Q2 Results: प्राइवेट बैंक का मुनाफा 169% बढ़ा, NII में भी तगड़ा उछाल; बैड लोन में कमी आई

RBL Bank Q2 Results: प्राइवेट सेक्टर के RBL Bank ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में बैंक का मुनाफा बढ़कर 481.7 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले इसी तिमाही में यह 179 करोड़ रुपये था। यानी मुनाफे में करीब 169% की बढ़ोतरी हुई है। बैंक की कमाई बढ़ी है। साथ ही, खराब कर्ज के आंकड़ों में भी सुधार हुआ है।

NII में 37.4% की बढ़ोतरी

बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी तेजी से बढ़ी है। सितंबर तिमाही में यह सालाना आधार पर 37.4% बढ़कर 2,131 करोड़ रुपये हो गई। पिछले साल इसी तिमाही में यह 1,551 करोड़ रुपये थी।

खराब कर्ज घटा, लेकिन प्रोविजन बढ़ा

RBL Bank के बैड लोन यानी खराब कर्ज में कमी आई है। सितंबर तिमाही में ग्रॉस NPA घटकर 1.02% रह गया। जून तिमाही में यह 1.3% था। इसी तरह, नेट NPA भी 0.37% से घटकर 0.29% पर आ गया। यानी बैंक के फंसे हुए कर्ज का स्तर कम हुआ है।

हालांकि, बैंक को खराब कर्ज के लिए ज्यादा रकम अलग रखनी पड़ी। सितंबर तिमाही में प्रोविजन बढ़कर 766.5 करोड़ रुपये हो गया। जून तिमाही में यह 599.2 करोड़ रुपये था। एक साल पहले सितंबर तिमाही में यह रकम 499.7 करोड़ रुपये थी।

लोन देने में बढ़ोतरी

बैंक का नेट एडवांस यानी दिया गया कर्ज सालाना आधार पर 42% बढ़कर 1,42,314 करोड़ रुपये हो गया। इसमें रिटेल कर्ज 32% बढ़कर 79,465 करोड़ रुपये रहा। वहीं, कंपनियों को दिए जाने वाले होलसेल कर्ज में 56% की बढ़ोतरी हुई। यह 62,849 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

रिटेल लोन में सिक्योर्ड लोन की बढ़ोतरी ज्यादा रही। इसमें 52% का इजाफा हुआ। वहीं, अनसिक्योर्ड लोन सिर्फ 6% बढ़ा। बैंक में जमा रकम भी बढ़ी है।

डिपॉजिट भी बढ़ा

सितंबर तिमाही में RBL Bank का कुल डिपॉजिट सालाना आधार पर 34% बढ़कर 1,56,272 करोड़ रुपये हो गया। करंट अकाउंट और सेविंग्स अकाउंट यानी CASA रेशियो 27.2% रहा।

बैंक में 3 करोड़ रुपये से कम के डिपॉजिट को ग्रैन्युलर डिपॉजिट कहा जाता है। सितंबर तिमाही में इस तरह की जमा रकम 16% बढ़कर 68,877 करोड़ रुपये हो गई। यह बैंक के कुल डिपॉजिट का 44% है।

कैपिटल रेशियो में आई कमी

30 सितंबर 2026 तक बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 30.1% था। जून के आखिर में यह 33.3% था। वहीं, कॉमन इक्विटी टियर-1 यानी CET1 रेशियो भी घटा है। जून तिमाही के 32.2% के मुकाबले सितंबर तिमाही में यह 29% रहा।

बैंक का औसत लिक्विडिटी कवरेज रेशियो (LCR) 148% रहा। यह वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही का आंकड़ा है।

CEO ने क्या कहा?

RBL Bank के MD और CEO आर सुब्रमण्यकुमार ने कहा कि सितंबर तिमाही में बैंक का प्रदर्शन मजबूत रहा। कर्ज देने और जमा जुटाने, दोनों मोर्चों पर अच्छी बढ़ोतरी हुई।

उन्होंने बताया कि बैंक ने विदेशी मुद्रा में FCNR डिपॉजिट भी जुटाए हैं। इससे बैंक की फंडिंग मजबूत हुई है। साथ ही, भविष्य में कारोबार बढ़ाने के लिए ज्यादा गुंजाइश मिली है।

बैंक का नेटवर्क बढ़ा

30 सितंबर तक RBL Bank के कुल 1,954 टचपॉइंट थे। इनमें 628 बैंक शाखाएं और 1,326 बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट शाखाएं शामिल थीं।

इन बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट शाखाओं में 248 बैंकिंग आउटलेट थे। वहीं, बैंक की सब्सिडियरी RBL Finserve के पास 1,076 बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट शाखाएं थीं।

RBL Bank के शेयरों का हाल

बैंक ने बाजार बंद होने के बाद सितंबर तिमाही के नतीजे जारी किए। 12 अक्टूबर को RBL Bank का शेयर NSE पर 0.07% गिरकर 417.70 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 32.14% चढ़ा है। वहीं, 1 साल में इसने 44.03% का रिटर्न दिया है। बैंक का मार्केट कैप 64.84 हजार करोड़ रुपये है।

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