NSE के आईपीओ को सेबी की हरी झंडी, जानें किस तारीख को लिस्ट होंगे शेयर

NSE के आईपीओ के लिए रास्ता साफ हो गया है। इसे सेबी की हरी झंडी मिल गई है। मार्केट रेगुलेटर ने 4 सितंबर को एनएसई को ऑब्जर्वेशन लेटर इश्यू कर दिया। इस इश्यू का इनवेस्टर्स को लंबे समय से इंतजार रहा है। यह अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ होगा।

जून में फाइल किया था DRHP

NSE ने सेबी के पास 17 जून, 2026 को ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल किया था। करीब एक दशक पहले एनएसई ने आईपीओ पेश करने की कोशिश की थी। लेकिन, रेगुलेटरी मसलों की वजह से इश्यू को मंजूरी नहीं मिल सकी थी। अब ऑब्जर्वेशन लेटर मिल जाने के बाद एनएसई का आईपीओ अंतिम चरण में प्रवेश कर गया है।

11 सितंबर को प्राइस बैंड का ऐलान 

एनएसई इस महीने के आखिर में आईपीओ लॉन्च कर सकता है। एक्सचेंज के शेयर BSE पर लिस्ट होंगे। बाजार के सूत्रों ने बताया है कि आरएचपी फाइलिंग 8 सितंबर यानी मंगलवार को हो सकती है। प्राइस बैंड का ऐलान 11 सितंबर को हो सकता है। एक हफ्ते बाद इश्यू बाजार में आ सकता है। शेयरों की लिस्टिंग 25 सितंबर को हो सकती है।

यह इश्यू पूरी तरह से OFS होगा

सूत्रों ने बताया कि अभी एनएसई की तरफ से इश्यू से जुड़े अहम डेट्स का ऐलान नहीं किया गया है। इस बारे में अभी एक्सचेंज मर्चेंट बैंकर्स से चर्चा कर रहा है। यह ध्यान में रखना जरूरी है कि यह इश्यू पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। इसका मतलब है कि इस इश्यू में एक्सचेंज नए शेयर इश्यू नहीं करेगा।

आईपीओ में 14.89 करोड़ शेयर बिकेंगे

एक्सचेंज के आईपीओ में 14.89 करोड़ शेयरों की बिक्री होगी, जो एनएसई के पेड-अप कैपिटल का करीब 6 फीसदी है। चूंकि, एक्सचेंज इस इश्यू में नए शेयर इश्यू नहीं करेगा, जिससे उसे आईपीओ से कोई पैसा नहीं मिलेगा। अनलिस्टेड मार्केट में एनएसई की वैल्यूएशन के आधार पर यह आईपीओ करीब 30,000 करोड़ रुपये का हो सकता है।

देश का सबसे बड़ा आईपीओ होगा 

यह अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ होगा। इससे पहले ह्युंडई मोटर इंडिया ने 2024 में 27,870 करोड़ का आईपीओ पेश किया था, जो देश का सबसे बड़ा आईपीओ था। एनएसई के आईपीओ से यह रिकॉर्ड टूट जाएगा। हालांकि, एनएसई ने अभी आईपीओ के फाइनल साइज का ऐलान नहीं किया है।

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एसबीआई ग्रुप बेच रहा सबसे ज्यादा शेयर 

इस आईपीओ में सबसे ज्यादा शेयर एसबीआई ग्रुप बेच रहा है। एनएसई का मुकाबला बीएसई से है। बीएसई न सिर्फ भारत बल्कि एशिया का सबसे पुराना एक्सचेंज है। लेकिन, कैश और डेरिवेटिव के ट्रेडिंग वॉल्यूम के मामले में यह एनएसई से काफी पीछे है। BSE का शेयर 4 सितंबर को 3.17 फीसदी गिरकर 3,411 रुपये पर बंद हुआ। यह शेयर इस साल करीब 30 फीसदी चढ़ा है।

अगले 1 महीने में बैंक निफ्टी में आ सकती है 5000 अंकों की तेजी, अगले 12 महीने में डबल हो सकता है सीएनएक्स आईटी

बाजार पर अपनी राय साझा करते हुए केडियानॉमिक्स के फाउंडर सुशील केडिया ने कहा कि बाजार में इस समय पैसा बनाने का टाइम आ गया है। स्वर्ग जाने का रास्ता नरक जैसा दिखता है और नर्क में जाने का रास्ता स्वर्ग जैसा दिखता है। लोग जब शेयर बाजार में सबसे ज्यादा खुश होते हैं तो नर्क की शुरुआत वहीं होती है। अभी जो लोगों के मन में नर्क जैसे हालात बने हुए यही मार्केट का बॉटम है। अब यहीं से स्वर्ग जाने का रास्ता खुलेगा। एक बात ध्यान में रखें की रुपया-डॉलर और भारतीय बाजार का संबंध बड़ा विचित्र सा है।

लॉन्ग रन में डॉलर के मुकाबले भारत की करेंसी कमजोर होती रही है और शेयर मार्केट बढ़ता रहा है। इस गिरावट में रुपया जब भी मजबूत होता है। बाजार बढ़ जाता है। जब भी रुपए में 10% की गिरावट आई है। मार्केट में -5% से लेके प्लस 5% तक का रिटर्न मिला है। लेकिन जब रुपया 10% मजबूत होता है तो निफ्टी में 20 से 25% तक की तेजी देखने को मिली है। अब डॉलर टूटने को कगार पर है। ऐसे में आगे हमारे बाजारों को रुपए में मजबूती का फायदा मिलेगा।

ग्लोबल मार्केट पर नजर डालें तो अब बाजार में तेजी का माहौल बन गया है। लेकिन अभी बाजार में अभी टुकड़े-टुकड़े में खेलना होगा। पर अब वो हालात बन गए हैं जिसमें अच्छी कमाई हो सकती है।

उन्होंने आगे कहा कि इस समय बैंक निफ्टी की दिशा ज्यादा साफ दिख रही है। अगले कुछ ही दिनों में निफ्टी की स्थिति भी साफ हो सकती है। लेकिन अभी के लिए कहा जा सकता है कि एक से सवा महीनें में बैंक निफ्टी में 5000 अंकों की तेजी आ सकती है।

अदाणी ग्रुप के शेयरों पर बात करते हुए सुशील केडिया ने कहा कि अदाणी एंटरप्राइज और अदाणी पोर्ट पर उनकी शॉर्ट करने की सलाह होगी। वहीं, अदाणी पावर और एनडीटीवी में लॉन्ग बेट है। इनमें बने रहने की सलाह होगी। बजाज ऑटो में भी अब शॉर्ट करने के मौके बन रहे है। बैंक शेयरों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, एयू बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा आगे धमाका कर सकते हैं। वहीं, एसबीआई और कोटक बैंक नखरे दिखा सकते हैं।

हिंन्दुस्तान यूनीलीवर और टाटा कंज्यूमर यहां से 50-60 फीसदी की तेजी देखने को मिल सकती है। एशियन पेंट्स भी अच्छे करेक्शन के बाद अब भागने को तैयार है। इसमें 30 फीसदी तक की रैली देखने को मिल सकती है।

उन्होंने आगे कहा कि अगर हम पिछले 30 साल का इतिहास देखें तो पता चलता है कि जब भी रूपया-डॉलर मजबूत होता है तो सबसे ज्यादा रिटर्न एफएमसीजी और आईटी ही देते हैं। अगर मार्केट में तेजी आती है तो सबसे पहले इन्ही सेक्टर्स के शेयर भागेंगे। अगर कोई टीसीएस को 3 साल के नजरिए से खरीदे तो इसमें 7000 रुपए का भाव देखने को मिल सकता है। ट्रेंडिंग के नजरिए से भी इसमें 3200-3300 रुपए का भाव मिल सकता है। इस समय सारे ही आईटी शेयर अच्छे लग रहे हैं। अगर कोई सेक्टोरल इंडेक्स है जो अगले 12 महीनों में डबल हो सकता है तो वह है सीएनएक्स आईटी ही है।

 

Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 7 सितंबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

MCX में हफ्ते के अंतिम कारोबारी दिन गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर्स में गिरावट, जानिए क्या वजह

कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स पर 4 सितंबर को सोने और चांदी में गिरावट दिखी। शाम 4:15 गोल्ड फ्यूचर्स 0.34 फीसदी यानी 531 रुपये गिरकर 1,55,244 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रहा था। सिल्वर फ्यूचर्स 0.31 फीसदी यानी 734 रुपये गिरकर 2,35,320 रुपये पर चल रहा था।

विदेश में भी सोने और चांदी में गिरावट 

कमोडिटीज के जानकारों का कहना है कि अमेरिका में नॉन-फॉर्म पेरोल्स के डेटा आने से पहले बाजार में सावधानी बरती जा रही है। सोने और चांदी के फ्यूचर्स पर रुपये में मजबूती का भी असर पड़ा। विदेश में भी सोने और चांदी में गिरावट दिखी। सोना मामूली 0.02 फीसदी की गिरावट के साथ 4,472.12 डॉलर प्रति औंस पर था। सिल्वर 0.22 फीसदी की कमजोरी के साथ 66.80 डॉलर प्रति औंस था।

इस हफ्ते सोने में काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव

आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स में रिसर्च एनालिस्ट वेदिका नार्वेकर ने कहा कि उतार-चढ़ाव वाले इस हफ्ते में सोना 4,480 डॉलर के आसपास बना हुआ है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने आक्रामक रुख के संकेत दिए हैं। डॉलर में कमजोरी से सोने को सपोर्ट मिला है।

अमेरिका में नॉन-फॉर्म पेरोल्स डेटा का असर सोने पर पड़ेगा

उन्होंने कहा कि ग्लोबल मनी मैनेजर्स बीते कुछ हफ्तों से गोल्ड में पोजीशन बना रहे हैं। गोल्ड ईटीएफ में भी दिलचस्पी बनी हुई है। लेमन में रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने कहा कि नॉन-फॉर्म पेरोल्स रिपोर्ट का असर डॉलर, बॉन्ड यील्ड और सोने और चांदी पर पड़ सकता है। इधर, 3 सितंबर को रुपये में 0.5 फीसदी मजबूती आई। डॉलर के मुकाबले यह 94.48 के लेवल पर बंद हुआ।

क्रूड की ऊंची कीमतों ने भी बुलियन पर बढ़ाया दबाव 

गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर्स पर क्रूड की ऊंची कीमतों का भी असर पड़ रहा है। ब्रेट क्रूड 95 डॉलर से ऊपर है, जबकि WTI क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल के पार है। इस हफ्ते क्रूड करीब 10 फीसदी चढ़ा है। क्रूड के हाई लेवल पर बने रहने से महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ेगा। इससे अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है।

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फेडरल रिजर्व की पॉलिसी पर टिकीं निगाहें

इनवेस्टर्स की नजरें फेडरल रिजर्व के फैसले पर टिकी है। फेड 16 सितंबर को अपनी पॉलिसी का ऐलान करेगा। इससे पहले अमेरिका में इनफ्लेशन के डेटा आएंगे। अगर इनफ्लेशन में कमी नहीं दिखती है तो फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट में 25 बेसिस प्वाइंट्स का इजाफा कर सकता है। इसका निगेटिव असर सोने की कीमतों पर पड़ेगा।

Kia Sorento : भारत में लॉन्च हुई नई प्रीमियम SUV, कीमत ₹27.99 लाख से शुरू; हाइब्रिड और डीजल इंजन के साथ मिलेगी AWD की सुविधा

Kia Sorento : भारत में लॉन्च हुई नई प्रीमियम SUV, कीमत ₹27.99 लाख से शुरू; हाइब्रिड और डीजल इंजन के साथ मिलेगी AWD की सुविधा

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किआ ने भारतीय बाजार में अपनी प्रीमियम SUV Kia Sorento को लॉन्च कर दिया है। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹27.99 लाख रखी गई है। कंपनी इस SUV को आंध्र प्रदेश के अनंतपुर स्थित अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में स्थानीय स्तर पर असेंबल कर रही है। Kia Sorento को भारत में 6-सीटर और 7-सीटर दोनों कॉन्फिगरेशन में पेश किया गया है।

 

हाइब्रिड और डीजल इंजन का विकल्प

Kia Sorento में भारतीय ग्राहकों को दो पावरट्रेन विकल्प मिलेंगे। इसमें पहला 1.6-लीटर टर्बो पेट्रोल स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड इंजन है, जबकि दूसरा 2.2-लीटर डीजल इंजन है। दोनों इंजन विकल्पों के साथ ग्राहक फ्रंट-व्हील ड्राइव (FWD) और ऑल-व्हील ड्राइव (AWD) का विकल्प चुन सकते हैं।

 

हाइब्रिड सेटअप में पेट्रोल इंजन 180 bhp की पावर और 265 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इसके साथ इलेक्ट्रिक मोटर 65 bhp और 264 Nm का टॉर्क देती है। यह सिस्टम 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स से जुड़ा है। वहीं, 2.2-लीटर डीजल इंजन 193 bhp की पावर और 442 Nm का टॉर्क देता है। इसे 8-स्पीड डुअल-क्लच ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ जोड़ा गया है।

 

दमदार और प्रीमियम डिजाइन

 

Kia Sorento को कंपनी की लेटेस्ट डिजाइन लैंग्वेज के अनुसार तैयार किया गया है। इसके फ्रंट में Kia की पहचान वाली बड़ी Tiger Nose ग्रिल दी गई है। ग्रिल पर क्रोम सराउंड और हनीकॉम्ब पैटर्न मिलता है। SUV में वर्टिकली अरेंज्ड LED हेडलैंप दिए गए हैं, जिनके साथ Y-शेप LED DRLs मिलते हैं। फ्रंट बंपर में बड़े एयर इनटेक, LED फॉग लैंप और सिल्वर फिनिश वाला स्किड-प्लेट जैसा एलिमेंट दिया गया है।

 

साइड प्रोफाइल में SUV को लंबा और सीधा सिल्हूट दिया गया है। इसमें 19-इंच डुअल-टोन अलॉय व्हील्स, व्हील आर्च पर ब्लैक क्लैडिंग, रूफ रेल्स और क्रोम विंडो सराउंड मिलते हैं।

 

पीछे की तरफ L-शेप LED टेल-लैंप दिए गए हैं, जो SUV के साइड हिस्से तक फैले हुए हैं। टेलगेट के बीच में Kia की ब्रांडिंग है, जबकि नीचे डुअल एग्जॉस्ट आउटलेट और सिल्वर फिनिश वाला स्किड-प्लेट एलिमेंट दिया गया है।

 

इंटीरियर में मिलेंगी प्रीमियम सुविधाएं

 

Sorento के केबिन को ग्रे-ब्लैक और बेज-ब्लैक कलर थीम में पेश किया गया है। डैशबोर्ड पर दो बड़े 12.3-इंच डिस्प्ले दिए गए हैं। इनमें से एक डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और दूसरा इंफोटेनमेंट सिस्टम के लिए है। किआ ने इंटरफेस को पर्सनलाइज करने के लिए Marvel, Disney और Pixar आधारित 9 डिस्प्ले थीम भी दिए हैं।

 

क्लाइमेट कंट्रोल के लिए अलग 5-इंच स्क्रीन नहीं दी गई है। इसके बजाय इंफोटेनमेंट स्क्रीन के नीचे टच-सेंसिटिव पैनल दिया गया है, जिसमें रोटरी कंट्रोल और क्लाइमेट व मीडिया के बीच स्विच करने की सुविधा मिलती है।

 

6 और 7 सीट का विकल्प

 

Kia Sorento को ग्राहक अपनी जरूरत के हिसाब से 6 या 7 सीट के साथ चुन सकेंगे। 6-सीटर मॉडल में दूसरी रो में कैप्टन सीट्स दी गई हैं, जबकि 7-सीटर वर्जन में बेंच सीट मिलती है। फ्रंट सीटों में 10-वे पावर एडजस्टमेंट, वेंटिलेशन और लंबर सपोर्ट दिया गया है। को-ड्राइवर सीट में 'बॉस मोड' मिलता है, जिससे पीछे बैठे यात्रियों के लिए ज्यादा लेगरूम बनाया जा सकता है। दूसरी रो की सीटों को इलेक्ट्रिकली फोल्ड किया जा सकता है। 6-सीटर मॉडल में दूसरी रो की कैप्टन सीटों के लिए वेंटिलेशन की सुविधा भी मिलती है।

 

फीचर्स की लंबी लिस्ट

 

Kia Sorento में कई प्रीमियम फीचर्स दिए गए हैं। इनमें:

 

  • 12-स्पीकर Bose ऑडियो सिस्टम
  • पैनोरमिक सनरूफ
  • हेड-अप डिस्प्ले
  • पावर्ड टेलगेट
  • वायरलेस स्मार्टफोन चार्जिंग
  • डिजिटल इनसाइड रियर-व्यू मिरर
  • फ्रंट और रियर डैशकैम
  • ऑटोमेटेड पार्किंग असिस्टेंस
  • Level 2+ ADAS

 

शामिल हैं।

 

कंपनी ने Sorento में रियल-टाइम जनरेटिव AI फंक्शन भी पेश किया है। Kia का दावा है कि यह फीचर वैश्विक स्तर पर इस मॉडल में पहली बार दिया गया है।

 

चार ड्राइविंग मोड और AWD के लिए Terrain Mode

 

SUV में Normal, Eco, Sport और Smart चार ड्राइविंग मोड दिए गए हैं। AWD वेरिएंट में Snow, Sand और Mud जैसे अतिरिक्त टेरेन मोड भी मिलते हैं।

 

सेफ्टी के लिहाज से Sorento में 10 एयरबैग, डिजिटल इनसाइड रियर-व्यू मिरर, ऑटोमेटेड पार्किंग असिस्टेंस, फ्रंट-रियर डैशकैम और Level 2+ ADAS जैसे फीचर्स दिए गए हैं।

 

Kia Sorento: एक नजर में

 

शुरुआती कीमत: ₹27.99 लाख (एक्स-शोरूम)

  • सीटिंग: 6-सीटर/7-सीटर
  • इंजन: 1.6-लीटर टर्बो पेट्रोल स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड और 2.2-लीटर डीजल
  • ड्राइव: FWD/AWD
  • हाइब्रिड पावर: 180 bhp + इलेक्ट्रिक मोटर
  • डीजल पावर: 193 bhp
  • हाइब्रिड गियरबॉक्स: 6-स्पीड ऑटोमैटिक
  • डीजल गियरबॉक्स: 8-स्पीड DCT
  • सेफ्टी: 10 एयरबैग और Level 2+ ADAS

Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 7 सितंबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन बाजार ने सीमित दायरे में कारोबार किया। सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त पर बंद हुए। हालांकि,मिडकैप शेयरों पर दबाव देखने को मिला और मिडकैप इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुआ। वहीं,निफ्टी बैंक में लगभग फ्लैट क्लोजिंग रही। आज सेंसेक्स 363 प्वाइंट चढ़कर 76,515 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 24 प्वाइंट चढ़कर 23,898 पर बंद हुआ। कैपिटल मार्केट और मेटल शेयरों में खरीदारी रही। रियल्टी,फार्मा और IT शेयरों पर दबाव रहा।

बैंक निफ्टी 11 प्वाइंट गिरकर 57,370 पर बंद हुआ। वहीं, मिडकैप 156 प्वाइंट गिरकर 63,079 पर बंद हुआ। निफ्टी के 50 में से 28 शेयरों में बिकवाली रही। सेंसेक्स के 30 में से 19 शेयरों में खरीदारी दिखी। बैंक निफ्टी के 14 में से 9 शेयरों में बिकवाली रही। रुपया बिना किसी बदलाव के 94.49/$ पर बंद हुआ।

बाजार पर एक्सपर्ट्स की राय

कोटक सिक्योरिटीज के हेड इक्विटी रिसर्च,श्रीकांत चौहान का कहना है कि शुक्रवार को भारतीय बेंचमार्क निफ्टी 50 और बीएसई सेंसेक्स ने लगातार चार दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ा और मामूली रिकवरी की। पूरे हफ्ते बाजार का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। निफ्टी मिडकैप 100 गिरावट के साथ बंद हुआ। जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स ने बेहतर मजबूती दिखाई। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण ग्लोबल इक्विटी मार्केट में बिकवाली का दबाव देखा गया। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ीं। इससे भारत के लिए फिस्कल और महंगाई से जुड़े जोखिम और बढ़ गए।

इसी दौरान,ग्लोबल बॉन्ड मार्केट में भारी बिकवाली हुई,जिससे सॉवरेन बॉन्ड यील्ड कई सालों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। US ट्रेजरी यील्ड में हुई इस बढ़ोतरी ने भारत समेत दुनिया भर के इक्विटी मार्केट में उतार-चढ़ाव को बढ़ावा दिया।

घरेलू मैक्रो-इकोनॉमिक मोर्चे पर भारत की Q1FY27 रियल GDP ग्रोथ शानदार 7.8% पर रही। इसने एक्सपोर्ट और इन्वेस्टमेंट में मजबूत ग्रोथ के दम पर बाजार की उम्मीदों को पीछे छोड़ दिया। हालांकि हाई-फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर्स उत्साहजनक बने हुए हैं,लेकिन त्योहारों के बाद की रफ्तार अहम बनी रहेगी।

इस हफ्ते भारतीय रुपये ने क्रूड ऑयल और यील्ड के दबाव के बावजूद मजबूती दिखाई,जिसे फॉरेन करेंसी नॉन-रेसिडेंट (FCNR) डिपॉजिट इनफ्लो का सहारा मिला।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि अमेरिकी फ़ेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका कम होने से भारतीय शेयर बाज़ार में तेजी रही। हालांकि,ऊंचे स्तरों पर मुनाफ़ा वसूली और मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण तेज़ी सीमित रही। निवेशकों की नज़र आज आने वाले अमेरिकी रोज़गार के आंकड़ों पर है,जबकि ब्याज दरों की आगे की चाल का अंदाज़ा लगाने के लिए अगले हफ़्ते आने वाले अमेरिकी CPI के आंकड़े अहम होंगे।

अगस्त में कोर महंगाई में मामूली गिरावट की उम्मीदों से फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने में कुछ समय के लिए रोक लगने की संभावना मजबूत हो सकती है और इससे बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव को काबू में रखने में मदद मिल सकती है।

घरेलू स्तर पर,पूरे बाजार में खास शेयरों और सेक्टरों में खरीदारी देखी गई और स्मॉल-कैप इंडेक्स ने इंट्राडे में अब तक के नए उच्चतम स्तर को छुआ। मजबूत अर्निंग ग्रोथ, टिकाऊ आर्थिक विकास और घरेलू स्तर पर मजबूत मांग से ब्रॉडर मार्केट में निवेशकों का भरोसा बना हुआ है।

निफ्टी टेक्निकल व्यू

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च हेड सुदीप शाह का कहना है कि शुक्रवार को निफ्टी में 107 अंको की सीमित ट्रेडिंग रेंज देखी गई और यह 0.10% की बढ़त के साथ सपाट स्तर पर बंद हुआ। डेली टाइमफ्रेम पर इंडेक्स ने अपर शैडो के साथ एक छोटी बॉडी वाली बेयरिश कैंडल बनाई। यह बाजार में अनिश्चितता और किसी स्पष्ट दिशा के बारे में पक्के संकेत न होने का इशारा है। पिछले पांच सेशन में निफ्टी लगभग 348 अंको की रेंज में ट्रेड कर रहा है। यह जब तक कि किसी भी तरफ कोई निर्णायक ब्रेकआउट न हो जाए तब तक लगातार कंसोलिडेशन होने के संकेत दे रहा है।

टेक्निकल नजरिए से निफ्टी अभी भी अपने 20-डे और 50-डे EMA के नीचे ट्रेड कर रहा है,जिससे निकट अवधि का स्ट्रक्चर सतर्कता वाला बना हुआ है। डेली RSI 30–50 ज़ोन में बना हुआ है,जो स्पष्ट मोमेंटम की कमी को दिखाता है। जबकि MACD ज़ीरो लाइन के नीचे ट्रेड कर रहा है,जिससे नेगेटिव रुझान बना हुआ है। वहीं,बढ़ता ADX ट्रेंड की तेजी में धीरे-धीरे बढ़ोतरी का संकेत है,जिससे पता चलता है कि उतार-चढ़ाव अधिक रह सकता है और दोनों तरफ के उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।

आगे 23750–23700 का जोन जो 61.8% फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल के बराबर है, निफ्टी के लिए एक अहम सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है। अगर यह लेवल 23700 टूटता है तो 23600–23570 के लेवल तक और गिरावट आ सकती है। ऊपर की तरफ,24050–24080 तत्काल रेजिस्टेंस का काम करेगा। लगातार 24080 के ऊपर बने रहने पर निफ्टी में 24200 के लेवल तक वापसी हो सकती है।

बैंक निफ्टी टेक्निकल व्यू

सुदीप शाह का कहना है कि बैंक निफ्टी लगभग 24 सेशन से एक ही दायरे में बना हुआ है,जिससे पता चलता है कि इसमें किसी खास दिशा में बढ़ने की गति की कमी है। इंडेक्स 0.02% की मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ और डेली चार्ट पर एक छोटी बॉडी वाली ‘बेयरिश कैंडल’ बनाई,जिसके दोनों तरफ विक्स (wicks) थीं। यह बाजार में अनिश्चितता का संकेत है। डेली RSI 50 के स्तर के आसपास न्यूट्रल बना रहा, जो मजबूत डायरेक्शनल मोमेंटम की कमी को दिखाता है।

आगे 56900–56800 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया के तौर पर काम कर सकता है। अगर यह इस स्तर से ऊपर बना रहता है तो मौजूदा कंसोलिडेशन का दौर जारी रह सकता है। ऊपर की तरफ,57800–57900 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस एरिया का काम कर सकता है। इस जोन से ऊपर ब्रेकआउट या 56800 से नीचे ब्रेकडाउन मौजूदा कंसोलिडेशन के दौर को खत्म कर सकता है और किसी खास दिशा में बड़ी चाल की शुरुआत हो सकती है।

 

Trading plan :ये बाजार पोजीशन लेकर जाने वाला नहीं, अपनी पोजिशन्स समेटें और सोमवार को नया नजरिया लेंगे

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Rise: 4 दिन बाद बाजार ग्रीन, जन्माष्टमी पर सेंसेक्स 362 अंक चढ़ा; फिर भी निवेशकों के ₹40894 करोड़ साफ

शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला शुक्रवार को कृष्ण जन्माष्टमी पर टूट गया। 4 दिन गिरावट में बंद होने के बाद 4 सितंबर को बाजार ने हरे निशान में क्लोजिंग की। सेंसेक्स 362.57 अंक चढ़कर 76,515.43 पर और निफ्टी 24.25 अंकों की बढ़त के साथ 23,897.70 पर बंद हुआ। लेकिन इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 40894 करोड़ रुपये घट गया।

3 सितंबर को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,88,71,693.344 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को मार्केट बंद होने पर यह 4,88,30,799.53 करोड़ रुपये रह गया। यानि कि 40,893.814 करोड़ रुपये की कमी। दिन में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 730 अंक तक चढ़कर 76,883.14 के हाई तक गया। निफ्टी भी पिछली क्लोजिंग से 132 अंकों की बढ़त के साथ 24,005.75 के हाई तक गया।

मार्केट बंद होने पर NSE पर SBI लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, टाटा स्टील, HDFC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, रिलायंस इंडस्ट्रीज और ट्रेंट टॉप गेनर रहे। वहीं HCL टेक्नोलॉजीज, भारती एयरटेल, मारुति सुजुकी इंडिया, बजाज फिनसर्व और मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट टॉप लूजर रहे।

रुपया और मजबूत

4 सितंबर को अमेरिकी मुद्रा डॉलर के मुकाबले भारतीय करेंसी रुपया 2 पैसे बढ़कर 94.49 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। एक दिन पहले डॉलर के मुकाबले रुपया 22 पैसे की मजबूती के साथ 94.51 पर बंद हुआ था। विदेशी मुद्रा जमा में उम्मीद से काफी अधिक राशि जुटने से देश के भुगतान संतुलन की स्थिति में सुधार होने से रुपये को सपोर्ट मिला। भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को कहा कि 31 अगस्त तक फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट (बैंक) या FCNR(B) जमा के तौर पर देश में 127.226 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश आया।

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एक दिन पहले कैसा रहा था बाजार

3 सितंबर को शेयर बाजार में पहले तेजी और बाद में गिरावट दिखी थी। बाजार लगातार चौथे दिन लाल निशान में बंद हुआ था। सेंसेक्स 417.49 अंक टूटकर 76,152.86 पर और निफ्टी 41 अंक फिसलकर 23,873.45 पर बंद हुआ। इससे पहले दिन में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 354.13 अंक तक उछलकर 76,924.48 के हाई तक गया था। निफ्टी भी पिछली क्लोजिंग से करीब 111 अंकों की बढ़त के साथ 24,025.40 के हाई तक गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

सरकारी गौशाला के पीछे चल रहा था करोड़ों का काला कारोबार: आईटीसी के नाम पर बन रही थीं नकली सिगरेट, ऐसे खुला राज

सरकारी गौशाला के पीछे चल रहा था करोड़ों का काला कारोबार: आईटीसी के नाम पर बन रही थीं नकली सिगरेट, ऐसे खुला राज

Hastinapur fake cigarette factory

हस्तिनापुर विधानसभा के खादर क्षेत्र में सरकारी गौशाला के पास पुराना स्कूल भवन और इसी की आड़ में चल रहा था करोड़ों के नकली सिगरेट का काला कारोबार। पुलिस ने दूधली खादर में एक ऐसी फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है, जहां नामी ब्रांड के नाम पर धड़ल्ले से नकली सिगरेट तैयार की जा रही थीं। छापेमारी में पुलिस के हाथ करीब डेढ़ करोड़ रुपये कीमत की तैयार नकली सिगरेट और इतनी ही कीमत का कच्चा माल पकड़ा है। वहीं पुलिस ने सिगरेट बनाने वाली मशीनें भी बरामद की हैं।

 

पुरानी सरकारी गौशाला की आड़ में फैक्टरी के अंदर देश की प्रमुख सिगरेट कंपनी आईटीसी के नाम से कई ब्रांड की नकली सिगरेट तैयार की जा रही थीं। पुलिस ने मौके से चार कर्मचारियों को पकड़ा है, जबकि फैक्टरी संचालक दिल्ली निवासी रवि किशोर को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

 

कंपनी की सूचना ने खोली फैक्टरी की पोल

नकली सिगरेट की इस फैक्टरी की सूचना पुलिस मुखबिर ने नही बल्कि आईटीसी सिगरेट कंपनी द्वारा दी गई। कंपनी के मैनेजर रेशू मिश्रा ने पुलिस को बताया था कि हस्तिनापुर से करीब आठ किलोमीटर दूर खादर इलाके में बड़े पैमाने पर नकली सिगरेट बनाई जा रही हैं।

 

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने फैक्टरी पर दबिश दी। अंदर का नजारा देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। मशीनों पर सिगरेट तैयार की जा रही थीं और चार कर्मचारी मौके पर काम करते मिले। पूछताछ में पता चला कि रात्रि मैं गिनती के कर्मचारी काम करते है जबकि दिन के समय यहां बड़ी संख्या में कर्मचारी सिगरेट बनाते है। 

 

बड़े ब्रांड, लेकिन माल पूरा नकली

फैक्टरी में किसी छोटे-मोटे ब्रांड की नहीं, बल्कि बाजार में खूब बिकने वाले नामों की नकल की जा रही थी। यहां गोल्ड फ्लेक, क्लासिक, विल्स नेवी कट, इंडिया किंग्स, इंसिग्निया, सैसर्स, प्लेयर्स और ब्रिस्टल के नाम से नकली सिगरेट तैयार की जा रही थीं। पुलिस की जांच में सामने आया है कि सिगरेट बनाने का कच्चा माल कंबोडिया से और तंबाकू राजस्थान से मंगाया जाता था। फैक्टरी में तैयार माल को यूपी के बाजार के अलावा हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली तक भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।

 

छह महीने से चल रहा था पूरा खेल

पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया है कि रवि किशोर पिछले करीब छह महीने से दूधली खादर में पुराने स्कूल भवन के पास इस फैक्टरी को संचालित कर रहा था। सरकारी गौशाला के बिल्कुल पास बड़े पैमाने पर नकली सिगरेट का उत्पादन चल रहा था, लेकिन स्थानीय स्तर पर इसकी भनक तक नहीं लगी। छापेमारी में मिली मशीनों, तैयार सिगरेट और भारी मात्रा में कच्चे माल ने साफ कर दिया कि यह कोई छोटा-मोटा सेटअप नहीं था, बल्कि बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जा रहा था।

 

करोड़ों के नेटवर्क की तलाश में पुलिस

फैक्टरी से बरामद माल की कीमत पुलिस ने करोड़ों रुपये में आंकी है। अब जांच का दायरा फैक्टरी से बाहर निकलकर पूरे नेटवर्क तक पहुंच रहा है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कच्चा माल कौन उपलब्ध कराता था, तैयार सिगरेट किन लोगों के जरिए बाजार तक पहुंचती थीं और इस कारोबार में रवि किशोर के साथ और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

 

साथ ही अलग-अलग राज्यों तक फैले सप्लाई नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि नकली सिगरेट का यह कारोबार अकेले इस फैक्टरी तक सीमित नहीं हो सकता। फिलहाल हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर पूरे सिंडिकेट की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

Trading plan :ये बाजार पोजीशन लेकर जाने वाला नहीं, अपनी पोजिशन्स समेटें और सोमवार को नया नजरिया लेंगे

Trading plan :बाजार फिर ऊपरी स्तरों पर फिर अटक गया है। रिलांयस के सपोर्ट के बावजूद निफ्टी 24000 पार करने में संघर्ष कर रहा है। बैंक निफ्टी भी 58000 के जोन पर फंसा हुआ है। ब्रॉडर मार्केट में सुस्ती है। कच्चा तेल 95 डॉलर प्रति बैरल पर बरकरार,हालांकि इंडिया VIX 3 परसेंट नीचे है। केबल इंडस्ट्री में आदित्या बिड़ला ग्रुप की एंट्री से दूसरे कंपनियों के शेयरों को जोर का झटका लगा है। KEI, पॉलीकैब और हैवेल्स में 5-8 परसेंट की तेज गिरावट आई है। तीनों शेयर वायदा के टॉप लूजर्स में शामिल हैं।

आज डिफेंस शेयर दम दिखा रहे हैं। निफ्टी डिफेंस इंडेक्स करीब एक परसेंट ऊपर है। GE एयरोस्पेस से 3 इंजन की डिलिवरी मिलने और गोल्डमैन सैक्स की बुलिश रिपोर्ट से HAL भागा है। यह शेयर करीब 4 परसेंट उछलकर वायदा के टॉप गेनर्स में शुमार है। कोचिन शिपयार्ड और गार्डनरीच में भी तेजी आई है। फाइनेंशियल और कैपिटल मार्केट शेयरों में भी खरीदारी आई है। दोनों इंडेक्स करीब एक परसेंट मजबूत हुए हैं। साथ ही चुनिंदा तेल-गैस, मेटल, सरकारी और प्राइवेट बैंकों में भी रौनक है। लेकिन फार्मा, रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में दबाव है।

बाजार: फिर वही कहानी

सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में रैली आई लेकिन ऊपरी स्तरों पर नहीं टिका। निफ्टी, बैंक निफ्टी फिर से रजिस्टेंस जोन में आ कर रुके अच्छी बात ये कि दोनों अभी भी ग्रीन में हैं। मिडकैप, स्मॉलकैप में आज अंडरपरफॉर्मेंस है। केबल & वायर शेयरों में बड़ी गिरावट है। कैपिटल मार्केट शेयरों में बड़ी तेजी। रिलायंस ने बुल्स के लिए लीडरशिप ली है। इंश्योरेंस शेयरों में अच्छी तेजी है। NSE के IPO से जुड़े शेयरों में भी तेजी है। चुनिंदा ऑटो शेयरों में आज भी कमजोरी

बाजार: अब क्या?

बाजार वापस दायरे में फंस गया है। बाजार के पास चलने के ट्रिगर्स नहीं हैं। ग्लोबल संकेत अच्छे हैं, लेकिन कच्चे तेल की तेजी ने कैप लगा दिया है। बड़ी तेजी के लिए कच्चे तेल का गिरना जरूरी है। बाजार में अभी भी रैली फेल होने पर बेच कर पैसा बना है। लेकिन अच्छी बात ये है कि बाजार गिरने को तैयार नहीं है जब तक 23,800 बचा है, बाजार में शायद ज्यादा गिरावट शायद ना हो। लेकिन 23,800 टूटा तो बड़ी गिरावट का रिस्क होगा। बैंक निफ्टी बार-बार 57,800 टेस्ट कर रहा है। अगर 57,800-58,000 पार हुआ तो बड़ा पॉजिटिव होगा।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी के लिए 23,800-23,850 पर सपोर्ट और 24,000-24,050 पर रेजिस्टेंस है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 57,300-57,500 पर सपोर्ट और 57,800-58,000 पर रेजिस्टेंस हैं।

प्री-CAS रणनीति

ये बाजार पोजीशन लेकर जाने वाला नहीं है। आज शाम को US का बेहद अहम Payroll डाटा आएगा। Payroll डाटा के बाद बॉन्ड यील्ड में बड़ा मूव आ सकता है। इसलिए अपनी पोजिशन्स समेटें और सोमवार को नया नजरिया लेंगे।

CAS पर CNBC-आवाज़: ट्रेडर्स के साथ

CAS पर CNBC-आवाज़ की मुहिम का असर देखने को मिला है। SEBI ने कहा है कि कैश मार्केट में CAS के नतीजों की समीक्षा जारी है। CAS में बदलाव का प्रस्ताव लाया जा सकता है। सेटलमेंट प्राइस तय करने के तरीके बदल सकते हैं। F&O सेटलमेंट प्राइस के तरीके में बदलाव संभव है। एक हफ्ते के भीतर कंस्लटेशन पेपर ला सकते हैं।

CAS पर मुहिम, रिटेल ट्रेडर्स के सुझाव

सभी शेयरों की क्लोजिंग एक जैसी हो। यह 3:15 या 3:30 PM हो सकती है। कैश, फ्यूचर्स की अलग-अलग क्लोजिंग से भ्रम रहता है। प्राइस रेंज को ±3% की बजाय 0-0.3% तक छोटा करें। प्राइस रेंज छोटी होने से ऑक्शन रेंज भी घटेगी। इससे CAS में प्राइसिंग ज्यादा अच्छी तरह निकलेगी। छोटे प्राइस बैंड से बड़े प्राइस स्विंग से बचेंगे। इससे ऑप्शन राइटर्स का जोखिम भी घटेगा। वॉल्यूम बढ़ने तक रेंज को छोटा रखना अच्छा। डेली सेटलमेंट को 3:15 बजे ही किया जाए।

एक्सपायरी के दिन एक्सपायर होने वाले ऑप्शन को CAS से बाहर रखें। अगर आज एक्सपायरी है तो एक्सपायरी ENDING TIME पर ऑप्शन सेटल हों। CAS का उद्देश्य प्राइस डिस्कवरी हो, ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं। प्री-ओपन की तरह टर्मिनल पर CAS के भाव भी दिखें। ऑप्शंस एक्सपायरी को CAS से डीलिंक किया जाए। ऑप्शंस की एक्सपायरी 3:15 पर कर दी जाए। 3:25 से 3:28 के बीच HFTs को ऑर्डर कैंसिल करने से रोका जाए। पहले की तरह 3:30 तक सामान्य ट्रेडिंग हो, बाद में 10 मिनट का CAS हो। हर ब्रोकर के टर्मिनल पर इंडिकेटिव भाव दिखने चाहिए।

 

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Rentomojo IPO 9 सितंबर से, ₹384-₹404 रहेगा प्राइस बैंड; ग्रे मार्केट में अभी से चढ़ा शेयर

फर्नीचर, अप्लायंसेज किराए पर देने वाली कंपनी रेंटोमोजो का ₹1,255.57 करोड़ का IPO 9 सितंबर को खुलने वाला है। इसके लिए प्राइस बैंड ₹384-₹404 प्रति शेयर तय किया गया है। लॉट साइज 37 शेयर है। इस इश्यू में ₹150 करोड़ के 37.15 लाख नए शेयर जारी होंगे। साथ ही ₹1,105.57 करोड़ के 2.74 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। OFS में कंपनी के प्रमोटर गीतांश बामनिया के साथ-साथ एक्सेल इंडिया IV (मॉरीशस), एडलवाइस डिस्कवरी फंड-सीरीज I, IDG वेंचर्स इंडिया फंड III LLC, वैल्यू क्वेस्ट S.C.A.L.E. फंड, मैडिसन इंडिया, चिराटे वेंचर्स, GMO पेमेंट गेटवे समेत कई निवेशक शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे।

IPO में एंकर निवेशक 8 सितंबर को बोली लगा सकेंगे। इश्यू की क्लोजिंग 11 सितंबर को होगी, जिसके बाद अलॉटमेंट 15 सितंबर को फाइनल होगा। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 17 सितंबर को लिस्ट हो सकते हैं। इश्यू के लिए मोतीलाल ओसवाल इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स, एक्सिस कैपिटल और IIFL कैपिटल सर्विसेज बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं। रजिस्ट्रार Kfin Technologies Ltd. है।

रेंटोमोजो ग्राहकों को घर के फर्नीचर और अप्लायंसेज के लिए किफायती, फ्लेक्सिबल और लॉन्ग टर्म सब्सक्रिप्शन प्लान उपलब्ध कराती है। इसके प्रोडक्ट्स में घर की जरूरी चीजें जैसे बेड, गद्दे, वॉशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर, अलमारी, सोफा, टेलीविजन, वॉशिंग मशीन, वॉटर प्योरिफायर आदि शामिल हैं। IPO में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

रेंटोमोजो अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयर जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए, वेयरहाउस और एक्सपीरियंस स्टोर्स के लिए लीज रेंटल/लाइसेंस फीस का पेमेंट करने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर 8.17 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है।

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Rentomojo की वित्तीय सेहत

कंपनी का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 45 प्रतिशत बढ़कर 394 करोड़ रुपये हो गया। शुद्ध मुनाफा 142 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 104.30 करोड़ रुपये रहा। इस बीच कंपनी पर 187.59 करोड़ रुपये की उधारी थी। एक साल पहले रेवेन्यू 271.96 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 43.11 करोड़ रुपये रहा था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।