इन 5 सरकारी योजनाओं में करें निवेश, पैसा सुरक्षित रहेगा और ब्याज भी मिलेगा; समझिए पूरा कैलकुलेशन

Small Savings Schemes: पैसा निवेश करने के लिए हर किसी को शेयर बाजार का जोखिम पसंद नहीं होता। खासकर जब बात बच्चों की पढ़ाई, रिटायरमेंट या भविष्य के लिए जमा की गई रकम की हो।

ऐसे निवेशकों के लिए सरकार की कई स्मॉल सेविंग स्कीमें हैं। इनमें पैसा तय नियमों के तहत लगाया जाता है और ब्याज दर सरकार तय करती है। PPF, NSC, सुकन्या समृद्धि योजना और सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम जैसी योजनाएं इसी कैटेगरी में आती हैं।

1. PPF

PPF यानी Public Provident Fund लंबे समय के निवेश के लिए है। इसका मैच्योरिटी पीरियड 15 साल है। इसमें हर महीने ₹5,000 जमा करते हैं तो साल में ₹60,000 निवेश होगा। 15 साल में आपकी कुल जमा रकम ₹9 लाख होगी।

मौजूदा 7.1% ब्याज दर को मानें तो 15 साल बाद यह रकम मोटे तौर पर ₹16 लाख के आसपास हो सकती है। यानी करीब ₹7 लाख ब्याज से जुड़ सकते हैं। असल रकम जमा करने की तारीख और उस समय लागू ब्याज दर पर निर्भर करेगी। PPF की ब्याज दर सरकार समय-समय पर तय करती है।

2. सुकन्या समृद्धि योजना

अगर बेटी के भविष्य के लिए पैसा जमा करना है तो सुकन्या समृद्धि योजना एक विकल्प है। मौजूदा ब्याज दर 8.2% है। इसमें हर महीने ₹3,000 जमा करने पर सालाना ₹36,000 निवेश होगा। 15 साल में कुल जमा रकम ₹5.40 लाख होगी।

अगर मौजूदा ब्याज दर के आसपास रिटर्न बना रहता है, तो 21 साल की मैच्योरिटी अवधि में यह रकम करीब ₹17 लाख तक पहुंच सकती है। यहां ध्यान रखें कि सुकन्या की ब्याज दर भी समय-समय पर बदल सकती है। इसलिए इसे एक अनुमान के तौर पर देखें।

3. सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम

60 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोगों के लिए SCSS यानी Senior Citizens Savings Scheme है। रिटायरमेंट के बाद नियमित ब्याज आय चाहने वालों के लिए यह विकल्प देखा जा सकता है।

मौजूदा ब्याज दर 8.2% है। ऐसे में अगर कोई ₹10 लाख जमा करता है तो सालाना ब्याज करीब ₹82,000 बैठेगा। ब्याज तिमाही आधार पर मिलता है, यानी करीब ₹20,500 हर तिमाही। 5 साल में कुल ब्याज करीब ₹4.10 लाख बनता है, अगर पूरी अवधि में यही दर बनी रहे।

4. नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट

NSC यानी National Savings Certificate उन लोगों के लिए है जो एक तय अवधि के लिए पैसा लगाकर ब्याज कमाना चाहते हैं। मौजूदा ब्याज दर 7.7% है और इसकी अवधि 5 साल है।

अगर आप ₹5 लाख NSC में लगाते हैं तो 5 साल बाद रकम करीब ₹7.23 लाख हो सकती है। यानी करीब ₹2.23 लाख ब्याज से जुड़ेंगे। NSC का ब्याज सालाना कंपाउंड होता है।

5. किसान विकास पत्र

KVP यानी Kisan Vikas Patra में निवेश रकम तय अवधि में दोगुनी होती है। मौजूदा ब्याज दर 7.5% है और इस दर पर रकम 115 महीने यानी करीब 9 साल 7 महीने में दोगुनी होती है।

इस हिसाब से अगर आप ₹3 लाख KVP में लगाते हैं तो मैच्योरिटी पर रकम करीब ₹6 लाख हो सकती है। यानी करीब ₹3 लाख का ब्याज मिलेगा। KVP में मैच्योरिटी अवधि उस समय लागू दर के आधार पर तय होती है।

किसके लिए कौन सी स्कीम?

अगर आपका लक्ष्य लंबी अवधि का है तो PPF पर विचार किया जा सकता है। बेटी के भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना देख सकते हैं। रिटायरमेंट के बाद नियमित ब्याज आय चाहिए तो SCSS पर नजर डाल सकते हैं।

वहीं तय अवधि के लिए रकम लगानी है तो NSC या KVP जैसे विकल्प आजमाए जा सकते हैं। इन योजनाओं में बाजार के रोजाना उतार-चढ़ाव का असर सीधे आपके निवेश पर नहीं पड़ता।

Retirement Planning: ₹1 करोड़ का रिटायरमेंट फंड कितने साल चलेगा? समझिए पूरा कैलकुलेशन

नोट: इन सभी छोटी बचत योजनाओं की मौजूदा दरें जुलाई से सितंबर 2026 की तिमाही के लिए लागू हैं।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Retirement Planning: रिटायरमेंट के बाद इन 5 स्कीमों में लगाएं पैसा, सुरक्षित निवेश के साथ नियमित आमदनी मिलेगी

Retirement Planning: रिटायरमेंट के बाद सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि अब हर महीने घर का खर्च कैसे चलेगा? नौकरी में सैलरी आती थी, लेकिन रिटायरमेंट के बाद वही पैसा नहीं आता। ऐसे में जमा रकम को सिर्फ बैंक खाते में रखना समझदारी नहीं है। सही स्कीम में पैसा लगाकर इससे नियमित आमदनी भी बनाई जा सकती है और पूंजी को काफी हद तक सुरक्षित भी रखा जा सकता है।

1. Senior Citizens Savings Scheme (SCSS)

रिटायरमेंट के बाद सुरक्षित निवेश के लिए सीनियर सिटिजंस सेविंग्स स्कीम यानी SCSS काफी अच्छा विकल्प है। इसमें एकमुश्त रकम लगाई जाती है। ब्याज हर तिमाही मिलता है। मौजूदा ब्याज दर 8.2% सालाना है।

मान लीजिए आपने SCSS में ₹30 लाख लगाए। 8.2% की दर से सालाना ब्याज करीब ₹2.46 लाख होगा। यानी हर तिमाही करीब ₹61,500 की ब्याज आय बन सकती है। इससे नियमित घरेलू खर्च संभालने में मदद मिल सकती है।

2. Post Office Monthly Income Scheme

अगर रिटायरमेंट के बाद हर महीने पैसे की जरूरत है, तो पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम यानी MIS पर गौर कर सकते हैं। इसमें एकमुश्त रकम जमा की जाती है। ब्याज हर महीने मिलता है। मौजूदा ब्याज दर 7.4% सालाना है।

अगर आप पोस्ट ऑफिस MIS में ₹10 लाख निवेश करते हैं और 7.4% की ब्याज दर रहती है, तो सालाना ₹74,000 ब्याज मिलेगा। यानी हर महीने करीब ₹6,167 की नियमित आय बन सकती है।

3. Bank FD

Bank FD रिटायरमेंट के बाद निवेश का सबसे आसान विकल्प है। इसमें रिटर्न पहले से तय होता है। जरूरत के हिसाब से अलग-अलग अवधि की FD भी बनाई जा सकती है।

मान लीजिए किसी बैंक की FD पर 7% ब्याज मिल रहा है। अगर आप ₹10 लाख जमा करते हैं, तो एक साल में करीब ₹70,000 ब्याज मिलेगा। बैंक के विकल्प के आधार पर ब्याज मासिक, तिमाही या मैच्योरिटी पर लिया जा सकता है।

पूरी रकम एक ही FD में रखने के बजाय अलग-अलग अवधि की FD बनाना उपयोगी हो सकता है। इससे जरूरत पड़ने पर पूरी रकम तोड़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

4. RBI Floating Rate Savings Bonds

सरकारी गारंटी वाले निवेश विकल्प तलाश रहे लोगों के लिए RBI Floating Rate Savings Bonds भी एक विकल्प है। इसमें ब्याज दर स्थिर नहीं रहती। यह समय के साथ बदल सकती है।

यह विकल्प उन लोगों के लिए ज्यादा बेहतर हो सकता है जिन्हें तुरंत पैसे की जरूरत नहीं है। निवेश से पहले इसकी अवधि और निकासी से जुड़े नियम जरूर समझने चाहिए।

5. Annuity Plan

रिटायरमेंट के बाद नियमित पेंशन जैसी आय चाहिए, तो Annuity Plan पर भी विचार किया जा सकता है। इसमें एकमुश्त रकम लगाई जाती है। इसके बदले नियमित अंतराल पर रकम मिलती है। पेंशन की तरह।

मान लीजिए आपके पास रिटायरमेंट के बाद ₹20 लाख हैं। आप इसका कुछ हिस्सा एन्युटी में लगा सकते हैं। इसके बाद मिलने वाली नियमित रकम आपके दूसरे आय स्रोतों के साथ मिलकर खर्च संभालने में मदद कर सकती है। हालांकि, एन्युटी की शर्तें प्लान के हिसाब से अलग होती हैं।

₹30 लाख का फंड हो तो कैसे करें निवेश?

मान लीजिए रिटायरमेंट के बाद आपके पास ₹30 लाख हैं। पूरी रकम एक ही स्कीम में लगाने के बजाय इसे अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से बांटा जा सकता है।

निवेश विकल्परकम
उदाहरण के तौर पर सालाना ब्याज/आय

SCSS₹15 लाख₹1,23,000
Post Office MIS₹5 लाख₹37,000
Bank FD₹5 लाख₹35,000*
नकदी₹5 लाखजरूरत के अनुसार

*FD में 7% ब्याज की उदाहरण दर मानकर।

इस उदाहरण में SCSS से करीब ₹30,750 प्रति तिमाही और MIS से करीब ₹3,083 प्रति महीने की आय बन सकती है। FD से सालाना करीब ₹35,000 ब्याज मिल सकता है। इसके अलावा ₹5 लाख अलग रखने से अचानक आने वाले बड़े खर्च के लिए पैसा उपलब्ध रहेगा।

रिटायरमेंट में सिर्फ ज्यादा ब्याज देखना सही नहीं

रिटायरमेंट के बाद निवेश का लक्ष्य केवल ज्यादा रिटर्न कमाना नहीं होना चाहिए। पैसा कितना सुरक्षित है, नियमित आय कितनी मिलेगी और जरूरत पड़ने पर रकम कितनी आसानी से निकाली जा सकती है, यह भी देखना जरूरी है।

इसलिए रिटायरमेंट फंड को अलग-अलग विकल्पों में बांटना ज्यादा व्यावहारिक हो सकता है। एक हिस्सा नियमित आय के लिए, एक हिस्सा सुरक्षित निवेश के लिए और कुछ रकम आपात जरूरतों के लिए रखी जा सकती है। साथ ही ब्याज से होने वाली आय पर टैक्स का असर भी जरूर देखना चाहिए।

SIP Returns: 2 साल से आपकी SIP का रिटर्न भी दिखा रहा जीरो? इसे आगे कंटीन्यू रखने वालों को कितना फायदा हुआ वो कैलकुलेशन देख लीजिए

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

SCSS vs Post Office MIS: रिटायरमेंट के बाद कौन-सी स्कीम से होगी ज्यादा रेगुलर इनकम? समझिए पाई-पाई का कैलकुलेशन!

Senior Citizens Savings Scheme vs Post Office MIS: रिटायरमेंट के बाद हर किसी की सबसे बड़ी प्राथमिकता एक सुरक्षित और तय रेगुलर इनकम की होती है। ऐसे में डाकघर की दो सबसे लोकप्रिय सरकारी योजनाएं सीनियर सिटीजन्स सेविंग्स स्कीम (SCSS) और पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS) निवेशकों की पहली पसंद बनती हैं।

दोनों ही स्कीम्स पूरी तरह से सरकारी गारंटी के साथ सुरक्षित हैं, लेकिन दोनों की ब्याज दरें, निवेश की सीमा, भुगतान का तरीका और टैक्स नियम काफी अलग हैं। आइए जानते हैं कि आपके रिटायरमेंट के लिए कौन-सी स्कीम ज्यादा बेहतर रहेगी।

कौन कर सकता है निवेश?

SCSS: यह स्कीम मुख्य रूप से 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए है। हालांकि, VRS लेने वाले या सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारी कुछ शर्तों के साथ 60 साल से पहले भी खाता खुलवा सकते हैं।

Post Office MIS: इस योजना में उम्र की कोई पाबंदी नहीं है। सीनियर सिटीजन के अलावा 18 साल से अधिक का कोई भी भारतीय नागरिक इसमें खाता खुलवा सकता है।

ब्याज दरें और पे-आउट का तरीका

SCSS: जुलाई से सितंबर 2026 तिमाही के लिए SCSS में 8.2% सालाना का ब्याज मिल रहा है। इस योजना में ब्याज का भुगतान हर तीन महीने अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर और जनवरी के पहले कार्यदिवस पर होता है।

Post Office MIS: POMIS में 7.4% सालाना का ब्याज दिया जा रहा है। इसकी सबसे खास बात यह है कि इसमें ब्याज का भुगतान हर महीने सीधे आपके बैंक या पोस्ट ऑफिस खाते में होता है, जो घरेलू खर्च चलाने के लिए बेहद सुविधाजनक है।

अधिकतम कितना कर सकते हैं निवेश?

SCSS: इसमें एक व्यक्ति अधिकतम ₹30 लाख तक निवेश कर सकता है।

Post Office MIS: सिंगल अकाउंट में अधिकतम ₹9 लाख और जॉइंट अकाउंट में अधिकतम ₹15 लाख तक जमा किए जा सकते हैं।

कैलकुलेशन: किसमें कितना मिलेगा रिटर्न?

आइए गणित के जरिए समझते हैं कि अधिकतम निवेश पर आपको किस स्कीम से कितनी कमाई होगी:

केस 1: SCSS (₹30 लाख का निवेश @ 8.2%)

  • कुल निवेश: ₹30,000,000
  • सालाना ब्याज: ₹2,46,000
  • हर 3 महीने की कमाई: ₹61,500
  • मंथली एवरेज: लगभग ₹20,500 प्रति माह

केस 2: Post Office MIS – जॉइंट अकाउंट (₹15 लाख का निवेश @ 7.4%)

  • कुल निवेश: ₹1,500,000
  • सालाना ब्याज: ₹1,11,000
  • हर महीने की कमाई: ₹9,250

केस 3: Post Office MIS – सिंगल अकाउंट (₹9 लाख का निवेश @ 7.4%)

  • कुल निवेश: ₹9,000,000
  • सालाना ब्याज: ₹66,600
  • हर महीने की कमाई: ₹5,550

लॉक-इन पीरियड और टैक्स के नियम

दोनों ही योजनाओं का मैच्योरिटी पीरियड 5 साल का होता है। हालांकि, कुछ कटौतियों और शर्तों के साथ समय से पहले निकासी की जा सकती है। दोनों ही स्कीम्स से मिलने वाला ब्याज निवेशक की टैक्स स्लैब के अनुसार पूरी तरह से टैक्सेबल होता है। तय सीमा से अधिक ब्याज होने पर बैंक/डाकघर द्वारा TDS भी काटा जा सकता है। (SCSS में सेक्शन 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की टैक्स छूट का लाभ शुरुआती निवेश पर मिलता है)।

आपके लिए कौन-सी स्कीम है बेस्ट?

SCSS चुनें: अगर आपके पास रिटायरमेंट कॉर्पस बड़ा है, आपकी उम्र 60 साल से ऊपर है और आप ज्यादा रिटर्न (8.2%) के साथ हर 3 महीने में एक बड़ी रकम पाना चाहते हैं।

Post Office MIS चुनें: अगर आपको हर महीने रसोई और घर के रेगुलर खर्चों के लिए तय मंथली इनकम की जरूरत है।

स्मार्ट स्ट्रेटेजी: एक्सपर्ट्स मानते हैं कि रिटायरमेंट के बाद दोनों का कॉम्बिनेशन सबसे बेस्ट होता है। आप अपने फंड का बड़ा हिस्सा SCSS में डालकर ज्यादा रिटर्न हासिल कर सकते हैं और एक हिस्सा MIS में लगाकर हर महीने का कैश-फ्लो मेंटेन रख सकते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Retirement Planning: क्या सिर्फ पोस्ट ऑफिस स्कीम के भरोसे आपका रिटायरमेंट सुरक्षित होगा? 8.2% रिटर्न देने वाली योजना की लिमिटेशन भी जानिए

Retirement Planning:  जीवन के पड़ाव में रिटायरमेंट एक ऐसा समय होता है जब पहली बार नियमित वेतन आना बंद हो जाता है। इसके बाद सबसे बड़ी चुनौती यही होती है कि वर्षों की अपनी जमा-पूंजी और बचत को अगले 20 या 30 सालों तक सुरक्षित और प्रभावी ढंग से कैसे चलाया जाए। ऐसी स्थिति में अगर पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाएं सेवानिवृत्त लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं है। पोस्ट ऑफिस की योजनाएं पूरी तरह से भारत सरकार द्वारा समर्थित हैं और इनमें निवेश करने के बाद निवेशकों को रोजाना शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव पर नजर रखने की जरूरत नहीं पड़ती है।

हालांकि, रिटायरमेंट प्लानिंग का मतलब सिर्फ पैसों को सुरक्षित जगह पर रखना भर नहीं होता है। बावजूद इसके कि सुरक्षित निवेश पसंद करने वाले निवेशकों के लिए पोस्ट ऑफिस योजनाएं एक महत्वपूर्ण विकल्प बनी हुई हैं, लेकिन वे तब सबसे अच्छा काम करती हैं जब वे एक बड़ी और व्यापक फाइनेंशियल प्लानिंग की जाए। अपनी गाढ़ी कमाई का एक बड़ा हिस्सा वहां लगाने से पहले, यह समझना भी बेहद जरूरी है कि आप अपनी बचत का कैसा इस्तेमाल चाहते हैं।

क्या सिर्फ सुरक्षित होना काफी है?

अधिकांश सेवानिवृत्त लोग असाधारण रिटर्न पाने के पीछे नहीं भागते हैं। वे आमतौर पर यह भरोसा चाहते हैं कि जब भी उन्हें जरूरत हो उनकी बचत सुरक्षित और उपलब्ध रहे। इस मामले में पोस्ट ऑफिस की योजनाएं बेहतरीन साबित होती हैं। सरकार समर्थित होने की वजह से इनमें एक तय अवधि के लिए मिलने वाला रिटर्न पहले से पता होता है। जो लोग बाजार के जोखिमों से डरते हैं, उनके लिए यह निश्चितता काफी राहत देने वाली होती है। लेकिन रिटायरमेंट सिर्फ पैसे की रक्षा करने के बारे में नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने के बारे में भी है कि आपका पैसा समय के साथ आपके लिए काम करता रहे।

विभिन्न जरूरतें और पोस्ट ऑफिस की प्रमुख योजनाएं

हर पोस्ट ऑफिस निवेश योजना एक ही उद्देश्य को पूरा नहीं करती है। कुछ स्कीम नियमित इनकम देने के लिए बनाई गई हैं, जबकि अन्य लंबी अवधि की बचत के लिए बेहतर हैं।

सीनियर सिटीजन्स सेविंग्स स्कीम: 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए यह एक सुरक्षित 5-वर्षीय सरकारी जमा योजना है। इस पर वर्तमान में 8.2 प्रतिशत प्रति वर्ष की उच्च ब्याज दर के साथ तिमाही भुगतान मिलता है। इस खाते में न्यूनतम 1000 रुपये के मल्टिपल में ही जमा किया जा सकता है और अधिकतम निवेश की सीमा 30 लाख रुपये से अधिक नहीं हो सकती।

पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS): यह भी 5 साल की एक निवेश योजना है जिसमें एकल (Single) या संयुक्त (Joint) खाता खोला जा सकता है। यह 7.4 प्रतिशत प्रति वर्ष की ब्याज दर पर गारंटीकृत मासिक आय प्रदान करती है।

नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS): इंडिया पोस्ट आम जनता के लिए कोई एक्सक्लूसिव रिटायरमेंट पेंशन तो खुद नहीं देता, लेकिन यह एनपीएस जैसी प्रमुख सरकारी योजनाओं के लिए ऑथराइज डिस्ट्रिब्यूटर के रूप में काम करता है। 18 से 70 वर्ष की आयु के नागरिकों के लिए यह एक स्वैच्छिक, बाजार से जुड़ी योजना है। इसमें काम करने के दौरान नियमित योगदान दिया जाता है और 60 वर्ष की आयु पर जमा राशि का एक हिस्सा कर-मुक्त निकाला जा सकता है, जबकि शेष राशि से मासिक एन्युटी (खरीदी जाती है।

अटल पेंशन योजना (APY): 18 से 40 वर्ष की आयु के व्यक्तियों को टारगेटेट यह एक गारंटीकृत पेंशन योजना है। इसमें अंशदान के स्तर के आधार पर 60 वर्ष की आयु से 1000 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक की निश्चित मासिक पेंशन मिलती है।

बेहतर विकल्प का चुनाव केवल ब्याज दर पर निर्भर नहीं करता बल्कि इस बात पर निर्भर करता है कि आप अपने मासिक खर्चों को कैसे पूरा करने की योजना बनाते हैं।

पूरा फंड एक जगह न लॉक करें: लिक्विडिटी का रखें ध्यान

सुरक्षित महसूस होने वाले प्रॉडक्ट्स में अपनी पूरी रिटायरमेंट पूंजी निवेश कर देना लुभावना लग सकता है। लेकिन रिटायरमेंट के बाद जिंदगी में योजना के मुताबिक सब कुछ चलना मुश्किल होता है। कोई मेडिकल इमरजेंसी, घर की मरम्मत या परिवार के किसी सदस्य की अचानक आर्थिक मदद करने जैसी स्थितियों में तुरंत कैश (नकद) की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में अगर आपका एक-एक रुपया तय अवधि वाले फिक्स्ड-टेन्योर निवेशों में बंधा होगा, तो कम समय में पैसे का इंतजाम करना काफी कठिन हो सकता है।

महंगाई दर पर ध्यान देना है बेहद जरूरी

सेवानिवृत्ति के बाद आपके खर्चे साल-दर-साल एक समान नहीं रहते हैं। स्वास्थ्य सेवा का खर्च, बिजली के बिल और दैनिक घरेलू सामान समय के साथ महंगे होते जाते हैं। अगर आपकी पूरी रिटायरमेंट पूंजी दशकों तक केवल फिक्स्ड रिटर्न ही कमाती है, तो समय के साथ आपकी पर्चेजिंग पावर धीरे-धीरे कमजोर हो सकती है। यही वजह है कि कई रिटायर्ड लोग अपनी बचत का कम से कम एक हिस्सा ऐसे निवेशों में रखते हैं जो जोखिम उठाने की क्षमता के आधार पर लंबी अवधि में महंगाई को मात देने वाला बेहतर ग्रोथ दे सकें।

आपकी रिटायरमेंट आय का स्रोत तय करेगा सही रणनीति

जिस व्यक्ति को पर्याप्त पेंशन मिल रही है, उसका निवेश का तरीका उस व्यक्ति से अलग हो सकता है जो पूरी तरह से अपनी बचत पर ही निर्भर है। अगर आपकी पेंशन, किराया या अन्य निवेश पहले से ही अधिकतर मासिक खर्चों को कवर कर रहे हैं तो पोस्ट ऑफिस की योजनाएं आपके पोर्टफोलियो का सिर्फ एक हिस्सा बन सकती हैं। लेकिन अगर आपकी जमा पूंजी ही आपकी आय का प्राथमिक जरिया है तो सही प्रॉडक्ट्स का मिश्रण चुनना और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।

सिर्फ ब्याज दरों के आधार पर निर्णय लेने के बजाय, यह अनुमान लगाकर शुरुआत करें कि आपको वास्तव में हर महीने कितने पैसे की आवश्यकता होगी। पोस्ट ऑफिस बचत योजनाएं भारत में सबसे भरोसेमंद रिटायरमेंट निवेशों में से एक हैं और जीवन के उस मोड़ पर स्थिरता प्रदान करती हैं जब वित्तीय निश्चितता का मूल्य सबसे अधिक होता है। फिर भी उन्हें आपके पूरे रिटायरमेंट कॉर्पस का एकमात्र ठिकाना नहीं बनना चाहिए। एक अच्छी तरह से नियोजित रिटायरमेंट में आमतौर पर भरोसेमंद आय, आसानी से उपलब्ध बचत (लिक्विडिटी) और बढ़ते खर्चों के साथ तालमेल बिठाने वाले निवेश का सही संतुलन शामिल होता है।

SIP vs Lumpsum: ₹2000 की SIP या ₹2 लाख का लंपसम? आपके बच्चे के लिए कौन-सा निवेश बेस्ट रहेगा, पूरा कैलकुलेशन समझिए

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Small Savings Schemes: शेयर मार्केट में उठा-पटक की टेंशन दूर, 8.2% तक का रिटर्न, पोस्ट ऑफिस की ये स्कीम शानदार

Small Savings Schemes: पिछले कुछ महीनों से स्टॉक मार्केट में काफी उठा-पटक दिख रही है। इससे शॉर्ट टर्म में रिटर्न को लेकर निवेशक परेशान हो गए हैं। हालांकि अधिकतक एक्सपर्ट्स लंबे समय में अच्छा पैसा बनाने के लिए इक्विटी में पैसा लगाने की सलाह देते हैं लेकिन जो निवेशक मार्केट की घबराहट से दूर बिना टेंशन अच्छा पैसा बनाना चाहते हैं, उनके लिए भी मार्केट में विकल्प उपलब्ध हैं। ऐसे निवेशकों के लिए सरकार के सपोर्ट वाली छोटी बचत योजनाएं पोर्टफोलियो का अच्छा हिस्सा बन सकती हैं। इनमें सालाना 8.2% तक का ब्याज मिल रहा है, जिससे मार्केट की उठा-पटक से दूर निवेशकों का क्रेज इन्हें लेकर बढ़ रहा है।

Public Provident Fund (PPF)

लंबे समय से पीपीएफ सैलरीड एंप्लॉयीज और अपना खुद का बिजनेस करने वालों के लिए सबसे पसंदीदा निवेश विकल्पों में शुमार है। अभी इस पर सालाना 7.1% की दर से ब्याज मिल रहा है। इसका मेच्योरिटी पीरियड 15 वर्ष है। पुरानी टैक्स व्यवस्था यानी ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत इसमें किए गए निवेश पर इनकम टैक्स के सेक्शन 80C के तहत टैक्स डिडक्शन मिलका है। साथ ही अर्जित ब्याज और मेच्योरिटी पर मिलने वाला पैसा भी टैक्स-फ्री होता है।

National Savings Certificate (NSC)

एनएससी एक फिक्स्ड इनकम योजना है, जिसमें अभी सालाना 7.7% की दर से ब्याज मिल रहा है। इसका मेच्योरिटी पीरियड 5 साल है और इसमें निवेश पर सेक्शन 80सी के तहत टैक्स बेनेफिट्स भी मिलता है।

Kisan Vikas Patra (KVP)

बाजार की उठा-पटक से दूर किसान विकास पत्र (केवीपी) ऐसे निवेशकों के लिए सुरक्षित है जो बिना किसी टेंशन अपने पैसे को अच्छी रफ्तार से बढ़ता हुआ देखना चाहते हैं। अभी इस पर सालाना 7.5% की दर से ब्याज मिल रहा है और इस रफ्तार से 115 महीने में इसमें रखा पैसा डबल हो जाता है।

Sukanya Samriddhi Yojana (SSY)

लड़कियों के भविष्य को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से शुरू की गई सुकन्या समृद्धि योजना में अभी सालाना 8.2% की दर से ब्याज मिल रहा है जोकि स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स में सबसे अधिक ब्याज देने वाली योजना में से एक है। 10 साल से कम उम्र की लड़की के अभिभावक यह खाता खोल सकते हैं।

Senior Citizens’ Savings Scheme (SCSS)

सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम के तहत अभी सालाना 8.2% की दर से ब्याज मिल रहा है और यह भी अधिक ब्याज देने वाली सरकारी बचत योजनाओं में शुमार है। इसके तहत 60 वर्ष या इससे अधिक उम्र के लोग निवेश कर सकते हैं और ऐसे लोगों के लिए बेहतर है जो नियमित आय चाहते हैं।

Post Office Time Deposits

पोस्ट ऑफिस में बैंकों की तरह एक एफडी है, जिसे सरकार का सपोर्ट मिला हुआ है। इसमें एक साल की जमा पर 6.9%,दो साल की जमा पर 7.0%, तीन साल की जमा पर 7.1% और पांच साल की जमा पर 7.5% की दर से ब्याज मिलेगा। पांच साल की जमा पर सेक्शन 80सी के तहत टैक्स बेनेफिट्स भी मिलेगा।

छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें

सरकार हर तिमाही स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स यानी छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें तय करती हैं और सितंबर तिमाही के लिए ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यहां पोस्ट ऑफिस से जुड़ी स्कीम्स के लिए ब्याज दर की डिटेल्स दी जा रही है-

स्मॉल सेविंग्स स्कीमब्याज दर
सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)8.2%
सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम (SCSS)8.2%
नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC)7.7%
किसान विकास पत्र (KVP)7.5%
5 वर्षीय पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट7.5%
पोस्टऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS)7.4%
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)7.1%
3 साल का पोस्ट ऑफिस  टाइम डिपॉजिट7.1%
2 साल का पोस्ट ऑफिस डाकघर टाइम डिपॉजिट7.0%
1 साल का पोस्ट ऑफिस  टाइम डिपॉजिट6.9%
पोस्ट ऑफिस आरडी (RD)6.7%
पोस्ट ऑफिस सेविंग्स स्कीम4.0%

SIP Calculator: म्यूचुअल फंड में ₹999 की छोटी SIP से तैयार होगा लाखों का फंड

डिस्क्लेमर: निवेश से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने निवेश सलाहकार से जरूर संपर्क करें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।