Ola Electric Shares: इलेक्ट्रिक व्हीकल बनाने वाली कंपनी Ola Electric Mobility के प्रमोटर भाविश अग्रवाल ने कंपनी के राइट्स इश्यू में पैसा लगाने के लिए अपनी 4.32% हिस्सेदारी गिरवी रखी है। कंपनी ने रविवार, 4 अक्टूबर को इसकी जानकारी दी।
कंपनी ने बताया कि यह गिरवी सिर्फ राइट्स इश्यू में अग्रवाल के निवेश के लिए पैसा जुटाने के लिए रखी गई है। इसका खुलासा 28 सितंबर को दाखिल ड्राफ्ट लेटर ऑफ ऑफर में भी किया गया था।
Ola Electric ने साफ किया कि फिलहाल अग्रवाल की सिक्योरिटीज पर कोई दूसरी गिरवी नहीं है। साथ ही, उनकी कोई हिस्सेदारी बेची नहीं जा रही है।
भाविश अग्रवाल भी राइट्स इश्यू में लगाएंगे पैसा
भाविश अग्रवाल राइट्स इश्यू में बाकी शेयरधारकों की तरह ही पैसा लगाएंगे। कंपनी के मुताबिक, उनके लिए भी वही शर्तें होंगी जो दूसरे शेयरधारकों के लिए हैं।
यानी हिस्सेदारी गिरवी रखने का मकसद शेयर बेचना नहीं है। इसका इस्तेमाल सिर्फ राइट्स इश्यू में निवेश के लिए फंड जुटाने में होगा।
₹1,000 करोड़ जुटाने की तैयारी
पिछले महीने Ola Electric के Board ने ₹1,000 करोड़ तक जुटाने के लिए राइट्स इश्यू को मंजूरी दी थी। इसके तहत कंपनी पार्टी पेड-अप इक्विटी शेयर जारी करेगी।
हालांकि, राइट्स इश्यू के लिए अभी जरूरी मंजूरिया बाकी हैं। इसमें वही शेयरधारक हिस्सा ले पाएंगे जो कंपनी की तय रिकॉर्ड डेट पर पात्र होंगे। रिकॉर्ड डेट की घोषणा अभी नहीं हुई है। कंपनी ने बताया कि नए शेयरों की फेस वैल्यू ₹10 होगी। वहीं, इश्यू प्राइस और दूसरे अहम फैसले अभी बाकी हैं।
जून में QIP से जुटाए थे ₹780 करोड़
Ola Electric ने इससे पहले जून में QIP के जरिए ₹780 करोड़ जुटाए थे। यह इश्यू 56% ज्यादा सब्सक्राइब हुआ था। इसमें Goldman Sachs और BNP Climate Fund जैसे संस्थागत निवेशकों ने पैसा लगाया था। भारतीय म्यूचुअल फंड भी इसमें शामिल हुए थे।
इनमें Motilal Oswal Mutual Fund, Mirae Asset Mutual Fund, Kotak Mahindra Mutual Fund, JM Financial Mutual Fund और Baroda BNP Paribas Mutual Fund शामिल थे।
Ola Electric के शेयरों का हाल
गुरुवार, 1 अक्टूबर को Ola Electric Mobility का शेयर 0.46% की तेजी के साथ ₹37.09 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में शेयर 27.06% चढ़ा है। वहीं एक साल में 29.51% टूटा है। यह अपनी लिस्ट प्राइस से करीब 60% नीचे है। कंपनी का मार्केट कैप 15.52 हजार करोड़ रुपये है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
GST Council: आगामी GST काउंसिल की मीटिंग में GST के तहत होने वाले अपराधों को डीक्रिमिनलाइज करने पर चर्चा होगी। इसमें एक बड़ा मुद्दा गिरफ्तारी का भी है। सूत्रों के मुताबिक, काउंसिल इस बात पर विचार करेगी कि टैक्स अधिकारियों के पास गिरफ्तारी का मौजूदा अधिकार रखा जाए या नहीं।
अभी GST कानून के तहत कमिश्नर को गिरफ्तारी की मंजूरी देने का अधिकार है। यह अधिकार CGST Act की सेक्शन 69 में दिया गया है। इसके तहत कुछ गंभीर मामलों में कार्रवाई हो सकती है।
इनमें फर्जी इनवॉइस बनाना, गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट यानी ITC लेना, फर्जी रिफंड लेना और जानबूझकर टैक्स चोरी करना शामिल है। ऐसे अपराधों का जिक्र सेक्शन 132 में है।
GST में गिरफ्तारी का प्रावधान हट सकता है
सूत्रों के मुताबिक, अब GST कानून में गिरफ्तारी के अलग प्रावधान को ही हटाने पर विचार हो रहा है। अगर यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो GST जांच के दौरान अधिकारी सेक्शन 69 के तहत किसी टैक्सपेयर को गिरफ्तार नहीं कर सकेंगे।
यह सुझाव GST काउसिंलग की लॉ कमेटी ने दिया है। कमेटी ने GST से जुड़े अपराधों को डीक्रिमिनलाइज करने को लेकर कई सुझाव दिए हैं।
GST काउंसिल की लॉ कमेटी में केंद्र और राज्यों के अधिकारी शामिल हैं। यह कमेटी GST कानूनों के प्रावधानों की समीक्षा करती है। इसके बाद यह GST काउंसिल को कानूनी बदलाव और जरूरी स्पष्टीकरण की सिफारिश करती है।
धोखाधड़ी पर कार्रवाई खत्म नहीं होगी
टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि गिरफ्तारी का प्रावधान हटाने का मतलब यह नहीं है कि जानबूझकर की गई धोखाधड़ी पर कोई कार्रवाई नहीं होगी।
Khaitan & Co के पार्टनर ओंकार शर्मा ने कहा कि अगर मामले के तथ्य इसकी जरूरत दिखाते हैं, तो BNS समेत सामान्य आपराधिक कानूनों के तहत क्रिमिनल प्रॉसिक्यूशन किया जा सकता है।
शर्मा के मुताबिक, इस प्रस्ताव का मकसद टैक्स प्रशासन और टैक्स वसूली को किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता से अलग करना है।
5 करोड़ से बढ़कर 10 करोड़ हो सकती है सीमा
लॉ कमेटी ने मुकदमा शुरू करने की मौद्रिक सीमा बढ़ाने की भी सिफारिश की है। अभी GST कानून में 5 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा की टैक्स चोरी या गलत तरीके से लिए गए ITC पर मुकदमा चलाया जा सकता है।
अब इस सीमा को बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव है। यानी अगर किसी मामले में टैक्स चोरी या गलत तरीके से लिए गए ITC की रकम 10 करोड़ रुपये से कम है, तो ऐसे मामलों में मुकदमा शुरू करने के नियम बदले जा सकते हैं।
कुछ अपराधों में जेल की सजा भी घट सकती है
कमेटी ने कुछ GST अपराधों में जेल की सजा कम करने की भी सिफारिश की है। अभी CGST Act की Section 132 के तहत सजा का प्रावधान अपराध की रकम के हिसाब से अलग-अलग है।
5 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा के GST अपराध में अधिकतम 5 साल की जेल हो सकती है। वहीं, 2 करोड़ से 5 करोड़ रुपये के अपराध में अधिकतम 3 साल की जेल का प्रावधान है। इसी तरह 1 करोड़ से 2 करोड़ रुपये के अपराध में अधिकतम 1 साल की जेल हो सकती है।
लॉ कमेटी ने इन मामलों में जेल की अवधि कम करने की सिफारिश की है। अब GST काउंसिल की बैठक में इन प्रस्तावों पर चर्चा होगी।
देश में त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले एयर कंडीशनर और दूसरे कंज्यूमर अप्लायंसेज की कीमतें 5-8% बढ़ गई हैं, लेकिन मैन्युफैक्चरर्स को उम्मीद है कि इनकी जबरदस्त डिमांड से बिक्री में डबल-डिजिट ग्रोथ होने की उम्मीद है। कंज्यूमर प्रीमियम प्रोडक्ट्स, रिप्लेसमेंट और आसान फाइनेंसिंग का विकल्प चुन रहे हैं। इससे अप्लायंसेज की बिक्री को सपोर्ट मिल सकता है। कीमतों में हालिया बढ़ोतरी इस साल कीमतों में बढ़त का तीसरा दौर है। अप्लायंस मैन्युफैक्चरर्स का कहना है कि कीमतों में इस बढ़त में तांबा, एल्युमीनियम, स्टील और कच्चे तेल से बनने वाले उत्पादों की बढ़ती लागत, माल ढुलाई पर बढ़ते खर्च और करेंसी में उतार-चढ़ाव का सबसे बड़ा हाथ है।
कीमतें बढ़ने के बावजूद, अप्लायंस इंडस्ट्री के लिए फेस्टिव सीज़न की शुरुआत अच्छी रहा है। अप्लायंस मैन्युफैक्चरर्स ने दक्षिण भारत में ओणम के दौरान अच्छी बिक्री की जानकारी दी है। कंपनियों को उम्मीद है कि प्रीमियम प्रोडक्ट्स के प्रति बढ़ते रुझान, रिप्लेसमेंट मांग और कंज्यूमर फाइनेंसिंग की वजह से नवरात्रि और दिवाली के दौरान भी अच्छी मांग बनी रह सकती है।
ग्राहकों का रुझान तेजी से ज्यादा क्षमता वाले, कई फ़ीचर्स वाले और एनर्जी-एफ़िशिएंट अप्लायंसेज़ के साथ-साथ स्मार्ट कनेक्टेड प्रोडक्ट्स की ओर बढ़ रहा है। हालांकि बिक्री की मात्रा पर कीमतों के बढ़ने का असर पड़ सकता है,लेकिन प्रीमियम प्रोडक्ट्स की ओर बढ़ते रुझान से कुल वैल्यू ग्रोथ को सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।
कुछ मैन्युफैक्चरर्स का मानना है कि निकट भविष्य में कीमतों में बढ़ोतरी का असर सीमित रहेगा, क्योंकि डीलर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स ने प्री-बाइंग स्कीम के ज़रिए पहले की कीमतों पर खरीदे गए प्रोडक्ट्स का स्टॉक जमा कर रखा है।
हायर अप्लायंसेज को बिक्री में डबल डिजिट ग्रोथ की उम्मीद
हायर अप्लायंसेज इंडिया के CEO एन.एस. सतीश ने PTI को बताया कि फेस्टिव सीज़न के दौरान इंडस्ट्री में डबल-डिजिट ग्रोथ होने की उम्मीद है। हायर को उम्मीद है कि फेस्टिव सीज़न में उसकी बिक्री (वैल्यू के हिसाब से) 30-35% बढ़ेगी, जबकि यूनिट बिक्री में लगभग 20% की बढ़ोतरी हो सकती है। सतीश ने पूरी इंडस्ट्री में लगभग 10-15% ग्रोथ की उम्मीद जताई। उनका कहना है कि जिन ग्राहकों ने पहले से ही कोई अप्लायंस खरीदने का प्लान बना रखा है,वे या तो बजट में रहने के लिए कम क्षमता वाला प्रोडक्ट चुन सकते हैं या फिर प्रीमियम मॉडल लेने के लिए EMI फाइनेंसिंग का इस्तेमाल कर सकते हैं।
हायर (Haier) ने 1 अक्टूबर से रूम एयर कंडीशनर की कीमतें लगभग 5% बढ़ा दी हैं, जबकि LED टीवी और वॉशिंग मशीन जैसे प्रोडक्ट्स की कीमतों में 2-3% की बढ़ोतरी हुई है।
प्रीमियम प्रोडक्ट्स फाइनेंसिंग से डिमांड बढ़ने की उम्मीद
LG इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के को-चीफ सेल्स और मार्केटिंग ऑफिसर संजय चितकारा ने कहा कि कंपनी फेस्टिव सीज़न को लेकर उम्मीद बनाए हुए है,जिसकी शुरुआत अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में नवरात्रि से होती है। कंपनी को त्योहारों से पहले अच्छी खासी पूछताछ देखने को मिली है और उसे उम्मीद है कि घर खरीदने और अपग्रेड करने से मांग बढ़ेगी। ग्राहक न सिर्फ़ रेफ्रिजरेटर, वॉशिंग मशीन, टेलीविज़न और एयर कंडीशनर बदल रहे हैं, बल्कि डिशवॉशर, माइक्रोवेव ओवन, ऑडियो प्रोडक्ट और वॉटर प्यूरीफ़ायर में भी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
चितकारा ने कहा कि GST में बदलाव और त्योहारों के दौरान EMI स्कीमों से चीज़ें खरीदना आसान हुआ है, जिससे मांग बढ़ने की उम्मीद है। LG की ‘एसेंशियल सीरीज़’ को टियर-2 और टियर-3 शहरों में पहली बार खरीदने वाले ग्राहकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है।
सोनी इंडिया को सेल्स वैल्यू में 15-20% बढ़ोतरी की उम्मीद
सोनी इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर सुनील नय्यर को उम्मीद है कि प्रीमियम प्रोडक्ट्स, नए लॉन्च और ग्राहकों के लिए खास ऑफ़र की वजह से त्योहारों के मौसम में बिक्री की वैल्यू में 15-20% की बढ़ोतरी होगी। सोनी को उम्मीद है कि उसके इमेजिंग बिज़नेस में 30% से ज़्यादा की बढ़ोतरी हो सकती है। जबकि टेलीविज़न की मांग प्रीमियम BRAVIA मॉडल और बड़ी स्क्रीन वाले टीवी से बढ़ेगी। कंपनी को हेडफ़ोन, साउंडबार और पार्टी स्पीकर की भी अच्छी मांग की उम्मीद है।
गोदरेज को भी अच्छी सेल्स ग्रोथ की उम्मीद
गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप के अप्लायंसेज डिविजन के हेड कमल नंदी ने कहा कि कंपनी ने ओणम के दौरान अच्छी बिक्री की है और उम्मीद है कि त्योहारों के मौसम में दूसरे इलाकों में भी मांग बढ़ेगी।
गोदरेज अप्लायंसेज ने 1 अक्टूबर से रूम AC की कीमतें भी बढ़ा दी हैं। हालांकि, ग्राहकों को कुछ समय तक पुराने स्टॉक के कारण बढ़ी हुई कीमतों से पहले वाली कीमतों पर ही प्रोडक्ट मिल सकते हैं।
नंदी ने कहा कि मौजूदा स्टॉक लगभग एक से डेढ़ महीने तक चल सकता है, जिसका मतलब है कि कीमतें पूरी तरह बढ़ने से पहले, दिवाली तक कुछ प्रोडक्ट्स पुरानी कीमतों पर ही बिकते रह सकते हैं।
क्या कहती है इंडस्ट्री रिपोर्ट?
सेक्टर की रिपोर्ट्स के मुताबिक,ओणम से लेकर दशहरा और दिवाली तक के त्योहारों के मौसम में अप्लायंस बनाने वाली कंपनियों की सालाना बिक्री का लगभग 30-40% हिस्सा होता है।
बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप और कॉन्फेडरेशन ऑफ़ इंडियन इंडस्ट्री की एक संयुक्त रिपोर्ट के अनुसार, भारत के कंज्यूमर ड्यूरेबल्स मार्केट के सालाना 8-10% की दर से बढ़ने और 2030 तक 3-3.25 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।
Navigation has been one of the major challenges for every aspiring motorcyclist. Unfortunately, major smartphone OS manufacturers don’t deem us profitable enough to solve it for us; but, our OEMs might have a smarter solution for that, by way of Google Maps mirroring. Today, you can buy a motorcycle for as low as Rs 1.04 lakh and still be able to navigate your way through your city, or wherever your heart takes you. Speaking of, let’s start with that very motorcycle.
All prices mentioned are ex-showroom, Delhi for the specific variant with Google Maps mirroring feature.
Bajaj Pulsar 125
Rs 1.04 lakh
Bajaj had comprehensively upgraded the classic Pulsar 125 with many changes and a whole slew of features, including Google Maps mirroring on the top-most Split Seat variant. Besides that, you get a 124.58cc engine with 12.1hp and 11.4Nm, a front disc brake, and three ride modes. A decent choice if you mostly commute in the city, but if you find yourself on the open roads on every chance you get, look at the bigger brother.
Bajaj Pulsar 150
Rs 1.29 lakh
Admittedly, Rs 25,000 isn’t a small step-up in this price range. However, besides retaining the same feature-set and silhouette, on the Pulsar 150 you get a larger 149.5cc engine with 14.1hp and 14.1Nm, which should make highway stints seem less stressful on you and the motorcycle; and saying that you have the Pulsar 150 has a better ring to it, but that’s a subjective opinion. If Bajaj isn’t your brand of choice, though, we have another Indian manufacturer known for pushing the envelope on features.
TVS Apache RTR 160 4V
Rs 1.41 lakh
TVS has made the Apache series synonymous with features over the past few years, so of course it responded to Bajaj upgrading the classic Pulsars. Its best-selling Apache RTR 160 4V now also has a TFT display that supports Google Maps mirroring. TVS, in its usual fashion, turns things up a notch by offering even more power from its 159.7cc engine (17.55hp and 14.73Nm) and a whole lot more features like dual-channel ABS, traction control, a slipper clutch, more premium design, etc., That’s quite a bit more for Rs 12,000 over the Pulsar 150 but if you wonder whether Bajaj has a similar offering, fret not.
Bajaj Pulsar N160 SS
Rs 1.43 lakh
This is the first motorcycle on which Bajaj debuted the new 5-inch TFT screen with Google Maps mirroring. It’s since been extended to other Pulsars. Over the Pulsar 150, the N160 SS offers a bigger 164.9cc engine with 18.5hp and 14.4Nm (directly sparring with the RTR 160 4V), ride-by-wire, traction control, one extra ride mode, a slipper clutch, and a more modern design that may suit your preferences better. The N160 SS also offers dual-channel ABS as standard. If you feel like you’re done with the 150-160cc class, the next upgrade is closer than you think.
TVS Apache RTR 200 4V
Rs 1.50 lakh
The Apache RTR 200 4V has now been relegated to getting the “et al” treatment from TVS so now it is almost too close to the RTR 160, one might say. However, it retains the bigger 197.75cc engine with close to 21hp and 17.25Nm. The only other feature that still remains exclusive to the 200 is the preload-adjustable USD fork that TVS brought back, with the recent update. Worth paying Rs 7,000 extra You decide, but if you are somehow not satisfied with the value on offer, the next motorcycle wears value-for-money as a badge of honour on its sleeve.
Bajaj Pulsar NS400Z
Rs 1.90 lakh
Bajaj’s downsized 349cc Pulsar NS400Z has gone down in price again, and the company gave it the same TFT unit as on the other Pulsars just two days ago; and we might see it in even more of their motorcycles soon. Anyway, the NS400Z gives you a steep jump in power with 40.6hp and 33Nm. It retains the feature-set from the N160 SS as-is with power and torque as its biggest differentiation from almost every other motorcycle on this list. If you’re in a phase of your life where you’re on long rides more often than commutes, you might prefer the next motorcycle more.
TVS Apache RTX 300
Rs 2.19 lakh
TVS’s first adventure tourer popularised the feature in question a year ago, offering it on the top and BTO variants. Compared to the NS400Z, you get a smaller 299.1cc engine with 36hp and 28.5Nm. However, the Apache RTX 300 is no slouch in features in any other way, matching the NS400Z on every feature on offer. If you’re an experienced motorcyclist who’d like to tune your ride more minutely, stepping up to the BTO variant at Rs 2.39 lakh might be worth it, considering it gives your adjustable suspension on both ends. If none of these sound exciting enough for you, maybe see if the last one does the trick.
Royal Enfield Guerrilla 450
Rs 2.51 lakh
Royal Enfield introduced a new 4-inch TFT display with the Himalayan 450 that could project Google Maps powered navigation onto it, making the Chennai-UK based manufacturer technically the first to have figured this solution out. If you didn’t know this already, pressing and holding the M button on your Guerrilla 450 (and the Himalayan and Bear 650) will change the dials to the ‘digital’ look. After that, connecting your smartphone to the Royal Enfield app and starting navigation will make the whole map show on your display.
Getting back to the Guerrilla 450 itself, it’s Royal Enfield’s take on a sport-naked. Similar to most motorcycles on this list, its primary purpose isn’t touring, but when has that ever stopped the determined? The Guerrilla also has a 450cc engine that doles out 40.02hp and 40Nm, making it the most powerful motorcycle on this list. It goes toe-to-toe with the other motorcycles in terms of the features on offer, although most of the additional price is for its extra power (and the 40 percent GST of course).
That concludes the list of motorcycles under Rs 3 lakh with Google Maps mirroring, for now. We expect Bajaj to extend the same TFT display to even more of their portfolio in the near future. TVS might respond to that in their own, unique way so this list is all but guaranteed to grow even more in the near future. It’s one more significant hurdle removed for a motorcyclist, and every meaningful step counts.
Maruti Suzuki’s hatchback sales grew 41 percent in the first half of FY2026-27, while SUV sales increased 56 percent, according to Partho Banerjee, senior executive officer, marketing and sales, Maruti Suzuki. Speaking during the company’s half-yearly sales briefing, Banerjee said, “It is not a one-month wonder.”
Maruti has attributed part of the recent improvement in volumes to the GST rate changes introduced in September last year. The company said the lower tax burden has supported demand for smaller cars.
Small cars continue to see demand
Maruti’s entry hatchback sales grew 86 percent in H1 FY27, while mid-hatchback sales increased 40 percent. Overall hatchback sales were up 41 percent during the period. “Month after month it is happening. In the first half of FY27, Maruti’s entry hatchback sales grew 86 percent, mid-hatches by 40 percent and overall hatchback sales by 41 percent. Mini-car sales have also grown 39.8 percent in September,” said Banerjee.
Maruti’s mini, small and mid-hatchback segments recorded 91,887 units in September 2026, up 24 percent year on year. The mini segment comprises the Alto, S-Presso and Celerio, while the small hatchback segment includes the WagonR, Swift and Dzire. The mid-hatchback segment includes the Baleno. “When everyone was talking about only the SUVs, the hatch has also grown by 41 percent. There is a huge set of customers who are appreciating the other form factors also, be the hatches, be the sedans,” Banerjee said.
The refreshed Baleno recorded 25,000 units in its first month on sale, according to Maruti. The Dzire remained the company’s best-selling model in H1 FY27 despite supply constraints, while the Swift continues to record monthly volumes of around 80,000-90,000 units, according to the company.
Maruti sees strong SUV growth
Maruti’s SUV sales increased 56 percent in H1 FY27, with the company selling around 56,000 SUVs per month during the period. Its SUV line-up currently includes the Brezza, e Vitara, Fronx, Grand Vitara, Invicto, Jimny and Victoris.
SUVs now account for around 57 percent of India’s passenger vehicle market. Maruti’s overall domestic sales reached 11 lakh units in the first half of FY27, while its Q2 domestic sales of 5,65,201 units were the company’s highest for any quarter.
The company attributed part of the improvement in overall volumes to stronger supplies from its newly commissioned plant. The SUV segment has also become a larger part of Maruti’s sales mix as demand for the body style has increased across the market.
Market Outlook: मैक्वेरी कैपिटल के एमडी और भारत में इक्विटी हेड संदीप भाटिया का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार फिलहाल अपनी रेंज के निचले स्तर पर हैं। इसके अलावा उनका यह भी मानना है कि मार्केट को झटका देने वाली जितनी भी खबरें हैं, और जो भी दबाव है, उसका खराब दौर अब निश्चित रूप से पीछे छूट चुका है। संदीप के मुताबिक कच्चे तेल के भाव और अमेरिकी टैरिफ का रिस्क बना हुआ है तो भारत और अमेरिका में ब्याज दरें अभी भी मार्केट के लिए एक चुनौती बनी हुई हैं। इसके अलावा भारत को अभी तक हार्डवेयर और AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जुड़े थीम में बढ़ती वैश्विक दिलचस्पी का पूरा फायदा नहीं मिला है। इन चिंताओं के बावजूद उनका मानना है कि भारतीय कंपनियों के सितंबर 2026 तिमाही के रिजल्ट उम्मीद से बेहतर रह सकते हैं।
बैंकिंग सेक्टर
किस सेक्टर के कंपनियों के कारोबारी नतीजे धमाकेदार रह सकते हैं, इसे लेकर संदीप ने कोई अनुमान तो नहीं बताया लेकिन यह जरूर कहा कि बैंकिंग सेक्टर में आउटलुक सुधर रहा है। बैंकिंग सेक्टर उन सेक्टर्स में शुमार है, जिनमें सबसे अधिक दबाव दिखा है लेकिन अब संदीप को उम्मीद है कि अगले दो साल में बैंकों के मार्जिन में सुधार होगा और उनके शेयरों की वैल्यूएशन फिर से बढ़ सकती है, हालांकि नियर टर्म में कमाई पर कुछ दबाव रह सकता है। उनका कहना है कि साल 2027 और साल 2028 में यानी अगले दो वर्षों में बैंकों की कमाई अच्छी रहेगी।
फाइनेंशियल सेक्टर
संदीप भाटिया को फाइनेंशियल सेविंग्स में बड़ा मौका दिख रहा है। उनका अनुमान है कि देश की वित्तीय बचत $50 हजार करोड़ से अधिक है, जोकि और बढ़ सकता है। संदीप का मानना है कि एमसीएक्स, बीएसई और एनएसई को इस रुझान से फायदा हो सकता है।
कंज्यूमर और ऑटो सेक्टर
संदीप भाटिया को उम्मीद है कि कंज्यूमर-ड्यूरेबल कंजम्प्शन से अच्छे नतीजे देखने को मिल सकते हैं। उन्होंने हुंडई इंडिया, मारुति सुजुकी इंडिया और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसी ऑटो कंपनियों का जिक्र करते हुए कहा कि फेस्टिवल सीजन के दौरान गाड़ियों की बिक्री जबरदस्त रही है।
पावर और एनर्जी सेक्टर
संदीप भाटिया की पावर और एनर्जी स्पेस में दिलचस्पी बनी हुई है। रिन्यूएबल एनर्जी स्पेस में उन्हें क्लीन मैक्स एंवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस तो पावर इक्विपमेंट और ट्रांसमिशन कंपनियों में हिताची एनर्जी इंडिया पसंद है। उनका कहना है कि यह मौका सिर्फ एआई से जुड़ी बिजली की मांग की वजह से नहीं बन रहा है, बल्कि देश में मजबूत इंडस्ट्रियल और मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ से भी इसे बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
आईटी सेक्टर
वैल्यूएशन आकर्षक होने के बावजूद संदीप आईटी सेक्टर को लेकर सतर्क हैं और अभी इस सेक्टर में निवेश करने से बच रहे हैं। संदीप का मानना है कि जब तक एआई के असर को लेकर अधिक स्पष्टता नहीं आती, तब तक दबाव बना रहेगा।
इंश्योरेंस सेक्टर
संदीप भाटिया का कहना है कि इंश्योरेंस सेक्टर के लिए नियमों में बदलाव बड़ी चिंता बनी हुई है। फिलहाल वह पॉलिसीबाजार की पीबी फिनटेक को लेकर सतर्क हैं और इस सेक्टर पर कोई फैसला लेने से पहले बीमा नियामक IRDA की ड्राफ्ट सिफारिशों के फाइनल होने का इंतजार करना चाहते हैं।
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Petrol Diesel Price Today, 1 October 2026: देश के प्रमुख शहरों में गुरुवार, 1 अक्टूबर को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है। वहीं, मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर है। तेल कंपनियां भारत में लागू डायनेमिक फ्यूल प्राइसिंग सिस्टम के तहत पेट्रोल और डीजल की कीमतों की रोजाना समीक्षा करती हैं। नई कीमतें हर दिन सुबह 6 बजे लागू की जाती हैं। हालांकि, अलग-अलग राज्यों में टैक्स, वैट, परिवहन लागत और डीलर कमीशन के कारण ईंधन की कीमतों में अंतर रहता है।
देश के प्रमुश शहरों में आज पेट्रोल-डीजल का रेट
उपलब्ध शहरवार दरों के मुताबिक, देश के ज्यादातर बड़े शहरों में पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर से ऊपर बना हुआ है। कई बाजारों में डीजल की कीमत भी 95 रुपये प्रति लीटर से अधिक है। दिए गए प्रमुख शहरों में हैदराबाद में पेट्रोल ₹115.73 प्रति लीटर सबसे ज्यादा है। इसके बाद कोलकाता ₹113.51, पटना ₹113.37 और जयपुर ₹112.66 है।
अलग-अलग शहरों में क्यों बदलते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?
पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में राज्यों के बीच अंतर की सबसे बड़ी वजह राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले टैक्स और VAT हैं। इसके अलावा परिवहन खर्च और डीलर कमीशन भी अंतिम कीमत को प्रभावित करते हैं। पेट्रोल और डीजल अभी GST के दायरे से बाहर हैं। इसलिए राज्य स्तर पर लगने वाला टैक्स इनके खुदरा दाम तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कच्चे तेल और रुपये की कीमत का भी असर
भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव का असर घरेलू पेट्रोलियम उत्पादों की लागत पर पड़ता है। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर भी ईंधन की कीमतों को प्रभावित करने वाला एक महत्वपूर्ण कारक है। रुपये में कमजोरी से आयातित कच्चे तेल की लागत बढ़ सकती है।
सुबह 6 बजे बदलते हैं पेट्रोल-डीजल के रेट
भारत में जून 2017 से डायनेमिक फ्यूल प्राइसिंग सिस्टम लागू है। इसके तहत तेल कंपनियां रोजाना पेट्रोल और डीजल की कीमतों की समीक्षा करती हैं और संशोधित दरें सुबह 6 बजे लागू होती हैं। ग्राहक अपने शहर में पेट्रोल-डीजल की कीमत की जानकारी तेल कंपनी की SMS सेवा के जरिए भी हासिल कर सकते हैं। इंडियन ऑयल की सेवा के तहत ‘RSP’ लिखकर संबंधित नंबर पर SMS भेजकर स्थानीय कीमत की जानकारी ली जा सकती है।
डीजल और ATF के एक्सपोर्ट शुल्क में फिर कटौती
केंद्र सरकार ने डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात शुल्क में लगातार दूसरी पखवाड़े कटौती की है। 1 अक्टूबर 2026 से डीजल पर एक्सपोर्ट लेवी घटाकर 16 रुपये प्रति लीटर और ATF पर 10.5 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। वहीं, पेट्रोल पर निर्यात शुल्क 0.5 रुपये प्रति लीटर पर पहले की तरह बरकरार रखा गया है।
वित्त मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचनाओं के मुताबिक, डीजल पर निर्यात शुल्क में 4 रुपये प्रति लीटर की कमी की गई है। इससे पहले 16 सितंबर से 30 सितंबर तक यह शुल्क 20 रुपये प्रति लीटर था। इसी तरह ATF पर लेवी 4.5 रुपये प्रति लीटर घटाकर 15 रुपये से 10.5 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है।
सितंबर से अब तक डीजल पर 9 रुपये की कटौती
सरकार ने 1 सितंबर से डीजल और ATF पर एक्सपोर्ट लेवी में लगातार कटौती की है। 1 सितंबर को डीजल पर शुल्क 25 रुपये प्रति लीटर था, जिसे अब घटाकर 16 रुपये कर दिया गया है। यानी एक महीने में इसमें 9 रुपये प्रति लीटर की कमी हुई है। वहीं, ATF पर निर्यात शुल्क इस अवधि में 19 रुपये से घटकर 10.5 रुपये प्रति लीटर रह गया है। यानी ATF पर 8.5 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई है।
घरेलू पेट्रोल-डीजल की एक्साइज ड्यूटी में बदलाव नहीं
सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू खपत के लिए जारी किए जाने वाले पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा एक्साइज ड्यूटी दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी यह फैसला मुख्य रूप से पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लगने वाली लेवी से जुड़ा है।
हर पखवाड़े होती है शुल्क की समीक्षा
पेट्रोल, डीजल और ATF पर निर्यात शुल्क 27 मार्च 2026 से लगाया गया था। पश्चिम एशिया में संकट के बीच पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात को हतोत्साहित करने और घरेलू बाजार में इनकी उपलब्धता बनाए रखने के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की गई थी। सरकार इन निर्यात शुल्क दरों की हर 15 दिन में समीक्षा करती है। इसके लिए पिछली समीक्षा के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और ATF की औसत कीमतों को आधार बनाया जाता है।
1 अक्टूबर से लागू नई दरें भी इसी समीक्षा प्रक्रिया का परिणाम हैं। अगली समीक्षा में अंतरराष्ट्रीय कीमतों के आधार पर इन शुल्क दरों में फिर बदलाव किया जा सकता है। सरकार की ताजा अधिसूचना ने 26 मार्च को जारी उन अधिसूचनाओं में संशोधन किया है, जिनके तहत पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लेवी लागू की गई थी।
Stocks to Watch: गुरुवार 1 अक्टूबर को कुछ स्टॉक्स में बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है। Infosys, IRFC, Waaree Energies और Jio Financial Services समेत 10 कंपनियों से जुड़े अहम अपडेट सामने आए हैं। किसी को नया कॉन्ट्रैक्ट मिला है, तो किसी ने कारोबार से जुड़ा बड़ा फैसला लिया है।
HDFC Bank
प्राइवेट सेक्टर के HDFC Bank ने वी एन श्रीवत्सन को नया चीफ कंप्लायंस ऑफिसर नियुक्त किया है। उनका कार्यकाल तीन साल का होगा और यह बैंक में जॉइन करने की तारीख से शुरू होगा। श्रीवत्सन के 4 जनवरी 2027 को बैंक जॉइन करने की उम्मीद है और वह फुल-टाइम कर्मचारी होंगे।
Infosys
आईटी कंपनी Infosys और Dutch बैंक ABN AMRO ने अपनी स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप बढ़ाई है। दोनों मिलकर बैंक के कारोबार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल बढ़ाने पर काम करेंगे। इसका मकसद बैंक के अलग-अलग कामों में AI का इस्तेमाल बढ़ाना है।
Highway Infrastructure
इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Highway Infrastructure ने ₹220.66 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है। यह कॉन्ट्रैक्ट UPEIDA से मिला है। इसके तहत कंपनी गोरख Gorakhpur Link Expressway पर यूजर फीस कलेक्शन और टोल प्लाजा का ऑपरेशन करेगी।
Jio Financial Services
फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी Jio Financial Services और Allianz Europe ने Jio Allianz General Insurance में ₹320.05 करोड़-₹320.05 करोड़ निवेश किया है। दोनों कंपनियों ने राइट्स इश्यू के जरिए ₹10 के 32,00,50,000 इक्विटी शेयर खरीदे हैं। इस जॉइंट वेंचर में दोनों की 50:50 हिस्सेदारी है और कुल निवेश ₹640.10 करोड़ है।
Blue Dart Express
लॉजिस्टिक्स कंपनी Blue Dart Express घरेलू शिपिंग की कीमतें बढ़ाएगी। 1 जनवरी 2027 से अलग-अलग प्रोडक्ट और ग्राहक प्रोफाइल के हिसाब से चार्ज 9% से 12% तक बढ़ेंगे। कंपनी ने बढ़ती ऑपरेटिंग लागत के बीच यह फैसला लिया है।
IRFC
सरकारी रेलवे फाइनेंस कंपनी IRFC को बिहार टैक्स अथॉरिटी से ₹396.91 करोड़ का शो-कॉज नोटिस मिला है। यह नोटिस वित्त वर्ष 2022-23 के GST से जुड़े मामलों में जारी हुआ है। कंपनी को इस मामले में अपना जवाब देना होगा।
Waaree Energies
सोलर और बैटरी मैन्युफैक्चरिंग कंपनी Waaree Energies की सब्सिडियरी Waaree Power ने 1.10 GW क्षमता वाली नई सोलर इन्वर्टर मैन्युफैक्चरिंग लाइन शुरू की है। यह लाइन गुजरात के वलसाड स्थित सरोधी प्लांट में लगी है। इसके शुरू होने के बाद कंपनी की कुल सोलर इन्वर्टर क्षमता 3.05 GW से बढ़कर 4.15 GW हो गई है।
Bata India
फुटवियर कंपनी Bata India में मैनेजमेंट बदलाव हुआ है। Gunjan Shah ने 30 सितंबर 2026 को Managing Director और CEO के पद से कार्यकाल पूरा कर लिया। अब Sanjay S. Rao 1 अक्टूबर 2026 से MD और CEO की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनका कार्यकाल 23 अगस्त 2031 तक रहेगा।
NCC
इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन कंपनी NCC को सितंबर 2026 में दो नए ऑर्डर मिले हैं। इनकी कुल वैल्यू ₹500.22 करोड़ है। यह रकम GST को छोड़कर है।
Kalyan Jewellers India
ज्वेलरी कंपनी Kalyan Jewellers India ने तमिलनाडु के कोयंबटूर में 783.25 सेंट की प्रॉपर्टी ₹86.16 करोड़ में बेची है। यह प्रॉपर्टी थुडियालुर, सरवनमपट्टी रोड, चिन्नावेदमपट्टी में है। कंपनी ने 30 सितंबर 2026 को बिक्री डीड पूरी की और प्रॉपर्टी चेन्नई की Shivasakthi Real Estates को बेची है।
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केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मुंबई जोन-I ने फर्जी CSR डोनेशन रैकेट से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, गुजरात और दिल्ली-NCR में कुल 8 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया है। यह कार्रवाई डॉ. धर्मेंद्र कुमार चंद्रदेव सिंह और अन्य से जुड़े मामले में की जा रही है।
ED की तलाशी के दायरे में मार्केट ऑपरेटर्स, ट्रस्टी, बिचौलिए और CSR फंड से जुड़े अन्य लोगों के ठिकाने शामिल हैं। शुरुआती जांच में कथित तौर पर सैकड़ों करोड़ रुपये के फर्जी CSR नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
PMLA के तहत शुरू हुई जांच
ED ने यह जांच 12 जुलाई 2026 को जुहू पुलिस स्टेशन, ग्रेटर मुंबई में दर्ज FIR नंबर 1044/2026 के आधार पर शुरू की है। FIR में धर्मेंद्र कुमार चंद्रदेव सिंह के खिलाफ Maharashtra Medical Practitioners Act, 1961, National Medical Commission Act, 2019 और Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 के तहत आरोप दर्ज हैं।मामले में IPC की धारा 420, 467, 471 और 475 के अनुरूप अपराधों का भी उल्लेख है, जो PMLA की अनुसूची में शामिल हैं।
12वीं पास व्यक्ति ने करीब 30 साल तक खुद को बताया डॉक्टर
ED की जांच के मुताबिक, धर्मेंद्र कुमार सिंह के पास मान्यता प्राप्त मेडिकल योग्यता या मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण नहीं था और उन्होंने कथित तौर पर केवल 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की थी। इसके बावजूद वह करीब तीन दशकों तक खुद को डॉक्टर बताते रहे और ‘Doctor’ की उपाधि का इस्तेमाल करते रहे।
जांच एजेंसी के मुताबिक, इसी पहचान और डॉक्टर की सामाजिक विश्वसनीयता का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने चैरिटेबल ट्रस्ट और अन्य संस्थाओं का नेटवर्क खड़ा किया। इन संस्थाओं के जरिए स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी CSR गतिविधियों के नाम पर PSUs और निजी कंपनियों से बड़ी मात्रा में CSR फंड जुटाए गए।
CSR फंड के डायवर्जन का कथित नेटवर्क
ED की जांच में सामने आए प्रमुख बिंदुओं के मुताबिक—
ट्रस्ट, ट्रस्टी, बिचौलिए, कमीशन एजेंट और उपकरण सप्लायर का एक नेटवर्क कथित तौर पर बनाया गया था।इन ट्रस्टों का इस्तेमाल मुख्य रूप से PSUs से CSR डोनेशन हासिल करने के लिए किया गया।कंपनियों के सामने वैध CSR प्रोजेक्ट के तौर पर प्रस्ताव रखे गए, लेकिन आरोप है कि प्रोजेक्ट या तो आंशिक रूप से किए गए या प्राप्त फंड के अनुपात में काम नहीं हुआ।कथित तौर पर वेंडर बिलों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया और अतिरिक्त रकम को फर्जी या शेल संस्थाओं के जरिए बाहर निकालने की कोशिश की गई। इसके साथ ही ये भी जानकारी मिली कि CSR फंड हासिल कराने या लेन-देन में मध्यस्थता करने वाले बिचौलियों और ब्रोकरों को कमीशन/किकबैक दिए जाने का भी आरोप है।
निजी कंपनियों के CSR फंड को कैश में लौटाने का आरोप
जांच में CSR फंड के कथित कैश रीसाइक्लिंग मॉडल का भी पता चला है। ED के अनुसार, निजी कंपनियों से मिले CSR योगदान की बड़ी रकम कथित तौर पर नकद वापस कर दी जाती थी, जबकि ट्रस्ट अपने पास केवल एक छोटा हिस्सा कमीशन के तौर पर रखते थे।यानी आरोप है कि CSR व्यवस्था का इस्तेमाल अकाउंटेड रकम को अनअकाउंटेड कैश में बदलने के माध्यम के रूप में किया गया।
करीब 200 करोड़ रुपये CSR फंड की रूटिंग का अनुमान
ED की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, इस कथित नेटवर्क के जरिए लगभग ₹200 करोड़ के CSR फंड को रूट किए जाने की जानकारी सामने आई है।तलाशी के दौरान बरामद दस्तावेजों और अन्य सामग्री के आधार पर जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि CSR फंड किन संस्थाओं और व्यक्तियों के जरिए ट्रांसफर किए गए, कितनी रकम कथित तौर पर डायवर्ट या रीसाइकिल की गई और इसमें कौन-कौन से बिचौलिए तथा लाभार्थी शामिल थे।
Royal Enfield had launched the Himalayan 440 – with the 411 design and the Scram 440’s engine – on September 2. It was priced at Rs 2.29 lakh, surprisingly reasonable considering the new GST rules, and the fact that the Himalayan 411 at the time of its discontinuation was selling for Rs 2.23 lakh. Cut to now, Royal Enfield says it’s closing the bookings for the motorcycle for the foreseeable future as demand has exceeded the brand’s initial projections.
Himalayan 440 shares its platform with the Scram 440
No word as to when pre-bookings will be reopened
Royal Enfield Himalayan 440: What’s the story so far?
The old-new motorcycle appears to be a bigger hit than expected
To recap, the Himalayan 440 shares the same engine as the Scram 440, making 25.4hp and 34Nm. It also gained a sixth gear (was missing on the 411) from the Scram too. Royal Enfield brought back the motorcycle due to sustained demand from admirers of the original Himalayan; as well as for people who prefer a simpler machine compared to the Himalayan 450. Clearly, the company was right in gauging the demand, but apparently had underestimated said demand.
The Chennai and UK based manufacturer says that the response for the product has been far more than they anticipated and they have already sold out six months worth of stock for its new entry-level adventure tourer. Hence, new bookings for it are being closed for the moment with the brand focusing on prioritising existing deliveries. In a statement, Royal Enfield has mentioned that it is working on scaling up production to meet current demand and that bookings will re-open once that additional capacity is achieved.