Parag Parikh Flexi Cap Fund: पराग पारिख में पैसा लगाना बंद कर रहे निवेशक? 6 महीने में 77% घटा निवेश

Parag Parikh Flexi Cap Fund: पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड में हर महीने आने वाला अनुमानित निवेश तेजी से घटा है। मार्च 2026 में यह करीब ₹3,950 करोड़ था। सितंबर में घटकर सिर्फ ₹900 करोड़ रह गया। यानी 6 महीने में करीब 77% की गिरावट आई। हालांकि, फंड में पैसा आना बंद नहीं हुआ है। इसके बावजूद फंड मैनेजर ने नए शेयरों और दूसरे निवेश विकल्पों में पैसा लगाना जारी रखा है।

फंड की कैश होल्डिंग भी काफी घटी है। मार्च में कुल संपत्ति का 18.94% पैसा कैश में था। सितंबर में यह घटकर 9.77% रह गया। इस दौरान फंड को रियल एस्टेट, REITs और चुनिंदा ऑयल एंड गैस कंपनियों में निवेश के मौके मिले।

फंड में निवेश क्यों घटा?

PPFAS Mutual Fund के फंड मैनेजर राज मेहता ने Moneycontrol को बताया कि निवेश में कमी से फंड की रणनीति नहीं बदली है। उनके मुताबिक, फंड में अब भी नया पैसा आ रहा है।

उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में मिडकैप और स्मॉलकैप फंडों का प्रदर्शन बेहतर रहा है। ऐसे में निवेशकों का रुझान भी उनकी तरफ बढ़ा है। अक्सर निवेशक हालिया रिटर्न देखकर अपना पैसा लगाने का फैसला करते हैं।

कैश में पैसा रखने के बजाय कहां निवेश किया?

राज मेहता के मुताबिक, फंड कितना पैसा कैश में रखेगा, यह बाजार के स्तर से ज्यादा निवेश के मौकों पर निर्भर करता है। बाजार में लंबे समय तक खास तेजी न आने और कुछ शेयरों की कीमत घटने से फंड को खरीदारी के मौके मिले। इसलिए उसने कैश घटाकर शेयरों में निवेश बढ़ाया।

सितंबर की फैक्टशीट के मुताबिक, फंड की कुल संपत्ति का 72.06% हिस्सा भारतीय कोर इक्विटी में था। वहीं, 11.90% विदेशी सिक्योरिटीज, IDR और ADR में लगा था। REITs और InvITs में निवेश 6.27% था।

सितंबर में किन शेयरों में बढ़ाया निवेश?

अगस्त के मुकाबले सितंबर में DLF में सबसे ज्यादा नया निवेश किया गया। फंड की कुल संपत्ति का 1.81% हिस्सा इसमें लगाया गया। इसके अलावा Mahindra & Mahindra, Indus Towers, Bharti Airtel और कुछ ऑयल एंड गैस कंपनियों में भी निवेश बढ़ाया गया।

दूसरी तरफ, फंड ने Great Eastern Shipping Company से अपना निवेश निकाल लिया। अगस्त में इस शेयर में फंड की संपत्ति का 0.11% हिस्सा लगा था।

फंड के पास Embassy Office Parks REIT में 2.49%, Knowledge Realty Trust में 2.18% और Brookfield India Real Estate Trust में 1.60% निवेश था।

फंड का रिटर्न कैसा रहा?

हाल के प्रदर्शन की बात करें तो फंड का रिटर्न कमजोर रहा है। इसके रेगुलर प्लान ने एक साल में 4.14% निगेटिव रिटर्न दिया। वहीं, बेंचमार्क Nifty 500 TRI में 2.03% की गिरावट आई।

हालांकि, तीन, पांच और दस साल की अवधि में फंड ने अपने बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन किया।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Jio Platforms IPO: एंकर बुक 30 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब, ब्लैकरॉक और जेपी मॉर्गन जैसे बड़े नामों ने दिखाई दिलचस्पी

Jio Platforms IPO: रिलायंस ग्रुप की Jio Platforms के IPO को लेकर बड़े निवेशकों में जबरदस्त उत्साह है। कंपनी के ₹8,110 करोड़ के एंकर बुक के मुकाबले 30 गुना से ज्यादा मांग आई है। संस्थागत निवेशकों की कुल बोलियां करीब ₹2.5 लाख करोड़ तक पहुंच गई हैं। इस मामले से जुड़े लोगों के मुताबिक, भारतीय IPO बाजार में इतनी बड़ी मांग पहली बार देखने को मिली है।

इस इश्यू में दुनिया की कई बड़ी निवेश कंपनियों और सरकारी निवेश फंड ने दिलचस्पी दिखाई है। इनमें BlackRock, Fidelity Investments, JPMorgan Asset Management, Franklin Templeton, Invesco और Capital Group जैसे नाम शामिल हैं।

दुनिया के बड़े निवेशक लगा रहे दांव

Jio Platforms के IPO में सिंगापुर के GIC, नॉर्वे के Norges Bank Investment Management, Abu Dhabi Investment Authority और Qatar Investment Authority जैसे बड़े सरकारी निवेश फंड भी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

विदेशी निवेशकों के अलावा भारतीय म्यूचुअल फंड कंपनियां भी पीछे नहीं हैं। देश के टॉप 10 म्यूचुअल फंड हाउस ने इस इश्यू में दिलचस्पी दिखाई है। इनमें SBI Mutual Fund, HDFC Mutual Fund, ICICI Prudential Mutual Fund, Nippon India Mutual Fund और Kotak Mahindra Mutual Fund शामिल हैं।

LIC और बड़ी बीमा कंपनियां भी कतार में

इस IPO में देश की बड़ी बीमा और पेंशन कंपनियां भी निवेश करना चाहती हैं। इनमें LIC, HDFC Life, SBI Life, SBI Pension, HDFC Pension और ICICI Prudential के नाम शामिल हैं।

मामले से जुड़े एक व्यक्ति के मुताबिक, इस इश्यू के लिए कई अरब डॉलर की बोलियां मिली हैं। विदेशी लॉन्ग-टर्म निवेशकों, सरकारी निवेश फंड और पेंशन फंड से बड़ी मांग आई है। टेक्नोलॉजी पर फोकस करने वाले वैश्विक फंड और बड़े फैमिली ऑफिस भी इसमें दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

सिर्फ टेलीकॉम कंपनी नहीं है Jio

Jio का कारोबार अब मोबाइल कनेक्टिविटी से आगे बढ़ चुका है। कंपनी ब्रॉडबैंड, क्लाउड, एंटरटेनमेंट और एंटरप्राइज सर्विसेज में भी काम कर रही है।

IPO के बाद निवेशकों को Jio Platforms में सीधे निवेश करने का मौका मिलेगा। अभी यह Reliance Industries की सब्सिडियरी है। करीब ₹2.5 लाख करोड़ की मांग और बड़े निवेशकों की दिलचस्पी से बाजार में उतरने से पहले कंपनी को लेकर मजबूत उत्साह दिख रहा है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

Q2 Results: सोलर कंपनी का मुनाफा 30% फिसला, मार्जिन में भी गिरावट; फोकस में रहेगा स्टॉक

Waaree Renewable Q2 Results: सोलर कंपनी Waaree Renewable Technologies के रेवेन्यू में सितंबर तिमाही के दौरान अच्छी बढ़त हुई। लेकिन कंपनी का मुनाफा घट गया। वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 30% गिरकर ₹82 करोड़ रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹116 करोड़ था।

दूसरी ओर, कंपनी का रेवेन्यू 36.53% बढ़कर ₹1,057.84 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹775 करोड़ था। हालांकि, EBITDA सिर्फ 1.3% बढ़कर ₹160 करोड़ हुआ। इसका असर EBITDA मार्जिन पर भी पड़ा। यह 20% से घटकर 15% रह गया।

पहली छमाही में कैसा रहा प्रदर्शन?

अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच वारी रिन्यूएबल का रेवेन्यू 43.84% बढ़कर ₹1,982.09 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी अवधि में यह ₹1,377.97 करोड़ था। EBITDA भी 21.04% बढ़कर ₹333.46 करोड़ पहुंच गया।

हालांकि, नेट प्रॉफिट में बढ़त नहीं हुई। यह पिछले साल के ₹202.75 करोड़ से घटकर ₹200.44 करोड़ रह गया। कंपनी के मुताबिक, अधिग्रहण से जुड़े खर्च और नए कारोबार के अलग-अलग प्रॉफिट मार्जिन का असर मुनाफे पर पड़ा है।

महाराष्ट्र में लगाएगी सोलर प्लांट

वारी रिन्यूएबल के बोर्ड ने महाराष्ट्र के वर्धा में 35 मेगावाट पीक क्षमता वाला सोलर प्लांट लगाने को मंजूरी दी है। इसकी AC क्षमता 25 मेगावाट होगी। कंपनी इस प्लांट से बिजली बनाएगी और बेचेगी।

कंपनी की अधूरी ऑर्डर बुक ₹5,500 करोड़ से ज्यादा है। यानी इतने मूल्य के प्रोजेक्ट अभी पूरे होने बाकी हैं। इसके अलावा, 34.6 GWp से ज्यादा के सोलर प्रोजेक्ट्स की बोली पाइपलाइन भी है। बैटरी स्टोरेज और बिजली ट्रांसमिशन कारोबार में भी कंपनी को अवसर दिख रहे हैं।

नए कारोबार पर भी नजर

Waaree Renewable अपने EPC और बिजली ट्रांसमिशन कारोबार को बढ़ाना चाहती है। कंपनी सोलर प्रोजेक्ट्स के रखरखाव से जुड़ी सेवाओं का भी विस्तार करेगी।

इसके लिए ड्रोन से सोलर पैनल की जांच, डेटा के जरिए खराबी का पहले पता लगाने और भूमिगत बिजली केबल में गड़बड़ी पहचानने जैसी तकनीकों पर काम किया जा रहा है।

नतीजों से पहले सोमवार, 19 अक्टूबर को NSE पर Waaree Renewable का शेयर 0.44% गिरकर ₹833.40 पर बंद हुआ।

IREDA Q2 Results: सरकारी कंपनी को ₹552 करोड़ मुनाफा, NPA में सुधार; शेयरों पर रहेगी नजर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IREDA Q2 Results: सरकारी कंपनी को ₹552 करोड़ मुनाफा, NPA में सुधार; शेयरों पर रहेगी नजर

IREDA Q2 Results: सरकारी कंपनी इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (IREDA) ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट लगभग स्थिर रहा। हालांकि, ऑपरेटिंग प्रॉफिट में अच्छी बढ़त हुई। वहीं, पिछली तिमाही के मुकाबले खराब कर्ज के आंकड़ों में भी सुधार आया।

सितंबर तिमाही में IREDA का नेट प्रॉफिट 0.5% बढ़कर ₹552 करोड़ रहा। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने ₹549 करोड़ का मुनाफा कमाया था। दूसरी ओर, ऑपरेटिंग प्रॉफिट 16.5% बढ़कर ₹904 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹776 करोड़ था।

IREDA के खराब कर्ज में कितनी कमी आई?

सितंबर तिमाही में IREDA का ग्रॉस NPA घटकर 3.57% रह गया। जून तिमाही में यह 3.76% था। यानी बैंक और फाइनेंस कंपनियों के लिए परेशानी माने जाने वाले खराब कर्ज के इस आंकड़े में सुधार हुआ।

नेट NPA भी 1.23% से घटकर 1.08% पर आ गया। रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में कंपनी का कर्ज कारोबार बढ़ रहा है। ऐसे में खराब कर्ज पर लगाम लगाए रखना उसके लिए अहम होगा।

FY26 में कंपनी ने बनाया था रिकॉर्ड

IREDA के लिए वित्त वर्ष 2025-26 अच्छा रहा था। कंपनी ने ₹1,873 करोड़ का रिकॉर्ड नेट प्रॉफिट दर्ज किया था। वहीं, कुल ऑपरेटिंग इनकम 23% बढ़कर ₹8,337 करोड़ हो गई थी। इस दौरान ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 33% की बढ़ोतरी हुई थी।

कंपनी का बकाया लोन भी 22% बढ़कर ₹93,000 करोड़ के पार पहुंच गया था। इस दौरान IREDA ने ₹51,883 करोड़ के लोन मंजूर किए और ₹34,946 करोड़ का कर्ज बांटा। कंपनी की नेटवर्थ भी 34% बढ़कर ₹13,781 करोड़ हो गई थी।

पिछले साल बढ़ा था ग्रॉस NPA

मुनाफे और कारोबार में बढ़ोतरी के बावजूद खराब कर्ज कंपनी के लिए चिंता बना हुआ था। मार्च 2026 के अंत में ग्रॉस NPA 3.49% था। एक साल पहले यह 2.45% था। हालांकि, दिसंबर तिमाही के 3.75% के मुकाबले इसमें सुधार हुआ था। वहीं, नेट NPA घटकर 1.29% रह गया था। एक साल पहले यह 1.35% और पिछली तिमाही में 1.68% था।

नतीजों से पहले सोमवार को BSE पर IREDA का शेयर 1.48% गिरकर ₹106.50 पर बंद हुआ था। पिछले 1 साल में स्टॉक 30.48% क्रैश हुआ है।

OYO IPO: ओयो की पैरेंट कंपनी Prism नवंबर में ला सकती है IPO, ₹6650 करोड़ जुटाने की तैयारी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

OYO IPO: ओयो की पैरेंट कंपनी Prism नवंबर में ला सकती है IPO, ₹6650 करोड़ जुटाने की तैयारी

OYO IPO: ओयो की पैरेंट कंपनी Prism नवंबर में IPO लॉन्च कर सकती है। कंपनी फिलहाल निवेशकों से बातचीत कर रही है, ताकि शेयर बिक्री को लेकर उनकी दिलचस्पी का अंदाजा लगाया जा सके। यह जानकारी मनीकंट्रोल को सूत्रों ने दी है। सूत्रों के मुताबिक, IPO की तारीख अभी तय नहीं हुई है। यह फैसला निवेशकों की मांग, बाजार की स्थिति और जरूरी मंजूरियों पर निर्भर करेगा।

IPO से जुटाए पैसे का क्या करेगी कंपनी?

29 जून 2026 को जारी अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के मुताबिक, Prism फ्रेश शेयर जारी करके ₹6,650 करोड़ तक जुटाना चाहती है। इसमें मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी नहीं बेचेंगे।

कंपनी ₹4,987.5 करोड़ अपनी सब्सिडियरी Oravel Stays Singapore में निवेश करेगी। इस रकम से कुछ कर्ज चुकाया जाएगा या उसका समय से पहले भुगतान किया जाएगा। बाकी पैसे का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए होगा।

दिसंबर 2025 तक के नौ महीनों में कंपनी का फाइनेंस कॉस्ट ₹1,089.3 करोड़ रहा। यह मार्च 2025 में समाप्त पूरे वित्त वर्ष के ₹959.2 करोड़ से ज्यादा है।

35 से ज्यादा देशों में कारोबार

2012 में शुरू हुआ OYO अब सिर्फ बजट होटल तक सीमित नहीं है। इसका कारोबार होटल, छुट्टियों में किराये पर मिलने वाले घरों और प्रॉपर्टी लिस्टिंग तक फैला है। इसके ब्रांड्स में Townhouse, Sunday, Motel 6, Studio 6 और Belvilla शामिल हैं।

31 दिसंबर 2025 तक कंपनी के प्लेटफॉर्म पर 35 से ज्यादा देशों में 2.93 लाख से अधिक लिस्टिंग थीं। इनमें होटल, होम और सब्सक्रिप्शन आधारित प्रॉपर्टी लिस्टिंग शामिल हैं। विदेशों में विस्तार के लिए कंपनी ने G6, CheckMyGuest और MadeComfy जैसी कंपनियों का अधिग्रहण भी किया है।

मुनाफा बढ़ा, लेकिन टैक्स क्रेडिट का भी असर

वित्त वर्ष 2025 में OYO का रेवेन्यू 16% बढ़कर ₹6,252.8 करोड़ हो गया। वित्त वर्ष 2024 में यह ₹5,388.8 करोड़ था। नेट प्रॉफिट भी ₹229.6 करोड़ से बढ़कर ₹244.8 करोड़ पहुंच गया।

हालांकि, इस मुनाफे में ₹767.6 करोड़ के डिफर्ड टैक्स क्रेडिट की बड़ी भूमिका थी। कंपनी को वित्त वर्ष 2025 में ₹489.3 करोड़ का प्री-टैक्स नुकसान हुआ था।

दिसंबर 2025 तक के नौ महीनों में Prism ने ₹6,941 करोड़ का रेवेन्यू और ₹748.3 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। इस दौरान ₹559.3 करोड़ का डिफर्ड टैक्स क्रेडिट भी मिला।

Bajaj Finance Q2 Results: बजाज की कंपनी को ₹6367 करोड़ का मुनाफा, NII में 23% का उछाल

Bajaj Finance Q2 Results: बजाज की कंपनी को ₹6367 करोड़ का मुनाफा, NII में 23% का उछाल

Bajaj Finance Q2 Results: दिग्गज नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (NBFC) बजाज फाइनेंस ने 19 अक्टूबर को सितंबर तिमाही के नतीजे जारी किए। नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 28.8% बढ़कर ₹6,367 करोड़ हो गया। ब्याज से होने वाली कमाई और लोन के कारोबार में बढ़ोतरी से नतीजों को मजबूती मिली।

ब्याज से होने वाली कमाई बढ़ी

बजाज फाइनेंस की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) दूसरी तिमाही में 23.6% बढ़कर ₹13,335 करोड़ हो गई। एक साल पहले यह ₹10,785 करोड़ थी। वहीं, कंपनी की कुल नेट इनकम भी 23% बढ़कर ₹15,974 करोड़ हो गई।

AUM बढ़कर ₹5.85 लाख करोड़ हुआ

30 सितंबर 2026 तक कंपनी का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 26% बढ़कर ₹5.85 लाख करोड़ हो गया। AUM का मतलब है कि कंपनी ने कुल कितने पैसे का लोन दे रखा है या मैनेज कर रही है। सितंबर तिमाही में इसमें ₹37,680 करोड़ जुड़े।

इस दौरान कंपनी ने 1.345 करोड़ नए लोन बांटे। यह एक साल पहले के मुकाबले 11% ज्यादा है। तिमाही में 44.2 लाख नए ग्राहक भी जुड़े। इसके साथ ही कंपनी के कुल ग्राहकों की संख्या बढ़कर 12.885 करोड़ हो गई। इसमें सालाना आधार पर 16% की बढ़ोतरी हुई।

लोन की वसूली कैसी रही?

सितंबर के अंत में बजाज फाइनेंस का ग्रॉस NPA 1.06% रहा। जून तिमाही में यह 0.96% था। वहीं, नेट NPA 0.39% से बढ़कर 0.42% हो गया। यानी पिछली तिमाही के मुकाबले खराब लोन का अनुपात थोड़ा बढ़ा। हालांकि, पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले स्थिति बेहतर रही। तब ग्रॉस NPA 1.24% और नेट NPA 0.60% था।

लोन के नुकसान की भरपाई के लिए कंपनी ने ₹2,166 करोड़ का प्रोविजन किया। यह पिछले साल से 4% ज्यादा है। इसमें आर्थिक जोखिमों को देखते हुए ₹337 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान भी शामिल है। इसे हटा दें तो लोन लॉस और प्रोविजन 12% घटकर ₹1,829 करोड़ रह जाते हैं।

आगे कंपनी की क्या योजना है?

Bajaj Finance को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026-27 में वह 6 करोड़ से 6.2 करोड़ नए लोन बांटेगी। कंपनी 1.8 करोड़ से 2 करोड़ नए ग्राहक जोड़ने की भी योजना बना रही है। इसके अलावा, वित्त वर्ष के दौरान 150 से 175 नई लोकेशन खोलने का लक्ष्य है।

दूसरी तिमाही में कंपनी के लिए फंड जुटाना भी सस्ता हुआ। फंड की लागत 9 बेसिस पॉइंट घटकर 7.31% रह गई। कंपनी को उम्मीद है कि वित्त वर्ष के दौरान कुल नेट इनकम के मुकाबले ऑपरेटिंग खर्च का अनुपात 25 से 40 बेसिस पॉइंट तक सुधर सकता है।

नतीजों से पहले शेयर गिरा

सोमवार को नतीजे आने से पहले Bajaj Finance का शेयर 2.5% गिरकर ₹957.35 पर बंद हुआ। इस साल अब तक शेयर 1.6% नीचे है। वहीं, पिछले 12 महीनों में इसमें 11% से ज्यादा की गिरावट आई है।

JIO Platforms के IPO को लेकर फुल जोश में मार्केट दिग्गज, 4 साल में मार्केट कैप डबल होने की जता रहे उम्मीद

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Muhurat Trading: दिवाली पर मुहूर्त ट्रेडिंग की टाइमिंग का हुआ ऐलान, दोपहर 2:20 बजे से खुलेगा बाजार

Diwali Muhurat Trading 2026: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने दिवाली के दिन होने वाले विशेष ‘मुहूर्त ट्रेडिंग’ सत्र की टाइमिंग का ऐलान कर दिया है। इस साल रविवार, 8 नवंबर 2026 को विशेष लाइव ट्रेडिंग सत्र आयोजित किया जाएगा। इस दिन भारतीय शेयर बाजार नए हिंदू वर्ष विक्रम संवत 2083 का स्वागत करेगा।

भारतीय शेयर बाजार में दिवाली के दिन मुहूर्त ट्रेडिंग की परंपरा दशकों पुरानी है। मान्यता है कि इस शुभ मुहूर्त में शेयर बाजार में निवेश करने से पूरे वर्ष सुख-समृद्धि और वित्तीय उन्नति बनी रहती है। आइए जानते हैं NSE द्वारा जारी मुहूर्त ट्रेडिंग का मिनट-टू-मिनट पूरा शेड्यूल।

मेन ट्रेडिंग सेशन

मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान मुख्य बाजार में कारोबार की समय-सारणी इस प्रकार रहेगी:

प्री-ओपन ऑर्डर एंट्री: दोपहर 2:05 बजे से 2:15 बजे तक (इसमें ऑर्डर दर्ज, संशोधित या रद्द किए जा सकते हैं)।

ऑर्डर मैचिंग व ट्रेड कन्फर्मेशन: दोपहर 2:15 बजे से 2:17 बजे तक।

प्री-ओपन बफर टाइम: दोपहर 2:17 बजे से 2:20 बजे तक।

कंटीन्यूअस ट्रेडिंग: दोपहर 2:20 बजे से शुरू होगा।

मार्केट क्लोजिंग टाइम: नॉन-क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) प्रतिभूतियों के लिए बाजार दोपहर 3:30 बजे बंद होगा, जबकि CAS सिक्योरिटीज के लिए सामान्य बाजार 3:15 बजे समाप्त होगा।

CAS और पोस्ट-क्लोज सेशन का शेड्यूल

क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) और उसके बाद के सत्रों की समय-सारणी इस प्रकार निर्धारित की गई है:

  • रेफरेंस प्राइस कैलकुलेशन: दोपहर 3:15 बजे से 3:20 बजे तक।
  • CAS ऑर्डर एंट्री पीरियड: दोपहर 3:20 बजे से 3:30 बजे तक।
  • ऑर्डर मैचिंग व ट्रेड कन्फर्मेशन: दोपहर 3:30 बजे से 3:35 बजे तक।
  • CAS ट्रांजिशन टाइम: दोपहर 3:35 बजे से 3:50 बजे तक।
  • पोस्ट-क्लोज सेशन: दोपहर 3:50 बजे से शाम 4:00 बजे तक।
  • ट्रेड मॉडिफिकेशन कट-ऑफ टाइम: शाम 4:15 बजे तक।

नोट: प्री-ओपन और CAS ऑर्डर एंट्री पीरियड के अंतिम 2 मिनट में सिस्टम-ड्रिवन रैंडम क्लोजर लागू रहेगा।

ब्लॉक डील, IPO और अन्य विशेष सत्र

ब्लॉक डील विंडो: दोपहर 1:50 बजे से 2:05 बजे तक खुलेगी।

IPO और री-लिस्टेड सिक्योरिटीज के लिए स्पेशल प्री-ओपन: दोपहर 2:05 बजे से 2:50 बजे तक (अंतिम 10 मिनट में रैंडम क्लोजर)।

स्पेशल प्री-ओपन वाली कंपनियों का नॉर्मल मार्केट: दोपहर 3:05 बजे से 3:30 बजे तक चलेगा।

कॉल ऑक्शन इलिक्विड सेशन: दोपहर 2:25 बजे से 3:10 बजे तक रहेगा।

NSE ने स्पष्ट किया है कि इस विशेष दिवाली मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र के दौरान एग्जिक्यूटेड सभी सौदों के लिए सेटलमेंट दायित्व अनिवार्य रूप से लागू होंगे।

Aayush Wellness ने लॉन्च की कैल्शियम-विटामिन टैबलेट, 16 अरब डॉलर के बाजार में एंट्री

हेल्थकेयर सेक्टर की Aayush Wellness Limited ने कैल्शियम और विटामिन सप्लीमेंट लॉन्च किया है। कंपनी ने इसका नाम Aayush Calcium Vitamin Tablets रखा है। इसके साथ ही कंपनी ने बोन और जॉइंट हेल्थ यानी हड्डियों और जोड़ों की सेहत से जुड़े बाजार में कदम रखा है।

कंपनी के मुताबिक, यह बाजार 16.3 अरब डॉलर का है। वहीं, ग्लोबल डाइटरी सप्लीमेंट्स बाजार में कंपनी की मौजूदगी पहले से है, जिसे वह अब और मजबूत करना चाहती है।

टैबलेट में क्या-क्या है?

कंपनी के मुताबिक, इस टैबलेट में पांच पोषक तत्व शामिल हैं। इनमें कैल्शियम साइट्रेट, विटामिन D2, मैग्नीशियम, जिंक और फोलिक एसिड शामिल हैं। इन सभी का शरीर में अलग-अलग काम है।

कैल्शियम साइट्रेट शरीर को कैल्शियम देता है। यह हड्डियों और दांतों को मजबूत रखने के लिए जरूरी है। वहीं, विटामिन D2 शरीर को कैल्शियम सोखने में मदद करता है। यानी शरीर को कैल्शियम का पूरा फायदा मिले, इसके लिए विटामिन D भी जरूरी है।

इसके अलावा, टैबलेट में मैग्नीशियम और जिंक भी हैं। मैग्नीशियम मांसपेशियों के सही कामकाज में मदद करता है। वहीं, जिंक शरीर की कोशिकाओं और हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। इसमें फोलिक एसिड भी मिलाया गया है, जो नई कोशिकाएं बनाने और लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में भूमिका निभाता है।

कंपनी का कहना है कि इस फॉर्मूलेशन का मकसद शरीर में पोषक तत्वों की कमी को दूर करने में मदद करना है। इससे हड्डियों की मजबूती और मांसपेशियों के सामान्य कामकाज को सहारा मिल सकता है।

कंपनी ने क्या कहा?

Aayush Wellness Limited के निदेशक काशीराम जाधव ने कहा कि भारत में कैल्शियम और विटामिन की कमी एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती है। इसी जरूरत को देखते हुए कंपनी ने इस बाजार में कदम रखा है।

उन्होंने कहा कि यह लॉन्च निवारक स्वास्थ्य सेवा और पोषण से जुड़े उत्पादों पर कंपनी के फोकस का हिस्सा है। लोगों में अपनी सेहत और खानपान को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। कंपनी को उम्मीद है कि इससे इस तरह के उत्पादों की मांग बढ़ सकती है।

भारत में कैल्शियम और विटामिन D की कमी पर फोकस

कंपनी के मुताबिक, भारत में विटामिन D की कमी काफी आम है। कंपनी का दावा है कि यह कमी आबादी के 80-90% लोगों तक को प्रभावित कर सकती है। वहीं, 50% से ज्यादा वयस्कों को पर्याप्त कैल्शियम नहीं मिल पाता।

विटामिन D की कमी होने पर शरीर कैल्शियम को ठीक से सोख नहीं पाता। इससे हड्डियों की सेहत प्रभावित हो सकती है। कैल्शियम और विटामिन D की कमी का असर मांसपेशियों पर भी पड़ सकता है।

इसी जरूरत को देखते हुए Aayush Wellness अपने न्यूट्रास्यूटिकल पोर्टफोलियो का विस्तार कर रही है। कंपनी का लक्ष्य रोजमर्रा की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने वाले और उत्पाद बाजार में उतारना है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Electric Scooter : सस्ते स्कूटर की होने वाली है धमाकेदार इंट्री, जान लीजिए फीचर्स, और क्या हो सकती है कीमत

Electric Scooter : सस्ते स्कूटर की होने वाली है धमाकेदार इंट्री, जान लीजिए फीचर्स, और क्या हो सकती है कीमत

aprila scooter

इटली की वाहन निर्माता कंपनी पियाजियो ग्रुप (Piaggio Group) भारतीय बाजार में अपनी इलेक्ट्रिक स्कूटर रेंज का विस्तार करने की तैयारी कर रही है। कंपनी भारत के लिए एक नया स्कूटर प्लेटफॉर्म विकसित कर रही है, जिस पर पेट्रोल और इलेक्ट्रिक दोनों तरह के स्कूटर तैयार किए जाएंगे। कंपनी की योजना इस नई रेंज को 2027 में अप्रिलिया (Aprilia) ब्रांड के तहत लॉन्च करने की है। इसकी शुरुआती कीमत करीब 85,000 रुपये (एक्स-शोरूम) हो सकती है।

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पियाजियो व्हीकल्स के चेयरमैन, सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर डिएगो ग्राफी ने नई स्कूटर रेंज की योजनाओं की पुष्टि की है। कंपनी के मुताबिक, इस रेंज में इलेक्ट्रिक स्कूटर के साथ 125cc पेट्रोल इंजन वाला मॉडल भी शामिल होगा। इनकी कीमत 85,000 रुपये से लेकर 1.30 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) के बीच रखी जा सकती है। इस रेंज के ऊंचे कीमत वाले मॉडल प्रीमियम इलेक्ट्रिक स्कूटर होंगे।

 

₹85,000 से ₹1.30 लाख के बीच होगी कीमत

 

कंपनी का लक्ष्य भारतीय बाजार में उन ग्राहकों को आकर्षित करना है, जो किफायती कीमत पर नया पेट्रोल या इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना चाहते हैं। डिएगो ग्राफी के मुताबिक, कंपनी 85,000-90,000 रुपये की शुरुआती कीमत से लेकर 1.20-1.30 लाख रुपये तक के सेगमेंट को ध्यान में रखकर उत्पाद पेश करेगी। इस रेंज में अधिक कीमत वाले प्रीमियम इलेक्ट्रिक वेरिएंट भी शामिल होंगे।

 

कंपनी पिछले कुछ वर्षों से भारत के लिए इस नए प्लेटफॉर्म पर काम कर रही है। यह प्लेटफॉर्म भारत में पियाजियो की विस्तार योजनाओं का अहम हिस्सा है। इसके जरिए कंपनी पेट्रोल स्कूटर के साथ इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के बाजार में भी अपनी मौजूदगी मजबूत करना चाहती है।

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इलेक्ट्रिक और पेट्रोल दोनों स्कूटर के लिए बनेगा नया प्लेटफॉर्म

 

पियाजियो का नया प्लेटफॉर्म खासतौर पर भारतीय बाजार की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है। कंपनी ने इसे शुरुआत से ही इलेक्ट्रिक और पेट्रोल, दोनों तरह के स्कूटरों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया है।

 

आमतौर पर कंपनियां अपने मौजूदा पेट्रोल स्कूटर प्लेटफॉर्म में बदलाव करके इलेक्ट्रिक मॉडल तैयार करती हैं। हालांकि, पियाजियो का कहना है कि उसका नया प्लेटफॉर्म शुरुआत से ही इलेक्ट्रिक पावरट्रेन को समायोजित करने के लिए तैयार किया गया है। इससे लागत, परफॉर्मेंस और ड्राइविंग रेंज के बीच बेहतर संतुलन बनाने में मदद मिल सकती है।

 

कंपनी भारत में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन उद्योग से जुड़े नए घटनाक्रमों पर भी नजर रख रही है। इनमें दिल्ली की घोषित ईवी पॉलिसी 2026 भी शामिल है। हालांकि, पियाजियो की रणनीति किसी एक राज्य तक सीमित रहने के बजाय पूरे भारतीय बाजार को ध्यान में रखकर स्कूटर लॉन्च करने की है।

 

Vespa ब्रांड के तहत फिलहाल नहीं आएगा इलेक्ट्रिक स्कूटर

 

पियाजियो ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल वेस्पा (Vespa) ब्रांड के तहत इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च करने की उसकी योजना नहीं है। कंपनी के मुताबिक, मौजूदा कॉन्फिगरेशन में किफायती कीमत के साथ अपेक्षित रेंज और परफॉर्मेंस हासिल करना चुनौतीपूर्ण है।

 

इसी वजह से कंपनी नए प्लेटफॉर्म पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिसे इलेक्ट्रिक स्कूटर की जरूरतों के मुताबिक तैयार किया जा रहा है। कंपनी का उद्देश्य लागत को नियंत्रित रखते हुए बेहतर परफॉर्मेंस, पर्याप्त रेंज और ग्राहकों की जरूरतों के अनुरूप उत्पाद तैयार करना है।

 

भारत से दूसरे देशों में भी निर्यात करेगी कंपनी

 

पियाजियो भारत को सिर्फ घरेलू बिक्री का बाजार नहीं, बल्कि वैश्विक उत्पादन और निर्यात केंद्र के रूप में भी विकसित करना चाहती है। कंपनी के महाराष्ट्र स्थित बारामती प्लांट में बनने वाले कुल दोपहिया वाहनों में से फिलहाल लगभग 10-20 प्रतिशत का निर्यात विभिन्न देशों में किया जाता है।

 

कंपनी का लक्ष्य इस हिस्सेदारी को बढ़ाकर कम से कम 50 प्रतिशत तक पहुंचाना है। यानी भारत में बनने वाले उसके कुल दोपहिया वाहनों का आधा हिस्सा घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात के लिए तैयार करने की योजना है।

 

भारत में निर्मित अप्रिलिया RS 457 और Tuono 457 पहले से ही कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात किए जाते हैं। कंपनी भविष्य में आने वाले मॉडलों के साथ भी इसी रणनीति को अपनाना चाहती है।

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यूरोप में भी बिकेंगे नए स्कूटर

 

डिएगो ग्राफी के मुताबिक, विकास के चरण में मौजूद नए इलेक्ट्रिक और पेट्रोल स्कूटर सिर्फ भारत के लिए नहीं होंगे। इनके समान वेरिएंट यूरोप के बाजारों में भी निर्यात किए जाएंगे।

 

इस तरह पियाजियो की आगामी स्कूटर रेंज भारतीय ग्राहकों के लिए किफायती विकल्प उपलब्ध कराने के साथ-साथ कंपनी की वैश्विक विस्तार रणनीति का भी हिस्सा होगी। हालांकि, इन स्कूटरों के अंतिम डिजाइन, फीचर्स, बैटरी क्षमता, वास्तविक रेंज और लॉन्च की सटीक तारीख की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।