8th Pay Commission: 1 करोड़ कर्मचारियों की चांदी! बेसिक सैलरी में बंपर बढ़ोतरी की तैयारी, फिटमेंट फैक्टर और DA पर आए ये 10 बड़े अपडेट्स

8th Pay Commission Latest News: देश के 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख से अधिक पेंशनभोगियों के लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार द्वारा गठित 8वां वेतन आयोग अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ चुका है और इसके तहत कर्मचारियों की किस्मत बदलने वाली है। ऐतिहासिक रूप से हर 10 साल में बनने वाला यह आयोग इस बार कर्मचारियों की झोली में बंपर सैलरी हाइक करने की तैयारी में है।

सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाला यह हाई-प्रोफाइल पैनल इस समय देशव्यापी दौरों पर है और 30 जून 2026 तक ऑनलाइन डेटा जुटाने की प्रक्रिया पूरी कर रहा है। कर्मचारी संगठनों ने आयोग के सामने न्यूनतम बेसिक सैलरी को मौजूदा ₹18000 से सीधे ₹69000 करने और फिटमेंट फैक्टर को 3.80 तक बढ़ाने की डिमांड रखी हुई है।

रेलवे, डिफेंस से लेकर तमाम सरकारी विभागों के 1 करोड़ से अधिक परिवारों की जेब पर सीधा असर डालने वाले इस महा-बदलाव को लेकर 10 सबसे बड़े अपडेट्स सामने आए हैं, जिन्हें हर नौकरीपेशा और रिटायर्ड कर्मचारी के लिए जानना बेहद जरूरी है।

8वें वेतन आयोग के टॉप 10 सबसे बड़े अपडेट्स

1. ₹69000 तक न्यूनतम बेसिक पे की मांग

सैलरी में बढ़ोतरी को लेकर बड़े कर्मचारी संगठनों ने अपनी मांगें सौंप दी हैं। नेशनल काउंसिल (NC-JCM) और ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIDEF) ने न्यूनतम बेसिक पे को बढ़ाकर ₹69000 करने की मांग की है। वहीं, महाराष्ट्र ओल्ड पेंशन ऑर्गेनाइजेशन ने इसे ₹65000 करने की वकालत की है।

2. रेलवे यूनियनों की अलग मांग

इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) ने आधुनिक आर्थिक कारकों के आधार पर न्यूनतम वेतन ₹52600 करने की मांग की है। इसके अलावा, रेलवे सीनियर सिटीजन्स वेलफेयर सोसाइटी (RSCWS) का कहना है कि न्यूनतम वेतन की गणना 1 जनवरी 2026 के प्राइस इंडेक्स के आधार पर होनी चाहिए।

3. फिटमेंट फैक्टर पर बड़ा अपडेट

कर्मचारियों की सैलरी तय करने में फिटमेंट फैक्टर की सबसे बड़ी भूमिका होती है। रेलवे यूनियन (IRTSA) ने मांग की है कि सेफ्टी कैटेगरी के पदों (लेवल 6) के लिए उच्च इंडेक्सिंग अपनाई जाए। उन्होंने 2.92, 3.50 और 3.80 का फिटमेंट फैक्टर लागू करने का सुझाव दिया है।

8th Pay Commission: 1 करोड़ कर्मचारियों की चांदी! बेसिक सैलरी में बंपर बढ़ोतरी की तैयारी, फिटमेंट फैक्टर और DA पर आए ये 10 बड़े अपडेट्स

4. महंगाई भत्ते को लेकर नया फॉर्मूला

महंगाई भत्ते (DA) को लेकर भी संगठनों ने अपनी बात रखी है:

NC-JCM: इन्फ्लेशन-लिंक्ड यानी महंगाई से जुड़ा वेज मॉडल होना चाहिए।

महाराष्ट्र ओल्ड पेंशन ऑर्गेनाइजेशन: न्यूनतम 4% डीए बढ़ोतरी और 50% होने पर डीए को बेसिक सैलरी में मर्ज किया जाए।

5. डेटा सबमिशन की आखिरी तारीख 30 जून

8वें वेतन आयोग ने ज्ञापन सौंपने की खिड़की 15 जून को बंद कर दी है। हालांकि, हितधारकों के लिए ऑनलाइन डेटा सबमिट करने का पोर्टल 30 जून 2026 तक खुला रहेगा।

6. आयोग के सदस्यों की टीम

इस समय 8वें वेतन आयोग की कमान सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई के हाथों में है, जो इसकी अध्यक्ष हैं। उनके साथ पैनल में पीएम के आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य प्रोफेसर पुलक घोष और पूर्व आईएएस पंकज जैन (सदस्य-सचिव) शामिल हैं।

7. ओडिशा और पश्चिम बंगाल का दौरा

कर्मचारी संगठनों और यूनियनों से सीधे चर्चा करने के लिए आयोग लगातार राज्यों के दौरे कर रहा है। इसी कड़ी में आयोग 6-7 जुलाई को भुवनेश्वर और 9-10 July को कोलकाता का दौरा करने जा रहा है।

8. 1 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को फायदा

इस वेतन आयोग की सिफारिशों का सीधा असर 50 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और लगभग 65 लाख पेंशनभोगियों पर पड़ेगा। इसमें रक्षा और रेलवे के कर्मचारी और रिटायरीज भी शामिल हैं।

9. कब आएगी फाइनल रिपोर्ट?

आमतौर पर आयोग को अपनी सिफारिशें देने में 18 महीने का समय लगता है। इस लिहाज से फरवरी 2027 से पहले आधिकारिक सिफारिशें आना मुश्किल है। हालांकि, ऑल इंडिया एनपीएस एंप्लॉयीज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मनजीत सिंह पटेल के मुताबिक, नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत यानी अप्रैल 2027 में कोई बड़ा ऐलान हो सकता है।

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10. जेब में कब तक आएगा पैसा?

पिछले ट्रेंड्स को देखें तो वेतन आयोग की सिफारिशें आने के बाद उन्हें पूरी तरह लागू होने में 2 से 3 साल का वक्त लग जाता है। इसका मतलब है कि 2027 में घोषित होने वाली सैलरी बढ़ोतरी का पूरा फायदा कर्मचारियों को 2029 या 2030 तक मिल पाएगा।

Tumbbad 2: सोहम शाह स्टारर ‘तुम्बाड 2’ का महाराष्ट्र के मानसून से है तगड़ा कनेक्शन, जानें फुल अपडेट

Tumbbad 2: सोहम शाह स्टारर ‘तुंबाड’ भारत की सबसे यादगार हॉरर फ़िल्मों में से एक है। 2018 में राही अनिल बर्वे के निर्देशन में बनी इस फ़िल्म की कई खासियतों में से एक है इसका डरावना माहौल, जिसमें लगातार होती बारिश कहानी का एक अहम हिस्सा बन गई थी।

लगातार होती बारिश ने इस भारतीय पौराणिक हॉरर फ़िल्म की दुनिया को और भी डरावना और असरदार बना दिया था। यह कहना गलत नहीं होगा कि बारिश खुद एक किरदार की तरह थी। खबरों के मुताबिक, मेकर्स इसके सीक्वल में भी वही जादू फिर से पैदा करने की योजना बना रहे हैं। कहा जा रहा है कि वे शूटिंग शेड्यूल में बदलाव कर रहे हैं और दूर-दराज की जगहों की तलाश कर रहे हैं ताकि फ़िल्म की शूटिंग असली बारिश में हो सके।

जहां ‘तुंबाड’ की शूटिंग चार मॉनसून सीज़न के दौरान हुई थी, वहीं खबर है कि इसके सीक्वल के शेड्यूल में कई बार बदलाव किए जा रहे हैं ताकि एक बार फिर असली बारिश को कैमरे में कैद किया जा सके। फिल्म के मेकर्स उस यादगार माहौल को फिर से बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं, जिसने पहली फिल्म को इतना खास बनाया था।

सूत्रों के मुताबिक, मॉनसून के असामान्य और अनिश्चित व्यवहार के कारण प्रोडक्शन टीम ने अपनी शूटिंग की योजनाओं में पूरी तरह से बदलाव किया है। महाराष्ट्र में बारिश का पैटर्न लगातार अनिश्चित होता जा रहा है, इसलिए मेकर्स मौसम की स्थिति पर रियल-टाइम नज़र रख रहे हैं और जिन इलाकों में सबसे ज़्यादा बारिश हो रही है, वहाँ के हिसाब से अपने शेड्यूल में बदलाव कर रहे हैं।

अंदरूनी सूत्रों का यह भी कहना है कि टीम ने बड़े पैमाने पर कृत्रिम वर्षा व्यवस्था पर निर्भर न रहने का विकल्प चुना है, बल्कि तुम्बाड से जुड़ी प्रामाणिकता को बनाए रखने के लिए प्राकृतिक वर्षा को इकट्ठा करना पसंद किया है, साथ ही कई क्षेत्रों में चल रही पानी की कमी के बीच पानी के उपयोग से संबंधित व्यापक चिंताओं का भी ध्यान रखा है।

खबर है कि टीम महाराष्ट्र के अंदरूनी इलाकों में दूर-दराज और बारिश वाली जगहों की तलाश कर रही है, ताकि ‘तुंबाड’ वाली वैसी ही शानदार दुनिया बनाई जा सके जिससे दर्शक जुड़े हुए हैं। कहा जाता है कि इन जगहों तक पहुंचना ही अपने आप में एक चुनौती है। सेट पर पहुंचने के लिए कास्ट और क्रू को घने और मुश्किल रास्तों से होकर लगभग दो से तीन घंटे की पैदल यात्रा करनी पड़ती है।

फिल्म से जुड़े एक सूत्र ने कहा, “मज़ेदार बात यह है कि जहां ‘तुंबाड’ चार मॉनसून सीज़न में शूट होने की वजह से मशहूर हुई थी, वहीं ‘तुंबाड 2’ के लिए टीम असल में मॉनसून का पीछा कर रही है।” उन्होंने आगे कहा, “‘तुंबाड’ की दुनिया में बारिश हमेशा से एक अहम किरदार रही है और मेकर्स इसे असलियत के साथ दिखाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।”

सूत्र ने यह भी बताया कि कुछ जगहों को खास तौर पर इसलिए चुना गया क्योंकि वहां बाकी जगहों के मुकाबले ज़्यादा बारिश हो रही थी। सोहम शाह इस फ़िल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं और इसे उनके ही बैनर तले बनाया जा रहा है। नवाज़ुद्दीन सिद्दीक़ी भी फ़िल्म में एक अहम भूमिका में नज़र आएंगे। फ़िल्ममेकर आदेश प्रसाद इस सीक्वल को डायरेक्ट कर रहे हैं। ‘तुम्बाड 2’ 3 दिसंबर, 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।