12 अगस्त तक नहीं खुलेंगे स्कूल-कॉलेज! कांवड़ यात्रा को लेकर यूपी के इन जिलों में प्रशासन का बड़ा फैसला

उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा के दौरान बढ़ती भीड़ को देखते हुए मेरठ और गाजियाबाद प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। अधिकारियों ने दोनों जिलों के सभी स्कूल, कॉलेज और अन्य इंस्टिट्यूट संस्थान को 12 अगस्त तक बंद रखने का आदेश दिया है। ये फैसला छात्रों की सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए लिया गया है। सावन के महीने में कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु कई पवित्र जगहों से गंगाजल लेकर पैदल शिव मंदिरों तक जाते हैं। आइए जानते हैं कहां-कहां पर बंद होगे स्कूल और कॉलेज

12 अगस्त तक बंद होंगे स्कूल-कॉलेज

मेरठ में जिला अधिकारी वी.के. सिंह के निर्देश पर सोमवार से सभी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और तकनीकी शिक्षण संस्थान बंद कर दिए गए हैं। आदेश के अनुसार, कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी और निजी स्कूल 12 अगस्त तक बंद रहेंगे। इसमें बेसिक शिक्षा परिषद, यूपी बोर्ड, सीबीएसई, सीआईएससीई, मदरसा बोर्ड और अन्य मान्यता प्राप्त बोर्डों से जुड़े स्कूल शामिल हैं। इसके अलावा सभी सरकारी और निजी कॉलेज, विश्वविद्यालय तथा तकनीकी शिक्षण संस्थानों में भी इस अवधि के दौरान नियमित कक्षाएं नहीं चलेंगी।

प्रशासन ने कहा कि, सावन शिवरात्रि के अवसर पर जिले से बड़ी संख्या में कांवड़ यात्रियों के गुजरने की संभावना है। ऐसे में छात्रों की सुरक्षा बनाए रखने और यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए ये फैसला लिया गया है।

गाजियाबाद में कब तक बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज

गाजियाबाद प्रशासन ने भी नर्सरी से कक्षा 12 तक के सभी स्कूलों के साथ-साथ कॉलेज, विश्वविद्यालय और तकनीकी शिक्षण संस्थानों को 4 अगस्त से 12 अगस्त तक बंद रखने का आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार, ये आदेश बेसिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएसई, मदरसा बोर्ड और अन्य मान्यता प्राप्त बोर्डों से जुड़े सभी शिक्षण संस्थानों पर लागू होगी। जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जिले के विभिन्न मार्गों पर बड़ी संख्या में कांवड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो चुकी है। ऐसे में डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (DM) के निर्देश पर छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।

निर्देशों का सख्ती से हो पालन

गाजियाबाद प्रशासन ने बताया कि, पहले से निर्धारित किसी भी पाठ्यक्रम या विषय की परीक्षाएं तय कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित की जाएंगी और उन्हें इस आदेश से बाहर रखा गया है। मेरठ प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिन परीक्षाओं का कार्यक्रम पहले से तय है, वे अपने निर्धारित समय के अनुसार ही आयोजित की जाएंगी और उन पर स्कूल बंद रहने का आदेश लागू नहीं होगा। वहीं मेरठ और गाजियाबाद दोनों जिलों के अधिकारियों ने सभी स्कूलों, कॉलेजों और संबंधित विभागों को जारी निर्देशों का सख्ती से पालन करने के लिए कहा है।

कांवड़ यात्रा को देखते हुए 5 दिन बंद रहेगा दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे का ये खास हिस्सा, चेक कीजिए पूरी डिटेल

Ghaziabad Traffic Diversion: सालाना कांवड़ यात्रा के लिए पुलिस ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के UP वाले हिस्से को बंद करने का फैसला किया है, जिससे 7 अगस्त से दिल्ली आने-जाने वाले ट्रैफिक में रुकावट आएगी। एडिशनल DCP (ट्रैफिक) वरुण सिंह ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि एक्सप्रेसवे की सभी छह लेन पर वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। यह प्रतिबंध दिल्ली बॉर्डर स्थित यूपी गेट से लेकर मेरठ बॉर्डर के पास काशी टोल प्लाजा तक लागू होगा। इस दौरान कार, ट्रक और बस समेत सभी तरह के वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। हालांकि, इसके पास से गुजरने वाली NH-9 की लेन खुली रहेंगी।

पिछले साल, पुलिस ने कुछ समय के लिए दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से ट्रैफिक को दूसरी तरफ मोड़ दिया था, जिससे NH-9 पर जाम लग गया था। इसके बाद ज्यादातर वाहनों को NH-9, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE) और नोएडा के रास्ते भेजा गया था।

भारी वाहनों के लिए 29 जुलाई से रोक

बता दें कि इस बार हल्की और मध्यम गाड़ियों के लिए ये पाबंदियां 7 अगस्त को सुबह 8 बजे से शुरू होंगी और 12 अगस्त को शिवरात्रि तक लागू रहेंगी। भारी गाड़ियों को 29 जुलाई से ही इस रास्ते पर आने की इजाजत नहीं होगी। रास्ता बंद होने से ‘डाक कांवड़’ वालों यानी नंगे पैर दौड़कर यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों को बिना किसी रुकावट के चलने में आसानी होगी। उनके साथ ट्रकों और बाइकों पर रिले टीमें भी होती हैं और वे ज्यादातर एक्सप्रेसवे का ही इस्तेमाल करते हैं।

तीन रास्तों का करते हैं इस्तेमाल श्रद्धालू 

आस-पास के यूपी जिलों और दिल्ली से आने वाले श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचने के लिए तीन रास्तों का इस्तेमाल करते हैं, जहां से वे सालाना यात्रा के लिए अपनी कांवरों में गंगाजल भरते हैं। पैदल यात्रा करने वाले ज्यादातर श्रद्धालु लोनी बॉर्डर और निवाड़ी के बीच पाइपलाइन रोड का इस्तेमाल करते हैं, जबकि काफी संख्या में लोग GT रोड होते हुए नेशनल हाईवे 34 से जाते हैं। कुल मिलाकर, ये तीनों रास्ते गाजियाबाद में 150 km तक फैले हैं।

किन रूट के वाहनों को किया जाएगा डायवर्ट

दिल्ली से तुलसी निकेतन, सीमापुरी और आनंद विहार बॉर्डर से आने वाली गाड़ियों को UP गेट पर रोका जाएगा और उन्हें चौधरी चरण सिंह मार्ग, गाजीपुर मंडी और NH-9 से होते हुए (दासना इंटरसेक्शन से EPE का इस्तेमाल करके) या अक्षरधाम से दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और EPE इंटरसेक्शन होते हुए हरिद्वार, अमरोहा, मुरादाबाद या लखनऊ भेजा जाएगा।

ADCP ने दी जानकारी

ADCP ने बताया कि बागपत से दिल्ली जाने वाले वाहनों को ट्रोनिका सिटी या सोनिया विहार और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के रास्ते भेजा जाएगा, जबकि हापुड़ या बुलंदशहर से आने वाले वाहन सीधे डासना, लाल कुआं या आत्माराम स्टील प्लांट क्रॉसिंग से गाजियाबाद में घुसने के बजाय NH-9 का इस्तेमाल करेंगे।

पाइपलाइन मार्ग पर भी गाड़ियों की आवाजाही पर रोक

यह प्रतिबंध लोनी बॉर्डर से लोनी कस्बा जाने वाले मार्ग और सिद्धार्थ विहार स्थित संतोष मेडिकल कट से मेरठ तिराहे की ओर जाने वाले रास्ते पर लागू होगा। इसके अलावा, इंदिरापुरम क्षेत्र में गौर ग्रीन एवेन्यू, खोड़ा, कालापत्थर, नोएडा सेक्टर-62, छिजारसी और कनावनी पुस्ता से NH-9 की ओर जाने वाले रास्तों पर भी भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी।

ट्रैफिक प्रतिबंध गंगनहर पटरी कांवड़ मार्ग, पाइपलाइन मार्ग, NH-34 (पूर्व में NH-58) और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) पर भी लागू रहेगा। इसके साथ ही गंगनहर पटरी कांवड़ मार्ग और पाइपलाइन मार्ग पर भी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी।

NH-34 की मेरठ जाने वाली लेन का इस्तेमाल

पुलिस के अनुसार, मोहननगर, मेरठ क्रॉसिंग, राजनगर एक्सटेंशन या हापुड़ चुंगी से आने वाली कारें और दूसरी हल्की गाड़ियां NH-34 की मेरठ जाने वाली लेन का इस्तेमाल करेंगी। पुलिस ने बताया कि 5 अगस्त से पलवल या कुंडली से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE) होते हुए गाजियाबाद शहर, मुरादनगर या मोदीनगर जाने वाली हल्की गाड़ियों को दुहाई कट से बाहर निकलने की इजाजत नहीं होगी। उन्हें NH-9 पर जाने से पहले दसना कट से बाहर निकलना होगा।

इसके अलावा, चौधरी मोड़, गौशाला क्रॉसिंग, हापुड़ क्रॉसिंग या कैला भट्टा से दूधेश्वरनाथ मंदिर की ओर जाने-आने पर पूरी तरह रोक रहेगी, और पटेल नगर फ्लाईओवर पर भी गाड़ियों की आवाजाही बंद रहेगी। रेलवे स्टेशन रोड, किराना मार्केट, रामतेताराम रोड, घंटाघर, बजरिया रोड और दिल्ली गेट से आने वाली हल्की गाड़ियों को भी मंदिर की ओर जाने की इजाजत नहीं होगी।

वहीं, मेरठ क्रॉसिंग से आने वाली गाड़ियों को मोक्षधाम हिंडन ब्रिज, कनावनी या इंदिरापुरम की ओर जाने की इजाजत नहीं होगी। इसके बजाय, उन्हें नया बस अड्डा से चौधरी मोड़, विजय नगर रेलवे ब्रिज होते हुए NH-9 पर भेजा जाएगा। सीमापुरी बॉर्डर और लाल कुआं के बीच, NH-34 के कांवड़ मार्ग वाले हिस्से पर, या मोहननगर और आनंद विहार के बीच ऑटो चलाने की इजाजत नहीं होगी।

पुलिस ने बताया कि 5 से 12 अगस्त के बीच सभी रोडवेज, प्राइवेट, सिटी और इलेक्ट्रिक बसों को सीमापुरी बॉर्डर या तुलसी निकेतन से शहर में घुसने की इजाजत नहीं होगी। इसके बजाय, उन्हें चौधरी चरण सिंह मार्ग, दिलशाद गार्डन, दिल्ली-गाज़ीपुर मंडी, यूपी गेट और NH-9 से होते हुए दसना इंटरसेक्शन और EPE, या अक्षरधाम से दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के रास्ते भेजा जाएगा।

बुलंदशहर से गाजियाबाद जाने वाली बसों पर भी रोक

बुलंदशहर से गाजियाबाद आने वाली बसें लाल कुआं पर ही रुक जाएंगी और उन्हें शहर के अंदर आगे जाने की इजाजत नहीं होगी। अधिकारी ने बताया कि आनंद विहार और कौशांबी से आने वाली बसों को गाज़ियाबाद में घुसने से पूरी तरह रोका जाएगा और उन्हें चौधरी चरण सिंह मार्ग, गाज़ीपुर मंडी, NH-9 और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के रास्ते डायवर्ट किया जाएगा।

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650 करोड़ की एलिवेटेड रोड से बदलेगा NCR का सफर! लाल कुआं-दादरी का 1 घंटे का रास्ता सिर्फ 20 मिनट में

गाजियाबाद के लाल कुआं और दादरी के बीच जीटी रोड पर रोजाना सफर करने वालों को लंबे समय से भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ रहा है, खासकर हफ्ते के दिनों में पीक आवर्स के दौरान। ऐसे में चौधरी मोड़, न्यू बस स्टैंड और रेलवे क्रॉसिंग वाले हिस्से पर अक्सर जाम लगने की वजह से यात्रियों, कमर्शियल गाड़ियों और स्थानीय निवासियों को लंबे समय तक फंसे रहना पड़ता है।

News18 के अनुसार, अब लाल कुआं और दादरी के बीच कनेक्टिविटी बेहतर करने का लंबे समय से लंबित प्रस्ताव एक कदम और आगे बढ़ गया है; अधिकारियों ने इस रूट पर 12 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड कॉरिडोर का प्रस्ताव रखा है, जिससे जाम कम होने और यात्रा का समय काफी कम होने की उम्मीद है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रस्तावित एलिवेटेड रोड GT रोड के उस बड़े रीडेवलपमेंट प्लान का हिस्सा है जिसका मकसद गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है। सेतु निगम ने इस कॉरिडोर के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) और सर्वे का काम पूरा कर लिया है।

करोड़ों की नई परियोजनाओं को मिलेगी मंजूरी

लगभग 650 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रस्ताव को गाजियाबाद के सांसद अतुल गर्ग ने आगे बढ़ाया था और अब इसे मंजूरी के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के पास भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद, यह एलिवेटेड कॉरिडोर दादरी की ओर जाने वाले वाहनों को कई व्यस्त चौराहों और लोकल ट्रैफिक पॉइंट्स से बचाकर निकलने में मदद करेगा, जिसकी वजह से जाम की समस्या कम होने की उम्मीद है।

फिलहाल अभी, GT रोड पर भारी ट्रैफिक के कारण लाल कुआं और दादरी के बीच सफर में 45 मिनट से लेकर एक घंटे तक का समय लग सकता है। जबकि चौधरी मोड़, न्यू बस स्टैंड और रेलवे क्रॉसिंग के पास जाम की वजह से लोगों को लंबे समय तक रुकना पड़ता है।

ट्रैफिक होगा कम

अधिकारियों का मानना ​​है कि एलिवेटेड रोड से गुजरने वाले ट्रैफिक के लिए एक अलग रास्ता मिलने से सफर का समय घटकर लगभग 15 से 20 मिनट हो सकता है। News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, रोजाना सफर करने वालों का कहना है कि यह प्रोजेक्ट दोनों तरफ सफर का समय कम करके उनके रोजाना लगभग एक घंटे बचा सकता है।

प्रस्तावित कॉरिडोर सीधे लाल कुआं से दादरी तक जाएगा और रास्ते में पड़ने वाले बड़े चौराहों से होकर नहीं गुजरेगा। दूर जाने वाला ट्रैफिक एलिवेटेड हिस्से से गुजरेगा, जबकि लोकल गाड़ियां नीचे वाली सड़क का इस्तेमाल करती रहेंगी।

अधिकारियों को उम्मीद है कि लोकल और लंबी दूरी के ट्रैफिक के अलग-अलग होने से आवागमन बेहतर होगा, चार प्रमुख सिग्नलों पर लगने वाला जाम कम होगा और इस रास्ते की सबसे बड़ी समस्या भी दूर होगी। दरअसल, अभी एक ही सड़क पर भारी कमर्शियल वाहन, औद्योगिक क्षेत्र का ट्रैफिक और स्थानीय यात्रियों की आवाजाही होती है, जिससे अक्सर जाम की स्थिति बनती है।

बता दें कि GT रोड उन सबसे व्यस्त सड़क कॉरिडोर में से एक है जो दिल्ली को गाजियाबाद और आस-पास के इलाकों से जोड़ता है। दिल्ली, सीलमपुर, साहिबाबाद, मोहन नगर और घंटा घर से आने वाला ट्रैफिक लाल कुआं की तरफ आता है, जिससे मौजूदा सड़क नेटवर्क पर काफी दबाव पड़ता है।

गौरतलब है कि लाल कुआं पर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से आने वाली गाड़ियां, अलीगढ़ की ओर जाने वाली गाड़ियां और दादरी व सूरजपुर की ओर जाने वाले भारी इंडस्ट्रियल ट्रैफिक की वजह से जाम की समस्या बढ़ जाती है। News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, यहां पहले से मौजूद फ्लाईओवर ने कुछ हद तक राहत जरूर दी है, लेकिन नीचे वाली सड़क पर अभी भी भारी ट्रैफिक रहता है, खासकर दादरी NTPC, कोट और आस-पास के इंडस्ट्रियल इलाकों में जाने वाले ट्रकों की वजह से।

उम्मीद है कि एलिवेटेड रोड से गाजियाबाद, क्रॉसिंग्स रिपब्लिक, ग्रेटर नोएडा वेस्ट और दादरी रोड के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी। साथ ही, इससे सूरजपुर, कोट और दादरी के इंडस्ट्रियल हब को भी फायदा होगा, क्योंकि माल की ढुलाई आसान हो जाएगी।

अधिकारियों को यह भी उम्मीद है कि यह प्रोजेक्ट गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा के बीच सफर करने वाले लोगों के लिए एक वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराएगा, जिससे दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन पर ट्रैफिक का दबाव होगा।

इस प्रोजेक्ट का असर रियल एस्टेट सेक्टर पर भी पड़ने की उम्मीद है। NCR में पहले भी देखा गया है कि जब किसी इलाके में कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर होता है, तो वहां घरों की मांग बढ़ने लगती है। माना जा रहा है कि प्रस्तावित एलिवेटेड रोड का भी ऐसा ही असर देखने को मिल सकता है।

लाल कुआं, जिसे पहले मुख्य रूप से एक ट्रांजिट पॉइंट माना जाता था, धीरे-धीरे एक रिहायशी इलाके के तौर पर उभरा है क्योंकि यह वेव सिटी, क्रॉसिंग्स रिपब्लिक और राज नगर एक्सटेंशन से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है।

वहीं, नोएडा में प्रॉपर्टी की कीमतें लगातार बढ़ने के कारण, कई घर खरीदार गाजियाबाद और आस-पास के इलाकों में तुलनात्मक रूप से सस्ते घरों के विकल्प तलाशने लगे हैं।

एलिवेटेड रोड बनने के बाद दादरी, कोट गांव और रोजा-याकूबपुर क्षेत्र जैसे इलाकों की लोकप्रियता बढ़ सकती है, क्योंकि यहां से गाजियाबाद पहुंचना आसान हो जाएगा।

रिपोर्टों से पता चलता है कि इस इलाके में अभी दादरी की तरफ 45 लाख रुपये से कम कीमत वाले 2BHK घरों की मांग है, जबकि लाल कुआं और क्रॉसिंग्स रिपब्लिक में खरीदार 65 लाख रुपये से कम कीमत वाले 2BHK और 3BHK अपार्टमेंट देख रहे हैं।

फिलहाल यह प्रस्ताव उत्तर प्रदेश सरकार की मंजूरी का इंतजार कर रहा है। जैसे ही इसे हरी झंडी मिलेगी, अधिकारी जमीन से जुड़े काम, अतिक्रमण हटाने और बिजली-पानी जैसी सार्वजनिक सुविधाओं (यूटिलिटी) को शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू करेंगे। आमतौर पर इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में यही चरण सबसे ज्यादा समय लेते हैं।

News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, लाल कुआं से न्यू बस स्टैंड तक के एलिवेटेड सेक्शन की लागत लगभग 650 करोड़ रुपये आंकी गई है, जबकि दादरी की ओर जाने वाले पूरे 12 किलोमीटर के कॉरिडोर को चरणों में विकसित किए जाने की उम्मीद है। अगर मंजूरी और शुरुआती काम योजना के अनुसार आगे बढ़ते हैं, तो अगले साल तक निर्माण कार्य शुरू हो सकता है, जिससे NCR के सबसे व्यस्त कॉरिडोर में से एक पर यात्रा करने वाले लोगों को लंबे समय से जाम की समस्या से राहत मिलेगी।

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Son kills Father: 150 करोड़ की संपत्ति के लिए कलयुगी बेटे ने पिता को गोलियों से भूना, नशे में धुत होकर किया हमला

Son kills father in Ghaziabad: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के मोदीनगर में संपत्ति विवाद ने एक परिवार को उजाड़ दिया। यहां 32 वर्षीय युवक ने कथित तौर पर अपने ही पिता की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, घटना बुधवार 15 जुलाई की देर रात हुई, जब शराब के नशे में घर पहुंचे आरोपी की अपने पिता से जमीन और संपत्ति को लेकर कहासुनी हो गई। मृतक की पहचान 52 वर्षीय हरिओम चौधरी के रूप में हुई है।

वह मोदीनगर थाना क्षेत्र के बुढ़ाना गांव के निवासी थे। चौधरी इलाके के संपन्न किसानों में गिने जाते थे। घटना के बाद आरोपी बेटा निखिल हथियार लेकर मौके से फरार हो गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमें गठित की गई हैं।

150 करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक थे हरिओम चौधरी

पुलिस के मुताबिक, मृतक 52 वर्षीय हरिओम चौधरी के पास मोदीनगर में 75 बीघा जमीन थी। इसके अलावा दिल्ली-मेरठ रोड पर उनका एक मार्केट भी है। उनकी कुल संपत्ति की कीमत करीब 150 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। परिवार में उनकी पत्नी अनीता और छोटा बेटा नीशू हैं। हरिओम चौधरी ने बुधवार रात अपनी पत्नी अनीता और छोटे बेटे नीशू के साथ शांति से खाना खाया था।

देर रात उनका बड़ा बेटा निखिल शराब के नशे में धुत होकर घर लौटा। पिता हरिओम ने जब निखिल को उसकी शराब पीने की लत को लेकर टोका, तो दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। NDTV के मुताबिक, बहस इतनी बढ़ गई कि निखिल ने अपनी पिस्तौल निकाली और पिता पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।

पहली गोली सीधे हरिओम के चेहरे पर लगी, जिससे वे लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। पिता के गिरने के बाद भी आरोपी नहीं रुका। उसने उनके चेहरे, सीने और पेट पर एक के बाद एक कई गोलियां दाग दीं। मृतक के शरीर पर 4 से 6 गोलियों के निशान मिले हैं। वारदात को अंजाम देकर आरोपी निखिल हथियार समेत मौके से फरार हो गया। उसकी तलाश जारी है।

पहले ही दे चुके थे 25 बीघा जमीन और दुकानें

एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा ने बताया कि निखिल शराब का आदी था। इसी बात को लेकर उसके पिता अक्सर उसे डांटते थे। हरिओम चौधरी पहले ही निखिल के नाम 25 बीघा जमीन और मार्केट में कुछ दुकानें कर चुके थे। लेकिन निखिल बाकी बची जमीन भी अपने नाम करवाना चाहता था।

पिता ने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि वह शराब और अन्य गलत आदतों में पूरी संपत्ति बर्बाद कर देगा। पुलिस की जांच में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी निखिल का हिंसक व्यवहार नया नहीं था। वह अक्सर शराब के नशे में परिवार के साथ मारपीट और झगड़ा करता था।

शराब के नशे में घर पहुंचा, फिर बरसाईं गोलियां

पुलिस के अनुसार, बुधवार रात हरिओम चौधरी ने पत्नी और छोटे बेटे के साथ खाना खाया था। देर रात निखिल शराब के नशे में घर पहुंचा। पिता ने जब उसे शराब पीने को लेकर टोका तो दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। आरोप है कि इसी दौरान निखिल ने पिस्तौल निकालकर अपने पिता पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। पहली गोली हरिओम चौधरी के चेहरे पर लगी, जिससे वह जमीन पर गिर पड़े। इसके बाद आरोपी ने उनके चेहरे, सीने और पेट पर कई गोलियां दाग दीं। पुलिस के मुताबिक, मृतक के शरीर पर 4 से 6 गोलियों के निशान मिले हैं।

2018 में छोटे भाई पर भी चला चुका है गोली

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि निखिल का शराब को लेकर परिवार से अक्सर विवाद होता था। पुलिस के अनुसार, साल 2018 में भी उसने अपने छोटे भाई नीशू पर विवाद के दौरान गोली चला दी थी। पुलिस अब उस मामले की भी दोबारा जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

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घटनास्थल से जुड़े सभी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि फरार आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। आरोपी निखिल की धरपकड़ के लिए पुलिस की 4 विशेष टीमें गठित की गई हैं।

गाजियाबाद के GH-7 सोसायटी की लिफ्ट में मारपीट, आरोपी ने AOA के पूर्व कोषाध्यक्ष को पीटा, वीडियो वायरल

Ghaziabad: गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र की GH-7 सोसाइटी में बुधवार सुबह कथित तौर पर पैसों के लेन-देन में गड़बड़ी को लेकर हुआ विवाद तब हिंसक हो गया, जब एक व्यक्ति ने सोसाइटी के पूर्व कोषाध्यक्ष के साथ लिफ्ट के अंदर मारपीट की। हालांकि, इस पूरी घटना का वीडियो लिफ्ट में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गया, जो कि अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

आरोपी की पहचान प्रह्लाद कुमार के तौर पर हुई है। आरोप है कि उसने लिफ्ट के अंदर दीपक चोपड़ा को घूंसे मारे और लात मारी। दीपक चोपड़ा सोसाइटी के अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (AOA) के पूर्व कोषाध्यक्ष हैं। बाद में चोपड़ा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) प्रियश्री पाल ने बताया कि GH-7 सोसाइटी के टॉवर 8 में रहने वाले दीपक चोपड़ा अपने बच्चों को स्कूल बस में बिठाकर अपने फ्लैट लौट रहे थे। इसी दौरान, आरोपी प्रह्लाद कुमार, जो उसी टावर 8 में रहता है, अपने बच्चों को स्कूल बस में छोड़ने के बाद उसी लिफ्ट में आया। जिसके बाद दोनों के बीच सोसाइटी फंड को लेकर बहस हुई और उन्होंने एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।

उन्होंने बताया कि आरोप है कि प्रह्लाद कुमार ने दीपक चोपड़ा को लात-घूंसे मारे और करीब तीन मिनट तक उन्हें पीटता रहा।

ACP ने आगे कहा कि चोपड़ा ने क्रॉसिंग रिपब्लिक पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद प्रह्लाद कुमार को हिरासत में ले लिया गया। फिलहाल, पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज ली है।

4 मिनट का CCTV वीडियो वायरल

घटना का लगभग चार मिनट का CCTV फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में चोपड़ा लिफ्ट के अंदर खड़े होकर अपना मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हुए दिख रहे हैं, तभी एक महिला अंदर आती है।

कुछ ही देर बाद, प्रह्लाद कुमार लिफ्ट में आते हैं। जब दोनों पुरुषों के बीच बहस होती है, तो महिला लिफ्ट से बाहर निकल जाती है।

फुटेज में कथित तौर पर प्रह्लाद कुमार को चोपड़ा पर हमला करने से पहले लिफ्ट का दरवाजा बंद करते हुए दिखाया गया है। उन्हें लगभग तीन मिनट तक चोपड़ा को बार-बार घूंसे मारते और लात मारते हुए देखा जा सकता है।

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दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश का कहर! सड़कें बनीं नदियां, जलभराव और ट्रैफिक जाम से लोग बेहाल, देखें वीडियो

Delhi Rain: गुरुवार सुबह दिल्ली और पूरे एनसीआर में हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। तेज बारिश के कारण कई इलाकों की सड़कें डूब गईं, लंबा ट्रैफिक जाम लग गया और रोजाना आने-जाने वालों की भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सामने आए एक वीडियो में दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और बुलंदशहर की सड़कें पूरी तरह जलमग्न दिखाई दीं। पानी से लबालब सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए, जबकि लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कत हुई।

वहीं, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली के लिए रेड अलर्ट जारी किया है और चेतावनी दी है कि राष्ट्रीय राजधानी में दिन के ज्यादातर समय में भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 10 जुलाई तक काफी ज्यादा से लेकर व्यापक बारिश की संभावना है, जबकि अधिकारी बारिश से जुड़ी दिक्कतों से निपटने के लिए हाई अलर्ट पर हैं।

दिल्ली-एनसीआर में जलभराव, कई जगहों से सामने आए वीडियो

रातभर हुई तेज बारिश के बाद दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों से जलभराव की तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं। इन वीडियो में लगातार बारिश का असर साफ देखा जा सकता है।

दिल्ली के बुराड़ी, सदर बाजार, संगम विहार और मेहरौली-बदरपुर रोड समेत कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया। कई घंटे तक हुई बारिश के कारण जगह-जगह जलभराव की स्थिति बन गई।

पानी से भरी सड़कों पर गाड़ियाँ सावधानी से चलती दिखीं, जबकि कई इलाकों में ट्रैफिक की रफ्तार काफी धीमी हो गई।

एक वीडियो में अक्षरधाम मंदिर के पास NH-24 पर गाड़ियों की लंबी कतारें दिखीं, जहां सुबह के व्यस्त समय में भारी बारिश के कारण ट्रैफिक धीमा हो गया था।

पड़ोसी शहर नोएडा में भी भारी जलभराव देखा गया। सेक्टर-75 से सामने आए वीडियो में तेज बारिश के बाद सड़कें पानी में डूबी हुई दिखाई दीं।

गाजियाबाद में भी भारी बारिश का असर साफ देखने को मिला। इंदिरापुरम और अभय खंड इलाके से सामने आए वीडियो में रिहायशी सड़कों पर बारिश का पानी भर गया।

शास्त्रीनगर और कौशांबी से भी ऐसी ही तस्वीरें सामने आईं, जहां सड़कों पर पानी जमा होने के कारण आने-जाने वालों को देरी हुई और ट्रैफिक की रफ्तार धीमी रही।

बुलंदशहर में भी भारी बारिश का असर दिखा। सामने आए वीडियो में रात भर हुई बारिश के बाद सड़कों पर पानी जमा हुआ नजर आया।

दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर भी ट्रैफिक जाम की खबर मिली, जहां बारिश और जलभराव के कारण ऑफिस जाने के व्यस्त समय में गाड़ियों की आवाजाही धीमी हो गई।

उमस से राहत, लेकिन आने-जाने वालों को परेशानी

लगातार हो रही बारिश से दिल्ली-एनसीआर के लोगों को कई दिनों से पड़ रही उमस और गर्मी से राहत जरूर मिली है। हालांकि, तेज बारिश ने आम जिंदगी पर भी असर डाला है। दिल्ली-NCR के कई निचले इलाकों में पानी भरने की खबर है। IMD ने बताया कि बारिश तेज होने से पहले, रात 2.30 बजे तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और हवाएं शांत थीं।

मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि दिल्ली के कई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि कुछ जगहों पर हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।

जलभराव से निपटने के लिए सभी सरकारी एजेंसियां अलर्ट पर

दिल्ली में लगातार हो रही बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हालात का जायजा लिया और सभी सरकारी एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, “दिल्ली सरकार जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के आदेशों के बाद सभी सरकारी एजेंसियां ​​हाई अलर्ट पर हैं।”

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से आगे कहा गया कि जलभराव वाले इलाकों से पानी निकालने और राजधानी में ट्रैफिक की आवाजाही सुचारू बनाए रखने के लिए पीडब्ल्यूडी (PWD), दिल्ली जल बोर्ड (DJB) और नगर निगम (MCD) की टीमों को तैनात किया गया है।

वहीं, मानसून से पहले नरेला और द्वारका समेत कई बड़े स्टॉर्म वॉटर ड्रेनों की समय रहते सफाई (डी-सिल्टिंग) किए जाने का भी फायदा देखने को मिला। इसकी वजह से कई प्रमुख स्थानों पर बड़े स्तर पर जलभराव नहीं हुआ और NHPC चौक जैसे अंडरपास भारी बारिश के बावजूद ज्यादातर समय चालू रहे।

रात भर हुई बारिश से उखड़े पेड़

PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के ईस्ट ऑफ कैलाश इलाके में राजा धीर सिंह मार्ग पर दो पेड़ उखड़ गए, जिससे कुछ समय के लिए ट्रैफिक बाधित हुआ।

दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के अनुसार, एक पेड़ इस्कॉन मंदिर के पास गिरा, जबकि दूसरा नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट के बाहर गिरा। दोनों ही घटनाओं में किसी के घायल होने की खबर नहीं है।

इस बीच, IMD ने दिन भर और बारिश होने का अनुमान जताया है, इसलिए अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं क्योंकि दिल्ली और NCR के कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या बनी हुई है।

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जेवर एयरपोर्ट के लिए शुरू हुई धड़ाधड़ बसें! सुबह 6 बजे से ही पहली सर्विस, देखें 3 बड़े रूट-स्टॉपेज संग टाइमिंग और लास्ट डिपार्चर

Noida International Airport: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) आने-जाने वाले यात्रियों को जल्द ही बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी मिलेगी। दरअसल, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) एयरपोर्ट को नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के इलाकों से जोड़ने के लिए नियमित बस सेवा शुरू करने जा रहा है, जैसा कि News18 ने रिपोर्ट किया है।

इन नई सेवाओं का मकसद एयरपोर्ट तक पहुंच आसान बनाना है, जिसके तहत दिन भर तय समय पर बसें चलेंगी।

देखें टाइमिंग और रूट

UPSRTC के मुताबिक, बस सेवाएं सुबह 6 बजे शुरू होंगी, जबकि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से आखिरी बस रात 11:30 बजे रवाना होगी। रूट के आधार पर बसें हर 15 से 30 मिनट में चलेंगी। नोएडा से एयरपोर्ट के लिए आखिरी बस रात 8 बजे के लिए तय की गई है।

News 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रांसपोर्ट प्लान में बदलाव के तहत UPSRTC ने परी चौक से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक चलने वाली दो मौजूदा डबल-डेकर बसों का रूट बढ़ा दिया है। इस बढ़े हुए नेटवर्क में ग्रेटर नोएडा वेस्ट के इलाके भी शामिल होंगे, जैसे इकोटेक-16, गौर सिटी, ग्रेटर नोएडा यूनिवर्सिटी (GNU) और खैरपुर। इससे एयरपोर्ट आने-जाने वाले लोगों के लिए कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

नई व्यवस्था के तहत, नोएडा से बसें सेक्टर 37 (बोटेनिकल गार्डन) से चलेंगी और परी चौक व यमुना एक्सप्रेसवे होते हुए एयरपोर्ट तक जाएंगी। ग्रेटर नोएडा से चलने वाली बसें इकोटेक-16, गौर सिटी, चार मूर्ति, सूरजपुर और परी चौक से होते हुए एयरपोर्ट पहुंचेंगी।

मोहन नगर से यात्रा करने वाले यात्री लालकुआं, चार मूर्ति, सूरजपुर, परी चौक, दनकौर और रबूपुरा होते हुए एयरपोर्ट पहुंच सकेंगे। यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) इलाके के मुख्य सेक्टरों और ग्रेटर नोएडा यूनिवर्सिटी से भी सीधी बस सुविधा मिलेगी।

अधिकारियों ने दी जानकारी

अधिकारियों ने बताया कि बस नेटवर्क का विस्तार नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की बड़ी कोशिशों का हिस्सा है, क्योंकि यात्रियों की संख्या बढ़ रही है। नई UPSRTC सेवाओं के अलावा, इस इलाके में पहले से ही 100 से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं, और एयरपोर्ट अथॉरिटी ने टर्मिनल तक हर 15 मिनट में चलने वाली एक खास शटल सर्विस भी शुरू की है।

News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले अपने रूट और बस का समय देख लें ताकि यात्रा में कोई परेशानी न हो।

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