विराट के आउट होते ही खाना छोड़ देते थे नाना पाटेकर, क्रिकेट ही नहीं शूटिंग में भी थे माहिर, देखें Video

अपनी दमदार अदाकारी, बेबाक अंदाज और यादगार किरदारों से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाने वाले दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर अब हमारे बीच नहीं हैं। 75 साल की उम्र में उनके निधन से फिल्म जगत के साथ-साथ उनके चाहने वालों में भी शोक की लहर है। नाना पाटेकर को भले ही फिल्मों में उनके शानदार अभिनय के लिए जाना जाता हो, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि उनका क्रिकेट और शूटिंग जैसे खेलों से भी गहरा रिश्ता था। क्रिकेट के प्रति उनका जुनून इतना ज्यादा था कि पसंदीदा खिलाड़ी विराट कोहली के जल्दी आउट होने पर उनका खाना तक खाने का मन नहीं करता था।

 

2007 में शूटिंग चैंपियनशिप में जीता था ब्रॉन्ज मेडल

 

नाना पाटेकर सिर्फ क्रिकेट के शौकीन ही नहीं थे, बल्कि शूटिंग में भी अपना हुनर दिखा चुके थे। साल 2007 में उन्होंने महाराष्ट्र की टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए इंदौर के पास महू में आयोजित नेशनल 300 मीटर बिग बोर शूटिंग चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था।

 

इस प्रतियोगिता में उन्होंने 49 प्रतिभागियों के बीच 13वां स्थान हासिल किया था। उनके प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘रिनाउंड शॉट’ का खिताब भी मिला था। यानी पर्दे पर किरदारों में जान डालने वाले नाना असल जिंदगी में भी निशानेबाजी के अच्छे खिलाड़ी थे।

नाना पाटेकर 4 दिन पहले ही बोले थे- ‘हम सबको एक दिन जाना है’

नाना पाटेकर 4 दिन पहले ही बोले थे- ‘हम सबको एक दिन जाना है’

 

बचपन में करते थे ऑफ स्पिन गेंदबाजी

 

नाना पाटेकर का क्रिकेट प्रेम बचपन से ही था। एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि वह बचपन में क्रिकेट अच्छा खेलते थे और ऑफ स्पिन गेंदबाज* किया करते थे।

 

हालांकि, उस दौर में क्रिकेट की ट्रेनिंग लेने के लिए उनके पास पैसे नहीं थे। ऐसे में वह मुंबई के शिवाजी पार्क पहुंच जाते थे और वहां अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को गेंदबाजी करके अपना शौक पूरा करते थे। नाना ने यह भी कहा था कि क्रिकेट के प्रति उनका जुनून उम्र बढ़ने के बाद भी कम नहीं हुआ और कुछ दिन अभ्यास करने के बाद वह आज भी अच्छी गेंदबाजी कर सकते हैं।

 

विराट कोहली थे नाना के फेवरेट क्रिकेटर

 

क्रिकेट की बात हो और विराट कोहली का जिक्र नाना पाटेकर के इंटरव्यू में न आए, ऐसा कम ही हुआ। नाना ने खुलकर बताया था कि विराट कोहली उनके पसंदीदा क्रिकेटर हैं।

 

उन्होंने कहा था कि अगर विराट जल्दी आउट हो जाएं तो उनका खाना खाने का मन तक नहीं करता। नाना के इस बयान ने यह साफ कर दिया था कि वह क्रिकेट को सिर्फ देखते नहीं थे, बल्कि खेल से भावनात्मक रूप से भी जुड़े हुए थे।

 

भारत-पाकिस्तान का मुकाबला होने पर तो नाना टीवी से हटते ही नहीं थे। उनके लिए क्रिकेट का रोमांच आज भी वैसा ही था, जैसा बचपन में हुआ करता था।

 

 क्रिकेट और एक्टिंग को लेकर कही थी खास बात

 

नाना पाटेकर ने क्रिकेट और एक्टिंग के बीच एक दिलचस्प समानता भी बताई थी। उनके मुताबिक, क्रिकेटर और अभिनेता दोनों को लगातार परीक्षा से गुजरना पड़ता है। फर्क सिर्फ इतना है कि क्रिकेटर की परीक्षा कुछ दिनों में पूरी हो जाती है, जबकि एक कलाकार की परीक्षा कई साल तक चल सकती है।

 

उन्होंने अपने क्रिकेट प्रेम को लेकर कहा था कि क्रिकेटरों की तरह कलाकारों को भी हर बार जनता के सामने खुद को साबित करना पड़ता है और आखिरकार फैसला दर्शक ही करते हैं।

एक्टर नहीं शेफ भी थे नाना पाटेकर! सेट पर खुद बनाते थे मटन, पूरी यूनिट को खिलाने का था शौक

एक्टर नहीं शेफ भी थे नाना पाटेकर! सेट पर खुद बनाते थे मटन, पूरी यूनिट को खिलाने का था शौक

 

विराट के आउट होने पर वायरल होते थे मीम्स

 

नाना का विराट कोहली को लेकर दिया गया बयान सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा में रहा। जब भी विराट जल्दी आउट होते या बड़ी पारी खेलते, सोशल मीडिया पर नाना पाटेकर के उस बयान को याद करते हुए मजेदार मीम्स और पोस्ट वायरल होने लगते थे।

 

यही नाना की खासियत थी उनका अंदाज बिल्कुल सीधा, बेबाक और दिल से निकला हुआ होता था। क्रिकेट को लेकर उनका जुनून उनके प्रशंसकों को उनकी फिल्मों से अलग उनकी एक और दिलचस्प तस्वीर दिखाता था।

 

 नाना के निधन पर विराट कोहली ने दी श्रद्धांजलि

 

नाना पाटेकर के निधन की खबर के बाद क्रिकेट जगत से भी उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। विराट कोहली ने नाना की तस्वीर साझा करते हुए उन्हें भारतीय सिनेमा का सच्चा लीजेंड बताया और उनके काम व विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक याद किए जाने की बात कही।

नाना पाटेकर का जाना सिर्फ सिनेमा के लिए एक बड़ी क्षति नहीं है। उनके निधन से क्रिकेट ने भी अपना एक ऐसा जुनूनी प्रशंसक खो दिया, जिसके लिए मैच महज खेल नहीं बल्कि भावनाओं से जुड़ा अनुभव था।

 

पर्दे पर दमदार किरदार निभाने वाले नाना पाटेकर की यादें अब उनकी फिल्मों, उनके बेबाक किस्सों और क्रिकेट के प्रति उनके जुनून के जरिए हमेशा जिंदा रहेंगी।

 

बलात्कार का ओरोप लगने के बाद भी अभिषेक पोरेल बंगाल रणजी टीम में शामिल

abhishek porel

बलात्कार के मामले में जमानत पर चल रहे पश्चिम बंगाल के बल्लेबाज और दिल्ली कैपिटल्स के सलामी बल्लेबाज अभिषेक पोरेल को बंगाल की अभिमन्यू ईश्वरन की अगुवाई वाली रणजी टीम में शामिल कर लिया गया है।अभिषेक पोरेल को हुगली पुलिस ने मेडिकल छात्रा को शादी का झांसा देकर  बलात्कार करने का आरोप लगा है।पुलिस सूत्रों के मुताबिक भारतीय न्याय संहिता के कई प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसमें धारा 69 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम  के तहत भी केस दर्ज हुआ है।

गौरतलब है कि एक मेडिकल छात्रा न 23 जून को मोगरा पुलिस स्टेशन में अभिषेक पोरेल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। छात्रा ने आरोप लगाया था कि वह 3.5 साल तक संबंध में थे और शादी करने की योजना बना रहे थे लेकिन वह अपनी बात से मुकर गए।

बंगाल का सत्र का पहला मुकाबला कोलकाता के प्रतिष्ठित ईडन गार्डन्स से कल्याणी स्थानांतरित कर दिया गया है। ईडन गार्डन्स में 10 अक्टूबर को महालया से शुरू होने वाले दुर्गा पूजा उत्सव के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद रहेंगे।

टीम में भारत के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी, मुकेश कुमार और वापसी की कोशिश कर रहे आकाश दीप को भी शामिल किया गया है। आकाश दीप न्यूजीलैंड दौरे से पहले अपनी फिटनेस और फॉर्म साबित करने के लिए मैदान पर उतरेंगे।

बंगाल और दिल्ली एलीट ग्रुप सी में गुजरात, झारखंड, केरल, महाराष्ट्र, ओडिशा और सर्विसेज के साथ शामिल हैं।

बंगाल टीम: अभिमन्यु ईश्वरन (कप्तान), सुदीप कुमार घरामी, सुदीप चटर्जी, अभिषेक पोरेल, अंकुर पॉल, सुमंत गुप्ता, अंकित शुक्ला, शुभम चटर्जी, मोहम्मद शमी, आकाश दीप, मुकेश कुमार, सूरज सिंधू जायसवाल, प्रदीप्त प्रमाणिक, आमिर गनी, मोहम्मद कैफ, सौम्यदीप मंडल।

स्टैंडबाय: करण लाल, अखिलेश यादव, गीत पुरी, अभिषेक रमन, शुभम सरकार, सुमित मोहंता, आदित्य पुरोहित।

कमला क्लब का दौर खत्म, अब CSJMU में गढ़े जाएंगे यूपी के क्रिकेट सितारे,UPCA का नया क्रिकेट सेंटर बनेगा विश्वविद्यालय का मैदान, अलग-अलग मिट्टी की पिचों पर तैयार होंगे खिलाड़ी

उत्तर प्रदेश : दशकों तक उत्तर प्रदेश के क्रिकेटरों की नर्सरी रहे कमला क्लब का दौर अब खत्म हो चुका है। कानपुर से अखंड प्रताप सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक, अब सूबे के घरेलू क्रिकेट को नया और आधुनिक ठिकाना मिलने जा रहा है। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) परिसर में तैयार हो रहा क्रिकेट स्टेडियम आने वाले समय में उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (UPCA) के लिए बड़ा केंद्र बन सकता है। मैदान के संचालन और उपयोग को लेकर UPCA और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच एमओयू की तैयारी चल रही है. इसके बाद यहां प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए अभ्यास, ट्रायल और बड़े घरेलू मुकाबलों का रास्ता खुल सकता

खास अभ्यास का मौका, सात अलग-अलग पिचों पर खिलाड़ी तैयार होंगे

CSJMU का क्रिकेट मैदान अपनी पिचों के कारण खास है. यहां अलग-अलग तरह की मिट्टी का इस्तेमाल कर पिचें तैयार की जा रही हैं. इनमें महाराष्ट्र की लाल मिट्टी, ओडिशा के कालाहांडी की काली कपास मिट्टी और स्थानीय उन्नाव की मिट्टी शामिल है. इससे खिलाड़ियों को अलग-अलग तरह की पिचों पर खेलने का अनुभव मिलेगा. बल्लेबाजों को उछाल और गेंदबाजों को टर्न वाली पिचों पर अभ्यास करने का मौका मिलेगा.

मैदान में आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम भी तैयार किया गया है, जिससे बारिश के बाद पानी जल्दी निकल सके और मैदान को कम समय में खेलने लायक बनाया जा सके. मैदान में पवेलियन और दर्शकों के बैठने की व्यवस्था भी तैयार की गई है. आने वाले समय में इसे घरेलू क्रिकेट के बड़े मुकाबलों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता

रणजी से एज ग्रुप तक के मैचों की तैयारी

UPCA की योजना इस मैदान को सिर्फ अभ्यास तक सीमित रखने की नहीं है. एमओयू होने के बाद यहां रणजी ट्रॉफी, सीके नायडू ट्रॉफी, एज ग्रुप के ट्रायल, कैंप और अन्य घरेलू क्रिकेट गतिविधियां कराई जा सकती हैं. इससे कानपुर और आसपास के जिलों के युवा खिलाड़ियों को दूसरे शहरों में ट्रायल और अभ्यास के लिए कम जाना पड़ेगा.

बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने बताया कि यूपी में क्रिकेट के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर लगातार काम हो रहा है. कमला क्लब का करार खत्म होने के बाद खिलाड़ियों के लिए नए मैदान की जरूरत थी. CSJMU का मैदान इस कमी को पूरा करने में अहम भूमिका निभा सकता

 

खिलाड़ियों को मिलेगा नया प्लेटफॉर्म, ऐसा बताया चेयरमैन ने

UP T20 लीग के चेयरमैन संजय कपूर ने बताया कि CSJMU के मैदान को लेकर UPCA और विश्वविद्यालय के बीच बातचीत चल रही है. यह मैदान खिलाड़ियों के अभ्यास और ट्रायल के लिए बेहतर विकल्प बन सकता है. यहां आधुनिक सुविधाएं होने से युवा क्रिकेटरों को अपने ही शहर में बेहतर तैयारी का मौका मिलेगा.

कमला क्लब लंबे समय तक यूपी क्रिकेट की पहचान रहा है. इसी मैदान से कई खिलाड़ियों ने क्रिकेट की शुरुआत कर आगे का सफर तय किया. अब CSJMU का मैदान उस विरासत को आगे बढ़ाने की दिशा में नया पड़ाव बन सकता है. इसके साथ ही UPCA उन्नाव में भी बड़े स्तर पर क्रिकेट सेंटर विकसित करने की तैयारी कर रहा है. ऐसे में आने वाले समय में कानपुर और आसपास के खिलाड़ियों के लिए क्रिकेट की सुविधाएं पहले से कहीं ज्यादा मजबूत होने की उम्मीद

Nana Patekar Death: जब बॉलीवुड छोड़ नाना पाटेकर पहुंच गए थे कारगिल बॉर्डर, 60 दिन सेना के साथ रहे; 76 से 56 किलो हो गया था वजन

Nana Patekar Death: नाना पाटेकर को आपने पर्दे पर पुलिस अफसर, गैंगस्टर, सैनिक और आम आदमी जैसे तमाम किरदारों में देखा होगा। लेकिन उनकी जिंदगी का एक ऐसा अध्याय भी है जो किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान नाना पाटेकर करीब 60 दिनों तक भारतीय सेना के जवानों के साथ रहे थे। नाना ने एक इंटरव्यू में बताया था कि कारगिल युद्ध के दौरान वह सेना के साथ जाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने तत्कालीन रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस से इजाजत मांगी।

शुरुआत में उन्हें बताया गया कि एक आम नागरिक को इस तरह सेना में शामिल नहीं किया जा सकता। लेकिन नाना ने बताया कि उन्होंने कमांडो ट्रेनिंग की है। वह राष्ट्रीय स्तर पर राइफल शूटिंग में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

फिर सेना के साथ जाने की मिली इजाजत

नाना पाटेकर के मुताबिक, जॉर्ज फर्नांडिस से बातचीत के बाद उन्हें सेना के साथ जाने की अनुमति मिल गई। वह करीब 60 दिन तक सेना के जवानों के साथ रहे और द्रास, लेह, कुपवाड़ा, बारामूला और सोपोर जैसे इलाकों में गए। उन्होंने यह भी बताया कि वह एक Quick Reaction Team (QRT) का हिस्सा बने थे। हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने वहां वास्तव में क्या काम किया, तो नाना ने ऑपरेशनल जानकारी बताने से इनकार कर दिया।

76 किलो से 56 किलो रह गया था वजन

कारगिल में बिताए उन करीब दो महीनों का असर नाना के शरीर पर भी पड़ा। उन्होंने बताया था कि जब वह वहां गए थे, तब उनका वजन करीब 76 किलो था। लेकिन लौटने तक यह घटकर 56 किलो रह गया था। यानी करीब 20 किलो वजन कम हो गया था। नाना के लिए यह सिर्फ रोमांच या प्रचार का हिस्सा नहीं था। उन्होंने कहा था कि उन्हें खुशी थी कि वह देश के लिए कुछ छोटा-सा योगदान कर सके।

फिल्मों में सैनिक का किरदार निभाने से पहले असल ट्रेनिंग

नाना पाटेकर की सेना से यह दिलचस्प जुड़ाव फिल्म ‘प्रहार’ से भी रहा। फिल्म के लिए उन्होंने करीब तीन साल की सैन्य ट्रेनिंग ली थी। उन्हें मानद तौर पर कैप्टन की रैंक भी दी गई थी। यही वजह है कि पर्दे पर सैनिक या पुलिस अधिकारी के किरदार निभाते समय उनकी बॉडी लैंग्वेज और संवाद अदायगी में एक अलग वास्तविकता दिखाई देती थी।

गरीबी में पोस्टर और सड़क की लाइनें भी पेंट कीं

नाना पाटेकर की जिंदगी का एक और पहलू बेहद संघर्षपूर्ण रहा है। फिल्मों में आने से पहले वह फिल्मों के पोस्टर और सड़क की जेब्रा क्रॉसिंग तक पेंट करने का काम कर चुके थे। एक दौर में वह रोजाना करीब 35 रुपये कमाते थे। उसी में गुजारा करते थे। यही संघर्ष आगे चलकर उनके अभिनय में भी दिखाई दिया। उनकी फिल्मों के किरदारों में आम आदमी का गुस्सा, दर्द और संघर्ष बेहद स्वाभाविक नजर आया।

किसानों के लिए भी उठाया बड़ा कदम

नाना पाटेकर की पहचान सिर्फ अभिनेता के तौर पर नहीं रही। 2015 में उन्होंने अभिनेता मकरंद अनासपुरे के साथ मिलकर ‘NAAM Foundation’ की शुरुआत की। इसका फोकस महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित गांवों और संकट से जूझ रहे किसानों की मदद करना है। संस्था पानी, गांवों के विकास और किसानों की आजीविका से जुड़े काम करती है। पर्दे पर जिस अभिनेता ने सैनिकों और आम आदमी के किरदारों में जान फूंकी, असल जिंदगी में भी उनकी कहानी संघर्ष, सेना और किसानों से जुड़ी रही।

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शिंदे जितना तो पीएम से कोई नहीं मिलता

कैबिनेट की बैठकों के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के मंत्री भी उनसे उतना नहीं मिलते हैं, जितना महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे मिलते हैं। सार्वजनिक कार्यक्रमों के अलावा व्यक्तिगत रूप से भी शिंदे अक्सर प्रधानमंत्री से मिलते रहते हैं। पिछले तीन महीने में कम से कम दो बार दिल्ली में वे प्रधानमंत्री मोदी से मिले हैं। दोनों मुलाकातें एक एक घंटे की रहीं। अभी छह अक्टूबर को वे मोदी से मिले। इससे पहले सात अगस्त को भी उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री से हुई थी। छह अक्टूबर को प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के एक दिन बात सात अक्टूबर को देश के सभी प्रमुख अखबारों में शिंदे और उनकी पार्टी की ओर से पहले पन्ने पर पूरे पेज का विज्ञापन छपवाया गया।

शिंदे और उनकी पार्टी ने प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे करने के मौके पर विज्ञापन छपवाया। इससे पहले 17 अगस्त को प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर भी शिंदे ने पूरे पन्ने का विज्ञापन छपवाया था। यह बड़ी हैरानी की बात है और खुद शिंदे की पार्टी के नेता भी हैरानी जाहिर करते हैं कि शिंदे यह उम्मीद कर रहे हैं कि मोदी उनको महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनवा देंगे। यह भी कहा जा रहा है कि वे वे अभी तक इस सदमे से उबरे नहीं हैं कि माझी लड़की बहिन योजना चला कर उन्होंने एनडीए सरकार की वापसी सुनिश्चित की थी और फिर भी मुख्यमंत्री नहीं बन सके।

अशोक मित्तल ने भी पूरे पन्ने का विज्ञापन दिया

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे करने पर पूरे पेज का विज्ञापन छपवा कर बधाई देने वाले दूसरे नेता अशोक मित्तल हैं। पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के मालिक और हाल ही में आम आदमी पार्टी से पाला बदल कर भाजपा में शामिल हुए मित्तल ने देश के कई प्रमुख अंग्रेजी अखबारों में विज्ञापन दिया है। गौरतलब है कि मित्तल जब तक आप में थे, तब तक अपना फिरोजशाह रोड का बंगला अरविंद केजरीवाल को रहने के लिए दिया था।

फिर एक दिन उनके यहां केंद्रीय एजेंसी, ईडी का छापा पड़ा और अचानक केजरीवाल से उनका मोहभंग हो गया। वे पाला बदल कर भाजपा में चले गए। उनके साथ आप के 10 में से सात राज्यसभा सांसद भाजपा में गए हैं। हालांकि उसके बाद भी उनकी समस्या समाप्त नहीं हुई हैं। अब पंजाब में आए दिन कुछ न कुछ होता रह रहा है। पिछले दिनों उनके लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में एक छात्रा से बलात्कार की अफवाह उड़ी, जो दंगों में बदल गई। 10 दिन तक यूनिवर्सिटी बंद करनी पड़ी। मित्तल के करीबी राज्य सरकार पर दोष डाल रहे हैं।

Stocks to Watch: 9 लिस्टिंग्स, 6 बैंक; PC Jeweller, Ola, MRF समेत 14 अन्य स्टॉक्स भी Sensex की एक्सपायरी को फोकस में

Stocks to Watch: अधिकतर एशियाई बाजारों से कमजोर रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू स्टॉक मार्केट में हल्की ग्रीन शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 17.00 प्वाइंट्स यानी 0.08% की बढ़त के साथ 22,609.00 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 07 अक्टूबर को सेंसेक्स (Sensex) 429.11 प्वाइंट्स यानी 0.59% की गिरावट के साथ 72,638.70 और निफ्टी (Nifty) भी 173.05 प्वाइंट्स यानी 0.76% की फिसलन के साथ 22,603.05 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

PC Jeweller Q2 (YoY)

हेल्दी कंज्यूमर डिमांड के दम पर सितंबर तिमाही में सालाना आधार पर पीसी ज्वैलर का कंसालिडेटेड रेवेन्यू 28% बढ़ गया। साथ ही आउटस्टैंडिंग एक्सपोर्ट डेटर्स से इसे ₹142 करोड़ का रेमिटेंस मिला। आउटस्टैंडिंग डेट के रीपेमेंट के साथ कंपनी डेट-फ्री हो गई।

Senco Gold Q2 (YoY)

सितंबर तिमाही में सेंको गोल्ड का टोटल रेवेन्यू सालाना आधार पर 31% और रिटेल रेवेन्यू 29% की रफ्तार से बढ़ा तो सेम-स्टोर सेल्स ग्रोथ 19% रही। डायमंड ज्लैवरी सेल्स वैल्यू 40% बढ़ी तो वॉल्यूम 7% बढ़ा। कंपनी ने ने सितंबर तिमाही में 6 नए शोरूम खोले और अब इसके नेटवर्क में 215 स्टोर हो गए हैं।

Jubilant Foodworks Q2 (YoY)

सितंबर तिमाही में सालाना आधार पर जुबिलैंट फूडवर्क्स का कंसालिडेटेड रेवेन्यू 11.9% बढ़कर ₹2,608.7 और स्टैंडएलोन रेवेन्यू 11.6% उछलकर ₹1,885.8 करोड़ पर पहुंच गया। डोमिनोज इंडिया की लाइक-फार-लाइक ग्रोथ 4.1% रही तो यूरेशिया की ग्रोथ 2.1% नीचे आई। सितंबर तिमाही में कंपनी ने 108 स्टोर जोड़े और अब इसके कुल 3820 स्टोर हो गए। डोमिनोज इंडिया ने 88 स्टोर जोड़े और अब इसके 2601 स्टोर हो गए।

TD Power Systems

टीडी पावर सिस्टम्स ने 7 अक्टूबर को अपना क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशंस प्लेसमेंट (QIP) इश्यू लॉन्च किया, जिसका फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹775.35 तय किया गया है। CNBC-TV18 की रिपोर्ट के अनुसार सूत्रों का कहना है कि कंपनी इस इश्यू के जरिए ₹600 करोड़ तक जुटाने की कोशिश में है।

Tata Power Company

टाटा पावर ने नॉर्वे की रिन्यूएबल एनर्जी टेक्नोलॉजी कंपनी ओशन सन के साथ नई मेम्ब्रेन-बेस्ड फ्लोटिंग सोलर टेक्नोलॉजी को भारत लाने के लिए साझेदारी की है। इस साझेदारी के तहत टाटा पावर और ओशन सन महाराष्ट्र में टाटा पावर के मुल्शी रिजर्वयार में 300-kWp का फ्लोटिंग सोलर पायलट प्रोजेक्ट शुरू करेंगे।

Godrej Properties

बीएमसी ने गोदरेज प्रॉपर्टीज और आरसी ग्रुप के साथ मिलकर मुंबई के बांद्रा बे में एक लैंडस्केप्ड बे-साइड प्रोमेनेड यानी समुद्र किनारे टहलने की जगह के पहले चरण का ऐलान किया है।

HCL Technologies

एचसीएलटेक, जोहान्सबर्ग ने साउथ अफ्रीका में अपना एक नया रीजनल हेडक्वार्टर शुरू किया है।

Ola Electric Mobility

ओला इलेक्ट्रिक ने प्रति शेयर ₹27 के भाव पर ₹999.73 करोड़ के 37.02 करोड़ राइट्स इक्विटी शेयरों को मंजूरी दी है। राइट्स एंटाइटेलमेंट पाने के लिए रिकॉर्ड डेट 13 अक्टूबर तय की गई है। यह राइट्स इश्यू 22 अक्टूबर को खुलेगा और 30 अक्टूबर को बंद होगा।

RPP Infra Projects

आरपीपी इंफ्रा ने लीजेंड 96 रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट में जॉइंट डेवलपर के तौर पर अपनी हिस्सेदारी से पीछे हटने का फैसला किया है। इसकी वजह मंजूरी मिलने में देरी, फाइनेंसिंग की दिक्कतें, प्रस्तावित सुरक्षा व्यवस्था और रेवेन्यू-शेयरिंग के तय समझौते में प्रस्तावित बदलाव बताई गई है। कंपनी ने विल्स रियल्टर्स को अपना इरादा बता दिया है और डेवलपमेंट और फाइनेंसिंग एग्रीमेंट को खत्म करने और दोनों पक्षों के बीच पेएबल अमाउंट के निपटारे की मांग की है।

ASK Automotive

राजस्थान जीएसटी धिकारियों ने 6 अक्टूबर को राजस्थान के भिवाड़ी में आस्क ऑटोमोटिव की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में सर्च ऑपरेशन चलाया।

MRF

एमआरएफ की याचिका पर केरल के स्टेट टैक्स के डिप्टी कमिश्नर ने एक रेक्टिफिकेशन ऑर्डर यानी सुधार आदेश जारी किया है, जिसमें कुल टैक्स डिमांड को ₹91.53 करोड़ से घटाकर ₹36.19 करोड़ कर दिया गया है। यह मामला फाइनेंशियल ईयर 2014-15 के लिए सेल्स टैक्स के तहत एक्सपोर्ट क्लीयरेंस और डिक्लेरेशन फॉर्म से जुड़ा है।

Karur Vysya Bank, Indian Overseas Bank, PNB, Indian Bank, Tamilnad Mercantile Bank, BoB

आरबीआई ने रेपो रेट को 25 बीपीएस बढ़ाया तो कुछ बैंकों ने रेपो रेट से जुड़े लेंडिंग रेट को भी बढ़ा दिया है। करूर वैश्य बैंक ने एक्सटर्नल बेंचमार्क रेपो लिंक्ड रेट को 8.55% से 8.80%, इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) ने 8.10% से 8.35%, पीएनबी (पंजाब नेशनल बैंक) ने 8.10% से 8.35, इंडियन बैंक ने 7.95% से 8.20%, तमिलनाड मर्केंटाइल बैंक ने 8.25% से 8.50% और बीओबी (बैंक ऑफ बड़ौदा) ने 5.25% से 5.50% कर दिया है।

JTL Industries, AceVector

गोल्डमैन सैक्स ग्रुप की गोल्डमैन सैक्स इन्वेस्टमेंट्स मॉरीशस I ने जेटीएल इंडस्ट्रीज के 19.71 लाख शेयर (0.5% होल्डिंग) ₹16.16 करोड़ में प्रति शेयर ₹82.03 के भाव पर खरीदे हैं। वहीं गोल्डमैन सैक्स बैंक यूरोप SE ने स्नैपडील की ऐसवेक्टर के 31.17 लाख शेयर (0.59% हिस्सेदारी) ₹9.61 करोड़ में प्रति शेयर ₹29.88 के भाव पर बेच दिए। सितंबर 2026 तक गोल्डमैन सैक्स की ऐसवेक्टर में 1.56% हिस्सेदारी थी।

Jeena Sikho Lifecare

ओरेगानो लाइफ ने प्रति शेयर ₹420.28 के भाव पर ₹29.35 करोड़ में जीना सीखो लाइफकेयर के 6.98 लाख शेयर (0.56% होल्डिंग) बेच दी।

Nityas Gems & Jewellery, Vishal Nirmiti

नित्याज जेम्स एंड ज्वैलरी और विशाल निर्मिति के शेयर आज बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे।

Omara, Sollfege, SJP Ultrasonics,EverestIMS, Shree TNB, Dove Soft, Eventions

ओमारा वेंचर्स इंडिया, सोलफेज स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स, एवरेस्टआईएमएस टेक, , एसजेपी अल्ट्रासोनिक्स, श्री टीएमबी पॉलीमर्स और डव सॉफ्ट बीएसई एसएमई तो एवेंशंस के शेयर एनएसई एसएमई पर लिस्ट होंगे।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 8 अक्टूबर को इन 16 शेयरों पर रहेगी नजर, ओला इलेक्ट्रिक से टाटा पावर तक शामिल

Stocks to Watch: बुधवार 8 अक्टूबर को शेयर बाजार में 16 कंपनियों के शेयरों पर खास नजर रहेगी। इनसे राइट्स इश्यू, QIP, फंड जुटाने और कारोबार से जुड़े अहम अपडेट आए हैं। ऐसे में ओला इलेक्ट्रिक, टाटा पावर, सन फार्मा जैसे स्टॉक्स में बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है।

Ola Electric

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी Ola Electric के बोर्ड ने राइट्स इश्यू के जरिए 1,000 करोड़ रुपये जुटाने को मंजूरी दी है। इश्यू में शेयर का भाव 27 रुपये तय किया गया है। कंपनी 37.03 करोड़ राइट्स इक्विटी शेयर जारी करेगी।

Tata Power

टाटा ग्रुप की कंपनी Tata Power ने नॉर्वे की Ocean Sun के साथ साझेदारी की है। दोनों कंपनियां भारत में मेम्ब्रेन-बेस्ड फ्लोटिंग सोलर टेक्नोलॉजी का टेस्ट करेंगी। महाराष्ट्र के मुलशी जलाशय में करीब 300 kWp का पायलट प्रोजेक्ट लगाया जाएगा।

Sun Pharma

फार्मा कंपनी Sun Pharma के बोर्ड की 12 अक्टूबर को बैठक होगी। इसमें 15,000 करोड़ रुपये तक के NCDs जारी करने के प्रस्ताव पर फैसला होगा। ये NCDs एक या कई चरणों में प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए जारी किए जाएंगे।

Jubilant FoodWorks

क्विक सर्विस रेस्टोरेंट कंपनी Jubilant FoodWorks का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू Q2 में सालाना आधार पर 11.9% बढ़कर 2,609 करोड़ रुपये रहा। स्टैंडअलोन रेवेन्यू 11.6% बढ़कर 1,886 करोड़ रुपये रहा। Domino’s India की लाइक-फॉर-लाइक ग्रोथ 4.1% रही और भारत में 88 नए स्टोर खुले।

HCLTech

आईटी सर्विसेज कंपनी HCLTech ने दक्षिण अफ्रीका में नया हेडक्वार्टर शुरू किया है। यह जोहान्सबर्ग के सैंडटन बिजनेस डिस्ट्रिक्ट में है। नए हेडक्वार्टर में AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी शुरू किया गया है।

Fino Payments Bank

डिजिटल बैंकिंग कंपनी Fino Payments Bank की रिन्यूअल इनकम Q2 में सालाना आधार पर 20% बढ़कर 28 करोड़ रुपये रही। बैंक के लोन डिस्बर्सल में भी तेज बढ़ोतरी हुई। सितंबर में लोन डिस्बर्सल 223% बढ़कर 278 करोड़ रुपये रहा।

Senco Gold

ज्वेलरी कंपनी Senco Gold का Q2 FY27 में कुल रेवेन्यू 31% बढ़ा। रिटेल रेवेन्यू 29% और SSSG 19% रहा। कंपनी ने कहा कि फेस्टिव डिमांड, ज्वेलरी की मजबूत खपत और हल्की ज्वेलरी की बढ़ती पसंद से ग्रोथ को सपोर्ट मिला।

PC Jeweller

ज्वेलरी कंपनी PC Jeweller का Q2 में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू करीब 28% बढ़ा और कंपनी पूरी तरह कर्ज मुक्त हो गई। कंपनी ने तिमाही में बकाया एक्सपोर्ट देनदारों से करीब 142 करोड़ रुपये भी हासिल किए।

Gujarat Pipavav Port

पोर्ट ऑपरेटर Gujarat Pipavav Port के Q2 में लिक्विड कार्गो वॉल्यूम 0.38 MMT से घटकर 0.32 MMT रहा। ड्राई बल्क कार्गो भी 1.05 MMT से घटकर 0.94 MMT हो गया। हालांकि, कंटेनर कार्गो वॉल्यूम 1.64 लाख TEUs से बढ़कर 1.92 लाख TEUs रहा।

Godrej Properties

रियल एस्टेट कंपनी Godrej Properties ने बांद्रा बे में ‘बेसाइड प्रोमेनेड’ के पहले फेज के डेवलपमेंट के लिए BMC और RC ग्रुप के साथ डील की है। यह प्रोजेक्ट मुंबई के बांद्रा बे इलाके से जुड़ा है। कंपनी इस प्रोजेक्ट के डेवलपमेंट में शामिल होगी।

Anant Raj

रियल एस्टेट और डेटा सेंटर कंपनी Anant Raj की सब्सिडियरी ने Orange Business Singapore के साथ हरियाणा सरकार के साथ समझौता किया है। यह डील ग्लोबल क्लाउड और डेटा सेंटर सर्विस के विस्तार से जुड़ी है। इसके तहत हरियाणा में डेटा सेंटर और क्लाउड से जुड़े कारोबार को बढ़ाने पर काम होगा।

HAL

सरकारी एयरोस्पेस और डिफेंस कंपनी HAL के बोर्ड ने Anindya Biswas को नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति सरकारी नॉमिनी के तौर पर की गई है। बोर्ड ने इस नियुक्ति को मंजूरी दे दी है।

MRF

टायर बनाने वाली कंपनी MRF से जुड़े टैक्स मामले में केरल टैक्स अथॉरिटी ने डिमांड घटा दी है। FY15 से जुड़े मामले में टैक्स डिमांड 91.53 करोड़ रुपये से घटाकर 36.19 करोड़ रुपये कर दी गई है।

Allcargo Terminals

मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स कंपनी Allcargo Terminals का सितंबर में कुल वॉल्यूम 61,800 TEUs रहा। अगस्त के मुकाबले इसमें 6% की गिरावट आई। सालाना आधार पर भी कंपनी का कुल वॉल्यूम 7% घटा है।

ASK Automotive

ऑटो कंपोनेंट कंपनी ASK Automotive की राजस्थान स्थित भिवाड़ी यूनिट की GST अधिकारियों ने जांच की है। कंपनी के मुताबिक, इस जांच का उसके फाइनेंशियल या बिजनेस ऑपरेशंस पर कोई असर नहीं है।

TD Power Systems

पावर इक्विपमेंट कंपनी TD Power Systems ने QIP के जरिए फंड जुटाने की प्रक्रिया शुरू की है। कंपनी ने इश्यू के लिए 775.35 रुपये प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है। निवेशकों को इस कीमत पर 5% तक डिस्काउंट मिल सकता है।

टाटा की कंपनी की फ्लोटिंग सोलर सेगमेंट में एंट्री, नॉर्वे की कंपनी के साथ मिलकर महाराष्ट्र में करेगी टेस्टिंग

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

टाटा की कंपनी की फ्लोटिंग सोलर सेगमेंट में एंट्री, नॉर्वे की कंपनी के साथ मिलकर महाराष्ट्र में करेगी टेस्टिंग

Tata Power Floating Solar: टाटा पावर ने नॉर्वे की रिन्यूएबल एनर्जी टेक्नोलॉजी कंपनी ओशन सन के साथ साझेदारी की है। दोनों कंपनियां भारत में फ्लोटिंग सोलर टेक्नोलॉजी का टेस्ट करेंगी।

इसके लिए महाराष्ट्र के मुलशी जलाशय में करीब 300 kWp का पायलट प्रोजेक्ट लगाया जाएगा। यह जलाशय टाटा पावर का है।

फ्लोटिंग सोलर क्या होता है

फ्लोटिंग सोलर यानी पानी की सतह पर लगाए जाने वाले सोलर पैनल होते हैं। इसमें जमीन पर पैनल लगाने के बजाय किसी जलाशय, झील या तालाब की सतह पर पैनल लगाए जाते हैं।

इससे जमीन की जरूरत कम होती है। और खाली पड़ी पानी की सतह का इस्तेमाल बिजली बनाने के लिए किया जाता है।

पायलट प्रोजेक्ट में क्या जांच की जाएगी?

इस पायलट में टेक्नोलॉजी की परफॉर्मेंस देखी जाएगी। साथ ही इसकी भरोसेमंद क्षमता और लागत भी जांची जाएगी। कंपनियां यह भी देखेंगी कि भारत में इसे बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया जा सकता है या नहीं। इसके लिए इसकी तुलना मौजूदा फ्लोटिंग सोलर सिस्टम से की जाएगी।

तुलना में बिजली उत्पादन, क्षमता का इस्तेमाल और इंस्टॉलेशन का समय देखा जाएगा। ऑपरेशन और मेंटेनेंस की जरूरत, लागत और पूरे प्रोजेक्ट की कारोबारी व्यवहार्यता भी जांची जाएगी।

बाकी फ्लोटिंग सोलर से अलग कैसे?

आमतौर पर फ्लोटिंग सोलर सिस्टम में पैनल को पानी पर तैराने के लिए पॉन्टून का इस्तेमाल होता है। कई पॉन्टून को आपस में जोड़कर एक स्ट्रक्चर बनाया जाता है। ओशन सन की टेक्नोलॉजी इससे अलग है। इसमें सोलर पैनल एक पतली हाइड्रो-इलास्टिक मेम्ब्रेन पर लगाए जाते हैं। यह मेम्ब्रेन सीधे पानी की सतह पर तैरती है।

पायलट से मिलने वाले डेटा से इस टेक्नोलॉजी की असली क्षमता समझने में मदद मिलेगी। इसके बाद भारत में इसे बड़े स्तर पर इस्तेमाल करने की संभावना देखी जाएगी।

भारत में 102 GW से ज्यादा क्षमता

टाटा पावर के मुताबिक, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोलर एनर्जी के अनुमान के अनुसार भारत में फ्लोटिंग सोलर की क्षमता 102 GWp से ज्यादा है।

टाटा पावर के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर प्रवीर सिन्हा ने कहा कि इनोवेशन कंपनी के लिए काफी अहम है। कंपनी क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन को तेज करने के लिए नई टेक्नोलॉजी पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि ओशन सन के साथ साझेदारी से ग्लोबल टेक्नोलॉजी को भारत में लाकर उसकी वास्तविक परिस्थितियों में जांचने का मौका मिलेगा।

इंडिया-EFTA समिट में हुआ समझौता

टाटा पावर और ओशन सन के बीच समझौता दूसरे इंडिया-ईएफटीए प्रॉस्पेरिटी समिट के दौरान हुआ। इसमें भारत और यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन (EFTA) देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

टाटा पावर का शेयर 7 अक्टूबर को 344.80 रुपये पर बंद हुआ। पिछले कारोबारी सत्र के मुकाबले इसमें 1.95% की गिरावट रही।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Tata Sons AGM: टाटा संस में चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल की असली लड़ाई अभी बाकी, शेयरहोल्डर्स के वोट पर टिकी नजर

Tata Sons AGM: एन चंद्रशेखरन ने 17 सितंबर को टाटा संस के बोर्डरूम में वोट जीत लिया था। लेकिन उनका बतौर CEO तीसरा कार्यकाल अभी पक्का नहीं है। अब असली फैसला टाटा संस की सालाना आम बैठक यानी AGM में होगा। यहां शेयरहोल्डर्स वोट करेंगे।

बोर्ड के वोट और शेयरहोल्डर्स के वोट में बड़ा फर्क है। बोर्डरूम में चंद्रशेखरन के पक्ष में फैसला हो चुका है। लेकिन AGM का वोट अभी खुला है। अगले कुछ हफ्ते इस पूरे मामले में काफी अहम रहने वाले हैं।

महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर भी टाटा ट्रस्ट्स के विवाद पर कोई फैसला या रुख अपना सकता है। कुछ ट्रस्टियों का कार्यकाल खत्म होने वाला है। वहीं टाटा संस में करीब 13% हिस्सेदारी रखने वाली टाटा ग्रुप की कंपनियों को भी अपना वोट तय करना होगा।

टाटा ट्रस्ट्स के वोट सबसे अहम

इस पूरी लड़ाई के बीच टाटा ट्रस्ट्स सबसे बड़ा खिलाड़ी है। उसके पास टाटा संस की करीब 66% हिस्सेदारी है। लेकिन यह हिस्सेदारी सात अलग-अलग ट्रस्ट्स में बंटी है। इसलिए यह मान लेना ठीक नहीं होगा कि सभी ट्रस्ट एक साथ एक ही तरफ वोट करेंगे।

SDTT और SRTT सबसे अहम ट्रस्ट हैं। दोनों के पास मिलकर टाटा संस की 51.54% हिस्सेदारी है। ऐसे में इन दोनों ट्रस्ट्स के भीतर चल रहा विवाद सीधे AGM की वोटिंग को प्रभावित कर सकता है।

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9 नवंबर को बदल सकता है पहला समीकरण

9 नवंबर एक अहम तारीख है। इसी दिन वरिष्ठ वकील दारियस खंबाटा का सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट यानी SDTT में तीन साल का कार्यकाल खत्म होगा। SDTT के पास टाटा संस की 27.98% हिस्सेदारी है।

SDTT में छह ट्रस्टी हैं। इनमें नोएल टाटा, दारियस खंबाटा, भास्कर भट्ट, नेविल टाटा, वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह शामिल हैं। ट्रस्ट के भीतर मतभेद अब खुलकर सामने आ चुके हैं।

खंबाटा, भट्ट और नेविल टाटा मौजूदा विवाद में मोटे तौर पर नोएल टाटा के साथ हैं। 5 अक्टूबर को इन चारों ने श्रीनिवासन और विजय सिंह के रुख का विरोध किया था। मामला टाटा संस के प्रस्तावित पुनर्गठन और ट्रस्ट्स के अधिकारों से जुड़ा है।

खंबाटा का कार्यकाल 9 नवंबर को खत्म हो रहा है। खबर से जुड़े लोगों के मुताबिक, वह शायद दूसरा कार्यकाल न मांगें। अगर वह दोबारा ट्रस्टी बनना चाहते हैं तो सभी ट्रस्टियों की सहमति जरूरी होगी।

SRTT में दिसंबर में बड़ा बदलाव संभव

सर रतन टाटा ट्रस्ट यानी SRTT के पास टाटा संस की 23.56% हिस्सेदारी है। यहां किसी नए ट्रस्टी को शामिल करने के लिए सभी मौजूदा ट्रस्टियों की सहमति जरूरी है। इसलिए यहां साधारण बहुमत से काम नहीं चलता।

यह नियम पहले भी परेशानी पैदा कर चुका है। नेविल टाटा को SRTT में शामिल करने की कोशिश हुई थी। लेकिन 2024 के आखिर में प्रस्तावित बैठक टाल दी गई थी। श्रीनिवासन ने इस पर आपत्ति जताई थी।

अब श्रीनिवासन का SRTT में कार्यकाल दिसंबर में खत्म हो रहा है। अगर उनका कार्यकाल आगे नहीं बढ़ता है तो ट्रस्ट के भीतर समीकरण बदल सकते हैं। इससे SRTT का रुख नोएल टाटा के करीब जा सकता है।

हालांकि, इसके लिए ट्रस्ट को अपना कामकाज ठीक से चलाने और AGM में वोट करने की स्थिति में होना जरूरी होगा। SRTT पर महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर की तरफ से कुछ पाबंदियां भी लागू हैं।

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SRTT की वजह से टाटा संस की AGM टली थी

SRTT की स्थिति का असर पहले ही टाटा संस की AGM पर पड़ चुका है। 18 अगस्त की AGM टालनी पड़ी थी। वजह यह थी कि SRTT SDTT के साथ मिलकर AGM के लिए प्रतिनिधि नामित करने की जरूरी प्रक्रिया पूरी नहीं कर सका था।

इसके बाद रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज ने टाटा संस को AGM कराने के लिए 31 दिसंबर तक का समय दिया। अब AGM की तारीख खुद इस पूरे विवाद में काफी अहम हो गई है।

वहीं श्रीनिवासन और विजय सिंह ने महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर के सामने SDTT के कामकाज को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने टाटा संस के मामलों में टाटा ट्रस्ट्स की भूमिका को लेकर चिंता जताई है।

नोएल टाटा गुट का क्या कहना है?

नोएल टाटा, खंबाटा, भट्ट और नेविल टाटा ने इस रुख का विरोध किया है। उनका कहना है कि ट्रस्ट्स टाटा संस का मैनेजमेंट अपने हाथ में लेने की कोशिश नहीं कर रहे हैं।

उनके मुताबिक, ट्रस्ट्स सिर्फ उन अधिकारों का इस्तेमाल कर रहे हैं जो उन्हें टाटा संस के कंट्रोलिंग शेयरहोल्डर होने के नाते मिले हैं। इस विवाद पर चैरिटी कमिश्नर ने SDTT से जवाब भी मांगा है।

66% हिस्सेदारी दिखती एकजुट, लेकिन है नहीं

टाटा ट्रस्ट्स के पास टाटा संस की करीब 66% हिस्सेदारी है। लेकिन यह सात अलग-अलग चैरिटेबल ट्रस्ट्स में बंटी हुई है। हर ट्रस्ट में ट्रस्टियों की संरचना भी अलग है।

नोएल टाटा और उनके तीन बच्चे नेविल, लिया और माया इन सात ट्रस्ट्स में कुल 36 में से 17 ट्रस्टी पदों पर हैं। लेकिन इस ताकत का बड़ा हिस्सा छोटे ट्रस्ट्स में है। असली वजन SDTT और SRTT के पास है।

इसलिए AGM में सभी ट्रस्ट्स का एक ही लाइन पर आना जरूरी नहीं है। हर ट्रस्ट को अपनी बैठक करके अपने वोट पर फैसला करना पड़ सकता है।

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टाटा ग्रुप की कंपनियों के वोट भी अहम

टाटा ट्रस्ट्स के अलावा टाटा ग्रुप की नौ कंपनियों के पास टाटा संस की कुल 12.83% हिस्सेदारी है। इनमें सात लिस्टेड कंपनियां हैं। इन सात की कुल हिस्सेदारी 11.92% है। टाटा स्टील और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के पास 3.06-3.06% हिस्सेदारी है। टाटा केमिकल्स के पास 2.53% और टाटा पावर के पास 1.65% हिस्सेदारी है।

इंडियन होटल्स के पास 1.11%, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के पास 0.43% और टाटा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन के पास 0.08% हिस्सेदारी है। इन कंपनियों के वोट को अभी किसी एक पक्ष के साथ जोड़ना मुश्किल है। हर कंपनी का अपना बोर्ड है। उसे अपनी हिस्सेदारी को लेकर अलग फैसला करना होगा।

चंद्रशेखरन और नोएल टाटा दोनों का असर

चंद्रशेखरन कई ऐसी टाटा कंपनियों के चेयरमैन हैं, जिनके पास टाटा संस में हिस्सेदारी है। इनमें टाटा स्टील, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, टाटा पावर, इंडियन होटल्स और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स शामिल हैं। वहीं नोएल टाटा टाटा स्टील के वाइस चेयरमैन हैं। वह टाटा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन और टाटा इंटरनेशनल के चेयरमैन भी हैं।

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि ये कंपनियां किसी एक व्यक्ति के पक्ष में वोट करेंगी। इन कंपनियों के बोर्ड को अपनी-अपनी हिस्सेदारी को लेकर फैसला करना होगा।

शापूरजी पलोनजी ग्रुप भी बड़ा शेयरहोल्डर

टाटा ट्रस्ट्स के अलावा शापूरजी पलोनजी ग्रुप के पास भी टाटा संस की 18% से ज्यादा हिस्सेदारी है। इसलिए AGM में उसके वोट भी काफी अहम हो सकते हैं।

खासकर तब, जब टाटा ट्रस्ट्स के भीतर किसी एक रुख पर सहमति नहीं बनती है। ऐसी स्थिति में दूसरे बड़े शेयरहोल्डर्स की भूमिका बढ़ सकती है।

अब AGM की तारीख सबसे अहम

जब AGM होगी, तब तक टाटा ट्रस्ट्स की स्थिति कुछ बदल सकती है। खंबाटा का SDTT में कार्यकाल खत्म हो चुका होगा। वहीं दिसंबर में श्रीनिवासन का SRTT में कार्यकाल भी खत्म होना है।

चैरिटी कमिश्नर की कार्रवाई भी दोनों बड़े ट्रस्ट्स की स्थिति पर असर डाल सकती है। दूसरी तरफ टाटा ग्रुप की कंपनियों के बोर्ड को अपनी हिस्सेदारी के वोट पर फैसला करना होगा।

इसलिए मामला अब सिर्फ चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल का नहीं है। असली सवाल यह है कि AGM से पहले टाटा संस के शेयरहोल्डर्स के बीच ताकत का संतुलन किस तरफ जाता है।

यही वजह है कि AGM की तारीख बेहद अहम होगी। उस समय तक ट्रस्ट्स की संरचना, नियामकीय स्थिति और टाटा ग्रुप की कंपनियों के रुख में बदलाव इस वोट को पूरी तरह बदल सकता है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।