IT Stocks: दो दिन में आईटी इंडेक्स 6% चढ़ा, क्या TCS, इंफोसिस जैसी कंपनियों का बुरा दौर खत्म? जानिए एक्सपर्ट्स से

IT Stocks: मंगलवार, 28 जुलाई को एशियाई टेक शेयरों में भारी बिकवाली के बीच निफ्टी IT इंडेक्स करीब 3% चढ़ गया। ग्लोबल मार्केट में AI पर होने वाले भारी निवेश और उससे मिलने वाले रिटर्न को लेकर चिंता बढ़ी है। इसका असर दक्षिण कोरिया, ताइवान और जापान की टेक कंपनियों पर दिखा। हालांकि, भारतीय IT कंपनियां इस दबाव से काफी हद तक बची रहीं, क्योंकि यहां AI पर फोकस करने वाली कंपनियां बहुत कम हैं।

पिछले दो कारोबारी सत्रों में निफ्टी IT इंडेक्स करीब 6% चढ़ चुका है। इसकी एक बड़ी वजह Jefferies की रिपोर्ट रही, जिसमें ब्रोकरेज ने सेक्टर की रेटिंग ‘Underweight’ से बढ़ाकर ‘Neutral’ कर दी। यह तेजी अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले आई है। बाजार को उम्मीद है कि फेड इस बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा।

भारतीय IT सेक्टर कैसे बचा?

Nexedge Capital के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर गौरव कुलश्रेष्ठ का कहना है कि दुनियाभर में AI को लेकर जो उत्साह ठंडा पड़ा है, उससे भारतीय IT सेक्टर को संभलने का मौका मिला है। हालांकि, उनका मानना है कि बड़ी IT कंपनियों के लिए चुनौतियां अभी खत्म नहीं हुई हैं। जब तक वैश्विक स्तर पर टेक्नोलॉजी पर खर्च नहीं बढ़ता, तब तक सेक्टर में लंबी तेजी आना मुश्किल है।

Share.Market by PhonePe के मार्केट एनालिस्ट मयंक जैन के मुताबिक, भारतीय IT कंपनियों का बिजनेस मॉडल एसेट-लाइट है। इन्हें AI डेटा सेंटर या चिप बनाने वाली कंपनियों की तरह अरबों डॉलर का पूंजीगत निवेश नहीं करना पड़ता। यही वजह है कि AI निवेश को लेकर बढ़ी चिंताओं का असर भारतीय IT कंपनियों पर कम पड़ा।

उनका कहना है कि पिछले कई महीनों की गिरावट के बाद IT शेयर आकर्षक वैल्यूएशन पर पहुंच गए थे। ऐसे में घरेलू और विदेशी संस्थागत निवेशकों ने एशियाई हार्डवेयर कंपनियों से पैसा निकालकर भारतीय IT शेयरों में लगाया।

निफ्टी IT इंडेक्स का टेक्निकल आउटलुक

मयंक जैन के मुताबिक, निफ्टी IT इंडेक्स हालिया कारोबारी सत्र में 3.5% से ज्यादा चढ़कर 30,500 के करीब बंद हुआ। कई महीनों की गिरावट के बाद इसमें मजबूत रिकवरी देखने को मिली। इस तेजी के दौरान ट्रेडिंग वॉल्यूम भी बढ़ा। इससे पता चलता है कि निचले स्तरों पर अच्छी खरीदारी और शॉर्ट कवरिंग हुई।

टेक्निकल चार्ट पर इंडेक्स ने अपने 20-डे और 50-डे EMA के ऊपर वापसी कर ली है। 28,600-28,700 का स्तर अब मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है। हालांकि, इंडेक्स अभी भी 200-डे EMA यानी करीब 31,800 के नीचे कारोबार कर रहा है। मयंक जैन का कहना है कि 31,800-32,000 का दायरा सबसे बड़ा रेजिस्टेंस है। इस स्तर के ऊपर टिकने पर ही लंबी अवधि की तेजी की पुष्टि होगी। फिलहाल रिकवरी के संकेत मजबूत हैं, लेकिन उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

TCS

जैन के मुताबिक, TCS का शेयर फिलहाल अपने 20 DMA और 50 DMA के ऊपर कारोबार कर रहा है। इससे शॉर्ट टर्म में मजबूती के संकेत मिलते हैं। हालांकि, शेयर अभी भी 200 DMA से नीचे है। उनका कहना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मजबूत डिविडेंड और बेहतर वैल्यूएशन इसे आकर्षक बनाते हैं। वहीं, ट्रेडर्स को 200 DMA के ऊपर मजबूत ब्रेकआउट का इंतजार करना चाहिए।

Infosys

मयंक जैन का कहना है कि Infosys का शेयर 20 DMA के ऊपर लौट आया है, लेकिन अभी भी 50 DMA और 200 DMA से नीचे है। कंपनी की मजबूत कैश फ्लो, 4.3% डिविडेंड यील्ड और आकर्षक वैल्यूएशन इसे डिफेंसिव स्टॉक बनाते हैं। हालांकि, शेयर में बड़ी तेजी तभी आ सकती है, जब कंपनी की ग्रोथ गाइडेंस और बिजनेस आउटलुक बेहतर हो।

HCL Technologies

जैन के हिसाब से बड़े IT शेयरों में HCL Technologies का टेक्निकल सेटअप सबसे मजबूत दिख रहा है। शेयर 20 DMA और 50 DMA के ऊपर बना हुआ है और अब 200 DMA के पास अहम रेजिस्टेंस का सामना कर रहा है। अगर शेयर अच्छे वॉल्यूम के साथ इस स्तर को पार कर लेता है, तो इसमें और तेजी देखने को मिल सकती है।

Tech Mahindra

मयंक जैन के मुताबिक, Tech Mahindra भी 20 DMA और 50 DMA के ऊपर कारोबार कर रहा है। इससे शेयर में रिकवरी के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि, 1,700 रुपये के आसपास मौजूद 200 DMA अभी बड़ा रेजिस्टेंस बना हुआ है। उनका मानना है कि इस स्तर तक आने वाली छोटी गिरावटें, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अच्छा खरीदारी का मौका हो सकती हैं।

आगे किन बातों पर रहेगी नजर?

मयंक जैन का कहना है कि आने वाले समय में भारतीय IT सेक्टर की चाल काफी हद तक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर निर्भर करेगी। अगर अमेरिका में ब्याज दरें कम होती हैं, तो बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर की कंपनियां टेक्नोलॉजी पर खर्च बढ़ा सकती हैं। इससे भारतीय IT कंपनियों को नए ऑर्डर मिलने की संभावना बढ़ेगी।

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टॉप 10 कंपनियों में से 9 का M-Cap ₹2.74 लाख करोड़ घटा, HDFC Bank को सबसे ज्यादा नुकसान

बीते सप्ताह सेंसेक्स की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में से 9 के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में कुल मिलाकर ₹2.74 लाख करोड़ की गिरावट आई। सबसे ज्यादा नुकसान HDFC Bank को हुआ। पिछले सप्ताह सेंसेक्स 2,091.68 अंक या 2.67 प्रतिशत टूट गया। वहीं निफ्टी 566.85 अंक या 2.32 प्रतिशत के नुकसान में रहा। टॉप 10 कंपनियों में केवल हिंदुस्तान यूनिलीवर के मार्केट कैप में बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), बजाज फाइनेंस, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) का मार्केट कैप घट गया।

बीते सप्ताह HDFC Bank का मार्केट कैप ₹1,18,383.91 करोड़ घटकर ₹11,43,985.90 करोड़ रह गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप ₹65,429.82 करोड़ घटकर ₹17,29,661.44 करोड़ रहा। इसी तरह भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का मार्केट कैप ₹26,814.94 करोड़ घटकर ₹9,36,953.84 करोड़, बजाज फाइनेंस का ₹26,802.74 करोड़ घटकर ₹6,30,471.54 करोड़ और LIC का मार्केट कैप ₹15,116.74 करोड़ घटकर ₹5,33,007.56 करोड़ हो गया।

ICICI Bank का मार्केट कैप ₹6,223.84 करोड़ की गिरावट के साथ ₹10,28,217.93 करोड़, भारती एयरटेल का ₹6,021.64 करोड़ घटकर ₹11,85,046.13 करोड़, TCS का ₹5,191.95 करोड़ घटकर ₹8,15,480.75 करोड़ और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) का मार्केट कैप ₹4,092.79 करोड़ की गिरावट के साथ ₹5,20,747.89 करोड़ पर आ गया।

हिंदुस्तान यूनिलीवर को कितना हुआ फायदा

इस रुख के उलट हिंदुस्तान यूनिलीवर के मार्केट कैप में बीते सप्ताह ₹152.73 करोड़ की बढ़ोतरी हुई और यह ₹5,03,928.59 करोड़ पर पहुंच गया। सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज बाजार पूंजीकरण के लिहाज से देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी रही। इसके बाद क्रमश: भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), बजाज फाइनेंस, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC), लार्सन एंड टुब्रो और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा।

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नए सप्ताह में 27 जुलाई को BSE SME पर Gulf Lloyds के शेयर लिस्ट होने की उम्मीद है। 28 जुलाई को NSE SME पर Metalic Technoforge की लिस्टिंग होने वाली है। 29 जुलाई को BSE SME पर Shree Balaji Mala के शेयरों की लिस्टिंग हो सकती है। मेनबोर्ड सेगमेंट में 30 जुलाई को NSE और BSE पर Lohia Corp, Indo-MIM और Xtranet Technologies की लिस्टिंग की उम्मीद है। 31 जुलाई को BSE SME पर Silverstorm Parks & Resorts के शेयर लिस्ट हो सकते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Top Stock Picks : बाजार में वेट एंड वॉच मोड में रहें, किसी गिरावट में इन फार्मा और डिफेंस शेयरों में करें खरीदारी

Top Stock Picks : शुक्रवार को दोपहर के कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट देखने को मिल रही है। अलग-अलग सेक्टर में बड़े पैमाने पर बिकवाली के कारण बेंचमार्क इंडेक्स पर दबाव बना हुआ। फिलहाल सेंसेक्स 571.57 अंक या 0.75 प्रतिशत गिरकर 75,819.82 पर और निफ्टी 163.20 अंक या 0.68 प्रतिशत गिरकर 23,706.40 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 0.5% की गिरावट दर्ज देखने को मिल रही है।

ऐसे में टेक्नो फंडा नजरिए के साथ बाजार पर बात करते हुए जेएम फाइनेंशियल्स (JM Financial Services) के PMS के मैनेजिंग डायरेक्टर आशीष चतुरमोहता ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से बाजार में काफी अनसर्टेनिटी देखने को मिल रही है। क्रूड ने फिर से 100 डॉलर का लेवल हासिल कर लिया है। इसके अलावा ग्लोबल मार्केट में एआई डेटा सेंटर रिलेटेड पूरी थीम में अच्छी-खासी बिकवाली देखने को मिली है। ताइवान, कोरिया और यूएस जैसे मार्केट में एआई पर भारी कैपेक्स के चलते दबाव बना है। इस भारी कैपेक्स के चलते Apple जैसे शेयरों की रेवेन्यू विजिबिलिटी काफी कम नजर आ रही है। इसके चलते बाजार में काफी अनिश्चितता देखने को मिल रही है।

इस बीच अगर पश्चिम एशिया का संकट और बढ़ता है तो दुनिया के सभी बाजारों पर इसका असर देखने को मिलेगा। अपने बाजार की बात करें तो निफ्टी ने बहुत दिनों तक अपने 200 डे मूविंग एवरेज को मेंटेन करने की कोशिश की। बैंकिंग सेक्टर में भी हमे ड्रॉप देखने को मिल रहा है। निफ्टी तो ऑलरेडी 200 डे मूविंग एवरेज को क्रॉस ही नहीं कर पा रहा है। ऐसे में बाजार में थोड़ा सा अनसर्टेनिटी का माहौल है। इसको ध्यान में रखते हुए बाजार में वेट एंड वॉच की अप्रोच मेंटेन रखने की सलाह होगी। निफ्टी के 23500- 23400 के पिछले कुछ सपोर्ट बने हुए हैं। अगर ये सपोर्ट टूटते होते हैं तो और कमजोरी आने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में हमें थोड़ी वेट एंड वॉच की अप्रोच रखनी चाहिए। इंडेक्स में लॉन्ग और शॉर्ट दोनों ही साइड में कोई जल्दबाजी करने से बचें।

अपने पसंदीदा शेयरों पर बात करते हुए आशीष चतुरमोहता ने कहा कि उनकी सबसे पहली पसंद हैं हॉस्पिटल स्टॉक्स। इस समय हॉस्पिटल इंडस्ट्री में बहुत बड़ा कंसोलिडेशन चल रहा है। बड़े हॉस्पिटल लगातार छोटे हॉस्पिटल्स को बहुत कम और रीजनेबल वैल्यूएशन पर एक्वायर कर रहे हैं। कहीं ना कहीं इन हॉस्पिटल्स की तीन क्रिटिकल चीजें इंप्रूव हो रही है। इनका एवरेज लेंथ ऑफ स्टे कम हो रहा है। इनके मिक्स हायर मार्जिन साइड में शिफ्ट हो रहे हैं । तीसरी बात यह है कि इनकी ऑक्युपैंसी रेट्स बढ़ रही है। कुल मिलाकर कहें तो आगे हॉस्पिटल सेगमेंट काफी अच्छा प्रदर्शन करेगा। यहां पर लार्ज हॉस्पिटल में अपोलो हॉस्पिटल और मैक्स हॉस्पिटल जैसे स्टॉक काफी अच्छे लग रहे हैं।

अगर मिड एंड स्मॉल सेगमेंट में देखें तो एस्टरडीएम (Aster DM) और पार्क मेडी जैसी कंपनियां काफी इंटरेस्टिंग नजर आ रही हैं। इसके अलावा फार्मा जुड़े कुछ दूसरे शेयर भी अच्छे लग रह हैं। हालांकि, जेरिक साइड पर हमें कुछ अनसर्टेनिटी नजर आ रही है। लेकिन हम अगर इस सेक्टर के स्पेशियलिटी सीडीएमओ और सीआरडीएमओ स्पेस की बात करें तो हमें लगता है यह एरिया टैरिफ से जुड़ी अनसर्टेनिटी से काफी सेफ है। इसके चलते हमें लगता है कि किसी गिरावट में नवीन फ्लोरीन, बायोकॉन और लॉरस लैब जैसे स्टॉक्स में खरीदारी की जा सकती है।

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तीसरी थीम डिफेंस स्पेस से है। इस सेक्टर पर सरकार का लगातार फोकस बना हुआ है। डिफेंस कंपनियों का ऑर्डर इनफ्लो काफी स्ट्रांग है। ये कंपनियां डिजाइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग दोनों साइड पर काफी फोकस कर रही हैं। इस बात को देखते हुए एरोस्पेस इंजीनियरिंग और डिफेंस एक ऐसा बास्केट होगा जिसमें गिरावट पर खरीदारी की जानी चाहिए।

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Swiggy Share Price: स्विगी का शेयर क्रैश, कंपनी के इस ऐलान से शेयरों में बड़ी बिकवाली

Swiggy Share Price: स्विगी का शेयर 24 जुलाई को क्रैश कर गया। सुबह में शेयर कमजोर खुला। फिर बिकवाली दबाव बढ़ने पर 7 फीसदी तक क्रैश कर गया। शेयर का प्राइस अब तक के अपने सबसे निचले स्तर की तरफ बढ़ रहा है। इसकी वजह कंपनी का एक ऐलान है। स्विगी फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म है।

कंपनी में विदेशी हिस्सेदारी की सीमा 45.5 फीसदी तय करने का प्लान

Swiggy ने 23 जुलाई की शाम स्टॉक एक्सचेंजों को बताया कि बोर्ड ने कंपनी में विदेशी हिस्सेदारी की सीमा 49.5 फीसदी तय करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अभी 100 फीसदी तक विदेशी हिस्सेदारी की इजाजत है। इस प्रस्ताव को अब 18 अगस्त को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। इस प्रस्ताव के एप्रूवल के लिए स्पेशल रिजॉल्यूशन की जरूरत पड़ेगी।

शेयर बाजारों के ग्लोबल सूचकांकों से बाहर हो सकती है स्विगी

नुवामा अल्टरनेटिव एंड क्वांटेटिव रिसर्च के अभिलाष पगाड़िया ने कहा, “इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद कंपनी में विदेशी हिस्सेदारी बढ़ाने की कोई गुंजाइश नहीं रह जाएगी। इससे स्विगी शेयर बाजार के ग्लोबल सूचकांकों से बाहर हो सकती है।” इससे स्विगी के शेयरों में बिकवाली दिख सकती है। इसका असर शेयर की कीमतों पर पड़ेगा।

ग्लोबल सूचकांकों से बाहर होने पर शेयरों में होगी बड़ी बिकवाली

अभी MSCI Standard Index में स्विगी का वेटेज 28 बेसिस प्वाइंट्स है। पगाड़िया का मानना है कि इस सूचकांक से स्विगी के बाहर होने से स्विगी के शेयरों में 34 करोड़ डॉलर की बिकवाली दिख सकती है। इसका मतलब है कि कंपनी के करीब 12.5 करोड़ शेयरों की बिक्री हो सकती है। FTSE Index में भी स्विगी का 24 बेसिस प्वाइंट्स का वेटेज है। इस सूचकांक से बाहर होने पर करीब 4.6 करोड़ शेयरों की बिक्री हो सकती है।

 कंपनी फर्स्ट पार्टी इनवेंट्री मॉडल पर ऑपरेट कर सकेगी

इस प्रस्ताव के लागू होने पर स्विगी फर्स्ट पार्टी इनवेंट्री मॉडल पर अपने क्विक कॉमर्स बिजनेस को ऑपरेट कर सकेगी। अभी Blinkit और Zepto इस मॉडल का इस्तेमाल करते हैं। अनुमान है कि इससे स्विगी का मार्जिन बढ़ सकता है। 11 बजे स्विगी का शेयर 6.11 फीसदी गिरकर 245.58 रुपये पर चल रहा था। इस साल यह शेयर 37 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है।

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शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में बड़ी गिरावट 

उधर, शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों पर लगातार पांचवें दिन दबाव देखने को मिला। निफ्टी और सेंसेक्स सुबह में कमजोर खुले। उसके बाद उनमें तेज गिरावट देखने को मिली। 11 बजे Nifty 1 फीसदी यानी 242 अंक गिरकर 23,627 पर चल रहा था। सेंसेक्स 1.10 फीसदी यानी 842 अंक गिरकर 75,543 पर था। बैंक निफ्टी में भी 0.84 फीसदी की गिरावट दिखी।

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Infosys shares Price:  मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से भारत की दूसरी सबसे बड़ी IT सर्विस कंपनी इंफोसिस  (Infosys ) के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। 24, जुलाई को BSE पर इंफोसिस का शेयर 2.5% गिरकर दिन के सबसे निचले स्तर ₹1,023.30 प्रति शेयर पर पहुंच गया। तिमाही नतीजों के ऐलान के बाद आई।

बता दें कि IT कंपनी ने FY27 की अप्रैल-जून तिमाही के लिए कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफ़िट में साल-दर-साल (YoY) 12.3% की बढ़ोतरी के साथ ₹7,769 करोड़ बताया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹6,921 करोड़ था। हालांकि, पिछली तिमाही के आधार पर, नेट प्रॉफ़िट मार्च तिमाही (Q4FY26) में बताए गए ₹8,501 करोड़ से 8.6% कम हो गया।

IT कंपनी ने जून तिमाही में ऑपरेशन से ₹48,211 करोड़ का रेवेन्यू पोस्ट किया, जिसमें YoY में 14% और तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) 3.9% की ग्रोथ दर्ज की गई। Q1FY26 में रेवेन्यू ₹42,279 करोड़ और Q4FY26 में ₹46,402 करोड़ रहा। कॉन्स्टेंट करेंसी (CC) टर्म्स में, रेवेन्यू YoY में 2.4% और QoQ में 1% बढ़ा।

स्टॉक पर क्या है ब्रोकरेजज फर्मों की राय 

HSBC

HSBC उन दो बड़े डाउनग्रेड में से एक है जो इंफोसिस को उसके नतीजों के बाद मिले हैं। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर अपनी रेटिंग को पहले की “buy” रेटिंग से घटाकर “hold” कर दिया है और अपना टारगेट प्राइस भी पहले के ₹1,340 से घटाकर ₹1,110 कर दिया है।

HSBC ने अपने नोट में लिखा कि हालांकि गाइडेंस में कटौती की उम्मीद थी, लेकिन यह रकम आम उम्मीदों से ज़्यादा थी। हालांकि HSBC ने इंफोसिस के नियर-टर्म वैल्यूएशन को “सस्ता” बताया है, लेकिन उसे उम्मीद है कि नियर-टर्म क्वार्टर कमजोर रहेंगे।

जेपी मॉर्गन

जेपी मॉर्गन ने भी इंफोसिस को उसकी पिछली “ओवरवेट” रेटिंग से डाउनग्रेड करके “Neutral” कर दिया है और स्टॉक का प्राइस टारगेट ₹1,050 रखा है। रेवेन्यू गाइडेंस में भारी कटौती को बताया और कहा कि ग्रोथ मोमेंटम को अब कई झटके लगे हैं, जिसमें कमजोर डिमांड, बढ़ता AI डिफ्लेशन, और डेमलर में चुनौतियां और एनर्जी, यूटिलिटीज रिसोर्सेज सर्विसेज (EURS) कॉन्ट्रैक्ट का खत्म होना शामिल है।

इंफोसिस का नया ऑर्गेनिक गाइडेंस, जो नेगेटिव 0.2% से पॉजिटिव 1.3% तक है, तेज मंदी की ओर इशारा करता है और वह भी मुश्किल माहौल में 0.4% से 1.4% कंपाउंड क्वार्टरली ग्रोथ रेट (CQGR) बनाए रखने पर निर्भर करता है।

CLSA

ब्रोकरेज ने इंफोसिस पर अपनी “outperform” रेटिंग राय दी है और इसके लिए टारगेट प्राइस ₹1,109 रखा है।CLSA ने कहा कि गाइडेंस में कटौती निराशाजनक थी, लेकिन EBIT मार्जिन बेहतर थे और ऑर्डर बुक भी स्थिर थी।इसने आशीष कुमार दाश को CEO-डेजिग्नेट के तौर पर नियुक्त करने को इंफोसिस के इतिहास में पहला मौका बताया, जब किसी इनसाइडर नॉन-फाउंडर को यह मौका दिया गया हो।

नोमुरा

नोमुरा ने इंफोसिस पर अपनी “Buy” रिकमेंडेशन बनाए रखी है और प्राइस टारगेट ₹1,290 रखा है। इसने नेगेटिव रेवेन्यू को क्लाइंट स्पेसिफिक इश्यूज के लिए सरप्राइज बताया, और कहा कि स्टॉक अभी आकर्षक वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है।

इंफोसिस ने गुरुवार को अपने रिजल्ट्स की रिपोर्ट दी, जिसमें उसने अपने फाइनेंशियल ईयर 2027 रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस के अपर एंड में 50 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की। अब गाइडेंस कॉन्स्टेंट करेंसी टर्म्स में 1.5% से 3% है, जो पहले 1.5% से 3.5% था।

सलिल पारेख भी अगले साल अपना टर्म पूरा होने पर MD और CEO का पद छोड़ देंगे और 1 अप्रैल, 2027 से उनकी जगह आशीष दाश लेंगे।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Stocks to Watch: आज 24 जुलाई को Infosys, Indigo, Meesho, NTPC समेत इन शेयरों में दिख सकता है तेज उतार-चढ़ाव

शुक्रवार, 24 जुलाई को इंफोसिस, मीशो, NTPC, बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडिगो समेत कई शेयरों में तेज उतारचढ़ाव देखने को मिल सकता है। इनमें से कुछ कंपनियों ने एक दिन पहले तिमाही नतीजे जारी किए थे। वहीं कुछ कंपनियां आज वित्तीय नतीजे जारी करने वाली हैं। कुछ कंपनियां ऐसी भी हैं, जिन्होंने एक दिन पहले नई डील, कॉन्ट्रैक्ट्स और अन्य तरह के ​डेवलपमेंट्स की जानकारी दी थी। इन पर बाजार शुक्रवार को प्रतिक्रिया देगा। इसके अलावा 40 से ज्यादा कंपनियों के शेयर 24 जुलाई को एक्स-डिविडेंड ट्रेड करने वाले हैं। साथ ही मेनबोर्ड सेगमेंट में कैलिबर माइनिंग एंड लॉजिस्टिक्स की लिस्टिंग होने वाली है। आइए डिटेल में जानते हैं किन शेयरों पर रहेगी नजर…

आज इन कंपनियों के तिमाही नतीजे

NTPC, श्रीराम फाइनेंस, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, SBI लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, SBI कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज, बैंक ऑफ इंडिया, CG पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस, हिंदुस्तान जिंक, ACC, बैंक ऑफ बड़ौदा, कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, क्रेडिटएक्सेस ग्रामीण, डालमिया भारत, जिंदल स्टील, लोढ़ा डेवलपर्स, न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी, डॉ. लाल पैथलैब्स, REC, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया और वेल्सपन कॉर्प

25 जुलाई को ये कंपनियां जारी करेंगी तिमाही रिजल्ट

AU स्मॉल फाइनेंस बैंक, SBFC फाइनेंस, बिड़ला कॉर्पोरेशन, फाइव-स्टार बिजनेस फाइनेंस, IDFC फर्स्ट बैंक, डोडला डेयरी, शेषासायी पेपर एंड बोर्ड्स और ZEN टेक्नोलोजिज

आज इन शेयरों पर रहेगी नजर

Infosys: Q1 (अप्रैल-जून 2026 तिमाही) में कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 12.2% बढ़कर 7,769 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 14% बढ़कर 48,211 करोड़ रुपये हो गया। EBIT 15.4% बढ़कर 10,163 करोड़ रुपये और EBIT मार्जिन बढ़कर 21.1% हो गया। डॉलर रेवेन्यू 2.8% बढ़कर 508.2 करोड़ डॉलर हो गया। कंपनी के बोर्ड ने आशीष कुमार डैश को मार्च 2027 तक के लिए चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) डेजिग्नेट नियुक्त किया है। वह 1 अप्रैल, 2027 से चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर और मैनेजिंग डायरेक्टर होंगे।

Meesho: Q1 में कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड घाटा सालाना आधार पर घटकर 132.8 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 48.3% बढ़कर 3,712.8 करोड़ रुपये हो गया।

Interglobe Aviation (Indigo): Q1 में कंपनी ने कंसोलिडेटेड बेसिस पर 238 करोड़ रुपये का घाटा देखा। एक साल पहले यह 2,176.3 करोड़ रुपये के मुनाफे में थी। रेवेन्यू सालाना आधार पर 19.9% ​​बढ़कर 24,584.1 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA 33.2% घटकर 3,832.5 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन 28% से घटकर 15.6% पर आ गया।

Cyient: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 32.3% घटकर 104.1 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 21.3% बढ़कर 2,075.7 करोड़ रुपये हो गया।

Orient Cement: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 62.4% घटकर 77 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 30.3% घटकर 604 करोड़ रुपये रह गया।

Sona BLW Precision Forgings: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 46.7% बढ़कर 178.5 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 52.4% बढ़कर 1,301.2 करोड़ रुपये हो गया।

Motilal Oswal Financial Services: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 9.6% बढ़कर 1,273.1 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 25.1% बढ़कर 3,425.8 करोड़ रुपये हो गया।

Suryoday Small Finance Bank: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 113.1% बढ़कर 75.2 करोड़ रुपये हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम 27.8% बढ़कर 315.7 करोड़ रुपये हो गई। ग्रॉस NPA 6.6% रहा, जबकि नेट NPA 1.27% दर्ज किया गया।

Shadowfax Technologies: एट रोड्स (Eight Roads), फ्लिपकार्ट और कोरिया का IMM इंडिया फंड ब्लॉक डील के जरिए शैडोफैक्स में ₹1,000 करोड़ से ज्यादा के शेयर बेच सकते हैं। इसके लिए फ्लोर प्राइस ₹197 प्रति शेयर तय किया गया है।

Coforge: कंपनी ने ‘कोफोर्ज न्यूरॉन’ लॉन्च करने की घोषणा की है। यह एक AI ऑपरेटिंग सिस्टम है, जिसे कंपनियों को अलग-थलग AI पहलों से आगे बढ़ने और पूरे बिजनेस में AI-बेस्ड नतीजों को बड़े पैमाने पर लागू करने में मदद करने के लिए डिजाइन किया गया है।

बल्क डील्स

धाबरिया पॉलीवुड: आशीष रमेशचंद्र कचोलिया ने ₹22.29 करोड़ में 5,76,000 शेयर बेचकर धाबरिया पॉलीवुड से लगभग पूरी तरह से एग्जिट कर लिया है। सूर्यवंशी कमोट्रेड ने भी 1 लाख शेयर ₹3.87 करोड़ में बेचे हैं। इस बीच अबाकस वेंचर अपॉर्चुनिटीज फंड ने 6,01,341 शेयर खरीदे। कुल कीमत ₹23.32 करोड़ है।

Gandhar Oil Refinery India: सोसाइटे जेनरल ने ₹19.22 करोड़ में गंधार ऑयल रिफाइनरी इंडिया के 6.84 लाख शेयर खरीदे हैं।

Oswal Pumps: VQ फास्टरकैप फंड ने ₹20.54 करोड़ में ओसवाल पंप्स के 5.98 लाख शेयर बेचे हैं।

मेनबोर्ड लिस्टिंग

कैलिबर माइनिंग एंड लॉजिस्टिक्स

Market Trend: मार्केट एक्सपर्ट पंकज रांदड़ से जानें, आज निफ्टी-बैंक निफ्टी की कैसी रह सकती है चाल, कहां होगी कमाई

ये स्टॉक्स करेंगे एक्स-डिविडेंड ट्रेड

भारती एयरटेल

दिविस लैबोरेटरीज

एबॉट इंडिया

हीरो मोटोकॉर्प

एडवांस्ड एंजाइम टेक्नोलॉजीज

भागेरिया इंडस्ट्रीज

बिड़ला कॉर्पोरेशन

CFF फ्लूइड कंट्रोल

केमबॉन्ड केमिकल्स

बॉम्बे साइकिल एंड मोटर एजेंसी

सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट

क्रैवाटेक्स

क्रॉम्पटन ग्रीव्स कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स

डेटा पैटर्न्स (इंडिया)

कॉनकॉर्ड बायोटेक

फिएम इंडस्ट्रीज

फोर्टिस हेल्थकेयर

जुबिलेंट इंग्रेविया

EL CID इन्वेस्टमेंट्स

इंटेलेक्ट डिजाइन एरिना

जॉइंडर कैपिटल सर्विसेज

जुबिलेंट फार्मोवा

इन्फो एज (इंडिया)

ओरिएंट बेल

PDS

करूर वैश्य बैंक

लक्ष्मी इलेक्ट्रिकल कंट्रोल सिस्टम्स

मित्सु केम प्लास्ट

किर्लोस्कर ब्रदर्स

न्यूलैंड लैबोरेटरीज

निट्टा जिलेटिन इंडिया

NOCIL

रेडिको खेतान

रिफेक्स इंडस्ट्रीज

सास्केन टेक्नोलोजिज

शेट्रॉन

ऋषभ इंस्ट्रूमेंट्स

सियाराम सिल्क मिल्स

स्टीलकास्ट

श्याम मेटालिक्स एंड एनर्जी

SIL इनवेस्टमेंट्स

जाइडस लाइफसाइंसेज

स्वेलेक्ट एनर्जी सिस्टम्स

वोल्टैम्प ट्रांसफॉर्मर्स

स्प्लिट और बोनस इश्यू के लिए ये स्टॉक करेंगे एक्स-ट्रेड

ज्यूपिटर लाइफ लाइन हॉस्पिटल्स

कालिंद

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 24 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 10 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: शेयर बाजार में 24 जुलाई को कई बड़े स्टॉक्स एक्शन में रह सकते हैं। जून तिमाही के नतीजों, प्रोडक्ट लॉन्च, ब्लॉक डील और अहम कॉरपोरेट अपडेट्स के चलते इन शेयरों पर निवेशकों की नजर रहेगी। कुछ कंपनियों ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है, जबकि कुछ के नतीजे अनुमान से कमजोर रहे। ऐसे में इन 10 स्टॉक्स पर निवेशकों की करीबी नजर रहेगी।

Infosys

आईटी सर्विसेज कंपनी Infosys का जून तिमाही में कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा तिमाही आधार पर 8.6% घटकर 7,769 करोड़ रुपये रहा। यह CNBC-TV18 के अनुमान से कम है। कंपनी का रेवेन्यू 3.9% बढ़कर 48,211 करोड़ रुपये रहा। EBIT 10,163 करोड़ रुपये और EBIT मार्जिन 21.1% रहा।

IndiGo

एविएशन कंपनी IndiGo जून तिमाही में 238 करोड़ रुपये के घाटे में आ गई। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को 2,176 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। कंपनी का रेवेन्यू 20% बढ़कर 24,854 करोड़ रुपये रहा। विमान ईंधन पर खर्च बढ़ने से EBITDAR मार्जिन 15.6% पर आ गया।

Maruti Suzuki

ऑटोमोबाइल कंपनी Maruti Suzuki की नई Brezza को Bharat NCAP में 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली है। कंपनी 24 जुलाई को इसे लॉन्च करेगी। सभी वेरिएंट में 6 एयरबैग स्टैंडर्ड होंगे। इसके साथ कई एडवांस सेफ्टी फीचर्स भी मिलेंगे।

Sona BLW

ऑटो कंपोनेंट कंपनी Sona BLW का शुद्ध मुनाफा 46.7% बढ़कर 178.5 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का रेवेन्यू 52.4% बढ़कर 1,301 करोड़ रुपये और EBITDA 42.6% बढ़कर 293.3 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि EBITDA मार्जिन 22.5% रह गया।

Cyient

इंजीनियरिंग और आईटी सर्विसेज कंपनी Cyient का शुद्ध मुनाफा तिमाही आधार पर 90% बढ़कर 104 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का रेवेन्यू 7.7% बढ़कर 2,076 करोड़ रुपये रहा। EBIT 20% बढ़कर 187 करोड़ रुपये हो गया। EBIT मार्जिन 9% पर पहुंच गया।

Suryoday SFB

स्मॉल फाइनेंस बैंक Suryoday SFB का शुद्ध मुनाफा 75 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल 35 करोड़ रुपये था। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 27.8% बढ़कर 316 करोड़ रुपये हो गई। नेट NPA 1.27% और ग्रॉस NPA 6.6% रहा।

Motilal Oswal

ब्रोकिंग कंपनी Motilal Oswal का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 14.04% बढ़कर 609 करोड़ रुपये रहा। एसेट और प्राइवेट वेल्थ मैनेजमेंट कारोबार का ऑपरेटिंग PAT 46% बढ़कर 335 करोड़ रुपये हो गया। हाउसिंग फाइनेंस कारोबार का मुनाफा 36% बढ़ा, जबकि वेल्थ और कैपिटल मार्केट कारोबार में दबाव रहा।

Shadowfax Tech

लॉजिस्टिक्स टेक कंपनी Shadowfax Tech में करीब 1,047.5 करोड़ रुपये की ब्लॉक डील हो सकती है। Eight Roads, Flipkart और IMM India Fund 9.08% तक हिस्सेदारी बेच सकते हैं। सौदा 197 रुपये प्रति शेयर के फ्लोर प्राइस पर होने की संभावना है।

Orient Cement

सीमेंट कंपनी Orient Cement का शुद्ध मुनाफा 62.4% घटकर 77 करोड़ रुपये रह गया। कंपनी का रेवेन्यू 30.3% घटकर 604 करोड़ रुपये रहा। EBITDA 144 करोड़ रुपये रहा। हालांकि EBITDA मार्जिन बढ़कर 23.8% हो गया।

NIIT Learning

एडटेक कंपनी NIIT Learning का शुद्ध मुनाफा 16.4% बढ़कर 57.4 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का रेवेन्यू 25.2% बढ़कर 565 करोड़ रुपये रहा। EBITDA 92.8 करोड़ रुपये रहा। हालांकि EBITDA मार्जिन 16.4% पर आ गया।

पहली तिमाही के नतीजे

सीमेंट, बैंकिंग, इलेक्ट्रिकल और कैपिटल गुड्स सेक्टर की कई कंपनियां शुक्रवार (24 जुलाई) को जून तिमाही के नतीजे जारी करेंगी। इनमें ACC, Bank of Baroda, Bank of India, CG Power and Industrial Solutions, Aaron Industries, Arihant Capital Markets और Automotive Stampings and Assemblies शामिल हैं। निवेशकों की नजर इन कंपनियों के रेवेन्यू, मुनाफे और ऑपरेशनल प्रदर्शन पर रहेगी।

Cyient Q1 Results: मुनाफा 90% उछला; शेयर बायबैक पूरा, AI पर बढ़ाया फोकस

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Cyient Q1 Results: मुनाफा 90% उछला; शेयर बायबैक पूरा, AI पर बढ़ाया फोकस

Cyient Q1 Results: इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) कंपनी Cyient Ltd ने जून 2026 तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट तिमाही आधार (QoQ) पर 90% बढ़कर 104 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछली तिमाही में यह 55 करोड़ रुपये था। वहीं, ऑपरेशन से रेवेन्यू 7.7% बढ़कर 2,076 करोड़ रुपये रहा, जो पिछली तिमाही में 1,927 करोड़ रुपये था।

जून तिमाही में कंपनी का EBIT 20% बढ़कर 187 करोड़ रुपये रहा। वहीं EBIT मार्जिन 8.1% से बढ़कर 9% हो गया। यानी कंपनी ने बिक्री के मुकाबले बेहतर ऑपरेटिंग मुनाफा कमाया।

DET बिजनेस का प्रदर्शन

Cyient के डिजिटल, इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (DET) कारोबार का रेवेन्यू 1,540 करोड़ रुपये रहा। यह तिमाही आधार पर 2.7% और सालाना आधार पर 10.6% बढ़ा। हालांकि, कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर रेवेन्यू में 0.5% की तिमाही और 0.9% की सालाना गिरावट दर्ज की गई।

DET कारोबार का EBIT 203 करोड़ रुपये और EBIT मार्जिन 13.2% रहा। वहीं इस सेगमेंट का मुनाफा 141 करोड़ रुपये रहा, जो पिछली तिमाही से 2.1% ज्यादा है।

शेयर बायबैक पूरा, AI पर बढ़ा फोकस

Cyient ने बताया कि तिमाही के दौरान उसका शेयर बायबैक प्रोग्राम सफलतापूर्वक पूरा हो गया। साथ ही कंपनी ने TAO Digital Solutions के अधिग्रहण का ऐलान किया, जिससे डेटा और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में उसकी पकड़ मजबूत होगी और ग्राहकों के लिए AI से जुड़े सॉल्यूशंस डेवलप करने में मदद मिलेगी।

कंपनी ने कहा कि Cyient Semiconductors ने लगातार पांचवीं तिमाही में ऑर्गेनिक ग्रोथ दर्ज की है। वहीं Cyient DLM का ऑर्डर बुक अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है।

मैनेजमेंट ने क्या कहा?

मैनेजिंग डायरेक्टर कृष्णा बोडानापु ने कहा कि वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत कंपनी के लिए मजबूत रही है। पिछले कुछ तिमाहियों में किए गए निवेश अब नतीजों में दिखने लगे हैं। कंपनी AI क्षमताओं, सेमीकंडक्टर और इंजीनियरिंग कारोबार में निवेश बढ़ा रही है ताकि आने वाले वर्षों में तेज ग्रोथ हासिल की जा सके।

Cyient शेयर का हाल

Cyient का शेयर गुरुवार को 1.29% की गिरावट के साथ 832 रुपये पर बंद हुआ। एक साल में स्टॉक 34.98% गिरा है। इसका मार्केट कैप 9.16 हजार करोड़ रुपये है।

Infosys अक्तूबर और जनवरी में बढ़ाएगी एंप्लॉयीज की सैलरी, इस साल करेगी 20000 फ्रेशर्स की भर्ती

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Infosys अक्तूबर और जनवरी में बढ़ाएगी एंप्लॉयीज की सैलरी, इस साल करेगी 20000 फ्रेशर्स की भर्ती

इंफोसिस इस साल अक्तूबर में एंप्लॉयीज की सैलरी बढ़ाएगी। ज्यादातर एंप्लॉयीज की सैलरी अक्तूबर में बढ़ेगी। बाकी एंप्लॉयीज की सैलरी जनवरी में बढ़ेगी। कंपनी के सीईओ सलील पारेख ने 23 जुलाई को यह बताया। कंपनी ने गुरुवार को ही जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया।

सीनियर एंप्लॉयीज की सैलरी जनवरी में बढ़ेगी

पारेख ने नतीजों के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “ज्यादातर एंप्लॉयीज की सैलरी में वृद्धि अक्तूबर में हो जाएगी। सीनियर एंप्लॉयीज की सैलरी जनवरी में बढ़ेगी।” कंपनी का कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट जून तिमाही में साल दर साल आधार पर 12.2 फीसदी बढ़कर 7,769 करोड़ रुपये रहा। इस दौरान रेवेन्यू 14 फीसदी बढ़कर 48,211 करोड़ रुपये रहा।

कंपनी ने FY27 में रेवेन्यू ग्रोथ का आउटलुक घटाया

कंपनी ने FY27 में रेवेन्यू ग्रोथ का आउटलुक 3 फीसदी से घटाकर 1.5 फीसदी कर दिया। कंपनी ने शेयर बाजार बंद होने के बाद जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। 24 जुलाई को इसके शेयरों पर जून तिमाही के नतीजों का असर दिखेगा। इंफोसिस देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है। कंपनी ने 23 जुलाई को नए सीईओ के नाम का भी ऐलान किया। मौजूदा सीईओ सलील पारेख का कार्यकाल 31 मार्च, 2027 को खत्म हो रहा है।

जून तिमाही में कंपनी ने की 4000 फ्रेशर्स की भर्ती

इंफोसिस ने कहा कि वह इस वित्त वर्ष (2026-27) के दौरान 20,000 फ्रेशर्स की भर्ती करेगी। उसने बताया कि जून तिमाही में उसने 4,000 से ज्यादा फ्रेशर्स की भर्ती की। बीते 12 महीनों में कंपनी के एंप्लॉयीज का एट्रिशन रेट (नौकरी छोड़ने की दर) बढ़कर 13 फीसदी हो गया। जून तिमाही में यह 12.6 फीसदी था। 30 जून को कंपनी में एंप्लॉयीज की कुल संख्या 3,28,062 थी। यह मार्च के अंत में 3,28,594 से थोड़ा कम है।

यह भी पढ़ें: Infosys के सीईओ सलील पारेख पद छोड़ेंगे, आशीष कुमार दास होंगे नए सीईओ

इस साल अब तक 35 फीसदी फिसला है

इंफोसिस का शेयर 23 जुलाई को 0.076 फीसदी की मामूली बढ़त के साथ 1,052.90 रुपये पर बंद हुआ। इस साल कंपनी का शेयर 35 फीसदी से ज्यादा फिसला है। इस दौरान निफ्टी आईटी इंडेक्स 25 फीसदी गिरा है। बीते छह महीनों में भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों पर दिखा है। इसकी वजह एंथ्रोपिक जैसी कंपनियों के नए एआई टूल्स हैं। 23 जुलाई को शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक निफ्टी और सेंसेक्स लगातार चौथे दिन गिरकर बंद हुए।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Infosys के सीईओ सलील पारेख पद छोड़ेंगे, आशीष कुमार दास होंगे नए सीईओ

इंफोसिस के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर सलील पारेख पद छोड़ेंगे। उनकी जगह आशीष कुमार दास लेंगे। इंफोसिस ने यह ऐलान 23 जुलाई को किया। पारेख बीते 9 सालों से कंपनी का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी को मुश्किल दौर से निकाला। उनके कार्यकाल में कंपनी में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और आर्टफिशियल इंटेलिजेंस जैसी चीजें देखने को मिलीं।

दास की नियुक्ति को बोर्ड की मंजूरी

Infosys ने कहा कि पारेख कार्यकाल पूरा होने पर पद छोड़ देंगे। कंपनी ने यह भी कहा कि बोर्ड ने सीईओ पद पर आशीष कुमार दास की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। पारेख ने जनवरी 2018 में इंफोसिस के बॉस की जिम्मेदारी संभाली थी। उनके नाम सबसे लंबे समय तक कंपनी का सीईओ रहने का रिकॉर्ड है। 5 साल का उनका मौजूदा कार्यकाल 31 मार्च, 2027 को खत्म हो रहा है।

नए सीईओ की नियुक्ति को लेकर चल रही थी चर्चा

देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी ने 23 जुलाई को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। नए सीईओ की नियुक्ति का ऐलान कंपनी की एनुअल रिपोर्ट और एजीएम नोटिस के कई हफ्ते बाद हुआ। इससे पहले यह नहीं बताया गया था कि बोर्ड मार्च 2027 के बाद उनका कार्यकाल बढ़ाना चाहता है या नहीं। इससे निवेशकों के बीच पारेख के उत्तराधिकारी को लेकर चर्चा हो रही थी।

नए सीईओ में ये योग्यताएं चाहती है कंपनी 

इंफोसिस के चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने कहा, “बोर्ड दास को सीईओ डेजिग्नेट नियुक्त कर खुशी महसूस कर रहा है। हमारी इंडस्ट्री बड़े बदलाव के समय से गुजर रही है। बोर्ड की स्पष्ट सोच थी कि हमारे अगले सीईओ के पास कंपनी की वैल्यू और ग्राहकों का भरोसा बनाए रखने के साथ बड़े बदलाव के लिए तैयार रहने की योग्यता होनी चाहिए। इस बात की मुझे काफी खुशी है कि कंपनी का एग्जिक्यूटिव हमारा अगला सीईओ होगा।”

पारेख ने कंपनी को सफल नेतृत्व दिया

उन्होंने कहा कि बोर्ड की तरफ से मैं 9 साल की शानदार लीडरशिप के लिए पारेख को धन्यवाद देता हूं। उनके नेतृत्व में कंपनी ने अपनी लीडरशिप पोजीशन को और मजबूत की। अपनी क्षमता में इजाफा किया। शेयरहोल्डर्स को रिवॉर्ड दिया और भविष्य में ग्रोथ के लिए मजबूत प्लेटफॉर्म तैयार किया। कंपनी में बड़े बदलाव में सलील की बड़ी भूमिका रही। वह 31 मार्च, 2027 तक कंपनी का नेतृत्व करते रहेंगे।

पारेख के कार्यकाल में रेवेन्यू 20 अरब डॉलर के पार

पारेख के नेतृत्व में इंफोसिस ने क्लाउड कंप्यूटिंग, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और आर्टफिशियल इंटेलिजेंस में अपनी पोजीशन मजबूत की। उनके कार्यकाल में कंपनी का रेवेन्यू 20 अरब डॉलर को पार कर गया। हाल में पारेख ने जेनेरेटिव एआई की दिशा में इंफोसिस की पहली का नेतृत्व किया। कंपनी एआई प्लेटफॉर्म्स, एंटरप्राइज एआई ऑफरिंग्स और वर्कफोर्स रीस्किलिंग में काफी निवेश कर रही है।