अकेले कचरे से भरी नदी साफ करने वाले ‘बिट्टू तबाही’ की बदली किस्मत, डच CEO ने दिया नौकरी का ऑफर

मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा के 20 वर्षीय सुरेंद्र सिंह चौधरी, जिन्हें सोशल मीडिया पर ‘Bittu Tabahi’ के नाम से पहचान मिली है, इन दिनों अपनी मेहनत के कारण सुर्खियों में हैं। सुरेंद्र ने कचरे से भरी अजनार नदी की सफाई का बीड़ा खुद उठाया और कई महीनों तक लगातार वहां से प्लास्टिक, गंदगी और जमा मलबा हटाते रहे। उनके इस काम के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिसके बाद उनकी कोशिशों की चर्चा दूर तक पहुंची। अब उनकी इसी पहल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान खींचा है।

नीदरलैंड की पर्यावरण संस्था The Ocean Cleanup के संस्थापक और CEO बॉयन स्लैट ने सोशल मीडिया पर सुरेंद्र के काम को देखते हुए उन्हें अपने साथ काम करने का सीधा ऑफर दिया है। इस खबर के सामने आने के बाद सुरेंद्र की कहानी को लेकर सोशल मीडिया पर लोग उत्साहित हैं। एक छोटे से शहर का यह युवा अब नदी सफाई के अपने जुनून के कारण वैश्विक मंच तक पहुंचने की ओर बढ़ रहा है।

सोशल मीडिया पोस्ट पर CEO ने कहा- हमारे साथ काम करो

अजनार नदी की सफाई के दौरान सुरेंद्र के काम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। एक यूजर ने X पर उनकी तस्वीरों के साथ पोस्ट शेयर की, जिसमें नदी की सफाई से पहले और बाद की तस्वीरें दिखाई गई थीं।

पोस्ट पर बॉयन स्लैट की नजर पड़ी। उन्होंने बिना ज्यादा कुछ कहे सीधे लिखा, “Come work for us.”

डच के CEO का यह छोटा-सा जवाब सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया।

लोगों ने कहा- जिंदगी का सबसे बड़ा मौका

बॉयैन स्लैट के ऑफर के बाद यूजर्स ने सुरेंद्र को बधाई देना शुरू कर दिया। कई लोगों ने इसे उनके लिए शानदार अवसर बताया। एक यूजर ने लिखा कि उम्मीद है यह ऑफर गंभीर है और सुरेंद्र को यह मौका जरूर हासिल करना चाहिए।

दूसरे यूजर ने इसे ‘ऑफर ऑफ ए लाइफटाइम’ तक बता दिया।

कौन हैं Bittu Tabahi?

सुरेंद्र सिंह चौधरी ब्यावरा, राजगढ़, मध्य प्रदेश से आते हैं। उनके सोशल मीडिया वीडियो में उन्हें अजनार नदी से प्लास्टिक, कचरा, गंदगी और जमा हुआ मलबा खुद निकालते देखा जा सकता है।बताया जाता है कि उन्होंने इस सफाई अभियान की शुरुआत जनवरी में की थी। लगातार मेहनत के बाद नदी के एक हिस्से का पूरा रूप बदल गया और वहां जमा कचरा काफी हद तक साफ हो गया।

सफाई अभियान में अपनी जेब से लगाए पैसे

एक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के मुताबिक, सुरेंद्र अब तक इस सफाई अभियान पर करीब ₹30,000 खर्च कर चुके हैं। यानी सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने से पहले उन्होंने इस काम में अपना समय, मेहनत और पैसा लगाया।

आनंद महिंद्रा भी कर चुके हैं तारीफ

सुरेंद्र के काम की चर्चा इससे पहले उद्योगपति आनंद महिंद्रा तक भी पहुंच चुकी है। उन्होंने मार्च में सोशल मीडिया पर सुरेंद्र की तारीफ करते हुए कहा था कि अगर सोशल मीडिया पर मिलने वाले ‘लाइक्स’ किसी अच्छे काम की वजह बनते हैं, तो इसमें कोई बुराई नहीं है।

उन्होंने सुरेंद्र को अपनी #MondayMotivation पोस्ट का हिस्सा भी बनाया था।

कौन हैं बॉयन स्लैट?

बॉयैन स्लैट नीदरलैंड के इनोवेटर और उद्यमी हैं और The Ocean Cleanup के संस्थापक हैं। उनकी संस्था समुद्रों और नदियों में जमा प्लास्टिक को हटाने के लिए तकनीकी समाधान विकसित करती है।

संस्था का लक्ष्य 2040 तक समुद्र में मौजूद तैरते प्लास्टिक का 90 फीसदी हिस्सा हटाना है। ऐसे में नदी की सफाई में जुटे एक युवा भारतीय को खुद CEO की ओर से मिला ऑफर उसके काम की अंतरराष्ट्रीय पहचान के तौर पर देखा जा रहा है।

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Bank Strike: हफ्ते में 5 दिन वर्किंग पर नहीं बनी बात, 11 सितंबर को बैंक हड़ताल तय! आगे भी कई दिन कामकाज रहेगा प्रभावित

Bank 5-day Work Week: अगर आपको बैंक से जुड़ा कोई भी जरूरी काम करना है, तो उसे पहले ही निपटा लें। क्योंकि सितंबर और अक्टूबर में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल होने वाली है। बैंक कर्मचारियों की हड़ताल के कारण कई दिनों तक बैंक का काम प्रभावित हो सकता है। बता दें हफ्ते में 5 दिन वर्किंग की मांग को लेकर बैंक कर्मचारी यूनियनों और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन के बीच बातचीत बेनतीजा रही। 4 सितंबर को हुई बैठक में इस मुद्दे पर कोई सहमति नहीं बन पाई। इसके बाद यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने साफ किया कि वह 11 सितंबर 2026 को होने वाली प्रस्तावित देशव्यापी बैंक हड़ताल को फिलहाल टाल नहीं सकता। ऐसे में बैंकिंग सेवाओं पर इसका असर पड़ने की आशंका बनी हुई है।

पोस्ट कर दी जानकारी

UFBU ने X पर एक पोस्ट के जरिए बताया कि “UFBU और IBA के बीच 4 सितंबर को हुई बैठक किसी सकारात्मक नतीजे तक नहीं पहुंच सकी। संगठन के मुताबिक, पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था, भेदभावपूर्ण PLI और अन्य लंबित मुद्दों पर अब तक समाधान नहीं हो पाया है। ऐसे में 11 सितंबर को होने वाली देशव्यापी बैंक हड़ताल के आह्वान को टालने का फिलहाल कोई कारण नहीं है।”

बैंक हड़ताल की तारीखें

  • 11 सितंबर, 2026: एक दिन की देशव्यापी बैंक हड़ताल
  • 28-30 सितंबर, 2026: तीन दिन की देशव्यापी बैंक हड़ताल
  • 26 अक्टूबर, 2026 से: अनिश्चितकालीन देशव्यापी हड़ताल

मीटिंग में क्या हुआ

UFBU के अनुसार, हड़ताल के नोटिस में उठाई गई मांगों पर चर्चा करने के लिए IBA ने बैंक यूनियनों के प्रतिनिधियों को बैठक के लिए बुलाया था। IBA ने यूनियनों से हड़ताल का फैसला टालने और बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान निकालने की अपील की। हालांकि, UFBU का कहना है कि इन मुद्दों पर काफी समय से चर्चा चल रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है। इसी वजह से यूनियनों को हड़ताल टालने का कोई मजबूत आधार नजर नहीं आ रहा है।

क्या है मांग

बैकों में 5 दिन वर्किंग लागू करने का प्रस्ताव बैंक कर्मचारियों के कामकाजी दिनों में बदलाव से जुड़ा है। बैकों में 5 दिन वर्किंग लागू होने पर दूसरे और चौथे शनिवार को छोड़कर बाकी सभी शनिवार को बैंक बंद रहेंगे। इसके बदले बैंक कर्मचारी सोमवार से शुक्रवार तक रोज करीब 40 मिनट ज्यादा काम करेंगे, ताकि ग्राहकों को बैंकिंग सेवाएं मिलने के समय में ज्यादा कमी न हो। यह प्रस्ताव IBA और बैंक यूनियनों के बीच 8 मार्च 2024 को हुए समझौते और जॉइंट नोट का हिस्सा है। यूनियनों का कहना है कि इस प्रस्ताव को सरकार की मंजूरी के लिए भेजे काफी समय हो गया है, लेकिन अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है। इसलिए UFBU सरकार से इसे जल्द मंजूरी देकर लागू करने की मांग कर रहा है।

PLI को लेकरय उठाए सवाल

बैंक यूनियनों ने वरिष्ठ अधिकारियों के लिए बनाई गई नई PLI (परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव) व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। UFBU का कहना है कि पहले IBA के साथ तय हुआ था कि PLI बैंक के पूरे प्रदर्शन के आधार पर मिलेगा और स्केल VII तक सभी कर्मचारियों व अधिकारियों के लिए इंसेंटिव के दिन बराबर होंगे। लेकिन नई व्यवस्था में अधिकारियों के अलग-अलग स्तर के लिए अलग नियम बनाए गए हैं। इसके तहत स्केल IV और उससे ऊपर के अधिकारियों को अधिकतम 365 दिनों तक का PLI मिल सकता है, जबकि स्केल III तक के अधिकारियों के लिए यह सीमा सिर्फ 15 दिन है। यूनियनों का मानना है कि यह अंतर सही नहीं है और इस योजना को लागू करने से पहले उनसे बातचीत होनी चाहिए।

लोगों को हो सकती है परेशानी

अगर बैंक यूनियनों और IBA के बीच कोई समझौता नहीं होता है, तो 11 सितंबर को प्रस्तावित बैंक हड़ताल हो सकती है। इससे बैंक की शाखाओं में कामकाज प्रभावित हो सकता है और ग्राहकों को कुछ जरूरी कामों के लिए परेशानी हो सकती है। लेकिन, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और ATM जैसी सेवाएं चलती रह सकती हैं। इन सेवाओं पर असर अलग-अलग बैंकों में अलग हो सकता है।

Mirzapur The Movie X Review: पंकज त्रिपाठी, अली फजल और दिव्येंदु ने जीता फैंस का दिल, रवि किशन के मुरीद हुए दर्शक

Mirzapur The Movie X Review: कालीन भैया, गुड्डू पंडित और मुन्ना भैया अपना खास जलवा दिखाने के लिए वापस आ गए हैं! इस बार बड़े पर्दे पर! लंबे इंतजार के बाद, ‘मिर्जापुर द मूवी’ आखिरकार आज (4 सितंबर) सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। पंकज त्रिपाठी, अली फजल और दिव्येंदु जैसे मशहूर कलाकार अमेजन प्राइम वीडियो की सुपरहिट वेब सीरीज वाले अपने किरदारों में ही नजर आ रहे हैं। गुरमीत सिंह के निर्देशन में बनी यह एक्शन-थ्रिलर फिल्म फैन्स को काफी पसंद आ रही है। लोग इसके जबरदस्त पलों और मिर्जापुर के उस पुराने क्रेज की वापसी की तारीफ कर रहे हैं।

सिनेमाघरों में रिलीज हुई ‘मिर्जापुर द मूवी’

पंकज त्रिपाठी, अली फजल और दिव्येंदु की वापसी के साथ, ‘मिर्जापुर: द मूवी’ कहानी को अपने खास अंदाज में आगे बढ़ाती है। रवि किशन भी इस फिल्म की कास्ट में शामिल हुए हैं, जबकि जितेंद्र कुमार, श्वेता त्रिपाठी, रसिका दुगल, हर्षिता गौर और अन्य कलाकार शो वाले अपने किरदारों में ही वापस आए हैं।

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भारत में पहली बार एक लोकप्रिय शो को फीचर फिल्म में बदला गया है ताकि फैन्स को बड़े पर्दे का वह अनुभव मिल सके जिसका वे बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। जबरदस्त चर्चा और शानदार एडवांस बुकिंग के बीच यह फिल्म आखिरकार आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। ‘मिर्जापुर द मूवी’ के रिव्यू आ गए हैं और शुरुआती रिएक्शन से पता चलता है कि फैन्स फिल्म से काफी प्रभावित हैं।

एक यूजर ने ट्वीट किया, “कहानी के अच्छे सेटअप के साथ पहला हाफ ठीक-ठाक है। एक अच्छी बात यह है कि हर किरदार को डेवलप होने में समय दिया गया है। इंटरवल से पहले का हिस्सा इतना अच्छा था कि आप अच्छी उम्मीदों के साथ दूसरे हाफ की ओर बढ़ते हैं।”

एक और रिव्यू में कहा गया- “#मिर्जापुर इस रॉ और जबरदस्त फ्रैंचाइजी को बड़े पैमाने पर मनोरंजन करने वाली एक बड़ी फिल्म में बदल देती है। कालीन_भैया और मुन्ना_भैया का एक साथ सबसे बेरहम और दमदार परफॉर्मेंस दर्शकों पर अपनी छाप छोड़ेगा।”

एक पोस्ट में लिखा था, “मनोरंजन के मामले में ‘मिर्जापुर द मूवी’ कहीं भी पीछे नहीं रहती। पंकज त्रिपाठी का जलवा और बब्बुवा यादव के तौर पर रवि किशन की एंट्री कहानी में तुरंत नई जान डाल देती है, जिससे कहानी को जरूरी पंच और एनर्जी मिलती है।”

MP समेत इन राज्यों में भी बरसेंगे बादल, IMD Weather Forecast- यूपी-दिल्ली-NCR में भारी बारिश का अलर्ट

MP समेत इन राज्यों में भी बरसेंगे बादल, IMD Weather Forecast- यूपी-दिल्ली-NCR में भारी बारिश का अलर्ट

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MD Weather Forecast September 4 : देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 4 सितंबर को उत्तर प्रदेश, दिल्ली-NCR, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक को लेकर चेतावनी जारी की है। कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

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मौसम विभाग के मुताबिक सक्रिय निम्न दबाव वाले सिस्टम के प्रभाव से पूर्वी मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक देखने को मिल सकती है।

 

उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट

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4 सितंबर को उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। प्रदेश में कई स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज और बिजली चमकने की स्थिति बन सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में बारिश का दौर आने वाले दिनों में भी जारी रह सकता है।

 

दिल्ली-NCR में फिर होगी बारिश

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दिल्ली-NCR के लोगों को 4 सितंबर को एक बार फिर बारिश का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने राजधानी और आसपास के इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक का अनुमान जताया है। दिल्ली के अलावा पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी बारिश होने की संभावना है। बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है।

 

मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश

 

मध्य प्रदेश में भी मानसून की सक्रियता बनी रहने की संभावना है। IMD के मुताबिक पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश हो सकती है।

 

पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश में 3 से 5 सितंबर के बीच गरज-चमक और बहुत भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। मध्य प्रदेश के अलावा विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भी 9 सितंबर तक व्यापक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

 

उत्तराखंड और हिमाचल में भी भारी बारिश

 

उत्तराखंड में 4 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के साथ अचानक तेज बारिश होने से स्थानीय स्तर पर परेशानी बढ़ सकती है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रा करने वालों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।

 

बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश

 

बिहार में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी बारिश होने की संभावना है।

 

राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में कैसा रहेगा मौसम?

 

राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पंजाब और हरियाणा में भी बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में बारिश का दौर 9 सितंबर तक अलग-अलग स्थानों पर जारी रह सकता है।

 

दक्षिण भारत में भी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

 

दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। तटीय कर्नाटक और लक्षद्वीप में व्यापक बारिश की संभावना है आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, रायलसीमा और तेलंगाना में गरज-चमक के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

 

4 सितंबर को किन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट?

 

IMD के पूर्वानुमान के अनुसार 4 सितंबर को इन क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है:

 

  • पूर्वी मध्य प्रदेश: भारी से बहुत भारी और कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश
  • पश्चिमी मध्य प्रदेश: भारी से बहुत भारी बारिश
  • पश्चिमी उत्तर प्रदेश: भारी से बहुत भारी बारिश
  • अरुणाचल प्रदेश: भारी से बहुत भारी बारिश
  • जम्मू-कश्मीर: भारी बारिश
  • हिमाचल प्रदेश: भारी बारिश
  • उत्तराखंड: भारी बारिश
  • पंजाब: भारी बारिश
  • हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली: भारी बारिश
  • पूर्वी उत्तर प्रदेश: भारी बारिश
  • पूर्वी राजस्थान: भारी बारिश
  • छत्तीसगढ़: भारी बारिश
  • विदर्भ: भारी बारिश
  • बिहार: भारी बारिश
  • पश्चिम बंगाल और सिक्किम: भारी बारिश
  • असम और मेघालय: भारी बारिश
  • नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: भारी बारिश

सब्जी बेचने से लेकर भारत के लिए 4 गोल्ड मेडल जीतने तक, झारखंड के एथलीट अमरदीप कुमार की कहानी वायरल, हेमंत सोरेन ने किया रिएक्ट

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें झारखंड के रांची में अरगोरा चौक पर एक आदमी सब्ज़ियां बेचता हुआ दिख रहा है। जल्द ही लोगों को पता चला कि यह कोई और नहीं, बल्कि राज्य के थ्रोबॉल खिलाड़ी और गोल्ड मेडलिस्ट अमरदीप कुमार हैं। इंटरनेशनल टूर्नामेंट में भारत के लिए चार गोल्ड मेडल जीतने के बावजूद, 29 साल के यह एथलीट अब गुज़ारा करने और अपने परिवार की मदद के लिए सब्ज़ियां बेच रहे हैं और कैब चला रहे हैं।

ऑनलाइन लोगों का ध्यान खींचने वाले इस वीडियो क्लिप में अमरदीप अपनी दुकान पर बैठे हुए और आस-पास कई तरह की सब्ज़ियां रखे हुए दिखाई दिए। उन्हें ग्राहक को सब्ज़ियां देने से पहले तराज़ू पर उन्हें तौलते हुए देखा गया। चर्चा की खास बात यह थी कि उन्होंने अपनी कामचलाऊ दुकान की दीवार पर अपने गोल्ड मेडल लटका रखे थे।

झारखंड के रहने वाले अमरदीप ने कई इंटरनेशनल थ्रो-बॉल इवेंट्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया है और चार गोल्ड मेडल जीते हैं। हालांकि, इतनी उपलब्धियों के बावजूद, उन्हें सरकारी नौकरी पाने या राज्य से कोई आर्थिक मदद मिलने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा है।

जब से सोशल मीडिया पर यह क्लिप सामने आया है, लोगों ने इस स्थिति पर निराशा जताई है। कुछ लोगों ने इसे “दिल तोड़ने वाला” बताया है, तो कुछ ने सरकार से अपील की है कि वे हर संभव तरीके से उनकी मदद करें। एक यूजर ने पूछा- “दीवार पर गोल्ड मेडल और सड़क किनारे सब्ज़ियां—यह सिर्फ़ दिल तोड़ने वाली तस्वीर नहीं है, यह सिस्टम के लिए एक असहज करने वाला सवाल है। जिस खिलाड़ी ने भारत का प्रतिनिधित्व किया और गोल्ड मेडल जीता, उसे अपनी बुनियादी ज़िंदगी गुज़ारने के लिए संघर्ष नहीं करना चाहिए। जब ​​खिलाड़ी जीतते हैं तो हम जश्न मनाते हैं, लेकिन कैमरे हटने के बाद उनका क्या होता है?”

एक और व्यक्ति ने कहा, “इसीलिए हमें ओलंपिक में ज़्यादा मेडल नहीं मिलते। दुखद स्थिति है।” एक ने कहा कि दुख की बात यह नहीं है कि वह सब्ज़ियां बेच रहे हैं। ईमानदारी से किए गए काम में कुछ भी गलत नहीं है… चिंता की बात यह है कि उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया और गोल्ड मेडल जीते, लेकिन शायद खेल में या अपनी उपलब्धियों के आधार पर करियर बनाने के लिए उनके पास कोई भविष्य का रास्ता नहीं था। समस्या संस्थागत समर्थन की कमी है, न कि नौकरी की,”।

एक अन्य ने कहा कि “सरकार को उनके जैसे लोगों को, जिन्होंने देश के लिए कुछ किया है, कम से कम मासिक सहायता राशि देनी चाहिए, न कि किसी विधायक को निजी कारणों से विधायक बनने के लिए जीवन भर पेंशन देनी चाहिए,।

कौन हैं अमरदीप कुमार?

अमरदीप ने 2015 में मलेशिया में हुई एशियन जूनियर थ्रो-बॉल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर इंटरनेशनल लेवल पर अपनी पहचान बनाई। इसके बाद 2017 में काठमांडू में हुई इंडो-नेपाल थ्रो-बॉल चैंपियनशिप में उन्होंने एक और गोल्ड मेडल जीता। 2019 में, वह उस भारतीय टीम का हिस्सा थे जिसने बेंगलुरु में साउथ एशियन थ्रो-बॉल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था। उनका चौथा इंटरनेशनल गोल्ड मेडल 2026 में रांची में आयोजित साउथ एशियन थ्रो-बॉल चैंपियनशिप के दूसरे एडिशन में मिला।

आज, अमरदीप गुज़ारा करने के लिए सब्ज़ियाँ बेचते हैं और कैब भी चलाते हैं, क्योंकि उनका परिवार कमाई के कई ज़रिया पर निर्भर है। मुश्किलों के बावजूद, वह थ्रो-बॉल खेलना जारी रखे हुए हैं, क्योंकि अक्टूबर 2026 के आखिर में उनके श्रीलंका का प्रतिनिधित्व करने की उम्मीद है।

हालांकि अमरदीप ने 2016 में किसी इनाम या प्रोत्साहन के लिए झारखंड सरकार से संपर्क किया था, लेकिन कैश इनाम और सरकारी नौकरी के लिए उनकी अर्ज़ियाँ अभी भी पेंडिंग हैं। छत्तीसगढ़, हरियाणा और बिहार जैसे राज्यों के उनके कई साथियों को सरकारी नौकरी मिल चुकी है।

CM हेमंत सोरेन ने लिया संज्ञान

अमरदीप की कहानी ऑनलाइन वायरल होने के बाद, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने X पर इस मामले के बारे में पोस्ट किया और खेल विभाग को निर्देश दिया कि वे तुरंत इस मामले का संज्ञान लें और कार्रवाई शुरू करें।

Raghav Chadha SIR Row: ‘दिल्ली वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने की कोशिश’; राघव चड्ढा के पंजाब ड्राफ्ट लिस्ट विवाद में नया मोड़, AAP का बड़ा आरोप

Raghav Chadha SIR Row: पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में अपना नाम ‘शिफ्टेड’ (दूसरी जगह चले गए) बताए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है। चड्ढा ने आरोप लगाया है कि पंजाब की AAP सरकार ने राजनीतिक बदले की भावना से उनका नाम वोटर लिस्ट से हटाया है। वहीं, AAP ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया है कि राघव चड्ढा दिल्ली में अपना नाम वोटर लिस्ट में रजिस्ट्रेशन कराने की कोशिश कर रहे थे।

आम आदमी पार्टी ने अपने पूर्व सहयोगी पर आरोप लगाया कि इसके लिए चड्ढा ने कथित तौर पर बैकडेटेड प्रोसेस” (पुरानी तारीख वाली प्रक्रिया) का सहारा लिया गया। पार्टी का कहना है कि अब चड्ढा अपनी ही स्थिति का ठीकरा AAP और पंजाब सरकार पर फोड़ रहे हैं।

हालांकि, चुनाव आयोग के एक सीनियर अधिकारी ने दिल्ली की वोटर लिस्ट में चड्ढा का नाम शामिल करने के लिए पर्दे के पीछे की किसी भी कोशिश के दावों को खारिज करते हुए पीटीआई से कहा, “ऐसा कोई कदम नहीं उठाया गया और न ही उठाया जा रहा है।” आपको बता दें कि चड्ढा ने अप्रैल में AAP छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) जॉइन की थी।

क्या है पूरा विवाद?

पंजाब में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रोसेस के बाद तैयार की गई वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट में राघव चड्ढा के नाम के आगे “शिफ्टेड” स्टेटस दर्ज किया गया है। पंजाब से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने गुरुवार को कहा कि वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट में उनके नाम के आगे शिफ्टेड (यानी कहीं और चले गए) लिखा गया है। जबकि उनका वोटर ID मोहाली में रजिस्टर्ड है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार राजनीतिक बदले की भावना से चुनावी मशीनरी का इस्तेमाल कर रही है।

X पर एक पोस्ट में चड्ढा ने कहा, “पंजाब में AAP सरकार अब बदले की राजनीति को वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट तक ले आई है। मैं पंजाब से राज्यसभा सांसद हूं और मेरा वोटर ID पंजाब के मोहाली में रजिस्टर्ड है। इसके बावजूद वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट में मेरे नाम के आगे ‘शिफ्टेड’ लिखा गया है।” उन्होंने आरोप लगाया, “यह सिर्फ क्लर्क की गलती नहीं लगती। यह साफ तौर पर राजनीतिक बदले की भावना का मामला है।” चड्ढा ने कहा कि वह SIR गाइडलाइंस के तहत उपलब्ध उपायों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

‘शिफ्टेड किसने मार्क किया’?

चड्ढा ने आगे कहा, “अच्छी बात यह है कि यह सिर्फ एक ड्राफ्ट लिस्ट है, फाइनल वोटर लिस्ट नहीं। ‘दावे और आपत्तियों’ (claims and objections) की प्रक्रिया के दौरान सुधार किए जा सकते हैं, जो अभी चल रही है। फाइनल वोटर लिस्ट अक्टूबर में जारी की जाएगी। मैं पहले से ही SIR गाइडलाइंस के तहत उपलब्ध उपायों का इस्तेमाल करने की प्रक्रिया में हूं।” उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि उन्हें “शिफ्टेड” किसने मार्क किया? इस क्लासिफिकेशन को किसने वेरिफाई किया और ऊंचे लेवल पर इसे किसने मंजूरी दी?

पंजाब अधिकारियों पर लगाया आरोप

उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में पंजाब सरकार के अधिकारी शामिल थे। चड्ढा ने आरोप लगाया, “मुझे ‘शिफ्टेड’ के तौर पर किसने मार्क किया? AAP सरकार के एक अधिकारी ने? उस क्लासिफिकेशन को किसने वेरिफाई किया? फिर से AAP सरकार के ही एक अधिकारी ने…। ऊंचे स्तर पर यह प्रक्रिया किसने पूरी की? एक बार फिर उसी AAP सरकार के एक अधिकारी ने।” उन्होंने दावा किया कि बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) से लेकर राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी तक, पंजाब सरकार के अधिकारी SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिविजन) प्रक्रिया के हर चरण में तैनात होते हैं।

उन्होंने कहा, “BLO आमतौर पर पंजाब सरकार का एक जूनियर कर्मचारी होता है। बीच के अधिकारी असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (AERO), इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) और डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर (DEO भी पंजाब सरकार के अधिकारी होते हैं। सबसे ऊपर पंजाब कैडर का IAS अधिकारी होता है जो मुख्य चुनाव अधिकारी के तौर पर काम करता है।” उन्होंने दावा किया कि ऐसे अधिकारी राजनीतिक दबाव में आ सकते हैं क्योंकि उनके ट्रांसफर, पोस्टिंग और करियर राज्य सरकार के कंट्रोल में होते हैं।

राज्यसभा सांसद ने आरोप लगाया, “इन अधिकारियों को पता है कि चुनाव ड्यूटी खत्म होने के बाद AAP सरकार ही उनके ट्रांसफर, पोस्टिंग और करियर को नियंत्रित करती है। वे जानते हैं कि कौन उनका ट्रांसफर कर सकता है और कौन उनकी जिंदगी मुश्किल बना सकता है। इस तरह, AAP सरकार राजनीतिक बदला लेने के लिए राज्य के अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव डालती है।” उन्होंने यह भी कहा कि जब से उन्होंने “भ्रष्ट” पार्टी छोड़ी है, तब से आम आदमी पार्टी का नेतृत्व उनसे नाराज है।

चुनाव आयोग की नियमों का किया जिक्र

उन्होंने कहा, “AAP ने उन लोगों के खिलाफ पंजाब पुलिस और प्रशासनिक मशीनरी का इस्तेमाल किया है जिन्होंने चुप रहने से इनकार कर दिया। पंजाब सरकार ने उन अन्य सांसदों को भी निशाना बनाया है जिन्होंने AAP छोड़कर BJP का दामन थामा। यह गलत क्लासिफिकेशन उसी राजनीतिक बदले की भावना का ताजा उदाहरण है।” चड्ढा ने चुनाव आयोग की विस्तृत SIR गाइडलाइंस के पैरा 4(d) का भी जिक्र किया, जिसमें जन-प्रतिनिधियों की एक “प्रोटेक्टेड लिस्ट” (सुरक्षित सूची) का प्रावधान है।

AAP का पलटवार

चड्ढा की बातों पर प्रतिक्रिया देते हुए AAP की पंजाब यूनिट के प्रवक्ता ने कहा कि स्पेशल समरी रिविजन (SSR) चुनाव आयोग करता है, न कि राज्य सरकार। उन्होंने कहा, “वोटर लिस्ट में किसका नाम शामिल करना है या किसका नाम हटाना है, इसमें पंजाब सरकार की कोई भूमिका नहीं होती।” प्रवक्ता ने आगे कहा, “यह बात सभी जानते हैं कि राघव चड्ढा दिल्ली में रहते हैं, पंजाब में नहीं। अगर वह अब पंजाब में नहीं रहते हैं, तो यह उनकी अपनी जिम्मेदारी थी कि वह या तो वहां अपना वोटर रजिस्ट्रेशन बनाए रखते या उसे कहीं और ट्रांसफर करवाते। वोटर लिस्ट से अपना नाम हटने के लिए वह अब AAP या पंजाब सरकार को दोष नहीं दे सकते।”

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उन्होंने यह भी दावा किया कि AAP को चुनाव आयोग के सूत्रों से जानकारी मिली है कि चड्ढा “बैक-डेटेड प्रोसेस” का इस्तेमाल करके दिल्ली के राजिंदर नगर में वोटर के तौर पर रजिस्टर होने की कोशिश कर रहे थे। AAP प्रवक्ता ने कहा, “अगर बैक डेटेड प्रोसेस या ऐसी कोई गैर-कानूनी प्रक्रिया अपनाई गई थी, तो इसकी जांच होनी चाहिए और पूरी सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए। अगर BJP या किसी और ने बैक-डेटेड प्रोसेस के जरिए नाम दर्ज कराने में मदद की है, तो हम इस मामले को तार्किक अंजाम तक पहुंचाएंगे और सच्चाई सामने लाएंगे।”

Tata Curvv Series X launched at Rs 9.9 lakh

Tata Curvv Series X launched at Rs 9.9 lakh
Curvv

Tata Motors has introduced the Curvv Series X, with prices ranging from Rs 9.9 lakh to Rs 18.5 lakh (ex-showroom). The new range gets a reshuffled variant lineup, with features from higher variants moved to lower and mid-spec versions. Tata has also expanded the availability of the #DARK edition across the range, while the powertrain remains unchanged.

Tata Curvv Series X price

Tata Curvv Series X ex-showroom prices
VariantPrice
Smart XRs 9.9 lakh
Pure XRs 10.99 lakh
Pure X+Rs 11.79 lakh
Creative XRs 12.91 lakh
Accomplished XRs 13.99 lakh
Accomplished X+Rs 18.5 lakh

The Smart X is the most affordable variant in the lineup, priced Rs 14,000 higher than the previous base trim. The petrol-diesel price gap has been reduced to Rs 1.3 lakh from Rs 1.5 lakh previously, while the premium for the automatic gearbox has also come down to Rs 1.3 lakh from Rs 1.5 lakh.

Tata Curvv Series X interior and features

The Curvv Series X gets a 10.25-inch infotainment screen with wireless Android Auto and Apple CarPlay, automatic climate control, cruise control and a rear-view camera. It also gets a 10.25-inch digital cockpit, smart key with push-button start, front and rear USB ports, Wi-Fi connectivity and multiple drive modes.

The cabin gets a lighter interior theme with leatherette upholstery and leatherette finishes on the steering wheel, gear-shift knob and centre-console armrest. Rear passengers get dedicated AC vents, a rear armrest and reclining rear seats. The front seat-back is 10mm slimmer, while the rear seat has been moved 20mm rearwards and 10mm lower.

Other features include a panoramic sunroof, 360-degree 3D surround-view camera with a blind-view monitor, front parking assist, rain-sensing wipers and automatic headlamps. Safety equipment includes six airbags, ESP, hill-hold control, ABS with EBD and rear parking sensors.

Tata Curvv Series X exterior

The Curvv Series X retains the SUV-coupe design of the existing model, with flush door handles, an illuminated four-spoke steering wheel, LED headlamps, DRLs and tail-lamps, and a rear spoiler. The Series X gets a black grille treatment in place of the earlier chrome finish. The #DARK edition is now available from lower down the range, with a blacked-out exterior and Obsidian-themed interior. It gets 17-inch diamond-cut alloy wheels, while higher versions offer 18-inchers.

Tata Curvv Series X powertrain 

The Curvv Series X continues with three engine options: a 1.2-litre turbo-petrol producing 120hp and 170Nm, a 1.2-litre direct-injection turbo-petrol producing 125hp and 225Nm, and a 1.5-litre diesel producing 118hp and 260Nm.

The 1.2-litre turbo-petrol and 1.5-litre diesel are available with a 6-speed manual and 7-speed dual-clutch automatic, while the 1.2-litre direct-injection turbo-petrol is exclusive to the top-spec Accomplished X+ and is paired with the 7-speed DCA.

Bihar Mystery Fish: नेपाल की बाढ़ के साथ बिहार पहुंची अजीब मछलियां, इनको खाते ही हो रहीं बड़ी दिक्कतें! सरकार ने अब ये बताया

Bihar Mystery Fish: नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद बिहार की नदियों में सीमा पार से बहकर आ रही अज्ञात और अजीब किस्म की मछलियों ने हड़कंप मचा दिया है। बाढ़ के पानी के साथ आई इन मछलियों को खाने के बाद लोगों के बीमार पड़ने की खबरें सामने आ रही हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बिहार सरकार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ने अडवाइजरी जारी कर लोगों को ऐसी मछलियों को खाने से से बचने की सख्त हिदायत दी है।

मछलियां क्यों बन रही हैं खतरनाक और बीमारी की क्या है वजह?

मत्स्य विभाग के मुताबिक बाढ़ के दौरान मछलियां तालाबों, झीलों, नदियों और जलाशयों से निकलकर पानी के तेज बहाव के साथ लंबी दूरी तय करती हैं। इस दौरान ये मछलियां कीचड़, गंदे नाले, सड़े-गले शवों और दूसरे हानिकारक प्रदूषकों के लगातार संपर्क में रहती हैं। इस वजह से ये मछलियां हानिकारक बैक्टीरिया, वायरस, फंगी और खतरनाक केमिकल से संक्रमित हो जाती हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब तक पर्यावरण सामान्य न हो जाए और साफ मछलियां उपलब्ध न हों, तब तक बाढ़ के पानी से पकड़ी गई मछलियों का सेवन बिल्कुल नहीं किया जाना चाहिए।

सरकार की अपील और लक्षण दिखने पर क्या करें?

बिहार सरकार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ने नागरिकों से सुरक्षा के मद्देनजर कई दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। कहा गया है कि किसी भी अनजानी या अजीब दिखने वाली मछली को खाने के लिए इस्तेमाल न करें। बाढ़ के पानी से पकड़ी गई मछलियों को न खरीदें, न बेचें और न ही भोजन के रूप में इस्तेमाल करें। बिना विभागीय जांच और वेरिफिकेशन के किसी भी अनजान मछली को खाने लायक न समझें।

अगर ऐसी मछली खाने के बाद उल्टी, दस्त/डायरिया, पेट दर्, चक्कर आना या सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं हो रही हैं तो तुरंत अस्पताल जाएं या डॉक्टर की सलाह लें। साथ ही ये भी कहा गया है कि ऐसी असामान्य मछलियां दिखने पर तुरंत जिला मत्स्य अधिकारी या स्थानीय प्रशासन को इसकी सूचना दें और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें।

पश्चिमी चंपारण में जागरूकता अभियान

अनजान मछलियों के खतरे को देखते हुए प्रशासन सक्रिय हो गया है। एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिमी चंपारण की जिला मत्स्य अधिकारी नूतन ने बताया कि क्षेत्र में व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि नेपाल की बाढ़ से आ रही मछलियां अत्यधिक संक्रामक हैं और इनमें कई बीमारियां फैली हुई हैं। इनको खाने से पेट में तेज दर्द, उल्टी और पेचिश जैसे गंभीर लक्षण उभर रहे हैं। प्रशासन की ओर से विक्रेताओं को ऐसी मछलियां न बेचने और आम जनता को इन्हें न खरीदने व न खाने की सलाह दी जा रही है।

उधर नेपाल पुलिस ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आधिकारिक निर्देश जारी कर अपने नागरिकों से बाढ़ के पानी में बहकर आई मछलियों और अन्य नदी आधारित खाद्य पदार्थों का सेवन न करने का अनुरोध किया है।

नेपाल में बाढ़ से 1127 लोगों की मौत, बिहार में अलर्ट

नेपाल पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ की वजह से नेपाल में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1127 हो गई है। शवों के बरामद होने का सिलसिला अभी भी जारी है। नेपाल की नदियों में जलस्तर बढ़ने की वजह से निचले इलाकों में स्थित बिहार में हाई अलर्ट जारी है।

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₹30 हजार से शुरू किया सैंडविच का ठेला, आज ₹25 लाख महीना! फेल इंटरनेट कैफे के बाद ऐसे बदली अभिषेक की किस्मत

कारोबार में पहली कोशिश नाकाम हो जाए तो बहुत से लोग दोबारा जोखिम लेने से बचते हैं। लेकिन भोपाल के अभिषेक साहू की कहानी कुछ अलग है। करीब 15 साल पहले शुरू किया गया उनका इंटरनेट कैफे एक साल के अंदर बंद हो गया। इसके बाद उन्होंने हार मानने के बजाय महज ₹30 हजार के लोन से एक छोटे से सैंडविच कार्ट की शुरुआत की। आज उनका यही छोटा कारोबार सोशल मीडिया पर चर्चा में है।

पहला बिजनेस एक साल में ही हो गया बंद

अभिषेक साहू करीब 15 साल पहले भोपाल पहुंचे थे। उन्होंने शुरुआत इंटरनेट कैफे से की। उस दौर में इंटरनेट कैफे एक अच्छा बिजनेस आइडिया माना जाता था, लेकिन उनका कारोबार उम्मीद के मुताबिक नहीं चला।

करीब एक साल बाद ही उन्हें इंटरनेट कैफे बंद करना पड़ा। पहली कोशिश की असफलता के बावजूद अभिषेक ने कारोबार करने का विचार नहीं छोड़ा। इस बार उन्होंने ऐसा बिजनेस चुना, जिसमें कम पूंजी लगाकर शुरुआत की जा सके।

₹30 हजार जुटाए और बदल दी दिशा

पहले कारोबार के बाद अभिषेक ने फूड बिजनेस की तरफ रुख किया। उन्होंने ₹30 हजार का लोन लिया और एक छोटा सा सैंडविच कार्ट शुरू किया। खास बात यह थी कि उनके पास सैंडविच बनाने की कोई बड़ी प्रोफेशनल ट्रेनिंग नहीं थी। उन्होंने YouTube की मदद से अलग-अलग सैंडविच की रेसिपी सीखीं और फिर उन्हें अपने छोटे से कार्ट पर आजमाना शुरू किया। यानी दूसरी शुरुआत बड़े निवेश या बड़े सेटअप से नहीं, बल्कि सीमित पैसे और खुद सीखने की कोशिश से हुई।

धीरे-धीरे लोगों को पसंद आने लगा स्वाद

शुरुआत में यह एक छोटा सा सैंडविच कार्ट था, लेकिन समय के साथ ग्राहकों की संख्या बढ़ने लगी। लोगों को सैंडविच पसंद आने लगे और धीरे-धीरे इस छोटे कारोबार ने अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी। अभिषेक के बिजनेस की कहानी में सोशल मीडिया ने भी अहम भूमिका निभाई। नवभारत टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, उनके सैंडविच कार्ट पर बनी एक Instagram Reel वायरल हो गई। इसके बाद भोपाल के अलग-अलग हिस्सों से लोग उनके सैंडविच का स्वाद लेने पहुंचने लगे।

अब 30-50 मिनट तक इंतजार करते हैं ग्राहक

कभी जिस कारोबार की शुरुआत एक छोटे कार्ट से हुई थी, आज उसकी लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ग्राहक सैंडविच के लिए इंतजार करने को भी तैयार रहते हैं।रिपोर्ट के मुताबिक, कई ग्राहकों को ऑर्डर के लिए करीब 30 से 50 मिनट तक इंतजार करना पड़ता है। इसके बावजूद लोगों की भीड़ कम नहीं हुई।

हर दिन सैकड़ों सैंडविच की बिक्री

सोशल मीडिया पर अभिषेक की कहानी शेयर करने वाले यूजर प्रथम के मुताबिक, उनका Hari Har Sandwich अब हर दिन लगभग 600 से ज्यादा सैंडविच बेचता है। वीकेंड पर यह संख्या और बढ़ जाती है। पोस्ट में दावा किया गया है कि शनिवार और रविवार जैसे दिनों में 1,000 से ज्यादा सैंडविच बिकते हैं। इसी पोस्ट के अनुसार, इस छोटे से फूड बिजनेस का मासिक टर्नओवर करीब ₹25 लाख तक पहुंच चुका है।

असफलता से शुरुआत, लेकिन वहीं नहीं रुके

अभिषेक साहू की कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा सिर्फ ₹25 लाख का टर्नओवर नहीं है। असली बात यह है कि पहला बिजनेस बंद होने के बाद उन्होंने खुद को दोबारा आजमाया।

इंटरनेट कैफे के अनुभव के बाद उन्होंने कम पैसे वाला बिजनेस चुना, YouTube से स्किल सीखी और धीरे-धीरे ग्राहकों का भरोसा बनाया। यही छोटा कदम आगे चलकर बड़े कारोबार में बदलता गया।

सोशल मीडिया पर क्यों हो रही चर्चा?

प्रथम ने X पर अभिषेक की कहानी शेयर करते हुए उनके सफर को उजागर किया। पोस्ट के वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने उनकी दोबारा शुरुआत करने की हिम्मत की तारीफ की। एक यूजर ने लिखा कि इस कहानी की सबसे खास बात ₹25 लाख का टर्नओवर नहीं, बल्कि पहली असफलता के बाद सिर्फ ₹30 हजार से दोबारा शुरुआत करने का फैसला है। दूसरे यूजर ने इसे एक शानदार ‘कमबैक’ बताया।

डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।

Video: भगवान को अकेला नहीं छोड़ सकता… चित्रकूट बाढ़ के बीच भावुक करने वाला नजारा! DM-SP जोड़ते रहे हाथ फिर भी मंदिर से नहीं निकले पुजारी

ईरान में शादी वाले घर पर अमेरिकी मिसाइल का कहर! बच्चे समेत 5 की मौत; तेहरान का जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में US ठिकानों पर जवाबी हमला

US-Iran War Update: ईरान में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के दौरान एक दर्दनाक घटना सामने आई है। दक्षिणी ईरान में एक ऐसे रिहायशी मकान को मिसाइल हमले से नुकसान पहुंचा, जहां शादी का समारोह चल रहा था। अमेरिकी सेना के हमले में एक बच्चे समेत कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई। जबकि 50 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। वहीं, तेहरान ने जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में मौजूद US ठिकानों पर जवाबी हमला किया है।

ईरानी रेड क्रिसेंट के मुताबिक, यह हमला होर्मोजगान प्रांत के सिरिक काउंटी के कुहेस्तक शहर में हुआ। जिस घर को हमले के दौरान नुकसान पहुंचा, वहां शादी का जश्न मनाया जा रहा था। रेड क्रिसेंट ने बताया कि अमेरिकी मिसाइल हमले के बाद मिसाइल के छर्रे रिहायशी मकान तक पहुंचे, जिससे वहां मौजूद लोग इसकी चपेट में आ गए।

रेड क्रिसेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि हमले में बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। शुरुआती जानकारी में एक छोटे बच्चे समेत चार लोगों की मौत की बात कही गई थी। जबकि बाद की रिपोर्टों में मृतकों की संख्या बढ़कर 5 बताई गई। घायलों की संख्या 50 से ज्यादा है।

मलबे में तब्दील हुआ घर, चीख-पुकार का वीडियो सामने आया

ईरानी सरकारी मीडिया ने हमले के बाद का कथित वीडियो भी जारी किया है। फुटेज में घटनास्थल पर भारी मलबा और मकान को हुआ नुकसान दिखाई देता है। वीडियो में आसपास मौजूद लोगों की चीख-पुकार भी सुनाई देती है। हालांकि, वीडियो और मृतकों तथा घायलों से जुड़े आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

ईरान का पलटवार, जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में अमेरिका के ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले

इस बीच, ईरान ने अमेरिका के खिलाफ जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। ईरान ने बुधवार तड़के जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य हितों से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले किए। ये हमले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस चेतावनी के कुछ ही समय बाद हुए, जिसमें उन्होंने ईरान को अमेरिका के खिलाफ किसी भी हमले की स्थिति में और ज्यादा कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी थी।

ईरानी हमले ऐसे समय हुए जब अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में हमलों की एक नई लहर शुरू की थी। अमेरिका का कहना है कि इन हमलों में ईरानी सेना इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया। वॉशिंगटन के मुताबिक, यह कार्रवाई हाल में होर्मुज जलडमरूमध्य में कमर्शियल जहाजों और अमेरिकी सैनिकों के खिलाफ कथित हमले के प्रयासों के जवाब में की गई।

जॉर्डन में 10 मिसाइलों को मार गिराने का दावा

जॉर्डन में ईरानी IRGC ने एक अमेरिकी मरीन कॉर्प्स बेस पर बड़े पैमाने पर बैलिस्टिक मिसाइल हमला करने का दावा किया। ईरानी मीडिया ने इस सैन्य ठिकाने की पहचान कैंप टिटिन के तौर पर की है, जो अकाबा की खाड़ी के पास स्थित बताया गया है। ईरानी न्यूज एजेंसी ‘तस्नीम’ ने दावा किया कि हमले में अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाया गया। जवाबी हमले में बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने की बात कही। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। दूसरी ओर, जॉर्डन की ओर से 10 ईरानी मिसाइलों को इंटरसेप्ट किए जाने की जानकारी सामने आई है।

हमले से बढ़ता तनाव, खाड़ी क्षेत्र पर मंडरा रहा खतरा

अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ते सैन्य टकराव ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है। एक तरफ अमेरिकी सेना ईरान के सैन्य और IRGC से जुड़े ठिकानों पर हमले कर रही है। वहींं ईरान जवाब में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी वाले देशों और ठिकानों को निशाना बना रहा है। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। यह क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यहां सैन्य तनाव बढ़ने का असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।

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