Horizon Reclaim India Listing: 46% से ज्यादा बढ़त में लिस्टिंग के बाद 5% टूटा शेयर, लगा लोअर सर्किट

19 जून को SME सेक्टर की कंपनी होराइजन रीक्लेम (इंडिया) की शेयर बाजार में लिस्टिंग शानदार रही। लेकिन तुरंत ही थोड़ी मायूसी भी हाथ लगी। शेयर BSE SME पर 46.6 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 151 रुपये पर लिस्ट हुआ। लेकिन फिर तुरंत ही 5 प्रतिशत लुढ़का और 143.45 रुपये पर लोअर सर्किट लग गया। IPO प्राइस 103 रुपये प्रति शेयर था। कंपनी रीक्लेम्ड रबर बनाती है। यह रबर पुराने टायरों, रबर ट्यूब्स, ट्रेड पीलिंग और इंडस्ट्रियल स्क्रैप जैसे इस्तेमाल किए गए रबर मैटेरियल्स से रीसाइकिल करके बनाया जाता है।

54.27 करोड़ रुपये का IPO 12 जून को खुला था ओर 16 जून को बंद हुआ। इसमें 53 लाख नए शेयर जारी हुए। पब्लिक इश्यू कुल 304.11 गुना भरा था। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 186.72 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 450.74 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 308.30 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

Horizon Reclaim (India) का मार्केट कैप लगभग 280 करोड़ रुपये है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। कंपनी ने IPO की ओपनिंग से पहले एंकर इनवेस्टर्स से 15.46 करोड़ रुपये जुटाए थे। कंपनी के प्रमोटर मोहित बजाज और ​मल्लिका बजाज हैं।

Share Market Crash: 5 दिन बाद लुढ़का बाजार, सेंसेक्स 832 अंक तक टूटा; निवेशकों ने गंवाए ₹1.35 लाख करोड़

कंपनी की वित्तीय सेहत

Horizon Reclaim (India) का वित्त वर्ष 2026 के दौरान शुद्ध मुनाफा 10.50 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले यह 7 करोड़ रुपये था। कुल इनकम 50 करोड़ रुपये दर्ज की गई, जो वित्त वर्ष 2025 में 36.39 करोड़ रुपये थी। EBITDA 16.32 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2025 में 10.46 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी पर 35.76 करोड़ रुपये की उधारी थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।