UltraTech Cement Share Price: नतीजों के बाद शेयर 2% चढ़ा, क्या ₹14000 तक जाएगा भाव, जानें एनालिस्टों की राय

UltraTech Cement Share Price: देश की सबसे बड़ी सीमेंट निर्माता कंपनी, अल्ट्राटेक सीमेंट (UltraTech Cement) के शेयरों बुधवार को 2 फीसदी से ज्यादा चढ़ गए। हालांकि, वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में कंपनी का मुनाफा उम्मीद से कम रहा, जिसके चलते इस स्टॉक के भविष्य को लेकर ब्रोकरेज फर्मों की राय बंटी हुई है। कंपनी के वॉल्यूम में तो अच्छी ग्रोथ दिखी, लेकिन कच्चे माल की ऊंची लागत के कारण मुनाफे पर दबाव बना रहा।

NSE पर अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर 2.90 फीसदी बढ़कर 10,959 रुपये पर पहुंच गए, जबकि पिछले दिन ये 10,650 रुपये पर बंद हुए थे। दोपहर करीब 2:25 बजे, जब यह रिपोर्ट तैयार की जा रही थी, तब यह स्टॉक 10,810 रुपये पर ट्रेड कर रहा था, जो 156 रुपये या 1.46 फीसदी की बढ़त दर्शाता है।

अल्ट्राटेक सीमेंट ने वित्त वर्ष 2027 की जुलाई-सितंबर तिमाही में अपने कंसोलिडेटेड मुनाफे में 21.27 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जो 1,501.38 करोड़ रुपये रहा। इसमें अधिक बिक्री वॉल्यूम, लागत में कमी (कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन) और प्रीमियम उत्पादों पर फोकस का बड़ा योगदान रहा।

रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, आदित्य बिड़ला ग्रुप की इस प्रमुख कंपनी ने एक साल पहले इसी जुलाई-सितंबर की अवधि में 1,237.98 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया था।इस तिमाही में कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 18.81 प्रतिशत बढ़कर 23,295.07 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह 19,606.93 करोड़ रुपये था।

स्टॉक्स पर क्या है ब्रोकरेज की राय

HSBC

ब्रोकरेज फर्म HSBC ने अल्ट्राटेक सीमेंट के लिए अपनी ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है और इसका टारगेट प्राइस 14,200 रुपये तय किया है। फर्म का कहना है कि डी-रेटिंग के बाद अब इस स्टॉक का वैल्यूएशन और भी आकर्षक हो गया है। ब्रोकरेज ने बताया कि स्टॉक का एक साल का फॉरवर्ड EV/EBITDA मल्टीपल, इसके पांच साल के औसत 19.8x से नीचे आ गया है। HSBC ने बताया कि ईंधन की लागत में भारी बढ़ोतरी (तिमाही-दर-तिमाही आधार पर 12 प्रतिशत की वृद्धि) के बावजूद, कंपनी ने वॉल्यूम में मजबूत ग्रोथ (साल-दर-साल 13.9 प्रतिशत) दर्ज की है। साथ ही, सितंबर और अक्टूबर में सीमेंट की कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई है, और बढ़ती लागत की भरपाई के लिए अगले दो से तीन महीनों में कीमतों में और बढ़ोतरी होने के संकेत हैं।

ब्रोकरेज फर्म ने यह भी बताया कि केबल और वायरलेस बिजनेस में, कंपनी ने 18 अरब रुपये के नियोजित निवेश के मुकाबले 11 अरब रुपये का निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है। इसके अलावा, अल्ट्राटेक सीमेंट स्थापित क्षमता (इंस्टॉल्ड कैपेसिटी) के मामले में दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है।

JPMorgan

ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन (JPMorgan) ने स्टॉक पर अपनी ‘ओवरवेट’ रेटिंग बरकरार रखी है और 12,900 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। ब्रोकरेज के अनुसार, कंपनी का दूसरी तिमाही का EBITDA उनके अनुमानों के अनुरूप रहा, जबकि वॉल्यूम में 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो उनकी उम्मीदों से बेहतर है। हालांकि, अधिक लागत के कारण प्रति मीट्रिक टन (MT) EBITDA अनुमानों से कम रहा।

जेपी मॉर्गन ने बताया कि प्रबंधन के अनुसार सीमेंट की कीमतें और बढ़ सकती हैं, खासकर मानसून के बाद और त्योहारी सीजन में मांग में सुधार को देखते हुए। ब्रोकरेज का कहना है कि भले ही लागत का दबाव बना रहे, लेकिन कीमतों में बढ़ोतरी से भारतीय सीमेंट सेक्टर को अपने हालिया कमजोर प्रदर्शन को सुधारने में मदद मिल सकती है।

Kotak Institutional Equities

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज (Kotak Institutional Equities) ने ईधन और ऊर्जा की कीमतों को लेकर अनिश्चितता का हवाला देते हुए अल्ट्राटेक सीमेंट पर ‘Sell’ रेटिंग दी है और 8,900 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। कोटक के अनुसार, कंपनी का कंसोलिडेटेड EBITDA काफी हद तक अनुमानों के अनुरूप रहा और वॉल्यूम में साल-दर-साल 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो इंडस्ट्री के 10 फीसदी के अनुमान से अधिक है। हालांकि, ऊर्जा लागत को लेकर स्पष्टता न होने से निकट भविष्य के आउटलुक पर अनिश्चितता बनी हुई है।

ब्रोकरेज ने मुख्य रूप से ऊर्जा की अधिक कीमतों के कारण FY27 के लिए अपने EBITDA अनुमान में 6 फीसदी की कटौती की है, जबकि FY28 और FY29 के अनुमानों में 3 फीसदी की कमी की है। इसके अलावा, ब्रोकरेज ने बताया कि अल्ट्राटेक अगले दो से तीन वर्षों में अपनी क्षमता को 35 मिलियन टन प्रति वर्ष (mtpa) और बढ़ाने की राह पर है, जिससे कंपनी की कमाई में अच्छी बढ़ोतरी हो सकती है और बाजार हिस्सेदारी (मार्केट शेयर) में भी इजाफा हो सकता है। इसमें यह भी बताया गया है कि कंपनी के वायर और केबल कारोबार ने इस साल सितंबर में काम करना शुरू कर दिया है, और वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही तक इसके लिए 60 प्रतिशत पूंजीगत व्यय (capex) किया जा चुका है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Share Market Fall: सुबह की बंपर तेजी के बाद दोपहर में आई तबाही! इन 4 वजहों से सेंसेक्स दिन के हाई से 1,200 अंक टूटा

Share Market Fall: भारतीय शेयर बाजार में आज दोपहर के कारोबार के दौरान बिकवाली का भारी दबाव देखने को मिल रहा है। दिन के ऊपरी स्तरों से सेंसेक्स में करीब 1,200 अंकों की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। दोपहर 1:47 बजे सेंसेक्स 558.68 अंक (-0.75%) टूटकर 73,294.22 पर कारोबार कर रहा है, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 213.20 अंक (-0.93%) गिरकर 22,675.75 के स्तर पर आ गया है। ब्रॉडर मार्केट में मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स 1% से 2% से अधिक टूट चुके हैं। निफ्टी बैंक 783.95 अंक (-1.41%) गिरकर 54,704.15 पर आ गया है।

बाजार में आई इस तेज गिरावट के 4 मुख्य कारण

1. ऊपरी स्तरों पर भारी मुनाफावसूली

बाजार में आई इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह ऊपरी स्तरों पर हावी हुई मुनाफावसूली है। जहां ICICI Bank और Reliance Industries बाजार को संभालने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं ऑटो और बैंकिंग सेक्टर में भारी बिकवाली है। निफ्टी ऑटो इंडेक्स 1% से ज्यादा टूट गया है, जिसमें Sona BLW, TVS Motor और Eicher Motors जैसे शेयरों में 2% से 3% तक की गिरावट दर्ज की गई। खराब नतीजों के चलते Gallantt Ispat में 7% और ABB India में 5% की गिरावट देखी गई। हालांकि, निफ्टी आईटी (+2.39%) इंडेक्स इंफोसिस और टीसीएस के दम पर मजबूती से टिका

2. क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी सैन्य हलचल के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल $110 प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल आयात करता है, जिससे महंगे क्रूड का सीधा असर देश के इम्पोर्ट बिल, वित्तीय घाटे और कॉर्पोरेट मार्जिन पर पड़ता है। जिओजित इन्वेस्टमेंट्स के एक्सपर्ट्स के अनुसार, क्रूड ऑयल और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी बाजार को दबाव में रख रही है।

3. टेक्निकल रेजिस्टेंस

टेक्निकल एक्सपर्ट्स के विश्लेषण के आधार पर निफ्टी के लिए 23,100 से 23,175 का स्तर एक मजबूत रेजिस्टेंस बना हुआ है। एनालिस्ट्स के मुताबिक, जब तक बाजार इस स्तर को पार नहीं करता, तब तक रिकवरी मुश्किल है। कोटक नियो और बजाज ब्रोकिंग के अनुसार, 22,750 और 22,800 का इमीडिएट सपोर्ट लेवल टूटने के बाद बाजार अब 22,500 से 22,600 के दायरे को री-टेस्ट कर सकता है।

4. India VIX में 7.5% का उछाल

बाजार में डर और उतार-चढ़ाव को दर्शाने वाला ‘इंडिया विक्स’ (India VIX) इंडेक्स आज 7.5% चढ़ गया है। विक्स में आई यह तेजी इस बात का साफ संकेत है कि ट्रेडर्स और निवेशक आने वाले दिनों में बाजार में और ज्यादा उठापटक की आशंका जता रहे हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Zetwerk Manufacturing IPO का अलॉटमेंट आज, 21 अक्टूबर को; 3.10 गुना भरा ₹5012 करोड़ का इश्यू

जेटवर्क मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस लिमिटेड का ₹5,012.33 करोड़ का IPO 3.10 गुना सब्सक्रिप्शन के साथ बंद हो चुका है। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 4.71 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.45 गुना, रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 0.77 गुना और एंप्लॉयीज के लिए रिजर्व हिस्सा 1.59 गुना भरा। अब 21 अक्टूबर को अलॉटमेंट फाइनल हो सकता है।

जिन लोगों ने Zetwerk Manufacturing IPO में पैसे लगाए हैं, वे इसकी रजिस्ट्रार Kfin Technologies और स्टॉक एक्सचेंज BSE की वेबसाइट पर जाकर अलॉटमेंट स्टेटस चेक कर सकते हैं। इसकी प्रोसेस इस तरह है…

Kfin Technologies की वेबसाइट से

  • https://ipostatus.kfintech.com/ पर जाएं।
  • IPO में Zetwerk Manufacturing सिलेक्ट करें।
  • अब एप्लीकेशन नंबर, PAN और डीमैट अकाउंट में से किसी एक को सिलेक्ट कर डिटेल्स एंटर करें।
  • ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें।

BSE से कैसे करें चेक

  • https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx पर जाएं।
  • इश्यू का टाइप ‘इक्विटी’ चुनें।
  • ड्रॉपडाउन मेन्यू से Zetwerk Manufacturing IPO चुनें।
  • एप्लीकेशन नंबर या PAN डिटेल्स एंटर करें।
  • ‘कैप्चा’ डालें।
  • ‘सर्च’ बटन पर क्लिक करें।

Zetwerk Manufacturing IPO के लिए प्राइस बैंड ₹143-151 प्रति शेयर तय था। IPO में ₹2,830 करोड़ के नए शेयर जारी हुए, साथ ही ₹2,182.33 करोड़ के शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहा। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 23 अक्टूबर को लिस्ट हो सकते हैं। कंपनी ने IPO की ओपनिंग से एक दिन पहले एंकर इनवेस्टर्स से ₹2,251.23 करोड़ जुटाए थे।

क्या करती है Zetwerk Manufacturing

जेटवर्क पहले एक डिजिटल मार्केटप्लेस थी और अब मैन्युफैक्चरर्स को ग्राहकों से जोड़कर एक एंड-टू-एंड इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म बन गई है। यह कई सेक्टर्स में कस्टम-बिल्ट कंपोनेंट्स के लिए इंजीनियरिंग, उत्पादन और डिलीवरी को व्यवस्थित करती है। ग्राहक डिजाइन प्रदान करते हैं, जेटवर्क सप्लायर का चयन, गुणवत्ता नियंत्रण, टाइमलाइंस और लॉजिस्टिक्स को संभालती है। कंपनी लैपटॉप, हियरेबल्स, वियरेबल्स, IT हार्डवेयर बनाती है।

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IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

Zetwerk अपने IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल अपना और सब्सिडियरीज का कर्ज चुकाने, पहले से न पता अधिग्रहणों, अन्य रणनीतिक निवेशों और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹4,195.70 करोड़ और शुद्ध घाटा ₹732.98 करोड़ रहा। इस बीच कंपनी पर ₹1,942.19 करोड़ की उधारी थी। वित्त वर्ष 2025-26 में जेटवर्क का रेवेन्यू 40 प्रतिशत बढ़कर ₹16,100.63 करोड़ रहा। घाटा 1,606.17 करोड़ दर्ज किया गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Trading Ideas : बाजार में बढ़त के साथ हो रहा कारोबार, शॉर्ट टर्म में बंपर कमाई के लिए ये शेयर हैं तैयार

Trading Ideas : भारतीय बेंचमार्क सूचकांक मजबूती के साथ कारोबार कर रहे हैं। सेंसेक्स 385.93 अंक या 0.52 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,238.83 पर और निफ्टी 80.80 अंक या 0.35 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,969.75 पर दिख रहा है। सेक्टर्स की बात करें तो IT इंडेक्स में 2% से अधिक की तेजी दिख रही है। जबकि ऑटो इंडेक्स 1% नीचे कारोबार कर रहा है। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.7% और स्मॉलकैप इंडेक्स 1% की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे हैं

चॉइस ब्रोकिंग के VP, टेक्निकल रिसर्च सचिन गुप्ता का कहना है कि आज के संकेत बाजार में रिकवरी की संभावना जता रहे हैं, हालांकि बाजार की मजबूती इस बात पर निर्भर करेगी कि ग्लोबल स्तर पर जोखिम लेने की क्षमता कैसी रहती है। निवेशक तिमाही नतीजों, कच्चे तेल की कीमतों और संस्थागत निवेशकों के रुख नजर रखेंगे। इनकी बाजार को नई दिशा देने में अहम भूमिका होगी।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट,वी के विजयकुमार का कहना है कि ब्रेंट क्रूड की कीमतें और US बॉन्ड यील्ड ऊंचे बने रहने के कारण, बाजार पर दबाव बना रह सकता है। निकट भविष्य में ‘तेजी आने पर बिकवाली’ (sell on rally) का ट्रेंड जारी रहने की संभावना है। हालांकि, बेहतर होती अर्निंग्स ग्रोथ, लार्ज-कैप शेयरों के फेयर वैल्यूएशन और मजबूत घरेलू लिक्विडिटी के चलते,गिरावट के समय बाजार को सपोर्ट मिलेगा। चूंकि दो बड़े पिछड़ रहे सेक्टर, IT और बैंकिंग ने Q2 में अच्छा प्रदर्शन किया है और इनके वैल्यूएशन भी आकर्षक हैं,इसलिए इन सेक्टरों में और गिरावट आने पर DII (घरेलू संस्थागत निवेशक) की ओर से जोरदार खरीदारी देखने को मिल सकती है।

चूंकि Q2 के नतीजों का दौर पॉजिटिव शुरुआत के साथ शुरू हुआ है और ब्रॉडर मार्केट में कुछ अच्छे सरप्राइज मिलने की उम्मीद है, इसलिए आगे चलकर बाजार की चाल मुख्य रूप से अलग-अलग शेयरों और नतीजों पर निर्भर करेगी। बाहरी चुनौतियों के बावजूद,यह अब ऐसे बाजार में बदल गया है जहां सही शेयरों को चुनना (stock picking) सबसे महत्वपूर्ण है।

शॉर्ट टर्म में बंपर कमाई के लिए इन शेयरों पर रहे नजर

आनंद राठी में इक्विटी रिसर्च के सीनियर मैनेजर जिगर एस. पटेल की टॉप पिक्स

एथर एनर्जी (Ather Energy)

एथर एनर्जी एक अहम सपोर्ट ज़ोन के पास ट्रेड कर रहा है, जहां 50-डे एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) और 61.8% फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल एक साथ मिल रहे हैं, जिससे एक मज़बूत तकनीकी सपोर्ट बनता है।

इसके अलावा, डेली चार्ट पर रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) में एक ‘हिडन बुलिश डाइवर्जेंस’ दिखाई दे रहा है, जो मौजूदा अपट्रेंड के फिर से शुरू होने की संभावना का संकेत देता है। यह पैटर्न तब बनता है जब RSI एक ‘लोअर लो’ (निचला स्तर) बनाता है, जबकि कीमत एक ‘हायर लो’ (ऊंचा स्तर) बनाती है। इससे पता चलता है कि बीच-बीच में आई कमजोरी के बावजूद, मेन बुलिश स्ट्रक्चर अभी भी बरकरार है।

डायनामिक मूविंग-एवरेज सपोर्ट, फिबोनाची कॉन्फ्लुएंस और पॉजिटिव मोमेंटम सिग्नल्स का मेल तकनीकी नजरिए को मजबूत बनाता है। ट्रेडर्स 1,430–1,460 रुपये के ज़ोन में लॉन्ग पोजीशन लेने पर विचार कर सकते हैं। 1,370 रुपये के स्टॉप-लॉस के साथ टारगेट 1,600 रुपये पर रखें।

ACME सोलर होल्डिंग्स (ACME Solar Holdings)

यह स्टॉक 50-डे EMA के पास ट्रेड कर रहा है, जो इचिमोकू क्लाउड (Ichimoku cloud) के सपोर्ट के साथ मेल खाता है, जिससे एक महत्वपूर्ण ‘कॉन्फ्लुएंस ज़ोन’ (confluence zone) बन रहा है। इसके अलावा, चार्ट पर एक AB=CD हार्मोनिक पैटर्न भी दिख रहा है, जो ट्रेंड में बदलाव (reversal) या मौजूदा ट्रेंड के फिर से शुरू होने की संभावना का संकेत है।

डेली RSI ने एक ‘हिडन बुलिश डाइवर्जेंस’ भी बनाया है, जो यह संकेत देता है कि हालिया प्राइस करेक्शन के बावजूद, मूल बुलिश स्ट्रक्चर अभी भी बरकरार है। मूविंग-एवरेज सपोर्ट, इचिमोकू क्लाउड सपोर्ट और पॉजिटिव मोमेंटम सिग्नल्स का मेल तकनीकी दृष्टिकोण को और मजबूत बनाता है। ट्रेडर्स ACME सोलर होल्डिंग्स में 410–420 रुपये के ज़ोन में लॉन्ग पोजीशन ले सकते हैं, जिसका टारगेट 465 रुपये होगा। स्टॉप-लॉस 390 रुपए पर रखें।

ओरिएंटल होटल्स (Oriental Hotels)

ओरिएंटल होटल्स में पॉजिटिव टेक्निकल संकेत हैं। स्टॉक में अपने 50-डे EMA के ठीक ऊपर एक कंसोलिडेशन के दौर के बाद एक मजबूत ब्रेकआउट देखने को मिला है। यह कंसोलिडेशन कीमतों में स्थिरता और एक संभावित सपोर्ट बेस बनने का संकेत देता है, जबकि इसके बाद आया ब्रेकआउट खरीदारी में बढ़ती दिलचस्पी और आगे और तेजी आने की संभावना को दर्शाता है।

डेली और वीकली, दोनों चार्ट्स पर RSI 60 के स्तर के आसपास या उससे ऊपर है, जो एक बुलिश आउटलुक का संकेत देता है। यह दर्शाता है कि शॉर्ट-टर्म और मीडियम-टर्म, दोनों समय-सीमाओं में मोमेंटम मजबूत हो रहा है।

ट्रेडर्स 147–150 रुपये के ज़ोन में लॉन्ग पोजीशन लेने पर विचार कर सकते हैं, जिसका टारगेट 165 रुपये होगा। स्टॉप-लॉस 140 रुपए पर रखें।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

L&T Tech Share Price: 15% तक की छलांग, मुनाफा 67% बढ़ने से बंपर खरीद; अब क्या हो स्ट्रैटेजी

लार्सन एंड टुब्रो टेक्नोलॉजी सर्विसेज (L&T Technology Services) के शेयरों में 21 अक्टूबर को दिन में लगभग 15 प्रतिशत तक की ​तेजी दिखी। BSE पर शेयर 4140.50 रुपये के हाई तक गया। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 42000 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। कंपनी ने 19 अक्टूबर को तिमाही नतीजे जारी किए थे, जो कि अच्छे रहे। 20 अक्टूबर को शेयर बाजार में दशहरा की छुट्टी थी। लिहाजा निवेशक आज अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही में कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 66.78 प्रतिशत बढ़कर 548.2 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 328.7 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 12.1 प्रतिशत बढ़कर 3,040.4 करोड़ रुपये रहा। सितंबर 2025 तिमाही में यह 2,713.3 करोड़ रुपये था।कंपनी का कहना है कि उसके मुनाफे में स्मार्ट वर्ल्ड एंड कम्युनिकेशन (एसडब्ल्यूसी) कारोबार की बिक्री से मिले 165 करोड़ रुपये का एकमुश्त लाभ शामिल है।

L&T Technology Services को सितंबर 2026 तिमाही में 20 करोड़ डॉलर से अधिक की कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू वाले बड़े कॉन्ट्रैक्ट मिले। इनमें आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस (एआई) से जुड़े कॉन्ट्रैक्ट्स की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से अधिक रही। कंपनी का EBIT 496.6 करोड़ रुपये रहा और EBIT मार्जिन 16.3 प्रतिशत दर्ज किया गया।

L&T Tech ने घोषित किया अंतरिम डिविडेंड

कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 20 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है। रिकॉर्ड डेट 27 अक्टूबर 2026 है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे। शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है। यह BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है।

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शेयर पर ब्रोकरेज की राय

मोतीलाल ओसवाल ने L&T Technology Services के शेयर पर ‘न्यूट्रल’ रेटिंग बरकरार रखी है। लेकिन टारगेट प्राइस 3,400 रुपये से बढ़ाकर 3,850 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। कंपनी का कहना है कि कंपनी के फंडामेंटल्स अभी भी आकर्षक हैं, लेकिन इंजीनियरिंग, रिसर्च और डेवलपमेंट इंडस्ट्री को कमजोर मैक्रोइकॉनॉमिक स्थितियों और ऑटो व टेक्नोलॉजी जैसे सेक्टर्स के दबाव से उबरने में अभी और समय लगेगा। नुवामा ने ‘होल्ड’ रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस को 3,400 रुपये से बढ़ाकर 3,450 रुपये कर दिया है। नोमुरा ने भी ‘न्यूट्रल’ रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस 3,290 रुपये से बढ़ाकर 3,500 रुपये कर दिया है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

दिवाली पर क्यों खुलता है शेयर बाजार? जानिए मुहूर्त ट्रेडिंग की परंपरा और ‘चोपड़ा पूजन’ से जुड़ी ये दिलचस्प कहानी

Muhurat Trading 2026 Details & History: भारत में दिवाली केवल दीपों और खुशियों का पर्व नहीं है, बल्कि शेयर बाजार के निवेशकों और व्यापारियों के लिए एक बेहद शुभ अवसर भी है। हर साल दिवाली के दिन भारतीय शेयर बाजार (BSE और NSE) नियमित कारोबार के लिए बंद रहते हैं, लेकिन शाम को एक विशेष ‘मुहूर्त ट्रेडिंग’ सत्र का आयोजन किया जाता है। हिंदू मान्यताओं और परंपराओं के अनुसार, इस शुभ समय में किया गया निवेश साल भर समृद्धि और धन-लाभ लेकर आता है।

मुहूर्त ट्रेडिंग 2026: जानिए तारीख और समय

इस साल दिवाली के अवसर पर मुहूर्त ट्रेडिंग का विशेष सत्र रविवार, 8 नवंबर 2026 को आयोजित किया जाएगा।

मुख्य ट्रेडिंग सत्र: दोपहर 2:20 बजे से अपराह्न 3:30 बजे तक (कुल 1 घंटा)

प्री-ओपनिंग सेशन: दोपहर 2:05 बजे से दोपहर 2:20 बजे तक

इस एक घंटे के विशेष ट्रेडिंग विंडो में निवेशक इक्विटी, कमोडिटी, करेंसी और डेरिमेंटिव्स में नए ट्रेड और निवेश की शुरुआत करते हैं।

कब और कैसे हुई मुहूर्त ट्रेडिंग की शुरुआत?

भारतीय शेयर बाजार में मुहूर्त ट्रेडिंग की परंपरा दशकों पुरानी है:

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE): बीएसई में मुहूर्त ट्रेडिंग की शुरुआत साल 1957 में हुई थी।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE): एनएसई ने इस परंपरा को साल 1992 से अपनाना शुरू किया।

डिजिटल ट्रेडिंग और डीमैट खातों से पहले के दौर में व्यापारी और ब्रोकर्स इस दिन पारंपरिक पोशाक पहनकर दलाल स्ट्रीट स्थित बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के ट्रेडिंग रिंग में शारीरिक रूप से इकट्ठा होते थे और सौदे दर्ज करते थे।

सांस्कृतिक जड़ें: चोपड़ा पूजन से जुड़ा है इतिहास

मुहूर्त ट्रेडिंग की जड़ें मुख्य रूप से गुजराती और मारवाड़ी व्यापारी समुदायों की पुरानी व्यावसायिक परंपराओं से जुड़ी हैं। दिवाली के दिन व्यापारी अपने पुराने बही-खातों को बंद करके नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत करते थे और ‘चोपड़ा पूजन’ का अनुष्ठान करते थे। इस पूजा में धन और समृद्धि की देवी मां लक्ष्मी और भगवान गणेश का आशीर्वाद लिया जाता था।

शेयर बाजार में मुहूर्त ट्रेडिंग इसी पारंपरिक अनुष्ठान का एक आधुनिक और डिजिटल रूप बनकर उभरी है, जिसे निवेशक नए संवत की शुभ शुरुआत मानते हैं।

निवेशकों के लिए जरूरी सलाह: सावधानी है जरूरी

चूंकि यह विशेष ट्रेडिंग सत्र केवल एक घंटे के लिए होता है, इसलिए बाजार में कम समय के भीतर काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। वैसे आपको बता दें कि मुहूर्त ट्रेडिंग में केवल शुभ मुहूर्त में निवेश की परंपरा है। यह किसी भी तरह से मुनाफे की गारंटी नहीं देती। इसलिए, निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी तरह के भावुक या जल्दबाजी में लिए गए फैसलों से बचें और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में ही सोच-समझकर निवेश करें।

Jio Platforms IPO: इश्यू का QIB हिस्सा सिर्फ 28 मिनट में लगभग 2 गुना भरा, निवेश के पहले जानिए 10 अहम बातें

Jio Platforms IPO : NSE प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के IPO का ‘क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स’ (QIBs) वाला हिस्सा 28 मिनट के भीतर ही 1.95 गुना भर गया। नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) का हिस्सा 11 प्रतिशत बुक हुआ है। जबकि रिटेल हिस्से का 8 फीसदी हिस्सा भरा है। कुल मिलाकर,अब तक यह इश्यू 56 प्रतिशत सब्सक्राइब हो चुका है।

एंकर निवेशकों ने जम कर किया निवेश

19 अक्टूबर को जियो प्लेटफॉर्म्स ने 212 एंकर निवेशकों से 8,109.84 करोड़ रुपये जुटाए। इन निवेशकों में ब्लैकरॉक, कैपिटल ग्रुप, फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट्स, टी. रो प्राइस, श्रोडर्स, जेपी मॉर्गन एसेट मैनेजमेंट, फ्रैंकलिन टेम्पलटन, इनवेस्को और प्रूडेंशियल शामिल हैं। जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO के लिए एंकर निवेशकों की मांग लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जिससे यह इतनी बड़ी बोली हासिल करने वाला पहला भारतीय IPO बन गया।

इश्यू सब्सक्राइब करने से पहले इन 10 बातों पर रहे नजर

1) जियो प्लेटफॉर्म्स IPO की तारीख

यह IPO आज पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। सब्सक्रिप्शन 23 अक्टूबर को बंद होगा।

2) प्राइस बैंड

जियो प्लेटफॉर्म्स IPO का प्राइस बैंड 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। इस ऑफर में 27 करोड़ शेयरों का फ्रेश इश्यू शामिल है।

3) जियो प्लेटफॉर्म्स एंकर बुक

कंपनी ने 212 एंकर निवेशकों से 8,109.84 करोड़ रुपये जुटाए। इस इश्यू में कई बड़े सॉवरेन वेल्थ फंड और पेंशन फंड ने भी निवेश किया है, जिनमें सिंगापुर का GIC, नॉर्जेस बैंक इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, PSP इन्वेस्टमेंट्स, कैलिफोर्निया स्टेट टीचर्स रिटायरमेंट सिस्टम और फ्लोरिडा रिटायरमेंट सिस्टम शामिल हैं।

घरेलू संस्थागत निवेशकों की मांग भी मजबूत रही है। एसबीआई म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, आदित्य बिड़ला सन लाइफ, निप्पॉन इंडिया और कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड जैसे प्रमुख म्यूचुअल फंड हाउसों ने इस इश्यू में हिस्सा लिया। इसके अलावा, जीवन बीमा निगम (LIC), एचडीएफसी लाइफ, एसबीआई लाइफ, एसबीआई पेंशन, एचडीएफसी पेंशन, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल और यूटीआई पेंशन जैसी प्रमुख बीमा कंपनियों और पेंशन फंडों ने भी इसमें भाग लिया।

4) जियो प्लेटफॉर्म्स IPO GMP

ग्रे मार्केट गतिविधियों पर नज़र रखने वाले प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक कंपनी के शेयरों का GMP 22-23 प्रतिशत के बीच चल रहा है। ‘इन्वेस्टरगेन’ (Investorgain) ने कंपनी के शेयरों के लिए 247 रुपये का GMP बताया है, जो 22.1 प्रतिशत का लिस्टिंग गेन दर्शाता है, जबकि ‘IPO वॉच’ (IPO Watch) ने 23.2 प्रतिशत का GMP बताया है।

5)Jio Platforms IPO पर ब्रोकरेज की राय

मोतीलाल ओसवाल ने कहा है कि इस इश्यू में लिस्टिंग गेन और लंबी अवधि के लिए सब्सक्राइब करें। यह सब्सक्राइबर बेस के हिसाब से भारत का सबसे बड़ा डिजिटल कनेक्टिविटी प्लेटफॉर्म है,जो देश के ज़्यादातर वायरलेस डेटा ट्रैफिक को कैरी करता है, जिसमें प्रोप्राइटरी टेक्नोलॉजी पर बना देश भर में 5G नेटवर्क और JioAirFiber के तहत बढ़ता हुआ फिक्स्ड वायरलेस ब्रॉडबैंड बिज़नेस शामिल है। इसकी डिजिटल सर्विसेज़ क्लाउड एंटरप्राइज़ सॉल्यूशंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक फैली हुई हैं। इसकी प्रमोटर रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

HDFC सिक्योरिटीज ने जियो प्लेटफॉर्म्स पर अपने IPO नोट में इसकी प्रतिस्पर्धी ताकतों पर जोर दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि एक विशेष वर्टिकल टेक्नोलॉजी स्टैक और इंजीनियरिंग क्षमताएं, उन्नत और स्वतंत्र नेटवर्क टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर, व्यापक डिजिटल कनेक्टिविटी और हाई-स्पीड नेटवर्क तक पहुंच जैसी खासियतें कंपनी को बढ़त देती हैं।

फिलिपकैपिटल का कहना है कि 2016 में अपनी शुरुआत के बाद से जियो प्लेटफॉर्म्स ने आक्रामक कीमतों और अलग तरह के ऑफर्स के जरिए पिछले एक दशक में भारत के टेलीकॉम की दुनिया को पूरी तरह बदल दिया है।

एमके ग्लोबल ने कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स की बाजार में लीडिंग पोजीशन,कीमतों को तय करने की क्षमता,विकास के कारकों और काम करने के बेहतरीन रिकॉर्ड को देखते हुए, इसके इश्यू का भाव काफी अच्छा है। कंपनी का काम करके दिखाने का रिकॉर्ड भरोसेमंद है। जैसे-जैसे 5G निवेश का दौर पूरा होगा,कंपनी का कैश जनरेशन और मजबूत होता जाएगा।

SBICAPS के मुताबिक इश्यू की कीमत कंपनी के स्केल,अर्निंग ग्रोथ,तकनीकी क्षमताओं और भविष्य में कमाई की लंबी अवधि की संभावनाओं को दिखाती है। उधार की रकम चुकाने से लीवरेज (कर्ज के बोझ) और फाइनेंस लागत में कमी आने,कैश फ्लो मजबूत होने और भविष्य के निवेश के लिए फाइनेंशियल सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।

6) जियो प्लेटफॉर्म्स IPO अलॉटमेंट की डेट

जियो प्लेटफॉर्म्स IPO का अलॉटमेंट 26 अक्टूबर तक फाइनल होने की संभावना है।

7) जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग की डेट

कंपनी के इक्विटी शेयरों को 28 अक्टूबर को BSE और NSE दोनों पर लिस्ट किए जाने का प्रस्ताव है।

8) जियो प्लेटफॉर्म्स IPO की डिटेल

इस IPO में 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे,जो इश्यू के बाद कंपनी की कुल इक्विटी पूंजी का 2.9 प्रतिशत हिस्सा होंगे। इस इश्यू में जियो प्लेटफॉर्म्स के कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये के शेयर और इसकी मूल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये के शेयर रिजर्व रखे गए हैं। कंपनी पात्र कर्मचारियों को अंतिम ऑफर प्राइस पर 54 रुपये प्रति शेयर की छूट के साथ शेयर जारी करेगी।

9) जियो प्लेटफॉर्म्स IPO का लक्ष्य

कंपनी को मिलने वाली रकम का कुछ हिस्सा उसकी टेलीकॉम सब्सिडियरी का कर्ज चुकाने में इस्तेमाल किया जाएगा, जबकि बाकी रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा। लिस्टिंग के बाद, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के पास जियो प्लेटफॉर्म्स में बहुमत हिस्सेदारी बनी रहेगी।

10) जियो प्लेटफॉर्म्स के बारे में जानें

एक दशक पहले रिलायंस के टेलीकॉम मार्केट में कदम रखने के बाद से जियो प्लेटफॉर्म्स ग्राहकों की संख्या के लिहाज से दुनिया के सबसे बड़े मोबाइल ऑपरेटरों में से एक बन गया है। यह कारोबार मोबाइल कनेक्टिविटी से आगे बढ़कर ब्रॉडबैंड, डिजिटल एंटरटेनमेंट, क्लाउड और एंटरप्राइज़ सेवाओं तक फैल गया है, जिससे यह भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था में रिलायंस की पैठ बनाने की कोशिशों का आधार बन गया है।

जून 2026 तक कंपनी के 53.33 करोड़ ग्राहक थे और भारत के वायरलेस डेटा ट्रैफिक में इसकी हिस्सेदारी लगभग 60 प्रतिशत थी। इसके अलावा, जियो के पास 26,800.8 MHz के साथ भारत का सबसे बड़ा स्पेक्ट्रम बैंक है।

 

(डिस्क्लेमर: नेटवर्क 18 मीडिया एंड इनवेस्टमेंट लिमिटेड पर इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट का मालिकाना हक है। इसकी बेनफिशियरी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।)

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

HD Fire Protect IPO Listing: 23% प्रीमियम पर शुरुआत, फिर चंद पलों में शेयर 9% ​फिसला

मेनबोर्ड सेगमेंट में HD फायर प्रोटेक्ट की 21 अक्टूबर को लिस्टिंग तो अच्छे गेन में हुई लेकिन कुछ ही पलों में शेयर लाल निशान में आ गया। BSE पर शेयर ने लगभग 23.4 प्रतिशत प्रीमियम के साथ ₹334.40 और NSE पर 23.6 प्रतिशत प्रीमियम के साथ ₹335 पर शुरुआत की। कुछ ही पलों में शेयर ​लिस्टिंग प्राइस से 9 प्रतिशत तक नीचे आ गया। IPO प्राइस ₹271 था। कंपनी का ₹712.31 करोड़ का IPO 131.73 गुना के शानदार सब्सक्रिप्शन के साथ बंद हुआ था। इश्यू में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 256.65 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 203.21 गुना, रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 30.55 गुना और एंप्लॉयीज के लिए रिजर्व हिस्सा 23.61 गुना भरा।

HD फायर प्रोटेक्ट ने IPO खुलने से एक दिन पहले एंकर निवेशकों से 213.11 करोड़ रुपये जुटाए थे। कंपनी आग से सुरक्षा करने वाले इक्विपमेंट और सिस्टम बनाती और सप्लाई करती है। यह आग बुझाने के पानी, फोम और गैस-बेस्ड सॉल्यूशंस की पेशकश करती है। कंपनी 8 प्रोडक्ट कैटेगरीज में कई तरह के प्रोडक्ट बनाती है, जैसे कि स्प्रिंकलर, अलार्म वॉल्व व एक्सेसरीज, डेल्यूज वॉल्व और सिस्टम, फोम इक्विपमेंट व सप्रेशन सिस्टम, मॉनिटर व नोजल, वॉटर स्प्रे नोजल, कस्टम-इंजीनियर्ड सिस्टम, गैस सप्रेशन सिस्टम आदि।

कंपनी के प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल इंडस्ट्रियल, रेजिडेंशियल और कमर्शियल कामों में होता है, जैसे कि ऑयल व गैस, रिफाइनिंग व पेट्रोकेमिकल्स, पावर एंड एनर्जी, हेवी इंजीनियरिंग, एयरोस्पेस, फार्मास्यूटिकल्स, डेटा सेंटर, हॉस्पिटैलिटी, हेल्थकेयर। HD Fire Protect के प्रोडक्ट एक्सपोर्ट भी होते हैं।

Stock Market Rise: बाजार में ​तेजी लौटी, सेंसेक्स 829 अंक तक उछला; फिर भी निवेशकों की दौलत घटी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Silver Price Today: चांदी हुई और सस्ती, दिल्ली, चेन्नई, मुंबई समेत इन शहरों की कीमतें देखें

Silver Price Today: चांदी की कीमतों में दबाव देखने को मिला। 21 अक्टूबर को 1 किलो चांदी का दाम 211,950 रुपये है। अगर पिछले दो हफ्तों को देखें तो सोने के मुकाबले चांदी के दाम ज़्यादा तेजी से गिरे हैं। चांदी का दाम करीब 2,50,000 रुपये से गिरकर करीब 2,10,000 रुपये पर आ गया है। चांदी के दाम में करीब 40,000 रुपये की गिरावट आई है।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का वायदा भाव शुरुआती कारोबार में 0.84% घटकर यानी 1780 रुपये गिरावट के साथ 2,09,705 रुपये प्रति किलो हो गया। जबकि पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 2,11,485 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी। बुलियंस के मुताबिक चांदी की कीमत 2,10,150 रुपये किलो हो गई। जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में 57.63 डॉलर प्रति औंस हो गई। उधर गुडरिटर्न्स के मुताबिक चांदी की कीमत 2,30,000 रुपये प्रति किलो पर है।

आइए गुडरिटर्न के आंकड़ों के मुताबिक 21 अक्टूबर को भारत के प्रमुख शहरों में चांदी की ताजा कीमतों पर एक नजर डालते हैं

 शहर1 किलो चांदी का भाव
दिल्ली₹ 2,30,000
मुंबई₹ 2,30,000
कोलकाता₹2,30,000
चेन्नई₹2,30,000
लखनऊ₹2,30,000
पटना₹2,30,000
जयपुर₹2,30,000
अहमदाबाद₹2,30,000
पुणे₹2,30,000
बेंगलुरु₹ 2,30,000
हैदराबाद₹2,30,000
भोपाल₹2,30,000
चंडीगढ़₹2,30,000
नोएडा₹2,30,000
गुरुग्राम₹2,30,000

एक्सपर्ट्स का कहना है कि चांदी के दाम करीब 6 महीने के निचले स्तर पर आ गए हैं। वहीं, अगर चांदी के दाम की तुलना इस साल के ऑल-टाइम रिकॉर्ड लेवल 4,25,000 रुपये से गिरा है। दो लाख रुपये से ज़्यादा की गिरावट आई है।

इस बीच, एक्सपर्ट्स का कहना है कि चांदी के दाम में गिरावट की मुख्य वजह सोने के बाजारों में गिरावट है। जब एक्सपर्ट्स ने सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने में निवेश करना शुरू किया, तो सोने के दामों में भारी बढ़ोतरी हुई। लेकिन अब, सोने से निवेश हटाए जाने के चक्कर में चांदी के दाम भी गिर रहे हैं। दूसरी ओर, एक्सपर्ट्स का कहना है कि इंटरनेशनल मार्केट में चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड के बावजूद, मौजूदा करेक्शन कीमतों में डिमांड से ज़्यादा बढ़ोतरी की वजह से है।

पिछले दिन क्या रहा चांदी का भाव?

त्योहारी सीजन से पहले मांग में सुधार और वैश्विक बाजारों में मजबूती के बीच चांदी की कीमतों को समर्थन मिला। दशहरा की वजह से मंगलवार को बाजार बंद था पिछले कारोबारी दिन सोमवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी का भाव लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में 2.15 लाख रुपये प्रति किलो पर स्थिर रहा।

हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की हाजिर कीमत एक प्रतिशत से अधिक बढ़कर 57.63 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। वहीं, वायदा बाजार में भी चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की गई।

दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोमवार को चांदी की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसका भाव लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में 2,15,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बना रहा। दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी की कीमत एक प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ 57.63 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। वैश्विक बाजार में मजबूती और त्योहारी सीजन के दौरान बहुमूल्य धातुओं की मांग में सुधार से चांदी को समर्थन मिला।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

₹250 के मशरूम से खड़ा कर दिया 90 लाख का बिजनेस एम्पायर, ये है केरल की शिजे का बिजनेस आइडिया

केरल: केरल की 57 वर्षीय शिजे ने घर में सिर्फ ₹250 से मशरूम उगाने का प्रयोग शुरू किया था। उस समय उनका मकसद खाली समय का सही इस्तेमाल करना था, लेकिन धीरे-धीरे यह प्रयोग बिजनेस में बदल गया। आज शिजे और उनके पति थैंकाचन का मशरूम कारोबार सालाना ₹80 लाख से ₹90 लाख तक का रेवेन्यू कमा रहा है। उनकी कंपनी ने अब तक करीब 10,000 लोगों को मशरूम की खेती की ट्रेनिंग भी दी है।

खाली समय का किया सही इस्तेमाल

शिजे ने ये काम तब शुरू किया था जब उनके पति काम पर और बच्चे स्कूल चले जाते थे। घर में खाली समय में कुछ नया करने की चाहत थी। परिवार पहले से ही खेती से जुड़ा था, तो पति के साथ मिलकर उन्होंने ऑयस्टर मशरूम उगाने का ट्रायल किया। शुरुआत में उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं थी, कई बार फसल खराब भी हुई, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। गलतियों से सीखते-सीखते वह मशरूम उगाने में एक्सपर्ट बन गईं।

सिर्फ मशरूम नहीं, कई प्रोडक्ट्स बनाती हैं शिजे

शिजे ने खुद को सिर्फ ताजे मशरूम बेचने तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने समझा कि अगर बिजनेस को बड़ा करना है तो सिर्फ कच्चा माल बेचने से काम नहीं चलेगा। इसलिए धीरे-धीरे उन्होंने मशरूम से बनने वाले कई वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स जैसे मशरूम का अचार, पापड़, पाउडर और सूप मिक्स बनाना शुरू कर दिया। इससे उन्हें बाजार में ज्यादा दाम मिलने लगे और उनका बिजनेस तेजी से बढ़कर एक भरोसेमंद ब्रांड बन गया।

हजारों लोगों के लिए बनी प्रेरणा

आज शिजे की पहचान एक सफल महिला उद्यमी के तौर पर होती है। वह अब तक करीब 10 हजार लोगों, खासकर महिलाओं को मशरूम की खेती की ट्रेनिंग दे चुकी हैं। कई लोग उनसे सीखकर अपना खुद का छोटा बिजनेस शुरू कर चुके हैं। शिजे की कहानी इस बात का सबूत है कि शुरुआत कितनी छोटी है इससे फर्क नहीं पड़ता, अगर मेहनत और सीखने की ललक हो तो 250 रुपये से भी करोड़ों का सफर तय किया जा सकता है।

छोटी शुरुआत भी बड़ा बदलाव ला सकती है

शिजे की कहानी उन सभी लोगों के लिए एक सीख है जो कम पूंजी या संसाधनों की वजह से अपना आइडिया शुरू नहीं कर पाते। उन्होंने साबित किया है कि बिजनेस के लिए बड़ी रकम से ज्यादा बड़ी सोच, लगातार सीखने की इच्छा और मेहनत जरूरी है। अगर आपके पास भी खाली समय में कुछ नया करने का जुनून है, तो 250 रुपये जैसी छोटी रकम भी आपको लाखों की सफलता तक पहुंचा सकती है। जरूरत है तो बस पहले कदम की।