मानसून की रफ्तार पर ब्रेक! 15 जून तक 64% कम बारिश, MP-गुजरात समेत कई राज्यों में बढ़ी बेचैनी

दक्षिण और मध्य भारत के कई राज्यों में मानसून की दस्तक के बाद दक्षिण पश्चिमी मानसून कमजोर होता नजर आ रहा है। केरल में मानसून की दस्तक 4 जून को हो गई थी लेकिन इसके बाद भी इसकी चाल बेहद धीमी बनी हुई है। इस वजह से उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कई हिस्सों में अभी भी मानसून का इंतजार बना हुआ है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश बिहार समेत कई राज्यों में मानसून को लेकर चिंता बढ़ गई है। 15 जून तक देश में 64 प्रतिशत बारिश कम हुई है। देश के बड़े हिस्से में सैटेलाइट तस्वीरों में बादल गायब नजर आ रहे हैं।

आमतौर पर बंगाल की खाड़ी में बनने वाली मौसमी प्रणालियां पश्चिमी तट पर मानसून को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, लेकिन फिलहाल खाड़ी में कोई प्रभावी मौसम प्रणाली बनने की संभावना नहीं है। दूसरी ओर अरब सागर भी लगभग निष्क्रिय बना हुआ है। 

 

कहां है मानसून?

दक्षिण-पश्चिम मानसून 15 जून 2026 को आगे बढ़ते हुए आंध्र प्रदेश के शेष हिस्सों, पश्चिम बंगाल, पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तथा तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ और क्षेत्रों में पहुंच गया है। मानसून की उत्तरी सीमा 18°N/60°E, 18°N/65°E, 18°N/70°E, हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, फूलबनी, रांची, जमुई, मुजफ्फरपुर और 28.3°N/83°E से होकर गुजर रही है।

 

अगले 4 से 5 दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के मध्य अरब सागर के कुछ और हिस्सों, महाराष्ट्र, कर्नाटक के शेष भागों, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार तथा छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।

मुंबई को मानसून का इंतजार

मुंबई में दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्यत: 11 जून तक पहुंच जाता है। मानसून ने 4 जून को केरल में दस्तक देने के बाद पश्चिमी तट के साथ अच्छी रफ्तार दिखाई थी। 8 जून को यह दक्षिण कोंकण के हरनाई तक पहुंच गया था, लेकिन इसके बाद इसकी प्रगति रुक गई। पिछले एक सप्ताह से पश्चिमी घाटों के साथ मानसून की उत्तरी सीमा में कोई आगे बढ़त नहीं हुई है। मौसम संकेत बताते हैं कि अगले कुछ दिनों तक भी मानसून की स्थिति लगभग स्थिर बनी रह सकती है। अब तक इसके मुंबई पहुंचने के मानसून के पहुंचने के कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिख रहे हैं। 

मध्यप्रदेश में कब पहुंचेगा मानसून?

मौसम विभाग के अनुसार, मध्यप्रदेश में मानसून 2 तरफ से आता है। हालांकि इस बार दोनों ही ओर से मानसून की आहट नहीं दिखाई दे रही है। एक तरफ मानसून तेलंगाना में अटका हुआ है तो दूसरी तरफ वह अंडमान सागर में अटका हुआ है। ऐसे में मानसून की मध्यप्रदेश में एंट्री 7 दिन बाद ही होने की संभावना है।

 

गुजरात में भी मानसून का इंतजार

गुजरात में दक्षिण-पश्चिमी मानसून का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है, लेकिन अभी तक राज्य में इसकी आधिकारिक शुरुआत नहीं हो पाई है। मौसम विभाग के नेशनल सेंटर फॉर मीडियम रेंज वेदर फोरकास्टिंग (NCMRWF) के विभिन्न मॉडलों के अनुसार, गुजरात में 21 से 25 जून 2026 के दौरान मानसून के आधिकारिक रूप से सक्रिय होने की प्रबल संभावना है। यदि अनुकूल परिस्थितियों के कारण मानसून तेजी से आगे बढ़ता है, तो यह तय समय से थोड़ा पहले भी आ सकता है। फिलहाल अगले 4 दिनों के दौरान राज्य के अलग-अलग इलाकों में हल्की बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

 

छत्तीसगढ़ में गर्मी और उमस से लोग परेशान

छत्तीसगढ़ में मानसून 12 जून से 15 जून के बीच पहुंच जाता है लेकिन इस बार यहां भी लोगों को मानसून पहुंचने का इंतजार है। मध्य छत्तीसगढ़ में अधिकतम तापमान 39 डिग्री से 41 डिग्री के मध्य बना हुआ है, जिसकी वजह से लोग गर्मी और उमस से परेशान है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 5 दिन में यह छत्तीसगढ़ में दस्तक दे सकता है।

 

आज कैसा रहेगा मौसम?

दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में दिन के समय गर्मी और उमस बनी रह सकती है। हालांकि शाम के समय तेज हवाएं, धूल भरी आंधी और हल्की बारिश की संभावना है। राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है।

edited by : Nrapendra Gupta