Oppo ColorOS 17 की लॉन्च डेट कन्फर्म, Enco X4 ईयरबड्स और Pad Mini टैबलेट भी जल्द होंगे लॉन्च

अगर आप Oppo स्मार्टफोन इस्तेमाल करते हैं, तो अगले हफ्ते आपके लिए एक बड़ी खबर आने वाली है। कंपनी भारत में अपना नया सॉफ्टवेयर ColorOS 17 पेश करने जा रही है, जो Android 17 पर आधारित होगा। इस नए सॉफ्टवेयर से जुड़े फीचर्स जानने के लिए यूजर्स को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि भारत में इसे ग्लोबल लॉन्च के दिन ही पेश किया जाएगा।

खास बात यह है कि Oppo की आने वाली Find X10 सीरीज कंपनी की पहली स्मार्टफोन सीरीज होगी, जिसमें ColorOS 17 पहले से ही इंस्टॉल मिलेगा। इसके अलावा, कंपनी ने भारत में Enco X4 ट्रू वायरलेस ईयरबड्स और Oppo Pad Mini टैबलेट को लॉन्च करने के भी संकेत दिए हैं। ये दोनों डिवाइस पहले ही चीन में लॉन्च हो चुके हैं।

ColorOS 17 भारत में लॉन्च डेट

Oppo ने एक प्रेस रिलीज में आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि ColorOS 17 भारत में 13 अक्टूबर को लॉन्च किया जाएगा। यह लॉन्च इसके ग्लोबल रोलआउट के साथ ही होगा, जो सुबह 11 बजे CEST (दोपहर 2:30 बजे IST) के लिए तय किया गया है। यह लेटेस्ट सॉफ्टवेयर Android 17 पर आधारित है और इसे सितंबर में पेश किया गया था। Find X10 सीरीज, जो जल्द ही भारत में लॉन्च होने वाली है, देश में ColorOS 17 के साथ आने वाली Oppo की पहली स्मार्टफोन लाइनअप होगी।

Oppo ने भारत में Oppo Enco X4 TWS ईयरबड्स और Oppo Pad Mini के आने का टीजर जारी किया है। हालांकि, कंपनी ने नए ईयरफोन और टैबलेट की रिलीज की सही तारीख का खुलासा नहीं किया है।

Oppo India ने X पर एक प्रमोशनल पोस्टर शेयर किया है, जिसमें Enco X4 ईयरबड्स और Oppo Pad Mini टैबलेट की झलक दिखाई गई है। पोस्टर में ईयरबड्स को सफेद रंग में दिखाया गया है। इसके साथ ‘Built for Studios, Tuned for You’ टैगलाइन दी गई है। इससे यह भी पुष्टि होती है कि ईयरबड्स को ऑडियो ब्रांड Dynaudio के साथ मिलकर तैयार किया गया है। वहीं, Oppo Pad Mini में स्टायलस सपोर्ट मिलेगा। कंपनी ने इसके ‘मैट डिस्प्ले एडिशन’ होने की भी पुष्टि की है।

Oppo Enco X4 को चीन में CNY 1,199 (लगभग 17,100 रुपये) की कीमत पर लॉन्च किया गया था। इन ईयरफोन में डुअल ड्राइवर हैं, जिनमें 11mm का डायनामिक वूफर और 6mm का प्लैनर ट्वीटर शामिल है, जिन्हें Dynaudio के साथ मिलकर ट्यून किया गया है। ईयरफोन में अडैप्टिव एक्टिव नॉइज कैंसिलेशन (ANC) की सुविधा है और दावा किया गया है कि ये बिना केस के 13 घंटे तक और चार्जिंग केस के साथ कुल 53 घंटे तक की बैटरी लाइफ देते हैं। इनमें IP55 डस्ट और वॉटर रेजिस्टेंस की सुविधा भी है।

चीन में Oppo Pad Mini की शुरुआती कीमत CNY 3,699 (करीब 51,000 रुपये) रखी गई है। इस टैबलेट में 8.8 इंच की AMOLED डिस्प्ले दी गई है, जो 144Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करती है। इससे स्क्रीन पर स्क्रॉलिंग और वीडियो देखने का अनुभव बेहतर हो सकता है।

परफॉर्मेंस के लिए इसमें Snapdragon 8 Gen 5 प्रोसेसर दिया गया है। वहीं, टैबलेट में 8,000mAh की बैटरी मिलती है, जो 67W वायर्ड फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। हालांकि, भारत में इसकी कीमत और लॉन्च डेट को लेकर कंपनी ने अभी आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।

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नंदीग्राम में BJP का रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन, हासी रानी रथ ने 1,22,800 वोटों से मारी बाजी

Nandigram Bypoll Results: पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर बीजेपी ने ऐसी बाजी मारी, जिसने पुराने चुनावी रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। दरअसल, पार्टी की उम्मीदवार हासी रानी रथ ने उपचुनाव में 1,22,800 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की हैं। ​​उनकी इस जीत से मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की नंदीग्राम में राजनीतिक पकड़ और मजबूत हो गई है।

हासी रानी रथ ने जीत के अंतर के मामले में सुवेंदु अधिकारी का पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है। अधिकारी ने 2016 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट से 82,000 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। जबकि इस बार बीजेपी उम्मीदवार ने उससे कहीं ज्यादा अंतर से जीत हासिल की।

जीत के बाद शुक्रवार को राज्य सचिवालय नबन्ना में सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि उन्हें पहले से ही हासी रानी रथ की बड़ी जीत का भरोसा था। उन्होंने बताया, “जब मैं नंदीग्राम में चुनाव प्रचार कर रहा था, तब मैंने सभी से कहा था कि हासी रानी रथ यहां 82,000 वोटों के मेरे जीत के अंतर को भी पार कर जाएंगी।”

रथ की जीत को अधिकारी ने बताया ऐतिहासिक

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में, अधिकारी ने रथ को ऐतिहासिक और रिकॉर्ड तोड़ने वाली जीत के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह नतीजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास के एजेंडे और बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व में वोटरों के भरोसे को दिखाता है।

उन्होंने इस नतीजे को पश्चिम बंगाल में बीजेपी के कामकाज पर मुहर बताया और पार्टी के विकास के एजेंडे की तुलना अपने विरोधियों के कुशासन और अव्यवस्था से की। उन्होंने इस जीत का श्रेय पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं और संगठनात्मक नेतृत्व को भी दिया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं ने लगातार प्रचार किया और जमीनी स्तर पर मेहनत की, जिसका फायदा पार्टी को मिला।

बता दें कि यह उपचुनाव इसलिए कराना पड़ा क्योंकि सुवेंदु अधिकारी ने भवानीपुर विधानसभा सीट अपने पास रखने के लिए नंदीग्राम सीट छोड़ दी थी। हासी रानी रथ के बेटे चंद्रनाथ रथ मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी थे।

फिलहाल, इस नतीजे से नंदीग्राम में बीजेपी की स्थिति मजबूत हुई है। यह सीट 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद से पश्चिम बंगाल की राजनीति में काफी अहम रही है। उस चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी को नंदीग्राम सीट पर हराया था।

रेजीनगर विधानसभा सीट पर भी बीजेपी ने दर्ज की जीत

इसके अलावा, रेजीनगर विधानसभा सीट पर भी बीजेपी ने बड़ी जीत दर्ज की। पार्टी के उम्मीदवार शंखराव सरकार को 1,29,914 वोट मिले, उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी AJUP के गुलाम नबी आजाद उर्फ रॉबिन को 75,816 वोटों के बड़े अंतर से हराकर इतिहास रच दिया। गुलाम नबी आजाद को 54,098 वोट मिले।

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न सेटअप बिगड़ा, न मार्केट चकमा दिया… फिर भी एक ही दिन में गंवा दिए ₹61 लाख! गलती ऐसी की हैरान रह जाएंगे आप

Stock Market Viral Story: शेयर बाजार के F&O सेगमेंट से एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां एक ट्रेडर को न तो खराब टेक्निकल चार्ट्स की वजह से नुकसान हुआ और न ही बाजार की चाल ने उसे चकमा दिया, बल्कि एक छोटी सी चूक की वजह से उसके ₹61 लाख साफ हो गए।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मयंक राज नाम के इस ट्रेडर ने अपनी आपबीती साझा करते हुए लिखा, ‘मैंने कभी नहीं सोचा था कि देर तक सो जाना मुझे इतना महंगा पड़ जाएगा।’ दरअसल, 9 अक्टूबर को समय पर नींद न खुलने की वजह से वे अपना स्टॉप-लॉस नहीं लगा सके और एक झटके में उनका लाखों की पोजीशन लाल निशान में चला गया।

मयंक ने अपनी पोस्ट में बताया कि, ‘कल मैंने कॉल ऑप्शंस शॉर्ट किए थे, लेकिन आज सुबह मैं समय पर नहीं उठ सका। जब मैं आखिरकार उठा और अपनी ओपन पोजीशन चेक की, तो मुझे बहुत बड़ा नुकसान हो चुका था। यह नुकसान मेरे ट्रेड सेटअप की गलती से ज्यादा अनुशासन की कमी के कारण हुआ। अगर मैं समय पर उठ जाता, तो अपने तय स्टॉप-लॉस के अनुसार ₹15-20 लाख के आसपास नुकसान सीमित करके बाहर निकल जाता।’

कैसे हुआ नुकसान और कैसे रिकवर हुए 10 लाख?

ट्रेडर ने अपने X अकाउंट पर अपने ट्रेडिंग डैशबोर्ड का एक स्क्रीनशॉट भी शेयर किया, जिसमें 13 अक्टूबर की एक्सपायरी वाले Nifty 22,000 Call को शॉर्ट करने पर ₹71 लाख का घाटा दिखाई दे रहा था। वैसे उसने उसी एक्सपायरी के Nifty 22,500 Call को खरीदकर ₹10 लाख का मुनाफा कमाया, जिससे उसका कुल शुद्ध नुकसान घटकर ₹61 लाख रह गया।

मयंक ने आगे लिखा, ‘लेकिन कोई बात नहीं। मैंने पिछले हफ्ते कुछ अच्छा मुनाफा कमाया था, हालांकि इस नुकसान ने अब मेरे अक्टूबर महीने के कुल P&L को लाल निशान में धकेल दिया है। देखते हैं बाकी महीना कैसा रहता है। अब मेरा ध्यान धीरे-धीरे रिकवरी करने, अनुशासित रहने और अक्टूबर को हरे निशान में बंद करने पर होगा। मैं अपनी यह यात्रा आपके साथ साझा करता रहूंगा।’

सोशल मीडिया पर नेटीजंस ने दी ये सलाह

इस पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स की भारी प्रतिक्रिया देखने को मिली। कई यूजर्स और अनुभवी ट्रेडर्स ने मयंक को भविष्य में BTST ट्रेड्स से बचने की सलाह दी। यूजर्स ने कहा कि ओवरनाइट पोजीशन ले जाते समय सिस्टम में पहले से स्टॉप लॉस सेट कर देना चाहिए, ताकि खुद मौजूद न रहने पर भी भारी नुकसान से बचा जा सके। एक X यूजर ने लिखा कि 8 अक्टूबर को जब निफ्टी 1.5% गिरा था, तब इतने निचले स्तर पर मार्केट को शॉर्ट करना ही एक बड़ी गलती थी।

9 अक्टूबर को कैसी रही बाजार की चाल

भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार, 9 अक्टूबर को बढ़त के साथ बंद हुए और पिछले 25 वर्षों में अपनी सबसे लंबी साप्ताहिक गिरावट की श्रृंखला को तोड़ दिया। Nifty 50 1.3% की बढ़त के साथ 22,520.45 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं Sensex 1.23% उछलकर 72,472.33 के स्तर पर पहुंचा।

बाजार में इस रिकवरी की मुख्य वजह आईटी (IT) शेयर रहे। दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के मजबूत तिमाही नतीजों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कमाई में बढ़ोतरी और अंतरराष्ट्रीय कारोबार में मजबूत वृद्धि ने शेयर बाजार की बढ़त की कमान संभाली।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

PF Withdrawal: पीएफ से पैसा निकालने के नियमों में बड़ा बदलाव! EPFO ने TDS छूट के लिए इस फॉर्म को घोषित किया अमान्य

EPF Withdrawal Rules Change: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की तरफ से एक बड़ा अपडेट सामने आया है। EPFO ने महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी करते हुए बताया है कि टैक्स वर्ष 2026-27 से EPF निकासी पर TDS छूट का दावा करने के लिए अब फॉर्म 15G और फॉर्म 15H मान्य नहीं होंगे। पीएफ अंशधारकों को अब इनकम-टैक्स एक्ट, 2025 के तहत TDS छूट का दावा करने के लिए फॉर्म 121 जमा करना अनिवार्य होगा।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए EPFO ने कहा, ‘EPF TDS छूट का दावा करने के लिए फॉर्म 15G या 15H अब मान्य नहीं है। टैक्स वर्ष 2026-27 से आयकर अधिनियम, 2025 के अनुसार फॉर्म 121 जमा करके ही TDS छूट का दावा किया जा सकता है।’

पहले क्या थे प्रावधान?

किंग स्टब्ब एंड कासिवा एडवोकेट्स एंड अटॉर्नीज के पार्टनर आदित्य भट्टाचार्य के अनुसार, इससे पहले निवासी करदाताओं को अपनी उम्र और पात्रता के आधार पर फॉर्म 15G या फॉर्म 15H में से किसी एक को चुनना होता था:

फॉर्म 15G: 60 वर्ष से कम आयु के उन व्यक्तियों के लिए था जिनकी अनुमानित कुल आय कर योग्य सीमा से कम होती थी।

फॉर्म 15H: 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए था।

EPF सदस्यों के लिए सबसे बड़ा बदलाव यह है कि ये दोनों फॉर्म अब टैक्स वर्ष 2026-27 से TDS छूट के लिए अमान्य कर दिए गए हैं। नतीजतन, अगर कोई सदस्य अब EPF विथड्रॉल के लिए फॉर्म 15G या 15H जमा करता है, तो उसे TDS कटने से नहीं रोका जा सकेगा।

क्या बदला है और क्या नहीं?

फॉर्म 15G और 15H से हटाकर एकल फॉर्म 121 को लागू करना केवल एक प्रक्रियात्मक सरलीकरण है, न कि किसी नए टैक्स की शुरुआत। आयकर अधिनियम, 2025 जो 1 अप्रैल 2026 से लागू हुआ है, योग्य निवासी करदाताओं को धारा 393(6) के तहत एक समेकित घोषणापत्र जमा करने की अनुमति देता है, जब उन्हें उम्मीद हो कि उस वर्ष के लिए उनकी कुल कर देनदारी शून्य होगी।

आदित्य भट्टाचार्य ने इस पर विस्तार से समझाते हुए कहा, ‘यह स्पष्ट रूप से समझना आवश्यक है कि फॉर्म 121 क्या करता है। यह आपकी निकासी को अपने-आप टैक्स-फ्री नहीं बनाता है। यह केवल एक पात्र व्यक्ति को जिसकी वर्ष के लिए अनुमानित कुल आय पर कोई टैक्स नहीं बनता, यह अनुरोध करने की अनुमति देता है कि स्रोत पर टैक्स (TDS) न काटा जाए।

यह पूरी तरह से वैकल्पिक है और अनिवासियों या ऐसे लोगों के लिए उपलब्ध नहीं है जिन पर वास्तव में टैक्स बनता है। इसके अलावा, EPFO के निर्देशों के तहत एक वैध पैन कार्ड होना अनिवार्य है; बिना पैन के जमा किया गया घोषणापत्र अमान्य माना जाएगा। इसलिए सदस्यों को इसे जमा करने से पहले अपनी पात्रता की जांच कर लेनी चाहिए।’

EPFO का नया ऑनलाइन सिस्टम और यूनिक नंबर

EPFO ने अपने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों को प्राप्त होने वाले प्रत्येक फॉर्म 121 के लिए एक यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर जारी करने और ऑनलाइन सबमिशन व ई-साइनिंग की सुविधा प्रदान करने का निर्देश दिया है।

टैक्स विशेषज्ञों का मानना है कि इन कदमों से TDS रिपोर्टिंग अधिक पारदर्शी, सटीक और ट्रैसेबल बनेगी। उनकी सलाह है कि पीएफ से पैसा निकालने की योजना बना रहे सदस्यों को कटौतियों का इंतजार करने और फिर रिफंड का दावा करने के बजाय, शुरुआत से ही नए फॉर्म 121 का उपयोग करना चाहिए।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

बेंगलुरु में कुक को हर महीने देती हैं ₹8,000, खाना भी औसत! महिला ने बताया आखिर किस चीज के लिए देती हैं पैसे

आज के दौर में लोग पैसे देकर सिर्फ सुविधाएं नहीं, बल्कि अपना कीमती समय भी बचाना चाहते हैं। बेंगलुरु की एक महिला की पोस्ट ने इसी बदलती सोच को सामने ला दिया है। उन्होंने बताया कि दो लोगों के लिए घर पर खाना बनाने वाला कुक रखने का खर्च हर महीने 7 से 8 हजार रुपये तक पहुंच जाता है। इसके बावजूद खाने का स्वाद हमेशा लाजवाब नहीं होता। फिर भी लोग यह खर्च उठाने को तैयार हैं।

आखिर जब खाने की क्वालिटी पर सवाल है, तो कुक रखने के लिए हर महीने इतनी बड़ी रकम क्यों दी जा रही है? महिला की बात ने शहरों में रहने वाले नौकरीपेशा लोगों की जिंदगी और उनकी प्राथमिकताओं पर दिलचस्प चर्चा छेड़ दी है।

दो लोगों के लिए कुक की फीस 8 हजार रुपये तक

बेंगलुरु में रहने वाली मेघा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि दो लोगों के घर में खाना बनाने वाले कुक की फीस लगभग 7,000 से 8,000 रुपये प्रति माह हो सकती है। कुक आमतौर पर दिन में दो बार घर आता है, सब्जियां काटता है, दो तरह के व्यंजन बनाता है और फिर दूसरे घर में काम करने निकल जाता है। रविवार को उसकी छुट्टी रहती है।

मेघा के मुताबिक, यह व्यवस्था शहर में रहने वाले उन लोगों के लिए आम है, जो नौकरी और दूसरी जिम्मेदारियों के कारण रोजाना खाना बनाने के लिए पर्याप्त समय नहीं निकाल पाते।

प्रेशर कुकर में बनता है सबकुछ, स्वाद को लेकर भी शिकायत

मेघा ने अपनी पोस्ट में खाना बनाने के तरीके पर भी टिप्पणी की। उनके मुताबिक, दाल, आलू, सोया और यहां तक कि चिकन बनाने में भी प्रेशर कुकर का खूब इस्तेमाल होता है। ऐसे में खाने का स्वाद कई बार औसत रह जाता है।

उन्होंने यह भी कहा कि मनपसंद स्वाद पाने के लिए कुक को बार-बार अपनी पसंद समझानी पड़ सकती है। वहीं, स्वाद बढ़ाने के लिए ज्यादा तेल और मसालों का इस्तेमाल भी परेशानी बन सकता है।

हालांकि, मेघा की यह टिप्पणी उनके निजी अनुभव पर आधारित है। हर कुक का खाना बनाने का तरीका और स्वाद अलग हो सकता है।

जब खाना औसत है, तो लोग आखिर पैसे क्यों दे रहे हैं?

मेघा की पोस्ट का सबसे दिलचस्प पहलू यही है। उन्होंने महसूस किया कि लोग हर महीने हजारों रुपये सिर्फ स्वादिष्ट खाने के लिए नहीं देते, बल्कि दिन में दो बार खाना बनाने की चिंता से छुटकारा पाने के लिए भी खर्च करते हैं।

हर दिन क्या बनाना है, सब्जियां कब काटनी हैं, खाना कब तैयार करना है और रसोई की जिम्मेदारी कैसे संभालनी है इन सवालों से बचने के लिए लोग कुक पर निर्भर रहते हैं। यानी कई लोगों के लिए यह खर्च स्वाद से ज्यादा समय और सुविधा खरीदने जैसा है।

सोशल मीडिया पर छिड़ी चर्चा, लोगों ने भी रखी अपनी राय

मेघा की पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ यूजर्स ने माना कि घरेलू मदद की कीमत चुकाना आसान नहीं, लेकिन कई बार परिस्थितियों के चलते ऐसा करना जरूरी हो जाता है।

एक यूजर ने कहा कि लोग रोजाना रसोई से जुड़े फैसलों से आजादी पाने के लिए पैसे खर्च करते हैं। वहीं, एक अन्य यूजर ने तर्क दिया कि घर का बना खाना स्वाद में भले ही हमेशा बेहतरीन न हो, लेकिन कई बार डिलीवरी ऐप से मंगाए गए खाने के मुकाबले बेहतर विकल्प हो सकता है।

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Nana Patekar News: जानें क्यों सूर्यास्त के बाद नाना पाटेकर को दी गई मुखाग्नि, बेटे मल्हार ने बताई पूरी बात

Nana Patekar News: दिवंगत एक्टर नाना पाटेकर के बेटे मल्हार पाटेकर ने बताया कि एक्टर का अंतिम संस्कार सूर्यास्त के बाद क्यों किया गया। परंपरा के अनुसार सूर्यास्त के बाद अंतिम संस्कार नहीं किया जाता है। अंतिम संस्कार के बाद मल्हार पाटेकर ने मीडिया से बात की और बताया कि परिवार और उनका पार्थिव शरीर गोवा में था। लंबी यात्रा के कारण उन्हें उनके फार्महाउस तक लाने में कुछ समय लग गया।

उन्होंने यह भी बताया कि एक्टर का निधन सुबह जल्दी हो गया था और काफी समय बीत चुका था। इसलिए पार्थिव शरीर को लंबे समय तक रखना ठीक नहीं था। गुरुवार को पुणे जिले के डोंजे स्थित उनके फार्महाउस पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ एक्टर का अंतिम संस्कार किया गया। एक्टर को 3-गन सैल्यूट दिया गया।

उन्होंने दिवंगत एक्टर की समाज सेवा की विरासत को आगे बढ़ाने के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा- “उनके जैसे लोग कहीं नहीं जाते। वे अपने कामों के जरिए हमेशा जीवित रहते हैं और अमर हो जाते हैं। वे हमेशा हमसे एक बात कहते थे कि हमें मानवता के लिए एकजुट होना चाहिए और दुनिया की बेहतरी के लिए काम करना चाहिए। हमारा समाज सेवा का काम महाराष्ट्र और पूरे भारत (जम्मू-कश्मीर सहित) में फैला हुआ है। हम शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में वहां अपना सारा समाज सेवा का काम कर रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “उन्होंने उन सभी लोगों को जिम्मेदारियां सौंप दी थीं, जो इसके हकदार थे। उन्होंने बहुत सारा काम उन लोगों को सौंप दिया था जो उसे बखूबी निभा सकते थे।” वह सब कुछ नए सिरे से शुरू करना चाहते थे और अपनी जिंदगी ऐसी जगह बिताना चाहते थे जहां उनसे समाज सेवा की उम्मीद हो। मैं पक्का करूंगा कि जो भी काम अधूरे रह गए हैं वे पूरे हों। लोगों के लिए काम करना उनके और मेरे दोनों के सपने हैं।

दिवंगत एक्टर के दोस्त और फिल्म इंडस्ट्री के लोग… जिनमें जैकी श्रॉफ, डायरेक्टर अनिल शर्मा, अनीस बज़्मी और प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला नाना पाटेकर के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए डोंजे गांव पहुंचे। दिवंगत आत्मा को विदाई देने के लिए भारी भीड़ भी उमड़ी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी मुंबई रवाना होने से पहले पुणे एयरपोर्ट पर नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि दी। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे श्रद्धांजलि देने के लिए एक्टर के पुणे स्थित फार्महाउस पहुंचे।

नाना पाटेकर का गोवा में 75 साल की उम्र में निधन हो गया। एक्टर को कार्डियक अरेस्ट हुआ था। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने लगभग 45 मिनट तक CPR और रिससिटेशन की कोशिश की। हालांकि अस्पताल पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

इंडियन फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने लोगों ने एक्टर के निधन पर शोक व्यक्त किया और सोशल मीडिया के ज़रिए अपनी संवेदनाएं जाहिर कीं। बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज़ सेक्शन में लिखा, “नानाaaaa… रेस्ट इन पीस भाऊ”।

सलमान के साथी सुपरस्टार अजय देवगन ने भी इस दिग्गज एक्टर के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने X (पहले ट्विटर) पर अपनी फिल्म ‘अपहरण’ का एक सीन शेयर किया। उन्होंने एक लंबा नोट भी लिखा और दिवंगत एक्टर की दमदार मौजूदगी की तारीफ की। उन्होंने लिखा, “बहुत कम लोग हमें नाना की तरह खुश, दुखी और गुस्से का एहसास करा पाए। उनकी मौजूदगी दमदार थी, उनकी एक्टिंग यादगार थी और अब उनकी कमी बहुत खलेगी। रेस्ट वेल, नाना। ओम शांति”।

हूती मिसाइल ने रियाद एयरपोर्ट को बनाया निशाना, Air India Express और Akasa Air ने रद्द की उड़ानें

रियाद एयरपोर्ट के आसपास हुए धमाकों के बाद सऊदी अरब की राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। हालात को देखते हुए Air India Express और Akasa Air ने गुरुवार को रियाद से आने-जाने वाली अपनी उड़ानें रद्द कर दीं। इससे यात्रियों की यात्रा पर भी असर पड़ा है।

उड़ानें रद्द किए जाने के पीछे यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों का एक दावा भी सामने आया है। हूती विद्रोहियों ने कहा है कि उन्होंने रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाया था।

इस बीच, हूतियों के खिलाफ लड़ रहे सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि उसने राजधानी की ओर दागी गई दो मिसाइलों को रोक दिया है। हालांकि, हूती विद्रोहियों की ओर से किए गए इस दावे की तत्काल स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

Air India Express ने रियाद की उड़ानें रोकीं

रियाद में बिगड़ते सुरक्षा हालात के बीच Air India Express ने 10 अक्टूबर तक रियाद से आने-जाने वाली अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं। एयरलाइन ने इसके पीछे क्षेत्र में तेजी से बदलती स्थिति को वजह बताया है।

एयरलाइन ने कहा कि उड़ानें रद्द होने से प्रभावित यात्रियों को मुफ़्त में यात्रा की तारीख बदलने (रीशेड्यूलिंग) या बुकिंग रद्द करने पर पूरा रिफंड पाने का विकल्प दिया जाएगा।

बता दें कि यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब सुरक्षा से जुड़ी ताजा घटना के बाद किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ान सेवाओं में फिर से रुकावट आई है।

आकासा एयर ने कोच्चि-रियाद सेवाएं रद्द कीं

आकासा एयर ने 8 अक्टूबर को होने वाली अपनी QP 523 कोच्चि-रियाद और QP 524 रियाद-कोच्चि फ्लाइट्स भी रद्द कर दीं।

एयरलाइन ने कहा कि फ्लाइट रद्द होने से प्रभावित यात्री या तो पूरा रिफंड ले सकते हैं या बिना किसी अतिरिक्त खर्च के अपनी यात्रा का समय बदल सकते हैं।

आकासा एयर ने कहा कि वह स्थिति पर लगातार नजर रख रही है और आगे किसी भी बदलाव के बारे में यात्रियों को जानकारी देगी। उसने यह भी कहा कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा और भलाई उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

रियाद एयरपोर्ट ने यात्रियों को फ्लाइट का स्टेटस चेक करने की सलाह दी

किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने यात्रियों से कहा है कि वे एयरपोर्ट आने से पहले अपनी एयरलाइन से संपर्क करें और अपनी फ्लाइट का स्टेटस चेक कर लें।

यह सलाह गुरुवार को रियाद में कई धमाकों की आवाज सुनाई देने और एयरपोर्ट के पास एक बड़े धमाके की खबर के बाद जारी की गई। एक चश्मदीद ने ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ को बताया कि फ्लाइट्स रोक दी गईं और यात्रियों से एयरपोर्ट से बाहर निकलने को कहा गया।

एयरपोर्ट ने ‘X’ पर एक बयान में कहा: “हम यात्रियों को बताना चाहते हैं कि एयरपोर्ट आने से पहले वे सीधे अपनी एयरलाइन से संपर्क करें और अपनी फ्लाइट का स्टेटस चेक कर लें।”

हूतियों ने बैलिस्टिक मिसाइल हमले का दावा किया

हूती मिलिट्री के प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा कि उनके ग्रुप ने दोपहर के समय किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाया और दावा किया कि मिसाइल “अपने निशाने पर लगी”।

हालांकि, सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि उसकी सेना ने रियाद की ओर दागी गई दो मिसाइलों को रोक दिया। वहीं, सऊदी अधिकारियों ने तुरंत इस बात की पुष्टि नहीं की कि हूती मिसाइल एयरपोर्ट से टकराई है।

यह ताजा घटना इस हफ्ते सऊदी एयरपोर्ट्स पर हुए हूती हमलों की कड़ी में एक और घटना है। सऊदी अधिकारियों ने बताया कि किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और आभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमलों में तीन लोगों की मौत हो गई और 36 अन्य घायल हो गए।

रियाद एयरपोर्ट पर पहले से ही उड़ानें प्रभावित

ताजा हमले ने किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहले से चल रही दिक्कतों को और बढ़ा दिया है। ‘द नेशनल’ के मुताबिक, गुरुवार को दर्जनों उड़ानों पर असर पड़ा। एक समय पर 58 उड़ानें देर से चलीं और 11 उड़ानें रद्द कर दी गईं।

इस स्थिति ने सऊदी एयरस्पेस से गुजरने वाली इंटरनेशनल एयरलाइंस के लिए भी बड़ी चिंताएं पैदा कर दी हैं, क्योंकि हूती और सऊदी-नेतृत्व वाली सेनाओं के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है।

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JAS Tensei: The NSX reborn by JAS Motorsport

JAS Tensei: The NSX reborn by JAS Motorsport
JAS Tensei

There are few cars that changed the supercar world quite like the original Honda NSX. It proved that a mid-engined exotic could be fast, reliable, approachable and, crucially, enjoyable without trying to intimidate its driver. More than three decades later, JAS Motorsport has taken that philosophy and given it a thoroughly modern interpretation.

Meet the JAS Tensei. Tensei translates roughly to “rebirth” in Japanese, and the name neatly captures what JAS is attempting here. This isn’t simply an NSX restoration, nor is it a cosmetic restomod. JAS has taken the first-generation NSX as its starting point and re-engineered the car with modern materials, motorsport know-how and a new body designed by Pininfarina. And there will be just 35 examples.

But first, Who is JAS?

Launched in 1995, JAS Motorsports was named after its founders Paolo Jasson, Maurizio Ambrogetti and Giorgio Schön. They have been the official partner for Honda since 1998 and have since developed race cars for various competitions with successful results in touring car championships.

JAS Tensei: Exterior design 

Look at the Tensei from a distance and the connection to the original NSX is immediately apparent. The proportions remain familiar, as do several of the visual cues that defined Honda’s icon. But the details are considerably more modern.

The body is constructed entirely from carbon fibre, allowing JAS to alter the car’s dimensions and surfaces while keeping weight under control. Pininfarina was responsible for the design, bringing an Italian interpretation to a fundamentally Japanese concept. It is an interesting collaboration because Pininfarina already has history with the NSX story. The company was involved with Honda’s HP-X concept, which preceded the production NSX.

The result is therefore less a replica and more an alternate evolution of the original car — essentially asking what the NSX might have looked like had its development continued into the modern era.

The front bumper is sculpted to guide air under the car and out of the massive duct in the bonnet. The pop-up headlamps have been retained but now feature LED treatment. The wiper covers have also been redesigned and in fact the only part that has been untouched is the roof. The A and B pillars are more raked and the wheels have gone up by a massive 4 inches. 15s and 16s on the NSX are now 19s and 20s on the Tesei. Interestingly the door handle with the NSX badge is also carried over. Low down you will spot the iconic Pininfarina badge that we are used to seeing on Ferraris. 

At the rear the integrated spoiler has been reworked with slight changes to the panels so as to improve airflow. The diffuser is carbon fibre and the exhausts are massive too. Like the original NSX, the tail lamps are stretched across the width and now hey 3D effect for the LED strips. Overall, it is a resto mod done to perfection. Just enough modern touches without skewing it from the iconic design.

JAS Tensei: interior and features 

Inside the size of the cabin is identical to the original NSX, although there are updates all around. There’s a new sporty steering wheel, digital drivers display and sports seats. However, there is a full configurator available to spec your Tensei to your liking. The seat upholstery and paints can be customised along with brake calliper colours and wheels. A pleasant surprise is the centre console that does away with a massive tablet as per current trends and instead features a modest touchscreen with the climate control switchgear similar to the NSX. Pininfarina wanted to ensure none of the essence of the NSX was lost in an attempt to modernise the cabin

JAS Tensei: Powertrain and specs 

Perhaps the most significant decision sits behind the cabin. The Tensei retains a naturally aspirated V6, rather than adopting the turbocharging or hybrid assistance that has become almost mandatory for modern supercars.

The 3.5-litre V6 has been extensively re-engineered with Judd Power, the British motorsport engineering specialist. The work goes considerably beyond simply increasing displacement or fitting a louder exhaust. The engine gets a billet crankshaft, forged lightweight pistons and connecting rods, individual throttle bodies, upgraded cooling and revised ignition and engine management systems. There are also new headers and an exhaust system designed to give the engine a more immediate and visceral character. The result is 420hp, with the engine capable of revving to 8,500rpm.

Those figures may not sound extraordinary in an era of 1,000hp hybrid hypercars, but that misses the point of Tensei. JAS isn’t chasing an enormous power-to-headline ratio. Instead, the emphasis is on response, linearity and the connection between throttle, engine and driver.

The other big piece of the puzzle is the gearbox. The Tensei uses a six-speed manual transmission and remains rear-wheel drive. That combination, together with the naturally aspirated V6, is perhaps the clearest indication of what JAS wants this car to feel like. The objective isn’t to overwhelm the driver with acceleration figures; it is to make every interaction with the car feel mechanical and deliberate. 

The chassis has been extensively revised as well, with bespoke suspension components, revised geometry, upgraded bearings and uprights, enhanced anti-roll bars and KW dampers with electronically controlled damping. There is also a hydraulic front-axle lift system, while forged aluminium wheels measure 19 inches at the front and 20 inches at the rear.

JAS has taken one of the most important analogue supercars ever made and asked how its fundamental qualities could be preserved in 2026. It’s a carbon-bodied, naturally aspirated, manual, rear-wheel-drive supercar with an 8,500rpm redline. And that makes the Tensei interesting for reasons that go far beyond its rarity. It is effectively a reminder that performance isn’t necessarily about making a car faster in every measurable way. Sometimes it is about making the driver feel more involved.

Motorsport without turning it into a race car

This is where JAS’s background becomes particularly important. JAS Motorsport has spent decades developing Honda competition cars, and that experience forms the foundation of the Tensei programme. But the challenge here is fundamentally different from building a race car. A race car can sacrifice refinement, usability and longevity in pursuit of lap time. A road-going supercar cannot.

Tensei therefore represents an interesting middle ground: motorsport-derived engineering, but applied to a car designed to be driven on the road. The engine is built and tested by Judd Power before returning to JAS in Italy, where each car undergoes further testing and validation.

JAS Tensei: Super exclusive 

JAS plans to build only 35 Tenseis, each individually specified by its owner. Production takes place at JAS Motorsport’s facility near Milan, with the car bringing together Japanese engineering heritage, British motorsport expertise and Italian design.

It is an unusual combination, but perhaps that’s exactly what makes the Tensei so compelling. The original NSX was unusual because Honda approached the supercar formula from a completely different direction.

Three decades later, JAS is doing something remarkably similar. It isn’t trying to build the most powerful supercar. It is trying to build the most involving interpretation of an icon. And if the original NSX was Honda’s idea of what a supercar should be, the Tensei is JAS Motorsport’s answer to what that idea could become today.

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Apple Watch Series 11 पर मिल रहा डिस्काउंट

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इसके अलावा, हेल्थ ट्रैकिंग के लिए, Watch Series 11 में ECG, Irregular Rhythm Notifications और नींद की क्वालिटी बताने वाला नया ‘Sleep Score’ फीचर दिया गया है। इसमें हाइपरटेंशन नोटिफिकेशन्स की सुविधा भी है, जो ऑप्टिकल हार्ट सेंसर के डेटा का इस्तेमाल करके यह मॉनिटर करते हैं कि यूजर की blood vessels दिल की धड़कनों पर कैसी प्रतिक्रिया देती हैं। यह फीचर 30 दिनों की अवधि में इस डेटा का विश्लेषण करता है और अगर हाइपरटेंशन से जुड़े संकेत मिलते हैं, तो यूजर्स को अलर्ट कर सकता है।

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Amazon Great Indian Festival 2026: फेस्टिव सीजन में अगर आपका पुराना लैपटॉप अब स्लो हो गया है या काम, पढ़ाई और एंटरटेनमेंट के लिए नया लैपटॉप लेने का प्लान बना रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। Amazon की Great Indian Festival 2026 सेल में कई बड़े ब्रांड्स के लैपटॉप पर शानदार ऑफर्स और डिस्काउंट मिलने वाले हैं। ऐसे में नया लैपटॉप खरीदने के लिए यह समय काफी अच्छा हो सकता है।

इस सेल में HP, Dell, ASUS और Lenovo जैसे लोकप्रिय ब्रांड्स के कई लैपटॉप शामिल हैं। खास बात यह है कि अलग-अलग बजट और जरूरत के हिसाब से कई मॉडल मिल जाएंगे। चाहे आपको ऑफिस के काम के लिए लैपटॉप चाहिए, पढ़ाई के लिए या फिर मूवी, वेब सीरीज और रोजाना इस्तेमाल के लिए, Amazon की सेल में कई विकल्प मौजूद हैं।

आइए जानते हैं Amazon Great Indian Festival 2026 में मिलने वाली कुछ ऐसी लैपटॉप डील्स के बारे में, जिन पर आपकी नजर जरूर होनी चाहिए।

Amazon Great Indian Festival Sale 2026 में लैपटॉप पर बेहतरीन डील्स

  1. Lenovo IdeaPad 1 AMD Ryzen 5 5500U

अगर आप रोजाना के काम के लिए हल्का और पतला लैपटॉप खरीदना चाहते हैं, तो Lenovo IdeaPad 1 आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। Amazon Great Indian Festival 2026 सेल में यह लैपटॉप 54,990 रुपये की डिस्काउंट कीमत पर उपलब्ध होगा।

इसमें 15.6 इंच का बड़ा HD डिस्प्ले, 8GB RAM और 512GB SSD स्टोरेज मिलता है। इसके अलावा, यह लैपटॉप AMD Ryzen 5 प्रोसेसर से लैस है। इन स्पेसिफिकेशन्स के साथ इसका इस्तेमाल इंटरनेट ब्राउजिंग, ऑफिस के काम, ऑनलाइन क्लास, मूवी-वेब सीरीज देखने और हल्की गेमिंग के लिए आसानी से किया जा सकता है।

  1. Asus Vivobook 16

Asus Vivobook, जो ₹1,26,990 की MRP के बजाय ₹68,990 की खास कीमत पर मिल रहा है। इस डिवाइस में Snapdragon X प्रोसेसर, 16GB RAM और 512GB SSD है। इसमें 16-इंच की बड़ी डिस्प्ले है और यह ज्यादा से ज्यादा 300 निट्स की ब्राइटनेस देता है। Vivobook 16 का वजन लगभग 1.88 kg है, इसमें 180-डिग्री ले-फ्लैट हिंज है और साथ ही वेबकैम के लिए एक फिजिकल प्राइवेसी शील्ड भी दी गई है।

  1. HP OmniBook 5

HP OmniBook 5 में 16GB LPDDR5X RAM और 512GB SSD है। इसमें AMD Ryzen AI 5 340 प्रोसेसर लगा है, जिसमें 12 कोर और 16MB L3 कैश है। गेमिंग या ग्राफिक्स से जुड़े दूसरे कामों के लिए, इस लैपटॉप में AMD Radeon 840M ग्राफिक्स और Copilot+ PC के जरिए 50 TOPS AI क्षमता भी मिलती है। इसके 16-इंच के 2K WUXGA डिस्प्ले की ब्राइटनेस 300-निट्स है और इसमें कई कनेक्टिविटी ऑप्शन दिए गए हैं। यह लैपटॉप अब 56,490 रुपये की प्रभावी कीमत पर उपलब्ध है।

  1. Lenovo IdeaPad Slim 3X

Lenovo IdeaPad Slim 3X एक और लैपटॉप है जो उन स्टूडेंट्स और प्रोफेशनल्स के लिए है, जो स्क्रीन साइज और आसानी से कहीं भी ले जाने की सुविधा (पोर्टेबिलिटी) के बीच सही तालमेल चाहते हैं। इसमें Snapdragon X प्रोसेसर, 16GB RAM और 512GB SSD है। इस वजह से यह AI से जुड़े कामों के लिए बहुत अच्छा है। साथ ही, इस लैपटॉप में 15.3-इंच का WUXGA डिस्प्ले है और इसका वजन लगभग 1.55kg है। सेल के दौरान, यह 62,990 रुपये की खास कीमत पर मिलेगा, जबकि इसकी MRP 99,990 रुपये है।

  1. Apple MacBook Neo

Apple MacBook Neo रोजाना के काम, प्रोडक्टिविटी और मनोरंजन के लिए एक बेहतरीन एंट्री-लेवल लैपटॉप है। इसमें 13-इंच का Liquid Retina डिस्प्ले है और यह A18 Pro चिप पर चलता है। इस लैपटॉप में 8GB यूनिफाइड मेमोरी और 256GB SSD स्टोरेज है, जो ब्राउजिंग और कंटेंट देखने के लिए एक अच्छा सेटअप देता है। इसका हल्का डिजाइन और macOS का अनुभव इसे स्टूडेंट्स और ऑफिस में काम करने वालों के लिए सही बनाता है। MacBook Neo इस सेल के दौरान 75,000 रुपये से कम कीमत में उपलब्ध होगा।

  1. Lenovo ThinkBook 16

Lenovo ThinkBook 16, जिसमें AMD Ryzen 5 7535HS प्रोसेसर, 8GB DDR5 RAM और 512GB SSD स्टोरेज है, अब 63,200 रुपये की कम कीमत पर उपलब्ध है। इसमें 16-इंच का WUXGA IPS डिस्प्ले, बैकलिट कीबोर्ड और फिंगरप्रिंट रीडर भी है। साथ ही, मजबूती के मामले में, इस लैपटॉप में हल्के वजन वाला एल्युमीनियम चेसिस है जो MIL-STD-810H मिलिट्री-ग्रेड ड्यूरेबिलिटी देता है। कनेक्टिविटी के लिए, लैपटॉप में कई पोर्ट्स हैं और यह एक दिन की बैटरी लाइफ देता है।

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