PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना: 78000 रुपये की सब्सिडी लेकर सोलर से AC, फ्रीज, कूलर, वॉशिंग मशीन सब चला रहे धर्मपाल शर्मा, फुल स्कीम जानिए

PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana Case Study: राजस्थान के हनुमानगढ़ निवासी डॉ. धर्मपाल शर्मा की यह कहानी आज देश के करोड़ों मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए एक मिसाल बन चुकी है। धर्मपाल जी ने केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठाते हुए अपने घर पर 5 किलोवाट का रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवाया। इस पर उन्हें सरकार की तरफ से ₹78000 की मोटी सब्सिडी मिली और अब उनके घर का बिजली बिल लगभग शून्य हो चुका है। आइए जानते हैं धर्मपाल शर्मा की बिजली बिल जीरो करने के पीछे की पूरी कहानी।

सोलर पैनल से चल रहा है पूरा घर

डॉ. धर्मपाल शर्मा के मुताबिक, उनके घर में भारी लोड वाले उपकरण जैसे एयर कंडीशनर (AC), गीजर, वॉशिंग मशीन, फ्रिज और कूलर लगातार चलते थे, जिसकी वजह से हर महीने बिजली का मोटा बिल आता था। इस समस्या से निजात पाने के लिए उन्होंने पीएम सूर्य घर योजना के तहत आवेदन किया।

5 किलोवाट का सिस्टम: उन्होंने अपने घर की छत पर 5 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट लगवाया।

₹78000 की डायरेक्ट सब्सिडी: इस प्लांट को लगवाने पर उन्हें सरकार के नियमों के मुताबिक ₹78000 की बैंक सब्सिडी सीधे उनके खाते में मिल गई।

शून्य बिजली बिल का सुख: सौर ऊर्जा के कारण अब उनके घर में दिनभर धूप से ही बिजली बनती है और सारे उपकरण मुफ्त में चलते हैं। जो अतिरिक्त बिजली बनती है, वह ग्रिड में चली जाती है। नतीजा यह है कि अब उनका बिजली बिल न के बराबर आता है।

क्या है पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना?

केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई इस महत्वाकांक्षी योजना का लक्ष्य देश के 1 करोड़ घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाना है। इसके तहत लाभार्थियों को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलती है। योजना की सबसे बड़ी यूएसपी यह है कि सोलर पैनल लगाने के लिए सरकार बहुत तगड़ी सब्सिडी देती है, जिससे आम आदमी पर शुरुआती खर्च का बोझ बेहद कम हो जाता है।

सब्सिडी का पूरा गणित: किस सिस्टम पर कितनी मिलेगी छूट?

सरकार ने इस योजना के तहत सब्सिडी के नियम बेहद साफ और पारदर्शी रखे हैं, जो इस प्रकार हैं:

1 किलोवाट (1 kW) सिस्टम के लिए: ₹30000 की सब्सिडी। यह छोटे घरों के लिए उपयुक्त है जहां केवल पंखे, लाइट और टीवी चलते हैं।

2 किलोवाट (2 kW) सिस्टम के लिए: ₹60000 की सब्सिडी।

3 किलोवाट या उससे अधिक (3 kW+) के लिए: अधिकतम ₹78000 की सब्सिडी मिलती है।

सब्सिडी का पूरा गणित: किस सिस्टम पर कितनी मिलेगी छूट?

डॉ. धर्मपाल शर्मा ने 5 किलोवाट का सिस्टम लगाया था, लेकिन नियमानुसार इस योजना के तहत अधिकतम सब्सिडी की सीमा ₹78000 ही तय की गई है, जो उन्हें पूरी मिल गई।

लोन की भी है सुविधा, जेब से नहीं लगाना होगा मोटा पैसा

अगर आपके पास सोलर पैनल लगवाने के लिए शुरुआती फंड नहीं है, तो भी आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। सरकार ने इसके लिए बैंकों के साथ मिलकर बेहद आसान और सस्ते कोलैटरल-फ्री लोन की व्यवस्था की है। इस लोन की ब्याज दरें बेहद कम जो करीब 7% के आसपास रखी गई हैं, और इसकी किस्त भी आपके द्वारा बचाई गई बिजली के खर्च से आसानी से पूरी हो जाती है।

आवेदन कैसे करें?

अगर आप भी धर्मपाल शर्मा की तरह अपने घर का बिजली बिल जीरो करना चाहते हैं, तो इन आसान स्टेप्स को फॉलो करें:

रजिस्ट्रेशन: योजना की आधिकारिक वेबसाइट pmsuryaghar.gov.in पर जाएं। अपने राज्य, बिजली वितरण कंपनी का नाम और अपना बिजली उपभोक्ता नंबर डालकर रजिस्ट्रेशन करें।

आवेदन: लॉग इन करने के बाद ‘रूफटॉप सोलर’ के लिए अप्लाई करें।

डिस्कॉम से मंजूरी: आपकी बिजली कंपनी आपके आवेदन की व्यवहार्यता की जांच कर मंजूरी देगी।

इंस्टॉलेशन: मंजूरी मिलने के बाद, डिस्कॉम के साथ रजिस्टर्ड किसी भी वेंडर से अपने घर की छत पर सोलर सिस्टम लगवाएं।

नेट मीटरिंग और सब्सिडी: काम पूरा होने पर नेट मीटरिंग के लिए अप्लाई करें। डिस्कॉम द्वारा निरीक्षण के बाद जब नेट मीटर सर्टिफिकेट जारी होगा, तो आपको पोर्टल पर अपने बैंक खाते की डिटेल भरनी होगी। इसके 30 दिनों के भीतर सब्सिडी सीधे आपके बैंक खाते में आ जाएगी।

Waaree Energies Share Price: सोलर कंपनी पर अमेरिकी एक्शन का असर, JM Financial ने घटाया टारगेट प्राइस

Waaree Energies Share Price: ब्रोकरेज JM Financial ने सोलर कंपनी Waaree Energies के शेयर का टारगेट प्राइस घटा दिया है। अब उसने 12 महीने का टारगेट प्राइस 3,509 रुपये से घटाकर 3,185 रुपये रखा है। इसकी वजह अमेरिका की ओर से कंपनी पर सोलर सेल आयात में टैरिफ से बचने (Tariff Evasion) का आरोप लगना है।

हालांकि, ब्रोकरेज ने शेयर पर अपनी ‘Add’ रेटिंग बरकरार रखी है। मौजूदा भाव 2,954 रुपये के मुकाबले इसमें करीब 231 रुपये या 7.8% की संभावित बढ़त की गुंजाइश बनती है।

अमेरिका ने क्या कहा?

अमेरिका की Customs and Border Protection (CBP) ने अपनी अंतिम जांच रिपोर्ट में कहा है कि Waaree Energies ने 2021 से 2026 के बीच वियतनाम और मलेशिया से आने वाले सोलर सेल्स पर लगने वाले टैरिफ से बचने की कोशिश की।

CBP का कहना है कि कंपनी ने चार साल तक सामान के मूल देश (Country of Origin) की गलत जानकारी दी। JM Financial का मानना है कि इससे कंपनी की साख पर असर पड़ सकता है।

271% तक एंटी-डंपिंग ड्यूटी

CBP के फैसले के बाद जिन आयातों को नियमों से बचने वाला माना गया है, उन पर 271.28% तक एंटी-डंपिंग ड्यूटी के लिए कैश डिपॉजिट देना होगा। यह जांच 2025 में शुरू हुई थी।

शिकायत में कहा गया था कि Waaree Energies ने चीन से सोलर सेल का आयात काफी बढ़ाया। इसके बाद भारत से अमेरिका भेजे जाने वाले क्रिस्टलाइन सिलिकॉन फोटोवोल्टिक (CSPV) मॉड्यूल का निर्यात भी तेजी से बढ़ा। 2021 से 2023 के बीच भारत से अमेरिका जाने वाले CSPV मॉड्यूल के आयात में 2,250% से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

ऑर्डर बुक पर पड़ सकता है असर

JM Financial के मुताबिक, Waaree Energies की ऑर्डर बुक 53,000 करोड़ रुपये की है। इसका 65% से 70% हिस्सा विदेशी ग्राहकों के लंबे समय के कॉन्ट्रैक्ट्स से जुड़ा है।

ब्रोकरेज का मानना है कि इस फैसले से कंपनी की साख पर असर पड़ सकता है। इसका असर भविष्य में मिलने वाले कुछ अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर्स पर भी पड़ सकता है।

फिर भी ‘Add’ रेटिंग क्यों बरकरार?

JM Financial का कहना है कि हालात उतने खराब नहीं हैं, जितनी आशंका जताई जा रही थी। CBP ने कंपनी के सभी आयातों को नियमों का उल्लंघन करने वाला नहीं माना है।

जांच में यह भी सामने आया कि Waaree Energies ने गैर-चीनी सोलर सेल्स से इतने मॉड्यूल तैयार किए थे, जो अमेरिका भेजे गए उसके कुल मॉड्यूल की जरूरत पूरी करने के लिए पर्याप्त थे। इसी वजह से ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी पर असर तो पड़ेगा, लेकिन सबसे खराब स्थिति बनने की संभावना फिलहाल नहीं दिख रही है।

मार्च तिमाही में कैसा रहा प्रदर्शन?

FY26 की चौथी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 112% बढ़कर 8,840.25 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं, शुद्ध मुनाफा 74.7% बढ़कर 1,126.26 करोड़ रुपये रहा। EBITDA 80% बढ़कर 1,577 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, EBITDA मार्जिन घटकर 18.6% रह गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में 23% था।

Waaree के शेयरों का हाल

Waaree Energies का शेयर मंगलवार को 2.35% की बढ़त के साथ 2,954 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने स्टॉक तकरीबन फ्लैट है। वहीं, 1 साल के दौरान इसमें करीब 6% की गिरावट आई है। कंपनी का मार्केट कैप 84.71 हजार करोड़ रुपये है।

Apollo Tyres Share Price: ब्रोकरेज ने स्टॉक की रेटिंग की अपग्रेड, शेयर सरपट दौड़ा, जानें क्या है नया टारगेट प्राइस

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।