Retirement Planning: मंथली ₹5,000 SIP और ₹12,500 PPF से कैसे बन सकता है ₹2 करोड़ का फंड?

क्या आपने रिटायरमेंट प्लानिंग की है? अगर नहीं की है तो इसे जल्द पूरा कर लें। लंबी अवधि में नियमित रूप से निवेश करने पर रिटायरमेंट के लिए बड़ा फंड आसानी से तैयार हो जाता है। कई लोग देर से निवेश शुरू करते हैं, जिससे उनके पैसे को बढ़ने का पर्याप्त समय नहीं मिलता है। आप हर महीने 5000 रुपये के सिप और 12,500 रुपये के पीपीएफ में निवेश से आसानी से 2 करोड़ रुपये का रिटायरमेंट फंड बना सकते हैं।

पीपीएफ टैक्स के लिहाज से काफी फायदेमंद स्कीम

पीपीएफ यानी पब्लिक प्रोविडेंट फंड लंबी अवधि के निवेश के लिए काफी अट्रैक्टिव स्कीम है। इस स्कीम में एक वित्त वर्ष में 1.5 लाख रुपये तक का निवेश किया जा सकता है। टैक्स के लिहाज से यह स्कीम काफी फायदेमंद है। यह एग्जेम्प्ट-एग्जेम्प्ट-एग्जेम्प्ट की कैटेगरी में आती है। इसका मतलब है कि न तो इसमें पैसा जमा करने पर टैक्स लगता है, न तो इंटरेस्ट पर टैक्स लगता है और न ही मैच्योरिटी अमाउंट पर टैक्स लगता है।

पीपीएफ में मैच्योरिटी पर भी नहीं लगता है टैक्स

मशहूर टैक्स एक्सपर्ट बलवंत जैन ने बताया कि पीपीएफ के मैच्योरिटी अमाउंट पर टैक्स नहीं लगता है। यह पूरी तरह से टैक्स फ्री होता है। यह स्कीम 15 साल में मैच्योर हो जाती है। अगर आप हर महीने 12500 रुपये का निवेश इस स्कीम में करते हैं तो 15 साल में आप कुल 22,50,000 रुपये का निवेश करते हैं। इस पर आपको 18,18,209 रुपये इंटरेस्ट मिलेगा। इस तरह मैच्योरिटी पर आपको 40,68,209 रुपये मिलेंगे।

म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में मंथली 5000 का सिप

आपको म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में सिप से हर महीने 5000 रुपये का निवेश 15 साल तक करना है। इस तरह आप 15 साल में कुल 9,00,000 रुपये का निवेश करेंगे। सालाना 12 फीसदी रिटर्न के हिसाब से 15 साल आपका पैसा बढ़कर 23,79,657 रुपये हो जाएगा। अगर इसमें पीपीएफ से मिले 40,68,209 रुपये को मिला दिया जाए तो कुल 64,47,866 रुपये हो जाते हैं। इस पैसे को आपको म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में एकमुश्त निवेश करना होगा।

ऐसे तैयार हो जाएगा 25 साल में 2 करोड़ का फंड

म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में एकमुश्त 64,47,866 रुपये का निवेश 10 साल में बढ़कर 2,00,26,093 रुपये हो जाएगा। इस कैलकुलेशन के लिए सालाना 12 फीसदी रिटर्न का अंदाजा लगाया गया है। इस तरह आपको सिर्फ 15 साल तक हर महीने पीपीएफ में 12,500 रुपये और सिप में 5000 रुपये का निवेश करना है। 15 साल बाद आपको दोनों निवेश से मिले पैसे को म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में 10 साल के लिए निवेश करना है। इस तरह आपको निवेश सिर्फ 15 साल करना है। लेकिन, 2 लाख रुपये का फंड 25 साल में तैयार होगा।

लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस टैक्स भी चुकाना होगा

एक बात आपको ध्यान में रखना होगा कि म्यूचुअल फंड में निवेश से हुए मुनाफे पर आपको लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस देना होगा। एक वित्त वर्ष में 1.25 लाख रुपये से ज्यादा लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस पर टैक्स लगता है। इसका मतलब है कि आपको 23,79,657 रुपये पर 12.5 फीसदी टैक्स देना होगा। यह टैक्स 2,97,457.125 रुपये बनेगा। इसे तीन लाख रुपये माना जा सकता है।

टैक्स चुकाने के बाद 25 साल कुछ महीने में तैयार होगा फंड

इसका मतलब है कि म्यूचुअल फंड में हर महीने 5000 रुपये निवेश करने पर टैक्स काटकर आपके हाथ में करीब 20,79,657 रुपये आएंगे। अब इसमें पीपीएफ से मिले पैसे को जोड़ देते हैं, क्योंकि पीपीएफ पर टैक्स नहीं लगता है। दोनों मिलकर 61,47,866 रुपये हो जाते है। इस पैसे को एकमुश्त निवेश करने पर 10 साल कुछ महीने में 2 करोड़ का फंड तैयार हो जाएगा।

हर महीने सिर्फ 12500 रुपये के निवेश से करोड़पति बनने का जबर्दस्त फॉर्मूला

कई लोग निवेश में सुरक्षा का ज्यादा ध्यान रखते हैं। हालांकि, ज्यादा रिटर्न के लिए थोड़ा रिस्क जरूरी है। लेकिन, सुरक्षित निवेश से भी लंबी अवधि में बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर कोई युवा नौकरी लगते ही या कमाई शुरू होते ही सिर्फ 12500 रुपये का निवेश हर महीने करना शुरू कर देता है तो सिर्फ 24 साल के निवेश से 1 करोड़ रुपये से ज्यादा फंड तैयार किया जा सकता है।

पीपीएफ के रिटर्न पर शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव का असर नहीं

पीपीएफ को निवेश का सबसे भरोसेमंद इनवेस्टमेंट ऑप्शन माना जाता है। इसकी वजह यह है कि यह स्कीम सरकार की तरफ से चलाई जाती है। यह फिक्स्ड रिटर्न वाली स्कीम है। इसका मतलब है कि निवेश शुरू करने से पहले इनवेस्टर को पता होता है कि स्कीम मैच्योर करने पर उसे कुल कितने पैसे मिलेंगे। दूसरा, इस स्कीम के रिटर्न पर शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव का भी असर नहीं पड़ता है। इस स्कीम का लंबा ट्रैक रिकॉर्ड है।

एक साल में मैक्सिमम 1.5 लाख रुपये के निवेश पर डिडक्शन की इजाजत

पीपीएफ में एक वित्त वर्ष में मैक्सिमम 1.5 लाख रुपये तक का निवेश कर डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है। हालांकि, यह ध्यान में रखना होगा कि डिडक्शन की यह सुविधा इनकम टैक्स की सिर्फ पुरानी रीजीम में मिलती है। नई रीजीम में टैक्सपेयर को ज्यादातर डिडक्शन की सुविधा नहीं मिलती है।

मंथली 125000 के निवेश से 15 साल में बनेगा बड़ा फंड

अगर 25 साल का कोई व्यक्ति पीपीएफ में हर महीने 12,500 रुपये का निवेश शुरू करता है तो उसके 40 साल के होने पर पीपीएफ में उसका निवेश मैच्योर कर जाएगा। हर महीने 12,500 रुपये निवेश का मतलब साल में कुल 1.50 लाख रुपये का निवेश है। पीपीएफ में इंटरेस्ट रेट 7.1 फीसदी है। इस तरह 15 साल में आप कुल 22,50,000 रुपये का निवेश करेंगे।

पीपीएफ के मैच्योरिटी अमाउंट पर नहीं लगता है टैक्स

आपको 15 साल बाद पीपीएफ अकाउंट मैच्योर होने पर कुल 40,68,209 रुपये मिलेंगे। इसमें 18,18,209 रुपये इंटरेस्ट का होगा। पीपीएफ की खासियत यह है कि यह स्कीम एग्जेम्प्ट-एग्जेम्प्ट-एग्जेम्प्ट (EEE) कैटेगरी में आती है। इसका मतलब है कि न तो आपके निवेश पर टैक्स लगता है, न तो इंटरेस्ट पर टैक्स लगता है और न ही मैच्योरिटी अमाउंट पर टैक्स लगता है। इस वजह से मैच्योरिटी का पूरा पैसा आपके बैंक अकाउं में आता है।

म्यूचुअल फंड में सिर्फ 9 साल के निवेश से एक करोड़ का फंड तैयार

पीपीएफ अंकाउंट मैच्योर करने पर आपको जो 40,68,209 रुपये मिलेंगे, उसे आपको एकमुश्त म्यूचुअल फंड की किसी अच्छी इक्विटी स्कीम में डालना होगा। 12 फीसदी सालाना रिटर्न के हिसाब से आपका यह पैसा सिर्फ 9 साल में 1,10,92,315 रुपये हो जाएगा। इस तरह सिर्फ 24 साल में आपके पास एक करोड़ रुपये का फंड तैयार हो जाएगा। म्यूचुअल फंड से मिले रिटर्न पर 12.5 फीसदी की दर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस टैक्स लगेगा। यह 8.75 लाख रुपये आएगा। इसका मतलब है कि टैक्स चुकाने के बाद भी आपके पास एक करोड़ रुपये से ज्यादा का फंड होगा।