शिक्षा के क्षेत्र में सरकार ने किया बड़ा बदलाव, NCERT को मिला ‘डीम्ड यूनिवर्सिटी’ का दर्जा, कैंपस खोलने और कोर्स चलाने की मिली मंजूरी

Central Government's big Decision Regarding NCERT

Government's big Decision Regarding NCERT : देश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में केंद्र सरकार ने एक बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) को आधिकारिक रूप से डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी का दर्जा दे दिया है। एनसीईआरटी को 'डीम्ड यूनिवर्सिटी' का दर्जा मिलना भारतीय शिक्षा प्रणाली में एक बड़ा और निर्णायक बदलाव माना जा रहा है। इस फैसले के साथ ही एनसीईआरटी की भूमिका अब केवल स्कूलों के लिए पाठ्यक्रम और किताबें तैयार करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभा सकेगी। यह कदम देश में शिक्षक, शिक्षा और रिसर्च को नई दिशा दे सकता है। इससे देशभर के शिक्षकों और छात्रों को आधुनिक और प्रासंगिक शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। 

 

किन शर्तों के साथ मिला दर्जा?

सरकार ने एनसीईआरटी को कुछ सख्त शर्तों के साथ यह दर्जा दिया है। संस्थान अपनी संपत्ति या फंड बिना सरकार और यूजीसी की अनुमति के ट्रांसफर नहीं कर सकता। साथ ही, वह किसी भी तरह की मुनाफा कमाने वाली गतिविधि में शामिल नहीं होगा।

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शिक्षक, शिक्षा और रिसर्च को नई दिशा

देश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में केंद्र सरकार ने एक बड़ा बदलाव कर राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) को आधिकारिक रूप से डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी का दर्जा दे दिया है। इस फैसले के साथ ही एनसीईआरटी की भूमिका अब केवल स्कूलों के लिए पाठ्यक्रम और किताबें तैयार करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभा सकेगी। यह कदम देश में शिक्षक, शिक्षा और रिसर्च को नई दिशा दे सकता है।

 

इससे देशभर के शिक्षकों और छात्रों को आधुनिक और प्रासंगिक शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। करीब 3 साल पहले केंद्र सरकार ने एनसीईआरटी के कार्यक्षेत्र को बढ़ाने का संकेत दिया था। इस नए दर्जे के तहत एनसीईआरटी अब अपने खुद के डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स चला सकेगा।  

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6 प्रमुख संस्थानों को भी किया शामिल 

इस फैसले के तहत एनसीईआरटी के 6 प्रमुख संस्थानों को भी शामिल किया गया है। इनमें अजमेर (राजस्थान), भोपाल (मध्य प्रदेश), भुवनेश्वर (ओडिशा), मैसूर (कर्नाटक), शिलांग (मेघालय) और भोपाल का पंडित सुंदरलाल शर्मा व्यावसायिक शिक्षा संस्थान शामिल हैं। इन सभी संस्थानों को मिलाकर एनसीईआरटी को एक विशेष श्रेणी में विश्वविद्यालय का दर्जा दिया गया है।

 

UGC के दायरे में आया NCERT 

सरकार के इस निर्णय के बाद एनसीईआरटी अब विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नियामक दायरे में भी आ गया है यानी इसके सभी शैक्षणिक कार्यक्रम UGC के नियमों और गुणवत्ता मानकों के अनुसार संचालित होंगे, जिससे इसकी विश्वसनीयता और भी मजबूत होगी। यह कदम देश में शिक्षक, शिक्षा और रिसर्च को नई दिशा दे सकता है, लेकिन इसके साथ कई जरूरी शर्तें भी लागू की गई हैं।

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NCERT सिर्फ किताबें नहीं, डिग्री भी देगा 

देश के स्कूलों से जुड़ी सबसे महत्वपूर्ण संस्था एनसीईआरटी को यह दर्जा मिलने के बाद उसका काम सिर्फ किताबें तैयार करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अब वह उच्च शिक्षा में भी अपनी भूमिका अच्छे से निभा पाएगा। इससे जहां एक तरफ नए अवसर खुलेंगे, वहीं दूसरी तरफ संस्थान की भूमिका और जिम्मेदारी भी बढ़ जाएगी। नई व्यवस्था के तहत एनसीईआरटी को अब राष्ट्रीय रैंकिंग में हिस्सा लेना होगा और NAAC जैसे संस्थानों से मान्यता भी लेनी होगी।
Edited By : Chetan Gour