उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी पर अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा कि किसी के पास कोई सबूत है तो SIT को सौंपे। दूध का दूध और पानी का पानी होगा। SIT जांच में सब सामने आ जाएगा। उन्होंने कहा कि अपराधी कोई भी हो नहीं बचेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अयोध्या में 291 करोड़ रुपये की 245 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने वीरांगना झलकारी बाई की प्रतिमा का अनावरण भी किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कुछ लोग है जो नहीं चाहते कि अयोध्या का नाम हो। इन लोगों को नई अयोध्या अच्छी नहीं लगती। ये अयोध्या को बदनाम करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर के लिए 500 साल संघर्ष हुआ है, इसलिए कोई भी अयोध्या को बदनाम न करे। किसी के पास चंदा चोरी का कोई सबूत है तो वह एसआईटी को दे, इसकी पूरी जांच और सख्त एक्शन होगा।
सीएम योगी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आरोप लगाने वाले लोग केवल बदनाम करने का काम कर रहे हैं। इनका आचरण सबके सामने है। जिन्होंने कभी राम भक्तों पर गोलियां चलवाईं, श्री राम बोलने पर लाठियां चलवाईं और कोर्ट में प्रभु राम के खिलाफ केस लड़े। वे ही अयोध्या को बदनाम कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से अयोध्या को बदनाम करने वालों के बहकावे में ना आने की अपील की।
राम मंदिर चढ़ावा घोटाले में SIT का बड़ा एक्शन
यूपी की योगी सरकार ने राम मंदिर में चढ़ाव चोरी मामले में SIT जांच के आदेश दिए हैं। जांच एजेंसी पिछले 5 दिनों से मामले की जांच कर रही है। SIT ने मंदिर व्यवस्था और चढ़ावे की गिनती की निगरानी करने वाले मुख्य ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा को SIT ने आधिकारिक सम्मन भेजकर तलब किया। बंद कमरे में उनसे करीब 4 घंटे तक मैराथन पूछताछ की गई। ट्रस्ट के आमंत्रित सदस्य गोपाल राव से जांच दल ने बेहद कड़े और तीखे सवाल पूछे। संदिग्ध भूमिका के चलते रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव से भी घंटों पूछताछ हुई।
कब आएगी जांच रिपोर्ट
सरकार ने SIT को 7 दिनों में प्रारंभिक और 15 दिनों के भीतर अंतिम रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उनके आंतरिक ऑडिट में कोई गड़बड़ी नहीं मिली थी। ट्रस्ट ने निष्पक्षता साबित करने के लिए खुद इस SIT जांच की मांग की थी।
edited by : Nrapendra Gupta

