Tuni Textile Mills को ₹30.17 करोड़ तक के ऑर्डर मिले, 19.75 लाख मीटर फैब्रिक की सप्लाई

टुनी टेक्सटाइल मिल्स लिमिटेड को घरेलू बाजार से तीन नए परचेज ऑर्डर मिले हैं। कंपनी ने बताया कि ये सभी ऑर्डर्स सितंबर 2026 में मिले। इन ऑर्डर्स की कुल वैल्यू करीब 29.51 करोड़ रुपये से 30.17 करोड़ रुपये के बीच है। इनमें करीब 19.75 लाख मीटर बुने हुए शर्टिंग और फिनिश्ड फैब्रिक की सप्लाई शामिल है।

कंपनी के मुताबिक, इन ऑर्डर्स में पॉली-कॉटन, ज्यादा कॉटन वाले शर्टिंग फैब्रिक और दूसरे तैयार कपड़े शामिल हैं। कंपनी का कहना है कि इससे आने वाले महीनों के लिए उसकी ऑर्डर विजिबिलिटी मजबूत होगी।

तीन कंपनियों से मिले ऑर्डर

इन तीन ऑर्डर्स में सबसे बड़ा ऑर्डर Northcross Syntex ने दिया है। इसमें 10 लाख मीटर फिनिश्ड फैब्रिक की सप्लाई शामिल है।

वहीं, Sharda Corporation ने 5.75 लाख मीटर फैब्रिक का ऑर्डर दिया है। इसमें पॉली-कॉटन शर्टिंग और ज्यादा कॉटन वाले फैब्रिक शामिल हैं। Disha Clothings ने करीब 4 लाख मीटर वोवन शर्टिंग का ऑर्डर दिया है, जिसमें अलग-अलग पॉली-कॉटन स्पेसिफिकेशन हैं।

120 दिनों तक में करनी होगी डिलीवरी

कंपनी के मुताबिक, इन ऑर्डर्स की डिलीवरी अगले 60 से 120 दिनों में करनी है। Northcross Syntex के ऑर्डर की डिलीवरी 5 जनवरी 2027 तक पूरी करनी है।

कुल ऑर्डर वॉल्यूम करीब 19.75 लाख मीटर है। यह कंपनी की बताई गई सालाना 20 लाख मीटर की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का करीब 98.75% है। कंपनी के मुताबिक, ऑर्डर्स को पूरा करने के लिए मैन्युफैक्चरिंग के साथ जॉब वर्क, सोर्सिंग और ट्रेडिंग का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

1987 से टेक्सटाइल कारोबार में कंपनी

टुनी टेक्सटाइल मिल्स 1987 से टेक्सटाइल कारोबार में है। कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग सुविधा महाराष्ट्र के MIDC मुरबाड में है। यहां यूरोप में बने रैपियर लूम और दूसरी बुनाई सुविधाएं मौजूद हैं।

कंपनी पॉलीएस्टर, कॉटन, पॉलीएस्टर-कॉटन, पॉलीएस्टर विस्कोस और दूसरे ब्लेंडेड फैब्रिक बनाती है। इसके अलावा प्लेन, ट्विल, ऑक्सफोर्ड, साटन, हेरिंगबोन और पॉपलिन जैसी अलग-अलग बुनाई संरचनाओं में भी फैब्रिक तैयार किया जाता है।

मैनेजिंग डायरेक्टर ने क्या कहा?

टुनी टेक्सटाइल मिल्स के मैनेजिंग डायरेक्टर नरेंद्र कुमार सुरेका ने कहा कि नए ऑर्डर कंपनी के शर्टिंग और ब्लेंडेड फैब्रिक की मांग को दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि तीनों ऑर्डर कंपनी की बुनाई क्षमता और मौजूदा प्रोडक्ट रेंज के अनुरूप हैं।

उन्होंने कहा कि कंपनी का फोकस फैब्रिक की क्वालिटी बनाए रखने, ग्राहकों की जरूरत पूरी करने और समय पर डिलीवरी पर रहेगा। कंपनी ग्राहकों के साथ अपने रिश्ते मजबूत करने पर भी काम कर रही है।

राइट्स इश्यू को भी मिली मंजूरी

टुनी टेक्सटाइल मिल्स ने हाल में राइट्स इश्यू को भी मंजूरी दी है। कंपनी 48,98,66,250 पूरी तरह पेड-अप इक्विटी शेयर जारी करेगी। इस इश्यू की कुल वैल्यू 48.99 करोड़ रुपये है और इश्यू प्राइस 1 रुपये प्रति शेयर रखा गया है।

यह राइट्स इश्यू 16 सितंबर 2026 तक पात्र शेयरधारकों के पास मौजूद हर 4 शेयर पर 15 राइट्स शेयर के अनुपात में होगा। कंपनी की राइट्स इश्यू कमिटी ने इसके लिए लेटर ऑफ ऑफर को भी मंजूरी दे दी है।

कंपनी महाराष्ट्र के MIDC मुरबाड में अपने मैन्युफैक्चरिंग और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए कारोबार कर रही है। इसके पोर्टफोलियो में शर्टिंग, सूट, यूनिफॉर्म और दूसरे कपड़ों के लिए पॉलीएस्टर, कॉटन और ब्लेंडेड फैब्रिक शामिल हैं।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

योगी सरकार की नीतियों से वस्त्र उद्योग नई ऊंचाइयों पर : सचान

योगी सरकार की नीतियों से वस्त्र उद्योग नई ऊंचाइयों पर : सचान

UP Textile Industry Investment

UP Textile Industry Investment: वस्त्र उद्योग मंत्री राकेश सचान ने कहा कि योगी सरकार की नीतियों और निवेश अनुकूल माहौल से प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ उद्योगों को भी नई गति मिली है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश से करीब 35 हजार करोड़ रुपये का हस्तशिल्प निर्यात हुआ है, जबकि 2 लाख से अधिक हथकरघा बुनकर इस क्षेत्र से जुड़े हैं और 110 करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात किया जा रहा है। 

5,354 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मंजूर

राकेश सचान ने बताया कि प्रदेश में वस्त्र उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार निवेशकों को प्रोत्साहन दे रही है। आज 5,354 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मंजूर किए गए हैं। वर्ष 2017 और 2022 की वस्त्र उद्योग नीतियों के तहत करीब 116 निवेशकों को 322 करोड़ रुपये का इंसेंटिव दिया गया है। इसके अलावा करीब 96 करोड़ रुपये का इंसेंटिव भी दिया जा चुका है। उन्होंने बताया कि उद्यमियों को कैपिटल सब्सिडी, 100 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी में छूट और 60 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी समेत जमीन आवंटन और बिजली में भी छूट जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मेलों में हिस्सा लेने वाले उद्यमियों को 90 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है।

प्रदेश के 17 उत्पादों को जीआई टैग

मंत्री ने कहा कि गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद का गारमेंट क्षेत्र, कानपुर का होजरी उद्योग, वाराणसी की सिल्क साड़ी, भदोही-मिर्जापुर की कालीन, लखनऊ की चिकनकारी, पिलखुवा के घरेलू वस्त्र, मेरठ के खेल परिधान और फर्रुखाबाद की वस्त्र छपाई प्रदेश की पहचान बन चुके हैं। प्रदेश के 17 उत्पादों को जीआई टैग मिल चुका है। योगी सरकार बुनकरों को डिजाइन, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और डिजिटल मार्केटिंग में मदद दे रही है। वाराणसी में 443 विद्यार्थियों को 84 लाख रुपये की वित्तीय सहायता देकर आगे बढ़ाने का काम किया गया है। इससे पारंपरिक हुनर को आधुनिक बाजार से जोड़ने में मदद मिलेगी।

1 हजार एकड़ में पीएम मित्र पार्क

राकेश सचान ने बताया कि लखनऊ-हरदोई के बीच 1 हजार एकड़ में पीएम मित्र पार्क विकसित किया जा रहा है। इसके लिए योगी सरकार 1,100 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। पार्क में सिक्स लेन सड़क, 125 केवी की विद्युत लाइन और पानी की सप्लाई पहुंच चुकी है। मास्टर डेवलपर भी तय हो गया है।

पांच स्थानों पर टेक्सटाइल पार्क के लिए जमीन

उन्होंने बताया कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में 10 टेक्सटाइल पार्क विकसित करने का लक्ष्य दिया है। इसके तहत अमरोहा, बिजनौर, संत कबीर नगर, बरेली और बनारस में शिल्प पार्क के लिए जमीन उपलब्ध हो चुकी है। करीब 400 एकड़ क्षेत्र में उद्यमियों को निवेश का अवसर मिलेगा और विभाग उन्हें सस्ती दरों पर जमीन उपलब्ध कराएगा। कानपुर समेत अन्य स्थानों पर टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग पार्क के लिए भी जमीन चिन्हित की जा रही है।

 

उन्होंने कहा कि 2022 की तरह ही 2027 में बनने वाली नई नीति में भी प्रदेश के उद्यमियों के सुझावों को शामिल किया जाएगा। पर्यटन के बढ़ते दायरे और 25 करोड़ की आबादी वाले घरेलू बाजार को देखते हुए वस्त्र एवं ओडीओपी उत्पादों में निवेश की बड़ी संभावनाएं हैं। इसके लिए उद्यमियों को यूपी में बड़े स्तर पर निवेश के लिए आमंत्रित किया।

आस्था स्पिनटेक्स की फाल्कन यार्न्स को ₹51 करोड़ के ऑर्डर, बोनस शेयर और डिविडेंड का भी किया है ऐलान

Aastha Spintex: गुजरात की इंटीग्रेटेड कॉटन यार्न निर्माता कंपनी आस्था स्पिनटेक्स लिमिटेड ने अपनी सहायक कंपनी Falcon Yarns Pvt. Ltd. के लिए ₹51.46 करोड़ की ऑर्डर बुक का ऐलान किया है। ये ऑर्डर अगस्त से अक्टूबर 2026 के बीच पूरे किए जाएंगे। कंपनी का कहना है कि इससे आने वाली तिमाहियों के रेवेन्यू को मजबूती मिलेगी।

10 से ज्यादा ग्राहकों से मिले ऑर्डर

कंपनी को 10 से अधिक ग्राहकों से 38 कन्फर्म ऑर्डर मिले हैं। इनके तहत 17.35 लाख किलोग्राम कॉटन यार्न की सप्लाई की जाएगी। यह ऑर्डर बुक कंपनी के वित्त वर्ष 2025-26 के कुल रेवेन्यू का करीब 20.62% है।

ऑर्डर देने वाले प्रमुख ग्राहकों में Fair Deal, Elkins TradeLinks, ACME Textile जैसी कंपनियां शामिल हैं। कंपनी ने इस दौरान A M Trading को नए ग्राहक के रूप में भी जोड़ा है।

बोनस शेयर और विस्तार की तैयारी

बोर्ड ने Aastha Spintexकी थ्री-पिलर ग्रोथ स्ट्रैटेजी को मंजूरी दी है। इसके तहत 1:1 बोनस शेयर, डिविडेंड और फैब्रिक मैन्युफैक्चरिंग में फॉरवर्ड इंटीग्रेशन शामिल है। कंपनी के मुताबिक, वो अब केवल यार्न निर्माता नहीं रहना चाहती, बल्कि इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल कंपनी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

23 जुलाई को हुई बोर्ड बैठक में 1:1 बोनस इश्यू को मंजूरी दी गई। साथ ही अधिकृत शेयर पूंजी ₹45 करोड़ से बढ़ाकर ₹100 करोड़ करने का प्रस्ताव भी रखा गया। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 के लिए ₹10 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर ₹0.10 के फाइनल डिविडेंड की भी सिफारिश की है। इसे AGM में शेयरधारकों की मंजूरी मिलनी बाकी है।

पिछले साल कैसा रहा प्रदर्शन?

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू ₹352 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹23.8 करोड़ रहा। कंपनी के मुताबिक, पिछले चार वर्षों में उसका मुनाफा करीब 2,200% बढ़ा है। यह लगभग ₹1 करोड़ से बढ़कर ₹23.8 करोड़ हो गया।

मैनेजमेंट का कहना है कि मजबूत ऑर्डर बुक, ग्राहकों का भरोसा और वैल्यू-एडेड टेक्सटाइल कारोबार में विस्तार की रणनीति आने वाले समय में कंपनी की ग्रोथ को नई रफ्तार दे सकती है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Aastha Spintex: 23 जुलाई को बोर्ड मीटिंग होगी, 1:1 बोनस शेयर के साथ डिविडेंड देने के प्रस्ताव पर विचार करेगा बोर्ड

Aastha Spintex: गुजरात की इंटीग्रेटेड कॉटन यार्न निर्माता Aastha Spintex Ltd अपने कारोबार के अगले चरण की तैयारी में जुट गई है। कंपनी का बोर्ड 23 जुलाई 2026 को होने वाली बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर विचार करेगा। इनमें 1:1 बोनस शेयर, 100% तक फाइनल डिविडेंड और वैल्यू-एडेड टेक्सटाइल प्रोडक्ट्स में विस्तार शामिल है।

बोनस शेयर और डिविडेंड पर फैसला

Aastha Spintex के बोर्ड के सामने 1:1 बोनस इश्यू का प्रस्ताव रखा जाएगा। इसके तहत हर एक इक्विटी शेयर पर एक अतिरिक्त बोनस शेयर मिलेगा। इसके अलावा, ₹10 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर ₹10 तक के फाइनल डिविडेंड पर भी विचार किया जाएगा। हालांकि, इन प्रस्तावों को शेयरधारकों की मंजूरी मिलना जरूरी होगा।

टेक्सटाइल वैल्यू चेन में आगे बढ़ने की तैयारी

Aastha Spintex के मुताबिक, वह अब सिर्फ कॉटन यार्न तक सीमित नहीं रहना चाहती। कंपनी अपने ब्रांड के तहत ग्रे फैब्रिक और दूसरे वैल्यू-एडेड फैब्रिक प्रोडक्ट्स के कारोबार में उतरने की योजना बना रही है। इस कदम से कंपनी टेक्सटाइल वैल्यू चेन में अपनी मौजूदगी और मजबूत करना चाहती है। साथ ही मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का बेहतर इस्तेमाल भी हो सकेगा।

मैनेजिंग डायरेक्टर क्या बोले?

Aastha Spintex के मैनेजिंग डायरेक्टर दिव्यांग जसवंत पटेल ने कहा कि कंपनी लंबे समय से एक मजबूत और इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल बिजनेस बनाने की दिशा में काम कर रही है। उनके मुताबिक, अब टेक्सटाइल वैल्यू चेन में आगे बढ़ने का सही समय है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित बोनस इश्यू और डिविडेंड शेयरधारकों के साथ कंपनी की बनाई गई वैल्यू साझा करने की प्रतिबद्धता को भी दिखाते हैं।

हाल में बढ़ी उत्पादन क्षमता

हाल ही में NSE और BSE के मेन बोर्ड पर लिस्टिंग के बाद कंपनी ने Falcon Yarns Pvt Ltd का अधिग्रहण पूरा किया है। कंपनी का दावा है कि अब उसकी सालाना स्पिनिंग क्षमता 7,700 मीट्रिक टन से बढ़कर 17,457 मीट्रिक टन हो गई। वहीं, स्पिंडल क्षमता 25,920 से बढ़कर 61,824 तक पहुंच गई। कंपनी का मानना है कि वैल्यू-एडेड फैब्रिक सेगमेंट में विस्तार इस बढ़ी क्षमता का बेहतर इस्तेमाल करने में मदद करेगा।

वित्तीय प्रदर्शन कैसा रहा

पिछले दो वित्त वर्षों में कंपनी की वित्तीय स्थिति में भी सुधार हुआ है। वित्त वर्ष 2023 में ₹240 करोड़ रहा रेवेन्यू बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में ₹352 करोड़ हो गया। इस दौरान कंपनी ने 21.2% की CAGR दर्ज की। ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन 5.87% से बढ़कर 14.16% हो गया। वहीं, EBITDA मार्जिन 6.05% से बढ़कर 14.45% पहुंच गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Aastha Spintex: आस्था स्पिनटेक्स को ₹76.78 करोड़ के ऑर्डर मिले, कॉटन यार्न की करेगी सप्लाई

Aastha Spintex Order Book: कॉटन यार्न बनाने वाली कंपनी आस्था स्पिनटेक्स लिमिटेड को जुलाई से अक्टूबर 2026 के बीच डिलीवरी के लिए ₹76.78 करोड़ के कन्फर्म ऑर्डर मिले हैं। कंपनी का कहना है कि मजबूत ऑर्डर बुक से आने वाले महीनों में प्रोडक्शन और कमाई को सहारा मिलेगा।

चार महीनों के लिए 55 कन्फर्म ऑर्डर

कंपनी को कुल 55 कन्फर्म ऑर्डर मिले हैं। इनके तहत करीब 26.46 लाख किलोग्राम कॉटन यार्न की सप्लाई की जाएगी। ऑर्डर बुक में जुलाई के लिए ₹24.45 करोड़, अगस्त के लिए ₹20.78 करोड़, सितंबर के लिए ₹22.83 करोड़ और अक्टूबर के लिए ₹8.72 करोड़ के ऑर्डर शामिल हैं।

पुराने ग्राहकों से लगातार मिल रहे ऑर्डर

कंपनी ने बताया कि मौजूदा ऑर्डर बुक वित्त वर्ष 2024-25 के ₹352 करोड़ के रेवेन्यू का 21% से ज्यादा है। 7 Seas Impex, Texpert India, Elkins Trade Links और Niva Export जैसे पुराने ग्राहक लगातार ऑर्डर दे रहे हैं। वहीं, Sharvay Agronics LLP नए ग्राहक के रूप में जुड़ा है, जिससे कंपनी का ग्राहक आधार और मजबूत हुआ है।

Falcon Texotube के अधिग्रहण से फायदा

आस्था स्पिनटेक्स ने हाल ही में Falcon Texotube का अधिग्रहण किया था। कंपनी का दावा है कि इसके बाद स्पिनिंग क्षमता 7,700 MT से बढ़कर 17,457 MT हो गई है। वहीं, स्पिंडल क्षमता 25,920 से बढ़कर 61,824 तक पहुंच गई है। इससे कंपनी अब बड़े और ज्यादा ऑर्डर पूरे करने की स्थिति में है।

वित्तीय प्रदर्शन भी रहा मजबूत

आस्था स्पिनटेक्स के मैनेजमेंट का कहना है कि ₹76.78 करोड़ की ऑर्डर बुक उसकी पोस्ट-एक्विजिशन ग्रोथ रणनीति की सफलता दिखाती है। वित्तीय प्रदर्शन भी मजबूत रहा है। कंपनी का रेवेन्यू FY23 के ₹240 करोड़ से बढ़कर FY25 में ₹352 करोड़ हो गया। वहीं, शुद्ध मुनाफा ₹1.1 करोड़ से बढ़कर ₹23 करोड़ पहुंच गया। ऑपरेटिंग और EBITDA मार्जिन में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

आस्था स्पिनटेक्स का फॉल्कन यॉर्न्स को खरीदने का ऐलान, कॉटन यार्न कारोबार को मिलेगी मजबूत

गुजरात की इंटीग्रेटेड कॉटन यार्न निर्माता कंपनी आस्था स्पिनटेक्स लिमिटेड ने Falcon Yarns Private Limited के अधिग्रहण का ऐलान किया है। कंपनी का कहना है कि इस सौदे से उसकी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता दोगुनी से भी ज्यादा हो जाएगी। साथ ही घरेलू और निर्यात बाजार में बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।

क्षमता में होगी बड़ी बढ़ोतरी

आस्था स्पिनटेक्स का दावा है कि अधिग्रहण पूरा होने के बाद उसकी सालाना स्पिनिंग कैपेसिटी 7,700 मीट्रिक टन (MT) से बढ़कर 17,457 MT हो जाएगी। वहीं, स्पिंडल कैपेसिटी 25,920 से बढ़कर 61,824 हो जाएगी।

Falcon Yarns गुजरात में स्पिनिंग यूनिट चलाती है। कंपनी के पास 35,904 स्पिंडल और 9,757 MT सालाना उत्पादन क्षमता है। इस अधिग्रहण से आस्था स्पिनटेक्स को प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ने के साथ ग्राहकों तक पहुंच मजबूत होने की उम्मीद है।

मैनेजमेंट ने क्या कहा?

आस्था स्पिनटेक्स के मैनेजिंग डायरेक्टर दिव्यांग जसवंत पटेल ने कहा कि यह अधिग्रहण कंपनी की लंबी अवधि की ग्रोथ स्ट्रैटेजी का अहम हिस्सा है। उनके मुताबिक, Falcon Yarns की आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग सुविधा से उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और गुणवत्ता से समझौता किए बिना बड़े स्तर पर ग्राहकों की जरूरतें पूरी की जा सकेंगी।

वित्तीय प्रदर्शन कैसा रहा

पिछले दो वित्त वर्षों में कंपनी की वित्तीय स्थिति में भी सुधार देखने को मिला है। FY23 में कंपनी का रेवेन्यू 240 करोड़ रुपये था, जो FY25 में बढ़कर 352 करोड़ रुपये हो गया। इसी अवधि में नेट प्रॉफिट 1.1 करोड़ रुपये से बढ़कर 23 करोड़ रुपये पहुंच गया।

ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन FY23 के 5.87% से बढ़कर FY25 में 14.16% हो गया। वहीं EBITDA मार्जिन 6.05% से बढ़कर 14.45% पर पहुंच गया।

हाल ही में हुई है लिस्टिंग

आस्था स्पिनटेक्स का 170 करोड़ रुपये का IPO हाल ही में पूरा हुआ था। कंपनी 6 जुलाई 2026 को NSE और BSE के मेन बोर्ड पर लिस्ट हुई। IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल Falcon Yarns के अधिग्रहण, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और सामान्य कॉर्पोरेट कामकाज के लिए किया जाएगा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।