सोनिया गांधी की किताब ‘Belonging: A Journey of Love’ पर क्‍या है कंट्रोवर्सी, प्रकाशन ने क्‍यों छापने से किया इनकार?

सोनिया गांधी की किताब 'Belonging: A Journey of Love' पर क्‍या है कंट्रोवर्सी, प्रकाशन ने क्‍यों छापने से किया इनकार?

Sonia Gandhi

सोनिया गांधी की किताब ‘बिलॉन्‍गिंग’ 'Belonging: A Journey of Love' को लेकर ठीक वही हुआ, जैसा पहले से अनुमान था। सोनिया गांधी की इस किताब पर भारत में बखेड़ा शुरू हो गया है। इस किताब पर आग में घी का डालने का काम तब हुआ, जब इसके प्रकाशन समूह पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने इसे भारत में प्रकाशित करने से इनकार कर दिया। इस घोषणा के बाद कांग्रेस ने बीजेपी पर प्रकाशक पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है। विपक्ष भी कांग्रेस के साथ है। वहीं, प्रकाशन हाउस के अपने तर्क हैं। इस पूरे विवाद पर हालांकि बीजेपी ने भी अपनी सफाई दी है।

बता दें कि सोनिया गांधी की आत्‍मकथा ‘बिलॉन्‍गिंग’ नवंबर में रिलीज होगी। कहा जा रहा है कि इसमें सोनिया गांधी के अपने निजी और राजनीतिक अनुभव दर्ज हैं। लेकिन कुछ हिस्‍से ऐसे हैं, जिनके बारे में पता चलते ही इसे लेकर जमकर विवाद शुरू हो गया है। बता दें कि किताब 10 नवंबर को दुनियाभर में रिलीज होगी, जबकि प्रकाशन ने इसे भारत में प्रकाशित करने से इनकार कर दिया है। जानते हैं किताब के किन हिस्‍सों पर क्‍या विवाद है। क्‍या कहना है प्रकाशक का और कैसे यह एक राजनीतिक विवाद बन गया है।

Sonia Gandhi

भारत में छापने से प्रकाशक का इनकार क्‍यों : सोनिया गांधी की बिलॉन्‍गिंग पर पूरा विवाद तब सामने आया जब पेंगुइन की अमेरिकी शाखा अल्फ्रेड ए नॉफ ने घोषणा की कि सोनिया गांधी ने यह किताब 10 नवंबर को दुनियाभर में रिलीज होगी। हालांकि, पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने बयान जारी कर कहा कि वह भारत में इसे छापने के लिए उत्सुक था, लेकिन किताबों में दिए गए तथ्यों की जांच करना प्रकाशक का अधिकार और जिम्मेदारी है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आया है कि पब्लिशर किताब के कुछ हिस्सों में बदलाव या संपादन करना चाहता था, इस बदलाव या संपादन से सोनिया गांधी ने साफ मना कर दिया। इसके बाद पेंगुइन इंडिया ने इसे भारत में छापने से मना कर दिया। जबकि भारत के अलावा यह किताब दूसरे देशों में 10 नवंबर को रिलीज होगी।

किताब के किन हिस्‍सों पर कंट्रोवर्सी : एनडीटीवी की एक रिपोर्ट बताती है कि पब्लिशर और सोनिया गांधी के बीच मुख्य रूप से तीन विषयों को लेकर सहमित नहीं बन पाई। सोनिया गांधी की किताब में भारतीय क्षेत्र में चीन की कथित घुसपैठ और सीमा के मौजूदा हालात का प्रमुखता से जिक्र किया गया है। किताब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली, नेतृत्व और केंद्र सरकार की कई अहम नीतियों पर सोनिया गांधी के सवाल शामिल हैं। वहीं किताब में राष्ट्रीय मामलों और भारत के सामाजिक ताने-बाने पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के असर को लेकर सोनिया गांधी के निजी विचार लिखे गए हैं। जब पब्लिशर ने इन हिस्सों में बदलाव का सुझाव दिया, तो सोनिया गांधी ने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि यह उनके अपने अनुभव और नजरिए हैं, जिनमें कोई समझौता नहीं हो सकता।

तथ्यों की जांच करना चाहता है प्रकाशन : बता दें कि अल्फ्रेड ए. नॉफ पेंगुइन रैंडम हाउस की एक प्रकाशन इकाई है। उसने कहा था कि संबंधित चर्चाओं के दौरान वह इस संस्मरण को प्रकाशित करने की इच्छुक थी। हालांकि, प्रकाशक ने कहा कि लेखकों की सामग्री की तथ्य-जांच करना उसका अधिकार और जिम्मेदारी है। यह बयान उन खबरों के बीच आया, जिनमें कहा गया था कि सोनिया गांधी द्वारा संपादकीय बदलावों को स्वीकार नहीं किए जाने के बाद प्रमुख प्रकाशक ने किताब प्रकाशित करने का फैसला वापस ले लिया।

कांग्रेस का भाजपा-RSS पर आरोप : कांग्रेस के लोकसभा में उपनेता गौरव गोगोई ने पेंगुइन इंडिया के बयान की आलोचना की और इसे कमजोर बताया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, ''यह कितना कमजोर बयान है। पेंगुइन इंडिया 'एग्जाम वॉरियर्स' और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर कई किताबें प्रकाशित करने में पूरी तरह खुश है। इसमें कोई संदेह नहीं कि भाजपा सरकार में ऐसे लोग हैं, जो अब इस बात से डर गए हैं कि भारत के लोग इस किताब को पढ़ेंगे।''

गहलोत ने कहा, क्‍या मजबूरी है : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया से पूछा कि जब उसकी अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन इकाई इस संस्मरण को दुनिया भर में प्रकाशित कर रही है तो भारत में इसे प्रकाशित करने से उसे क्या रोक रहा है। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'पेंगुइन की अंतरराष्ट्रीय इकाई सोनिया गांधी की आगामी किताब को उसके मूल रूप में पूरी दुनिया में प्रकाशित करने के लिए तैयार है, लेकिन पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया इसे भारत में प्रकाशित करने से पहले बदलाव चाहता है। आखिर ऐसी क्या वजह है या ऐसा कौन सा दबाव है कि जो किताब पूरी दुनिया में प्रकाशित हो रही है, उसे भारत में प्रकाशित नहीं किया जा सकता?''

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने आगे कहा, ''इतने कद की व्यक्ति, देश की वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्रीमती सोनिया गांधी जी की किताब को दबाव में दबाना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की हत्या के समान है।'

विपक्ष आया कांग्रेस के सपोर्ट में : सोनिया गांधी की आत्मकथा को लेकर हुए विवाद पर सीपीआई सांसद पी. संदोष कुमार ने कहा, 'लेखिका को अपने मन की बात लिखने का पूरा अधिकार है, और यह एक तरह की आत्मकथा ही है। इसमें से कुछ अंश हटाने का कोई मतलब नहीं है। इसके पीछे क्या तर्क है? इसलिए हम इसका विरोध करते हैं। कई प्रकाशक हैं, और मुझे उम्मीद है कि उनमें से कुछ इसे जल्द ही प्रकाशित करेंगे।'

नकवी बोले- यह संस्मरण है या उसका सियासीकरण : पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने सोनिया गांधी की किताब पर जारी विवाद पर कहा कि यह लेखक और प्रकाशक के बीच का मामला है। वे तय करेंगे कि यह संस्मरण है या उसका सियासीकरण है। समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए नकवी ने कहा, “यह सोनिया गांधी का संस्मरण है या कल्पना है, ये तो लेखक और प्रकाशक के बीच की बात है। प्रकाशक और लेखक ही तय करेंगे कि यह संस्मरण है या उसका सियासीकरण है। मुझे लगता कि इसमें किसी को राजनीति करने की जरूरत है। आप अगर संस्मरण के नाम पर कल्पनाएं लिख कर रहे हैं और उनमें भी कई तरह के फ्रिक्शन हों या फर्जी और मनगढ़ंत किस्से-कहानियां हों तो निश्चित रूप से उसमें प्रकाशक के साथ भी जिम्मेदारी होती है।”

आरोपों पर क्‍या बोली भाजपा : किताब के प्रकाशन पर दबाव को लेकर लग रहे आरोपों पर अब भाजपा ने जवाब दिया है। भाजपा ने कहा कि कांग्रेस नेता संस्मरण को लेकर 'डर की झूठी कहानी गढ़ने और एक गलत धारणा बनाने' की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सीआर केसवन ने कहा कि कांग्रेस के ये प्रयास सिर्फ विडंबना से ही नहीं, बल्कि स्पष्ट रूप से पाखंड से भी भरे हैं।

Sonia Gandhi

आखिर क्‍या है किताब में : ये किताब सोनिया गांधी की आत्मकथा है। इसमें सोनिया गांधी के इटली में बिताए बचपन से लेकर भारत में उनके जीवन तक को दर्ज किया गया है। राजीव गांधी से विवाह, देश की प्रधानमंत्री रहीं इंदिरा गांधी की बहू बनना, इन सबका उल्लेख इस आत्मकथा में किया गया है। सोनिया ने कहा कि राजनीति से धीरे-धीरे दूरी बनाने के बाद जब उन्होंने अपने जीवन को पीछे मुड़कर देखा, तो उन्हें एहसास हुआ कि ''उनके जीवन के हर पड़ाव को जोड़ने वाली कड़ी प्रेम और निष्ठा रही है।'' उन्होंने अपनी इस यात्रा को ''इटली के छोटे शहर में अपने बचपन की सरलता से लेकर भारत में बिताए वर्षों की जटिलता'' तक की यात्रा बताया।

किसी ने पूछा— RSS जॉइन करने पर मुझे क्या मिलेगा, न्‍यू यॉर्क में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने दिया ये जवाब

किसी ने पूछा— RSS जॉइन करने पर मुझे क्या मिलेगा, न्‍यू यॉर्क में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने दिया ये जवाब

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संघ के विचार, धर्म, और भारतीय परंपरा पर अपनी बात रखी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि आरएसएस का मकसद सिर्फ और सिर्फ निस्वार्थ सेवा है। अपने संबोधन के दौरान मोहन भागवत ने एक वाकया साझा किया।

उन्होंने कहा, “मुझसे किसी ने पूछा कि आरएसएस जॉइन करने पर मुझे क्या मिलेगा? यह एक बहुत जायज सवाल है। लेकिन मेरा जवाब साफ है कि अगर आप कुछ पाने की नीयत से संघ से जुड़ना चाहते हैं, तो मत आइए। अगर आप समाज और देश की सेवा करने के इरादे से आना चाहते हैं, तो आपके लिए यहां जगह है।”

कुत्‍ते की आंख का उदाहरण : भागवत ने कहा कि वे कोई धार्मिक विद्वान नहीं हैं, लेकिन एक ऐसे समाज का हिस्सा हैं जो मानता है कि रास्ते भले ही अलग हों, लेकिन मानवता एक है। उन्होंने एक वैज्ञानिक और दार्शनिक उदाहरण देते हुए समझाया, “कुत्ते की आंखें सिर्फ दो रंग (काला और सफेद) देख पाती हैं। अगर हम उसे रंगों की दुनिया समझाएं, तो वह नहीं समझेगा। वह अपने अनुभव के आधार पर सही है। ठीक वैसे ही, एक इंसान के रूप में हम सात रंग देखते हैं”

उन्होंने श्लोक का जिक्र करते हुए कहा, 'रुचिनां वैचित्र्यात् रुजु कुटिल नानापथ जुषां, नृणामेको गम्यस्त्वमसि पयसामर्णव इव' जिस तरह आसमान से गिरने वाली हर बूंद अंत में समुद्र में ही मिलती है, उसी तरह सभी धार्मिक मार्ग एक ही ईश्वर और सत्य की ओर ले जाते हैं।

मोहन भागवत ने भारतीय परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि जब दुनिया में लोगों को कहीं पनाह नहीं मिली, तब भारत ने उन्हें गले लगाया। यही भारत का इतिहास रहा है। लेकिन समय के साथ विदेशी आक्रमणों और शिक्षा के अभाव के कारण समाज में कुछ विकृतियां आईं।

उन्होंने साफ किया कि खुद को 'हिंदू' कहने वाले व्यक्ति को यह मानना होगा कि सभी रास्ते एक ही सत्य की ओर जाते हैं और हर इंसान की गरिमा समान है। भागवत ने 'विद्याविनयसंपन्ने ब्राह्मणे गवि हस्तिनि…' का संदर्भ देते हुए कहा कि एक सच्चा ज्ञानी सभी जीवों को समान दृष्टि से देखता है। आरएसएस का मकसद इसी प्राचीन ज्ञान और मानवता के भाव को फिर से समाज में जगाना है।

रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी! 7 नई अमृत भारत एक्सप्रेस को मिली मंजूरी, इन शहरों के बीच दौड़ेंगी ट्रेनें

7 new Amrit Bharat Trains: रेलवे बोर्ड ने देश भर में रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए सात नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को मंजूरी दी है। इन ट्रेनों का मकसद खास तौर पर कम और कम-मध्यम आय वाले ग्रुप के यात्रियों को यात्रा का सस्ता विकल्प देना है। इन सेवाओं को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यात्रा आरामदायक हो और किराया प्रीमियम ट्रेन सेवाओं के मुकाबले कम और आम लोगों की पहुंच में हो।

बता दें कि ये प्रस्तावित ट्रेनें उत्तर, मध्य, पश्चिम और दक्षिण भारत के शहरों को आपस में जोड़ेंगी और कई रूट लंबी दूरी तय करेंगे। यहाँ प्रस्तावित सेवाओं और उनके तय स्टॉप की जानकारी दी गई है:

धनबाद-कोयंबटूर अमृत भारत एक्सप्रेस

यह ट्रेन धनबाद से कोयंबटूर के बीच चलेगी और रास्ते में कई प्रमुख शहरों और स्टेशनों पर रुकेगी। इसके प्रस्तावित स्टॉपेज हैं:

धनबाद जंक्शन, NSC बोस जंक्शन गोमो, पारसनाथ, हजारीबाग रोड, कोडरमा, गया, अनुग्रह नारायण रोड, डेहरी ऑन सोन, सासाराम, भभुआ रोड, पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, मिर्जापुर, प्रयागराज छिवकी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, पिपरिया, इटारसी, बैतूल, नागपुर, चंद्रपुर, बल्लारशाह, सिरपुर कागजनगर, मंचेरियल, पेड्डापल्ली, वारंगल, महबूबाबाद, खम्मम, विजयवाड़ा, ओंगोल, नेल्लोर, गुडूर, रेणिगुंटा, तिरुत्तनी, काटपाड़ी, जोलारपेट्टई, सेलम, इरोड और तिरुप्पुर।

प्रयागराज-लोकमान्य तिलक टर्मिनस अमृत भारत एक्सप्रेस

रेलवे बोर्ड ने प्रयागराज-लोकमान्य तिलक टर्मिनस अमृत भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 20436/20435) को भी मंजूरी दे दी है।

प्रस्तावित साप्ताहिक सेवा प्रयागराज, सतना, जबलपुर, इटारसी, भुसावल और कल्याण में रुकेगी।

प्रयागराज-उधना अमृत भारत एक्सप्रेस

प्रयागराज-उधना अमृत भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 20437/20438) को भी साप्ताहिक सेवा के रूप में मंजूरी दी गई है।

यह ट्रेन प्रयागराज, फतेहपुर, गोविंदपुरी, इटावा, टूंडला, ईदगाह आगरा, बयाना, हिंडौन सिटी, गंगापुर सिटी, सवाई माधोपुर, कोटा, रामगंज मंडी, भवानी मंडी, रतलाम, वडोदरा और उधना पर रुकेगी।

सुबेदारगंज-लोकमान्य तिलक टर्मिनस अमृत भारत एक्सप्रेस

रेल मंत्रालय ने सुबेदारगंज-लोकमान्य तिलक टर्मिनस अमृत भारत एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 14121/14122) को मंजूरी दे दी है।

यह ट्रेन सप्ताह में एक बार चलेगी। इसके प्रस्तावित स्टॉपेज सुबेदारगंज, फतेहपुर, गोविंदपुरी, भरुआ सुमेरपुर, रागौल, बांदा, चित्रकूटधाम कर्वी, सतना, मैहर, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, पिपरिया, इटारसी, खंडवा, भुसावल, नासिक रोड, कल्याण और ठाणे होंगे।

गोरखपुर-दिल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस

रेलवे बोर्ड ने गोरखपुर-दिल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 15095/15096) को भी सप्ताह में एक बार चलाने की मंजूरी दी है।

इसके प्रमुख स्टॉपेज गोरखपुर, खलीलाबाद, बस्ती, गोंडा, बुढ़वल, सीतापुर, बरेली, मुरादाबाद, गाजियाबाद और दिल्ली होंगे।

गोरखपुर-बांद्रा अमृत भारत एक्सप्रेस

एक और साप्ताहिक ट्रेन गोरखपुर-बांद्रा टर्मिनस अमृत भारत एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 15085/15086) होगी।

यह ट्रेन गोरखपुर, खलीलाबाद, बस्ती, गोंडा, बादशाहनगर, ऐशबाग, कानपुर सेंट्रल, टूंडला, आगरा फोर्ट, बयाना, गंगापुर सिटी, कोटा, भवानी मंडी, शामगढ़, रतलाम, वडोदरा, सूरत, वलसाड, वापी, पालघर, बोरीवली और बांद्रा टर्मिनस पर रुकेगी।

चारलापल्ली-गोरखपुर अमृत भारत एक्सप्रेस

सातवीं मंजूर की गई ट्रेन चारलापल्ली-गोरखपुर अमृत भारत एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 22075/22076) है।

इसके प्रस्तावित स्टॉपेज चारलापल्ली, काजीपेट, पेड्डापल्ली, मंचेरियल, बल्लारशाह, चंद्रपुर, नागपुर, बैतूल, इटारसी, भोपाल, बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, उरई, पोखरायन, कानपुर सेंट्रल, ऐशबाग, लखनऊ सिटी, गोमतीनगर, बाराबंकी, गोंडा और गोरखपुर होंगे।

इन 7 नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों से कई राज्यों के बड़े शहरों और कस्बों के बीच रेल कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। साथ ही, यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा के लिए किफायती किराए में एक और विकल्प मिलेगा।

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मलबे में तब्‍दील हुई पशुपतिनाथ की भूमि नेपाल, कई जिंदगियां लापता, किसी की गोद उजड़ी, किसी की जिंदगी का सहारा

मलबे में तब्‍दील हुई पशुपतिनाथ की भूमि नेपाल, कई जिंदगियां लापता, किसी की गोद उजड़ी, किसी की जिंदगी का सहारा

Nepal

कुदरत के कहर और पहाड़ों से बही गगनचुंबी तबाही ने पशुपतिनाथ की पवित्र भूमि नेपाल को पल भर में मलबे के ढेर में तब्दील कर दिया है। चारों तरफ सिर्फ चीख-पुकार, पसरा हुआ सन्नाटा और अपनों को ढूंढती बेबस निगाहें हैं। इस भयानक मंजर ने किसी मां की गोद सूनी कर दी, तो किसी मासूम के सिर से पिता का साया छीन लिया। जहां कल तक जिंदगी मुस्कुराती थी, आज वहां सिर्फ मलबे में दबी उम्मीदें और कभी न भरने वाले जख्म बाकी रह गए हैं।

किसी का घर उजड़ गया तो किसी का पूरा परिवार। किसी का मासूम बच्‍चा जल प्रलय में बह गया तो कोई बुजुर्ग मलबे में दबकर अनंत में कहीं खो गया। अब सिर्फ इंतजार बचा है, अपनों के लौटने का इंतजार। जिंदा नहीं तो कम से कम शव ही मिल जाए। शवों को खोजने की होड़ सी मची है। इस त्रासदी के बाद एक ही सवाल बचा है। अब कैसे फिर से वो घर बसेंगे, कैसे परिवार फिर से पूरा होगा। कैसे फिर से जिंदगी आबाद होगी।

लौटने की प्रतीक्षा, जिंदा न होने का भय : नेपाल में आई भीषण तबाही में 600 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और 2,400 से ज्यादा लोग लापता हैं। सुरक्षा बलों के 11,000 से अधिक जवान राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। इस आपदा के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए मुंबई के 61 श्रद्धालुओं का दल भी सीमावर्ती इलाके से लापता है। उनके परिवारों को उनके लौटने का इंतजार और जिंदा नहीं होने का भय सता रहा है।

अस्पतालों के बाहर चिपकी अपनों की तस्वीरें देख देखकर लोग बेहाल हैं। कोई मलबे तो कोई कीचड़ में अपनों के शवों को खोज रहा है। मांएं बेबस हैं, पिता मायूस। बुजुर्ग कुछ समझ नहीं पा रहे हैं और बच्‍चे निढाल हो चुके हैं। तबाही का ऐसा खौफनाक मंजर देखकर हर किसी की रूह कांप गई है।

600 मौतें, 2,400 लापता : शनिवार तक इस प्राकृतिक आपदा में मरने वालों की तादाद 600 को पार कर चुकी है, जबकि 2,400 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं। अब तक 163 विदेशी नागरिकों समेत करीब 2,500 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। नेपाली सेना के 5,000 से अधिक जवानों सहित 11,000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी राहत और बचाव कार्य में दिन-रात जुटे हैं। ऊपरी त्रिशूली 3A जलविद्युत परियोजना की सुरंग में फंसे 350 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जबकि कीचड़ में दबे अन्य लोगों की तलाश जारी है।

हाथ में रह गईं सिर्फ अपनों के नामों की सूचियां : नेपाल के जो भी प्रभावित इलाके हैं, वहां सिर्फ लोग अपनों के नामों की सूचियां और उनकी तस्‍वीरें हाथों में लिए नजर आ रहे हैं। अस्पतालों के बाहर हजारों लोगों की कतारें हैं। इस बीच त्रिशूली में सेना का रिलीफ कैंप प्रभावितों का सबसे बड़ा सहारा बना हुआ है, जहां बुजुर्गों, बच्चों और घायलों का इलाज चल रहा है। इस बीच मौसम विभाग की बारिश की आशंका ने एक बार फिर से लोगों में दहशत जगा दी है।

आखिर कब लौटेंगे 61 श्रद्धालु : नेपाल और तिब्बत सीमा पर आई इस तबाही के बाद मुंबई के 61 श्रद्धालुओं का एक दल भी लापता है, उनके परिजनों की सांसें अटकी हुई हैं। प्रसिद्ध ट्रैकर डॉ. मिलिंद चितले के नेतृत्व में यह दल कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए 23 अगस्त को रवाना हुआ था। 25 अगस्त की शाम को टिमुरे पहुंचने के बाद से इनका परिवारों से संपर्क टूट चुका है। कुछ सदस्यों की आखिरी डिजिटल लोकेशन 26 अगस्त की सुबह बॉर्डर चेकपोस्ट के पास की मिली थी, जिसके बाद से कोई खबर नहीं है।

‘बेहद उदार’: नेपाल के राष्ट्रपति पौडेल ने की PM मोदी की तारीफ, बाढ़ में मदद के लिए भारत का जताया आभार

Nepal flood: नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने शनिवार को भारत का धन्यवाद किया। उन्होंने 26 अगस्त को हिमालयी देश में आई भयानक अचानक बाढ़ के बाद भारत की मदद और समर्थन के लिए आभार जताया। इस बाढ़ में 626 लोगों की मौत हुई है। नेपाल ने संकट के इस मुश्किल समय में मदद करने के लिए भारत के प्रयासों की भी तारीफ की। इस दौरान राष्ट्रपति पौडेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “बेहद उदार” बताया।

पौडेल ने मदद के लिए भारत का शुक्रिया अदा किया

X पर एक पोस्ट में, पौडेल ने आपदा के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की चिंता और भारत सरकार की मदद के लिए उनका आभार जताया।

उन्होंने लिखा, “नेपाल सरकार और यहां के लोगों की ओर से मैं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का उनकी चिंता और संवेदना के लिए दिल से धन्यवाद करता हूं। साथ ही, नेपाल में आई इस आपदा के बाद भारत सरकार की ओर से दिए गए उदार समर्थन और सहयोग के लिए भी आभार व्यक्त करता हूं।””

नेपाल के राष्ट्रपति ने आपदा में मारे गए भारतीय नागरिकों के प्रति भी शोक व्यक्त किया।

पौडेल ने एक अन्य पोस्ट में लिखा, “हम 26 अगस्त, 2026 की आपदा में भारतीयों की दुखद मौत पर भारत सरकार और वहां के लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना और सहानुभूति भी व्यक्त करते हैं।”

नेपाल का कहना है कि भारत पुनर्निर्माण में मदद के लिए तैयार है

नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले ने बताया कि भारत ने बाढ़ से हुई तबाही के बाद पुनर्निर्माण के लिए उदार मदद देने की बात कही है।

नेपाल ने इस भयानक बाढ़ के बाद भारत की मदद और उसके तुरंत दिए गए समर्थन की भी तारीफ की है। बाढ़ के कारण कई इलाकों में घरों और जरूरी बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। अब नेपाल के सामने इन इलाकों को दोबारा बसाने और बुनियादी सुविधाओं को ठीक करने की बड़ी चुनौती है।

इस आपदा से भारतीय नागरिक भी प्रभावित हुए हैं और पौडेल ने उनकी मौत पर शोक व्यक्त किया है।

बर्फ और चट्टानों के खिसकने से आई बाढ़

यह आपदा नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर के ढहने से बर्फ और चट्टानों के खिसकने (एवलांच) के कारण आई। इसके बाद पानी, कीचड़ और मलबे का तेज बहाव बुधवार को मध्य नेपाल से होते हुए नीचे की ओर बढ़ा, जिससे कस्बों और गांवों में भारी तबाही हुई।

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UP Weather Update: उत्तर प्रदेश में फिर एक्टिव हुआ मानसून, इन 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी की चेतावनी

UP Weather Update: उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, पूर्वी उत्तर प्रदेश में मध्यम बारिश के साथ कुछ जगहों पर भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। दरअसल, निचले क्षोभमंडल में पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण और बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से मानसूनी प्रवाह बढ़ा है। इसके चलते अगले कुछ दिनों में पूर्वी यूपी में बारिश की गतिविधियां तेज रह सकती हैं। वहीं, पश्चिमी यूपी में अगस्त के बाकी दिनों में मानसूनी गतिविधियां सीमित रहने के बाद सितंबर के शुरुआती सप्ताह में बारिश बढ़ने की संभावना है।

पूर्वी यूपी में भारी बारिश का अलर्ट

IMD के मुताबिक, 30 अगस्त तक पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। 29 अगस्त से 30 अगस्त की सुबह तक भारी बारिश की ज्यादा संभावना वाले जिलों में चित्रकूट, प्रयागराज, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, बस्ती, गोंडा, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, सुल्तानपुर, अयोध्या और अंबेडकर नगर शामिल हैं।

इसके बाद 30 से 31 अगस्त के दौरान सोनभद्र और आसपास के इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

31 अगस्त को इन जिलों में बारिश का ज्यादा असर

मौसम विभाग के अनुसार, 31 अगस्त से 1 सितंबर के बीच चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर और जौनपुर समेत आसपास के इलाकों में भारी बारिश की संभावना है।

यानी अगले कुछ दिनों में खासतौर पर पूर्वी यूपी के जिलों में बारिश का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है।

2 सितंबर को पश्चिमी यूपी में भी बढ़ेगा बारिश का असर

IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, 2 सितंबर को पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। इससे पहले 29 अगस्त से 1 सितंबर तक पश्चिमी यूपी के लिए भारी बारिश की अलग चेतावनी नहीं है, लेकिन कई जगहों पर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

जलभराव और अचानक नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने का खतरा

मौसम विभाग ने भारी बारिश की स्थिति में निचले इलाकों और सुरंगों में जलभराव की आशंका जताई है। इसके अलावा मौसमी नदियों और नालों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है। साथ ही, कच्ची सड़कों पर फिसलन और कम दृश्यता के कारण यातायात भी प्रभावित हो सकता है।

वहीं, लोगों को अचानक बाढ़ की आशंका वाले इलाकों से दूर रहने और सुरक्षित या पक्के मकानों में रहने की सलाह दी गई है। नदियों और मौसमी नालों के आसपास भी सावधानी बरतने को कहा गया है।

किसानों के लिए भी अलर्ट

भारी बारिश और जलभराव का असर फसलों पर भी पड़ सकता है। IMD ने किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने और बारिश के दौरान कुछ कृषि कार्यों से बचने की सलाह दी है। गन्ना, धान, मक्का, अरहर, मूंगफली, तिल, दलहन और सब्जियों जैसी फसलों में ज्यादा नमी से नुकसान और रोग बढ़ने की आशंका जताई गई है।

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भारत का वो Indie Singer जिसने Music के सारे नियम बदल दिए | Anuv Jain | Indie Sensation

भारत का वो Indie Singer जिसने Music के सारे नियम बदल दिए | Anuv Jain | Indie Sensation

जिस दर्द को शब्दों में कह पाना मुश्किल था, Anuv Jain ने उसे संगीत में बदल दिया। 11 साल की उम्र में पिता कोमा में चले गए। कुछ साल बाद उन्हें हमेशा के लिए खो दिया। घर की मुश्किलें बढ़ीं, माँ ने परिवार संभाला।
Anuv ने Family Business में भी वक्त दिया, लेकिन दिल हमेशा Music में था।
आखिर माँ से सिर्फ एक मौका मांगा, अपने सपने को चुनने का। और आज Anuv Jain दुनिया भर में अपने गानों से करोड़ों लोगों के दिल छू रहा है। कभी-कभी जिंदगी का सबसे बड़ा दर्द ही हमारी सबसे बड़ी पहचान बन जाता है।
@anuvjain

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योगी सरकार का यूपी पर्यटन को मजबूत करने का नया प्लान, अब एक साथ करें काशी, प्रयागराज और अयोध्या के दर्शन

योगी सरकार का यूपी पर्यटन को मजबूत करने का नया प्लान, अब एक साथ करें काशी, प्रयागराज और अयोध्या के दर्शन

​​UP Tourism Spiritual Triangle

​​UP Tourism Spiritual Triangle: उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक एवं पर्यटन विभाग ने 'विजिट माय स्टेट' अभियान के तहत श्रद्धालुओं के लिए 4 रात और 5 दिन का विशेष 'स्पिरिचुअल ट्रायंगल' (Spiritual Triangle) टूर पैकेज लॉन्च किया है। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि यह पैकेज प्रदेश के तीन प्रमुख आध्यात्मिक केंद्रों—वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या—को एक धार्मिक पथ से जोड़ता है। आगामी तीज-त्योहारों के मद्देनजर शुरू की गई इस पहल से श्रद्धालुओं की तीर्थयात्रा अधिक सुगम, सुविधाजनक और यादगार बनेगी।

  • पूर्व की स्थिति : तब अयोध्या में हनुमानगढ़ी, कनक भवन और सरयू घाट जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों को टूर पैकेज का हिस्सा बनाया जाता था, हालांकि तब राम मंदिर का निर्माण पूरा नहीं हुआ था और दर्शन की व्यवस्था वर्तमान जैसी भव्य नहीं थी। 
  • वर्तमान पैकेज ('स्पिरिचुअल ट्रायंगल') : अब राम मंदिर के निर्माण के बाद पर्यटन विभाग ने इसे नए रूप में 'स्पिरिचुअल ट्रायंगल' (Spiritual Triangle) टूर पैकेज के तौर पर लॉन्च किया है, जिसमें राम मंदिर के वीआईपी दर्शन को मुख्य आकर्षण के रूप में जोड़ा गया है। 

​यात्रा का पूरा शेड्यूल

  • ​पहला दिन (काशी आगमन) : संकट मोचन मंदिर, दुर्गाकुंड मंदिर और अस्सी घाट का भ्रमण। शाम को गंगा में नौका विहार और विश्व प्रसिद्ध भव्य गंगा आरती के दर्शन।
  • ​दूसरा दिन (काशी एवं सारनाथ) : श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में वीआईपी दर्शन, अन्नपूर्णा मंदिर और काल भैरव मंदिर में पूजा-अर्चना। इसके बाद सारनाथ में धमेख स्तूप, चौखंडी स्तूप, बोधि वृक्ष, अशोक स्तंभ संग्रहालय और बीएचयू (BHU) का भ्रमण।
  • ​तीसरा दिन (प्रयागराज) : प्रयागराज आगमन पर पवित्र संगम में स्नान, आनंद भवन और लेटे हुए हनुमान जी के दर्शन।
  • ​चौथा दिन (अयोध्या धाम) : अयोध्या पहुंचकर हनुमानगढ़ी, कनक भवन, दशरथ महल और श्री राम जन्मभूमि मंदिर में वीआईपी दर्शन। शाम को सरयू घाट पर भव्य आरती में सहभागिता।
  • ​पांचवां दिन : यात्रा का समापन।

पैकेज की दरें और सुविधाएं

वाहन के अनुसार प्रति व्यक्ति शुल्क:

  • ​सेडान कार : न्यूनतम 4 यात्रियों के समूह के लिए प्रति व्यक्ति शुल्क ₹14,400 है।
  • ​इनोवा क्रिस्टा : न्यूनतम 6 यात्रियों के समूह के लिए प्रति व्यक्ति शुल्क ₹13,000 है।

 

पैकेज में शामिल सुविधाएं:

  • ​वातानुकूलित (AC) वाहन से संपूर्ण यात्रा
  • ​4 रात का एसी आवास (डबल शेयरिंग बेसिस)
  • ​प्रतिदिन का नाश्ता (Breakfast)
  • ​प्रमुख स्थलों पर नौका विहार और गाइड की सुविधा
  • ​काशी विश्वनाथ और राम मंदिर में वीआईपी दर्शन

​(नोट: दोपहर और रात के भोजन का खर्च यात्रियों को स्वयं वहन करना होगा।)

​बुकिंग एवं संपर्क सूत्र

​'स्पिरिचुअल ट्रायंगल' टूर पैकेज की बुकिंग और अन्य विस्तृत जानकारी के लिए यूपीएसटीडीसी (UPSTDC) के निम्नलिखित मोबाइल नंबरों (9149099890 | 7985816467) पर संपर्क कर सकते हैं।

 

मुख्यमंत्री योगी ने योजनाओं के लाभार्थियों को दिया चेक, चाबी, प्रमाणपत्र व सहायता राशि

मुख्यमंत्री योगी ने योजनाओं के लाभार्थियों को दिया चेक, चाबी, प्रमाणपत्र व सहायता राशि

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र-सहायता राशि, किट व चेक आदि प्रदान किया। इस दौरान लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। 

सीएम के हाथों इन्हें मिला योजनाओं का लाभ…

  • सुशील कुशवाहा- कृषि यंत्र के लिए 4 लाख रुए का अनुदान
  • जिज्ञासा सिंह- नियुक्ति पत्र 
  • लकी कुमार- नियुक्ति पत्र 
  • प्रियंका गुप्ता- स्वास्थ्य विभाग की योजना से लाभान्वित, दिया गया उपहार 
  • उमा देवी- स्वास्थ्य विभाग की योजना से लाभान्वित, दिया गया उपहार 
  • चंदा देवी- आशा वर्कर को भी उपहार 
  • शांति देवी- मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत 5 लाख का चेक 
  • गुड़िया देवी- मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत 5 लाख का चेक 

मुख्यमंत्री ने किया स्टॉलों का निरीक्षण, योजनाओं के बारे में ली जानकारी 

मुख्यमंत्री ने मझौलीराज में जनसभा स्थल पर लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न स्टॉल पर जाकर योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने स्टॉल पर भी पर एक उद्यमी को पांच लाख रुपए का चेक प्रदान किया।

पत्‍नी की हत्‍या कर सेप्टिक टैंक में छिपाई लाश, सुभद्रा योजना के पैसे न देने पर पति ने कर डाला ये कांड

पत्‍नी की हत्‍या कर सेप्टिक टैंक में छिपाई लाश, सुभद्रा योजना के पैसे न देने पर पति ने कर डाला ये कांड

murder

ओडिशा के ढेंकानाल जिले में पत्‍नी को पीट-पीटकर हत्‍या और उसके शव को सेप्‍टिक टैंक में छिपाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक पति ने अपनी पत्‍नी की हत्‍या सुभद्रा योजना से मिलने वाली राशि नहीं देने पर की।

घटना ढेंकानाल सदर थाना क्षेत्र के ऐंदिपुर जुआंग साही की है। यहां पति पति गिरीश प्रधान ने अपनी पत्नी कौशल्‍या प्रधान की पीट-पीटकर हत्या कर दी। इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है कि कैसे एक झगड़ा इस कदर बढ़ गया कि पति ने पत्नी की जान ले ली।

क्या है पूरा मामला : मृतका की पहचान कौशल्या प्रधान के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, उसके पति गिरीश प्रधान ने शुक्रवार रात शराब के नशे में उससे सुभद्रा योजना के तहत मिले पैसे मांगे थे। पत्नी ने पैसे देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर गिरीश ने गुस्से में पत्नी के साथ मारपीट की। उसने डंडे और फावड़े से हमला किया, जिससे कौशल्या की मौत हो गई।

सेप्‍टिक टैंक में छिपाया शव : हत्या के बाद आरोपी ने शव को घर के पास के सेप्टिक टैंक छिपाने की कोशिश की, ताकि घटना का पता न चल सके। बाद में ग्रामीणों से मिली सूचना के आधार पर शनिवार को ढेंकानाल सदर पुलिस मौके पर पहुंची और शव बरामद किया।

पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। घटनास्थल पर वैज्ञानिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने सबूत जुटाए। पुलिस ने घटनाक्रम को समझने के लिए क्राइम सीन रीक्रिएशन भी कराया। घटना के बाद इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने शराब की लत और घरेलू विवादों को लेकर चिंता जताई है।

ढेंकानाल की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक इंदुरेखा ने बताया कि स्थानीय पुलिस को घटना की जानकारी सुबह करीब 9 बजे मिली, जिसके बाद पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। एएसपी ने कहा, “पति-पत्नी के बीच झगड़ा हुआ था। पति ने पत्नी की हत्या कर उसके शव को घर के पीछे सेप्टिक टैंक को खोदकर दफना दिया। सूचना मिलने के बाद हम मौके पर पहुंचे और शव को बरामद किया। इसके बाद मामले को एक्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के समक्ष ले जाया गया और शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया गया। एक्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव को बरामद किया गया।”