Trading Plan: क्या RBI पॉलिसी के नतीजों से पहले निफ्टी फिर से 22,800 का लेवल हासिल कर सकता है ?

Trading Plan:पिछले दो सेशन में तेज़ी के बाद (खासकर मोमेंटम इंडिकेटर्स के ‘ओवरसोल्ड’ ज़ोन में जाने और इंडिया VIX के ठंडा पड़ने के बाद)बुल्स को अपनी पकड़ मज़बूत बनाने के लिए निफ्टी में 22,800-23,000 के रेजिस्टेंस जोन की ओर और खरीदारी (फॉलो अप बाइंग) की जरूरत है। अगर ऐसा नहीं होता है तो इंडेक्स कंसोलिडेशन के दौर में जा सकता है,जिसमें तत्काल सपोर्ट 22,700 पर होगा और उसके बाद 22,550 और 22,400 पर बड़े सपोर्ट होंगे।

निफ़्टी आउटलुक और रणनीति

रेनेसां के फंड मैनेजर एडवाइजरी, राजेश दशरथ भोसले का कहना है कि सितंबर सीरीज़ में भारी बिकवाली के बाद,अक्टूबर के शुरुआती कुछ सेशन में बाजार में रिकवरी के संकेत दिखे हैं। गुरुवार को 22,200 के आसपास बने ‘स्विंग लो’ से निफ़्टी में रिकवरी आई है और RBI की पॉलिसी घोषणा से पहले यह 22,800 के आस-पास बंद हुआ है।

यह उछाल अप्रैल के ‘स्विंग लो’ से आया है और इसकी उम्मीद भी थी,क्योंकि RSI रीडिंग बहुत ज़्यादा ‘ओवरसोल्ड’ (oversold) स्तर पर थी। इंडेक्स अपने 200-हफ़्ते के मूविंग एवरेज के पास भी बना हुआ है। यह एक लंबे समय का सपोर्ट लेवल है जो 2020 में कोविड-19 क्रैश के दौरान ही लंबे समय के लिए टूटा था।

हालांकि मार्केट सेंटीमेंट में सुधार हुआ है,लेकिन RBI की पॉलिसी का नतीजा बहुत अहम होगा। अगर हालिया बढ़त बनी रहती है और निफ्टी 23,000 के ऊपर जाता है तो और तेजी आ सकती है। नीचे की तरफ,22,400 का लेवल तत्काल सपोर्ट का काम करेगा,जबकि 22,200 एक अहम डिमांड जोन बना रहेगा।

RSI को एक लीडिंग इंडिकेटर के तौर पर देखना भी फायदेमंद हो सकता है। हाल ही में इसने पॉजिटिव डाइवर्जेंस के साथ एक ‘डबल बॉटम’ बनाया है। मंदी के दौर में 40 का लेवल आमतौर पर एक रुकावट का काम करता है और RSI का हालिया माइनर हाई भी 40 के आसपास ही है। इस लेवल के ऊपर कोई भी निर्णायक चाल मोमेंटम में सुधार का शुरुआती संकेत देगी।

अहम रेजिस्टेंस: 22,800, 23,000

अहम सपोर्ट: 22,400, 22,200

स्ट्रैटेजी: 22,700 के आसपास निफ्टी अक्टूबर फ्यूचर्स खरीदें, जिसमें 22,570 का स्टॉप-लॉस और 23,000 व 23,100 का टारगेट रखें।

 

Market cues : मोमेंटम इंडिकेटर्स से मंदी के रुझान में कुछ कमी आने के संकेत, 22800 के ऊपर टिकने पर आएगी तेजी

 

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