IDBI Bank का शेयर मार्च के निचले स्तर से 46% चढ़ा है, 15 अक्तूबर को शेयर पर दिखेगा डील का असर

आईडीबीआई बैंक के शेयर में 14 अक्तूबर को पंख लग गए। एक समय शेयर 13 फीसदी तक चढ़ गया था। हालांकि, बाद में तेजी थोड़ी सुस्त पड़ी। कारोबार के अंत में यह 8.33 फीसदी चढ़कर 89.85 रुपये पर बंद हुआ। इस साल मार्च के अपने निचले स्तर से यह शेयर 46 फीसदी चढ़ा है।

आईडीबीआई बैंक का नियंत्रण फेयरफैक्स को ट्रांसफर होगा

IDBI Bank में फेयरफैक्स नियंत्रण योग्य हिस्सेदारी खरीदने जा रही है। 14 अक्तूबर को यूनियन कैबिनेट ने इस प्लान को मंजूरी दे दी। इस डील पर इस साल के अंत तक हस्ताक्षर हो जाने की उम्मीद है। उसके बाद आईडीबीआई बैंक का नियंत्रण फेयरफैक्स की सब्सिडियरी कनाडा इंक के पास चली जाएगी।

14 अक्टूबर को IDBI Bank के शेयर में तूफानी तेजी

14 अक्तूबर को कमजोर बाजार में आईडीबीआई बैंक के शेयरों में तूफानी तेजी ने मार्केट को चौंकाया था। माना जा रहा था कि शेयर में तेजी की वजह 12 अक्तूबर को बैंक का ऐलान था जिसमें कहा गया था कि उसके बोर्ड की बैठक 17 अक्तूबर को होगी। इसमें सितंबर तिमाही के अनऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स को मंजूरी मिलेगी।

शेयर में ट्रेडिंग वॉल्यूम भी औसत का 8 गुना था

खास बात यह है कि 14 अक्तूबर को आईडीबीआई बैंक के शेयरों में तेजी के साथ ही ट्रेडिंग वॉल्यूम में भी जबर्दस्त उछाल दिखा था। ट्रेडिंग वॉल्यूम औसत के मुकाबले करीब 8 गुना था। आईडीबीआई बैंक के शेयरों में बीते छह महीनों में करीब 21 फीसदी तेजी आई है। इस दौरान बैंक निफ्टी 1.82 फीसदी गिरा है।

15 अक्टूबर को शेयर पर डील का दिखेगा असर 

आईडीबीआई बैंक के शेयर पर 15 अक्तूबर को डील का असर दिखेगा। फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स की सीएसबी बैंक में पहले से 40 फीसदी हिस्सेदारी है। इसका मतलब है कि यह कंपनी पहले से भारत के बैंकिंग सेक्टर में मौजूद है। वह आगे आईडीबीआई बैंक में सीएसबी बैंक के विलय का ऐलान कर सकती है या सीएसबी बैंक में अपनी हिस्सेदारी बेच सकती है। आरबीआई के नियम के मुताबिक उसे दोनों में से किसी एक विकल्प का इस्तेमाल करना होगा।

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फेयरफैक्स को ओपन ऑफर पेश करना होगा 

सरकार ने कई साल पहले आईडीबीआई बैंक की निजीकरण की प्रक्रिया शुरू की थी। लेकिन, उसकी कोशिश सफल नहीं हुई थी। इस बीच, सरकार ने कहा है कि आईडीबीआई बैंक की रीस्ट्रक्चरिंग से बैंकिंग सेक्टर में नई पूंजी आने का रास्ता खुलेगा। इससे एमएसएमई के लिए कर्ज की उपलब्धता बढ़ेगी। शेयर पर्चेज एग्रीमेंट के पूरा होने पर फेयरफैक्स को आईडीबीआई बैंक के मौजूदा शेयरहोल्डर्स के लिए ओपन ऑफर पेश करना होगा।

जना स्मॉल फाइनेंस बैंक की होल्डिंग कंपनी को मिल सकती है ‘डिफॉल्ट’ रेटिंग, कर्ज चुकाने में की देरी : सूत्र

जना स्मॉल फाइनेंस बैंक की होल्डिंग कंपनी Jana Holdings Limited (JHL) की क्रेडिट रेटिंग घटकर ‘डिफॉल्ट’ कैटेगरी में जा सकती है। CNBC-TV18 को मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि इसकी वजह नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) की रकम तय समय पर नहीं चुका पाना है।

NCD भुगतान में हुई देरी

सूत्रों के मुताबिक, JHL ने NCD की भुगतान अवधि 30 जून 2026 से बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 कर दी है। यानी कंपनी को भुगतान के लिए छह महीने का अतिरिक्त समय मिला है।

बताया जा रहा है कि यह फैसला डिबेंचर-होल्डर्स की सहमति से लिया गया है। इनमें प्रमुख निवेशक TPG Asia VI India Markets Pte भी शामिल है। ऐसे में इसे टेक्निकल डिफॉल्ट माना जा रहा है।

 Jana Holdings को क्यों आई दिक्कत?

सूत्रों के अनुसार, JHL को उम्मीद थी कि वह Jana Small Finance Bank में अपनी हिस्सेदारी बेचकर NCD का भुगतान कर देगी। लेकिन हिस्सेदारी का समय पर मोनेटाइजेशन नहीं हो पाया, जिससे भुगतान में देरी हुई।

JHL की हिस्सेदारी पहले 44% थी, जो TVS Venu Group को आंशिक हिस्सेदारी बेचने के बाद घटकर करीब 16.95% रह गई है। सूत्रों का कहना है कि अगर रीफाइनेंसिंग की जरूरत पड़ी, तो कंपनी अपनी बची हुई हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा भी बेच सकती है।

Jana Small Finance Bank पर कितना असर?

सूत्रों के मुताबिक, इस घटनाक्रम का Jana Small Finance Bank के कारोबार पर सीधा असर सीमित रहने की उम्मीद है। बैंक को जून 2022 के बाद से JHL की ओर से कोई नई पूंजी नहीं मिली है। फंडिंग के मामले में बैंक स्वतंत्र रूप से काम करता है।

इसके अलावा JHL और बैंक के बोर्ड में कोई साझा प्रतिनिधित्व नहीं है। दोनों के कर्ज भी आपस में जुड़े नहीं हैं। इसलिए होल्डिंग कंपनी की रेटिंग में गिरावट का सीधा वित्तीय असर बैंक पर पड़ने की संभावना कम मानी जा रही है।

हालांकि, अगर JHL आगे अपनी बची हुई हिस्सेदारी भी बेचती है, तो इससे Jana Small Finance Bank के शेयर पर शॉर्ट टर्म में दबाव बन सकता है। फिलहाल इस मामले पर Jana Holdings और Jana Small Finance Bank की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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