Bangladesh Crisis: कंगाल होने की कगार पर बांग्लादेश? गैस खत्म, 80% निर्यात ठप और ब्लैकआउट से त्राहि-त्राहि!

Bangladesh Economic Crisis: पड़ोसी देश बांग्लादेश इन दिनों अपनी अब तक की सबसे बड़ी और गंभीर ऊर्जा संकट से जूझ रहा है। प्राकृतिक गैस की भारी कमी के कारण देश के बड़े-बड़े कारखाने बंद हो रहे हैं, खेतों के लिए खाद बनाने वाली फैक्ट्रियों में जंग लग रहा है और आम जनता बिजली की किल्लत व रसोई गैस की भारी कमी से परेशान है।

घरेलू उत्पादन में गिरावट, नई गैस खोज में देरी और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण एलएनजी (LNG) आपूर्ति ठप होने से बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

फर्टिलाइजर फैक्ट्रियां बंद, कृषि और खाद सुरक्षा पर मंडराया संकट

गैस संकट की सबसे बड़ी मार बांग्लादेश के खाद उद्योग पर पड़ी है। देश की ऐतिहासिक और सबसे बड़ी ‘आशुगंज फर्टिलाइजर फैक्ट्री’ मार्च 2025 से पूरी तरह बंद पड़ी है। जहां कभी रोज 1,000 टन से ज्यादा यूरिया बनता था, वहां अब केवल जंग लगे ढांचे बचे हैं।

आशुगंज समेत देश के 6 प्रमुख यूरिया कारखाने या तो पूरी तरह बंद हो चुके हैं या क्षमता से बहुत कम पर काम कर रहे हैं। इससे 17 करोड़ की आबादी वाले इस देश के कृषि क्षेत्र और खाद्य सुरक्षा पर सीधा खतरा पैदा हो गया है।

गारमेंट्स इंडस्ट्री और अर्थव्यवस्था को भारी झटका

बांग्लादेश दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रेडीमेड गारमेंट्स (RMG) निर्यातक है, जो उसके कुल निर्यात राजस्व का लगभग 80% हिस्सा है। गैस की कमी के कारण सैकड़ों कपड़ा और टेक्सटाइल मिलें बंद होने के कगार पर हैं या अपने उत्पादन में भारी कटौती करने को मजबूर हैं। कारखाने बंद होने से हजारों मजदूरों की नौकरियां खतरे में पड़ गई हैं और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर भारी दबाव पड़ रहा है।

घरों में चूल्हे ठंडे, बिजली गुल और सड़कों पर प्रदर्शन

गैस की कमी ने आम नागरिकों के जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। पाइप से मिलने वाली घरेलू गैस का प्रेशर इतना कम है कि खाना बनाना मुश्किल हो गया है। कई इलाकों में रात भर गैस का एक कतरा भी नहीं आता, जिससे लोग लकड़ी के चूल्हों पर खाना बनाने को मजबूर हैं।

गैस से चलने वाले पावर प्लांट पूरी क्षमता से बिजली नहीं बना पा रहे हैं। देश में घंटों के पावर कट लग रहे हैं। सरकार ने मॉल और बाजारों को एक घंटा पहले बंद करने का आदेश जारी किया है।

सीएनजी (CNG) स्टेशनों पर घंटों इंतजार करने के बाद भी ईंधन न मिलने पर ऑटो और गैस-रिक्शा चालकों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

आखिर क्यों पैदा हुआ यह महा-संकट?

विशेषज्ञों का मानना है कि यह संकट रातों-रात पैदा नहीं हुआ, बल्कि सालों की अनदेखी का नतीजा है। साल 2018 तक बांग्लादेश गैस के मामले में आत्मनिर्भर था, लेकिन पुराने गैस कुओं से उत्पादन घटता गया। पिछली सरकारों ने नए कुओं की ड्रिलिंग और खोज पर पर्याप्त निवेश नहीं किया। कतर और अन्य देशों से आने वाली LNG आपूर्ति मिडल ईस्ट में जारी युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट के कारण बुरी तरह बाधित हुई है।

क्या है आगे का रास्ता और समाधान?

ढाका यूनिवर्सिटी के जियोलॉजी प्रोफेसर मो. अनवार हुसैन भुइयां के अनुसार, एक नए कुएं की ड्रिलिंग में $12-16 मिलियन का खर्च आता है, लेकिन उससे $4.5-4.9 अरब मूल्य की गैस निकल सकती है। सरकार ने नए ऑफशोर और ऑनशोर कुओं की नीलामी की योजना बनाई है।

पेट्रोबांग्ला के चेयरमैन मो. अब्दुल मन्नान के मुताबिक, गैस संकट का दीर्घकालिक और स्थायी समाधान ग्रीन व रिन्यूएबल एनर्जी (सौर और पवन ऊर्जा) की तरफ तेजी से कदम बढ़ाना ही है।

Vedanta Oil & Gas Q1 Results: डिमर्जर के बाद पहली तिमाही में ₹945 करोड़ का मुनाफा, रेवेन्यू और मार्जिन में गिरावट

Vedanta Oil & Gas Q1 Results: वेदांता ऑयल एंड गैस ने डिमर्जर और अलग लिस्टिंग के बाद पहली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। जून तिमाही में कंपनी ने 945 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। पिछली तिमाही में कंपनी को 476 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।

रेवेन्यू और EBITDA में आई गिरावट

जून तिमाही में वेदांता ऑयल एंड गैस का ऑपरेशन से रेवेन्यू 3.1% घटकर 2,507 करोड़ रुपये रह गया। पिछली तिमाही के मुकाबले EBITDA भी 7.7% गिरकर 814 करोड़ रुपये रहा।

वहीं, EBITDA मार्जिन घटकर 32.5% रह गया। मार्च तिमाही में यह 34.1% था।

कितना रहा तेल और गैस उत्पादन?

जून तिमाही में कंपनी का औसत ग्रॉस ऑपरेटेड प्रोडक्शन 77.7 हजार बैरल ऑयल इक्विवेलेंट प्रतिदिन (kboepd) रहा। वहीं, वर्किंग इंटरेस्ट प्रोडक्शन 51.1 हजार kboepd रहा।

पूरी तिमाही में कुल ग्रॉस प्रोडक्शन 7.1 मिलियन बैरल ऑयल इक्विवेलेंट (boe) रहा। जबकि वर्किंग इंटरेस्ट प्रोडक्शन 4.7 मिलियन boe दर्ज किया गया।

राजस्थान में गैस की नई खोज

वेदांता ऑयल एंड गैस ने राजस्थान के बाड़मेर बेसिन में RJ-ON-90/1 ब्लॉक के Kaam BCP-1ST कुएं में नई गैस खोज की भी घोषणा की है।

कंपनी ने कहा कि इस खोज का तकनीकी और व्यावसायिक मूल्यांकन अभी जारी है।

CEO ने क्या कहा?

अंतरिम CEO और पूर्णकालिक निदेशक जिम जॉनी गैस्ट ने कहा कि जून तिमाही कंपनी के लिए अहम रही। इसी दौरान कंपनी के शेयर NSE और BSE पर लिस्ट हुए।

उन्होंने कहा कि मजबूत ऑपरेशनल प्रदर्शन, नई खोज और पूंजी के बेहतर इस्तेमाल की रणनीति से आगे भी ग्रोथ की अच्छी संभावनाएं हैं। कंपनी अब एक्सप्लोरेशन ड्रिलिंग, ऑयल रिकवरी प्रोजेक्ट और नए डेवलपमेंट प्रोग्राम पर फोकस करेगी।

नतीजों से पहले बुधवार को वेदांता ऑयल एंड गैस का शेयर 3.3% की बढ़त के साथ 35.31 रुपये पर बंद हुआ। पिछले एक महीने में स्टॉक 6.45% चढ़ा है।

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