CJP protest LIVE: दिल्ली में आज भी सख्ती, मेट्रो और ट्रेन सेवाएं बहाल, दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को किया गया रिहा

CJP protest LIVE: दिल्ली में आज भी सख्ती, मेट्रो और ट्रेन सेवाएं बहाल, दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को किया गया रिहा

CJP Protest : abhijit dipke, saurab das, ashutosh ranka detained

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में रविवार को भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है। पुलिस ने जंतर-मंतर को सील रखा है और राजधानी की सीमाओं पर बैरिकेडिंग जारी है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने रविवार सुबह 6 बजे से 30 स्थानों पर वाहनों को डायवर्ट करने की व्यवस्था की है। हालांकि, मेट्रो और रेल सेवाओं पर लगी पाबंदियां हटा दी गई हैं और सेवाएं सामान्य रूप से बहाल कर दी गई हैं।

CJP की कानूनी प्रमुख रत्ना सिंह के मुताबिक, पार्टी के नेताओं अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को रविवार को दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने के बाद रिहा कर दिया गया। इन नेताओं को एहतियातन हिरासत में लिया गया था। शिंदे ने कहा कि सरकार को लगा था कि अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लेने के बाद प्रदर्शनकारी पीछे हट जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा।

 

नेताओं की हिरासत के बावजूद CJP ने आंदोलन जारी रखने की बात कही है। समूह की ओर से आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए नामित अजिंक्य शिंदे ने कहा कि प्रदर्शनकारी रविवार को फिर जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश करेंगे।

 

CJP नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार दूसरे दिन आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। इससे पहले शनिवार को दिल्ली में करीब 7,000 लोगों को हिरासत में लिए जाने का अनुमान है। सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुप्रीम कोर्ट में भी एक याचिका पर विशेष सुनवाई प्रस्तावित है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि अधिकारियों ने मेट्रो और ट्रेन सेवाएं पूरी तरह बंद करके अदालत के आदेश की अवहेलना की।

 

 

AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा ने भी शनिवार देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि रविवार को दिल्ली के किसी दूसरे हिस्से को भी जंतर-मंतर में बदल दिया जाएगा।

 

दिल्ली में 40 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात

 

प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में 40,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी। इनमें 26,000 अतिरिक्त जवान शामिल थे। रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी 2020 के बाद दिल्ली में यह सबसे बड़ी सुरक्षा तैनाती थी।

 

पुलिस रविवार को प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पर जुटने या नई दिल्ली जिले में प्रवेश करने से रोकने की कोशिश करेगी। अधिकारियों के अनुसार, हालात के मुताबिक प्रमुख सड़कों पर आवाजाही नियंत्रित की जाएगी। पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवान स्थिति सामान्य होने तक तैनात रहेंगे। शनिवार के प्रदर्शन का निर्धारित स्थल जंतर-मंतर अब भी बंद रखा गया है। यहां तक कि पत्रकारों के प्रवेश पर भी रोक लगाई गई। प्रवेश और निकास के तीन स्थानों पर हिंदी और अंग्रेजी में लाउडस्पीकर से चेतावनी दी जा रही है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत सभाओं, जुलूसों और सड़क जाम करने पर लगाई गई पाबंदियां अगले आदेश तक जारी रहेंगी।

 

दिल्ली की सीमाओं पर बैरिकेडिंग, 30 जगहों पर ट्रैफिक डायवर्जन

 

हरियाणा और उत्तर प्रदेश से लगती दिल्ली की सीमाओं पर पुलिस ने चिल्ला, गाजीपुर, अप्सरा और सिंघु बॉर्डर पर दो स्तर की बैरिकेडिंग की है। इन स्थानों पर स्थानीय पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती रविवार को भी जारी रहेगी।

 

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, रविवार सुबह 6 बजे से शनिवार की तरह 30 स्थानों पर वाहनों को वैकल्पिक रास्तों की ओर भेजा जाएगा। यह व्यवस्था मौके की स्थिति को देखते हुए लागू रहेगी।

 

इसलिए दिल्ली में यात्रा करने वाले लोगों को सलाह है कि वे घर से निकलने से पहले अपने रास्ते की स्थिति जांच लें और अतिरिक्त समय लेकर चलें।

 

मेट्रो और ट्रेन सेवाएं सामान्य, सभी स्टेशन के गेट खुले

 

दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने शनिवार रात करीब 10 बजे सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि सभी मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार फिर से खोल दिए गए हैं।

 

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, रेल सेवाओं पर लगाई गई पाबंदियां केवल शनिवार तक लागू थीं। रविवार को मेट्रो और ट्रेन सेवाएं सामान्य रूप से बहाल कर दी गई हैं। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए यात्रियों को स्टेशन पहुंचने से पहले मेट्रो और रेलवे की आधिकारिक जानकारी जांचने की सलाह दी जाती है।

 

सोमवार को INDIA गठबंधन का प्रदर्शन

 

दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला सोमवार को भी जारी रह सकता है। INDIA गठबंधन ने सोमवार को अलग प्रदर्शन का ऐलान किया है। विपक्ष के वरिष्ठ नेता सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालकर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और निर्वाचन आयोग से जुड़े मामलों की जल्द सुनवाई की मांग करेंगे। इस बीच, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को शनिवार को दक्षिण एवेन्यू में तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर मौन प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। उन्हें पुलिस वैन से द्वारका ले जाया गया। ममता बनर्जी ने कहा कि राहुल गांधी ने उनसे सोमवार के मार्च के लिए दिल्ली में रुकने को कहा था।