छतरपुर में अजयपार धाम के बाबा करण कुशवाहा के पैरों के पास आया सांप, घबराकर हुए बेहोश, अस्पताल से मिली छुट्टी

छतरपुर में अजयपार धाम के बाबा करण कुशवाहा के पैरों के पास आया सांप, घबराकर हुए बेहोश, अस्पताल से मिली छुट्टी

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मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में अजयपार धाम के बाबा करण कुशवाहा के साथ रात के समय एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। अचानक उनके पैरों के पास सांप आ गया और इसी दौरान उनका पैर सांप पर पड़ गया। इस घटना से घबराकर बाबा बेहोश हो गए। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के बाद उनकी हालत सामान्य हो गई और डॉक्टरों ने उन्हें छुट्टी दे दी।

अचानक पैरों के पास आ गया सांप

जानकारी के मुताबिक, रात के समय बाबा करण कुशवाहा के पैरों के पास अचानक सांप आ गया। इसी दौरान उनका पैर सांप पर पड़ गया। अचानक हुई इस घटना से वह घबरा गए और बेहोश हो गए। घटना के बाद उन्हें तत्काल उपचार के लिए छतरपुर के क्रिश्चियन हॉस्पिटल ले जाया गया।

अस्पताल में डॉक्टरों ने किया इलाज

बाबा करण कुशवाहा को अस्पताल में भर्ती कर डॉक्टरों ने उनका उपचार किया। कुछ घंटे बाद उनकी हालत सामान्य होने पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इस घटना से अजयपार धाम से जुड़े लोगों और उनके अनुयायियों के बीच चिंता का माहौल बन गया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार उपचार के बाद बाबा की हालत सामान्य हो गई।

सपा को बड़ा झटका, यूपी चुनाव से पहले तीन बागी विधायक भाजपा में शामिल

सपा को बड़ा झटका, यूपी चुनाव से पहले तीन बागी विधायक भाजपा में शामिल

Samajwadi Party Rebel MLAs: उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव 2027 से ठीक पहले अमेठी में सियासी सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। अमेठी जनपद के गौरीगंज स्थित मंगलम भवन के सामने मैदान में आयोजित एक विशाल राजनीतिक कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी (सपा) के तीन बागी विधायकों ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ भाजपा की विधिवत सदस्यता ग्रहण कर ली है। अमेठी के राजनीतिक इतिहास में यह पहला मौका है जब एक साथ इतनी भारी संख्या में दिग्गज नेताओं ने दल-बदल किया है।

​समारोह में दिग्गजों की रही मौजूदगी

​भाजपा की राष्ट्रीय महामंत्री बनने के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री और अमेठी की पूर्व सांसद स्मृति ईरानी मंगलवार को पहली बार अमेठी पहुंचीं। उनकी अगुवाई और मौजूदगी में यह बड़ा राजनीतिक फेरबदल हुआ। इस दौरान मुख्य रूप से पंकज चौधरी (भाजपा प्रदेश अध्यक्ष), ​अमरपाल मौर्य (पिछड़ा वर्ग मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष), ​दारा सिंह चौहान (यूपी सरकार के मंत्री) तथा कई अन्य सांसद, विधायक और स्थानीय वरिष्ठ नेता भी शामिल थे। 

कौन हैं भाजपा में शामिल होने वाले सपा विधायक?

  • ​राकेश प्रताप सिंह : गौरीगंज विधानसभा क्षेत्र से तीन बार के सपा विधायक। पार्टी विरोधी गतिविधियों और रामचरितमानस विवाद के बाद सपा ने इन्हें निष्कासित कर दिया था। 2024 के लोकसभा चुनाव में इन्होंने खुलकर भाजपा प्रत्याशी स्मृति ईरानी का समर्थन किया था और गौरीगंज से अयोध्या तक राम मंदिर पदयात्रा भी निकाली थी।
  • ​अभय सिंह (अभय प्रताप सिंह) : गोसाईगंज (अयोध्या) से विधायक हैं। उन्होंने अपनी पत्नी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सरिता सिंह और पिता भगवान बख्श सिंह समेत भारी संख्या में समर्थकों के साथ भाजपा की सदस्यता ली।
  • ​विनोद चतुर्वेदी : जालौन के कालपी विधानसभा क्षेत्र से सपा विधायक, जो अपने कई समर्थकों के साथ भाजपा में शामिल हुए।

​क्या कहा राकेश प्रताप सिंह ने?

​सपा से निष्कासित और गौरीगंज विधायक राकेश प्रताप सिंह ने भाजपा में शामिल होने पर स्पष्ट कहा कि वे ‘राष्ट्र और राम’ के लिए भाजपा का साथ देने जा रहे हैं। गौरतलब है कि इन तीनों ही विधायकों ने पहले राज्यसभा चुनाव के दौरान भी पार्टी लाइन से हटकर क्रॉस वोटिंग करते हुए भाजपा उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान किया था।

​राजनीतिक समीकरण और आगे की राह

​यह पूरा घटनाक्रम अवध और बुंदेलखंड क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा के टिकट पर जीतकर सदन पहुंचे इन तीनों कद्दावर विधायकों का पार्टी छोड़कर भाजपा में जाना, समाजवादी पार्टी के लिए एक तगड़ा झटका है। वहीं, आगामी 2027 के चुनावों से पहले इस बड़े फेरबदल से भाजपा की ज़मीनी पकड़ कितनी मजबूत होती है, यह तो आने वाला वक्त ही तय करेगा, लेकिन फिलहाल अमेठी का यह सियासी घटनाक्रम राज्य की राजनीति में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

अहमदाबाद में 158 शरणार्थियों को मिली भारतीय नागरिकता, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने बांटे प्रमाण पत्र

अहमदाबाद में 158 शरणार्थियों को मिली भारतीय नागरिकता, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने बांटे प्रमाण पत्र

158 refugees get indian citizenship certificates

अहमदाबाद में जिला प्रशासन द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के हाथों 158 शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता प्रमाण पत्रों का वितरण किया गया। इस अवसर पर नागरिकता प्राप्त करने वाले शरणार्थी परिवारों के चेहरों पर खुशी की लहर साफ दिखाई दे रही थी।

 

उपमुख्यमंत्री ने शरणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा, “आप हमेशा अपने दिल से तो भारतीय ही थे, लेकिन आज से आधिकारिक रूप से भी भारत के नागरिक बन गए हैं।” उन्होंने आगे कहा कि अब पाकिस्तानी पासपोर्ट रखने का धब्बा और पीड़ा दूर हो जाएगी और हर कोई गर्व से भारतीय पासपोर्ट रख सकेगा।

पाकिस्तान में हुए जुल्म और भारत पलायन की कहानी

उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वहां हिंदू, सिख, जैन और बौद्ध परिवारों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता था और उनके परिवारों की सुरक्षा को लेकर हमेशा डर बना रहता था। अपने परिवार और बच्चों की सुरक्षा की खातिर ये परिवार भारत विस्थापित होने के लिए मजबूर हुए। कार्यक्रम के दौरान नागरिकता प्राप्त करने वाले परिवारों और बड़ी संख्या में डॉक्टरों ने भी पाकिस्तान में अपने साथ हुए अत्याचारों और भेदभाव की आपबीती सुनाई तथा भारत सरकार का आभार व्यक्त किया।

 

“हमारे लिए आज ही दिवाली है”: शरणार्थियों में खुशी का माहौल

नागरिकता मिलते ही सभी शरणार्थी परिवारों ने अपनी अत्यधिक खुशी जाहिर की। एक बुजुर्ग शरणार्थी ने भावुक होकर कहा कि नागरिकता मिलने से उन्हें नया जीवन मिला है और आज का दिन ही उनके लिए असली दिवाली का दिन है।

साल 2017 में पाकिस्तान से भारत आए रायचंद नामक शरणार्थी ने बताया कि पाकिस्तान में लगातार डर और कठिन परिस्थितियों के बीच जीना पड़ता था, लेकिन भारत सरकार ने उन्हें आश्रय और सभी सुविधाएं प्रदान की हैं। उनका पूरा परिवार भारत आ गया है और नागरिकता मिलने से वे सभी बेहद खुश हैं।

CJP के 3 नेता रिहा, 1 साल तक शांति बनाए रखने की शर्त, कोर्ट की शर्तें क्या हैं 2 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस में होगा खुलासा

CJP के 3 नेता रिहा, 1 साल तक शांति बनाए रखने की शर्त, कोर्ट की शर्तें क्या हैं 2 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस में होगा खुलासा

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दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिए गए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के तीन नेताओं अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को रविवार को रिहा कर दिया गया। दिल्ली पुलिस ने इन नेताओं को 10 अक्टूबर को एहतियातन हिरासत में लिया था। CJP 2 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी। 50-50 हजार के मुचलके पर रिहाई दी गई है। रिहाई के साथ उन्हें एक साल तक शांति बनाए रखने की शर्त का पालन करना होगा।

 

CJP की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने बताया कि कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत ने तीनों नेताओं को रिहा करने का आदेश दिया। उनके मुताबिक, नेताओं को एक साल तक शांति भंग नहीं करने की शर्त पर छोड़ा गया है। अधिवक्ता सौतिक बनर्जी ने भी तीनों नेताओं की रिहाई की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को रिहा कर दिया गया है और वे वहां से जा सकते हैं।

 

BNSS की धाराओं के तहत हुई थी गिरफ्तारी

 

दिल्ली पुलिस के अनुसार, तीनों नेताओं को 10 अक्टूबर को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत एहतियातन गिरफ्तार किया गया था। रविवार को उन्हें दिल्ली कैंट स्थित उप-मंडल कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत में पेश किया गया।

 

पुलिस ने कहा कि सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, एक साल तक शांति और अच्छे आचरण को सुनिश्चित करने के लिए 50,000 रुपये का जमानती बांड जमा कराया गया, जिसके बाद अदालत ने उन्हें रिहा कर दिया। रिहाई के बाद CJP ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि आखिरकार दिल्ली पुलिस को अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को रिहा करना पड़ा। पार्टी ने अपने पोस्ट में कहा कि कॉकरोच कभी नहीं मरते।”

 

दिल्ली में सुरक्षा सख्त, 7 हजार से अधिक प्रदर्शनकारी हिरासत में

 

CJP नेताओं की हिरासत ऐसे समय हुई, जब जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शन में शामिल होने और जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे 7,000 से अधिक लोगों को शहर के अलग-अलग स्थानों पर हिरासत में लिया गया।

 

प्रदर्शन में शामिल होने की कोशिश के दौरान कई विपक्षी नेताओं को भी हिरासत में लिया गया। इनमें दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार शामिल बताए गए।

CJP और विपक्षी दल विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस मुद्दे पर विपक्ष और निर्वाचन आयोग के बीच विवाद के बीच दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।

SIR पर कांग्रेस और INDIA गठबंधन पर बरसे CM धामी, बोले- अपने शासनकाल का इतिहास देखे कांग्रेस

SIR पर कांग्रेस और INDIA गठबंधन पर बरसे CM धामी, बोले- अपने शासनकाल का इतिहास देखे कांग्रेस

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस और INDIA गठबंधन के विरोध पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने शासनकाल का इतिहास देखना चाहिए, क्योंकि उस समय भी मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण होता था। तब आपत्ति नहीं जताने वाली कांग्रेस आज इसी प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है।

 

SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को पारदर्शी बनाना

 

देहरादून में रविवार को एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है। इससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिलती है कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल हो। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक संस्था है और निष्पक्ष चुनाव कराना उसकी जिम्मेदारी है। ऐसे में चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाकर भ्रम फैलाना उचित नहीं है।

 

कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप

 

मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने शासनकाल में होने वाली इसी प्रक्रिया पर आपत्ति नहीं जताती थी, लेकिन अब SIR को लेकर सवाल उठा रही है। धामी ने आरोप लगाया कि जनता का विश्वास खो चुकी कांग्रेस SIR के मुद्दे पर भ्रम और अराजकता फैलाकर अपनी राजनीतिक विफलताओं से ध्यान भटकाना चाहती है।

 

संवैधानिक संस्थाओं पर अविश्वास पैदा करना उचित नहीं 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना हर किसी का अधिकार है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जनता में अनावश्यक अविश्वास पैदा करना सही नहीं है। उन्होंने मतदाता सूची के पुनरीक्षण को निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की प्रक्रिया बताते हुए कहा कि इस मुद्दे पर भ्रम फैलाने के बजाय चुनावी व्यवस्था की पारदर्शिता पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

गुजरात में 30 लाख महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी, 136 बस स्टेशनों पर खुलेंगे ग्राम हाट

गुजरात में 30 लाख महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी, 136 बस स्टेशनों पर खुलेंगे ग्राम हाट

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गुजरात सरकार ने सखी मंडल से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक रूप से मज़बूत बनाने और उनके प्रोडक्ट्स के लिए मार्केट देने के लिए कई पहल शुरू की हैं। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की लीडरशिप में राजकोट में हुए एक प्रोग्राम में ग्राम हाट, अमूल मिल्क पार्लर और महिलाओं को एंटरप्रेन्योरशिप की ओर बढ़ावा देने वाली स्कीम्स पर ज़ोर दिया गया। इन पहलों का मकसद महिलाओं को रोज़गार के मौके देना और उन्हें आर्थिक गतिविधियों में ज़्यादा शामिल करना है।

 

सखी मंडल की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए हैंडीक्राफ्ट, घरेलू प्रोडक्ट्स और खाने-पीने की चीज़ों के लिए मार्केट देने के लिए राज्य के करीब 136 बस स्टेशनों पर ग्राम हाट शुरू करने की पहल की गई है। इस सिस्टम के ज़रिए, महिलाएं अपने प्रोडक्ट्स सीधे कंज्यूमर्स तक पहुंचा पाएंगी और बिक्री के नए मौके बना पाएंगी।

 

इस पहल से लोकल प्रोडक्ट्स को बढ़ावा मिल सकता है और ‘वोकल फॉर लोकल’ अप्रोच को भी बढ़ावा मिल सकता है।

 

महिलाओं को सिर्फ़ प्रोडक्शन तक सीमित रखने के बजाय सफल एंटरप्रेन्योर बनाने के लिए ट्रेनिंग और गाइडेंस पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए MICA, NIFT और EDII जैसे संस्थानों के साथ मिलकर महिलाओं को बिज़नेस मैनेजमेंट, मार्केटिंग, ब्रांडिंग और डिजिटल बिज़नेस पर गाइडेंस देने का प्लान है।

इसके अलावा, बैंक, रेलवे और गुजरात स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (GSRTC) समेत कई संस्थानों के साथ MoU के ज़रिए महिलाओं के लिए नए मार्केट और बिज़नेस के मौके बनाने की कोशिश की जा रही है।

ग्रामीण इलाकों में पशुपालन और दूध प्रोडक्शन से जुड़ी महिलाओं को ज़्यादा इनकम के मौके देने के लिए राज्य के 18,000 गांवों में महिलाओं द्वारा चलाए जाने वाले अमूल मिल्क पार्लर शुरू करने का ऐलान किया गया है।

इस पहल से महिलाओं को दूध और दूध से बने प्रोडक्ट्स की बिक्री से जुड़ने का मौका मिलेगा। साथ ही, लोकल लेवल पर रोज़गार और इनकम के नए रास्ते बन सकेंगे।
 

गुजरात महिलाओं की इनकम बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार के ‘लखपति दीदी’ कैंपेन से भी जुड़ा है। दी गई जानकारी के मुताबिक, राज्य में अब तक 8.5 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। साल 2029 तक देश में 6 करोड़ लखपति दीदी बनाने का टारगेट रखा गया है।
 

महिलाओं को अपना बिज़नेस शुरू करने में मदद करने के लिए कैश क्रेडिट की सुविधा और ई-कॉमर्स को बढ़ावा देने जैसे कदम भी उठाए जा रहे हैं। बताया गया है कि पिछले पांच सालों में हुए 236 सरसा मेलों में 8,500 सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स ने मिलकर करीब 40 करोड़ रुपये की बिक्री की है।
 

बताया गया है कि गुजरात में 3 लाख से ज़्यादा सखी मंडलों से 30 लाख से ज़्यादा महिलाएं जुड़ी हुई हैं। इन ग्रुप्स के ज़रिए महिलाएं घर से चलने वाले उद्योगों, हैंडीक्राफ्ट्स, खाने-पीने की चीज़ों और दूसरी बिज़नेस एक्टिविटीज़ में शामिल हो रही हैं।
 

अगर महिलाओं को सही मार्केट, ट्रेनिंग, फाइनेंशियल मदद और बिक्री के लिए एक स्ट्रक्चर मिले, तो वे अपनी इनकम बढ़ा सकती हैं और परिवार की आर्थिक हालत में मदद कर सकती हैं। महिलाओं को मज़बूत बनाने के साथ-साथ सामाजिक रूप से पिछड़े तबकों को मदद देने के हिस्से के तौर पर, राजकोट ज़िले की घुमंतू-मुक्त जातियों के 139 परिवारों को रहने के मकसद से मुफ़्त प्लॉट देने की भी पहल की गई है।

यह कदम परिवारों को घर की सुविधा देने के मकसद से उठाया गया है। गुजरात सरकार की इन कोशिशों का मुख्य मकसद सखी मंडल से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों में ज़्यादा मौके देना है। ग्राम हाट, अमूल पार्लर, स्किल डेवलपमेंट और मार्केट लिंकेज के ज़रिए महिलाओं की इनकम बढ़ाने और उन्हें सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट की ओर ले जाने की कोशिश की जा रही है।

CJP protest LIVE: दिल्ली में आज भी सख्ती, मेट्रो और ट्रेन सेवाएं बहाल, दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को किया गया रिहा

CJP protest LIVE: दिल्ली में आज भी सख्ती, मेट्रो और ट्रेन सेवाएं बहाल, दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को किया गया रिहा

CJP Protest : abhijit dipke, saurab das, ashutosh ranka detained

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में रविवार को भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है। पुलिस ने जंतर-मंतर को सील रखा है और राजधानी की सीमाओं पर बैरिकेडिंग जारी है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने रविवार सुबह 6 बजे से 30 स्थानों पर वाहनों को डायवर्ट करने की व्यवस्था की है। हालांकि, मेट्रो और रेल सेवाओं पर लगी पाबंदियां हटा दी गई हैं और सेवाएं सामान्य रूप से बहाल कर दी गई हैं।

CJP की कानूनी प्रमुख रत्ना सिंह के मुताबिक, पार्टी के नेताओं अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को रविवार को दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने के बाद रिहा कर दिया गया। इन नेताओं को एहतियातन हिरासत में लिया गया था। शिंदे ने कहा कि सरकार को लगा था कि अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लेने के बाद प्रदर्शनकारी पीछे हट जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा।

 

नेताओं की हिरासत के बावजूद CJP ने आंदोलन जारी रखने की बात कही है। समूह की ओर से आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए नामित अजिंक्य शिंदे ने कहा कि प्रदर्शनकारी रविवार को फिर जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश करेंगे।

 

CJP नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार दूसरे दिन आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। इससे पहले शनिवार को दिल्ली में करीब 7,000 लोगों को हिरासत में लिए जाने का अनुमान है। सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुप्रीम कोर्ट में भी एक याचिका पर विशेष सुनवाई प्रस्तावित है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि अधिकारियों ने मेट्रो और ट्रेन सेवाएं पूरी तरह बंद करके अदालत के आदेश की अवहेलना की।

 

 

AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा ने भी शनिवार देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि रविवार को दिल्ली के किसी दूसरे हिस्से को भी जंतर-मंतर में बदल दिया जाएगा।

 

दिल्ली में 40 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात

 

प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में 40,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी। इनमें 26,000 अतिरिक्त जवान शामिल थे। रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी 2020 के बाद दिल्ली में यह सबसे बड़ी सुरक्षा तैनाती थी।

 

पुलिस रविवार को प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पर जुटने या नई दिल्ली जिले में प्रवेश करने से रोकने की कोशिश करेगी। अधिकारियों के अनुसार, हालात के मुताबिक प्रमुख सड़कों पर आवाजाही नियंत्रित की जाएगी। पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवान स्थिति सामान्य होने तक तैनात रहेंगे। शनिवार के प्रदर्शन का निर्धारित स्थल जंतर-मंतर अब भी बंद रखा गया है। यहां तक कि पत्रकारों के प्रवेश पर भी रोक लगाई गई। प्रवेश और निकास के तीन स्थानों पर हिंदी और अंग्रेजी में लाउडस्पीकर से चेतावनी दी जा रही है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत सभाओं, जुलूसों और सड़क जाम करने पर लगाई गई पाबंदियां अगले आदेश तक जारी रहेंगी।

 

दिल्ली की सीमाओं पर बैरिकेडिंग, 30 जगहों पर ट्रैफिक डायवर्जन

 

हरियाणा और उत्तर प्रदेश से लगती दिल्ली की सीमाओं पर पुलिस ने चिल्ला, गाजीपुर, अप्सरा और सिंघु बॉर्डर पर दो स्तर की बैरिकेडिंग की है। इन स्थानों पर स्थानीय पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती रविवार को भी जारी रहेगी।

 

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, रविवार सुबह 6 बजे से शनिवार की तरह 30 स्थानों पर वाहनों को वैकल्पिक रास्तों की ओर भेजा जाएगा। यह व्यवस्था मौके की स्थिति को देखते हुए लागू रहेगी।

 

इसलिए दिल्ली में यात्रा करने वाले लोगों को सलाह है कि वे घर से निकलने से पहले अपने रास्ते की स्थिति जांच लें और अतिरिक्त समय लेकर चलें।

 

मेट्रो और ट्रेन सेवाएं सामान्य, सभी स्टेशन के गेट खुले

 

दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने शनिवार रात करीब 10 बजे सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि सभी मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार फिर से खोल दिए गए हैं।

 

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, रेल सेवाओं पर लगाई गई पाबंदियां केवल शनिवार तक लागू थीं। रविवार को मेट्रो और ट्रेन सेवाएं सामान्य रूप से बहाल कर दी गई हैं। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए यात्रियों को स्टेशन पहुंचने से पहले मेट्रो और रेलवे की आधिकारिक जानकारी जांचने की सलाह दी जाती है।

 

सोमवार को INDIA गठबंधन का प्रदर्शन

 

दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला सोमवार को भी जारी रह सकता है। INDIA गठबंधन ने सोमवार को अलग प्रदर्शन का ऐलान किया है। विपक्ष के वरिष्ठ नेता सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालकर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और निर्वाचन आयोग से जुड़े मामलों की जल्द सुनवाई की मांग करेंगे। इस बीच, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को शनिवार को दक्षिण एवेन्यू में तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर मौन प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। उन्हें पुलिस वैन से द्वारका ले जाया गया। ममता बनर्जी ने कहा कि राहुल गांधी ने उनसे सोमवार के मार्च के लिए दिल्ली में रुकने को कहा था। 

राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात के बाद राहुल गांधी बोले- उन्होंने ‘वोट चोरी’ के आरोपों को खारिज नहीं किया, सबूत मांगे

राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात के बाद राहुल गांधी बोले- उन्होंने 'वोट चोरी' के आरोपों को खारिज नहीं किया, सबूत मांगे

rahul gandhi

INDIA गठबंधन के नेताओं ने शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर अपनी चिंताएं रखीं। मुलाकात के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दावा किया कि राष्ट्रपति ने विपक्ष के ‘वोट चोरी’ के आरोपों को खारिज नहीं किया, बल्कि उनसे सबूत देने को कहा। राहुल गांधी ने कहा कि वे सोमवार को सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। विपक्षी नेताओं ने चुनाव में कथित अनियमितताओं की जांच और चुनाव प्रक्रिया में बदलाव की मांग भी उठाई।

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राहुल गांधी के मुताबिक, विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भारतीय लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने की साजिश का आरोप लगाया गया। ये विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोप हैं; इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

 

राहुल गांधी बोले- पूरे देश को पता है कि ‘वोट चोरी’ हुई

 

राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने कहा कि यह बैठक उनके लिए काफी असाधारण रही। उन्होंने बताया कि विपक्ष ने ज्ञापन में चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताएं विस्तार से रखीं।

 

राहुल गांधी के अनुसार, राष्ट्रपति ने विपक्ष के आरोपों का सीधे तौर पर खंडन नहीं किया, लेकिन उनसे चुनाव में कथित गड़बड़ी के सबूत मांगे। राहुल गांधी ने कहा कि उनके अनुसार चुनाव में कथित ‘वोट चोरी’ के सबूत पूरे देश में चर्चा का विषय हैं और विपक्ष अलग-अलग राज्यों के चुनावों में अनियमितताओं का आरोप लगा रहा है।

 

उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर भी सवाल उठाए। हालांकि, चुनाव में धांधली के आरोपों पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए संबंधित सबूतों और आधिकारिक जांच के नतीजों को देखना जरूरी होगा।

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ममता बनर्जी बोलीं- राष्ट्रपति ने जांच का भरोसा दिया

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने भी राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा और चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी चिंताओं को सामने रखा।

 

ममता बनर्जी के मुताबिक, राष्ट्रपति ने मामले की जांच करने और दिए गए विवरणों को देखने की बात कही। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ने सबूत उपलब्ध कराने को कहा है और विपक्ष की ओर से संबंधित सामग्री भेजने की बात कही गई है। ममता बनर्जी ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर उचित ध्यान देना जरूरी है।

 

खरगे ने की बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग

 

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि INDIA गठबंधन के नेताओं ने राष्ट्रपति को चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर अपनी चिंताओं से अवगत कराया।

 

खरगे के मुताबिक, विपक्ष ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने कथित वोट चोरी के मामलों के सबूत मांगे हैं और विपक्षी दल फिलहाल संबंधित प्रमाण जुटा रहे हैं। खरगे ने कहा कि विपक्ष उपलब्ध सामग्री राष्ट्रपति को सौंपेगा।

 

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के कदमों से लोकतंत्र को नुकसान पहुंच रहा है। ये खरगे के राजनीतिक आरोप हैं। उनके मुताबिक, राष्ट्रपति ने उनकी बातें ध्यान से सुनीं और मामले की पड़ताल करने तथा संबंधित पक्षों से विचार-विमर्श करने की बात कही।

 

प्रियंका गांधी ने मेट्रो बंद करने के कदम पर उठाया सवाल

 

दिल्ली में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले मेट्रो सेवाओं पर लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “इसे ही डर कहते हैं।” विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी मांगें दोहराईं। उनकी प्रमुख मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच का मुद्दा शामिल है।

 

अब सबूतों और आगे की कार्रवाई पर नजर

राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद विपक्ष ने कहा है कि वह कथित चुनावी अनियमितताओं से जुड़े सबूत और अन्य विवरण सौंपेगा। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विपक्ष कौन-से दस्तावेज या प्रमाण प्रस्तुत करता है और संबंधित संवैधानिक संस्थाएं इन आरोपों पर क्या कार्रवाई करती हैं।

अयोध्या आकर भी अखिलेश यादव का ‘राम लला’ से परहेज! क्या कहते हैं रामनगरी के प्रबुद्धजन

अयोध्या आकर भी अखिलेश यादव का 'राम लला' से परहेज! क्या कहते हैं रामनगरी के प्रबुद्धजन

Akhilesh Yadav ayodhya visit

Akhilesh Yadav Ayodhya Visit: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव गुरुवार को अयोध्या के कृष्णापुर खानपुर (रसूलाबाद) गांव पहुंचे। मौका था सपा सरकार में मंत्री रहे तेज नारायण पांडेय उर्फ ‘पवन पांडेय’ के आवास पर आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ का। इस अवसर पर उन्होंने मुख्‍यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चेतावनी भी दे डाली। 

 

​अखिलेश ने व्यास पीठ का पूजन किया, कथा व्यास डॉ. राघवाचार्य जी महाराज से आशीर्वाद लिया और संतों द्वारा भेंट की गई गदा स्वीकार की। हालांकि, राम नगरी की पावन धरती पर कदम रखने के बावजूद राम जन्मभूमि मंदिर न जाने और राम लला के दर्शन न करने को लेकर अयोध्या के प्रबुद्ध वर्ग और संतों में गहरी नाराजगी है।

अखिलेश की सीएम योगी को चुनौती

​2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हुए इस दौरे के गहरे राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान फैजाबाद सांसद अवधेश प्रसाद, पूर्व विधायक इंद्र प्रताप तिवारी ‘खब्बू’ समेत कई दिग्गज स्थानीय नेता मौजूद रहे। अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि विकास और एयरपोर्ट के नाम पर गरीबों व व्यापारियों को उजाड़ा गया है। उन्होंने वादा किया कि सपा सरकार बनने पर किसानों को सर्किल रेट का 6 गुना मुआवजा और 300 यूनिट मुफ्त बिजली दी जाएगी।

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सपा प्रमुख ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सीधा ललकारते हुए कहा कि वे स्वयं अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाएं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा को अयोध्या से लड़ने के लिए कोई नया प्रत्याशी तक नहीं मिल रहा है। राम मंदिर में चढ़ावे और चंदे की चोरी के हालिया विवाद को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा।

​मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पलटवार

​दूसरी ओर, सीएम योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा प्रमुख को अयोध्या की चिंता करने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि सपा शासन के दौरान ही रामभक्तों पर गोलियां चलाई गई थीं और थानों-जेलों में श्री कृष्ण जन्माष्टमी के आयोजनों पर रोक लगाई गई थी।

​राम सबके हैं, दूरी क्यों?

​अयोध्या आकर भी राम लला के दर्शन न करने पर स्थानीय नागरिकों, बुद्धिजीवियों और धर्मगुरुओं ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। ​इक़बाल अंसारी (पूर्व पक्षकार, बाबरी मस्जिद) ने कहा कि अयोध्या धर्म की नगरी है और यहां से लोगों का अटूट विश्वास जुड़ा है। अखिलेश यादव को राम लला का दर्शन-पूजन जरूर करना चाहिए था, जिससे उन्हें ‘सबका साथ, सबका विश्वास’ मिलता।

 

​प्रो. आशुतोष सिंह ने कहा कि जब अखिलेश जी ने ही राम मंदिर में चंदा चोरी का प्रकरण उठाया था, तो उन्हें मंदिर आकर देखना चाहिए था कि व्यवस्थाएं कैसी चल रही हैं। डॉ. वंदना जायसवाल ने कहा कि भगवान राम किसी एक व्यक्ति या दल के नहीं हैं, राम तो सबके हैं। अयोध्या आने पर उन्हें मंदिर जरूर जाना चाहिए था। डॉ. अविनाश तिवारी ने कहा कि राम मंदिर किसी सरकार का नहीं है। जनता का मान रखने के लिए उन्हें राम लला से दूरी नहीं बनानी चाहिए थी।

 

​डॉ. मनीष सिंह ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्हें जनता की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए था और मंदिर जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लेना चाहिए था। ​डॉ. आशीष प्रताप सिंह (अध्यक्ष, शिक्षक संघ) ने कहा कि राम मंदिर कोई राजनीतिक स्थान नहीं है। राम लला के दर्शन करने से उन्हें लाभ ही होता, यह बेहद दुखद है।

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डॉ. रमेश प्रताप सिंह ने कहा कि एक यदुवंशी होने के नाते उन्हें राम मंदिर जाना ही चाहिए था। दर्शन न करने से ऐसा प्रतीत होता है कि चंदा चोरी का मुद्दा उन्होंने सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए उठाया था। ​डॉ. समरेन्द्र बहादुर सिंह का कहना है कि सपा की छवि राम मंदिर आंदोलन में खलनायक जैसी रही है। निर्माण के बाद आए बदलावों को देखने के बजाय उन्होंने केवल कमियां ढूंढने और इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का प्रयास किया। डॉ. कुमुद रंजन ने कहा कि अयोध्या जैसी पवित्र भूमि पर आकर भगवान राम के द्वार न जाना अनुचित है। इस राजनीतिक रवैये का असर आने वाले चुनावों पर भी पड़ सकता है।

Weather Alert Today: 8 घंटे में बदलेगा मौसम, यूपी-बिहार समेत 20 राज्यों में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश की चेतावनी!

Weather Alert Today: 8 घंटे में बदलेगा मौसम, यूपी-बिहार समेत 20 राज्यों में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश की चेतावनी!

Weather Alert Today: एक तरफ देश के बड़े हिस्से से मानसून विदाई ले चुका है, दूसरी ओर कई स्थानों पर बारिश का दौर अब भी जारी है। मौसम विभाग (IMD) ने गुरुवार (8 अक्टूबर 2026) के लिए देश के कई हिस्सों में मौसम में अचानक बदलाव की चेतावनी जारी की है। पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) और बंगाल की खाड़ी तथा ओडिशा तट के आसपास सक्रिय चक्रवातीय परिसंचरण के प्रभाव से अगले कुछ घंटों में मौसम करवट ले सकता है। यूपी और बिहार में अब भी कई स्थानों पर बाढ़ जैसे हालात हैं।

 

कई रिपोर्ट्स में अगले 8-13 घंटों में बारिश और आंधी की गतिविधि बढ़ने का अनुमान जताया गया है। यूपी और बिहार समेत दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तमिलनाडु, केरल और कुछ अन्य राज्यों में आंधी-तूफान, गरज-चमक, बिजली गिरने तथा हल्की से मध्यम या कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।

यूपी में कैसा रहेगा मौसम?

उत्तर प्रदेश में लगभग 42 जिलों में थंडरस्टॉर्म और बारिश का अलर्ट है। पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश में लखनऊ, सीतापुर, बाराबंकी, बहराइच, अयोध्या, प्रयागराज, सुल्तानपुर, वाराणसी, मीरजापुर, सोनभद्र, गाजीपुर, बलिया, गोरखपुर समेत कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा। राज्य में बाढ़ प्रभावित कुछ इलाकों में गोमती नदी का जल स्तर धीरे-धीरे घट रहा है, लेकिन अतिरिक्त बारिश से जलजमाव बढ़ सकता है।

बिहार में येलो अलर्ट

बिहार में IMD पटना केंद्र ने आज थंडरस्टॉर्म और लाइटनिंग का येलो अलर्ट जारी किया है। कटिहार, पूर्णिया, किशनगंज, सहरसा, कैमूर, बक्सर, औरंगाबाद, पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर समेत लगभग 26 जिलों में गरज-चमक, बिजली और 30-40 किमी प्रति घंटे की हवाओं के साथ बारिश की संभावना है। उत्तर-पश्चिम बिहार के चंपारण क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। राज्य में पहले से बाढ़ प्रभावित लगभग 466 गांव और करीब आठ लाख लोग प्रभावित हैं। अतिरिक्त बारिश से स्थिति और बिगड़ने का खतरा है। 

कहीं तेज हवाएं, कहीं बारिश और बर्फबारी संभव

दूसरी ओर, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब में थंडरस्टॉर्म और हल्की बारिश की संभावना है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी तथा भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। पश्चिम बंगाल (सब-हिमालयन क्षेत्र) और सिक्किम में कहीं-कहीं भारी बारिश का अलर्ट है। दक्षिण में तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और केरल में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड और ओडिशा में भी आंधी-बारिश की गतिविधि रहेगी। हवा की रफ्तार कुछ क्षेत्रों में 40-50 किमी प्रति घंटे या उससे अधिक पहुंच सकती है। 

 

हालांकि मानसून की वापसी की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवातीय परिसंचरण के कारण इसकी विदाई में देरी हो रही है। यह अस्थिर मौसम 10-12 अक्टूबर तक कुछ क्षेत्रों में बना रह सकता है। इसके बाद तापमान में गिरावट आएगी और ठंडक बढ़ेगी।