Nepal Flood Video: नेपाल में बाढ़-लैंडस्लाइड से फिर भारी तबाही! बूढ़ी गंडकी नदी में बह गए 36 मकान और पुल, बिहार में भी हाई अलर्ट

Nepal Flood alert: पड़ोसी देश नेपाल में एक बार फिर से बाढ़-लैंडस्लाइड से हाहाकार मच गया है। गोरखा जिले में रविवार (11 अक्टूबर) तड़के बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। बाढ़ से 35 से अधिक मकान और पुल नदी में बह गए। घटना के बाद प्रशासन ने नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और ऊंचाई वाले इलाकों में शरण लेने की सलाह दी है। अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल इस घटना में किसी की मौत या घायल होने की सूचना नहीं है। गोरखा के मुख्य जिला अधिकारी धर्मेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि उन्हें रविवार तड़के करीब 4:35 बजे बड़े पैमाने पर बाढ़ आने की सूचना मिली।

शुरुआती जानकारी के अनुसार, बाढ़ चुमनुब्री ग्रामीण नगरपालिका-6 क्षेत्र से नीचे की ओर आई और नदी के किनारे स्थित बस्तियों को अपनी चपेट में ले लिया। नेपाली सेना की एक टुकड़ी को खोज और बचाव अभियान के लिए हवाई और जमीनी रास्ते से भेजा गया है। इस टुकड़ी ने जगत इलाके से 6 लोगों को हवाई रास्ते से सुरक्षित बाहर निकाला। यह इलाका लैंडस्लाइड की चपेट में आ सकता है।

36 मकान और पुल बहे

‘काठमांडू पोस्ट’ की खबर के अनुसार, चुमनुब्री ग्रामीण नगरपालिका के वार्ड संख्या तीन के अध्यक्ष राम कुमार गुरुंग ने बताया कि बूढ़ी गंडकी नदी में आई बाढ़ से सल्लेरी, पायूका और जगत में नदी किनारे स्थित मकान बह गए। बाढ़ में वार्ड को जोड़ने वाला एक पुल भी बह गया। गोरखा के मुख्य जिला अधिकारी धर्मेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि शुरुआती खबरों के अनुसार, सिउरीबास के ऊपरी इलाके में लैंडस्लाइड हुआ था।

उन्होंने कहा कि अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। स्थानीय लोगों को संदेह है कि चुमनुब्री-6 में लोकपा और चुमलिंग के बीच बूढ़ी गंडकी की सहायक नदी स्यार का प्रवाह बाधित हो गया होगा, जिससे बाढ़ आई। अधिकारियों ने बताया कि अचानक आई बाढ़ से उत्तरी गोरखा के कई इलाकों में 35 से अधिक मकान बह गए।

लैंडस्लाइड से रास्ता बंद होने के बाद आई बाढ़

मुख्य जिला अधिकारी मिश्रा के मुताबिक, शुरुआती रिपोर्टों में सिउरीबास के ऊपर लैंडस्लाइड होने की बात सामने आई है। चुमनुब्री ग्रामीण नगरपालिका के अध्यक्ष नीमा लामा ने बताया कि भूस्खलन के कारण चुमके खोला नामक जलधारा का रास्ता बाधित हो गया था। इसके बाद पानी का बहाव बढ़ा और अचानक बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई। इस घटना के कारण नदी के आसपास रहने वाले लोगों के लिए खतरा बढ़ गया। प्रशासन को आशंका है कि तेज बहाव से नदी के किनारे बसे अन्य इलाकों में भी नुकसान हुआ हो सकता है।

कई लोग लापता

नेपाली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बाढ़ में कई पुल बह गए हैं। फिलहाल, चार लोग लापता बताए जा रहे हैं। नेपाली सेना उनकी तलाश कर रही है। न्यूज पोर्टल ‘ऑनलाइन खबर’ के अनुसार, चुमनुब्री ग्रामीण नगरपालिका की उपाध्यक्ष लक्ष्मी गुरुंग ने कहा कि रविवार सुबह बूढ़ी गंडकी नदी में आई बाढ़ ने उन्हें रसुवा में भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ की याद दिला दी। उन्होंने कहा, “बूढ़ी गंडकी में आई बाढ़ ने भोटेकोशी की बाढ़ की याद दिला दी। इसमें दर्जनों मकान बह गए हैं। फिलहाल नुकसान का सही आकलन करना संभव नहीं है।”

जगत में 5 से 7 मकान बहने की सूचना

गोरखा के मुख्य जिला अधिकारी धर्मेंद्र कुमार मिश्रा के अनुसार, जगत इलाके में नदी के तल के पास बने पांच से सात मकान बाढ़ के पानी में बह गए। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि नदी के निचले हिस्सों में कुछ अन्य मकान भी बह गए हो सकते हैं। अधिकारियों के मुताबिक, अब तक किसी की मौत या घायल होने की सूचना नहीं मिली है। प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए आगे की जानकारी का इंतजार है।

नेपाल की सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में लिखा, “बुढ़ी गंडक नदी में बाढ़ आने के बाद नेपाली सेना की एक टुकड़ी को खोज और बचाव अभियान के लिए हवाई और ज़मीनी रास्ते से भेजा गया। इस टुकड़ी ने जगत इलाके से 6 लोगों को हवाई रास्ते से सुरक्षित बाहर निकाला। यह इलाका भूस्खलन की चपेट में आ सकता है। काठमांडू में तैनात कम्पोजिट क्विक रिएक्शन टीम को भी हवाई जहाज से इसी इलाके में भेजा गया है।”

बूढ़ी गंडकी नदी के किनारे रहने वालों को चेतावनी

बाढ़ के बाद प्रशासन ने बूढ़ी गंडकी नदी के किनारे स्थित बस्तियों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा है। लोगों से नदी के करीब जाने से बचने और सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की गई है। अचानक आई बाढ़ ने एक बार फिर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और नदी के जलस्तर में तेज बदलाव से पैदा होने वाले खतरे को उजागर किया है।

ऐसे क्षेत्रों में भूस्खलन से जलधारा का रास्ता अवरुद्ध होने पर पानी जमा हो सकता है। बैरिकेट्स टूटने या पानी का रास्ता बदलने से अचानक तेज बहाव पैदा हो सकता है। फिलहाल, गोरखा जिले में बाढ़ से हुए नुकसान की पूरी तस्वीर सामने आना बाकी है। प्रशासन की प्राथमिकता नदी के किनारे बसे लोगों को सुरक्षित रखना और प्रभावित इलाकों की स्थिति का आकलन करना है।

NDRRMA ने जारी किया अलर्ट

सुबह 6:40 बजे, नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) ने अपने बाढ़ पूर्वानुमान विभाग से एक SMS अलर्ट भेजा। इसमें लोगों से कहा गया कि वे बाढ़ का पानी उतरने तक नदी के पास न जाएं। खासकर त्रिशूली दोभान तक के इलाके में बिल्कुल न जाएं। ऊंची जगहों पर ही रहें। अधिकारी अभी भी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि पानी का स्तर अचानक क्यों बढ़ा और उसमें मिट्टी और गाद क्यों बहकर आई।

स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि सुबह करीब 4 बजे नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा और इसके बहाव की आवाज दूर से ही सुनी जा सकती थी। चुमनुबरी ग्रामीण नगरपालिका के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी नारायण सपकोटा ने यह जानकारी दी। मिश्रा ने कहा कि जिला कार्यालय जमीनी स्तर से जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने बताया कि स्थिति का हवाई जायजा लेने के लिए नेपाली सेना का हेलीकॉप्टर भेजने की तैयारी चल रही है।

बिहार में भी बाढ़ का खतरा

बूढ़ी गंडकी नदी में भयानक बाढ़ आने से भारतीय राज्य बिहार में भी खतरा बढ़ गया है। अधिकारियों ने कहा कि यह नदी आगे चलकर त्रिशूली से मिलती है। फिर दोनों का पानी देवघाट के पास नारायणी नदी में पहुंचता है। यही नदी भारत में गंडक के नाम से बिहार में आती है। फिर आगे गंगा में मिल जाती है। ऐसे में अगर पानी का बहाव बढ़ता है, तो बिहार में गंडक किनारे बसे इलाकों पर असर पड़ सकता है। इनमें पश्चिम चंपारण, गोपालगंज और वैशाली जैसे जिले शामिल हैं। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि नेपाल में आई बाढ़ से बिहार में जलस्तर बढ़ेगा या नहीं।

इससे पहले नेपाल में 26 अगस्त 2026 को भोटेकोशी और त्रिशूली नदी में विनाशकारी बाढ़ आई थी, जिसने कई जिलों में भारी तबाही मचाई थी। उस बाढ़ में बड़ी संख्या में लोग मारे गए और हजारों लोग लापता बताए गए थे। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, 26 अगस्त 2026 की बाढ़ में कम से कम 1,455 लोगों की मौत हुई थी और 5,285 लोग लापता थे।

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CJP के 3 नेता रिहा, 1 साल तक शांति बनाए रखने की शर्त, कोर्ट की शर्तें क्या हैं 2 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस में होगा खुलासा

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दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिए गए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के तीन नेताओं अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को रविवार को रिहा कर दिया गया। दिल्ली पुलिस ने इन नेताओं को 10 अक्टूबर को एहतियातन हिरासत में लिया था। CJP 2 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी। 50-50 हजार के मुचलके पर रिहाई दी गई है। रिहाई के साथ उन्हें एक साल तक शांति बनाए रखने की शर्त का पालन करना होगा।

 

CJP की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने बताया कि कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत ने तीनों नेताओं को रिहा करने का आदेश दिया। उनके मुताबिक, नेताओं को एक साल तक शांति भंग नहीं करने की शर्त पर छोड़ा गया है। अधिवक्ता सौतिक बनर्जी ने भी तीनों नेताओं की रिहाई की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को रिहा कर दिया गया है और वे वहां से जा सकते हैं।

 

BNSS की धाराओं के तहत हुई थी गिरफ्तारी

 

दिल्ली पुलिस के अनुसार, तीनों नेताओं को 10 अक्टूबर को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत एहतियातन गिरफ्तार किया गया था। रविवार को उन्हें दिल्ली कैंट स्थित उप-मंडल कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत में पेश किया गया।

 

पुलिस ने कहा कि सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, एक साल तक शांति और अच्छे आचरण को सुनिश्चित करने के लिए 50,000 रुपये का जमानती बांड जमा कराया गया, जिसके बाद अदालत ने उन्हें रिहा कर दिया। रिहाई के बाद CJP ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि आखिरकार दिल्ली पुलिस को अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को रिहा करना पड़ा। पार्टी ने अपने पोस्ट में कहा कि कॉकरोच कभी नहीं मरते।”

 

दिल्ली में सुरक्षा सख्त, 7 हजार से अधिक प्रदर्शनकारी हिरासत में

 

CJP नेताओं की हिरासत ऐसे समय हुई, जब जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शन में शामिल होने और जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे 7,000 से अधिक लोगों को शहर के अलग-अलग स्थानों पर हिरासत में लिया गया।

 

प्रदर्शन में शामिल होने की कोशिश के दौरान कई विपक्षी नेताओं को भी हिरासत में लिया गया। इनमें दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार शामिल बताए गए।

CJP और विपक्षी दल विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस मुद्दे पर विपक्ष और निर्वाचन आयोग के बीच विवाद के बीच दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।

CJP protest LIVE: दिल्ली में आज भी सख्ती, मेट्रो और ट्रेन सेवाएं बहाल, दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को किया गया रिहा

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CJP Protest : abhijit dipke, saurab das, ashutosh ranka detained

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में रविवार को भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है। पुलिस ने जंतर-मंतर को सील रखा है और राजधानी की सीमाओं पर बैरिकेडिंग जारी है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने रविवार सुबह 6 बजे से 30 स्थानों पर वाहनों को डायवर्ट करने की व्यवस्था की है। हालांकि, मेट्रो और रेल सेवाओं पर लगी पाबंदियां हटा दी गई हैं और सेवाएं सामान्य रूप से बहाल कर दी गई हैं।

CJP की कानूनी प्रमुख रत्ना सिंह के मुताबिक, पार्टी के नेताओं अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को रविवार को दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने के बाद रिहा कर दिया गया। इन नेताओं को एहतियातन हिरासत में लिया गया था। शिंदे ने कहा कि सरकार को लगा था कि अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लेने के बाद प्रदर्शनकारी पीछे हट जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा।

 

नेताओं की हिरासत के बावजूद CJP ने आंदोलन जारी रखने की बात कही है। समूह की ओर से आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए नामित अजिंक्य शिंदे ने कहा कि प्रदर्शनकारी रविवार को फिर जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश करेंगे।

 

CJP नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार दूसरे दिन आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। इससे पहले शनिवार को दिल्ली में करीब 7,000 लोगों को हिरासत में लिए जाने का अनुमान है। सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुप्रीम कोर्ट में भी एक याचिका पर विशेष सुनवाई प्रस्तावित है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि अधिकारियों ने मेट्रो और ट्रेन सेवाएं पूरी तरह बंद करके अदालत के आदेश की अवहेलना की।

 

 

AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा ने भी शनिवार देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि रविवार को दिल्ली के किसी दूसरे हिस्से को भी जंतर-मंतर में बदल दिया जाएगा।

 

दिल्ली में 40 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात

 

प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में 40,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी। इनमें 26,000 अतिरिक्त जवान शामिल थे। रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी 2020 के बाद दिल्ली में यह सबसे बड़ी सुरक्षा तैनाती थी।

 

पुलिस रविवार को प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पर जुटने या नई दिल्ली जिले में प्रवेश करने से रोकने की कोशिश करेगी। अधिकारियों के अनुसार, हालात के मुताबिक प्रमुख सड़कों पर आवाजाही नियंत्रित की जाएगी। पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवान स्थिति सामान्य होने तक तैनात रहेंगे। शनिवार के प्रदर्शन का निर्धारित स्थल जंतर-मंतर अब भी बंद रखा गया है। यहां तक कि पत्रकारों के प्रवेश पर भी रोक लगाई गई। प्रवेश और निकास के तीन स्थानों पर हिंदी और अंग्रेजी में लाउडस्पीकर से चेतावनी दी जा रही है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत सभाओं, जुलूसों और सड़क जाम करने पर लगाई गई पाबंदियां अगले आदेश तक जारी रहेंगी।

 

दिल्ली की सीमाओं पर बैरिकेडिंग, 30 जगहों पर ट्रैफिक डायवर्जन

 

हरियाणा और उत्तर प्रदेश से लगती दिल्ली की सीमाओं पर पुलिस ने चिल्ला, गाजीपुर, अप्सरा और सिंघु बॉर्डर पर दो स्तर की बैरिकेडिंग की है। इन स्थानों पर स्थानीय पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती रविवार को भी जारी रहेगी।

 

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, रविवार सुबह 6 बजे से शनिवार की तरह 30 स्थानों पर वाहनों को वैकल्पिक रास्तों की ओर भेजा जाएगा। यह व्यवस्था मौके की स्थिति को देखते हुए लागू रहेगी।

 

इसलिए दिल्ली में यात्रा करने वाले लोगों को सलाह है कि वे घर से निकलने से पहले अपने रास्ते की स्थिति जांच लें और अतिरिक्त समय लेकर चलें।

 

मेट्रो और ट्रेन सेवाएं सामान्य, सभी स्टेशन के गेट खुले

 

दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने शनिवार रात करीब 10 बजे सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि सभी मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार फिर से खोल दिए गए हैं।

 

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, रेल सेवाओं पर लगाई गई पाबंदियां केवल शनिवार तक लागू थीं। रविवार को मेट्रो और ट्रेन सेवाएं सामान्य रूप से बहाल कर दी गई हैं। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए यात्रियों को स्टेशन पहुंचने से पहले मेट्रो और रेलवे की आधिकारिक जानकारी जांचने की सलाह दी जाती है।

 

सोमवार को INDIA गठबंधन का प्रदर्शन

 

दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला सोमवार को भी जारी रह सकता है। INDIA गठबंधन ने सोमवार को अलग प्रदर्शन का ऐलान किया है। विपक्ष के वरिष्ठ नेता सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालकर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और निर्वाचन आयोग से जुड़े मामलों की जल्द सुनवाई की मांग करेंगे। इस बीच, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को शनिवार को दक्षिण एवेन्यू में तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर मौन प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। उन्हें पुलिस वैन से द्वारका ले जाया गया। ममता बनर्जी ने कहा कि राहुल गांधी ने उनसे सोमवार के मार्च के लिए दिल्ली में रुकने को कहा था। 

CJP Protest Updates: अभिजीत दीपके, रांका और दास गिरफ्तार! थोड़ी देर में मजिस्ट्रेट के सामने पेशी! आज जंतर-मंतर पर फिर प्रदर्शन का ऐलान, ध्रुव राठी रिहा

CJP Protest Updates: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को गिरफ्तार किए जाने के बाद आज यानी रविवार (11 अक्तूबर) को दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा। न्यूज एजेंसी ANI ने पार्टी की लीगल हेड रत्ना सिंह के हवाले से यह जानकारी दी है। वरिष्ठ वकील वृंदा ग्रोवर के नेतृत्व में वकीलों की एक टीम CJP नेताओं की ओर से पैरवी कर सकती है। इस बीच, CJP ने चुनावी वोटर लिस्ट में कथित अनियमितताओं के विरोध में आज जंतर-मंतर पर एक बार फिर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।

हिरासत के बाद अरेस्ट हुए CJP नेता

एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया, “कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को एहतियातन गिरफ्तार किया गया है। उन्हें आज रविवार को दिल्ली कैंट पुलिस थाने में कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा।”

पुलिस ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से पहले राष्ट्रीय राजधानी में उनका विमान उतरने के बाद उन्हें हिरासत में लिया था, जिसके बाद उन्हें एहतियातन गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने शनिवार को सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोक दिया था।

रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट कर बताया कि अभिजीत, आशुतोष और सौरव दास को सुबह दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने उन्हें सुबह इस बारे में जानकारी दी। CJP की लीगल हेड होने के नाते वह अन्य वकीलों के साथ पुलिस स्टेशन पहुंचेंगी।

दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान से हिरासत में लिए गए CJP नेता

CJP के नेता अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को शनिवार को दिल्ली एयरपोर्ट पर एक विमान से हिरासत में लिया गया था। ये नेता जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिए गए। पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करने की तैयारी में थी।

यह प्रदर्शन वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में कथित अनियमितताओं के आरोपों को लेकर आयोजित किया जाना था। राजधानी में प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई कदम उठाए और प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया।

आज फिर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेगी CJP

CJP ने हिरासत और पुलिस कार्रवाई के बावजूद अपने आंदोलन को जारी रखने का ऐलान किया है। पार्टी ने आज जंतर-मंतर पर फिर से प्रदर्शन करने की घोषणा की है। पार्टी की मांग है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में कथित अनियमितताओं की जिम्मेदारी लेते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब एक दिन पहले ही दिल्ली में CJP के आह्वान पर प्रस्तावित जुटान को रोकने के लिए पुलिस ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी में करीब 3,000 लोगों को हिरासत में लिया गया था।

चार पूर्व मुख्यमंत्री भी हिरासत में लिए गए

दिल्ली में हिरासत में लिए गए लोगों में चार पूर्व मुख्यमंत्री भी शामिल थे। इनमें आम आदमी पार्टी (AAP) के अरविंद केजरीवाल, तृणमूल कांग्रेस (TMC) की संस्थापक ममता बनर्जी, वामपंथी नेता पिनराई विजयन और माणिक सरकार के नाम शामिल हैं। प्रदर्शन को लेकर पुलिस और आयोजकों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। उसका कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं, CJP ने वोटर लिस्ट में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर अपना विरोध जारी रखने का फैसला किया है।

ध्रुव राठी को छोड़ा गया, जंतर-मंतर पहुंचने पर फिर कार्रवाई की चेतावनी

इस पूरे घटनाक्रम के बीच यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार देर रात रिहा कर दिया था। हालांकि, पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यदि वह जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश करते हैं तो उनके खिलाफ दोबारा कार्रवाई की जा सकती है। एक अधिकारी ने रविवार सुबह बताया, “हरियाणा के गुरुग्राम में हिरासत में लिए जाने के बाद यूट्यूबर ध्रुव राठी को देर रात रिहा कर दिया गया।” राठी को आज तड़के 3 बजे रिहा किया गया।

दिल्ली में लगातार हो रही हिरासत की कार्रवाइयों और CJP के नए प्रदर्शन के ऐलान के बाद राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनी हुई है। अब सबकी निगाहें आज होने वाली मजिस्ट्रेट के समक्ष पेशी और जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन पर टिकी हैं।

सीईसी के इस्तीफा देने तक पीछे नहीं हटेंगे

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शनिवार को वोटर लिस्ट में कथित अनियमितताओं के खिलाफ तब तक प्रदर्शन जारी रखने का संकल्प जताया, जब तक मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं दे देते। CJP ने रविवार सुबह 10 बजे जंतर-मंतर पर फिर से प्रदर्शन करने की घोषणा की है।

इस बीच, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने नई दिल्ली और मध्य दिल्ली में संभावित पाबंदियों को लेकर चेतावनी जारी की है। शनिवार के प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों, कार्यकर्ताओं और राजनीतिक नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कॉजपा के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे ने कहा कि संगठन इस कार्रवाई के बावजूद पीछे नहीं हटेगा।

CJP के प्रमुख नेताओं के हिरासत में रहने के बीच प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे शिंदे ने कहा, “आप चाहे जितने लोगों को हिरासत में लें। लेकिन जब तक सबसे बड़े गद्दार और देशद्रोही ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, हम पीछे नहीं हटेंगे। हम कल सुबह 10 बजे फिर जंतर-मंतर जाएंगे।’” उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने और पुलिस द्वारा रोके जाने पर भी विरोध जारी रखने की अपील की।

शिंदे ने CJP संस्थापक अभिजीत दीपके और सह-संयोजकों सौरव दास तथा आशुतोष रांका की हिरासत के बारे में भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हिरासत में लिए जाने के 12 घंटे बाद भी तीनों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।

CJP Protest: ‘आंतरिक मामलों में दखल बर्दाश्त नहीं’; दिल्ली विरोध-प्रदर्शनों पर UN की टिप्पणियों पर भारत का पलटवार

CJP Protest: संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय (OHCHR) ने शनिवार (10 अक्तूबर) को राजधानी दिल्ली में बड़े पैमाने पर हुए प्रदर्शनों के दौरान लोगों को हिरासत में लिए जाने पर चिंता जताई। संयुक्त राष्ट्र ने भारतीय अधिकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने के अधिकार का सम्मान करने और मनमाने ढंग से हिरासत में लिए गए लोगों को तत्काल रिहा करने का आग्रह किया। इसके बाद जिनेवा में भारत के स्थायी मिशन ने इन चिंताओं को खारिज करते हुए उन्हें गलतफहमी पर आधारित और देश के आंतरिक मामलों में अनुचित हस्तक्षेप बताया।

भारत ने स्पष्ट किया कि देश में शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने का अधिकार संविधान के तहत प्राप्त है। लेकिन यह अधिकार सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के हित में लगाए गए उचित प्रतिबंधों के अधीन है। जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र में भारत के आधिकारिक प्रतिनिधित्व से जुड़े एक्स (X) अकाउंट पर जारी पोस्ट में भारत ने अपना पक्ष रखा।

भारत के स्थायी मिशन ने कहा, “शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने का अधिकार हमारे संविधान में निहित है और मजबूत संस्थाओं, स्वतंत्र न्यायपालिका तथा स्वतंत्र मीडिया द्वारा इसकी रक्षा की जाती है।” उसने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “हर लोकतंत्र की तरह, भारत के नागरिक भी सार्वजनिक व्यवस्था के हित में लगाए गए उचित प्रतिबंधों के अधीन इस अधिकार का इस्तेमाल करते हैं।”

सुरक्षा बलों ने ‘जेन-जी’ के नेतृत्व वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनकारियों को मध्य दिल्ली के जंतर-मंतर तक पहुंचने से रोक दिया, जिसके बाद सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। यह प्रदर्शन मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं को लेकर चुनावी सुधारों और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के लिए आयोजित किया गया था। निर्वाचन आयोग और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इन आरोपों से इनकार किया है।

UN ने क्या कहा?

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय के प्रवक्ता थमीम अल-खीथान ने शनिवार को एक बयान में कहा कि कार्यालय दिल्ली में आज बड़े पैमाने पर हुए प्रदर्शनों से पहले और उनके दौरान प्रदर्शनकारियों, आंदोलन के नेताओं, नागरिक समाज संगठनों के सदस्यों, वकीलों और पत्रकारों को हिरासत में लिए जाने की खबरों को लेकर चिंतित है। बयान में कहा गया, “हम अधिकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने के अधिकार का पूरी तरह सम्मान करने और उसे सुनिश्चित करने का आग्रह करते हैं।”

अल-खीथान ने भारतीय अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया कि कानून लागू करने वाले कर्मी शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों से निपटते समय अत्यंत संयम बरतें। उन्होंने कहा कि ऐसा देश की लोकतांत्रिक परंपराओं और मानवाधिकारों के प्रति उसकी प्रतिबद्धताओं के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने कहा, “मनमाने ढंग से हिरासत में लिए गए सभी लोगों को तत्काल और बिना किसी शर्त के रिहा किया जाना चाहिए।” संयुक्त राष्ट्र ने अधिकारियों से व्यापक स्तर पर व्यक्त की गई चिंताओं का समाधान करने के लिए अर्थपूर्ण संवाद करने का भी आग्रह किया।

क्या है पूरा मामला?

CJP ने मध्य दिल्ली के प्रमुख स्थल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन आयोजित करने की योजना बनाई थी। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। भारी सुरक्षा व्यवस्था और सड़क मार्गों पर लगाए गए अवरोधकों के कारण अधिकतर प्रदर्शनकारी इलाके में नहीं पहुंच सके। CJP ने बताया कि उसके संस्थापक अभिजीत दीपके और उनके साथी सौरव दास तथा आशुतोष रांका को मुंबई से दिल्ली पहुंचे उनके विमान के उतरने के तुरंत बाद हिरासत में ले लिया गया। शनिवार के प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों, कार्यकर्ताओं और राजनीतिक नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद CJP के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे ने कहा कि संगठन इस कार्रवाई के बावजूद पीछे नहीं हटेगा।

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CJP के प्रमुख नेताओं के हिरासत में रहने के बीच प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे शिंदे ने कहा, “आप चाहे जितने लोगों को हिरासत में लें। लेकिन जब तक सबसे बड़े गद्दार और देशद्रोही ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, हम पीछे नहीं हटेंगे। हम कल सुबह 10 बजे फिर जंतर-मंतर जाएंगे।” उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने और पुलिस द्वारा रोके जाने पर भी विरोध जारी रखने की अपील की। शिंदे ने कहा, “बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पहुंचें और दिल्ली पुलिस जहां भी आपको रोके, वहीं प्रदर्शन करें।”

दिवाली पर मालदीव से भी महंगा हुआ घर जाना! दिल्ली से पटना-गोरखपुर फ्लाइट्स के किराए ने इंटरनेट को चौंकाया

दिवाली और छठ पर हर कोई अपने परिवार के साथ त्योहार मनाना चाहता है। नौकरी या पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों में रहने वाले लोग भी इन दिनों घर लौटने की तैयारी करते हैं। लेकिन इस बार हवाई टिकटों के बढ़ते दाम लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। कुछ यात्रियों को अपने घर जाने के मुकाबले विदेश जाने का टिकट सस्ता मिल रहा है। इसी को लेकर सोशल मीडिया पर लोग अपनी परेशानी साझा कर रहे हैं।

ScoopWhoop ने X पर कुछ फ्लाइट टिकटों की कीमतों के स्क्रीनशॉट साझा किए हैं। इनमें भारत के अलग-अलग शहरों के किराये की तुलना विदेश जाने वाली उड़ानों से की गई है। इन कीमतों को देखकर लोग सवाल उठा रहे हैं कि त्योहार पर घर लौटने के लिए इतना पैसा कैसे खर्च करें।

पटना से महंगा, मालदीव जाना सस्ता!

शेयर किए गए स्क्रीनशॉट के मुताबिक, बेंगलुरु से पटना जाने वाली फ्लाइट का किराया 21,695 रुपये था। वहीं, बेंगलुरु से मालदीव जाने का टिकट 12,033 रुपये में दिखाई दिया। यानी इस तुलना में विदेश जाने का टिकट पटना जाने से काफी सस्ता था।

एक यूजर ने इस पर अपनी परेशानी बताते हुए लिखा कि अब दिवाली और छठ पर घर कैसे जाएं। यह सवाल उन लोगों की मुश्किल दिखाता है, जो त्योहार पर परिवार के साथ समय बिताना चाहते हैं।

मुंबई से गुवाहाटी का टिकट 43 हजार रुपये तक

एक अन्य यूजर ने मुंबई से गुवाहाटी जाने वाली फ्लाइट के किराये साझा किए। स्क्रीनशॉट में अलग-अलग एयरलाइंस के टिकट करीब 22,000 से 43,000 रुपये तक दिखाई दिए।

यूजर ने बताया कि कम कीमत वाली फ्लाइट का समय सुविधाजनक नहीं है, जबकि सही समय पर जाने वाली उड़ानों के लिए काफी ज्यादा पैसे देने पड़ रहे हैं। उन्होंने मजाक में कहा कि उन्हें विदेश नहीं जाना, सिर्फ अपने घर पहुंचना है।

पटना से सस्ता बैंकॉक का टिकट

दूसरे यात्रियों ने भी ऐसी ही तुलना साझा की। एक पोस्ट के मुताबिक, पुणे से पटना जाने का टिकट 32,000 रुपये का था, जबकि पुणे से बैंकॉक जाने का किराया 14,451 रुपये दिखाया गया।

इसी तरह, बेंगलुरु से श्रीनगर जाने का टिकट करीब 19,000 रुपये और मालदीव का टिकट लगभग 13,000 रुपये बताया गया। इन कीमतों को देखकर कुछ लोगों ने मजाक में कहा कि घर जाने से सस्ता विदेश घूमना पड़ रहा है।

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लोगों ने कहा- घर जाने के लिए इतना खर्च कैसे करें?

एक यूजर ने बेंगलुरु से दिल्ली आने-जाने के टिकटों का किराया करीब 30,000 रुपये से ज्यादा बताया। उन्होंने मजाक में लिखा कि अब दिवाली पर घर जाने के लिए किडनी बेचनी पड़ेगी।

कई लोगों ने त्योहारों पर घर पहुंचने को भावनाओं से जुड़ा बताया। वहीं, कुछ यूजर्स ने हवाई टिकटों की कीमतों पर नियंत्रण की मांग भी उठाई।

हालांकि, सोशल मीडिया पर दिखाई गई कीमतें खास उड़ानों और तारीखों से जुड़ी हैं। टिकट का वास्तविक किराया बुकिंग के समय, सीटों की उपलब्धता और यात्रा की तारीख के अनुसार बदल सकता है। फिर भी इन उदाहरणों ने त्योहारों के दौरान महंगी हवाई यात्रा को लेकर लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

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Starlink Row In India: कमल हासन से लेकर कुणाल कपूर तक, भारत में स्टारलिंक विवाद पर बोले एक्टर्स

Starlink Row In India: कमल हासन के बाद बॉलीवुड एक्टर कुणाल कपूर ने SpaceX के फाउंडर और CEO एलन मस्क के उस दावे पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत में कुछ ताकतवर लोगों (ओलिगार्क्स) ने मार्केट पर अपना कब्जा बनाए रखने के लिए उनकी सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस, स्टारलिंक (Starlink) को “ब्लॉक” कर दिया है। कुणाल ने एलन की सोच को “औपनिवेशिक मानसिकता” (colonial mindset) बताया और टेक अरबपतियों की “मसीहा बनने की भावना” (saviour complex) की ओर इशारा किया।

कुणाल ने एलन मस्क की ‘औपनिवेशिक मानसिकता’ पर सवाल उठाए

कुणाल ने लिखा- “इस वीक एलन मस्क की बातों को सुनकर लगा कि वह पश्चिमी टेक अरबपतियों का मसीहा बनने की कोशिश में लगे हैं। वे आपके देश में आकर आपको भविष्य बेचते हैं। अगर आप उनका स्वागत करते हैं तो आप एक ऐसे देश माने जाते हैं जो तरक्की चाहता है। अगर आप उन्हें इंतजार करवाते हैं तो अचानक आपके लोग पीड़ित बन जाते हैं, जिन्हें किसी ‘चुने हुए व्यक्ति’ द्वारा उनके अपने ही संस्थानों से बचाने की जरूरत होती है।”

कुणाल ने अतीत की उन घटनाओं का जिक्र किया जब देशों ने एलन की मदद लेने से इनकार किया था। उन्होंने नकारात्मक प्रतिक्रिया दी थी। एक्टर ने 2018 में थाईलैंड में हुए बचाव अभियान का जिक्र किया, जब वाइल्ड बोअर्स सॉकर टीम के 11 से 16 साल की उम्र के 12 सदस्यों और उनके 25 साल के असिस्टेंट कोच को थाम लुआंग गुफा परिसर से बचाया गया था। बचाव दल ने उस मिनी-सबमरीन का इस्तेमाल नहीं किया जो एलन ने ऑपरेशन के लिए दी थी, जिससे वे नाराज हो गए थे।

उन्होंने अगस्त 2024 में ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट द्वारा X (पहले ट्विटर) को देश भर में सस्पेंड करने का भी जिक्र किया, क्योंकि यह प्लेटफॉर्म कोर्ट के आदेशों का पालन करने में विफल रहा था। कुणाल ने लिखा, “यह एक पैटर्न है। जब थाई बचाव दल ने फंसे हुए लड़कों के लिए मस्क द्वारा भेजी गई मिनी-सबमरीन का इस्तेमाल नहीं किया और गोताखोर वर्नोन अनस्वर्थ ने इस विचार को अव्यावहारिक बताया, तो मस्क ने उन पर ‘पेडो गाइ’ (बच्चों का शोषण करने वाला व्यक्ति) होने का आरोप लगाया।

जब ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट ने X को अपने फैसलों का पालन करने का आदेश दिया, तो मस्क ने जज को ‘तानाशाह’ कहा। स्क्रिप्ट शायद ही कभी बदलती है। बस देश बदलता है। औपनिवेशिक मानसिकता का मतलब हमेशा किसी देश पर राज करना नहीं होता। कभी-कभी यह सोच होती है कि आप वहां एक मसीहा बनकर आए हैं और अगर देश तुरंत आपको ऐसा नहीं मानता, तो जरूर देश में ही कुछ गड़बड़ है।”

एलन मस्क ने क्या कहा था?

एलन ने भारत में स्टारलिंक की संभावनाओं के बारे में कई ट्वीट किए हैं, जिनमें अंबानी परिवार का भी जिक्र किया गया है। उन्होंने लिखा, “स्टारलिंक के पास 165 से ज्यादा देशों में लाइसेंस है और इसने भारत सरकार के हर नियम और जरूरत को पूरा करने में पांच साल बिताए हैं, तो फिर अभी तक लाइसेंस क्यों नहीं मिला? क्या अंबानी ही भारत के असली बॉस हैं?”

क्या बोले कमल हासन

टेक अरबपति की चौंकाने वाली बातों के तुरंत बाद एक्टर और नेता कमल हासन ने उन पर सवाल उठाते हुए कहा, “किसी भी अरबपति को देश की पॉलिसी तय नहीं करनी चाहिए – चाहे वह भारत हो या अमेरिका।” शुक्रवार को हासन ने मस्क की पहली पोस्ट को री-शेयर किया और स्टारलिंक-भारत विवाद पर अपनी राय रखी। एक्टर ने कहा कि, “भारत जानता है कि हमारे नेटवर्क और स्पेक्ट्रम रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर हैं न कि सिर्फ कमर्शियल एसेट्स। भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्थाओं पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।”

एक कड़े बयान में हासन ने कहा कि भारत को भारतीय और ग्लोबल, दोनों तरह के प्रोवाइडर्स का स्वागत करना चाहिए, जो भी दूर-दराज के इलाकों के लिए सबसे प्रैक्टिकल और किफायती ‘लास्ट-माइल सॉल्यूशन’ दे सके।

भारत के संचार मंत्रालय ने इस सुझाव को खारिज कर दिया कि देश का रेगुलेटरी फ्रेमवर्क भेदभावपूर्ण है। गुरुवार को जारी एक बयान में मंत्रालय ने कहा, “सोशल मीडिया पर सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेवाओं के लिए भारत के रेगुलेटरी फ्रेमवर्क की निष्पक्षता के बारे में एक पोस्ट शेयर किया जा रहा है, जिसमें यह सुझाव दिया गया है कि इसे भेदभावपूर्ण तरीके से लागू किया जा रहा है। सरकार ने सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेवाओं सहित सभी टेलीकम्युनिकेशन सेवाओं के लिए एक निष्पक्ष और भेदभाव-रहित ऑथराइजेशन फ्रेमवर्क लागू किया है।”

Amitabh Bachchan: दिल्ली HC ने अमिताभ बच्चन के पर्सनैलिटी राइट्स मामले में दिया बड़ा निर्देश, कहा- व्यक्तिगत रूप से पेश हों एक्टर

Amitabh Bachchan: अमिताभ बच्चन के पर्सनैलिटी राइट्स (व्यक्तित्व अधिकारों) से जुड़े मामले में एक नया मोड़ आया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने बिग बी से कहा है कि अगर वह इस केस को आगे बढ़ाना चाहते हैं तो उन्हें खुद कोर्ट में पेश होना होगा। जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव की बेंच ने अमिताभ बच्चन और दूसरे पक्षों को 16 नवंबर तक अपना समझौता फाइनल करने का समय दिया है।

यह निर्देश तब दिया गया जब उन्होंने कोर्ट को बताया कि वे कुछ प्रतिवादियों (डिफेंडेंट्स) के साथ किसी समझौते पर पहुंच गए हैं। 2022 में कोर्ट ने एक ‘एक्स-पार्टे’ (एकतरफा) आदेश के जरिए अमिताभ बच्चन के पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा की थी। उनके वकील ने जरूरी औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए और समय मांगा था, लेकिन अब कोर्ट ने निर्देश दिया है कि अगर समझौता फाइनल नहीं होता है और अमिताभ बच्चन केस को आगे बढ़ाना चाहते हैं तो उन्हें खुद कोर्ट में पेश होना होगा।

HT की रिपोर्ट के अनुसार कोर्ट ने अपने आदेश में कहा- “समय दे दिया गया है। मामले को 16.11.2026 को लिस्ट किया जाए। अगर समझौता नहीं होता है या समझौता अधूरा रहता है और वादी किसी भी दावे या मुद्दे पर मुकदमा आगे बढ़ाना चाहता है तो उसे सुनवाई की अगली तारीख पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहना होगा। इससे कोर्ट को ‘कोड ऑफ सिविल प्रोसीजर, 1908’ के ‘ऑर्डर X नियम 2’ और ‘ऑर्डर V नियम 3’, तथा ‘भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023’ की धारा 168 के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करने में मदद मिलेगी।”

बिग बी के पर्सनैलिटी राइट्स (व्यक्तित्व अधिकारों) के मामले के बारे में

2022 में, मशहूर वकील हरीश साल्वे ने बच्चन की ओर से हाई कोर्ट में मुकदमा दायर किया था, जिसमें उन्होंने अपने नाम, तस्वीर, आवाज़ और व्यक्तित्व से जुड़ी विशेषताओं की सुरक्षा की मांग की थी। जस्टिस नवीन चावला ने कहा, “वादी को अपूरणीय नुकसान और क्षति होने की संभावना है। कुछ गतिविधियां उन्हें बदनाम भी कर सकती हैं। इन बातों को ध्यान में रखते हुए एकतरफा अंतरिम आदेश (ex parte ad interim order) पारित किया जाता है।”

जस्टिस चावला ने आगे कहा-“इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि वादी (बच्चन) एक मशहूर हस्ती हैं और कई विज्ञापनों में भी दिखाई देते हैं। वादी इस बात से नाराज हैं कि प्रतिवादी उनकी अनुमति या अधिकार के बिना अपने सामान और सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए उनकी सेलिब्रिटी हैसियत का इस्तेमाल कर रहे हैं। शिकायत पर विचार करने के बाद मेरी राय है कि प्रथम दृष्टया (prima facie) मामला बनता है और सुविधा का संतुलन भी उनके पक्ष में है।”

मुकदमे में कहा गया था कि मोबाइल एप्लिकेशन डेवलपर्स अमिताभ बच्चन के नाम का इस्तेमाल गैर-कानूनी तरीके से लॉटरी चलाने के लिए कर रहे थे, जबकि अन्य लोग उनकी तस्वीर वाली टी-शर्ट बेच रहे हैं।

अमिताभ बच्चन के बारे में और जानकारी

अमिताभ बच्चन ने 1969 में ‘सात हिंदुस्तानी’ फिल्म से एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा, जिसमें उन्होंने कवि अनवर अली की भूमिका निभाई थी। इसके बाद के वर्षों में वे ‘रेशमा और शेरा’, ‘परवाना’, ‘संयोग’ और ‘बंसी बिरजू’ जैसी फिल्मों में नजर आए, जिनमें से कई व्यावसायिक रूप से असफल रहीं। ‘आनंद’ (1971) और ‘बॉम्बे टू गोवा’ (1972) में उनके अभिनय ने उन्हें एक ऐसे अभिनेता के रूप में स्थापित किया जिन पर नजर रखी जानी चाहिए।

यूपी का शख्स मुंबई में नाई का काम करके हर महीने कमाता है करीब 1 लाख रुपये, हफ्ते में 6 दिन करता है मेहनत

भारत में सरकारी नौकरी को अक्सर सुरक्षित भविष्य और अच्छी जिंदगी की गारंटी माना जाता है। लेकिन मुंबई में काम करने वाले उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ निवासी एक नाई की कहानी इस सोच से अलग नजर आती है। दावा है कि वह महीने में करीब 1 लाख रुपये कमाता है। दिलचस्प बात यह है कि इतनी कमाई के बावजूद वह एंट्री-लेवल सरकारी नौकरी मिलने पर भी अपना मौजूदा काम छोड़ना नहीं चाहता।

लेखक और फंड मैनेजर हर्ष गुप्ता मधुसूदन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस नाई के साथ हुई बातचीत साझा की। उनकी पोस्ट के मुताबिक, नाई हफ्ते में छह दिन सुबह से रात तक काम करता है। यात्रा के बुनियादी खर्च निकालने के बाद उसकी मासिक कमाई करीब एक लाख रुपये बताई गई है।

मेहनत और आजादी को मानता है अपनी सबसे बड़ी पूंजी

हर्ष के मुताबिक, बातचीत के दौरान नाई ने कहा कि काम करने और मेहनत करने वालों के लिए अवसरों की कमी नहीं है। वह अपने काम को पसंद करता है और इसमें मिलने वाली आजादी उसके लिए अहम है। यही वजह है कि वह सरकारी नौकरी के बजाय अपना मौजूदा काम जारी रखना चाहता है।

उसकी कहानी ने रोजगार को लेकर एक दिलचस्प सवाल खड़ा किया है क्या अच्छी कमाई और संतुष्टि के लिए सरकारी नौकरी ही एकमात्र रास्ता है? हालांकि, एक व्यक्ति का अनुभव पूरे रोजगार बाजार की तस्वीर नहीं बताता।

आजमगढ़ से लखनऊ तक का सफर हुआ आसान, विकास से खुश है परिवार

बातचीत में उत्तर प्रदेश के विकास का जिक्र भी आया। हर्ष के अनुसार, नाई ने बताया कि पहले उसके गांव से लखनऊ पहुंचने में 7-8 घंटे लगते थे। अब बेहतर सड़कों के कारण उतने ही समय में आना-जाना संभव हो गया है, वह भी रास्ते में चाय और खाने के लिए रुकने के बाद।

नाई ने देश में हुए विकास कार्यों पर खुशी जताई। उसने बताया कि गांव में उसके परिवार को कुछ सरकारी योजनाओं का लाभ मिला है, हालांकि शहर में ऐसा लाभ नहीं मिला।

टैक्स भरने पर गर्व, बेटे की पढ़ाई पर भी ध्यान

इस कहानी का एक और पहलू उसकी पारिवारिक जिंदगी है। हर्ष के मुताबिक, नाई की कमाई से टैक्स कटता है और वह गर्व के साथ इनकम टैक्स रिटर्न भी दाखिल करता है। कई बार उसे रिफंड भी मिलता है।

उसका एक छोटा बेटा है, जिसे वह निजी प्री-स्कूल में पढ़ाता है। उसकी पत्नी भी कमाई में योगदान देती थी, लेकिन फिलहाल बच्चे की देखभाल के लिए काम से ब्रेक पर है।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस, क्या हर किसी के लिए ऐसे अवसर हैं?

पोस्ट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ यूजर्स ने नाई की मेहनत और आत्मनिर्भरता की तारीफ की। वहीं, कुछ ने सवाल उठाया कि क्या एक नाई के लिए हर महीने एक लाख रुपये कमाना आम बात है। कुछ लोगों ने इस कमाई के दावे की तुलना दूसरे शहरों में नाइयों की आमदनी से भी की।

दूसरी ओर, कुछ यूजर्स ने कहा कि एक व्यक्ति की सफलता को देश में रोजगार की पूरी स्थिति का प्रमाण नहीं माना जा सकता। उन्होंने शिक्षित युवाओं के रोजगार, शिक्षा की गुणवत्ता और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दे भी उठाए।

हर्ष ने अपनी पोस्ट के अंत में व्यंग्य करते हुए लिखा कि उनका मन नाई से कहने का हुआ कि वह भारत और अपनी जिंदगी को लेकर इतनी सकारात्मक सोच छोड़कर सोशल मीडिया पर देश की नाकामियों के बारे में पढ़े, लेकिन वह ऐसा कह नहीं सके।

इस कहानी का असली पहलू यही है कि जहां कुछ लोग सरकारी नौकरी को सफलता मानते हैं, वहीं कुछ के लिए अपने काम में कमाई, संतुष्टि और आजादी ज्यादा मायने रखती है।

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)

छोटे भाई का अंतिम संस्कार मेरा इंतजार कर रहा है, ट्रेन लेट मत करना… पैसेंजर ने की भावुक अपील तो रेलवे ने दिया ये जवाब

Delhi Traffic Advisory Today: जंतर-मंतर प्रदर्शन पर दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन, उन 31 पॉइंट्स की लिस्ट जहां ट्रैफिक डायवर्जन लागू

नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार 10 अक्टूबर को प्रस्तावित बड़े विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस और ट्रैफिक पुलिस ने राजधानी भर में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा बुलाए गए इस प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि यह बिना अनुमति का प्रदर्शन है, इसलिए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 30 से अधिक प्रमुख स्थानों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया जाएगा।

शनिवार सुबह 6:00 बजे से ही ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था लागू कर दी गई है। अगर आप आज दिल्ली की सड़कों, विशेषकर मध्य दिल्ली और लुटियंस जोन की तरफ निकलने वाले हैं, तो ट्रैफिक पाबंदियों और डायवर्जन पॉइंट्स की यह पूरी सूची जरूर देख लें।

इन 31 प्रमुख जगहों पर प्रभावित रहेगा ट्रैफिक, लागू होगा डायवर्जन

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी के अनुसार, स्थिति और भीड़ के दबाव को देखते हुए शहर की इन 31 प्रमुख जगहों और उनसे जुड़ी सड़कों पर आवाजाही रोकी जा सकती है या ट्रैफिक का मार्ग बदला जा सकता है:

शंकर रोड गोलचक्कर–वंदे मातरम ‘टी’ पॉइंट (नई दिल्ली की ओर)

धौला कुआं फ्लाईओवर

झंडेवालान गोलचक्कर

पंचकुइयां गोलचक्कर

मंडी हाउस गोलचक्कर

डॉ. दिनेश नंदिनी डालमिया चौक (डब्ल्यू-पॉइंट)

राम चरण अग्रवाल चौक (ए-पॉइंट)

मिंटो रोड / दीनदयाल उपाध्याय मार्ग

गुरु नानक चौक

चेम्सफोर्ड रोड पर कनॉट प्लेस आउटर सर्कल टी-पॉइंट

भैरों रोड पर एमजी मार्ग (रिंग रोड) टी-पॉइंट

लोधी रोड फ्लाईओवर

नीला गुंबद गोलचक्कर

मदरसा टी-पॉइंट

सम्राट होटल गोलचक्कर

सरदार पटेल मार्ग–पंचशील मार्ग क्रॉसिंग

भीकाजी कामा प्लेस अंडरपास

मोती बाग फ्लाईओवर अंडरपास

रिंग रोड–सैन मार्टिन मार्ग टी-पॉइंट

अशोका रोड–जंतर मंतर रोड गोलचक्कर

विंडसर पैलेस गोलचक्कर

टॉलस्टॉय–जनपथ क्रॉसिंग

रेल भवन गोलचक्कर

जय सिंह रोड–संसद मार्ग क्रॉसिंग

कनॉट प्लेस आउटर सर्कल–बाराखंबा रोड टी-पॉइंट

गोल डाक खाना गोलचक्कर

पटेल चौक गोलचक्कर

जय सिंह रोड–अशोका रोड टी-पॉइंट

आरएमएल (RML) अस्पताल गोलचक्कर

कनॉट प्लेस आउटर सर्कल–संसद मार्ग टी-पॉइंट

सेंट्रल दिल्ली और लुटियंस जोन से जुड़ने वाले अन्य मुख्य रास्ते

दिल्ली मेट्रो के 45 स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट बंद

सड़क ट्रैफिक के अलावा सार्वजनिक परिवहन पर भी बड़ा असर पड़ा है। सुरक्षा कारणों के चलते दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने भी 9 अक्टूबर रात 9:00 बजे से 10 अक्टूबर शाम 6:00 बजे तक दिल्ली मेट्रो के 45 प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों के प्रवेश और निकास को बंद रखने की घोषणा की है। हालांकि बंद स्टेशनों पर मेट्रो बदलने की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

बिना जरूरी काम के निकलने से बचें, स्टेशन और एयरपोर्ट जाने वाले रखें अतिरिक्त समय

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने आम जनता और यात्रियों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जो लोग नई दिल्ली, सेंट्रल दिल्ली या आसपास के रास्तों से होकर रेलवे स्टेशनों, अंतरराज्यीय बस अड्डों (ISBT) या आईजीआई (IGI) एयरपोर्ट जाने वाले हैं, वे घर से अतिरिक्त समय लेकर निकलें ताकि जाम में फंसने की स्थिति में फ्लाइट या ट्रेन न छूटे। जिन इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन या पुलिस की बैरिकेडिंग लागू है, वहां बेहद जरूरी काम न होने पर जाने से बचें। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि ग्राउंड पर स्थिति के हिसाब से पाबंदियों में ढील दी जाएगी या उन्हें सख्त किया जाएगा।

कैसे चेक करें दिल्ली ट्रैफिक का पल-पल का अपडेट?

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने यात्रियों की सहूलियत के लिए रियल-टाइम अपडेट पाने के आधिकारिक माध्यम भी साझा किए हैं। यात्री सड़क पर निकलने से पहले इन प्लेटफॉर्म्स पर जाकर वैकल्पिक रास्तों की जानकारी ले सकते हैं:

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व्हाट्सएप नंबर: 8750871493

ट्रैफिक हेल्पलाइन: 1095 / 011-25844444

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