Stock in Focus: ₹1050 करोड़ की डील पर शेयर बनेगा रॉकेट! पांच महीने में दिया था 264% रिटर्न

Indiabulls Share Price: इंडियाबुल्स ने फिनटेक क्लाउड प्राइवेट लिमिटेड में 70% हिस्सेदारी खरीदने के लिए एक डील की है। इस सौदे के जरिए इंडियाबुल्स की एनबीएफसी फिनटेक टेक्नोलॉजी स्पेस में एंट्री हो रही है। कंपनी ने इसकी जानकारी 11 सितंबर की रात एक्सचेंज फाइलिंग में दी थी और अब इसका असर 15 सितंबर को स्टॉक मार्केट खुलने पर इसके शेयरों पर दिख सकता है। चूंकि गणेश चतुर्थी के मौके पर आज 14 सितंबर को स्टॉक मार्केट में कारोबार बंद है तो इस वजह इस बार का वीकेंड लंबा हो गया और शनिवार, रविवार, सोमवार की छुट्टियों के बाद अब यह मंगलवार 15 सितंबर को खुलेगा। अभी की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले 11 सितंबर को बीएसई पर यह 5% के अपर सर्किट ₹25.89 पर बंद हुआ था।

Indiabulls और Fintech Cloud के बीच क्या हुई है डील

इंडियाबुल्स ने फिनटेक क्लाउड प्राइवेट लिमिटेड के साथ ₹1050 करोड़ की डील की है, जिसके तहत यह फिनटेक क्लाउड में 70% हिस्सेदारी हासिल करेगी। फिनटेक क्लाउड एक फिनटेक कंपनी है जोकि लोन ऑर्गेनाइजेशन और सर्विसिंग के लिए NBFCs (नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनीज) को टेक सॉल्यूशंस मुहैया कराती है। साल 2021 में बनी फिनटेक क्लाउड को वित्त वर्ष 2025 तक कोई रेवेन्यू नहीं मिला था और फिर वित्त वर्ष 2026 में इसे ₹133.77 करोड़ का रेवेन्यू और ₹30.31 करोड़ का मुनाफा मिला था।

सौदे के तहत इंडियाबुल्स ₹1500 करोड़ का पेमेंट कैश में नहीं करेगी बल्कि इसके बदले एनसीएलटी-अप्रूव्ड मर्जर स्कीम के तहत फिनटेक क्लाउड के शेयरहोल्डर्स को इंडियाबुल्स के 21 करोड़ तक नए शेयर दिए जाएंगे। अभी इस सौदे को स्टॉक एक्सचेंजों, मार्केट रेगुलेटर सेबी और शेयरहोल्डर्स की मंजूरी लेनी है और इसके 9-12 महीने में होने की उम्मीद है। हालांकि सौदे के तहत इंडियाबुल्स अभी तुरंत फिनटेक क्लाउड के बोर्ड में मेजॉरिटी डायरेक्टर्स नियुक्त करेगी।

एक साल में कैसी रही इंडियाबुल्स के शेयरों की चाल

इंडियाबुल्स के शेयरों ने कम समय में ही निवेशकों की ताबड़तोड़ कमाई कराई है। 25 फरवरी 2026 को बीएसई पर यह महज ₹8.93 के भाव में मिल रहा था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से 5 महीने में ही यह 263.94% ऊपर चढ़कर 14 जुलाई 2026 को ₹32.50 पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस प्रकार महज पांच महीने में ही निवेशकों की पूंजी 3 गुना से अधिक बढ़ गई।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks To Buy: ये 5 शेयर करेंगे मालामाल, जेफरीज हुआ इनका दीवाना, क्या करना चाहेंगे निवेश

Stock To Buy: ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने Groww, Paytm, PB Fintech, AU Small Finance Bank और Poonawalla Fincorp को उन पांच स्टॉक्स के तौर पर चुना है जिनका मार्केट कैपिटलाइज़ेशन $5 बिलियन या उससे ज़्यादा है और जो अगले तीन सालों में अच्छे रेवेन्यू ग्रोथ के साथ अपने ऑपरेटिंग प्रॉफिट को 25% की कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ा सकते हैं।

जेफरीज ने ऊपर बताए गए सभी पांच स्टॉक्स को “खरीदने” (buy) की रेटिंग दी है और उम्मीद है कि वे निवेशकों को अच्छा रिटर्न देंगे, क्योंकि ग्रोथ कंपाउंडिंग के साथ, ज़्यादा वैल्यूएशन के बावजूद निवेशकों को रिटर्न मिलेगा। आइए इन स्टॉक्स पर अलग-अलग नजर डालते हैं।

Groww | ब्रोकरेज का मानना ​​है कि Groww की पैरेंट कंपनी, Billionbrains Garage Ventures का शेयर प्राइस ₹240 तक पहुंच सकता है, जिसका मतलब है कि मौजूदा लेवल से इसमें 24% की बढ़ोतरी की संभावना है। जेफरीज का कहना है कि Groww के पास फाइनेंशियल ईयर 2026-2029 के दौरान 30% प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) CAGR हासिल करने के कई तरीके हैं। इनमें क्लाइंट विंटेज और मार्केट शेयर में बढ़ोतरी से ब्रोकिंग बिज़नेस में 18% की ग्रोथ, MTF और वेल्थ मैनेजमेंट जैसी नई पहल और मार्जिन में 10 प्रतिशत पॉइंट का विस्तार शामिल है।

Groww फाइनेंशियल ईयर 2027 में अपने प्लेटफ़ॉर्म पर US स्टॉक्स भी जोड़ रहा है, जिससे जेफरीज का मानना ​​है कि फाइनेंशियल ईयर 2028 की कमाई में 5% से 9% की और बढ़ोतरी हो सकती है।

Paytm | जेफरीज ने इस स्टॉक के लिए अपना प्राइस टारगेट पहले के ₹1,600 से बढ़ाकर ₹2,100 कर दिया है। नया प्राइस टारगेट इसके IPO प्राइस ₹2,150 के लगभग बराबर है। जेफरीज ने कहा कि Paytm लगभग ज़ीरो MDR वाले माहौल में भी अपने क्लाइंट बेस से कमाई करने में आगे है, और अब यह स्थिति बेहतर हो रही है।

जेफरीज का कहना है कि Paytm का 49 मिलियन मर्चेंट बेस और मजबूत लोन-ओरिजिनेशन मॉडल कंपनी को फाइनेंशियल ईयर 2026-2029 के दौरान 25% रेवेन्यू CAGR हासिल करने में मदद करेगा। इसके साथ ही, ऑपरेशनल तालमेल से इसके EBITDA और प्रॉफ़िट में ज़बरदस्त बढ़ोतरी होगी। ब्रोकरेज ने UPI पर 25 बेसिस पॉइंट्स के MDR को ध्यान में रखते हुए, फाइनेंशियल ईयर 2028-2029 के लिए Paytm की कमाई के अनुमानों को 20% और 25% तक बढ़ा दिया है।

PB Fintech | ब्रोकरेज ने PB Fintech के लिए ₹2,050 का प्राइस टारगेट तय किया है, जिसका मतलब है कि मौजूदा लेवल से इसमें 15% की बढ़त की गुंजाइश है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि फाइनेंशियल ईयर 2026-2029 के दौरान PB Fintech के प्रीमियम में 35% CAGR (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) देखने को मिलेगा।

ब्रोकरेज ने कहा कि मजबूत ऑपरेटिंग लेवरेज और बढ़ते रिन्यूअल बुक से कंपनी के एडजस्टेड EBITDA को इसी समय में चार गुना बढ़ने में मदद मिलनी चाहिए। साथ ही, कमीशन से जुड़े कड़े नियमों का जोखिम तो है, लेकिन कंबाइंड ऑपरेटिंग मॉडल और क्लेम सपोर्ट/सेल्स पहल जैसे तरीके भी मौजूद हैं।

AU Small Finance Bank | ब्रोकरेज ने इस स्टॉक के लिए ₹1,270 का टारगेट तय किया है, जिसका मतलब है कि मौजूदा लेवल से इसमें 21% की बढ़त की गुंजाइश है। Jefferies का कहना है कि यूनिवर्सल बैंक बनने से फंडिंग कॉस्ट कम हो सकती है, फीस बढ़ सकती है और ब्रांड मजबूत हो सकता है, जिससे ग्रोथ में मदद मिलेगी।

Jefferies का अनुमान है कि अगले तीन सालों में मजबूत डिपॉजिट ग्रोथ से 22% CAGR की क्रेडिट ग्रोथ में मदद मिलेगी और फाइनेंशियल ईयर 2028 तक RoA (रिटर्न ऑन एसेट्स) बढ़कर 1.8% हो जाएगा। Jefferies ने आगे कहा कि लीडरशिप में निरंतरता से भी ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी बनी रहेगी और वैल्यूएशन प्रीमियम में मदद मिलेगी।

Poonawalla Fincorp | ब्रोकरेज को उम्मीद है कि यह स्टॉक ₹560 के लेवल तक जा सकता है, जिसका मतलब है कि मौजूदा लेवल से इसमें 27% की बढ़त की गुंजाइश है। Poonawalla Fincorp अगले तीन सालों में 34% का AUM CAGR हासिल कर सकती है, जिसकी वजह नए प्रोडक्ट्स का विस्तार होगा (जो अभी कुल AUM का 16% है, वह बढ़कर 34% हो जाएगा)। ज़्यादा डिस्बर्समेंट यील्ड और प्राइम PL (पर्सनल लोन) व गोल्ड लोन में तेज़ी से ग्रोथ के कारण मार्जिन भी बढ़ेंगे।

अनसिक्योर्ड सेगमेंट में एसेट क्वालिटी अच्छी रहने से क्रेडिट कॉस्ट भी कम होनी चाहिए। बुक वैल्यू के 2.6 गुना पर, यह स्टॉक दूसरी NBFC कंपनियों के मुकाबले प्रीमियम वैल्यूएशन पर है, हालांकि इसका ग्रोथ आउटलुक कहीं ज़्यादा मजबूत है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Watch: Sensex की एक्सपायरी; ICICI Bank, Wipro, IRB Infra समेत इन 11 स्टॉक्स पर फोकस

Stocks to Watch: अधिकतर एशियाई बाजारों से कमजोर रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में फ्लैट शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। चूंकि आज सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 9 सितंबर को सेंसेक्स (Sensex) 813.35 प्वाइंट्स यानी 1.08% की गिरावट के साथ 74,764.23 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 203.60 प्वाइंट्स यानी 0.86% की फिसलन के साथ 23,431.50 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Dilip Buildcon

दिलीप बिल्डकॉन ने ओडिशा के पारादीप से छत्तीसगढ़ के रायपुर तक एलपीजी पाइपलाइन को लेकर PNGRB (पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड) से LoI (लेटर ऑफ इंटेंट) मिलने के बाद ₹1,800 करोड़ के प्रोजेक्ट के लिए सबसे कम बोली लगाई है।

Indian Bank

इंडियन बैंक ने एनएसई के आईपीओ में ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत के जरिए अपनी 17.91% होल्डिंग यानी 15 लाख इक्विटी शेयर बेचने का प्रस्ताव पेश किया है। हालांकि इसके लिए रेगुलटेरी अप्रूवल लेना है।

Shakti Pumps India

शक्ति पंप्स (इंडिया) को महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी से मैगेल त्याला सौर कृषि पंप योजना के तहत पूरे महाराष्ट्र में 3 HP, 5 HP और 7.5 HP क्षमता वाले 10,000 ऑफ-ग्रिड सोलर फोटोवोल्टिक वॉटर पंपिंग सिस्टम (SPWPS) के लिए लेटर ऑफ एम्पैनलमेंट मिला है। इन 10,000 पंपों की कुल वैल्यू लगभग ₹235.92 करोड़ है, और इसे वर्क ऑर्डर जारी होने के 60 दिनों के भीतर पूरा करना है।

ICICI Bank

आईसीआईसीआई बैंक को आरबीआई से इस बात की मंजूरी मिल गई है कि आवेदक आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी अब सीएसबी बैंक, डीसीबी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में 9.95% तक वोटिंग राइट्स हासिल कर सकती है।

IRB Infrastructure Developers

आईआरबी इंफ्रा डेवलपर्स का अगस्त महीने में टोल रेवेन्यू सालाना आधार पर 25% बढ़कर ₹807.4 करोड़ पर पहुंच गया।

Wipro

विप्रो ने नैस्डैक पर लिस्टेड क्राउडस्ट्राइक (CrowdStrike) के साथ मिलकर अपना चीफ इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर (CISO) कमांड सेंटर लॉन्च किया है। इस कमांड सेंटर को एआई से जुड़े एडवांस्ड रिस्क के खिलाफ कंपनियों की सिक्योरिटी को मजबूत करने के लिए डिजाइन किया गया है।

Hindustan Zinc

हिंदुस्तान जिंक ने कंसंट्रेट यानी कच्चे खनिज को लाने-ले जाने के लिए 30 इलेक्ट्रिक ट्रक को लेकर लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशन कंपनी MFL इंडिया के साथ छह साल का ट्रांसपोर्टेशन कॉन्ट्रैक्ट किया है।

Juniper Green Energy

जुनिपर ग्रीन एनर्जी की पूर्ण मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी जुनिपर ग्रीन स्पार्क टेन ने 75 MW के विंड-सोलर हाइब्रिड पावर प्रोजेक्ट को पूरी तरह से चालू कर दिया है। यह प्रोजेक्ट साइट पर विंड कैपेसिटी के आखिरी 10 MW के चालू होने के बाद पूरा हुआ है। इसके चालू होने के बाद जुनिपर ग्रीन एनर्जी और उसकी सब्सिडियरी कंपनियों की कुल ऑपरेशनल कैपेसिटी लगभग 2,604 MWp हो गई है और साथ ही लगभग 500 MWh की बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) कैपेसिटी भी है।

Biocon

प्राइवेट इक्विटी फर्म ट्रू नॉर्थ की सहयोगी कंपनी एक्टिव पाइन एलएलपी ने बायोकॉन के 1.65 करोड़ शेयर (1.02% हिस्सेदारी) ₹638.37 करोड़ में ₹385 के भाव पर बेच दिए। इसकी जून 2026 तक कंपनी में कुल 1.08% हिस्सेदारी (1.76 करोड़ इक्विटी शेयर) थी। ये शेयर 12 बड़े ग्लोबल और घरेलू निवेशकों- आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, एसबीआई म्यूचुअल फंड, कोटक महिंद्रा एएमसी, आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी, बीएनबी परिबास आर्बिट्रेज, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स सिंगापुर, व्हाइटओक कैपिटल म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, बजाज लाइफ इंश्योरेंस, सोसिएट जेनरल, एडलवाइस म्यूचुअल फंड और गवर्नमेंट पेंशन फंड ग्लोबल की तरफ से नॉर्जेस बैंक ने प्रति शेयर ₹385 के भाव पर खरीदे।

Khadim India

एंजल इन्वेस्टर पंकज प्रसून ने प्रति शेयर ₹116.19 के भाव पर जूते-चप्पल बनाने वाली खादिम इंडिया के अतिरिक्त 4.18 लाख शेयर ₹4.86 करोड़ में खरीदे हैं। जून 2026 तक कंपनी में उनकी पहले से ही 1.62% हिस्सेदारी (2.97 लाख शेयर) थी। वहीं दूसरी तरफ एम्बिट इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स ने प्रति शेयर ₹115.97 के भाव पर ₹4.27 करोड़ में खादिम इंडिया के 3.69 लाख शेयर बेच दिए।

Mangalam Global Enterprise

लेमन ग्रुप के निवेश वाली Veloce Fintech ने वेलोस अपॉर्च्यूनिटीज फंड और वेलोस अपॉर्च्यूनिटीज फंड-II के जरिए मंगलम ग्लोबल एंटरप्राइज के 1.17 करोड़ इक्विटी शेयर (3.57% होल्डिंग) ₹18.26 करोड़ में प्रति शेयर ₹15.5 के भाव पर खरीदे। वहीं निवेशक चुंगथ करुणाकरण पद्मा कुमार ने अपने पूरे 1.24 करोड़ शेयर (3.78% हिस्सेदारी) ₹19.3 करोड़ में समान भाव पर बेच दिए।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

आज इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट: गजा अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट, शंकेश ज्वैलर्स।

एक्स-डिविडेंड: एपेक्स फ्रोजन फूड्स, केमक्रक्स एंटरप्राइजेज, दिवगी टॉर्कट्रांसफर सिस्टम्स, एलनेट टेक्नोलॉजीज, गणेश इकोस्फीयर, ग्राउअर एंड वेल इंडिया, हर्षदीप हॉर्टिको, इंडोको रेमेडीज, इंडसिल हाइड्रो पावर एंड मैंगनीज, जेएमजे फिनटेक, लिंक, एमएंडबी इंजीनियरिंग, पावर मेक प्रोजेक्ट्स, रेडिएंट कैश मैनेजमेंट सर्विसेज, सिकाजेन इंडिया, टीवीएस श्रीचक्र, वैलियंट कम्युनिकेशंस, जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज

F&O बैन: आज बंधन बैंक, आईनॉक्स विंड, कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, मणप्पुरम फाइनेंस, SAIL

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

GFF: महाराष्ट्र से बदल सकता है दुनिया के फाइनेंस का फ्यूचर! फडणवीस ने बताया मुंबई कैसे बन रही ग्लोबल फिनटेक कैपिटल

Global Fintech Fest 2026: मुंबई में आयोजित ‘ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026’ में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र देश का पहला ऐसा राज्य बनने जा रहा है जो जमीनों के टोकनाइजेशन के लिए कानून और ब्लॉकचेन आधारित फ्रेमवर्क तैयार कर रहा है। इसके तहत राज्य सरकार ‘महाराष्ट्र डिजिटाइजेशन एंड एक्सचेंज ऑफ लैंड टोकनाइजेशन एक्ट’ लाने की तैयारी में है।

ग्लोबल फिनटेक दिग्गजों को संबोधित करते हुए फडणवीस ने कहा कि दुनिया के वित्तीय तंत्र का भविष्य अब केवल न्यूयॉर्क, लंदन और सिंगापुर जैसे पारंपरिक केंद्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी नई नींव भारत और मुंबई में रखी जा रही है।

देश का पहला ‘लैंड टोकनाइजेशन’ फ्रेमवर्क

महाराष्ट्र सरकार जमीनों के टोकनाइजेशन के लिए एक कानूनी ढांचा तैयार कर रही है। इसके साथ बनने वाला ब्लॉकचेन फ्रेमवर्क SEBI, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE), नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के विशेषज्ञों, उद्योग और शिक्षा जगत के सहयोग से विकसित किया जा रहा है।

फडणवीस ने साफ किया कि टोकनाइजेशन को सिर्फ क्रिप्टोकरेंसी या सट्टेबाजी के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। इसका असली मकसद अटकी हुई संपत्ति से पूंजी अनलॉक करना, पारदर्शिता लाना और मार्केट में लिक्विडिटी बढ़ाना है।

‘महाराष्ट्र को सिर्फ बाजार नहीं, अपनी प्रयोगशाला बनाएं’

फिनटेक कंपनियों और इनोवेटर्स को आमंत्रित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘महाराष्ट्र को केवल अपना बाजार न समझें, बल्कि इसे अपनी प्रयोगशाला के रूप में देखें। अगर कोई टेक्नोलॉजी या फाइनेंशियल सॉल्यूशन महाराष्ट्र में इतने बड़े पैमाने पर सफल हो सकता है, तो वह दुनिया में कहीं भी काम कर सकता है।’ राज्य सरकार फिनटेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और टोकनाइजेशन के क्षेत्र में नए प्रयोगों और सॉल्यूशंस के लिए एक बड़ा टेस्टबेड देने को तैयार है।

न्यूयॉर्क, लंदन और सिंगापुर से आगे निकलेगी मुंबई

फिनटेक के वैश्विक परिदृश्य पर बोलते हुए फडणवीस ने कहा, ग्लोबल फाइनेंस का भविष्य अब न्यूयॉर्क, लंदन या सिंगापुर के बजाय भारत में डिजाइन किया जा रहा है।मुंबई वो शहर बनना चाहिए जहां वैश्विक वित्त के भविष्य को आकार दिया जाए। अगली बड़ी ग्लोबल फिनटेक कंपनी या रिस्पॉन्सिबल फाइनेंशियल AI का बड़ा इनोवेशन मुंबई से ही निकल सकता है।

क्रेडिट, इनवेस्टमेंट और ओनरशिप का डेमोक्रेटाइजेशन

भारत की अब तक की फिनटेक यात्रा को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, भारतीय फिनटेक क्रांति की पहली बड़ी उपलब्धि डिजिटल पेमेंट्स (UPI) का आम आदमी तक पहुंचना रहा है। अब क्रेडिट, इनवेस्टमेंट और ओनरशिप को इसी तरह आम जनता तक पहुंचाना और आसान बनाना है। एजेंटिक AI और टोकनाइजेशन अंतिम व्यक्ति तक इन सेवाओं को पहुंचाने में मदद करेंगे।

AI पर कंट्रोल और साइबर सुरक्षा सबसे जरूरी

फाइनेंशियल सिस्टम में AI और टेक्नोलॉजी के बढ़ते इस्तेमाल के बीच फडणवीस ने सुरक्षा और जवाबदेही पर जोर दिया। AI नागरिकों के लिए काम कर सकता है, लेकिन अंतिम नियंत्रण हमेशा नागरिक के हाथ में होना चाहिए। इंटेलिजेंस के साथ-साथ जवाबदेही अनिवार्य है। ‘भरोसा’ ही वह आधारभूत तकनीक है जिस पर बाकी सभी प्रौद्योगिकियां टिकी हैं।

जैसे-जैसे भारत दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल अर्थव्यवस्थाओं में से एक बन रहा है, वैसे-वैसे हमारी साइबर सुरक्षा और सिस्टम की मजबूती को भी मजबूत करना होगा।

दुनिया में बजेगा भारत के UPI का डंका, GFF 2026 में PM Modi ने बताया अगला बड़ा मिशन

दुनिया में बजेगा भारत के UPI का डंका, GFF 2026 में PM Modi ने बताया अगला बड़ा मिशन

pm modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को मुंबई में आयोजित Global Fintech Fest (GFF) 2026 के 7वें संस्करण को संबोधित करते हुए भारत के UPI को वैश्विक स्तर पर विस्तार देने और दूसरे देशों के पेमेंट सिस्टम से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत को ऐसे देशों पर विशेष ध्यान देना चाहिए, जहां बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी रहते हैं, भारत के साथ व्यापारिक संबंध मजबूत हैं या जो अपने पेमेंट सिस्टम को भारत के सिस्टम से जोड़ने के लिए तैयार हैं।

 

रेमिटेंस लागत घटाने में UPI की बड़ी भूमिका

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बड़ी संख्या में भारतीय विदेशों में काम करते हैं और भारत दुनिया में सबसे अधिक रेमिटेंस प्राप्त करने वाले देशों में शामिल है। विदेशों से भारत भेजे जाने वाले पैसे का एक हिस्सा ट्रांजैक्शन फीस में चला जाता है। उन्होंने कहा कि UPI इस लागत को कम करने में मदद कर सकता है और विदेश से भेजा गया पैसा परिवारों तक पहले से ज्यादा तेजी से पहुंच सकता है। प्रधानमंत्री ने फिनटेक इंडस्ट्री से दूसरे देशों के स्थानीय पेमेंट सिस्टम के साथ UPI को जोड़ने की दिशा में काम करने का आह्वान किया।

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11 देशों में UPI की पहुंच

 

पीएम मोदी ने UPI की 10 साल की यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय डिजिटल पेमेंट सिस्टम अब देश की सीमाओं से आगे बढ़ चुका है। UPI की मौजूदगी 11 देशों तक पहुंच चुकी है और सिंगापुर के साथ इसका डायरेक्ट क्रॉस-बॉर्डर लिंक भी है। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य सिर्फ अपने पेमेंट सिस्टम को दूसरे देशों में ले जाना नहीं होना चाहिए, बल्कि अलग-अलग देशों के पेमेंट सिस्टम को आपस में जोड़ने के लिए एक मजबूत ग्लोबल नेटवर्क तैयार करना भी होना चाहिए।

 

'दूसरे देशों के सिस्टम पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं'

प्रधानमंत्री मोदी ने ग्लोबल कार्ड पेमेंट सिस्टम का उदाहरण देते हुए कहा कि वर्तमान में कार्ड पेमेंट का बड़ा हिस्सा ऐसे सिस्टम पर चलता है जिन्हें दूसरे देशों में विकसित किया गया है। हालांकि, भारत के पास अब इसका अपना विकल्प मौजूद है। उन्होंने कहा कि भारत अपने नियम और मानक खुद तय कर सकता है और उन्हें दुनिया के साथ जोड़ सकता है।

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UPI सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं, सभ्यता की कहानी भी

 

प्रधानमंत्री ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की उस टिप्पणी का भी उल्लेख किया, जिसमें UPI को केवल टेक्नोलॉजी की कहानी नहीं बल्कि एक सभ्यतागत बदलाव के रूप में देखा गया था। पीएम मोदी ने कहा कि पेमेंट के क्षेत्र में भारत ने पिछले वर्षों में बड़ी सफलता हासिल की है। अब भारतीय फिनटेक इंडस्ट्री के लिए अगला अध्याय पेमेंट से आगे बढ़कर नॉन-पेमेंट ट्रांजैक्शन पर काम करना होना चाहिए।

 

क्रेडिट, इंश्योरेंस और निवेश तक डिजिटल पहुंच

 

प्रधानमंत्री ने फिनटेक सेक्टर से डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल करते हुए क्रेडिट, इंश्योरेंस और निवेश जैसी सेवाओं तक लोगों की पहुंच आसान बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि फिनटेक का अगला चरण केवल डिजिटल पेमेंट को बढ़ाना नहीं, बल्कि वित्तीय सेवाओं को ज्यादा लोगों तक पारदर्शी और आसान तरीके से पहुंचाना होना चाहिए।

 

साइबर सिक्योरिटी और डेटा प्रोटेक्शन पर जोर

 

पीएम मोदी ने फिनटेक कंपनियों से उच्च स्तर के साइबर सिक्योरिटी सॉल्यूशन विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने नैतिक डेटा सुरक्षा मानकों की जरूरत पर भी जोर दिया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने एक मजबूत फिनटेक रेगुलेटरी इकोसिस्टम और Fintech Consumer Protection Index विकसित करने की बात कही। उनका कहना था कि इससे कंपनियों की पारदर्शिता को रेट करने और उपभोक्ताओं के हितों की बेहतर सुरक्षा में मदद मिल सकती है।

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पीएम मोदी के भाषण की बड़ी बातें

  • UPI को ग्लोबल स्तर पर और विस्तार देने पर जोर।
  • UPI को दूसरे देशों के लोकल पेमेंट सिस्टम से जोड़ने की अपील।
  • क्रॉस-बॉर्डर रेमिटेंस की लागत घटाने की कोशिश।
  • विदेशों में रहने वाले भारतीयों के लिए तेज और सस्ता मनी ट्रांसफर।
  • पेमेंट के बाद फिनटेक का अगला फोकस क्रेडिट, इंश्योरेंस और निवेश पर।
  • साइबर सिक्योरिटी और डेटा प्रोटेक्शन को मजबूत करने की जरूरत।
  • पारदर्शिता के लिए Fintech Consumer Protection Index बनाने पर जोर।
  • भारत के अपने डिजिटल पेमेंट सिस्टम और मानकों को दुनिया से जोड़ने का लक्ष्य।

UPI Payment पर 6 साल बाद फिर लगेगा MDR! क्यों हो रही वापसी, किनमें बंटेगा इसका पैसा

UPI Payment Charges: लगभग छह साल बाद यूपीआई से लेन-देन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) वापस आ सकता है। दुकानदार को ₹2,000 या उससे अधिक के यूपीआई पेमेंट पर 0.3% का चार्ज लग सकता है। इसके लागू होने का कानूनी रास्ता तब साफ हुआ, जब सरकार ने अगस्त में पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट में बदलाव किया और जीरो-एमडीआर प्रोटेक्शन को हटा दिया। 21 अगस्त की फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक अब यूपीआई से पेमेंट पर जीरो की बजाय 0.3% के शुल्क का नियम अगले दो हफ्ते के भीतर लागू किया जा सकता है। हालांकि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ कर दिया है कि ग्राहकों और छोटे कारोबारियों पर इसका भार नहीं डाला जाएगा। सरकार की कोशिश इस पेमेंट सिस्टम से जुड़ी एंटिटीज को डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बनाए रखने पर होने वाले खर्च के कुछ हिस्से की भरपाई है। ₹2,000 या इससे अधिक के लेन-देन पर MDR लागू होने से इलेक्ट्रॉनिक्स, सिक्योरिटीज, कपड़े और अधिक दाम वाली खरीदारी प्रभावित हो सकती है।

किसे मिलेगा UPI Payment में MDR का पैसा

एमडीआर का पैसा किसी एक को नहीं मिलेगा बल्कि बैंक, फिनटेक कंपनियां और इस लेन-देन में शामिल अन्य एंटिटीज में बंटेगा। साल 2019 तक एमडीआर वाली व्यवस्था लागू थी लेकिन फिर डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए इसे जीरो कर दिया गया। इसे हटाए जाने से पहले ₹100 से अधिक मूल्य वाले ऑफलाइन क्यूआर कोड के जरिए किए गए P2M (पर्सन-टू-मर्चेंट) पेमेंट पर 0.3% शुल्क लगता था, जिसे इश्यूअर (Issuer) और एक्वायरर (Acquirer) बैंकों के बीच बराबर बांटा जाता था। एमडीआर की अधिकतम सीमा भी ₹100 थी, जिसे साल 2020 में पूरी तरह समाप्त कर दिया गया।

अब इसे फिर लाया जा रहा है। इसका पैसा पेमेंट चेन में चार प्लेयर्स के बीच बंटेगा। एक हिस्सा ग्राहक के बैंक को, दूसरा हिस्सा पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर और ट्रांजैक्शन हैंडल करने वाले इसके बैंक को, तीसरा हिस्सा दुकानदार की तरफ से यानी एक्वायरिंग बैंकों और उसके पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर को तो चौथा हिस्सा यूपीआई नेटवर्क चलाने और लेन-देन का निपटारा करने वाली NPCI को मिलेगा। एमडीआर में सबसे अधिक हिस्सा इंटरचेंज शुल्क के रूप में इश्यूइंग बैंक यानी ग्राहकों के बैंक को तो सबसे कम हिस्सा एनपीसीआई को मिलेगा।

क्यों हुई वापसी

भर्तृहरि महताब के नेतृत्व में फाइनेंस से जुड़ी संसदीय स्थायी समिति ने 12 अगस्त को अपनी रिपोर्ट में जिक्र किया कि यूपीआई को बढ़ावा देने और जीरो-MDR के कारण इंडस्ट्री के रेवेन्यू लॉस की भरपाई के लिए सरकार ने सिर्फ ₹2,000 करोड़ एलॉट किए हैं जोकि डिजिटल पेमेंट इंडस्ट्री की अनुमानित सालाना लागत ₹20,700 करोड़ से बहुत ही कम है। कमेटी ने आगाह किया है कि इसके चलते साइबर सिक्योरिटी, फर्जीवाड़े की रोकथाम और पेमेंट नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर में जरूरी निवेश प्रभावित हो सकता है। चूंकि अब एआई का इस्तेमाल बढ़ा है तो साइबर खतरे भी बढ़े हैं, जिससे चिंता और गंभीर हो गई है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा भी कह चुके हैं कि यूपीआई हमेशा फ्री नहीं रह सकता है और कोई न कोई इसका खर्च चुका रहा है।

हालांकि सिर्फ एमडीआर ही इन खर्चों की भरपाई के लिए पर्याप्त नहीं है। डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज ने संसदीय समिति को बताया कि फंडिंग के बोझ को कम करने के लिए दो विकल्पों पर विचार किया जा रहा है- अधिक वैल्यू वाले यूपीआई पेमेंट पर एमडीआर को दोबारा लागू करना या आने वाले वषों में सरकारी सहायता को धीरे-धीरे कम करना। सरकारी आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में देश में करीब ₹314 लाख करोड़ के 24,000 करोड़ से अधिक UPI लेनदेन हुए। इसमें से 71% P2P (पर्सन-टू-पर्सन) और बाकी P2M (पर्सन-टू-मर्चेंट) थे। पी2एम में सिर्फ 4% की वैल्यू ही ₹2,000 या उससे अधिक थी यानी कि अधिकतर यूपीआई पेमेंट एमडीआर के दायरे से बाहर रहेगा तो छोटे कारोबारियों को बाहर रखने से इसका दायरा और सीमित हो जाता है।

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Stocks to Watch: सोमवार 17 अगस्त को 20 शेयरों पर रहेगी नजर, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: सोमवार, 17 अगस्त को बाजार खुलते ही कई शेयरों में तगड़ी हलचल देखने को मिल सकती है। कुछ कंपनियों ने मजबूत तिमाही नतीजे दिए हैं, तो कुछ पर बड़े ऑर्डर, ब्लॉक डील और रेगुलेटरी अपडेट का असर रह सकता है। डिफेंस, बैंकिंग, रियल एस्टेट, FMCG और इंजीनियरिंग समेत कई सेक्टर फोकस में रहेंगे। ऐसे में इन 20 शेयरों पर निवेशकों की खास नजर रहेगी।

Cochin Shipyard

सरकारी शिपबिल्डिंग कंपनी Cochin Shipyard के नतीजे कमजोर रहे। नेट प्रॉफिट 27.7% घटकर ₹135.8 करोड़ रह गया। रेवेन्यू और EBITDA में भी गिरावट दर्ज हुई। कमजोर प्रदर्शन का असर शेयर पर पड़ सकता है।

Reliance Industries

तेल-टेलीकॉम से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक कारोबार करने वाली Reliance Industries ने ब्रिटेन की एयरोस्पेस कंपनी Rolls-Royce के साथ बड़ा समझौता किया है। दोनों कंपनियां भारत के AMCA फाइटर जेट प्रोग्राम के लिए स्वदेशी कॉम्बैट इंजन विकसित करने पर काम करेंगी। इसके लिए भारत में एक एयरोस्पेस गैस टर्बाइन कॉम्प्लेक्स बनाने की भी योजना है, जो पावर और प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनेगा।

Voltas

एयर कंडीशनर और होम एप्लायंसेस बनाने वाली टाटा ग्रुप की कंपनी Voltas ने मजबूत तिमाही नतीजे दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹140 करोड़ से बढ़कर ₹214 करोड़ हो गया। रेवेन्यू भी 19% बढ़कर ₹4,674 करोड़ पहुंच गया। बेहतर नतीजों से शेयर में हलचल दिख सकती है।

Max Estates

रियल एस्टेट कंपनी Max Estates का पहली तिमाही में नेट प्रॉफिट 30% घटकर ₹8.35 करोड़ रह गया। रेवेन्यू लगभग स्थिर रहा और 0.85% बढ़कर ₹51.91 करोड़ पहुंचा। वहीं, EBITDA 41.6% गिरकर ₹8.12 करोड़ रहा। हालांकि पिछली तिमाही के मुकाबले कंपनी ने घाटे से मुनाफे में वापसी की है।

Texmaco Rail & Engineering

रेलवे और इंजीनियरिंग कंपनी Texmaco Rail & Engineering ने अपनी डिफेंस सब्सिडियरी Texmaco Defence Technologies में ₹200 करोड़ तक के निवेश के लिए समझौता किया है। पहले चरण में ₹100 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करके लगाए जाएंगे। बाकी ₹100 करोड़ इक्विटी, डेट या अन्य वित्तीय साधनों के जरिए निवेश किए जाएंगे।

BEML

सरकारी इंजीनियरिंग कंपनी BEML को मॉरीशस से 6.65 मिलियन डॉलर (करीब ₹63.5 करोड़) का एक्सपोर्ट ऑर्डर मिला है। इसके तहत कंपनी BE220G हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर अफ्रीका के कई देशों में सप्लाई करेगी। ऑर्डर की शुरुआत सिएरा लियोन में पायलट डिप्लॉयमेंट से होगी।

Ather Energy

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी Ather Energy के शेयरधारकों ने ₹1,200 करोड़ के प्रेफरेंशियल इश्यू को मंजूरी दे दी है। इससे पहले कंपनी ₹1,300 करोड़ का QIP भी पूरा कर चुकी है। दोनों को मिलाकर कंपनी ने करीब ₹2,500 करोड़ जुटाए हैं।

NMDC Steel

सरकारी स्टील कंपनी NMDC Steel ने पहली तिमाही में मजबूत ग्रोथ दिखाई। नेट प्रॉफिट 97.6% बढ़कर ₹50.51 करोड़ हो गया। रेवेन्यू भी 8.8% बढ़कर ₹3,661.84 करोड़ पहुंचा। बेहतर नतीजों से निवेशकों की नजर रहेगी।

Embassy Office Parks REIT

रियल एस्टेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट Embassy Office Parks REIT में Bain Capital की इकाई APAC Company XXIII Limited ने ब्लॉक डील लॉन्च की है। बेस ऑफर के तहत 4.42% हिस्सेदारी वाले 4.19 करोड़ यूनिट करीब ₹1,802 करोड़ में बेचे जाएंगे। अपसाइज विकल्प जोड़ने पर डील का आकार करीब ₹2,298 करोड़ तक पहुंच सकता है।

Patanjali

FMCG कंपनी पंतजलि ने शानदार तिमाही प्रदर्शन किया है। कंपनी का मुनाफा ₹180 करोड़ से बढ़कर ₹336 करोड़ हो गया। इसके साथ FY27 के लिए ₹0.80 और FY26 के लिए ₹1.50 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का ऐलान भी किया है।

IndusInd Bank

प्राइवेट सेक्टर के बैंक IndusInd Bank पर RBI ने ₹59.20 लाख का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई नियमों के पालन में कमी के चलते हुई है। बैंक पर ब्याज दर और सिक्योरिटाइजेशन नियमों के उल्लंघन का मामला है।

PhysicsWallah

एडटेक कंपनी PhysicsWallah का घाटा कम हुआ है। नेट लॉस ₹120.5 करोड़ से घटकर ₹77.6 करोड़ रह गया। यानी कंपनी ने घाटे में करीब ₹42.9 करोड़ की कमी दर्ज की है।

PB Fintech

इंश्योरेंस और फिनटेक कंपनी PB Fintech की सब्सिडियरी Policybazaar को IRDAI से शो-कॉज नोटिस मिला है। यह नोटिस पिछले निरीक्षण के दौरान की गई टिप्पणियों से जुड़ा है। कंपनी ने तय समय में जवाब देने की बात कही है।

Dr. Reddy’s Laboratories

फार्मा कंपनी Dr. Reddy’s Laboratories की हैदराबाद स्थित FTO-3 यूनिट का USFDA निरीक्षण पूरा हो गया है। निरीक्षण के बाद अमेरिकी नियामक ने Form 483 जारी किया है। इसमें चार ऑब्जर्वेशन दर्ज किए गए हैं।

BMW Industries

स्टील प्रोसेसिंग कंपनी BMW Industries ने बेहतर तिमाही नतीजे दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट 25.8% बढ़कर ₹19.04 करोड़ हो गया। कुल आय भी 15% बढ़कर ₹176.68 करोड़ पहुंच गई।

NMDC

सरकारी माइनिंग कंपनी NMDC का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 2% बढ़कर ₹2,007 करोड़ हो गया। रेवेन्यू भी 2.4% बढ़कर ₹6,795 करोड़ रहा। मजबूत प्रदर्शन से शेयर पर नजर रहेगी।

Jupiter Wagons

रेलवे वैगन बनाने वाली कंपनी Jupiter Wagons का मुनाफा 13.6% घटकर ₹28.3 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू 46% बढ़कर ₹670.7 करोड़ पहुंचा। EBITDA में भी हल्की बढ़त दर्ज हुई।

Zaggle Prepaid

फिनटेक कंपनी Zaggle Prepaid का नेट प्रॉफिट 33% घटकर ₹17.5 करोड़ रह गया। इसके बावजूद रेवेन्यू 27.5% बढ़कर ₹423 करोड़ हो गया। मिले-जुले नतीजों पर बाजार की नजर रहेगी।

Borosil

ग्लासवेयर और किचनवेयर कंपनी Borosil का नेट प्रॉफिट 26.4% घटकर ₹13 करोड़ रह गया। रेवेन्यू 9% बढ़ा, लेकिन EBITDA में गिरावट दर्ज हुई। इससे शेयर में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

Schneider Electric

इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट कंपनी Schneider Electric के नतीजे कमजोर रहे। नेट प्रॉफिट करीब 70% घटकर ₹12 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू में हल्की बढ़त रही, लेकिन EBITDA और मार्जिन पर दबाव बना रहा।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: Sensex की एक्सपायरी; दो लिस्टिंग और PB Fintech-Biocon समेत इन स्टॉक्स पर रहेगा फोकस

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में ग्रीन शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 52.00 प्वाइंट्स यानी 0.21% की बढ़त के साथ 24,686.50 पर है। चूंकि आज सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 05 अगस्त को सेंसेक्स (Sensex) 152.05 प्वाइंट्स यानी 0.19% की मजबूती के साथ 78,581.00 और निफ्टी 9.75 प्वाइंट्स यानी 0.04% की हल्की बढ़त के साथ 24,624.65 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

आज इन कंपनियों के नतीजे होंगे पेश

हीरो मोटोकॉर्प, एलआईसी, ल्यूपिन, ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज, अपोलो टायर्स, ब्लू स्टार, क्रॉम्पटन ग्रीव्स कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स, एडलवाइस फाइनेंशियल सर्विसेज, ईआईएच, एमक्योर फार्मा, फिनोलेक्स इंडस्ट्रीज, संवर्धन मदरसन इंटरनेशनल, मुथूट माइक्रोफिन, एनसीसी, प्रीमियर एनर्जीज, साई लाइफ साइंसेज, ट्रेंट, विजया डायग्नोस्टिक सेंटर और विक्रम सोलर आज कारोबारी नतीजे पेश करेंगी।

इन कंपनियों के नतीजे पेश

Aurobindo Pharma Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर अरबिंदो फार्मा का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 25.2% बढ़कर ₹1,032.6 करोड़ और रेवेन्यू 16.3% उछलकर ₹9,150.4 करोड़ पर पहुंच गया।

Cummins India Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर कमिंस इंडिया का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 0.9% बढ़कर ₹609.3 करोड़ और रेवेन्यू 17.9% उछलकर ₹3,426 करोड़ पर पहुंच गया।

PB Fintech Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर पीबी फिनटेक का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 92.6% बढ़कर ₹162.9 करोड़ और रेवेन्यू 40.1% उछलकर ₹1,888.3 करोड़ पर पहुंच गया।

Biocon Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर बायोकॉन का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 349.4% बढ़कर ₹141.1 करोड़ और रेवेन्यू 10% उछलकर ₹4,336 करोड़ पर पहुंच गया।

Godrej Agrovet Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर गोदरेज एग्रोवेट का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 13.8% गिरकर ₹128.3 करोड़ पर आ गया लेकिन इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 9.2% उछलकर ₹2,855.2 करोड़ पर पहुंच गया।

Aster DM Quality Care Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एस्टर डीएम क्वालिटी केयर का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 81.2% घटकर ₹16.06 करोड़ रह गया लेकिन रेवेन्यू 21.6% उछलकर ₹1,310.7 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का एक्सपेश्नल लॉस ₹4.4 करोड़ से ₹114.4 करोड़ पर पहुंच गया।

Navin Fluorine International Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर नवीन फ्लोरीन इंटरनेशनल का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 107.7% बढ़कर ₹243.3 करोड़ और रेवेन्यू 44.1% उछलकर ₹1,045.1 करोड़ पर पहुंच गया।

Cohance Lifesciences Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर कोहेंस लाइफसाइंसेज ₹48.9 करोड़ के कंसालिडेटेड प्रॉफिट से ₹24.12 करोड़ के घाटे में आ गई तो रेवेन्यू भी 23.1% घटकर ₹422.3 करोड़ रह गया।

GMM Pfaudler Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर जीएमएम फॉडलर का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 114.3% बढ़कर ₹23.9 करोड़ और रेवेन्यू 16.4% उछलकर ₹924.8 करोड़ पर पहुंच गया।

JK Lakshmi Cement Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर जेके लक्ष्मी सीमेंट का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 28.1% बढ़कर ₹108 करोड़ और रेवेन्यू 9.4% उछलकर ₹1,904.8 करोड़ पर पहुंच गया।

Neuland Laboratories Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर नियूलैंड लैब का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 10 गुना बढ़कर ₹13.9 करोड़ से ₹147.7 करोड़ और रेवेन्यू 119.2% उछलकर ₹641.6 करोड़ पर पहुंच गया।

Meenakshi India Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर मीनाक्षी इंडिया का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 15.4% बढ़कर ₹321.6 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन रेवेन्यू 4.2% फिसलकर ₹1,835 करोड़ पर आ गया।

SIS Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एसआईएस का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 9.4% बढ़कर ₹101.7 करोड़ और रेवेन्यू 29.7% उछलकर ₹4,603.6 करोड़ पर पहुंच गया।

Automotive Axles Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर ऑटोमोटिव एक्सल्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 27.6% बढ़कर ₹45.6 करोड़ और रेवेन्यू 5.6% उछलकर ₹516.8 करोड़ पर पहुंच गया।

Stocks to Watch: इन स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

Cohance Lifesciences

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने 27 जुलाई से 5 अगस्त, 2026 के बीच हैदराबाद के पशामिलाराम में कोहेंस लाइफसाइंसेज की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद कंपनी को पांच ऑब्जर्वेशन के साथ फॉर्म 483 मिला।

RMC Switchgears

आरएमसी स्विचगियर्स को कुल ₹344.10 करोड़ के ऑर्डर मिले हैं। इनमें सबसे बड़ा ऑर्डर पश्चिम गुजरात विज कंपनी (PGVCL) से मिले 12 LoA (लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस) हैं, जिनकी वैल्यू ₹333.80 करोड़ है।

बल्क और ब्लॉक डील्स

Meenakshi India

एल्केमी कैपिटल मैनेजमेंट की एल्केमी लॉन्ग टर्म वेंचर्स फंड-सीरीज 3 ने ₹4.56 करोड़ में मीनाक्षी इंडिया के 1.15 लाख शेयर (1.02% हिस्सेदारी) ₹396.65 के भाव पर खरीदे।

Sapphire Foods India

रैम्स इक्विटीज पोर्टफोलियो फंड ने हर शेयर ₹200.6 के भाव पर सफायर फूड्स के 17.7 लाख शेयर (0.55% हिस्सेदारी) ₹35.41 करोड़ में खरीदे। वहीं पीआई अपॉर्च्युनिटीज एआईएफ V एलएलपी ने ₹33.16 करोड़ के 16.57 लाख शेयर ₹200.10 के भाव पर तो पायनियर इन्वेस्टमेंट फंड स्कीम II ने ₹34 करोड़ के 17 लाख शेयर ₹200 के भाव पर बेचे। प्रेमजी इन्वेस्ट की इन दोनों एंटिटीज ने मिलकर कंपनी में 1% से अधिक हिस्सेदारी बेची।

Apollo Pipes

प्रमोटर ध्रुव गुप्ता ने हर शेयर ₹536.20 के भाव पह ₹12.6 करोड़ में अपोलो पाइप्स के 2.35 लाख अतिरिक्त शेयर (0.53% हिस्सेदारी) खरीदे।

Prataap Snacks

ऑथम इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर ने हर शेयर ₹1,169.99 के भाव पर प्रताप स्नैक्स के 2.17 लाख शेयर (0.91% हिस्सेदारी) ₹ 25.45 करोड़ में खरीदे।

Rajgor Castor Derivatives

यूनिकॉर्न फंड ने राजगोर कैस्टर डेरिवेटिव्स में अपनी बाकी बची 2% हिस्सेदारी (4.8 लाख शेयर) ₹1.57 करोड़ में हर शेयर पर ₹32.80 के भाव पर बेच दिए। इससे पिछले सेशन में फंड ने 3.75% हिस्सेदारी बेची थी। ये शेयर रमेशचंद्र मदनलाल राठी ने खरीदे, जिन्होंने ₹1.55 करोड़ की डील में 4.74 लाख शेयर खरीदे।

Silky Overseas, Invicta Diagnostic

पाइन ओक ग्लोबल फंड ने सिल्की ओवरसीज में अपनी पूरी 2.61% हिस्सेदारी (1.66 लाख शेयर) ₹1.2 करोड़ में ₹72.26 के भाव पर बेच दिए। ये शेयर बर्चवुड मल्टी स्ट्रेटेजी फंड ओपन एंडेड पीसीसी लिमिटेड-बर्चवुड ग्लोबल अल्फा फंड ने खरीदे।

इसके अलावा बर्चवुड ग्लोबल अल्फा फंड ने पाइन ओक ग्लोबल फंड से इनविक्टा डायग्नोस्टिक में 1.54% हिस्सेदारी (1.93 लाख शेयर) ₹1.42 करोड़ में ₹73.79 के भाव पर हासिल की।

IndiGrid Infrastructure Trust

सिंगापुर सरकार ने इंडिग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट में अपनी 2.93% हिस्सेदारी ₹486.14 करोड़ में प्रति यूनिट ₹174 के भाव में बेच दी। जून 2026 तिमाही तक सिंगापुर सरकार के पास इंडिग्रिड में 7.36% हिस्सेदारी थी और वह ट्रस्ट की सबसे बड़ी यूनिट-होल्डर थी। सिंगापुर सरकार से ये यूनिट्स नियो ग्रुप, नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) ट्रस्ट, निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड, गोल्डमैन सैक्स बैंक यूरोप, अस्क्वा इनकम अपॉर्चुनिटीज AIF, IEX, अल्फा अल्टरनेटिव्स एमएसएआई, केआरबीएल, भारती एक्सा लाइफ इंश्योरेंस कंपनी और सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स मॉरीशस जैसे घरेलू इंस्टीट्यूशंस और एसेट मैनेजर्स ने खरीदे।

लिस्टिंग

आज जुनिपर ग्रीन एनर्जी और एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स की बीएसई और एनएसई पर एंट्री होगी तो वनइंडिग टेक और धवल पैकेजिंग के शेयर बीएसई एसएमई पर लिस्ट होंगे।

एक्स-डिविडेंड

आज बेमको हाइड्रोलिक्स, भारत गियर्स, ब्लैक रोज इंडस्ट्रीज, हरक्यूलिस इन्वेस्टमेंट्स, इन्फोबीन्स टेक्नोलॉजीज, इन्वेस्टमेंट एंड प्रिसिजन कास्टिंग्स, लिंडे इंडिया, लुमैक्स इंडस्ट्रीज, लुमैक्स ऑटो टेक्नोलॉजीज, माइंडटेक (इंडिया), प्राज इंडस्ट्रीज, राणे होल्डिंग्स, और टेस्टी बाइट ईटेबल्स के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे तो जेनेसिस इंटरनेशनल कॉर्पोरेशन के राइट्स और नेक्सस सेलेक्ट ट्रस्ट के इनकम डिस्ट्रीब्यूशन की भी आज एक्स-डेट है।

F&O Ban

एलआईसी में आज एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 6 अगस्त को इन 18 स्टॉक्स पर रखें नजर, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: गुरुवार, 6 अगस्त के कारोबार में कई शेयरों पर निवेशकों की खास नजर रहेगी। इनमें तिमाही नतीजे, बड़े ऑर्डर, शेयर बायबैक, USFDA अपडेट और मैनेजमेंट की अहम घोषणाओं से जुड़े स्टॉक्स शामिल हैं। ऐसे में इन 18 कंपनियों के शेयरों में बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है।

HDFC Bank

प्राइवेट सेक्टर के HDFC Bank ने कहा कि HDFC लिमिटेड के मर्जर का असर कम होने के साथ अगले 2-3 वर्षों में बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) और CASA रेशियो बेहतर होगा। बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन राजीव कुमार ने AGM में कहा कि मर्जर के बाद बैलेंस शीट की संरचना बदली है, जिसका असर खत्म होने में कुछ समय लगेगा।

Aurobindo Pharma

फार्मा कंपनी Aurobindo Pharma का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट जून तिमाही में 25.2% बढ़कर 1,032 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 16.3% बढ़कर 9,150.3 करोड़ रुपये और EBITDA 1,881 करोड़ रुपये रहा। कंपनी के नतीजे बाजार के अनुमान से बेहतर रहे, जबकि EBITDA मार्जिन बढ़कर 21% हो गया।

Neuland Laboratories

फार्मा कंपनी Neuland Laboratories का शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में 14 करोड़ रुपये से बढ़कर 148 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 292.7 करोड़ रुपये से बढ़कर 641.5 करोड़ रुपये रही। EBITDA 34.4 करोड़ रुपये से बढ़कर 222.7 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन भी 11.8% से बढ़कर 34.7% पर पहुंच गया।

Bikaji Foods International

पैकेज्ड फूड कंपनी Bikaji Foods International का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में मामूली 0.4% बढ़कर 60.1 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, रेवेन्यू 12.5% बढ़कर 734.3 करोड़ रुपये हो गई। बढ़ती ऑपरेटिंग लागत की वजह से कंपनी के मुनाफे की रफ्तार सीमित रही।

Biocon

फार्मा कंपनी Biocon का शुद्ध मुनाफा 31.4 करोड़ रुपये से बढ़कर 141 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 10% बढ़कर 4,336 करोड़ रुपये रही। EBITDA 10.6% बढ़कर 847.2 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 19.43% से बढ़कर 19.54% हो गया।

JK Lakshmi Cement

सीमेंट कंपनी JK Lakshmi Cement का शुद्ध मुनाफा 150 करोड़ रुपये से घटकर 108 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 9.4% बढ़कर 1,905 करोड़ रुपये रही। EBITDA 311.2 करोड़ रुपये से घटकर 258.7 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 17.9% से घटकर 13.6% पर आ गया।

PB Fintech

फिनटेक कंपनी PB Fintech का शुद्ध मुनाफा 85 करोड़ रुपये से बढ़कर 163 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 40.1% बढ़कर 1,888.2 करोड़ रुपये रही। EBITDA 34.22 करोड़ रुपये से बढ़कर 139.1 करोड़ रुपये पहुंच गया। EBITDA मार्जिन 2.54% से बढ़कर 7.37% हो गया।

Navin Fluorine

स्पेशलिटी केमिकल कंपनी Navin Fluorine का शुद्ध मुनाफा 117.2 करोड़ रुपये से बढ़कर 243.3 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 44.1% बढ़कर 1,045.1 करोड़ रुपये रही। EBITDA 206 करोड़ रुपये से बढ़कर 357 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 28.5% से बढ़कर 34.2% हो गया।

Godrej Agrovet

एग्री-इनपुट कंपनी Godrej Agrovet का शुद्ध मुनाफा 149 करोड़ रुपये से घटकर 128.3 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 9.2% बढ़कर 2,855.2 करोड़ रुपये रही। EBITDA 269.6 करोड़ रुपये से घटकर 240.1 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 10.32% से घटकर 8.41% पर आ गया।

Bayer CropScience

एग्रोकेमिकल कंपनी Bayer CropScience का शुद्ध मुनाफा 278.7 करोड़ रुपये से बढ़कर 321.6 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 4.2% घटकर 1,835 करोड़ रुपये रही। EBITDA 5.5% बढ़कर 367.6 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 18.2% से बढ़कर 20% हो गया।

Aster DM

हेल्थकेयर कंपनी Aster DM का शुद्ध मुनाफा 85.5 करोड़ रुपये से घटकर 16.1 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 21.6% बढ़कर 1,311 करोड़ रुपये रही। EBITDA 27.5% बढ़कर 264.3 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 19.2% से बढ़कर 20.2% हो गया।

GMM Pfaudler

इंजीनियरिंग कंपनी GMM Pfaudler का शुद्ध मुनाफा 55.1 करोड़ रुपये से घटकर 4.8 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 16.4% बढ़कर 924.8 करोड़ रुपये रही। EBITDA 7.1% घटकर 94 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 12.7% से घटकर 10.1% पर आ गया।

NBCC

सरकारी कंपनी NBCC को 801.20 करोड़ रुपये के दो नए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी (PMC) ऑर्डर मिले हैं। इनमें RBI से 780.38 करोड़ रुपये का सबसे बड़ा ऑर्डर मिला है, जिसके तहत अमरावती में ऑफिस और आवासीय परिसर बनाए जाएंगे। वहीं, ओडिशा में छात्रावास निर्माण के लिए कंपनी को 20.82 करोड़ रुपये का एक और ऑर्डर मिला है।

SIS Ltd

सिक्योरिटी और फैसिलिटी मैनेजमेंट कंपनी SIS Ltd का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट जून तिमाही में 9.4% बढ़कर 101.7 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 29.7% बढ़कर 4,603.6 करोड़ रुपये और EBITDA 36.2% बढ़कर 207.1 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने 106 करोड़ रुपये के शेयर बायबैक का भी ऐलान किया।

Cummins India

इंजन निर्माता Cummins India का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा 589 करोड़ रुपये से घटकर 543 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 17.9% बढ़कर 3,426 करोड़ रुपये रही। EBITDA 616.2 करोड़ रुपये से घटकर 609.2 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 21.5% से घटकर 18% पर आ गया।

RMC Switchgears

इलेक्ट्रिकल इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी RMC Switchgears को अंडरग्राउंड केबलिंग प्रोजेक्ट्स के लिए 333.8 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले हैं। नए ऑर्डर से कंपनी की ऑर्डर बुक मजबूत होगी। इससे आने वाले समय में कारोबार को सहारा मिलने की उम्मीद है।

Cohance Lifesciences

फार्मा कंपनी Cohance Lifesciences को हैदराबाद स्थित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के निरीक्षण के बाद अमेरिकी दवा नियामक USFDA से Form 483 मिला है। निरीक्षण के दौरान एजेंसी ने पांच ऑब्जर्वेशन जारी किए हैं। अब कंपनी इन टिप्पणियों का जवाब देगी।

तिमाही नतीजे 5 अगस्त

आज कई कंपनियां जून तिमाही के नतीजे जारी करेंगी। इनमें Advent Hotels International, The Anup Engineering, Aegis Logistics, Apollo Tyres, Bajaj Electricals, BirlaNu, BLS E-Services और Blue Star शामिल हैं। इन कंपनियों के नतीजों पर निवेशकों और बाजार की नजर रहेगी।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

अनलिस्टेड मार्केट में निवेश आपकी पॉकेट पर पड़ सकता है भारी, हाल में आए IPO में निवेशकों को लगी बड़ी चपत

अनलिस्टेड मार्केट में निवेश आपकी पॉकेट पर भारी पड़ सकता है। हाल में आए IPO में निवेशकों को बड़ी चपत लगी है। अनलिस्टेड शेयरों में निवेशकों के पॉकेट लगातार खाली होते रहे हैं। तमाम अईपीओ अनलिस्टेड प्राइस के मुकाबले भारी डिस्काउंट पर आए हैं। उदाहरण के तौर पर देखें तो SBI फंड्स का IPO अनलिस्टेड भाव के मुकाबले 32% डिस्काउंउट पर आया है। जून में इसका अनलिस्टेड प्राइस 850 रुपए पर दिख रहा था। IPO ऑफर प्राइस 574 रुपए प्रति शेयर था। यह आईपीओ 32 फीसदी डिस्काउंट पर आया है।

इस पर सेबी भी लगातार अलर्ट दे रहा है। ध्यान में रखने का बात है कि अनलिस्टेड स्पेस में लिक्विडिटी बहुत कम होती है। ऐसे प्राइस डिस्कवरी कैसी हो रही है? क्या हो रहा है? शेयर किस भाव पर ट्रेड कर रहे हैं? अधिकतर वेबसाइट्स आपको इन पर एक इंडिकेटिव प्राइस ही बताते हैं। ऐसे में इनमें इस बात का रिस्क होता है कि जिस भाव पर आप स्टॉक में खरीदारी कर रहे हैं, बिकवाली कर रहे हैं या ट्रांजैक्शन कर रहे हैं, क्या वो असल भाव है या नहीं है? अगर आप देखें तो बहुत सारे लोग अनलिस्टेड स्पेस को लेकर बहुत ज्यादा उत्साहित हो जाते हैं। उनको लगता है कि आईपीओ में अलॉटमेंट मिले ना मिले लेकिन आईपीओ से पहले ही हम इन शेयरों खरीदारी कर लेते हैं। हम सोचते हैं जब आईपीओ आएगा तो उसके बाद फायदा हो जाएगा। लेकिन अब तक का ट्रैक रिकॉर्ड यह बताता है कि यह स्ट्रेटजी बिल्कुल गलत पड़ती है और निवेशकों पर भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

एसबीआई फंड्स के आईपीओ से ही यह बात समझ में आती है जो अपने अपने अनलिस्टेड भाव के 32 फीसदी नीचे के भाव पर आया है। जिन्होंने यह सोचा था कि इसके आईपीओ के पहले अनलिस्टेड मार्केट में खरीदारी करके फायदा लेंगे, अब उनको फिलहाल बड़ा झटकाव लगा है। इस आईपीओ में अनलिस्टेड मार्केट में पॉकेट भरने के चक्कर में बड़ा नुकसान देखने को मिला।

यह सिर्फ एसबी फंड्स की बात नहीं है। अगर आप पिछले रिकॉर्ड देखें तो बहुत सारे आईपीओ जिनका अनलिस्टेड स्पेस में बहुत तगड़ा हाइप था, उन्होंने निवेशकों को तगड़ा चूना लगाया है। AGS Transact के IPO की बात करें तो इसका आईपीओ प्राइस 185-195 रुपए प्रति शेयर था। लेकिन जनवरी 2022 में इसका अनलिस्टेड प्राइस 550 रुपए प्रति शेयर था। HDB Financial को लेकर भी अनलिस्टेड स्पेस में काफी हाइप था। इसमें स्टॉक में लिक्विडिटी भी काफी अच्छी थी। इस आईपीओ का प्राइस 700-740 रुपए प्रति शेयर था। वहीं, इसका अनलिस्टेड प्राइस 1200-1250 रुपए प्रति शेयर था। यानी यह आईपीओ अपने अनलिस्टेड प्राइस से 40 फीसदी कम भाव पर आया।

UTI AMC की बात करें तो इसका आईपीओ प्राइस 552–554 प्रति शेयर था। लेकिन अनलिस्टेड स्पेस में इसका भाव 1,100 रुपए प्रति शेयर के आसपास तक पहुंच गया। यह आईपीओ भी अपने अनलिस्टेड प्राइस से लगभग आधे भाव पर आया है।

PB Fintech (Policybazaar) का आ IPO प्राइस 940–980 रुपए प्रति शेयर था। जबकि, नवंबर 2023 में इसका अनलिस्टेड प्राइस 1,800 रुपए प्रति शेयर था। यानी, यह आईपीओ 45 फीसदी डिस्काउंट पर आया। Tata Technologies का आईपीओ प्राइस 475–500 रुपए प्रति शेयर था। जबकि, नवंबर 2023 में इसका अनलिस्टेड प्राइस 950 रुपए प्रति शेयर था। यानी, यह आईपीओ 47 फीसदी डिस्काउंट पर आया।

इसी तरह Waaree Energies और Delhivery के आईपीओ पर नजर डालें तो Waaree Energies का IPO प्राइस 1,427–1,503 प्रति शेयर था। वहीं, इसका अनलिस्टेड प्राइस अक्टूबर 2024 में 2,700–2,750 रुपए प्रति शेयर था। Delhivery का आईपीओ भी अनलिस्टेड प्राइस से 50 फीसदी कम भाव पर आया था। ऐसे अगर आप अनलिस्टेड स्पेस में सिर्फ आईपीओ की उम्मीद से निवेश करते हैं तो यह आपके लिए बहुत बड़ा अलर्ट हैं।

 

 

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