निफ्टी 50 में बड़ा बदलाव! विप्रो 3 दशक बाद इंडेक्स से बाहर होगी, BSE को मिलेगी एंट्री

निफ्टी 50 में एक बड़ा बदलाव होने वाला है। इस इंडेक्स में स्टॉक्स एक्सचेंज BSE को दिग्गज आईटी कंपनी Wipro की जगह शामिल किया जाएगा। यह बदलाव 30 सितंबर से लागू होगा। इसके साथ ही बेंगलुरु की आईटी कंपनी Wipro का भारत के प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स से करीब तीन दशक पुराना सफर खत्म हो जाएगा।

Wipro असल में Nifty 50 की शुरुआत से ही इसका हिस्सा रही है। हालांकि, अप्रैल से सितंबर 2013 के बीच कंपनी इस इंडेक्स से बाहर रही थी। उस समय Wipro के नॉन-आईटी कारोबार के डीमर्जर की वजह से यह बदलाव हुआ था। इसके बाद कंपनी लगातार Nifty 50 में बनी रही।

Wipro से पैसा निकलने का अनुमान

Nuvama के अनुमान के मुताबिक, Wipro के Nifty 50 से बाहर होने पर इंडेक्स को ट्रैक करने वाले फंड करीब 246 मिलियन डॉलर यानी लगभग 2,000 करोड़ रुपये की बिकवाली कर सकते हैं। दूसरी ओर, BSE के इंडेक्स में शामिल होने से करीब 741 मिलियन डॉलर का निवेश आने का अनुमान है।

BSE के लिए यह बदलाव काफी अहम है। पिछले पांच साल में कंपनी के शेयर में 2,600% से ज्यादा की तेजी आई है। ट्रेडिंग वॉल्यूम, डेरिवेटिव्स कारोबार और बाजार में निवेशकों की बढ़ती भागीदारी से कंपनी को फायदा मिला है।

Nifty 500 में भी बदलाव

Nifty 50 में बदलाव के साथ NSE ने दूसरे प्रमुख इंडेक्स में भी बदलाव किए हैं। Nifty 500 से 3M India, Aditya Birla Fashion and Retail, Aditya Birla Lifestyle Brands, Bayer Cropscience, Blue Dart Express, Chalet Hotels, Go Digit General Insurance, Indegene, Jubilant Pharmova, Latent View Analytics, Sonata Software और Travel Food Services जैसी कंपनियां बाहर होंगी।

वहीं, Nifty 500 में Aether Industries, Avanti Feeds, Azad Engineering, Black Box, Brookfield India REIT, Embassy Office Parks REIT, Fractal Analytics, INOX India, Kirloskar Brothers, MTAR Technologies, Sansera Engineering, Sterlite Technologies और Vedanta Aluminium समेत कई कंपनियां शामिल होंगी।

Stocks to Watch: 11 अगस्त को इन 24 शेयरों पर रखें नजर, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 8 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 15 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: बुधवार, 8 जुलाई के कारोबार में कई शेयर खबरों के दम पर फोकस में रह सकते हैं। इनमें बड़े ऑर्डर, FPO, OFS, निवेश और मैनेजमेंट से जुड़े अहम ऐलान शामिल हैं। अगर आप ट्रेडिंग या निवेश की तैयारी कर रहे हैं, तो इन शेयरों पर नजर रखना फायदेमंद हो सकता है।

Rashtriya Chemicals and Fertilizers

सरकारी उर्वरक कंपनी Rashtriya Chemicals and Fertilizers Ltd के बोर्ड ने 1,500 करोड़ रुपये तक जुटाने के लिए फर्दर पब्लिक ऑफर (FPO) लाने को मंजूरी दे दी है। हालांकि, इसके लिए शेयरधारकों, डिपार्टमेंट ऑफ फर्टिलाइजर्स और DIPAM की मंजूरी अभी बाकी है।

Cochin Shipyard

सरकारी डिफेंस और शिपबिल्डिंग कंपनी Cochin Shipyard Ltd के ऑफर फॉर सेल (OFS) को पहले ही दिन निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। यह इश्यू 3.52 गुना सब्सक्राइब हुआ। इसकी जानकारी DIPAM सचिव ने दी।

Uno Minda

ऑटो कंपोनेंट्स कंपनी Uno Minda Ltd ने पैसेंजर व्हीकल सीटिंग सिस्टम कारोबार में उतरने का ऐलान किया है। कंपनी महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाएगी। इस पर करीब 320 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।

Poonawalla Fincorp

NBFC कंपनी Poonawalla Fincorp Ltd ने 200 करोड़ रुपये तक के टियर-II नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) जारी करने को मंजूरी दी है। यह फंड प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए जुटाया जाएगा।

Advait Energy Transitions

पावर इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Advait Energy Transitions Ltd को दक्षिण गुजरात विज कंपनी लिमिटेड (DGVCL) से 51.62 करोड़ रुपये का टर्नकी ऑर्डर मिला है। कंपनी 11KV मीडियम वोल्टेज कवर्ड कंडक्टर (MVCC) की सप्लाई, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग का काम करेगी।

EMS

वॉटर और सीवरेज इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी EMS Ltd को दिल्ली जल बोर्ड के 158.29 करोड़ रुपये के सीवरेज प्रोजेक्ट में L-1 (सबसे कम बोली लगाने वाला) घोषित किया गया है। यह प्रोजेक्ट दिल्ली के टिकरी कलां इलाके में सीवर नेटवर्क बिछाने से जुड़ा है।

Silver Touch Technologies

आईटी और डिजिटल सॉल्यूशंस कंपनी Silver Touch Technologies Ltd को RITES Ltd से बड़ा ऑर्डर मिला है। कंपनी PARAKH नाम का AI बेस्ड प्लेटफॉर्म तैयार करेगी। यह रेलवे प्रोजेक्ट्स की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) की जांच में मदद करेगा।

Pondy Oxides and Chemicals

मेटल रीसाइक्लिंग कंपनी Pondy Oxides and Chemicals ने शेयर स्प्लिट की रिकॉर्ड डेट 21 जुलाई 2026 तय की है। कंपनी 5 रुपये फेस वैल्यू वाले 2 शेयरों को 2 रुपये फेस वैल्यू वाले 5 शेयरों में बांटेगी। इस प्रस्ताव को 2 जुलाई को पोस्टल बैलेट के जरिए शेयरधारकों की मंजूरी मिल चुकी है।

Tribhovandas Bhimji Zaveri (TBZ)

ज्वेलरी कंपनी Tribhovandas Bhimji Zaveri (TBZ) के हेड-इन्वेंट्री (गोल्ड) संजय बिलिमोरिया ने इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा 8 जुलाई 2026 से प्रभावी होगा। कंपनी के मुताबिक, उन्होंने दूसरे करियर अवसरों के लिए यह फैसला लिया है।

PC Jeweller

ज्वेलरी कंपनी PC Jeweller ने कर्जमुक्त बनने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने बताया कि उसने 14 बैंकों के कंसोर्टियम में शामिल 2 बैंकों का पूरा कर्ज चुका दिया है। यह भुगतान 30 सितंबर 2024 के सेटलमेंट एग्रीमेंट के तहत किया गया है।

Titan

ज्वेलरी और लाइफस्टाइल कंपनी Titan Company की AAA (Stable) लॉन्ग टर्म क्रेडिट रेटिंग ICRA ने बरकरार रखी है। एजेंसी ने कंपनी के 3,000 करोड़ रुपये के फिक्स्ड डिपॉजिट प्रोग्राम, 14,750 करोड़ रुपये की वर्किंग कैपिटल सुविधाओं और 1,000 करोड़ रुपये के टर्म लोन की रेटिंग भी दोहराई है।

IndiGo

एयरलाइन कंपनी IndiGo के शेयरों पर नजर रहेगी। DGCA के मुताबिक, मई में घरेलू हवाई यात्री ट्रैफिक 9.5% बढ़कर 1.54 करोड़ पहुंच गया। हालांकि, IndiGo की बाजार हिस्सेदारी 65% से घटकर 64.9% रह गई। इसके बावजूद कंपनी देश की सबसे बड़ी एयरलाइन बनी हुई है।

J.B. Chemicals & Pharmaceuticals

फार्मा कंपनी J.B. Chemicals & Pharmaceuticals ने बताया कि NCLT की अहमदाबाद बेंच ने उसके Torrent Pharmaceuticals के साथ प्रस्तावित मर्जर को मंजूरी दे दी है। कंपनी को आदेश की प्रमाणित कॉपी भी मिल गई है। अब आगे की नियामकीय प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।

Sun Pharma

फार्मा कंपनी Sun Pharma ने कहा है कि वह इनोवेटिव और कॉम्प्लेक्स दवाओं पर फोकस बढ़ाएगी। कंपनी R&D, नए प्रोडक्ट, अधिग्रहण और लाइसेंसिंग के जरिए कारोबार का विस्तार करेगी। साथ ही लागत घटाने और प्रमुख बाजारों में मौजूदगी मजबूत करने पर भी काम जारी रहेगा।

Meesho

ई-कॉमर्स कंपनी Meesho की जनरल मैनेजर (बिजनेस) और सीनियर मैनेजमेंट पर्सनल मेघा अग्रवाल ने इस्तीफा दे दिया है। कंपनी के मुताबिक, उन्होंने व्यक्तिगत कारणों से पद छोड़ा है। 7 जुलाई 2026 से उन्हें आधिकारिक तौर पर कार्यमुक्त कर दिया गया है।

AI Stocks: AI शेयरों में मची बिकवाली, Netweb से Black Box तक 10% टूटे; जानिए क्या है वजह

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock in Focus: दो इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों को मिले बड़े ऑर्डर, शेयरों पर रहेगी नजर

Stock in Focus: शेयर बाजार में बुधवार, 8 जुलाई को दो इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों पर निवेशकों की करीबी नजर रहेगी। एक कंपनी को पावर इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा नया ऑर्डर मिला है। दूसरी कंपनी को 158 करोड़ रुपये से ज्यादा के सीवरेज प्रोजेक्ट में सबसे कम बोली लगाने वाला (L-1) घोषित किया गया है।

Advait Energy Transitions

पावर इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Advait Energy Transitions Ltd को दक्षिण गुजरात विज कंपनी लिमिटेड (DGVCL) से 51.62 करोड़ रुपये का टर्नकी ऑर्डर मिला है। कंपनी 11KV 55mm² AAAC मीडियम वोल्टेज कवर्ड कंडक्टर (MVCC) की सप्लाई, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग का काम करेगी।

इस प्रोजेक्ट की डेडलाइन 15 महीने है। पिछले महीने कंपनी की सब्सिडियरी Advait BESS Bhesaan Pvt Ltd ने Gujarat Urja Vikas Nigam Ltd (GUVNL) के साथ 150 MW/300 MWh क्षमता वाले बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) प्रोजेक्ट के लिए समझौता किया था। यह प्रोजेक्ट गुजरात में बनेगा।

Advait Energy Transitions Ltd का शेयर मंगलवार को 1.59% की गिरावट के साथ 2,148 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 महीने में स्टॉक तकरीबन फ्लैट रहा। वहीं, 1 साल में इसने करीब 20.80% का रिटर्न दिया है।

EMS

वॉटर और सीवरेज इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी EMS Ltd को दिल्ली जल बोर्ड से करीब 158.29 करोड़ रुपये के सीवरेज प्रोजेक्ट के लिए L-1 घोषित किया गया है। यह प्रोजेक्ट दिल्ली के टिकरी कलां इलाके में सीवर नेटवर्क बिछाने का है। कंपनी को लेटर ऑफ अवॉर्ड (LoA) मिलने के बाद ऑर्डर फाइनल होगा। इस प्रोजेक्ट को 15 महीने में पूरा किया जाएगा।

इससे पहले अप्रैल 2026 में भी EMS को UP Jal Nigam (Urban) से वाराणसी के दो सीवरेज प्रोजेक्ट मिले थे। इनकी कुल अनुमानित कीमत 208.6 करोड़ रुपये (GST छोड़कर) थी। इन प्रोजेक्ट्स में सीवर नेटवर्क, हाउस कनेक्शन, सर्वे, डिजाइन और टर्नकी आधार पर निर्माण का काम शामिल है।

EMS Ltd का शेयर मंगलवार को 3.84% गिरकर 402.70 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 महीने में स्टॉक 24.87% चढ़ा है। हालांकि, 1 साल में इसमें करीब 34% की गिरावट आई है।

AI Stocks: AI शेयरों में मची बिकवाली, Netweb से Black Box तक 10% टूटे; जानिए क्या है वजह

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

कच्चे तेल में आएगी गिरावट, सोना और चांदी खरीदने के लिए करें इंतजार : Citi

ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Citi के ग्लोबल हेड ऑफ कमोडिटीज मैक्स लेटन का मानना है कि अगले 6 से 12 महीनों तक कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है। इसकी वजह पश्चिम एशिया में तनाव कम होना और वैश्विक स्तर पर तेल की सप्लाई बढ़ना है। वहीं, बैंक का कहना है कि निवेशकों को फिलहाल सोने और चांदी में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए, क्योंकि दोनों की कीमतों में अभी और कमजोरी आ सकती है।

कच्चे तेल पर क्यों है दबाव?

मैक्स लेटन का कहना है कि पश्चिम एशिया में हालात पहले से बेहतर हो रहे हैं। अगर ईरान से जुड़ा कोई समझौता होता है, तो बाजार में तेल की सप्लाई और बढ़ सकती है। दूसरी तरफ चीन से मांग कमजोर बनी हुई है। दूसरे देशों का उत्पादन भी बढ़ रहा है। ऐसे में बाजार में जरूरत से ज्यादा कच्चा तेल उपलब्ध हो सकता है।

Citi का अनुमान है कि अगर मौजूदा बातचीत सफल रही, तो साल के आखिर तक Brent Crude की कीमत 60 से 65 डॉलर प्रति बैरल तक आ सकती है। लेटन ने निवेशकों को सलाह दी है कि अगर तेल की कीमतों में तेजी आती है, तो उसे मुनाफावसूली का मौका मानना चाहिए।

गोल्ड और सिल्वर पर क्या राय?

मैक्स लेटन का कहना है कि पिछले 18 से 24 महीनों में सोने की तेज रैली की सबसे बड़ी वजह निवेशकों की मजबूत खरीदारी थी। अब यह रफ्तार धीमी पड़ रही है। ऐसे में अगले कुछ हफ्तों तक सोने की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है।

उनके मुताबिक, ऊंची रियल इंटरेस्ट रेट और मजबूत अमेरिकी डॉलर की वजह से फिलहाल सोने में कमजोरी रह सकती है। हालांकि, उनका मानना है कि अगले दो महीनों में अगर कीमतें गिरती हैं, तो वही खरीदारी का बेहतर मौका हो सकता है। Citi को उम्मीद है कि चौथी तिमाही में ब्याज दरों और महंगाई के नरम पड़ने से सोने को फिर सहारा मिल सकता है।

मैक्स लेटन का कहना है कि चांदी भी फिलहाल सोने की दिशा में ही चल सकती है। उनके मुताबिक, हालिया तेजी की बड़ी वजह निवेशकों की खरीदारी थी, न कि औद्योगिक मांग। हालांकि, सोलर जैसे सेक्टरों से लंबी अवधि की मांग मजबूत बनी हुई है। लेकिन मौजूदा ऊंची कीमतों की वजह से दूसरे विकल्पों का इस्तेमाल बढ़ सकता है। इससे शॉर्ट टर्म में चांदी की तेजी सीमित रह सकती है।

AI Stocks: AI शेयरों में मची बिकवाली, Netweb से Black Box तक 10% टूटे; जानिए क्या है वजह

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AI Stocks: AI शेयरों में मची बिकवाली, Netweb से Black Box तक 10% टूटे; जानिए क्या है वजह

AI Stocks: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों के शेयर मंगलवार को दबाव में रहे। Netweb Technologies, Aeroflex Industries, E2E Networks और Black Box जैसे शेयरों में 10% तक की गिरावट आई। इसकी बड़ी वजह दुनिया भर के टेक शेयरों में आई बिकवाली रही।

दुनिया भर में टेक शेयरों पर दबाव

एशियाई शेयर बाजार लगातार तीन दिन की तेजी के बाद गिरावट के साथ बंद हुए। निवेशकों को अब चिंता है कि AI थीम वाली तेज रैली शायद जरूरत से ज्यादा आगे निकल गई है। MSCI Asia Pacific Index कारोबार के दौरान 2.2% तक गिर गया। बाद में निचले स्तर पर खरीदारी आने से गिरावट कुछ कम हुई और इंडेक्स करीब 1.5% नीचे बंद हुआ।

यूरोप के बाजारों में भी मिला-जुला कारोबार रहा। फ्रांस का CAC 40 करीब 1% चढ़ा। वहीं, STOXX Europe 600 Technology Index शुरुआती कारोबार में करीब 2% टूट गया।

चिप कंपनियों में भारी गिरावट

सेमीकंडक्टर सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। ASML Holding, Infineon Technologies, Aixtron और STMicroelectronics के शेयर करीब 5% तक टूट गए। वहीं BE Semiconductor Industries में 4% से ज्यादा की गिरावट आई।

हालांकि, सभी टेक कंपनियों पर दबाव नहीं रहा। SAP का शेयर करीब 2.5% और Amadeus IT Group करीब 2% चढ़ा।

सैमसंग और SK Hynix भी टूटे

दक्षिण कोरिया की Samsung Electronics के शेयर 10% तक गिर गए। जबकि कंपनी ने मुनाफे में 19 गुना बढ़ोतरी की जानकारी दी है।

वहीं SK Hynix के शेयर करीब 6% टूट गए। इसकी वजह से Kospi Index में 5.2% की गिरावट आई। कारोबार के दौरान 8% गिरावट आने पर कुछ समय के लिए ट्रेडिंग भी रोकनी पड़ी।

AI रैली पर क्यों बढ़ी चिंता?

एनालिस्टों का कहना है कि निवेशक अब टेक शेयरों से पैसा निकालकर दूसरे सेक्टरों में लगा रहे हैं। उन्हें डर है कि AI सेक्टर में बढ़ता निवेश, तेज प्रतिस्पर्धा और नई क्षमता (Capacity Expansion) भविष्य में कंपनियों की कमाई पर दबाव डाल सकते हैं।

बाजार अब यह देखना चाहता है कि AI पर हो रहा भारी खर्च वास्तव में कंपनियों के मुनाफे में बदलता है या नहीं। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो मौजूदा ऊंचे वैल्यूएशन को बनाए रखना मुश्किल हो सकता है।

माइकल बरी ने भी जताई चिंता

The Big Short नाम से मशहूर निवेशक माइकल बरी (Michael Burry) का भी मानना है कि मेमोरी चिप कंपनियों में आया उछाल ज्यादा समय तक नहीं टिक सकता। उन्होंने बताया कि उन्होंने Micron Technology के शेयरों में शॉर्ट पोजिशन ली है। इसका मतलब कि बरी को भरोसा है कि मेमोरी चिप कंपनियों के स्टॉक गिरने वाले हैं।

उनका कहना है कि दक्षिण कोरिया में चिप उत्पादन पर हो रहा भारी निवेश आने वाले समय में सप्लाई काफी बढ़ा देगा। इससे DRAM चिप्स की मौजूदा कमी अगले साल ही खत्म हो सकती है। फिलहाल Samsung, SK Hynix और Micron मिलकर दुनिया के करीब 90% DRAM बाजार पर कब्जा रखते हैं। लेकिन अगर सप्लाई तेजी से बढ़ी, तो कीमतों और कंपनियों की कमाई दोनों पर दबाव आ सकता है।

* ब्लूमबर्ग से इनपुट के साथ

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