पूरा कैलकुलेशन

Bank FD Rate: रिटायरमेंट के बाद वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक सुरक्षित और रेगुलर इनकम का सोर्स होना काफी जरूरी होता है। यही वजह है कि अधिकांश बुजुर्ग अपनी गाढ़ी कमाई और रिटायरमेंट फंड को सेफ रखने के साथ-साथ बेहतर रिटर्न पाने के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) चुनते हैं। बैंकों के बीच एफडी पर इंट्रेस्ट रेट्स में काफी फर्क देखने को मिलता है। स्मॉल फाइनेंस बैंक की ओर से वरिष्ठ नागरिकों को सबसे अधिक इंट्रेस्ट रेट ऑफर किया जाता है। इसके अलावा प्राइवेट, पब्लिक और विदेशी बैंक भी सीनियर सिटिजन्स को एफडी पर कॉम्पिटेटिव रिटर्न देते हैं।

सीनियर सिटिजंस को FD पर मिलने वाले इंट्रेस्ट रेट में मामूली सा भी फर्क उनके टोटल रिटर्न पर अच्छा खासा असर डालता है। खासकर तब जब रिटायरमेंट के बाद बड़े फंड की FD की गई हो। अलग-अलग बैंकों के इंट्रेस्ट रेट की तुलना करना और सही फ्रिक्वेंसी का चयन करना इंट्रेस्ट इनकम को मैक्सिमाइज करने में काफी मदद करता है।

स्मॉल फाइनेंस बैंक: 8.50% तक का मिल रहा है बंपर इंट्रेस्ट

सीनियर सिटिजन को एफडी पर मैक्सिमम रिटर्न देने में स्मॉल फाइनेंस बैंक सबसे आगे हैं। कई स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.50 प्रतिशत तक इंट्रेस्ट मिल रहा है। स्मॉल फाइनेंस बैंक की FD के इंट्रेस्ट रेट को एक नजर में नीचे देखा जा सकता है-

  • इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक (Equitas Small Finance Bank): वरिष्ठ नागरिकों को 8.50 प्रतिशत तक की ब्याज दर दे रहा है।
  • ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक (ESAF Small Finance Bank): वरिष्ठ नागरिकों को 8.50 प्रतिशत तक की ब्याज दर प्रदान कर रहा है।
  • शिवालिक स्मॉल फाइनेंस बैंक (Shivalik Small Finance Bank): एफडी पर 8.50 प्रतिशत तक का ब्याज दे रहा है।
  • सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक (Suryoday Small Finance Bank): वरिष्ठ नागरिकों के लिए 8.50 प्रतिशत तक की दर की पेशकश कर रहा है।
  • जना स्मॉल फाइनेंस बैंक (Jana Small Finance Bank): एफडी पर 8.30 प्रतिशत तक की ब्याज दर दे रहा है।
  • उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक (Ujjivan Small Finance Bank): 8.30 प्रतिशत तक की ब्याज दर की पेशकश कर रहा है।
  • उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक (Utkarsh Small Finance Bank): वरिष्ठ नागरिकों को 8.25 प्रतिशत तक की दर प्रदान कर रहा है।

प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर बैंक: सुरक्षित निवेश के साथ बढ़िया विकल्प

प्राइवेट और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक भी बुजुर्गों को आकर्षित करने के लिए कॉम्पिटेटिव एफडी रेट पेश कर रहे हैं:

प्राइवेट सेक्टर बैंक

एसबीएम बैंक इंडिया वरिष्ठ नागरिकों को सर्वाधिक 8.15 प्रतिशत तक का इंट्रेस्ट रेट दे रहा है। इसके बाद डीसीबी बैंक (DCB Bank) 8.00 प्रतिशत और बंधन बैंक (Bandhan Bank) 7.95 प्रतिशत तक का रिटर्न दे रहे हैं। इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank) और यस बैंक (YES Bank) दोनों 7.75 प्रतिशत तक, आरबीएल बैंक (RBL Bank) और तमिलनाडु मर्केंटाइल बैंक (Tamilnad Mercantile Bank) 7.70 प्रतिशत तक और जम्मू एंड कश्मीर बैंक (Jammu & Kashmir Bank) 7.55 प्रतिशत तक की ब्याज दर की पेशकश कर रहे हैं।

सार्वजनिक क्षेत्र (सरकारी) के बैंक

सरकारी बैंकों में बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India) वरिष्ठ नागरिकों को सबसे अधिक 7.45 प्रतिशत तक की ब्याज दर दे रहा है। बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India) 7.25 प्रतिशत तक की ब्याज दर प्रदान कर रहे हैं। इसके अलावा बैंक ऑफ महाराष्ट्र (Bank of Maharashtra) और इंडियन बैंक (Indian Bank) 7.15 प्रतिशत तक जबकि इंडियन ओवरसीज बैंक (Indian Overseas Bank) और केनरा बैंक (Canara Bank) 7.10 प्रतिशत तक की ब्याज दर दे रहे हैं।

विदेशी बैंक

विदेशी बैंकों की बात करें तो स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक (Standard Chartered Bank) 7.10 प्रतिशत तक, डॉयचे बैंक (Deutsche Bank) 7.00 प्रतिशत तक और एचएसबीसी बैंक (HSBC Bank) 6.00 प्रतिशत तक की एफडी ब्याज दर दे रहे हैं।

10 लाख रुपये की एफडी पर सालाना ब्याज आय का गणित

अगर कोई वरिष्ठ नागरिक 8.50% की उच्चतम वार्षिक ब्याज दर पर 10 लाख रुपये की राशि फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करता है:

कुल फिक्स्ड राशि: ₹10,000,000

वार्षिक ब्याज दर: 8.50%

सालाना ब्याज आय: ₹85,000

यानी 8.50% की दर से 10 लाख रुपये फिक्स करने पर सिर्फ इंट्रेस्ट से ही वरिष्ठ नागरिक को सालाना ₹85000 (करीब ₹7083 प्रति माह) की निश्चित कमाई होगी। (नोट: अगर बैंक में ब्याज का रीइन्वेस्टमेंट या तिमाही आधार पर कम्पाउंडिंग होती है तो इंट्रेस्ट से कुल इनकम इससे भी अधिक हो सकती है।)

विशेषज्ञों की राय: कैसे करें सही और सुरक्षित एफडी निवेश

फाइनेंशियस एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि वरिष्ठ नागरिकों को अपनी पूरी जमा राशि किसी एक ही बैंक में रखने के बजाय अलग-अलग बैंकों में बांटकर निवेश करना चाहिए। इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि वे डीआईसीजीसी (DICGC) के तहत मिलने वाले 5 लाख रुपये तक के जमा बीमा कवर के दायरे में सुरक्षित रहते हैं। उच्च रिटर्न पाने के लिए स्मॉल फाइनेंस बैंकों का चयन समझदारी से करें और अपनी लिक्विडिटी की जरूरतों के हिसाब से एफडी की अवधि तय करें।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

‘आंखों के सामने कार बही, लगा अब हमारी बारी है’:लोग बोले- जिस पुल से आए, वो डूब गया; नेपाल से रेस्क्यू 106 भारतीयों की आपबीती

‘काठमांडू से निकलते ही हमें अंदाजा हो गया था कि हालात बेहद खतरनाक हो चुके हैं। पानी का फ्लो अचानक तेजी से बढ़ गया था। हमारी गाड़ी से करीब 500 मीटर की दूरी पर देखते ही देखते एक कार पानी के तेज बहाव में बह गई। उस मंजर को देखकर हम लोग घबरा गए थे।’ उस वक्त लगा कि अब हम लोगों की बारी है। हमारी गाड़ी भी पानी में बह सकती है। हमें उम्मीद नहीं थी कि हम जिंदा बचकर यहां तक पहुंच पाएंगे। भगवान और बिहार सरकार ने ही हमारी जान बचाई है।’ नेपाल से रेस्क्यू किए गए भारतीयों ने ये बातें बताईं। 106 लोगों को शुक्रवार शाम बिहार सरकार की मदद से सुरक्षित सीतामढ़ी लाया गया। इसके बाद इन्हें बस की मदद से देर रात पटना भेजा गया। वहां से ट्रेन की मदद से सुरक्षित उनके राज्य महाराष्ट्र भेजा गया। नेपाल में भीषण बाढ़ से अब तक 600 से ज्यादा लोगों की मौत और 2500 से ज्यादा लोगों के लापता होने की खबर है। इनमें बिहार के भी कई लोग शामिल हैं। नेपाल से बिहार लौटे भारतीयों ने क्या बताया? दो दिन उन्होंने किन हालात में गुजारे? अपनी आंखों के सामने उन्होंने क्या-क्या देखा? अब भी उनके मन में किस बात का डर है? पढ़िए नेपाल की आंखों देखी… नेपाल से सही सलामत लोग सीतामढ़ी पहुंचे, 3 फोटोज… ‘बचने की उम्मीद छोड़ चुके थे’ नेपाल घूमने और पशुपतिनाथ के दर्शन के लिए गए महाराष्ट्र के करीब 106 यात्रियों का ग्रुप काठमांडू से भारत लौट आया। उन्हें अंदाजा नहीं था कि ये दो दिन उनकी जिंदगी के सबसे खौफनाक पलों में बदल जाएंगे। जब वे काठमांडू से बिहार आ रहे थे तो रास्ते में अचानक पानी का बहाव तेज हो गया था। सड़कें टूट चुकी थीं। नदियां उफान पर थीं। जिस पुल को पार कर वे बिहार की सीमा में दाखिल हुए, उसका आधे से ज्यादा हिस्सा पानी में डूबा हुआ था। हालांकि, बिहार प्रशासन की मदद से सभी लोग सुरक्षित बचाए लिए गए। इस बीच दैनिक भास्कर की टीम ने सभी सुरक्षित भारतीयों से बात की। नागपुर के रहने वाले योगेश गावंडे ने बताया, ‘नेपाल से बिहार में प्रवेश करने के लिए जिस पुल को हमने पार किया, उस समय उसका आधे से ज्यादा हिस्सा पानी में डूबा हुआ था। पानी लगातार बढ़ रहा था और बहाव बेहद तेज था। डर के बीच हम लोगों ने किसी तरह पुल पार किया, लेकिन इसके करीब आधे घंटे बाद हमें खबर मिली की पानी का लेवल और बढ़ गया है। जिस पुल को हमने क्रॉस किया, वो पूरी तरह डूब चुका है।’ योगेश ने ये भी कहा कि जब हम नेपाल में फंसे थे, तब सच में लग रहा था कि हम बचेंगे भी या नहीं। सुरक्षित निकल पाएंगे, इसकी कोई उम्मीद नहीं थी। अगर कुछ देर वहां और रुकते तो शायद ही आज जिंदा होते। भारत सरकार ने हमारा बहुत साथ दिया। सरकार ने हमें वहां से सुरक्षित निकाला, इंडिया लाए और फिर हमारे घर तक पहुंचाने की व्यवस्था की। इसके लिए बिहार के CM सम्राट चौधरी का बहुत-बहुत धन्यवाद। ‘महाराष्ट्र और बिहार अलग-अलग नहीं, हम सब भारतीय हैं’ योगेश ने कहा, बिहार प्रशासन और यहां के लोगों के व्यवहार से हमें बहुत अच्छा लगा। हम सभी भारतीय हैं। ऐसा नहीं है कि महाराष्ट्र अलग है और बिहार अलग। हम सब एक ही देश के हैं। आज यहां आकर यह बात और ज्यादा महसूस हो रही है कि मुश्किल वक्त में पूरा भारत एक साथ खड़ा होता है। हम लोगों का ग्रुप 19 अगस्त को महाराष्ट्र से नेपाल पहुंचा था। सबसे पहले हम लोग पोखरा गए, वहां से मुक्तिनाथ और फिर काठमांडू पहुंचे थे। इसी दौरान ग्लेशियर से आई तबाही और बाढ़ के कारण कई रास्ते पूरी तरह टूट गए और बंद हो गए। इसके चलते हमलोग भारत वापस नहीं आ पा रहे थे। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ओर से तत्काल मदद की गई और नेपाल से भारत तक पहुंचाने के लिए आवश्यक व्यवस्था कराई गई। ’50 सीटर बस पहाड़ में फंसी, छोटी गाड़ियों से निकाला’ पुणे निवासी नारायण रेशमा बाजपेयी ने बताया, हम लोगों का ग्रुप करीब 50 सीटर बस से नेपाल गया था। शुरुआत के 7-8 दिन यात्रा सामान्य रही, लेकिन वापसी के समय रास्ते बंद होने लगे। 50 सीटर बस के लिए पहाड़ी और टूटे हुए रास्तों से आगे बढ़ना संभव नहीं था। इसके बाद स्थानीय स्तर पर मदद मांगी गई। छोटी गाड़ियों की व्यवस्था की गई। इन्हीं छोटी गाड़ियों से यात्रियों को आगे निकाला गया। जिस जगह बाद में सबसे ज्यादा तबाही हुई, उसी जगह से हम लोग एक दिन पहले ही निकल चुके थे। इस वजह से हमने तबाही का सबसे भयानक रूप सामने से नहीं देखा, लेकिन वापसी के दौरान रास्तों की हालत देखकर हमें खतरे का अंदाजा हो गया था। काठमांडू में दो दिनों तक बिना खाए रहे लोग आशा पांडे ने बताया, हमलोग 2 दिनों से बहुत ही मुश्किल में थे। भूखे-प्यासे सिर्फ जान की परवाह कर रहे थे। समझ में नहीं आ रहा था कि कब और कैसे इस भयानक तबाही से निकल पाएंगे।’ एक अन्य यात्री सरला ने बताया, ‘नेपाल से निकलकर जब हम लोग भारतीय सीमा तक पहुंचे तो यहां प्रशासन और स्थानीय लोगों ने हमारी काफी मदद की। हमें बॉर्डर से आगे लाने, गाड़ी तक पहुंचाने और खाने-पीने की पूरी व्यवस्था की गई। प्रशासन की ओर से पहले नाश्ता और भोजन कराया गया। रहने की भी व्यवस्था की गई। उन्होंने भावुक होकर कहा, ‘आज राखी का दिन है और ऐसा लग रहा है कि हमें यहां भाई मिल गए। हमारी बहुत बड़ी मदद हुई है। जिस तरह से प्रशासन और लोगों ने हमारा साथ दिया, वह हम कभी नहीं भूलेंगे।’ सरला की मौसेरी बहन निर्मला पांडे ने बताया, हम लोग नेपाल घूमने गए थे, लेकिन अचानक आई बाढ़ के कारण वहां फंस गए। इस बीच मेरी मां की तबीयत बिगड़ गई। नेपाल के हालात को देखकर वे घबरा गईं और उन्हें हार्ट अटैक आ गया। फिलहाल, उनका इलाज नेपाल के काठमांडू के एक अस्पताल में चल रहा है। वहां की सरकार और मेरा भाई उनका ध्यान रख रहे हैं।’ ये सभी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं, लेकिन महाराष्ट्र के पुणे में नौकरी करते हैं। ‘नेपाल बॉर्डर पर यात्रियों को रिसीव किया, खाना दिया, आगे की व्यवस्था की’ आपदा के ADM बृज किशोर पांडेय ने कहा, भारत से नेपाल घूमने गए ये यात्री बाढ़ की तबाही में फंस गए थे। 28 अगस्त को करीब 3 बजे दोपहर में मुख्यमंत्री सचिवालय और आपदा प्रबंधन विभाग से सूचना मिली कि नेपाल से कुछ भारतीय बिहार बॉर्डर पर आ रहे हैं। जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन ने बॉर्डर पर पहुंचकर यात्रियों को रिसीव किया। गाड़ी नहीं होने पर प्रशासन ने अपने साधनों से उन्हें थाने तक पहुंचाया। थाने पहुंचने पर यात्रियों को नाश्ता, फल, पानी और भोजन उपलब्ध कराया गया। एक-दो यात्रियों ने कमजोरी और चक्कर की शिकायत की, जिनकी डॉक्टरों ने जांच की। किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। प्रशासन के अनुसार करीब 110 यात्री लौट रहे थे, जिनमें कुछ निजी साधनों से आगे निकल गए। फिलहाल 106 यात्रियों का ग्रुप प्रशासन के पास पहुंचा है। सभी को उनकी जरूरत के मुताबिक मदद देने के साथ पटना आने-जाने की व्यवस्था भी की गई। महाराष्ट्र के CM ने सीतामढ़ी सांसद से किया कॉन्टैक्ट सभी यात्रियों ने गुरुवार, 27 अगस्त को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से संपर्क साधा था। इसके बाद फडणवीस ने तुरंत सीतामढ़ी सांसद देवेश चंद्र ठाकुर को पूरी स्थिति बताई। सांसद देवेश ठाकुर ने गुरुवार रात काठमांडू सांसद संदीप राणा से कॉन्टैक्ट किया, जिसके बाद शुक्रवार सुबह विशेष बसों की व्यवस्था कर सभी को वहां से रवाना किया गया। रास्ते में दो बसें बदलकर तीर्थयात्री किसी तरह सीतामढ़ी के भिट्ठामोड़ सीमा पहुंचे। यहां सीतामढ़ी जिला प्रशासन की टीम पहले से मुस्तैद थी। सीमा पर पुपरी एसडीओ गौरव कुमार, सीओ सतीश कुमार, बीडीओ कर्मवीर कुमार प्रभाकर, आरओ ब्रजेश मिश्र और भिट्ठा थानाध्यक्ष दीपक पटेल सहित अधिकारियों ने सभी का स्वागत किया। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. लालू कुमार की देखरेख में सभी का हेल्थ चेकअप कराया गया। सभी को खाना खिलाया और आराम करने की व्यवस्था की। महाराष्ट्र की महिलाओं ने सीतामढ़ी SDM के साथ मनाई राखी ——————– ये खबर भी पढ़ें… नेपाल में तबाही के बीच बचा रहा घर:कई फीट तक पानी और मलबे से घिरा; बालकनी में खड़े 3 लोगों की जान बची, VIDEO नेपाल में आई अचानक बाढ़ के बीच एक घर पानी के तेज बहाव के बावजूद खड़ा रहा। आसपास का इलाका उफनते पानी में डूब गया और कई इमारतें व मलबा बहते दिखे। इस घर का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पूरी खबर पढ़ें…

IMD Heavy Rain Alert: मौसम विभाग का बड़ा अलर्ट! यूपी-MP में आसमान से आफत, इन राज्यों में 3 सितंबर तक बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट

IMD Heavy Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर खतरनाक रूप लेता दिखाई दे रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा समेत कई राज्यों में आने वाले दिनों में मूसलाधार बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का भी खतरा जताया गया है। पिछले 24 घंटे में ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 21 सेंटीमीटर या उससे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। उत्तराखंड, मेघालय, मिजोरम और पूर्वी मध्य प्रदेश में भी 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। इससे कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति का खतरा बढ़ गया है।

यूपी-मध्य प्रदेश में फिर भारी बारिश की दस्तक

पूर्वोत्तर उत्तर प्रदेश और आसपास बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से 28 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। उत्तर प्रदेश में भी 28 अगस्त को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार यह कम दबाव का क्षेत्र फिलहाल पूर्वोत्तर उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में मौजूद है, हालांकि अगले 24 घंटे में इसके कमजोर पड़ने की संभावना है।

मध्य प्रदेश में इन दिनों सतर्क रहें

पूर्वी मध्य प्रदेश में 28 से 30 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश की संभावना है। इसके बाद 2 और 3 सितंबर को भी बारिश का दौर जारी रह सकता है:-

  • पूर्वी मध्य प्रदेश में 29 अगस्त से 2 सितंबर तक कहीं-कहीं भारी बारिश होगी।
  • 28 अगस्त और 3 सितंबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की आशंका है।
  • पश्चिमी मध्य प्रदेश में 28 अगस्त तथा 2-3 सितंबर को भारी बारिश की आशंका है।
  • छत्तीसगढ़ में 28 अगस्त से 3 सितंबर तक भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।
  • मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर भी सावधानी की जरूरत है।

ओडिशा में सबसे बड़ा खतरा! 30 अगस्त को बेहद भारी बारिश का अलर्ट

बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा तट के पास 29 अगस्त के आसपास एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से ओडिशा में 28 से 31 अगस्त तक भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। लेकिन 30 अगस्त को स्थिति और ज्यादा गंभीर हो सकती है, क्योंकि मौसम विभाग ने इस दिन अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है।

ओडिशा में 28-29 अगस्त और 31 अगस्त को भी कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा राज्य में गरज-चमक और तेज हवाओं का भी असर देखने को मिल सकता है।

उत्तराखंड में भी लगातार बारिश का दौर जारी

उत्तराखंड में 28 अगस्त से 3 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना है। 28 से 30 अगस्त और फिर 2-3 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं 31 अगस्त से 1 सितंबर के बीच बहुत भारी बारिश की भी आशंका है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, अचानक नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने और सड़क संपर्क प्रभावित होने जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।

बिहार में बिजली और तेज हवाओं का अलर्ट

बिहार में आज यानी 28 अगस्त को मध्यम से गंभीर बिजली गतिविधि की संभावना जताई गई है। राज्य में 28 अगस्त से 1 सितंबर तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 28 अगस्त से 3 सितंबर के बीच गरज-चमक और तेज हवाओं का भी असर देखने को मिल सकता है। झारखंड में भी 28 से 31 अगस्त के बीच भारी बारिश का अनुमान है।

बंगाल और पूर्वोत्तर में भी मौसम बिगड़ेगा

पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी आने वाले दिनों में बारिश जारी रहने की संभावना है। पूर्वोत्तर राज्यों में भी 28 अगस्त से 3 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

राजस्थान से लेकर महाराष्ट्र तक बारिश का असर

पिछले 24 घंटे में पूर्वी राजस्थान में 7-11 सेंटीमीटर, जबकि छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी भारी बारिश दर्ज की गई। पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा में 28 अगस्त से 3 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना है। गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र-कच्छ में भी इस दौरान कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।

दक्षिण भारत में बारिश अपेक्षाकृत कम, लेकिन तेज हवाओं का खतरा

मौसम विभाग ने बताया है कि प्रायद्वीपीय भारत में अगले एक सप्ताह तक बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रह सकती हैं। फिर भी तटीय कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। उत्तर आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु में 28-29 अगस्त को तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 50-60 किमी प्रति घंटे तक झोंकों के साथ पहुंच सकती है।

मछुआरों के लिए भी समुद्र में जाने की मनाही जैसा अलर्ट

मौसम विभाग ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में समुद्री परिस्थितियों को लेकर मछुआरों को चेतावनी दी है। बंगाल की खाड़ी में पश्चिम बंगाल, ओडिशा और बांग्लादेश के तटों के आसपास 29 अगस्त से 1 सितंबर के बीच मौसम खराब रहने की संभावना है। अंडमान सागर में भी तेज हवाओं और 50-70 किमी प्रति घंटे तक की थंडरस्क्वॉल की संभावना जताई गई है।

अगले कुछ दिन बेहद अहम

IMD के पूर्वानुमान से साफ है कि 28 अगस्त से 3 सितंबर तक देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहेगा। सबसे ज्यादा चिंता ओडिशा की है, जहां 30 अगस्त को अत्यधिक भारी बारिश का खतरा है। वहीं उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में भी अलग-अलग दिनों में भारी बारिश हो सकती है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह है।

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यूपी में ‘आधी आबादी’ पर दांव, क्या डिंपल यादव बन सकती हैं सपा का CM चेहरा?

यूपी में 'आधी आबादी' पर दांव, क्या डिंपल यादव बन सकती हैं सपा का CM चेहरा?

Dimple Yadav: उत्तर प्रदेश में आगामी ‍विधानसभा चुनाव 2027 की राजनीतिक बिसात पर समाजवादी पार्टी (सपा) 'आधी आबादी' यानी महिलाओं को साधने में पूरी ताकत से जुट गई है। रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं के लिए 'स्त्री सम्मान समृद्धि योजना' जैसी बड़ी घोषणाओं के केंद्र में मैनपुरी से सांसद डिंपल यादव नजर आईं।

 

इस बीच, जब सपा प्रमुख अखिलेश यादव से डिंपल यादव को उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाने को लेकर सवाल किया गया, तो उनके गोल-मोल जवाब और रहस्यमयी मुस्कान ने प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है। इस समय यूपी में योगी आदित्य के नेतृत्व वाली भाजपा की सरकार है। योगी भी राज्य में तीसरी बार सरकार बनाने की जी-तोड़ प्रयास कर रहे हैं। 

 

दरअसल, हाल के दिनों में डिंपल यादव के राजनीतिक कद और शैली में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। संसद के मानसून सत्र से लेकर दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन तक, डिंपल बेहद मुखर होकर पार्टी की बात रख रही हैं। 'स्त्री सम्मान समृद्धि योजना' के तहत महिलाओं को सालाना 40,000 रुपए देने के बड़े चुनावी वादे का ऐलान भी अखिलेश ने डिंपल यादव के हाथों ही कराया। इससे यह साफ संदेश जाता है कि सपा अब महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर डिंपल को 'फ्रंटफुट' पर रखकर आगे बढ़ाना चाहती है।

अखिलेश की रहस्यमयी मुस्कान!

पत्रकारों द्वारा जब डिंपल यादव को राज्य में पार्टी का सीएम चेहरा बनाए जाने पर सीधा सवाल पूछा गया, तो अखिलेश यादव ने सीधे न तो इसका समर्थन किया और न ही सवाल का खंडन किया। वे केवल मुस्करा कर रह गए। इससे इन अटकलों को बल मिला है। दरअसल, भाजपा की की महिला केंद्रित कल्याणकारी योजनाओं की काट के लिए सपा एक मजबूत और सर्वमान्य महिला चेहरे की तलाश में है, जिसमें डिंपल यादव पूरी तरह फिट बैठती हैं। इसके साथ ही डिंपल की सौम्य और सादगी से भरी छवि महिलाओं के बीच काफी लोकप्रिय है। अखिलेश ने डिंपल को आगे करके यह संकेत दिया है कि पार्टी का नेतृत्व एक नया और व्यापक सामाजिक आधार तैयार करने के लिए तैयार है।

कौन हैं डिंपल यादव?

डिंपल यादव उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक प्रमुख महिला चेहरा और समाजवादी पार्टी की वरिष्ठ नेता हैं। वह वर्तमान में मैनपुरी लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी की सांसद हैं। डिंपल यादव, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा संस्थापक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव की बहू तथा सपा मुखिया अखिलेश यादव की पत्नी हैं। उनका जन्म 15 जनवरी 1978 को पुणे (महाराष्ट्र) में एक सैन्य परिवार में हुआ था। उनके पिता भारतीय सेना में अधिकारी थे, जिसके कारण उनकी शुरुआती पढ़ाई अलग-अलग स्थानों पर हुई। उन्होंने अपनी इंटरमीडिएट (12वीं) की परीक्षा आर्मी पब्लिक स्कूल, लखनऊ से पास की। वे लखनऊ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट हैं। 

 

डिंपल यादव पहली बार 2012 में कन्नौज लोकसभा सीट से निर्विरोध सांसद चुनी गई थीं। इसके बाद 2014 में भी वह कन्नौज से सांसद रहीं। 2022 में मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद हुए उपचुनाव में उन्होंने मैनपुरी से ऐतिहासिक जीत दर्ज की। डिंपल यादव अपनी सादगी, सौम्यता और महिलाओं व युवाओं के मुद्दों को मुखरता से उठाने के लिए जानी जाती हैं। हाल के समय में वे पार्टी के भीतर नीतिगत फैसलों और अभियानों में बेहद सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

मराठी सीखने के लिए ऑटो-कैब ड्राइवरों को 1 साल की मोहलत, CM फडणवीस का बड़ा ऐलान

Maharashtra Language Controversy: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को घोषणा की कि राज्य सरकार के भाषा संबंधी आदेश को लेकर हो रहे विरोध और राजनीतिक विवाद के बीच, ऑटो-रिक्शा और कैब ड्राइवरों को मराठी सीखने के लिए एक साल का समय दिया जाएगा। फडणवीस ने कहा कि अगले एक साल तक ड्राइवरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी, ताकि उन्हें मराठी का कामकाजी ज्ञान हासिल करने के लिए समय मिल सके।

फडणवीस ने कहा, “मैंने कैब और ऑटो ड्राइवरों से मुलाकात की। वे सभी इस बात से सहमत हैं कि हर किसी को मराठी आनी चाहिए, लेकिन उन्होंने कहा कि इस पेशे में अलग-अलग उम्र के लोग हैं और उनके लिए जल्दी मराठी सीखना मुश्किल है। उन्होंने एक योजना तैयार की है और इसके लिए एक साल का समय मांगा है। हालांकि, राज्य सरकार ने यह मांग मान ली है। इस साल कोई कार्रवाई नहीं होगी।”

बता दें कि यह घोषणा महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के उस बयान के कुछ दिनों बाद की गई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि जो ड्राइवर मराठी का कामकाजी ज्ञान दिखाने में विफल रहेंगे, उनके ऑथराइजेशन बैज सस्पेंड किए जा सकते हैं।

मराठी भाषा को लेकर बढ़ा विवाद

महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर सख्ती के बीच मुंबई के कुछ ऑटो ड्राइवर बिहार और उत्तर प्रदेश लौटने लगे हैं। वहीं, पुणे में कुछ ड्राइवर RTO की कार्रवाई से बचने के लिए यात्रियों से बातचीत के दौरान सतर्कता बरत रहे हैं।

मराठी से जुड़ा नया नियम क्या है?

सरनाईक ने कहा था कि अगर ड्राइवर को मराठी की कामकाजी जानकारी नहीं है, तो उसका ड्राइवर बैज शुरू में एक महीने के लिए सस्पेंड कर दिया जाएगा। इस महीने की शुरुआत में बदले गए नियमों के मुताबिक, अगर ड्राइवर उस समय में भाषा नहीं सीख पाता है, तो बैज रद्द करने से पहले उसे तीन महीने का और समय दिया जाएगा।

मंत्री ने यह भी कहा था कि जो ड्राइवर चार महीने बाद भी मराठी नहीं सीख पाते हैं, वे असल में यह दिखा रहे होंगे कि उन्हें “भाषा से प्यार नहीं है” और उन्हें मराठी पहचान की जरूरत नहीं है।

इस बीच, सरनाईक ने मंगलवार को आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक नेता मुंबई और ठाणे में “मराठी-हिंदी” विवाद खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं, खासकर उत्तर प्रदेश और बिहार में होने वाले चुनावों को ध्यान में रखते हुए।

बता दें कि भाषा से जुड़े इस नियम की वजह से दूसरे राज्यों से आए ड्राइवरों के बीच भी तनाव पैदा हो गया है। सोमवार को मुंबई के कांदिवली इलाके में चार ऑटो-रिक्शा ड्राइवरों ने कथित तौर पर मराठी बोलने वाले एक ड्राइवर के साथ मारपीट की, क्योंकि उसने मराठी भाषा की जानकारी की अनिवार्यता के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से इनकार कर दिया था।

यह घटना उस समय हुई, जब बड़ी संख्या में ऑटो-रिक्शा ड्राइवर MG रोड पर सरकार की मराठी भाषा संबंधी अनिवार्यता के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने दूसरे ऑटो ड्राइवरों से भी अपने वाहन चलाना बंद करने को कहा।

सरकार के इस फैसले को बॉम्बे हाई कोर्ट में भी चुनौती दी गई है। चार कैब ड्राइवरों ने एक जनहित याचिका (PIL) दायर कर ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और ऐप आधारित कैब ड्राइवरों के लिए काम चलाने लायक मराठी जानना जरूरी किए जाने वाले नियम पर रोक लगाने की मांग की है।

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि 12 अगस्त को जारी सरकारी नोटिफिकेशन से लाखों “गरीब और प्रवासी” ड्राइवरों की रोजी-रोटी पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कोर्ट से इस नियम को लागू करने पर फिलहाल रोक लगाने की मांग की है।

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Weather Update: अगले 5 दिन संभलकर रहें! एमपी, यूपी समेत इन राज्यों में मंडराया भारी बारिश का खतरा, IMD ने जारी किया अलर्ट

IMD Heavy Rain Alert: देश भर में मानसूनी प्रणालियां एक बार फिर बेहद सक्रिय हो गई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा बुलेटिन में अगले 5 दिनों के लिए कई राज्यों में मूसलाधार बारिश, आंधी-तूफान और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश और उसके आसपास बने कम दबाव के क्षेत्र के असर से मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत देश के बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। मौसम विभाग ने नागरिकों को सतर्क रहने की हिदायत देते हुए पहाड़ी और निचले इलाकों में विशेष सावधानी बरतने को कहा है।

बीते 24 घंटों के दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश में बेहद भारी बारिश (21 सेमी या उससे अधिक) दर्ज की गई। उत्तर प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश (12 से 20 सेमी) हुई जबकि पंजाब, उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, केरल, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश (7 से 11 सेमी) दर्ज की गई है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अलर्ट

मध्य भारत में चक्रवाती प्रणालियों का असर साफ देखने को मिल रहा है। 27 अगस्त को पश्चिमी मध्य प्रदेश में व्यापक बारिश और मध्य प्रदेश में अलग अलग जगहों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 27 से 29 अगस्त और 1 से 2 सितंबर तक व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा। 28-29 अगस्त और 1-2 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश होगी।

छत्तीसगढ़ में 27 अगस्त से 2 सितंबर तक लगातार भारी बारिश की संभावना है। विदर्भ में 28 अगस्त और 2 सितंबर को बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी। इसके साथ ही छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 27 से 31 अगस्त के दौरान गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी और उत्तराखंड में 27 अगस्त को बहुत भारी बारिश फिर 2 सितंबर तक का दौर

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में 27 अगस्त को मूसलाधार बारिश देखने को मिलेगी। पश्चिम उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में 27 अगस्त को अलग-अलग जगहों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 अगस्त को भारी बारिश होगी जबकि 28 अगस्त और 31 अगस्त से 2 सितंबर के दौरान दोबारा भारी बारिश का दौर लौटेगा। 2 सितंबर को पूरे उत्तर प्रदेश में व्यापक बारिश का अनुमान है।

उत्तराखंड में 27 अगस्त से 2 सितंबर तक लगातार व्यापक बारिश और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट रहेगा। हिमाचल प्रदेश में 30 अगस्त से 2 सितंबर तक व्यापक बारिश होगी जिसमें 31 अगस्त से 2 सितंबर के बीच भारी बारिश की संभावना है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 31 अगस्त से 1 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश होगी।

पूर्वी भारत: ओडिशा में 31 अगस्त तक बहुत भारी बारिश, बिहार और झारखंड में भी अलर्ट

पूर्वी भारत में 29 अगस्त को बनने वाले कम दबाव के क्षेत्र के कारण बारिश की गतिविधियां और तेज होंगी। ओडिशा में 27 से 31 अगस्त के दौरान अलग-अलग जगहों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है जबकि 1 और 2 सितंबर को भी भारी बारिश जारी रहेगी।

गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड में 27 से 31 अगस्त के दौरान भारी बारिश और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। 27 अगस्त को झारखंड में मध्यम से गंभीर बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। बिहार में 28 और 29 अगस्त को व्यापक बारिश होगी और 27 से 30 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट रहेगा। 28 और 29 अगस्त को बिहार में आकाशीय बिजलीॉ गिरने की आशंका जताई गई है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 27 और 28 अगस्त को 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी।

पूर्वोत्तर भारत: असम और अरुणाचल में 30 अगस्त को बहुत भारी बारिश का अनुमान

पूर्वोत्तर के राज्यों में मानसून पूरी तरह मेहरबान रहेगा। अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 27 अगस्त से 2 सितंबर तक व्यापक वर्षा होगी। अरुणाचल प्रदेश और असम व मेघालय में 27 से 29 अगस्त और 31 अगस्त से 2 सितंबर तक भारी बारिश दर्ज की जाएगी जबकि 30 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 27 से 31 अगस्त और 2 सितंबर को भारी बारिश होगी। पूर्वोत्तर के इन सभी राज्यों में 31 अगस्त तक गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

पश्चिम और दक्षिण भारत: कोंकण-गोवा में व्यापक बारिश, प्रायद्वीपीय भारत में सुस्ती कायम

पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण और गोवा में 27 अगस्त से 2 सितंबर तक लगातार व्यापक बारिश का दौर बना रहेगा। गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र व कच्छ में छिटपुट से हल्की बारिश ही होने का अनुमान है। दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगले एक सप्ताह के दौरान बारिश की गतिविधियों में सुस्ती जारी रहने की संभावना है।

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तटीय कर्नाटक में 27 अगस्त से 2 सितंबर तक और केरल व माहे और लक्षद्वीप में 27 से 30 अगस्त के बीच व्यापक बारिश होगी। 27 अगस्त को केरल और माहे में भारी बारिश हो सकती है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और कर्नाटक के विभिन्न इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है।