Nestle India Share Price : Q2 नतीजों के बाद नेस्ले इंडिया में हुआ बड़ा एक्सीडेंट, कल 8% टूटने के बाद आज भी दबाव में है शेयर

Nestle India Share Price : शुक्रवार, 16 अक्टूबर को नेस्ले इंडिया के शेयरों में और गिरावट आई है। इससे पहले कंपनी के वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के नतीजों के बाद कल इसके शेयरों में लगभग 8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। ब्रोकरेज फर्म HSBC ने इस स्टॉक पर अपनी ‘होल्ड’ रेटिंग बरकरार रखी है और इसका टारगेट प्राइस 1,480 रुपये तय किया है। इसका मतलब है कि गुरुवार के क्लोजिंग प्राइस से इसमें लगभग 16 प्रतिशत की तेजी आ सकती है। साथ ही, फर्म ने यह भी चेतावनी दी है कि वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ धीमी हो सकती है।

आज शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में नेस्ले इंडिया के शेयर 1.05 प्रतिशत गिरकर 1,262.40 रुपये पर आ गए। फिलहाल यह शेयर 11.90 रुपए यानी 0.93 फीसदी की कमजोरी के साथ 1263 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा है। कल गुरुवार को भी इसमें 7.8 प्रतिशत की गिरावट आई थी। दो दिनों की इस भारी गिरावट के बावजूद,2026 में अब तक यह शेयर केवल 1.5 प्रतिशत ही नीचे आया है। यह निफ्टी 50 के मुकाबले काफी बेहतर प्रदर्शन है,जो इसी अवधि में लगभग 12 प्रतिशत गिरा है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 2.46 लाख करोड़ रुपये है।

स्टॉक पर HSBC की राय

HSBC का कहना है कि जुलाई-सितंबर तिमाही में नेस्ले इंडिया का रेवेन्यू सालाना आधार पर लगभग 20 प्रतिशत बढ़ा है, जो काफी हद तक अनुमानों के अनुरूप है। वहीं, इसका दो साल का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) 15 प्रतिशत रहा है। EBITDA बाजार के अनुमानों से लगभग 3 प्रतिशत अधिक रहा है।

ब्रोकरेज ने नेस्ले इंडिया के न्यूट्रिशन बिज़नेस में धीरे-धीरे हो रहे सुधार की ओर इशारा किया है। इसके चॉकलेट और कॉफी कारोबार ने भी लगातार अच्छा प्रदर्शन किया। हालांकि, HSBC ने चेतावनी दी है कि वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में कंपनी की ग्रोथ की रफ्तार धीमी पड़ सकती है।

नेस्ले इंडिया Q2 नतीजे

सितंबर 2026 को खत्म हुई तिमाही में नेस्ले इंडिया के कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 35.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है और यह 1,009.6 करोड़ रुपये पर रहा है। वहीं,इसकी कामकाजी आय 20.3 प्रतिशत बढ़कर 6,788.3 करोड़ रुपये पर रही है। स्टैंडअलोन बेसिस पर नेट प्रॉफिट 36.2 प्रतिशत बढ़कर 1,026.8 करोड़ रुपये रहा है जो CNBC-TV18 के 1,018 करोड़ रुपये के अनुमान से ज्यादा है।

कंपनी का EBITDA मार्जिन 23.8 प्रतिशत रहा, जबकि विज्ञापन और मार्केटिंग पर होने वाला खर्च 46 प्रतिशत बढ़ है। नेस्ले ने अपने ब्रांडों में निवेश बढ़ा दिया है, जिसकी वजह से विज्ञापन और मार्केटिंग पर होने वाला खर्च भी बढ़ा है।

कंपनी ने खाद्य महंगाई और कमोडिटी की लागत बढ़ने पर जताई चिंता

तिमाही के मजबूत प्रदर्शन के बावजूद, गुरुवार को नेस्ले इंडिया के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। कंपनी के मैनेजमेंट ने बढ़ती महंगाई और कमोडिटी की लागत से जुड़ी चुनौतियों पर चिंता जताई है। जिसका असर शेयर पर देखने को मिला। कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मनीष तिवारी ने कहा कि बढ़ती महंगाई,खासकर खाने-पीने की चीजों की महंगाई,एक सच्चाई है। कंपनी कमोडिटी की लागत के दबाव को कम करने के लिए उत्पादकता बढ़ाने और परिचालन दक्षता में सुधार लाने पर फोकस करेगी।

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भारत स्वस्तिक यात्रा की ओंकारेश्वर में रामकथा ने आदि शंकराचार्य की आध्यात्मिक विरासत को किया रेखांकित

भारत स्वस्तिक यात्रा की ओंकारेश्वर में रामकथा ने आदि शंकराचार्य की आध्यात्मिक विरासत को किया रेखांकित

ओंकारेश्वर। भारत स्वस्तिक यात्रा के अंतर्गत मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर में पूज्य मोरारी बापू की रामकथा का आयोजन किया गया। ओंकारेश्वर भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। पवित्र नर्मदा नदी में स्थित मांधाता द्वीप पर बसा ओंकारेश्वर, शिव उपासना की प्राचीन परंपराओं और आदि शंकराचार्य से जुड़े अपने आध्यात्मिक संबंध के कारण भारत की आध्यात्मिक विरासत में विशिष्ट स्थान रखता है।

 

परंपरागत मान्यता के अनुसार, बाल्यावस्था में आदि शंकराचार्य की भेंट नर्मदा तट पर स्थित एक गुफा में उनके गुरु गोविंद भगवत्पाद से हुई थी, जहां उन्होंने उनसे आध्यात्मिक शिक्षा प्राप्त की। इस कारण ओंकारेश्वर केवल एक ज्योतिर्लिंग क्षेत्र ही नहीं, बल्कि अद्वैत वेदांत की गुरु-शिष्य परंपरा का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां ओंकारेश्वर और ममलेश्वर मंदिर, नर्मदा के घाट तथा पारंपरिक मांधाता परिक्रमा इस पवित्र क्षेत्र की आध्यात्मिक महत्ता को दर्शाते हैं।

 

पूज्य मोरारी बापू ने कहा, “साधु की पहचान उसके स्वभाव से होती है। ये नवरात्रि के दिन हैं, जो शक्ति उपासना अर्थात् जगदंबा की आराधना के लिए समर्पित हैं। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज भी हमारे देश के अनेक हिस्सों और कई मंदिरों में बलि प्रथा अर्थात् पशु बलि की परंपरा जारी है। मैंने इस प्रथा को बंद करने की अपील की। शक्ति की उपासना में समस्त जीवों के प्रति करुणा और श्रद्धा का भाव होना चाहिए।

 

कथा में मैंने अभिमान के विभिन्न रूपों पर भी चर्चा की। इन सभी में सबसे श्रेष्ठ अवस्था निरभिमान है, अर्थात् अहंकार से मुक्त होना। किसी व्यक्ति के पास कोई योग्यता, ज्ञान या संपत्ति हो और उसके कारण उसमें अभिमान आ जाए, तो यह भी उचित नहीं है, हालांकि यह समझा जा सकता है कि ऐसा अभिमान कहां से उत्पन्न हुआ। लेकिन किसी व्यक्ति के पास कुछ भी न हो और फिर भी वह अभिमान करे, तो यह और भी दुर्भाग्यपूर्ण है। सच्ची महानता विनम्रता में निहित है।

 

ओंकार का स्वस्तिक से गहरा संबंध है और यह आदि नाद का प्रतीक है। सनातन धर्म में ओंकारेश्वर की भूमि का अत्यंत विशिष्ट महत्व है, क्योंकि इसका संबंध आदि शंकराचार्य और उनके गुरु गोविंद भगवत्पाद की भेंट से है। शंकराचार्य की आध्यात्मिक यात्रा को दिशा देने वाली गुरु-शिष्य परंपरा की एक महत्वपूर्ण अभिव्यक्ति इसी पवित्र भूमि में दिखाई देती है। इस पावन भूमि पर आकर हमें अपनी आध्यात्मिक विरासत की गहराई और उसके शाश्वत मूल्यों को संरक्षित रखने के महत्व का स्मरण होता है।”

 

आदि शंकराचार्य की जन्मस्थली से जुड़े कालड़ी और उनके द्वारा स्थापित चार पीठों में से एक शृंगेरी की यात्रा के बाद, ओंकारेश्वर में भारत स्वस्तिक यात्रा का पड़ाव उनकी आध्यात्मिक विरासत से जुड़ाव का एक और महत्वपूर्ण अध्याय है।

 

भारत स्वस्तिक यात्रा का आयोजन पूज्य मोरारी बापू के मार्गदर्शन में संतकृपा सनातन संस्थान द्वारा किया जा रहा है। मिराज समूह के चेयरमैन एवं संतकृपा सनातन संस्थान के प्रबंध न्यासी मदन पालीवाल ने कहा, “ओंकारेश्वर भारत की आध्यात्मिक विरासत में एक विशिष्ट स्थान रखता है। यहां भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक के साथ-साथ आदि शंकराचार्य की पवित्र विरासत भी जुड़ी हुई है। भारत स्वस्तिक यात्रा के माध्यम से हमारा प्रयास है कि इन परस्पर जुड़ी आध्यात्मिक परंपराओं को सामने लाया जाए और उनकी शाश्वत प्रासंगिकता को पुनः स्थापित किया जाए।”

 

मंगल और कल्याण का चिरस्थायी प्रतीक स्वस्तिक परस्पर जुड़ाव और सामूहिक कल्याण का प्रतिनिधित्व करता है। इस यात्रा के माध्यम से पूज्य मोरारी बापू सनातन धर्म के शाश्वत मूल्यों—सत्य, प्रेम और करुणा—का संदेश जन-जन तक पहुंचाना चाहते हैं। साथ ही, इस यात्रा का उद्देश्य भारत की राष्ट्रीय एकता, अखंडता और देशवासियों के बीच अपनत्व की साझा भावना को सुदृढ़ करना है।

 

9,000 किलोमीटर लंबी भारत स्वस्तिक यात्रा में लगभग 900 श्रद्धालु पूज्य मोरारी बापू के साथ दो विशेष ट्रेनों—22 कोच वाली कैलाश भारत गौरव और 16 कोच वाली चित्रकूट भारत गौरव—में यात्रा कर रहे हैं। यात्रा के प्रथम चरण का शुभारंभ 10 अक्टूबर को कन्याकुमारी से हुआ था, जिसका समापन 23 अक्टूबर को केदारनाथ में होगा। इस दौरान देश के विभिन्न महत्वपूर्ण आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्रों से होकर यात्रा आगे बढ़ रही है।

 

यात्रा के अंतर्गत आयोजित रामकथा और अन्य कार्यक्रम सभी के लिए खुले हैं। समावेशिता और सेवा की अपनी परंपरा के अनुरूप, पूज्य बापू की प्रेरणा से प्रत्येक पड़ाव पर भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जहां प्रतिदिन निःशुल्क शाकाहारी भोजन प्रसाद के रूप में वितरित किया जाएगा।

Bank Holiday: कल शनिवार को इस राज्य में बंद रहेंगे बैंक, जानिए RBI ने क्यों दी है 17 अक्टूबर की छुट्टी

Bank Holiday 17th October: अक्टूबर के महीने में त्योहारों का सिलसिला लगातार जारी है। त्योहारी सीजन के इस दौर में बैंक शाखाओं में कामकाज के लिए जाने से पहले आपको छुट्टियों की पूरी लिस्ट जरूर पता होनी चाहिए। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की बैंक हॉलिडे की ऑफिशियल लिस्ट के मुताबिक दुर्गा पूजा और महा सप्तमी जैसे पावन पर्वों के चलते देश के कुछ खास राज्यों में बैंक बंद रहने वाले हैं। अगर आपको इस सप्ताह या शनिवार-रविवार के दौरान बैंक शाखा में जाकर चेक क्लियरेंस, ड्राफ्ट बनवाने या दूसरे जरूरी फाइनेंशियल काम करने हैं तो घर से निकलने से पहले छुट्टियों का यह पूरा शेड्यूल चेक कर लें।

17 अक्टूबर को महा सप्तमी पर इस राज्य में बंद रहेंगे बैंक

आरबीआई की हॉलिडे लिस्ट के मुताबिक कल यानी 17 अक्टूबर को ‘महा सप्तमी’ के पावन अवसर पर अगरतला, त्रिपुरा में बैंक पूरी तरह बंद रहेंगे। हालांकि बैंक शाखाएं बंद रहने के बावजूद ग्राहकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए डिजिटल बैंकिंग सेवाएं हमेशा की तरह पूरी तरह सुचारू रहेंगी। बाकी भारत के लिए यह महीने का तीसरा शनिवार है और बैंक खुले रहेंगे।

इसके अगले दिन यानी 18 अक्टूबर को रविवार की साप्ताहिक छुट्टी के कारण पूरे देश में बैंक बंद रहेंगे। इसके तुरंत बाद अगले हफ्ते की शुरुआत में 19 और 20 अक्टूबर को महा अष्टमी, महा नवमी और विजयादशमी (दशहरा) के उपलक्ष्य में पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, ओडिशा, बिहार, झारखंड, असम, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश समेत देश के अधिकांश राज्यों में बैंक शाखाओं में कामकाज नहीं होगा।

अक्टूबर महीने में बैंक छुट्टियों की पूरी लिस्ट

अक्टूबर महीने के बचे हुए दिनों में विभिन्न त्योहारों और राष्ट्रीय छुट्टियों की वजह से बैंकों का शेड्यूल कुछ इस तरह रहेगा-

17 अक्टूबर: महा सप्तमी के अवसर पर त्रिपुरा राज्य में बैंक बंद रहेंगे।

18 अक्टूबर: रविवार की साप्ताहिक छुट्टी की वजह से पूरे देश में बैंक बंद रहेंगे।

19 अक्टूबर: महा अष्टमी और महा नवमी के उपलक्ष्य में पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में अवकाश रहेगा।

20 अक्टूबर: विजयादशमी (दशहरा) के पावन पर्व पर लगभग पूरे देश में बैंक बंद रहेंगे। (गंगटोक और इम्फाल को छोड़कर)।

21 अक्टूबर: दुर्गा पूजा / विजया दशमी- अगरतला, बेंगलुरु, गंगटोक, गुवाहाटी, कोच्चि, कोलकाता और तिरुवनंतपुरम।

22–23 अक्टूबर: दुर्गा पूजा / दसैन- सिर्फ गंगटोक (सिक्किम)।

24 अक्टूबर: महीने के चौथे शनिवार की साप्ताहिक छुट्टी के कारण देश भर में बैंक बंद रहेंगे।

25 अक्टूबर: रविवार का साप्ताहिक अवकाश होने के कारण पूरे देश में बैंक बंद रहेंगे।

26 अक्टूबर: महर्षि वाल्मीकि जयंती और लक्ष्मी पूजा के अवसर पर पंजाब, हरियाणा, कर्नाटक, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में बैंक अवकाश रहेगा।

29 अक्टूबर: करवा चौथ पर सिर्फ शिमला में लोकल छुट्टी।

31 अक्टूबर: सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती और करवा चौथ के मौके पर गुजरात और हिमाचल प्रदेश सहित कुछ क्षेत्रों में बैंक बंद रहेंगे।

बैंक बंद रहने पर भी चालू रहेंगी डिजिटल और ऑनलाइन सेवाएं

छुट्टियों के दौरान बैंक शाखाएं बंद रहने से ग्राहकों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। बैंक की सभी डिजिटल और ऑनलाइन सेवाएं सामान्य रूप से काम करती रहेंगी। ग्राहक इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और यूपीआई के माध्यम से पैसों का लेन-देन कर सकेंगे। इसके अलावा कैश विड्रॉल और बैलेंस इंक्वायरी जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए देश भर के सभी एटीएम चौबीस घंटे काम करते रहेंगे।

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जियो IPO से पहले ईशा अंबानी ने बताया- कैसे आया JIo का आइडिया, कैसे खड़ा हुआ विशाल साम्राज्य?

जियो IPO से पहले ईशा अंबानी ने बताया- कैसे आया JIo का आइडिया, कैसे खड़ा हुआ विशाल साम्राज्य?

isha ambani

JIO IPO : जियो प्लेटफॉर्म्स ने भारत के अब तक के सबसे बड़े IPO से पहले अपने अगले दौर की ग्रोथ का रोडमैप सामने रखा है। इस अवसर पर जियो प्लेटफॉम्स की डायरेक्टर ईशा अंबानी ने जियो (Jio) के जन्म की दिलचस्प और प्रेरणादायक कहानी सुनाई। उन्होंने कहा कि Growth is Life हमारा आदर्श वाक्य है। ALSO READ: जियो IPO से पहले आकाश अंबानी ने खोला ग्रोथ प्लान, मोबिलिटी और होम ब्रॉडबैंड पर बड़ा दांव

 

ईशा अंबानी ने जियो के जन्म की कहानी सुनाते हुए कहा कि यह लगभग 2009-2010 की बात है। आकाश और मैं अमेरिका में कॉलेज में थे, और छुट्टियों में बॉम्बे अपने घर आए हुए थे। मुझे ऑनलाइन एक असाइनमेंट सबमिट करना था। मैंने उसे सबमिट करने की कोशिश की, लेकिन दुर्भाग्य से इंटरनेट ने काम नहीं किया और मैं उसे सबमिट नहीं कर पाई।

 

इसके बाद इस बात पर चर्चा शुरू हुई कि भारत पीछे क्यों छूटे? ऐसा क्यों था कि हमारे पास उस तरह की कनेक्टिविटी नहीं थी जैसी हम पश्चिम (विदेशी देशों) में अनुभव करते थे? उन्होंने कहा कि आकाश का दृढ़ विश्वास था कि इसका उत्तर और समाधान एक डिजिटल टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म कंपनी का निर्माण करना है। 

 

साल 2016 में जियो लॉन्च हुआ और आज हम 2026 में यहां हैं। उन्होंने रिलायंस की व्यवसाय खड़ा करने की फिलॉसफी और जियो के निर्माण के बारे में बताते हुए कहा कि विचारों को लॉन्ग-टर्म दृष्टिकोण के साथ समर्थन दिया जाता है। इसलिए, रिलायंस में हम सिर्फ आज या कल के लिए निर्माण नहीं करते, बल्कि हम वास्तव में यह सोचते हैं कि आज से दशकों बाद क्या आने वाला है।

 

ईशा ने कहा कि मुझे लगता है कि जब पैमाने की बात आती है, तो हमारे लिए यह सवाल महत्वपूर्ण होता है कि हम जिस उद्योग में काम करते हैं, उसकी अर्थव्यस्था को मौलिक रूप से बदलने के लिए किस तरह के पैमाने की आवश्यकता है। और तीसरा है एक्जिक्यूशन। एक्जिक्यूशन हमारे पूरे संगठन में एक बहुत पक्की आदत है। यह हमें अपने लक्ष्यों को पूरा करने और अपने मिशन के प्रति वफादार रहने की अनुमति देती है। ALSO READ: Jio IPO से पहले आकाश अंबानी का बड़ा बयान, बोले- 2030-31 तक 1.4 लाख करोड़ डॉलर की होगी भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था

 

कैसे डेब्ट फ्री हुआ रिलायंस इंडस्ट्रीज?

उन्होंने बताया कि वित्तीय विवेक हमारे डीएनए में रचा-बसा है। साल 2019 में मेरे पिता ने रिलायंस के सभी शेयरधारकों से एक वादा किया था। उन्होंने कहा था कि साल 2021 तक रिलायंस इंडस्ट्रीज शुद्ध ऋण-मुक्त हो जाएगी।

 

 साल 2020 में कोरोना के साथ ही वैश्विक मंदी भी आई। फिर भी, तय समय से नौ महीने पहले ही वह वादा पूरा कर दिया गया। रिलायंस में हमारे लिए शेयरधारक की प्रतिबद्धता का यही मतलब है।

 

ग्रोथ इज लाइफ हमारा आदर्श वाक्य है

ईशा ने कहा कि वित्तीय प्रदर्शन के मामले में, हम अपने व्यवसायों को दो मुख्य लक्ष्यों की ओर ले जाते हैं। पहला यह कि हम मजबूत बैलेंस शीट बनाना और उनकी रक्षा करना पसंद करते हैं। और दूसरा यह कि हम अपने व्यवसायों को लगातार कंपाउंडिंग फ्री कैश फ्लो पैदा करने की दिशा में आगे बढ़ाते हैं।

 

 इन वर्षों में, इसने हमें निर्माण करने, निवेश करने, विस्तार करने, नकदी पैदा करने और फिर विकास में पुनः निवेश करने के एक चक्र को चलाने की अनुमति दी है। Growth is Life हमारा आदर्श वाक्य है। ALSO READ: JIO IPO : जानिए क्या है प्राइस बेंड, लॉट साइज और GMP, कब होगी शेयर बाजार में लिस्टिंग?

 

धीरू भाई अंबानी को इस तरह किया याद

उन्होंने कहा कि साल 1977 में, रिलायंस इंडस्ट्रीज के पब्लिक होने के बाद से अब तक, रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 29% वार्षिक रिटर्न दिया है। मेरे दादा जी धीरू भाई अंबानी के लिए, रिलायंस कभी सिर्फ एक कंपनी नहीं थी। रिलायंस एक ऐसा वादा है कि हर भारतीय को भारत के विकास में भाग लेने, भारत की समृद्धि में साझादार बनने और एक बेहतर भविष्य में विश्वास करने का अवसर मिलना चाहिए। 

 

मेरे दादाजी फुटबॉल स्टेडियमों को भर देते थे और एक मजबूत, अधिक आत्मविश्वासी और समृद्ध भारत के विजन से हजारों लोगों को प्रेरित करते थे। उनका संदेश सरल लेकिन शक्तिशाली था: सपने देखने की हिम्मत रखो, निडर बनो, बड़ा सोचो, और निरंतर इनोवेशन के माध्यम से उत्कृष्टता की तलाश करो।

 

 हम न केवल उनके विजन को आगे बढ़ा रहे हैं, बल्कि उन लाखों शेयरधारकों के भरोसे को भी आगे बढ़ा रहे हैं जिन्होंने उनके विजन पर विश्वास किया और उसे अपना बनाया। 

मोहन-शिवराज की एक घंटे बंद कमरे में बैठक के बाद आखिर कैसे खत्म हुआ कोसमी का आदिवासी जमीन विवाद?

मोहन-शिवराज की एक घंटे बंद कमरे में बैठक के बाद आखिर कैसे खत्म हुआ कोसमी का आदिवासी जमीन विवाद?

भोपाल। सीहोर के कोसमी में आदिवासियों के घरों के बुलडोजर चलाने से खड़ा हुआ विवाद अब थमता नजर आ रहा है। गुरुवार रात केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मुख्यमंत्री निवास पर बंद कमरे में हुई बैठक के बाद कोसमी से भोपाल की ओऱ से आ रहे हजारों की संख्या में आदिवासियों का आंदोलन खत्म हो गया है।

इससे पहले गुरुवार रात केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। इस दौरान प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी मौजूद रहे।

शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सीहोर जिले के बुधनी विधानसभा क्षेत्र के कोसमी ग्राम में बीते दिनों हुए घटनाक्रम की विस्तार से जानकारी देने के साथ आदिवासियों के घरों पर कार्रवाई को लेकर जानकारी। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को अपनी मांगों का एक ज्ञापन भी दिया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रतिनिधिमंडल से कहा कि इस मामले की पूरी गंभीरता से जांच कराई जा रही है। सबके साथ न्याय होगा। उन्होंने कहा कि हम आपसी संवाद से मामले का व्यावहारिक समाधान निकालेंगे।

भोपाल में आ रहे आदिवासी रास्ते से लौटे-वहीं सीएम हाउस में बैठक के बाद सीहोर के 35 गांवों से हजारों की संख्या में भोपाल आ रहे आदिवासियों को रास्ते से वापस लौट दिया। बुधनी से विधायक रामाकांत भार्गव और भाजपा जिला अध्यक्ष रवि मालवीय भोपाल आ रहे आदिवासियों से मिलने दे रात पहुंचे और उनकी मांगों पर आश्वासन देकर उन्हें वापस दिया।

एक घंटे बंद कमरे की बैठक में निकला सुलह का रास्ता-सीहोर के कोसमी गांव में आदिवासियों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई के विरोध रविवार को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के धरने से शुरु हुए पूरे विवाद का 4 दिन में कैसे पटाक्षेप हो गया, अब यह बड़ा सवाल है। गुरुवार रात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ बंद कमरे में शिवराज सिंह चौहान और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की एक घंटे चली बैठक में क्या बात हुई इसकी आधिकारिक जानकारी तो सामने नहीं आ पाई है और न ही बैठक के बाद शिवराज सिंह चौहान ने मीडिया से कोई बात की, लेकिन सूत्रों के मुताबिक बैठक में कलेक्टर की जांच रिपोर्ट को सामने रखा गया जिसमें वन भूमि पर अतिक्रमण की बात कहीं गई। वहीं बैठक में वन विकास निगम के अधिकारियों की भूमिका का भी मुद्दा उठा। इसके बाद मुख्यमंत्री ने वन विकास निगम के अधिकारियों के व्यवहार की उच्चस्तरीय जांच कराने का आश्वासन दिया।  

कलेक्टर की रिपोर्ट में अतिक्रमण की पुष्टि-सीहोर के कोसमी में आदिवासियों की जमीन पर कब्जे को लेकर कलेक्टर की जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि सीहोर जिले की भैरूंदा तहसील के लाड़कुई वन परिक्षेत्र की कोसमी बीट स्थित आरक्षित वन कक्ष क्रमांक 426 में वन विकास निगम की 31.48 हेक्टेयर भूमि पर अतिक्रमण किया गया था। रिपोर्ट में उल्लेख है कि वर्ष 2021 में क्षेत्र में 3.37 लाख से अधिक सागौन के पौधे लगाए गए थे, जिनमें से लगभग 78,700 पौधों को नष्ट कर वन भूमि पर कब्जा किए जाने का दावा किया गया है।

रिपोर्ट में सैटेलाइट चित्रों के आधार पर वर्ष 2022 से अतिक्रमण शुरू होने की बात कही गई है। प्रशासन ने 11 अक्टूबर 2026 को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की और कलेक्टर ने अपनी जांच रिपोर्ट राज्य शासन को सौंप दी है।

कैसे शुरु हुआ था विवाद?-केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के संसदीय क्षेत्र अंतर्गत  बुधनी विधानसभा के कोसमी गांव में 11 अक्टूबर को वन विभाग और प्रशासन द्वारा वन भूमि पर घर बनाने वाले 12 आदिवासियों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई हुई थी। आदिवासी परिवारों के आशियाने उजड़ने, उनकी फसलें नष्ट होने और पानी के लिए इस्तेमाल होने वाले कुएं को मिट्टी से भर दिए जाने को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए थे और धरने पर बैठ गए थे।

इस दौरान उन्होंने मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को फोन कर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। शिवराज सिंह चौहान ने साफ शब्दों में कहा कि गरीब परिवारों को बेघर करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। जिन परिवारों के घर तोड़े गए हैं, उनके लिए नए घर बनवाए जाएंगे। साथ ही, जब तक उनके रहने की स्थायी व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक उनके रहने और खाने-पीने की अस्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। वहीं शिवराज सिंह चौहान के बाद उनके बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान ने भी वन विकास निगम के अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए थे।  

‘पदक लाओ, पद पाओ’ के तहत खिलाड़ियों की सीधी भर्ती: योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि प्रदेश में अब ‘पदक लाओ, पद पाओ’ के तहत खिलाड़ियों की सीधी भर्ती हो रही है।

मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर पिछली सरकार के कार्यकाल पर निशाना साधते हुये कहा वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में भय और अराजकता का ऐसा माहौल था, जहां बेटियों के सपनों पर पहरे थे, हौसलों पर बंदिशें थीं और प्रतिभा अवसर के अभाव में दम तोड़ने को मजबूर थी। खेल के मैदान माफिया के कब्जे में थे, संसाधन नदारद थे और बेटियों की उड़ान को पंख देने के बजाय, उनके सपनों को चारदीवारी में कैद कर दिया गया था।

उन्होने कहा कि विगत साढ़े 9 वर्षों में प्रदेश में बदलाव की नई गाथा लिखी गई है। भय का स्थान सुरक्षा ने लिया है, उपेक्षा का स्थान प्रोत्साहन ने लिया है और संसाधनों के अभाव का स्थान खेल सुविधाओं के विस्तार ने लिया है।

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गांव के खेल मैदानों और ब्लॉक स्तरीय मिनी स्टेडियम से लेकर जिला स्तरीय स्टेडियम, मंडल स्तरीय स्पोर्ट्स कॉलेज तथा मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय तक, बेटियों को अपनी प्रतिभा निखारने का सशक्त आधार मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि ओलंपिक, कॉमनवेल्थ एवं एशियन गेम्स के पदक विजेताओं को लाखों-करोड़ों के पुरस्कार और ‘पदक लाओ, पद पाओ’ के तहत सीधी भर्ती जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। सरकार खिलाड़ियों की प्रतिभा को प्रोत्साहन, उपलब्धियों को सम्मान और भविष्य को सुरक्षा प्रदान कर रही है। इस परिवर्तन की गूंज अंतरराष्ट्रीय खेल मंचों पर भी सुनाई दे रही है।

एथलेटिक्स में पारुल चौधरी, प्रियंका गोस्वामी, प्राची चौधरी और अन्नू रानी, जूडो में अस्मिता डे, क्रिकेट में दीप्ति शर्मा और मेघना सिंह, हॉकी में वंदना कटारिया, कुश्ती में दिव्या काकरान ने कॉमनवेल्थ एवं एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।

Pic Credit : UNI

कल का मौसम: दक्षिण भारत के कई राज्यों भारी बारिश का अलर्ट, 60 kmph तक चलेंगी हवाएं, जानें दिल्ली-UP का भी हाल

IMD Weather Alert: दक्षिण भारत के कई राज्यों में शनिवार को मौसम का मिजाज बदल सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 17 अक्टूबर को तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और पुडुचेरी समेत कई इलाकों में बारिश का अनुमान जताया है। कुछ जगहों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी आशंका है।

मौसम विभाग के मुताबिक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल, माहे और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। ऐसे में इन इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम के अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।

कर्नाटक के उत्तरी आंतरिक हिस्सों में शनिवार से बारिश होने की संभावना है। वहीं, तटीय कर्नाटक और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके अलावा तेलंगाना में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। यहां कुछ जगहों पर भारी बारिश रविवार, 18 अक्टूबर को हो सकती है।

उत्तर-पश्चिम भारत में हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, इस सप्ताह पश्चिम, मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।

शनिवार के लिए IMD का मौसम अलर्ट

मौसम विभाग ने बताया है कि तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल, माहे, लक्षद्वीप, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और तटीय कर्नाटक में कई जगहों पर बारिश हो सकती है।

उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में भी 17 से 20 अक्टूबर के बीच कई जगहों पर बारिश होने का अनुमान है। वहीं, रायलसीमा में 20 अक्टूबर तक बारिश हो सकती है। तेलंगाना में इस सप्ताह कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

शनिवार को तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल, माहे और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। तटीय कर्नाटक में भी बारिश के दौरान कुछ इलाकों में तेज बारिश होने का अनुमान है।

इसके अलावा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, यानम, रायलसीमा और तेलंगाना में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है। इन इलाकों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

केरल, माहे और लक्षद्वीप में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। इस दौरान हवा के झोंकों की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

दिल्ली-NCR में कल कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, शनिवार, 17 अक्टूबर को दिल्ली-NCR के लिए बारिश का कोई खास अलर्ट जारी नहीं किया गया है। हालांकि, 16 अक्टूबर को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में कुछ जगहों पर बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। 17 अक्टूबर के लिए ऐसी स्थिति का कोई स्पष्ट पूर्वानुमान नहीं दिया गया है।

यूपी में कल कैसा रहेगा मौसम?

उत्तर प्रदेश में शुक्रवार, 16 अक्टूबर को पूर्वी और पश्चिमी यूपी में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि, शनिवार, 17 अक्टूबर के लिए राज्य में बारिश का कोई खास अलर्ट नहीं दिया गया है।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मौसम का हाल

हिमाचल प्रदेश में शनिवार को कुछ जगहों पर बारिश होने की संभावना है। यहां 16 और 17 अक्टूबर को बारिश का दौर जारी रह सकता है।

वहीं, उत्तराखंड में भी शनिवार को कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। यहां 18 अक्टूबर तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने 16 अक्टूबर को उत्तराखंड में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका जताई है। हालांकि, 17 अक्टूबर के लिए ऐसा कोई अलग अलर्ट नहीं दिया गया है।

पश्चिम, मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत का पूर्वानुमान

मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, इस सप्ताह पश्चिम, मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। हालांकि, कोंकण और गोवा में 16 अक्टूबर को गर्म और उमस भरा मौसम रहने की चेतावनी दी गई है। शनिवार को भी ऐसी स्थिति बनी रहेगी या नहीं, इस बारे में मौसम विभाग ने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है।

दक्षिण भारत में कल कैसा रहेगा मौसम?

दक्षिण भारत के कई हिस्सों में शनिवार को बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा, कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी आशंका है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल: इन इलाकों में 16 से 19 अक्टूबर तक कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है। वहीं, 17 से 22 अक्टूबर के बीच कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। हवा के झोंकों की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

केरल और माहे: यहां 22 अक्टूबर तक कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है। इसके अलावा, 17 से 19 अक्टूबर के बीच 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा के झोंकों की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।

कर्नाटक: तटीय कर्नाटक में 22 अक्टूबर तक कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है। 16 और 17 अक्टूबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। वहीं, 18 अक्टूबर तक गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का भी अनुमान है।

दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में भी 22 अक्टूबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। यहां 17 से 22 अक्टूबर के बीच कुछ जगहों पर भारी बारिश होने की आशंका है। वहीं, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 17 से 20 अक्टूबर तक कई जगहों पर बारिश हो सकती है। 17 अक्टूबर को यहां तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।

आंध्र प्रदेश और रायलसीमा: तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में 17 अक्टूबर को कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। इसके बाद 18 से 20 अक्टूबर के बीच कई इलाकों में बारिश होने की संभावना है।

रायलसीमा में भी 20 अक्टूबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। इन दोनों क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका है। तटीय आंध्र प्रदेश, यानम और रायलसीमा में 19 अक्टूबर तक तेज सतही हवाएं चलने का भी अनुमान है।

तेलंगाना: राज्य में 22 अक्टूबर तक कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। वहीं, रविवार, 18 अक्टूबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।

लक्षद्वीप: यहां 22 अक्टूबर तक कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है। वहीं, 17 से 19 अक्टूबर के बीच 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा के झोंकों की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।

अगले कुछ दिनों में कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, आने वाले दिनों में दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 22 अक्टूबर तक कुछ जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है। केरल और माहे में भी इस दौरान तेज बारिश हो सकती है।

दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 17 से 22 अक्टूबर तक कुछ जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है। वहीं, तटीय कर्नाटक में 17 अक्टूबर को भारी बारिश हो सकती है। उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 20 अक्टूबर तक कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है।

इसके अलावा, तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में 18 अक्टूबर से बारिश बढ़ सकती है। यहां 20 अक्टूबर तक कई इलाकों में बारिश होने का अनुमान है। वहीं, तेलंगाना में 18 अक्टूबर को कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।

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Nayyi Navelli Review: सुपरनैचुरल पावर के साथ यामी गौतम ने मचाया गदर, जानें कैसी है ‘नई नवेली’

फिल्म- नई नवेली

निर्देशक- बालाजी मोहन

कलाकार- यामी गौतम, आदिनाथ एम कोठारे, अनुराग ठाकुर, मीता वशिष्ठ, सुनीता राजवर आदि

रेटिंग- 3.5/5

Nayyi Navelli Review: क्या एक नई नवेली दुल्हन सिर्फ अपने परिवार की खुशियों के लिए घर में आती है? या उसके आने के पीछे कोई ऐसा मकसद भी हो सकता है, जो पूरे परिवार की दुनिया बदल दे? निर्देशक बालाजी मोहन की नई नवेली इसी सवाल को दिलचस्प अंदाज में पेश करती है। यामी गौतम और आदिनाथ एम. कोठारे की यह फिल्म प्यार, रहस्य, कॉमेडी और जादुई शक्तियों के जरिए भारतीय लोककथाओं की दुनिया में ले जाती है। फिल्म का अंदाज थोड़ा अलग है और यही इसकी सबसे बड़ी खासियत भी है।

फिल्म की कहानी

कहानी मोहनी (यामी गौतम) और राजा अवस्थी (आदिनाथ एम. कोठारे) के प्यार से शुरू होती है। दोनों की शादी जल्दबाजी में हो जाती है, लेकिन इस फैसले के पीछे एक खास वजह छिपी है। कहानी जैसे-जैसे आगे बढ़ती है, अवस्थी परिवार की जिंदगी में कई ऐसे मोड़ आते हैं, जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर करते हैं।

राजा का भाई बंटू अवस्थी (अनुराग ठाकुर) अपनी भाभी मोहनी पर शक करने लगता है। उसे लगता है कि मोहनी कोई साधारण महिला नहीं, बल्कि एक डायन है। लेकिन फिल्म का असली खेल यहीं शुरू होता है। मोहनी के पास जादुई शक्तियां तो हैं, मगर उसके रहस्य को सिर्फ डायन होने के शक तक सीमित नहीं किया जा सकता। आखिर वह इस परिवार से क्यों जुड़ी है और उसका असली मकसद क्या है? इन सवालों के जवाब ही एक्साइटमेंट पैदा करते हैं।

फिल्म की कहानी में भारतीय लोककथाओं और धार्मिक कहानियों के संदर्भ भी शामिल हैं। रामायण से जुड़ने वाली इसकी कड़ियां कहानी को एक सांस्कृतिक आयाम देती हैं। हालांकि फिल्म इन पहलुओं को किस तरह अपनी कहानी का हिस्सा बनाती है, यही इसका दिलचस्प पक्ष है।

यामी गौतम का चला जादू

मोहनी के किरदार में यामी गौतम पूरी फिल्म पर अपनी छाप छोड़ती हैं। उनके अभिनय में सहजता है और चेहरे के हाव-भाव कई बार बिना ज्यादा संवादों के भी किरदार की भावनाएं जाहिर कर देते हैं। उनका खूबसूरत लुक मोहिनी का राज है, जिसे वो और आकर्षक बनाता है। यामी इस किरदार में सिर्फ ग्लैमर नहीं बल्कि गंभीरता और आत्मविश्वास भी लेकर आती हैं।

आदिनाथ एम. कोठारे राजा के रूप में उनका अच्छा साथ देते हैं। वहीं अनुराग ठाकुर बंटू के किरदार में कहानी के शक और कॉमेडी वाले पहलू को आगे बढ़ाते हैं। सुनीता राजवर, आदित्य कुलश्रेष्ठ, मीता वशिष्ठ, सुष्मिता मुखर्जी, प्रतीक पचौरी, सोनल झा और सुनील सिन्हा सहित बाकी कलाकार भी अपने हिस्से के सीन में प्रभाव छोड़ते हैं। फिल्म में डराने वाले पलों से लेकर हंसाने वाले सीन्स तक, कलाकारों का प्रदर्शन इसकी ताकत है।

डायलॉग और तकनीकी मजबूती

फिल्म की सबसे अच्छी बात इसका देसी अंदाज है। डायलॉग में देसीपन, जो कहानी को आम दर्शकों के करीब लाता है। कई सीन्स में कॉमेडी नैचुलर लगती है और कुछ पल ऐसे हैं, जिन्हें सोशल मीडिया पर मीम्स के रूप में भी पसंद किया जा सकता है।

तकनीकी पक्ष की बात करें तो फिल्म का वीएफएक्स इसके बजट के हिसाब से अच्छा है। सिनेमैटोग्राफी में कुछ खूबसूरत शॉट्स देखने को मिलते हैं। खास बात यह है कि फिल्म का बड़ा हिस्सा एक ही लोकेशन पर शूट होने के बावजूद प्रस्तुति में यूनिकनेस बनाए रखने की कोशिश की गई है। निर्देशक बालाजी मोहन इस सीमित सेटिंग को कहानी के अनुरूप इस्तेमाल करते हैं। हालांकि फिल्म की रफ्तार कुछ जगहों पर बेहतर हो सकती थी। एडिटिंग में थोड़ी और कसावट इसे ज्यादा इंप्रेसिव बना सकती थी। वहीं म्यूजिक जुबान पर चढ़ने वाला नहीं है।

क्या ये है फैमली फिल्म?

नई नवेली में मनोरंजन के साथ सामाजिक कुरीतियों पर तंज कसने वाले डायलॉग भी हैं। फिल्म कुछ जगहों पर मैसेज देने की कोशिश करती है, जबकि लोककथाओं और रामायण से जुड़े संदर्भ इसकी कहानी को भारतीय सांस्कृतिक बैकग्राउंड से जोड़ते हैं। यही पहलू इसे सिर्फ एक सामान्य कॉमेडी या फैंटेसी फिल्म से थोड़ा अलग बनाता है। अगर आप परिवार के साथ कुछ अलग देखना चाहते हैं तो यह फिल्म एक ऑप्शन हो सकती है।

देखें या नहीं

नई नवेली की सबसे बड़ी जीत इसका अनोखा विचार और यामी गौतम का काम है। देसी डायलॉग, को स्टार्स की मौजूदगी और भारतीय लोककथाओं से जुड़ाव इसे मनोरंजक बनाते हैं। वहीं एडिटिंग और म्यूजिक बेहतर हो सकता था। कुल मिलाकर बालाजी मोहन की यह फिल्म कुछ कमियों के बावजूद एक अलग तरह का सिनेमाई अनुभव देने की कोशिश करती है। अगर आपको कॉमेडी और सुपरनैचुलर पावर वाली फिल्म देखना का मन है तो नई नवेली आपके लिए ट्रीट बन सकती है।

Asian Games में चोट के बावजूद सिल्वर जीतने वाले श्रीशंकर की हुई सर्जरी (Video)

जापान में एशियाई खेलों के दौरान चोटिल हुए भारतीय लॉन्ग जम्पर मुरली श्रीशंकर के दाहिने टखने की सर्जरी हुई है। अब उनका पूरा ध्यान 2027 के एथलेटिक्स सीज़न में वापसी करने पर है।27 वर्षीय भारतीय एथलीट ने सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए इस सर्जरी की पुष्टि की। श्रीशंकर ने लिखा, “मैं बिल्कुल नहीं चाहता था कि मुझे इन सब से गुजरना पड़े, लेकिन इस बार मेरे पास कोई और विकल्प नहीं था। कल लंदन के फोर्टियस क्लिनिक में डॉ. पीटर डी’हूघे की देखरेख में मेरे टखने की एक छोटी सर्जरी हुई।”

पिछले महीने आइची-नागोया में हुए एशियाई खेलों के दौरान, लॉन्ग जंप फाइनल में श्रीशंकर का टखना चोटिल हो गया था। बारिश से भीगे रनवे पर, अपने चौथे प्रयास के लिए तैयार होते समय वे टेक-ऑफ बोर्ड पर फिसल गए, जिससे उनके दाहिने टखने में मोच आ गई। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पेज पर इस घटना का एक वीडियो भी पोस्ट किया। इस चोट के कारण उन्हें अपने आखिरी दो जंप छोड़ने पड़े, लेकिन दूसरे राउंड में लगाई गई 8.07 मीटर की छलांग उन्हें सिल्वर मेडल दिलाने के लिए काफी रही।
शुरुआत में श्रीशंकर को लगा कि टखने की चोट गंभीर नहीं है और आराम तथा रिहैबिलिटेशन से ठीक हो जाएगी, लेकिन बाद में स्कैन और डॉक्टरों से सलाह लेने के बाद सर्जरी की ज़रूरत पड़ी। मंगलवार को स्पोर्ट्स ऑर्थोपेडिक सर्जन पीटर डी’हूघे की देखरेख में लिगामेंट रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी की गई। मुरली श्रीशंकर, जिनके नाम पहले लॉन्ग जंप का राष्ट्रीय रिकॉर्ड था (जिसे बाद में जेस्विन एल्ड्रिन ने तोड़ दिया), ने कहा कि वह आने वाले सीज़न के लिए तैयार रहेंगे।

श्रीशंकर ने बताया, “सर्जरी ज़रूरी थी ताकि मेरा टखना स्थिर रहे और आने वाले सीज़न के लिए तैयार हो सके। इसमें बीजिंग में होने वाली 2027 वर्ल्ड चैंपियनशिप और सबसे महत्वपूर्ण, 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक शामिल हैं।”

एशियाई खेलों, कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतने वाले इस भारतीय एथलीट को हाल के दिनों में चोटों के कारण काफी संघर्ष करना पड़ा है। घुटने की चोट के कारण वह पेरिस 2024 ओलंपिक में हिस्सा नहीं ले पाए थे। लंबे ब्रेक के बाद 2025 में उन्होंने वापसी की और 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स तथा एशियाई खेलों में सिल्वर मेडल जीते, लेकिन फिर उन्हें एक और झटका लगा।

लगातार हो रही चोटों के बारे में बात करते हुए, श्रीशंकर ने सकारात्मक नज़रिया अपनाते हुए आगे की ओर देखा।उन्होंने कहा, “आप में से कुछ लोग सोच रहे होंगे कि यह खिलाड़ी बार-बार चोटिल क्यों हो जाता है। सच कहूं तो, मेरे पास इसका कोई जवाब नहीं है। मैं इसके लिए गीले टेकऑफ़ बोर्ड या अपनी किस्मत को दोष दे सकता हूं, लेकिन इससे कोई मदद नहीं मिलेगी। इसके बजाय, जो हुआ है उसे स्वीकार करके, मैं खुद को और बेहतर बनाने की दिशा में काम करना जारी रखूंगा।” बास्केटबॉल के दिग्गज कोबे ब्रायंट के प्रशंसक श्रीशंकर ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा, “लेकिन एक बात मैं पक्के तौर पर जानता हूं कि मुझमें वापसी करने का एक खास जज़्बा और ‘म्म्बा मेंटालिटी’ है। यही चीज़ मुझे आगे बढ़ने में मदद करेगी।”

अमेरिका में 30 हजार भारतीय मजदूरों ने काम छोड़ा:इनके पास पूरे कागजात नहीं, पकड़े जाने का डर; फल-सब्जियों के दाम बढ़ने की आशंका

अमेरिका के कैलिफोनिया में करीब 30 हजार भारतीय मजदूरों को खेती का काम छोड़ना पड़ा है। इनमें से कई मजदूरों के पास अमेरिका में रहने और काम करने के पूरे कागजात नहीं हैं। ऐसे में इमिग्रेशन एजेंसी ICE के छापों और पकड़े जाने के डर से मजदूर खेतों में काम करने से बच रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक खेतों में मजदूरों की कमी हुई तो फल और सब्जियों के दाम 30 से 32% तक बढ़ सकते हैं। कैलिफोर्निया में हजारों लोग हिरासत में कैलिफोर्निया में डेमोक्रेटिक पार्टी की सरकार है। ट्रम्प ने राज्य सरकार पर प्रवासियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। इसके बाद ICE वहां भी कार्रवाई कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले दो महीनों में हजारों खेत मजदूरों को पकड़कर हिरासत केंद्रों में रखा गया है। कुछ लोगों को देश से निकाला भी गया है। अमेरिका में एक लाख भारतीय मजदूर खेती का काम करते हैं अमेरिका में बिना जरूरी कागजात के रह रहे करीब 7.5 लाख भारतीयों में से लगभग एक लाख खेती से जुड़े काम करते हैं। इमिग्रेशन एजेंसी ICE ग्रामीण इलाकों और खेतों में भी छापे मार रही है। कैलिफोर्निया से लेकर कैंसस तक कई जगह खेतों में मजदूरों की कमी देखी जा रही है। ट्रम्प सरकार प्रवासियों को देश से निकालने की कार्रवाई को अपनी बड़ी उपलब्धि बता रही है। बिना वकील के अपना पक्ष रखना मुश्किल अमेरिका में जरूरी कागजात के बिना रह रहे लोगों को भी कुछ कानूनी अधिकार मिले हैं। लेकिन कई प्रवासियों के लिए इन अधिकारों का इस्तेमाल करना मुश्किल हो गया है। कई प्रवासियों के पास वकील करने के पैसे नहीं हैं। ऐसे में उन्हें अपनी बात रखने का पूरा मौका मिले बिना ही अमेरिका से निकाला जा सकता है। पॉलिटिको की रिसर्च के मुताबिक, 40 से ज्यादा अदालतें करीब 5 हजार प्रवासियों के पक्ष में फैसला सुना चुकी हैं। इसके बावजूद सरकार इन प्रवासियों को इमिग्रेशन वकील नहीं दे रही है। छापों से बचने के लिए काम बदल रहे भारतीय ICE की कार्रवाई के डर से कई भारतीय मजदूर खेतों को छोड़ पेट्रोल पंप, किराना दुकान और इमारतों के निर्माण से जुड़े कामों में लग गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इन जगहों पर फिलहाल छापों का डर कम है। कुछ भारतीय मजदूर मैक्सिको भी चले गए हैं लेकिन उनकी संख्या कम है। वहां खेतों में काम करने पर अमेरिका के मुकाबले कम पैसे मिलते हैं। ट्रम्प की चुनावी रणनीति से खेती पर असर पड़ेगा? मैसाचुसेट्स यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर टॉम जुराविच के मुताबिक मिडटर्म चुनाव में समर्थन हासिल करने के लिए ट्रम्प सरकार प्रवासियों को देश से निकालने पर जोर दे रही है। लेकिन इस कार्रवाई का असर खेती पर पड़ सकता है। अमेरिका में लैटिन अमेरिका, अफ्रीका और एशिया से आए मजदूर खेतों में काम करते हैं। उन्हें अपने देश के मुकाबले ज्यादा मजदूरी मिलती है, लेकिन कई बार उनकी मजदूरी अमेरिकी मजदूरों से कम होती है। ट्रम्प की रणनीती से किसानों का नुकसान अमेरिका के खेतों में मशीनों के साथ मजदूरों की भी जरूरत होती है। अगर मजदूर कम हो गए, तो फसलों की बुवाई, देखभाल और कटाई का काम प्रभावित होगा। इससे किसानों को नुकसान हो सकता है और खाने-पीने की चीजें महंगी हो सकती हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी खेती को हर साल करीब 6 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हो सकता है। स्ट्रॉबेरी जैसी जल्दी खराब होने वाली फसलों पर इसका असर ज्यादा पड़ सकता है। अमेरिकी खेती प्रवासी मजदूरों पर कितनी निर्भर? अमेरिका के नेशनल एग्रीकल्चरल वर्कर्स सर्वे के मुताबिक, खेतों में काम करने वाले करीब 45% मजदूर दूसरे देशों से आए हैं। पिछले साल किसानों ने खेतों में मजदूरों की भर्ती के लिए 4.15 लाख पद निकाले थे। लेकिन इन नौकरियों के लिए सिर्फ 182 श्वेत लोगों ने आवेदन किया। ————————- ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका के स्कूल में गोलीबारी, 4 की मौत: इनमें 3 बच्चे, स्थानीय नागरिक ने हमलावर को मार गिराया अमेरिका के ओरेगन राज्य के बेंड शहर में गुरुवार को एक स्कूल में गोलीबारी हुई। इसमें 3 बच्चों समेत 4 लोगों की मौत हो गई। CNN के मुताबिक, हमलावर को एक स्थानीय नागरिक ने गोली मार दी, इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हमलावर की उम्र करीब 16 साल थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…