Gurpreet Singh Shot Dead: कौन थे गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी? अपनी ही सरकार में AAP नेता की सरेआम हत्या

Gurpreet Singh Shot Dead: पंजाब के फिरोजपुर में आम आदमी पार्टी (AAP) के एक सीनियर नेता गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने रविवार (30 अगस्त) को बताया कि हमलावरों ने उनके बाइक का काफी देर तक पीछा किया और फिर उनपर तोबड़तोड़ फायरिंग की। यह हत्याकांड रविवार (29 अगस्त) शाम पंजाब के सीमावर्ती जिले फिरोजपुर के ममदोट शहर में हुई। गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी की सरेआम कई राउंड गोली मारकर हत्या कर दी गई।

हथियारबंद हमलावरों ने कथित तौर पर उस मोटरसाइकिल का पीछा किया जिस पर वह सवार थे। फिर उन पर गोलियां चला दीं। यह घटना शाम करीब 7:45 बजे हुई। पुलिस के मुताबिक, गोपी और एक अन्य व्यक्ति मोटरसाइकिल पर जा रहे थे, तभी कार में सवार हमलावरों ने उनका पीछा किया और फायरिंग कर दी।

गोलीबारी में गोपी को गंभीर चोटें आईं। फिर उन्हें इलाज के लिए फिरोजपुर के एक अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में उनकी मौत हो गई। गोलीबारी की सूचना मिलने के बाद, फिरोजपुर ग्रामीण के डीएसपी करण कुमार शर्मा भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।

पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। घटनाक्रम का पता लगाने तथा हमलावरों की पहचान करने के लिए इलाके में और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है। इस हत्याकांड से पंजाब में तनाव का माहौल है। इस हत्याकांड पर इसलिए अधिक सवार उठ रहे हैं क्योंकि पंजाब में आम आदमी पार्टी की ही सरकार है।

दोस्त के कार पर भी गोलीबारी

SSP ने बताया कि इस हमले के पीछे एक पुराना विवाद था। जांच में चुनाव से जुड़ा विवाद एक अहम पहलू के तौर पर सामने आया है। सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस भूपिंदर सिंह सिद्धू ने बताया कि गोपी और उनके दोस्त हरप्रीत मोटरसाइकिल पर जा रहे थे। जबकि उनके कुछ दोस्त एक अलग कार में उनके पीछे आ रहे थे। पुलिस ने बताया कि हमलावरों ने उस कार पर भी गोलीबारी की।

‘आरोपी का आपराधिक बैकग्राउंड है’

जांच करने वाले अधिकारी गाड़ी पर हुई फायरिंग से जुड़े हालात की जांच कर रहे हैं। घटनाक्रम का पूरा ब्योरा पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। एसएसपी भूपिंदर सिंह सिद्धू ने कहा, “दोनों पक्षों के बीच पुराना विवाद था। हमलावरों की पहचान कर ली गई है। हमारी टीमें बना दी गई हैं। हम जल्द से जल्द उन्हें गिरफ्तार कर लेंगे।” उन्होंने आगे कहा कि मुख्य आरोपी का आपराधिक बैकग्राउंड है। वह गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल व्यक्ति के तौर पर जाना जाता है।

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उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि जांच जारी रहने के साथ ही कई टीमें बनाई गई हैं। आरोपी की तलाश में अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की जा रही है। दरअसल, इस घटना ने पंजाब में कानून-व्यवस्था को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। हमले के पीछे चुनाव से जुड़ा विवाद होने की बात से इस मामले के राजनीतिक चर्चा का विषय बनने की भी संभावना है।

SCSS vs Post Office MIS: रिटायरमेंट के बाद कौन-सी स्कीम से होगी ज्यादा रेगुलर इनकम? समझिए पाई-पाई का कैलकुलेशन!

Senior Citizens Savings Scheme vs Post Office MIS: रिटायरमेंट के बाद हर किसी की सबसे बड़ी प्राथमिकता एक सुरक्षित और तय रेगुलर इनकम की होती है। ऐसे में डाकघर की दो सबसे लोकप्रिय सरकारी योजनाएं सीनियर सिटीजन्स सेविंग्स स्कीम (SCSS) और पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS) निवेशकों की पहली पसंद बनती हैं।

दोनों ही स्कीम्स पूरी तरह से सरकारी गारंटी के साथ सुरक्षित हैं, लेकिन दोनों की ब्याज दरें, निवेश की सीमा, भुगतान का तरीका और टैक्स नियम काफी अलग हैं। आइए जानते हैं कि आपके रिटायरमेंट के लिए कौन-सी स्कीम ज्यादा बेहतर रहेगी।

कौन कर सकता है निवेश?

SCSS: यह स्कीम मुख्य रूप से 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए है। हालांकि, VRS लेने वाले या सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारी कुछ शर्तों के साथ 60 साल से पहले भी खाता खुलवा सकते हैं।

Post Office MIS: इस योजना में उम्र की कोई पाबंदी नहीं है। सीनियर सिटीजन के अलावा 18 साल से अधिक का कोई भी भारतीय नागरिक इसमें खाता खुलवा सकता है।

ब्याज दरें और पे-आउट का तरीका

SCSS: जुलाई से सितंबर 2026 तिमाही के लिए SCSS में 8.2% सालाना का ब्याज मिल रहा है। इस योजना में ब्याज का भुगतान हर तीन महीने अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर और जनवरी के पहले कार्यदिवस पर होता है।

Post Office MIS: POMIS में 7.4% सालाना का ब्याज दिया जा रहा है। इसकी सबसे खास बात यह है कि इसमें ब्याज का भुगतान हर महीने सीधे आपके बैंक या पोस्ट ऑफिस खाते में होता है, जो घरेलू खर्च चलाने के लिए बेहद सुविधाजनक है।

अधिकतम कितना कर सकते हैं निवेश?

SCSS: इसमें एक व्यक्ति अधिकतम ₹30 लाख तक निवेश कर सकता है।

Post Office MIS: सिंगल अकाउंट में अधिकतम ₹9 लाख और जॉइंट अकाउंट में अधिकतम ₹15 लाख तक जमा किए जा सकते हैं।

कैलकुलेशन: किसमें कितना मिलेगा रिटर्न?

आइए गणित के जरिए समझते हैं कि अधिकतम निवेश पर आपको किस स्कीम से कितनी कमाई होगी:

केस 1: SCSS (₹30 लाख का निवेश @ 8.2%)

  • कुल निवेश: ₹30,000,000
  • सालाना ब्याज: ₹2,46,000
  • हर 3 महीने की कमाई: ₹61,500
  • मंथली एवरेज: लगभग ₹20,500 प्रति माह

केस 2: Post Office MIS – जॉइंट अकाउंट (₹15 लाख का निवेश @ 7.4%)

  • कुल निवेश: ₹1,500,000
  • सालाना ब्याज: ₹1,11,000
  • हर महीने की कमाई: ₹9,250

केस 3: Post Office MIS – सिंगल अकाउंट (₹9 लाख का निवेश @ 7.4%)

  • कुल निवेश: ₹9,000,000
  • सालाना ब्याज: ₹66,600
  • हर महीने की कमाई: ₹5,550

लॉक-इन पीरियड और टैक्स के नियम

दोनों ही योजनाओं का मैच्योरिटी पीरियड 5 साल का होता है। हालांकि, कुछ कटौतियों और शर्तों के साथ समय से पहले निकासी की जा सकती है। दोनों ही स्कीम्स से मिलने वाला ब्याज निवेशक की टैक्स स्लैब के अनुसार पूरी तरह से टैक्सेबल होता है। तय सीमा से अधिक ब्याज होने पर बैंक/डाकघर द्वारा TDS भी काटा जा सकता है। (SCSS में सेक्शन 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की टैक्स छूट का लाभ शुरुआती निवेश पर मिलता है)।

आपके लिए कौन-सी स्कीम है बेस्ट?

SCSS चुनें: अगर आपके पास रिटायरमेंट कॉर्पस बड़ा है, आपकी उम्र 60 साल से ऊपर है और आप ज्यादा रिटर्न (8.2%) के साथ हर 3 महीने में एक बड़ी रकम पाना चाहते हैं।

Post Office MIS चुनें: अगर आपको हर महीने रसोई और घर के रेगुलर खर्चों के लिए तय मंथली इनकम की जरूरत है।

स्मार्ट स्ट्रेटेजी: एक्सपर्ट्स मानते हैं कि रिटायरमेंट के बाद दोनों का कॉम्बिनेशन सबसे बेस्ट होता है। आप अपने फंड का बड़ा हिस्सा SCSS में डालकर ज्यादा रिटर्न हासिल कर सकते हैं और एक हिस्सा MIS में लगाकर हर महीने का कैश-फ्लो मेंटेन रख सकते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Nepal Flood: ‘शायद इस बार फोन उठ जाए…’ नेपाल बाढ़ में लापता स्वाति के परिवार ने नहीं छोड़ी उम्मीद

नेपाल में 26 अगस्त को आई भयानक बाढ़ ने हजारों परिवारों की जिंदगी बदल दी है। इस तबाही में से अबतक कुल 691 लोगों को मौत हो चुकी है। वहीं 3000 हजार से ज्यादा लोग लापता है। इनके परिवार के लोगों इनकी तलाश में दर-दर भटक रहे हैं। नेपाल में आई अचानक बाढ़ के बाद टोरंटो में रहने वाली 50 वर्षीय इंजीनियर स्वाति बागरेचा भी लापता हैं। स्वाति बागरेचा कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए गई थी। 26 अगस्त को बाढ़ आने के बाद से उनका परिवार उनसे संपर्क करने की कोशिश कर रहा है। मोबाइल फोन की घंटी बजने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिल रहा है। स्वाति के परिवार ने उनकी तलाश के लिए भारतीय और कनाडाई दूतावास से मदद मांगी है।

फोन पर रिंग जा रहा है

PTI के मुताबिक, टोरंटो में रहने वाली 50 वर्षीय इंजीनियर स्वाति बागरेचा के परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास अचानक आई बाढ़ के बाद से स्वाति का कोई पता नहीं चल पाया है। परिवार उनके फोन की हर घंटी का इंतजार कर रहा है, इस उम्मीद में कि शायद उनकी कोई खबर मिल जाए। लेकिन फोन का जवाब न मिलने से चिंता और बढ़ती जा रही है। PTI ने स्वाति के भाई डॉ. प्रशांत बागरेचा ने बताया, “उनका मोबाइल फोन अभी भी बज रहा है, लेकिन वह हमारी कॉल रिसीव नहीं कर रही हैं। हम उनकी सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित हैं।”

कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गई थीं

दिल्ली की रहने वाली स्वाति 8 अगस्त को ईशा फाउंडेशन के 77 लोगों के एक समूह के साथ कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गई थीं। परिवार के अनुसार, 26 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे उनसे आखिरी बार संपर्क हुआ था। इसी दिन नेपाल में अचानक भारी बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति बन गई थी। इसके बाद से स्वाति से संपर्क नहीं हो पाया है। परिवार के मुताबिक, स्वाति 26 अगस्त को इमिग्रेशन की प्रक्रिया पूरी करने के लिए नेपाल-तिब्बत सीमा पर पहुंची थीं। इसके बाद उनसे परिवार की कोई बात नहीं हो सकी। वहीं, उनकी 14 साल की बेटी अनुष्का फिलहाल अपनी बड़ी बहन के साथ मुंबई में रह रही है।

परिवार ने मदद की अपील की

26 अगस्त को नेपाल के रसुवा इलाके में भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे बाढ़ आ गई। बाढ़ का पानी आगे चलकर त्रिशूली और गंडक नदी तंत्र तक पहुंच गया और कई निचले इलाकों में हालात बिगड़ गए। प्रशांत के मुताबिक, मोबाइल की लोकेशन से जानकारी मिली कि स्वाति का फोन चीन की सीमा के पास किसी इलाके में सक्रिय था। हालांकि, फोन को ट्रैक करने में परेशानी आ रही है क्योंकि उसका मोबाइल नंबर टोरंटो में रजिस्टर्ड है। स्वाति के परिवार ने उनकी तलाश में मदद के लिए नेपाल में भारतीय और कनाडाई दूतावास से संपर्क किया है। परिवार ने दोनों देशों के अधिकारियों से स्वाति को सुरक्षित ढूंढने और उन्हें वापस लाने में मदद करने की अपील की है।

शिवराज सिंह चौहान ने परिवार से की बात

PTI की रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय विधायक मुकेश टंडन के प्रयासों के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी स्वाति के परिवार से बातचीत की। उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि स्वाति की तलाश के लिए जरूरी राजनयिक और प्रशासनिक स्तर पर हर संभव कोशिश की जाएगी। साथ ही, उनकी सुरक्षित वापसी के लिए संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर मदद पहुंचाने का आश्वासन भी दिया गया।

Hero Motors लाएगी ₹1000 करोड़ का ही IPO, पैसों के इस्तेमाल में भी बदलाव

Hero Motors IPO: पावरट्रेन सॉल्यूशंस प्रोवाइडर हीरो मोटर्स ने अपने आईपीओ का साइज घटा दिया है। बाजार नियामक सेबी से मंजूरी मिलने के बाद कंपनी ने पब्लिक इश्यू का साइज घटाकर ₹1000 करोड़ कर दिया है। हालांकि इसमें जो कटौती हुई है, वह फ्रेश इश्यू में हुई है यानी कि अब आईपीओ के तहत नए शेयर कम जारी होंगे जबकि ऑफर फॉर सेल इश्यू के तहत बिकने वाले शेयरों की संख्या में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कंपनी की योजना आईपीओ के तहत ₹600 करोड़ के नए शेयर जारी करने की है तो ऑफर फॉर सेल के जरिए प्रमोटर्स ₹400 करोड़ के शेयर बेचेंगे।

नियमों के तहत IPO Size में कितना बदलाव करने की है मंजूरी?

हीरो मोटर्स ने जून 2025 में बाजार नियामक सेबी के पास अपना आईपीओ ड्राफ्ट यानी डीआरएचपी दाखिल किया था। इसके जरिए कंपनी की योजना ₹1,200 करोड़ जुटाने की थी जिसमें ₹800 करोड़ के नए शेयर जारी होते तो ₹400 करोड़ के शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल के तहत होनी थी। इस साल 13 अप्रैल से लागू हुए नए नियमों के बाद, जिसके तहत कंपनियों को सेबी के पास ड्राफ्ट दोबारा दाखिल किए बिना फ्रेश इश्यू के साइज में 50% तक बदलाव करने की अनुमति है, हीरो मोटर्स ने 30 जुलाई को सेबी के पास आवेदन किया। कंपनी ने फ्रेश इश्यू का साइज कम करने और कुल ऑफर साइज में बदलाव की मंजूरी मांगी। फिर 27 अगस्त के अप्रूवल लेटर के बाद कंपनी ने आईपीओ के तहत फ्रेश इश्यू साइज ₹600 करोड़ से घटाकर ₹400 करोड़ कर दिया।

और क्या हुआ है आईपीओ में बदलाव

कंपनी ने ऑफर फॉर सेल के ढांचे में भी बदलाव किया है। यह बदलाव इश्यू के तहत शेयर बेचने वाले प्रमोटर्स भाग्योदय इंवेस्टमेंट्स और ओपी मुंजाल होल्डिंग्स की 27 अगस्त की चिट्ठियों के बाद किया गया। भाग्योदय इंवेस्टमेंट्स ने ₹5 करोड़ तक के शेयर बेचने का अपना ऑफर वापस लेने का फैसला किया। वहीं ओपी मुंजाल होल्डिंग्स ने अपने ऑफर साइज को उतना ही बढ़ाकर ₹390 करोड़ से ₹395 करोड़ कर दिया है। अब इश्यू के तहत

ओपी मुंजाल होल्डिंग्स ₹395 करोड़ के शेयर और हीरो साइकिल्स ₹5 करोड़ के शेयर बेचेंगे।

हीरो मोटर्स ने नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों के इस्तेमाल में भी बदलाव किया है। अब आईपीओ से मिले ₹190 करोड़ का इस्तेमाल कंपनी कर्ज हल्का करने और ₹200 करोड़ उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में स्थित अपने प्लांट में कैपेसिटी बढ़ाने के लिए जरूरी इक्विपमेंट्स की खरीदारी में खर्च करेगी। बाकी पैसे अधिग्रहण और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में खर्च होंगे। वहीं ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिलेगा।

IPO News: SEBI की हरी झंडी, दो कंपनियों के आईपीओ के रास्ते का एक बड़ा पड़ाव पार

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Dussehra Bonus: इस दशहरा पर सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले! रिवाइज्ड बोनस को लेकर बड़ा अपडेट, खाते में आएगी मोटी रकम

7th Pay Commission Bonus Update: आगामी दशहरा के त्योहार से पहले केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए एक बड़ी और खुशखबरी वाली खबर सामने आ रही है। केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी के साथ-साथ इस बार उनके बोनस में भी तीन गुना तक का बंपर इजाफा देखने को मिल सकता है।

कर्मचारी पक्ष का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था नेशनल काउंसिल – जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने कैबिनेट सचिव को पत्र लिखकर मांग की है कि इस दशहरा कर्मचारियों को ₹7000 के बजाय संशोधित ₹21000 तक का बोनस जारी किया जाए।

NC-JCM ने कैबिनेट सचिव को लिखा पत्र, उठाई ये मांग

NC-JCM के सचिव शिव गोपाल मिश्रा ने 27 अगस्त 2026 को कैबिनेट सचिव को एक लिखित पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि दशहरा का त्योहार नजदीक आ रहा है और सरकार जल्द ही प्रॉडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB), बोनस और एड-हॉक बोनस के आदेश जारी करेगी।

ऐसे में NC-JCM की 49वीं बैठक में आधिकारिक पक्ष द्वारा दिए गए आश्वासन के अनुसार, केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए बोनस की सीलिंग लिमिट को ₹7,000 से बढ़ाकर तुरंत ₹21,000 किया जाना चाहिए।

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने अधिसूचित की नई सीमा

NC-JCM ने अपने पत्र में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा 25 अगस्त 2026 को जारी उस अधिसूचना का हवाला दिया है, जिसमें बोनस पात्रता की सीमा बढ़ाई गई है। कोड ऑन वेजेस 2019 की धारा 26(1) के तहत जारी अधिसूचना S.O. 4711(E) के अनुसार, ₹21,000 प्रति माह तक वेतन पाने वाले कर्मचारी बोनस के हकदार होंगे। इस नियम को 21 नवंबर 2025 से बैकडेट में लागू माना गया है।

₹7,000 की पुरानी सीमा पर उठ रहे थे सवाल

ऑल इंडिया एनपीएस एंप्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल ने कहा कि 10 साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कर्मचारियों को मात्र ₹6,908 का नॉन-प्रॉडक्टिविटी लिंक्ड बोनस दिया जा रहा था। वर्तमान में कर्मचारियों का बोनस ₹7,000 की पुरानी प्राइवेट सेक्टर दर पर तय होता था।

अप्रैल 2026 में सरकार द्वारा तय न्यूनतम दैनिक मजदूरी की दरों (₹783 से ₹1,035 तक) के औसत के आधार पर कर्मचारियों को वास्तव में ₹27,694 तक का बोनस मिलना चाहिए।

11 मई 2026 की बैठक में क्या तय हुआ था?

NC-JCM के अनुसार, 11 मई 2026 को कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में हुई 49वीं बैठक में बोनस सीमा बढ़ाने का मुद्दा उठाया गया था। उस समय सरकार की ओर से कहा गया था कि जैसे ही पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट 1965 (अब कोड ऑन वेजेस 2019) के तहत सीलिंग लिमिट में बदलाव होगा, केंद्रीय कर्मचारियों के बोनस पर विचार किया जाएगा।

चूंकि अब श्रम मंत्रालय ने ₹21,000 की नई लिमिट जारी कर दी है, इसलिए कर्मचारी यूनियनों को पूरी उम्मीद है कि सरकार इस दशहरा त्योहार से पहले संशोधित बोनस आदेश जारी कर कर्मचारियों को बड़ा तोहफा देगी।

CM का सख्त आदेश, ‘तारीख पर तारीख’ अब नहीं चलेगी, 5 साल पुराने राजस्व मामलों का होगा प्राथमिकता से निस्तारण

CM का सख्त आदेश, 'तारीख पर तारीख' अब नहीं चलेगी, 5 साल पुराने राजस्व मामलों का होगा प्राथमिकता से निस्तारण

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजस्व न्यायालयों में वर्षों से लंबित मामलों को समयबद्ध ढंग से निस्तारित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि आम नागरिक की जमीन, संपत्ति और अधिकारों से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जा सकती। ‘तारीख पर तारीख’ की प्रवृत्ति हर हाल में बदलनी होगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नायब तहसीलदार कोर्ट से लेकर राजस्व परिषद के न्यायालयों तक 05 वर्ष से अधिक समय से लंबित सभी राजस्व मामलों को प्राथमिकता से चिन्हित कर नियोजित प्रयासों के साथ निस्तारित कराया जाए। उन्होंने विशेष रूप से धारा 33 के अविवादित वरासत के मामलों को मिशन मोड में निस्तारित कराने को कहा।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार देर शाम शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों तथा फील्ड में तैनात पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों के साथ जनहित से जुड़े विषयों वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने जनता दर्शन तथा आईजीआरएस में प्राप्त जनशिकायतों के त्वरित एवं संतुष्टिपरक निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि शिकायतकर्ता की वास्तविक समस्या का समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि किसी भी शिकायत का निस्तारण करने से पहले संबंधित तथ्यों और अभिलेखों की विधिवत जांच की जाए तथा आवश्यक स्तर से रिपोर्ट प्राप्त करना सुनिश्चित किया जाए। 

 

समीक्षा में ऐसे प्रकरण सामने आए, जहां मूल शिकायत के बजाय दूसरी जानकारी के आधार पर निस्तारण कर दिया गया अथवा आवश्यक रिपोर्ट प्राप्त किए बिना ही प्रकरण बंद कर दिया गया। उन्होंने असंतुष्ट फीडबैक वाले मामलों की दोबारा समीक्षा कर तथ्यपरक आख्या प्राप्त करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन मामलों में निस्तारण संतोषजनक नहीं है अथवा गलत आख्या के आधार पर प्रकरण बंद किया गया है, उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा संबंधित जिलाधिकारी अथवा पुलिस कप्तान को भेजकर 05 दिनों में स्पष्टीकरण मांगा जाए। प्रत्येक मामले में शिकायतकर्ता को संतुष्ट करने वाला समाधान सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता शिकायतों की संख्या कम करना नहीं, बल्कि आमजन की समस्या का वास्तविक और स्थायी समाधान करना है।

 

बैठक में राजस्व परिषद की ओर से नायब तहसीलदार के न्यायालय से लेकर उपजिलाधिकारी, जिलाधिकारी, मंडलायुक्त और राजस्व परिषद स्तर तक नामांतरण, सीमांकन, पैमाइश, अंश निर्धारण, वरासत, बंटवारा और भू-उपयोग से संबंधित मामलों के निस्तारण की जिलावार स्थिति प्रस्तुत की गई। 05 वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों के लिहाज से शीर्ष 05 जिलों की स्थिति तथा प्रदेश में सबसे लंबे समय से लंबित शीर्ष 10 प्रकरणों की जानकारी भी मुख्यमंत्री को दी गई।

 

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में राजस्व न्यायालयों की कोर्टवार समीक्षा स्वयं करने और लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण से आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी और उन्हें वर्षों तक अधिकारियों तथा न्यायालयों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी। उन्होंने लंबित मामलों के निस्तारण में स्पष्ट समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर प्रभावी मॉनिटरिंग करने को कहा।

 

बैठक में 13 जुलाई से 23 अगस्त के बीच प्रदेश में अपराध की जनपदवार स्थिति का भी विश्लेषण किया गया। अपर पुलिस महानिदेशक, कानून-व्यवस्था ने बताया कि 13 से 19 जुलाई की तुलना में 17 से 23 अगस्त की अवधि में कुल एफआईआर की संख्या में 0.4 प्रतिशत, गंभीर अपराधों में 5.1 प्रतिशत, महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में 3.9 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति/जनजाति के विरुद्ध अपराधों में 11.2 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई है।

 

मुख्यमंत्री ने अपराध नियंत्रण के लिए निरंतर सतर्कता और प्रभावी कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने महिला एवं बच्चों से संबंधित अपराधों में विशेष सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। पुलिस जोन और रेंज स्तर पर साप्ताहिक क्राइम एनालिसिस करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि अपराध की वास्तविक स्थिति का नियमित आकलन हो और जहां आवश्यकता हो, वहां तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने महिला बीट पुलिस अधिकारियों की सक्रियता और क्षेत्र में उनकी उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए। छेड़खानी और चेन स्नेचिंग जैसी घटनाओं पर बिना किसी संकोच के कठोरतम कार्रवाई करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराधियों के विरुद्ध पुलिस की कार्रवाई प्रभावी होने के साथ-साथ दूसरों के लिए भी नजीर बननी चाहिए।

 

आगामी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, विश्वकर्मा पूजा और गणेश चतुर्थी के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने पुलिस-प्रशासन को पूरी सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पूरे प्रदेश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जाती है। मथुरा-वृंदावन में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए क्राउड कंट्रोल की विस्तृत कार्ययोजना पहले से तैयार की जाए। श्री बांके बिहारी मंदिर प्रबंधन के साथ समन्वय कर अलग कार्ययोजना तैयार करने तथा आवश्यकता के अनुसार होल्डिंग एरिया की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

 

मुख्यमंत्री ने वृंदावन में नया पुलिस सर्किल गठित कर आवश्यक पुलिस बल की तैनाती तथा मथुरा और वृंदावन के लिए अलग-अलग जॉइंट मजिस्ट्रेट की तैनाती के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी थानों और पुलिस लाइनों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आस्था और श्रद्धा के भाव से मनाई जाए। थानों में आकर्षक झांकियां सजाई जाएं और इसमें आमजन को भी सहभागी बनाया जाए।

 

गणेश चतुर्थी के बाद प्रतिमा विसर्जन के दौरान विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हाईटेंशन तारों से दुर्घटना की आशंका को देखते हुए प्रतिमाओं की ऊंचाई निर्धारित सीमा के भीतर ही रखी जाए। वर्तमान में कई नदियों के उफान पर होने के दृष्टिगत विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। सभी पर्व-त्योहारों को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं की पहले से समीक्षा करने, संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती तथा शरारती और अराजक तत्वों पर प्रभावी नजर रखने के निर्देश दिए।

 

मुख्यमंत्री ने माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई का अभियान निरंतर जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने गो-तस्करी, लव जिहाद, धर्मांतरण, धार्मिक स्थलों में तोड़फोड़ तथा महापुरुषों की प्रतिमाओं से छेड़छाड़ जैसी घटनाओं को लेकर पुलिस-प्रशासन को 24×7 अलर्ट रहने को कहा। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए, क्योंकि ये कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन सकती हैं। मुख्यमंत्री ने स्लाटर हाउस की नियमित औचक जांच कराने तथा अनियमितता पाए जाने पर सख्ती से कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

 

मुख्यमंत्री ने चित्रकूट, फर्रुखाबाद, अयोध्या, आजमगढ़ और बाराबंकी के जिलाधिकारियों से बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राहत कार्य पूरी संवेदनशीलता के साथ हों और राहत सामग्री की गुणवत्ता जिलाधिकारी स्वयं सुनिश्चित करें। राहत शिविरों में लोगों को भरपेट और गरम भोजन मिले। जलभराव वाले क्षेत्रों में सर्पदंश से बचाव के लिए एंटी-वेनम तथा एंटी-रेबीज की उपलब्धता सभी अस्पतालों में सुनिश्चित की जाए। उन्होंने लंपी डिजीज से बचाव के लिए पशुपालन विभाग को तत्काल आवश्यक कार्य शुरू करने तथा बाढ़ का पानी उतरने के बाद संभावित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग को कैंप लगाने के निर्देश दिए। 

धामी सरकार की सख्ती, भड़काऊ बयान मामले में मौलाना मुफ्ती मुजीब गिरफ्तार, CM धामी बोले- उत्तराखंड में नफरत की कोई जगह नहीं

धामी सरकार की सख्ती, भड़काऊ बयान मामले में मौलाना मुफ्ती मुजीब गिरफ्तार, CM धामी बोले- उत्तराखंड में नफरत की कोई जगह नहीं

pushkar singh dhami

उत्तराखंड के रुद्रपुर में ईद मिलादुन्नबी के जुलूस के दौरान दिए गए एक कथित भड़काऊ बयान को लेकर विवाद बढ़ गया है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी मुफ्ती को गिरफ्तार कर लिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले का संज्ञान लेते हुए उत्तराखंड में कट्टरवादी सोच को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करने की बात कही और कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए।

त्रिशूल चौक के पास जुलूस को संबोधित करते हुए मुस्लिम वक्ता मुफ्ती मुजीब अहमद अजहरी के बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। अवैध मदरसों पर धामी सरकार के एक्शन से भड़का मौलाना धमकी दे रहा था। उसने कहा था कि अगर मदरसों को बंद किया तो मुसलमान वो हाल कर देगा जो कभी नहीं हुआ। मौलाना की भड़काऊ तकरीर पर लोग तालियां बजा रहे थे।

बारावफ़ात के मौके पर 26 अगस्त को मुफ़्ती मुजीब ने ये भडकाऊ तकरीर की थी।  सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि सामाजिक ताने बाने को बिगाड़ने नहीं दिया जाएगा। ऐसे मौलानाओं के खिलाफ सख़्त एक्शन लिया जाएगा। पुलिस उस मौलाना को गिरफ़्तार कर करके सख़्त कार्रवाई करेगी।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में नफ़रत की कोई जगह नहीं है। ऐसी तकरीरें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। सीएम धामी ने कहा कि मौलाना भारत के संविधान को नहीं मानते हैं और इसी प्रकार से धमकी देने का काम करते हैं। वो ज़माना चला गया जब लोग धमकी पर आते थे और इनके वोटों के चक्कर में तुष्टिकरण करते थे। इनके कब्जों के सहन करते थे। इनके डेमोग्राफ़िक बदलाव पर कुछ नहीं बोलते थे। अब सरकार बदल गई है। कानून का राज स्थापित हुआ है। संवैधानिक जो हमारी मान्यताएं हैं। संविधान ने जो प्रावधान किया है, उसके अनुरूप काम होता है।

Nepal Flood Update: नेपाल में फिर विनाशकारी त्रासदी का खतरा! भोटे कोशी नदी में बाढ़ का बहाव बढ़ा, रसुवा में हाई अलर्ट

Nepal-Tibet Flood Update: पड़ोसी देश नेपाल में हालिया भीषण बाढ़ की त्रासदी के बीच एक बार फिर भोटे कोशी नदी को लेकर चिंता बढ़ गई है। नेपाल के नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) ने रविवार (20 अगस्त) सुबह बताया कि रसुवा में भोटेकोशी नदी में बाढ़ का बहाव फिर बढ़ गया है। ऐसे में नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है। NDRRMA के अनुसार, रसुवा जिला प्रशासन कार्यालय को सूचना मिली है कि भोटे कोशी नदी में बढ़े हुए बाढ़ प्रवाह की आवाज सुनाई दे रही है। इसके बाद नदी के आसपास के इलाकों में विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।

रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग में हाई अलर्ट

NDRRMA ने खास तौर पर रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग जिलों में नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। लोगों से नदी के किनारे जाने से बचने और किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में सुरक्षित स्थान की ओर जाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी ने रविवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में लिखा, “रसुवा के जिला प्रशासन कार्यालय को जानकारी मिली है कि भोटे कोशी नदी में बाढ़ का बहाव तेज होने की आवाज सुनी गई है। इसलिए, हम रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग तक नदी के आस-पास के इलाकों में सावधानी बरतने का अनुरोध करते हैं। जैसे ही और जानकारी मिलेगी, हम आगे की अपडेट देंगे।”

यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब नेपाल में कुछ दिन पहले आई विनाशकारी बाढ़ में बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ है। फिलहाल, राहत एवं बचाव अभियान अभी भी जारी है। रविवार को बचाव अभियान का पांचवां दिन है। नेपाल-चीन सीमा के इलाकों में भयानक अचानक आई बाढ़ और मलबे के बहाव से हुई तबाही के बाद टीमें बचे हुए लोगों और लापता लोगों की तलाश कर रही हैं।

आगे की जानकारी का इंतजार

NDRRMA ने कहा है कि जैसे-जैसे अतिरिक्त जानकारी प्राप्त होगी, लोगों को आगे अपडेट किया जाएगा। हालांकि, नेपाल के बाढ़ पूर्वानुमान विभाग ने बाद में कहा कि भोटे कोशी क्षेत्र में बड़े स्तर की बाढ़ का तत्काल खतरा नहीं है, लेकिन नदी के आसपास सावधानी बरतना जरूरी है। फिलहाल प्रशासन की अपील है कि नदी किनारे रहने वाले लोग किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें और आधिकारिक चेतावनियों पर नजर बनाए रखें।

मरने वालों की संख्या 691 हुई

अधिकारियों से मिली ताजा जानकारी के मुताबिक, नेपाल और चीन के तिब्बत इलाके में मरने वालों की कुल संख्या 691 हो गई है। जबकि 3,000 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं। अधिकारियों ने 675 मौतों और 2,498 लोगों के लापता होने की सूचना दी है। जबकि चीनी अधिकारियों ने तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में 16 मौतों और 546 लोगों के लापता होने की जानकारी दी है। अब तक नेपाल में 3,700 से ज्यादा लोगों को बचाया जा चुका है। यह भयानक आपदा 26 अगस्त को आई थी। पहाड़ी सीमावर्ती इलाके में मलबे का भारी बहाव और अचानक आई बाढ़ ने घरों, सड़कों, पुलों और अन्य चीजों को नष्ट कर दिया था।

बचाव अभियान जारी

खराब मौसम के कारण कुछ समय के लिए रोके जाने के बाद नेपाली अधिकारियों ने खोज और बचाव अभियान फिर से शुरू किया। बचे हुए लोगों को निकालने और अलग-थलग पड़े समुदायों तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं। बचाव दल कई अहम जगहों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जिनमें रसुवा में अपर त्रिशूली-1 पनबिजली परियोजना भी शामिल है, जहां अधिकारियों का मानना ​​है कि 100 से ज्यादा लोग कीचड़ से भरी सुरंग के अंदर फंसे हो सकते हैं।

चीनी तरफ बुरी तरह क्षतिग्रस्त ग्यिरोंग सीमा क्रॉसिंग के आसपास भी खोज अभियान जारी है। इस बीच, भारत ने भोजन, दवाइयों और कंबल जैसी राहत सामग्री भेजी है। उन इलाकों में संपर्क बहाल करने में मदद के लिए तकनीकी टीमें और पहले से तैयार पुल (प्री-फैब्रिकेटेड ब्रिज) देने की भी पेशकश की है, जहां इंफ्रास्ट्रक्चर बह गया है।

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किसानों के लिए बड़ी राहत, गुजरात सरकार ने बढ़ाई कृषि उपकरण खरीद की समय सीमा, अब 15 दिन का और मौका

किसानों के लिए बड़ी राहत, गुजरात सरकार ने बढ़ाई कृषि उपकरण खरीद की समय सीमा, अब 15 दिन का और मौका

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण और किसान कल्याणकारी निर्णय लिया है। वर्ष 2026-27 के लिए 'मुख्यमंत्री यंत्रीकरण योजना' के तहत कृषि उपकरणों और ट्रैक्टर चालित साधनों की खरीद के लिए पात्र किसानों की खरीद समय सीमा 15 दिन बढ़ा दी गई है। कृषि मंत्री श्री जीतूभाई वाघानी ने यह जानकारी दी।

 

किसानों के लिए ₹750 करोड़ का प्रावधान

कृषि मंत्री ने बताया कि चालू वर्ष 2026-27 के लिए 'मुख्यमंत्री यंत्रीकरण योजना' के तहत राज्य सरकार ने किसानों के लिए 750 करोड़ रुपये से अधिक की भारी राशि का प्रावधान किया है। राज्य के सभी किसानों को इस योजना का समान लाभ मिले, इस उद्देश्य से 'आई-खेड़ूत' पोर्टल पर आवेदन आमंत्रित कर पात्र किसानों को निर्धारित समय सीमा में कृषि उपकरणों की खरीद की मंजूरी दी गई थी।

 

मांगों के बाद सरकार ने लिया संवेदनशील फैसला

एक साथ कई किसानों के आवेदन मंजूर होने के कारण उपकरण निर्माता तय समय में आपूर्ति करने में असमर्थ थे। इसे देखते हुए किसानों, विधायकों, सांसदों और अन्य नेताओं की ओर से समय सीमा बढ़ाने की मांग की गई थी। इस व्यावहारिक समस्या को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने संवेदनशील रुख अपनाते हुए स्वीकृत पात्र किसानों के लिए खरीद की अवधि 15 दिन और बढ़ा दी है। अब किसान अंतिम तिथि के बाद अगले 15 दिनों के भीतर इन कृषि उपकरणों की खरीद कर सकेंगे।

 

निर्माताओं से अपील और योजना का लाभ लेने का आग्रह

प्रधानमंत्री मोदी के 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' के आह्वान को स्वीकार करते हुए राज्य के निर्माता उत्कृष्ट कृषि उपकरण बना रहे हैं। कृषि मंत्री ने सभी निर्माताओं से अपील की है कि वे समय पर किसानों को ये साधन उपलब्ध कराएं ताकि वे अपने खेतों में समय पर इनका उपयोग कर सकें। इसके साथ ही उन्होंने सभी पात्र किसानों से इस कल्याणकारी योजना का अधिकतम लाभ उठाने का अनुरोध किया है।

2026 Hyundai Ioniq 5 real world range tested, explained

2026 Hyundai Ioniq 5 real world range tested, explained
Hyundai Ioniq 5 real world range

The 2026 update for the Hyundai Ioniq 5 brought with it some cosmetic updates and a larger 84kWh battery. More significantly, its pricing and positioning have changed. While the previous model, with its 72.6kWh battery, was priced at Rs 45 lakh and was considered the value king of its segment, that claim is harder to justify for the new model, which now costs Rs 55.7 lakh.

Hyundai says the larger battery helps the 2026 Ioniq 5 deliver an ARAI-certified range of 690km. We put that claim to the test to determine its real-world efficiency.

  1. Weighs 2,165kg; 150kg more than before
  2. 0-80 percent took 22 minutes on a 150kW DC fast charger
  3. Max charging speed of 350kW

Hyundai Ioniq 5 real-world range and charging tested 

The 2026 Hyundai Ioniq 5 is powered by a rear-mounted PMSM motor producing 229hp and 350Nm. Paired with a larger 84kWh lithium-ion battery pack using Nickel Manganese Cobalt (NMC) cell chemistry, it now boasts a claimed ARAI range of 690km, up from 631km in the previous 72.6kWh version. The Ioniq 5 offers four drive modes — Eco, Normal, Sport and Snow. For our tests, we used Eco mode, with regenerative braking set to Level 2 in the city and Level 1 on the highway.

In city conditions, the Ioniq 5 returned an efficiency of 6.22km/kWh, translating to an estimated range of around 523km. On the highway, efficiency dropped slightly to 5.71km/kWh, resulting in an extrapolated range of 479km. With an overall efficiency of 5.96km/kWh, the Ioniq 5 can realistically deliver about 501km on a full charge.

Hyundai claims the Ioniq 5 can support DC fast-charging speeds of up to 350kW. We charged it using a 150kW DC fast charger and recorded a peak charging rate of 149kW. Impressively, the charging speed remained close to its peak from 30 percent to 70 percent state of charge, before tapering off rapidly. In terms of charging times, the Ioniq 5 took 22 minutes to charge from 20 to 80 percent, and a further 32 minutes to reach 100 percent.

Autocar India’s range testing

Before our real-world range tests, the battery of our test car was fully charged, and we maintained tyre pressures in accordance with the manufacturer’s recommendations. The car was driven on a weekday in Navi Mumbai city and on the adjoining state highway in a fixed loop, and we maintained the set average speeds. At the end of each cycle, we calculated the range based on the percentage charge consumed.

Throughout our tests, the climate control was set to 22deg C in a full-auto setting, and other electricals, such as the audio system, indicators and ventilated front seats, were used when required, just as a regular user would. We take pride in our testing data, which isn’t merely consistent but also gives users an accurate indication of what they can expect in the real world.