‘ट्रंप ही इजरायल के आखिरी ताकतवर दोस्त’ : अमेरिका-ईरान डील के बाद जेडी वेंस ने नेतन्याहू को सुनाई खरी-खरी

‘ट्रंप ही इजरायल के आखिरी ताकतवर दोस्त’ : अमेरिका-ईरान डील के बाद जेडी वेंस ने नेतन्याहू को सुनाई खरी-खरी

us vice president jd vance

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ईरान के साथ हुए समझौते के बारे में जानकारी देने के साथ ही अमेरिका के निकट सहयोगी इसराइल और वहां के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को नसीहत भी दी। वेंस ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ही इजरायल के एकमात्र ताकतवर सहयोगी हैं। ALSO READ: 66 दिन बाद खुला हार्मुज स्ट्रेट: अमेरिका ने हटाई नाकेबंदी, फिर दौड़ने लगे तेल टैंकर

 

अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने ईरान के साथ समझौते ही आलोचना करने वाले इजरायली सरकार के अधिकारियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इजरायल बुरी तरह अलग-थलग पड़ गया है और उसके नेता अमेरिकी कूटनीतिक और सैन्य समर्थन के महत्व को समझने में नाकाम रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर मैं इजरायली सरकार की कैबिनेट में होता, तो मैं दुनिया में बचे अपने एकमात्र शक्तिशाली सहयोगी पर हमला नहीं करता।

 

3 बातों पर आधारित है अमेरिका ईरान समझौता

व्हाइट हाउस में जेडी वेंस ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि ईरान के साथ समझौता तीन मुख्य बातों पर आधारित है। ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करेगा। होर्मुज स्ट्रेट अंतरराष्ट्रीय आवागमन के लिए खुला रहेगा। ईरान को आर्थिक लाभ तभी मिलेगा, जब वह अपनी सभी प्रतिबद्धताओं को पूरा करेगा। ALSO READ: ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई पर अमेरिकी जांच, मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के आरोपों की पड़ताल तेज

 

हार्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी नाकेबंदी खत्म

अमेरिका ने ईरान के साथ शांति समझौते के बाद आज स्ट्रेट ऑफ हार्मुज से नाकेबंदी खत्म कर दी है। अमेरिकी सेना (सेंटकॉम) द्वारा नाकेबंदी खत्म करने की घोषणा के बाद यहां से तेल 

 

टैंकर्स और अन्य जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई। सेंट्रल कमांड ने कहा कि नाकेबंदी हटने के बाद भी हमारे नेवी जहाज उस इलाके में मौजूद रहेंगे, ताकि यह पक्का किया जा सके कि समझौते की सभी बातों का पालन हो रहा है और वे पूरी तरह से लागू हैं।

 

अमेरिका ईरान डील से क्यों नाराज है इजराइल?

दरअसल, इसराइली कैबिनेट के कुछ सदस्यों ने अमेरिका-ईरान समझौते से असहमति जताई थी। खुद नेतन्याहू इससे ज्यादा खुश नजर नहीं आ रहे हैं और उन्होंने ईरान के खिलाफ आक्रामक रवैया जारी रखने के संकेत दिए थे। इजरायल का मानना है कि यह समझौता तेहरान के परमाणु कार्यक्रम और बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं पर रोक लगाने में नाकाम रहा है।
 

इससे पहले जब ईरान से समझौते पर बात चल ही रही थी, उसी बीच इजराइल ने लेबनान की राजधानी बेरूत पर अटैक कर दिया था। इससे भी ट्रंप नाराज नजर आए क्योंकि ईरान की मांग रही है कि समझौते में लेबनान में भी पूर्ण सीजफायर की बात लागू हो।

edited by : Nrapendra Gupta