बालाघाट में बीमारी से जान गंवाने वाले बच्चों के परिजनों को सरकार देगी 2-2 लाख की सहायता, बोले CM, प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं पर फोकस

बालाघाट में बीमारी से जान गंवाने वाले बच्चों के परिजनों को सरकार देगी 2-2 लाख की सहायता, बोले CM, प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य  सेवाओं पर फोकस

भोपाल। बालाघाट में गंभीर बामीरियों से मृत बच्चों के परिजनों को सरकार 2-2 लाख की सहायता राशि देगी। शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाघाट में पीड़ित परिवार से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम को विस्तार से जाना। जन-विश्वास अभियान के तहत बालाघाट पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार बालाघाट की तस्वीर को बदलने के लिए बड़े बजट पर काम कर रही है। यहां पूर्व नक्सल-युक्त 100 गांवों का विकास किया जाएगा। इसके लिए 225 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव  ने गंभीर बीमारी में जान गंवाने वाले परिजनों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया से कहा कि हम समस्या के मूल कारणों तक पहुंचकर उसके स्थायी समाधान की दिशा में काम कर रहे हैं। ताकि, भविष्य में ऐसी बीमारियों की रोकथाम सुनिश्चित की जा सके। जिन परिवारों ने अपनों को खोया है, उनके दर्द और कष्ट को मैंने महसूस किया है और अपनी ओर से 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि बालाघाट जिले के 100 ऐसे ग्राम, जो कभी नक्सल प्रभावित थे, उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए 225 करोड़ की राशि से आधारभूत संरचनाओं का विकास किया जाएगा। इन ग्रामों में सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाओं का विस्तार और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। इस पहल से इन क्षेत्रों में विकास को गति मिलेगी, ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी और नक्सल प्रभावित रहे ग्रामों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।

 

सृजित काया जाएगा रोजगार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा पशुपालन आधारित गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाएगा। बकरी पालन, मुर्गी पालन और दुग्ध उत्पादन के साथ होम स्टे और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देकर स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएंगे। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और ग्रामीण स्वावलंबन के संकल्प को साकार किया जाएगा। बालाघाट और लांजी क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता चेरापूंजी को भी मात देने की क्षमता रखती है। यहां की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराएं और सरल जनजीवन क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विशिष्ट बनाते हैं। प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत को पर्यटन से जोड़ते हुए यहां इको टूरिज्म और ट्राइबल टूरिज्म के विकास की असीम संभावनाएं हैं।

 

बैगा आश्रमों को दिया जाएगा बढ़ावा

सीएम डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने लंबी लड़ाई के बाद बालाघाट समेत मध्यप्रदेश को नक्सलमुक्त किया है। अब हम स्थानीय लोगों को विश्वास में लेकर क्षेत्र के विकास की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। आइए, हम सब मिलकर बालाघाट को विकास की दृष्टि से नम्बर वन जिला बनाने के लिए अग्रसर हो। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी के नेतृत्व में नक्सलमुक्त बालाघाट बनाने के बाद अब हम सुरक्षित बालाघाट एवं समृद्ध बालाघाट बनने के लिए संकल्पित हैं। उन्होंने कहा कि बैगा समाज के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। बैगा परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के साथ बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए बैगा आश्रमों को बढ़ावा दिया जाएगा। समाज के समग्र विकास के लिए बैगा विकास प्राधिकरण का गठन किया जाएगा, जिसके माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित मूलभूत सुविधाओं और अधोसंरचना के विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा।

ऋषभ पंत की आलोचना करते अश्विन भिड़ गए एंकर से, वीडियो हुआ वायरल

टेस्ट क्रिकेट में ऋषभ पंत के आक्रामक अंदाज़ ने भारत के लिए कई यादगार पल दिए हैं, लेकिन पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन का मानना है कि विकेटकीपर-बल्लेबाज़ को अभी यह सीखना बाकी है कि कब अपने आक्रामक रवैये पर काबू रखना है।पंत ने श्रीलंका के दो टेस्ट मैचों के दौरे पर 168 रन बनाए, लेकिन उनके कुछ शॉट सिलेक्शन ने अश्विन को प्रभावित नहीं किया। भारत के पूर्व स्पिनर ने ज़ोर देकर कहा कि उनकी आलोचना पंत की काबिलियत या उनके स्वाभाविक बल्लेबाज़ी अंदाज़ को लेकर नहीं थी, बल्कि हालात के हिसाब से फ़ैसले लेने के उनके तरीके पर थी।

अश्विन का मानना है कि पंत, जो अब एक अनुभवी टेस्ट क्रिकेटर हैं, उन्हें यह समझने की ज़रूरत है कि टीम को कब उनसे आक्रामक खेल की ज़रूरत है और कब उन्हें ज़्यादा संयम बरतना चाहिए।

अपने यूट्यूब चैनल ‘ऐश की बात’ पर बात करते हुए अश्विन ने कहा कि सीरीज़ में पंत का प्रदर्शन उन उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा जो उन्हें उनसे थीं। अश्विन ने कहा, “ऋषभ पंत से मेरी उम्मीदें अब तक पूरी नहीं हुई हैं। मुझे बहुत अफ़सोस है। सोनल दिनुशा का स्ट्राइक रेट भी काफ़ी अच्छा था। लेकिन फ़र्क ज़्यादा जोखिम वाले विकल्पों का है। जब खेल आपके हाथ में हो, तो ये सब बातें मायने नहीं रखतीं कि ‘ऋषभ ऐसे ही खेलते हैं।’ असल बात यह है कि आपकी टीम को क्या चाहिए।”

जोखिम लेने की पंत की आदत उनके टेस्ट करियर की एक अहम पहचान रही है, जिससे उन्हें अक्सर मैचों का रुख बदलने में मदद मिली है। हालाँकि, अश्विन का मानना है कि यह पहचान खराब फ़ैसलों का बहाना नहीं बन सकती, खासकर तब जब कोई जोखिम भरा शॉट टीम को मुश्किल में डाल सकता हो।

उन्होंने आगे कहा, “ऋषभ ने सिडनी और ब्रिस्बेन में शानदार पारियां खेलीं, लेकिन आप वाशिंगटन सुंदर और शार्दुल ठाकुर के बिना वह मैच नहीं जीत सकते थे। टेस्ट मैच बनाने और खेल के आखिरी सेशन में उसे जीतने के लिए 11 क्रिकेटरों की ज़रूरत होती है, लेकिन टेस्ट हारने के लिए बेवकूफी भरा एक पल ही काफ़ी होता है।”

अश्विन ने कहा कि पंत की प्रतिभा पर कोई सवाल नहीं है, लेकिन अगर वह टेस्ट क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं, तो मैच की स्थिति को समझने और उसके अनुसार अपना खेल बदलने की उनकी क्षमता बहुत अहम होगी।पंत के श्रीलंका दौरे पर भी उन्हें कुछ मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कोलंबो में लाहिरू कुमारा की गेंद कलाई पर लगने के बाद चोटिल होकर रिटायर होने से पहले उन्होंने दो अर्धशतक लगाए। अगले दिन वह फिर बल्लेबाजी करने उतरे और तुरंत ही आक्रामक अंदाज अपनाते हुए छक्का जड़ा।

हालांकि, अश्विन का मानना है कि कुछ हालात ऐसे होते हैं जब पंत को अपनी स्वाभाविक आक्रामकता के बजाय टीम की जरूरतों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा, “मैं बस उन मौकों की बात कर रहा हूं जब मैच नाजुक मोड़ पर होता है और ऐसे जोखिम उठाए जाते हैं। मुझे खिलाड़ी के तौर पर ऋषभ पसंद हैं। इस फॉर्मेट में हालात के हिसाब से खेलना जरूरी है।”

पूर्व स्पिनर इस बात से भी सहमत नहीं थे कि मैच जिताने की काबिलियत रखने वाले खिलाड़ियों के साथ अलग व्यवहार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “किसी एक खिलाड़ी को खास तवज्जो न दें। अगर (पीढ़ी में एक बार आने वाले) खिलाड़ी का समर्थन करना है, तो सबके लिए करें। (यशस्वी) जायसवाल भी ऐसे ही खिलाड़ी हैं। ऋषभ के बारे में मैं बस इतना कह रहा हूं कि वह अनुभवी हैं, उन्होंने 50 टेस्ट खेले हैं। उन्हें जिम्मेदारी लेने की जरूरत है।”

अश्विन ने टेस्ट क्रिकेट के दो सबसे खतरनाक बल्लेबाजों – वीरेंद्र सहवाग और एडम गिलक्रिस्ट – का भी जिक्र किया। उन्होंने समझाया कि आक्रामक शैली अपनाने का मतलब यह नहीं है कि खेल की समझ को नजरअंदाज कर दिया जाए। उन्हें लगता है कि पंत अपनी स्वाभाविक आक्रामकता और हर स्थिति की मांग के बीच सही संतुलन बनाकर और भी बेहतर खिलाड़ी बन सकते हैं।अश्विन ने कहा, “जिस दिन आप उन्हें सच बताएंगे, वह भारत के लिए सभी फॉर्मेट में खेलने वाले खिलाड़ी बन जाएंगे।”

iPhone 18 Pro की कीमत से लेकर फीचर्स तक सबकुछ लीक! जानें क्या होगा खास

8 सितंबर को होने वाले Apple इवेंट में iPhone 18 लाइनअप के Pro वेरिएंट्स के साथ-साथ एक नया फोल्डेबल फोन भी लॉन्च होने की उम्मीद है। लेकिन अगर हम खास तौर पर iPhone 18 Pro की बात करें, तो यह डिवाइस काफी शानदार होने वाला है और अपने पिछले मॉडल से थोड़ा बेहतर होगा। लीक्स और अफवाहों के जरिए इस डिवाइस के बारे में काफी जानकारी सामने आई है। आइए, इस फोन के बारे में वे सभी बातें जानते हैं जो आपको पता होनी चाहिए।

भारत में Apple iPhone 18 Pro की कीमत और रिलीज डेट

Apple iPhone 18 Pro को 8 सितंबर, 2026 को iPhone 18 Pro Max और iPhone Ultra के साथ लॉन्च किया जाएगा। कीमत की बात करें तो, GF सिक्योरिटीज के एनालिस्ट जेफ पु, MacRumors और अन्य सूत्रों से मिली कई रिपोर्ट्स से पता चलता है कि यह डिवाइस अपने पिछले मॉडल की तुलना में $250 से $350 तक महंगा होगा। इसे ध्यान में रखते हुए, हम कह सकते हैं कि iPhone 18 Pro भारत में लगभग ₹1,63,900 की कीमत पर आ सकता है।

Apple iPhone 18 Pro का कैमरा और स्पेसिफिकेशन्स

iPhone 18 Pro में 6.3 इंच की OLED डिस्प्ले मिल सकती है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ आएगी। फोन में Apple A20 Pro चिपसेट दिया जा सकता है, जिसे 2nm प्रोसेस पर बनाया जाएगा।

लीक्स के मुताबिक, नया चिपसेट पिछले मॉडल के मुकाबले करीब 15% ज्यादा तेज हो सकता है और इसकी एनर्जी एफिशिएंसी लगभग 30% बेहतर हो सकती है। फोन में 5100mAh की बैटरी मिलने की भी उम्मीद है, जो MagSafe वायरलेस चार्जिंग को सपोर्ट कर सकती है।

कैमरे की बात करें तो, Apple iPhone 18 Pro में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप हो सकता है, जिसमें 48MP का प्राइमरी शूटर, 48MP का अल्ट्रा-वाइड-एंगल सेंसर और 48MP का टेलीफोटो सेंसर शामिल होगा। वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए 18MP का फ्रंट कैमरा भी मिल सकता है।

बता दें कि iPhone 18 Pro का डिजाइन इसके पिछले मॉडल जैसा ही हो सकता है। इससे जुड़ी लीक जानकारी के अनुसार, यह फोन एक नए कलर ऑप्शन में भी आएगा – एक गहरा चेरी टोन, जो Cosmic Orange iPhone 17 की लोकप्रियता को दोहराने की कोशिश करेगा।

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नेपाल त्रासदी की एक तस्‍वीर यह भी, पहले शवों की ज्‍वेलरी नोची, अब 92 लाख का लॉकर लूटा, लालचियों से निपट रही पुलिस

नेपाल त्रासदी की एक तस्‍वीर यह भी, पहले शवों की ज्‍वेलरी नोची, अब 92 लाख का लॉकर लूटा, लालचियों से निपट रही पुलिस

Nepal tragedy

जब कोई प्राकृतिक आपदा आती है तो इसकी भयावहता की कई तस्‍वीरें सामने आती है। एक तरफ मृत लोगों के घरों में मौतों का मातम होता है तो दूसरी तरफ जो जिंदा है वो अपनी मानवता तक खो देते हैं। नेपाल में आई भीषण बाढ़ की तबाही में कुछ तस्‍वीरें ऐसी भी सामने आई हैं, जिसमें मानवता पर सवाल खडा कर दिया है।

इस दौरान एक खबर ये भी आई है कि बाढ़ के सैलाब में नेपाल से एक बैंक का लॉकर भी बहकर आ गया, जिसे देखकर लोगों में लूट मच गई। कल एक वीडियो सामने आया था, जिसमें कुछ लोग एक मृत महिला के शव के कान और गले से ज्‍वेलरी नौच रहे थे। बता दें कि नेपाल में आई बाढ़ की वजह से अब तक 600 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और ढाई हजार लोग लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में 320 भारतीयों समेत 537 विदेशी भी शामिल हैं।

बैंक लॉकर के लिए मची लूट : रसुवा में बाढ़ के सैलाब में एक बैंक का लॉकर भी बह गया। ये बैंक लॉकर धादिंग जिले के गल्छी गांवपालिका-4 स्थित बेलखूखोला के पास त्रिशूली नदी के किनारे पहुंचा तो इसमें से नकदी की लूट मच गई। हालांकि पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया और 29 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार लोगों से 92 लाख से ज्यादा की नकदी बरामद हुई है। आरोपियों के पास से 92 लाख 68 हजार 505 नेपाली रुपए बरामद किए गए हैं।

गिरफ्तार लोगों में पवन पौडे, वीरबहादुर राना मगर, विनोद गिरी, नवराज भेटुवाल, पूर्णलाल श्रेष्ठ, विष्णुमणि अधिकारी, कृष्ण मगर, शिवबहादुर राना मगर, युवराज अधिकारी,सुशान्त श्रेष्ठ, सुचिमबहादुर राना मगर, सविन श्रेष्ठ, प्रेमबहादुर राना मगर, अनिल भेटुवाल, बाकी 15 आरोपियों समेत कुल 29 लोगों को पुलिस ने नियंत्रण में लिया है।

त्रासदी की एक तस्‍वीर यह भी : बता दें कि नेपाल से बहकर कई शव भी भारत के बिहार तक आ रहे हैं, कितना ही सामान और तरह तरह की चीजें बहकर यहां तक आ गई है। जिनमें गैस सिलेंडर जैसी चीजें भी शामिल हैं। कई शव बहकर गंडक नदी में आ रहे हैं, सोशल मीडिया में वायरल वीडियो में सामने आया कि लोग शवों से उनकी ज्‍वेलरी निकाल रहे हैं, खासतौर से महिलाओं के गले से सोने की चेन, कान के झुमके और अन्‍य कीमती सामान निकाल रहे हैं। एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें कुछ लोग बहकर आए गैस के सिलेंडर उठाकर ले जा रहे थे। कुछ बहकर आईं मछलियां ले जा रहे थे। हैरान करने वाली बात है कि एक तरफ नेपाल में लोग जिदंगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं, वहीं यहां लोग लालच में यह सब कर रहे हैं।

नेपाल में खतरा बरकरार : नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद भी अभी खतरा पूरी तरह टला नहीं है। दरअसल चीन ने नेपाल को अलर्ट किया है कि ल्हेन्डे नदी सिस्टम के ऊपरी इलाकों में बनी झील कभी भी अपने किनारों को तोड़ सकती है और जो पानी का रंग बदल रहा है, वह खतरा हो सकता है। चीन का कहना है कि झील कभी भी फट सकती है। चीन ने नदी के बहाव की दिशा में जो लोग नीचे की तरफ रहते हैं, उन्हें अलर्ट रहने के लिए कहा है।

रेस्क्यू ऑपरेशन जारी : नेपाल में आई बाढ़ के बाद बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। सेना ने रसुवा जिले में अपर त्रिशूली-1 हाइड्रोप्रोजेक्ट की सुरंग में फंसे लोगों का रेस्क्यू कर लिया है। अब तक 4500 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है जबकि 2500 की खोज खबर नहीं मिल पाई है।

‘क्या आपको लगता है आप भगवान हैं?’ MCA परिसर में 5 रेस्टोरेंट पर कार्रवाई को लेकर बॉम्बे HC ने FDA को लगाई फटकार

Bombay High Court: बॉम्बे हाई कोर्ट ने शनिवार को सुनवाई करते हुए महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) को जमकर फटकार लगाई और मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) के BKC परिसर में मौजूद पांच आउटलेट्स के फूड लाइसेंस सस्पेंड करने के उसके आदेशों को रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि FDA ने इस मामले में बहुत जल्दबाजी में कार्रवाई की और व्यावहारिक तरीके से फैसला नहीं लिया।

इस दौरान हाई कोर्ट ने FDA के अधिकारियों के खिलाफ ‘अदालत की अवमानना’ की कार्रवाई की चेतावनी भी दी। यह कार्रवाई तब की गई जब एक नए निरीक्षण में पाया गया कि पांचों रेस्टोरेंट फूड सेफ्टी नियमों का 88% पालन कर रहे थे, फिर भी विभाग ने उनके फूड लाइसेंस का सस्पेंशन हटाने से इनकार कर दिया था।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवींद्र घुगे और न्यायमूर्ति गौतम अंखड़ की खंडपीठ ने फूड लाइसेंस पर लगी रोक हटा दी, जिससे इन रेस्टोरेंट को दोबारा खोलने की अनुमति मिल गई, जबकि FDA अलग से किसी तीसरे पक्ष द्वारा उनके संचालन से जुड़े मुद्दों की जांच कर रहा है।

पीठ ने कहा कि मामले पर पुनर्विचार करने के अदालत के पिछले निर्देश के बावजूद FDA ने “व्यावहारिक दृष्टिकोण के बजाय किताबी दृष्टिकोण” अपनाया।

‘बहुत जल्दबाजी में की गई कार्रवाई’

बता दें कि MCA ने FDA के उस फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील की थी, जिसमें साफ-सफाई के नियमों के उल्लंघन और थर्ड-पार्टी ऑपरेशन से जुड़ी गड़बड़ियों के आरोप में पांच रेस्टोरेंट का कामकाज रोक दिया गया था। वहीं, दोबारा जांच के बावजूद, FDA ने सस्पेंशन जारी रखा। उनका तर्क था कि रेस्टोरेंट M/s शिर्के इंफ्रास्ट्रक्चर चला रहा था, जबकि लाइसेंस MCA के नाम पर थे।

हालांकि, कोर्ट ने कहा कि उसने FDA अधिकारियों से साफ तौर पर व्यावहारिक नजरिया अपनाने को कहा था। कोर्ट ने कहा, “साफ तौर पर कहने के बावजूद, FDA ने हमारे आदेश को नहीं माना और व्यावहारिक नजरिए के बजाय लकीर का फकीर बनने वाला नजरिया अपनाया। हम हर समय विभाग और अधिकारियों को डांट-फटकार कर थक चुके हैं। अब सख्त आदेश देने का समय आ गया है। हम संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कोर्ट की अवमानना ​​की कार्रवाई करेंगे। वे हमें समझा लें या जेल जाएं।”

बेंच ने यह भी सवाल किया कि FDA ने कानूनी स्थिति का पूरी तरह से विश्लेषण किए बिना “बेवजह जल्दबाजी” में कदम क्यों उठाया। बेंच ने पूछा, “हम कितनी बार समझाने और संतुलन बनाने की कोशिश करें ताकि विभाग का मनोबल न गिरे? हम क्यों कहते हैं कि मच्छर को मारने के लिए तलवार का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए? क्या आपको लगता है कि आप कोई भगवान हैं और कुछ भी कर सकते हैं?”

यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ FDA की कार्रवाई जारी है। पिछले कुछ हफ्तों में कई खाद्य कंपनियों को नोटिस दिए गए हैं। अधिकारी खाद्य पदार्थों में मिलावट, एक्सपायर्ड सामान की बिक्री और नियमों से जुड़ी दूसरी गड़बड़ियों को लेकर लगातार जांच कर रहे हैं।

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हर सवाल के जवाब में थप्पड़; देते रहे गालियां; कार में छात्र की रैगिंग का VIDEO वायरल

देहरादून में एक छात्र की पिटाई का वीडियो वायरल हो रहा है। हर सवाल के जवाब में उसे थप्पड़ जड़े। जबरन सॉस खिलाना चाहा, जब छात्र ने कहा कि उसका एकादशी का व्रत है तो फिर पीटा। 

नॉर्वे के राजा हाराल्ड पंचम का निधन, 1991 में बने थे राजा

नॉर्वे के राजा हाराल्ड पंचम का निधन, 1991 में बने थे राजा

Death of King Harald Norway

नॉर्वे के राजा हाराल्ड पंचम का— शुक्रवार 28 अगस्त को स्थानीय समय के अनुसार सुबह साढ़े छह बजे— राजधानी ओस्लो के सबसे प्रसिद्ध अस्पताल में निधन हो गया। 89 साल की अपनी आयु के साथ वे इस समय यूरोप के सबसे वयोवृद्ध और सबसे लोकप्रिय शासक थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस वर्ष मई मे जब नॉर्वे भी गए थे, तब राजधानी ओस्लो में उनके राजमहल में उनसे मिले थे। उन्होंने नॉर्वे के राजपरिवार को तुरंत अपना शोक-संदेश भेजा।

 

राजा हाराल्ड अपनी सादगी, मिलनसार स्वभाव और सहनशीलता के लिए जाने जाते थे, हालांकि उनका बचपन कतई चिंता-मुक्त नहीं था। उनका जन्म 21 फरवरी, 1937 को हुआ था। वे 500 से ज़्यादा वर्षों में नॉर्वे में ही पैदा हुए पहले नॉर्वेजी राजा थे; हालाँकि जन्म के तुरंत बाद नॉर्वे अधिकतर समय तक उनका घर नहीं रहा, क्योंकि यूरोप में जल्द ही दूसरा विश्वयुद्ध छिड़ गया था।

जर्मन नाज़ियों का हमला

जर्मनी के तानाशाह हिटलर द्वारा 1 सितंबर, 1939 की सुबह पोलैंड पर अकस्मात आक्रमण के साथ शुरू हुआ यह भयंकर युद्ध 9 अप्रैल, 1940 को नॉर्वे की धरती पर भी पहुँच गया। जर्मन नाज़ियों ने नॉर्वे के शाही परिवार का अपहरण करने और उसे बंधक बनाने की भी कोशिश की। युवराज हाराल्ड तब केवल तीन साल के थे। उनके पिता और दादा ने उन दिनों लंदन में रह कर वहीं से हिटलर के ख़िलाफ़ प्रतिरोध का नेतृत्व किया।

 

नॉर्वे पर हमले के बाद हाराल्ड की माँ युवराज्ञी मैर्था, उनके और अपनी दोनों बेटियों के साथ पहले स्वीडन और बाद में अमेरिका चली गईं। हिटलर जब युद्ध हार गया और 30 मई, 1945 के दिन बर्लिन में उसने आत्महत्या कर ली, तब मैर्था भी जून 1945 में अपने बच्चों के साथ स्वदेश लौटीं। एक लंबी बीमारी के बाद, अप्रैल 1954 में उनकी मृत्यु हो गई—हाराल्ड तब मात्र 17 साल के थे।

भावी पत्नी से मुलाकात

नॉर्वे में अपनी स्कूली शिक्षा और मिलिट्री ट्रेनिंग पूरी करने के बाद, हाराल्ड पहले ऑक्सफ़ोर्ड चले गए। वहां समाज शास्त्र, इतिहास और अर्थशास्त्र की पढ़ाई की। कुछ साल बाद, एक डिनर पार्टी में उनकी मुलाक़ात अपनी भावी पत्नी, सोन्या हाराल्डसेन से हुई। सोन्या एक साधारण परिवार की सीधी-सादी साधारण महिला थीं, इस कारण दोनों की शादी को लेकर राजमहल में काफ़ी बहस आदि हुई। अंततः कोई नौ साल बाद, हाराल्ड के पिता, राजा ओलाफ़ पंचम ने शादी की अनुमति दे दी। इन्हीं कटु अनुभवों ने हाराल्ड के शासनकाल के दौरान एक खुले समाज के प्रति उनकी जीवन भर की प्रतिबद्धता को आकार दिया।

 

17 जनवरी 1991 को अपने पिता, राजा ओलाफ़ पंचम का निधन होने के बाद हाराल्ड उनके उत्तराधिकारी बने। उन्होंने एक बार कहा था: “मेरे दादाजी का आदर्श वाक्य था “नॉर्वे के लिए सब कुछ।” हमारे सामने लगातार यही चुनौती होती है कि हम उस वाक्यांश के अर्थ, और वास्तविक जीवन में उसके तात्पर्य पर फिर से विचार करें। यह बात न केवल हम शाही परिवार के सदस्यों पर, बल्कि इस देश में रहने वाले हर व्यक्ति पर लागू होती है।”

टोक्यो ओलंपिक में झंडा लेकर चले

हाराल्ड को नौकायन (सेलिंग) का बहुत शौक था। 1964 के टोक्यो ओलंपिक के उद्घाटन समारोह में उन्हें नॉर्वे का झंडा लेकर चलने का सम्मान मिला। 1987 में, उन्होंने अपनी यॉट नौका के कप्तान के तौर पर “वर्ल्ड सेलिंग चैंपियनशिप” जीती। अपने निजी जीवन में, उन्होंने अपने आप को ज़्यादा चमक-दमक से दूर रखना ही पसंद किया। राजा हाराल्ड के निधन के बाद, अब उनके पुत्र युवराज हाकोन नए राजा बनेंगे।

 

वे नॉर्वे के शाही परिवार के लिए एक कठिन समय में राजगद्दी संभाल रहे हैं। उनकी पत्नी मेत्ते-मारित, दान से मिले एक पराए फेफड़े के सहारे जी रही हैं। मेत्ते-मारित को अमेरिकी सेक्स कांड अपराधी, जेफ्री एपस्टीन के साथ अपनी दोस्ती को लेकर कड़ी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। उनके पिछले रिश्ते से हुए सबसे बड़े बेटे को, बलात्कार के आरोपों की पुष्टि के बाद जेल की सज़ा भी भुगतनी पड़ रही है।

“घर वहीं होता है जहाँ दिल बसता है”

लगभग 56 लाख की जनसंख्या वाले बहुत ही ठंडे, पर उतने ही धनी देश नॉर्वे के बहुत से लोग अफ़गानिस्तान, पाकिस्तान, पोलैंड, स्वीडन, सोमालिया और सीरिया से आकर वहां बस गए हैं। राजा हाराल्ड का कहना था कि घर वहीं होता है जहाँ दिल बसता है; इसे हमेशा देश की सीमाओं से तय नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह बात अपने शासनकाल की रजत जयंती (सिल्वर जुबली) के अवसर पर कही थी।

 

हाराल्ड यूरोप में सबसे लंबे समय से राज करने वाले राजा थे। उन्हें मिलनसार, आसानी से बात-चीत करने लायक और सहनशील माना जाता था। उन्होंने यह भी कहा था: “नॉर्वे के लोगों में ऐसी लड़कियाँ हैं जो लड़कियों को पसंद करती हैं, ऐसे लड़के हैं जो लड़कों को पसंद करते हैं, और ऐसी लड़कियाँ और लड़के हैं जो एक-दूसरे को पसंद करते हैं। नॉर्वे के लोग भगवान में, अल्लाह में, हर चीज़ में और किसी भी चीज़ में विश्वास नहीं करते—यानी हर तरह के लोग हैं।” ऐसी ही बातों से राजा हाराल्ड युवा और प्रगतिशील नॉर्वे-वासियों के बीच बहुत लोकप्रिय भी हुए।

यूपी में रक्षाबंधन के पर्व पर भाई-बहनों ने लगाए एक लाख से अधिक पौधे

यूपी में रक्षाबंधन के पर्व पर भाई-बहनों ने लगाए एक लाख से अधिक पौधे

Ek Ped Maa Ke Naam: रक्षाबंधन पर भाई-बहनों ने प्रदेश में एक लाख से अधिक पौधे लगाए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में इस विशिष्ट वन (रक्षाबंधन वाटिका) में पौधरोपण किया। विशिष्ट वनों के अंतर्गत सभी वन प्रभागों में 28 अगस्त (शुक्रवार) को रक्षाबंधन वाटिका में पौधे लगाए गए। 

59 स्थलों पर रोपे गए 1,09,171 पौधे 

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधरोपण महायज्ञ-2026 में विशिष्ट वन (महर्षि चरक औषधि वन, समरस वन, समृद्धि वन, कपि वन, ऊर्जा वन, एक्सप्रेस-वे-पौधरोपण, अविरल धारा पौधरोपण, वंदे मातरम वाटिका) आदि स्थापित किए गए। इसी श्रृंखला में 'भाई-बहन' के स्नेह के प्रतीक’ रक्षाबंधन पर 28 अगस्त (शुक्रवार) को प्रत्येक वन प्रभाग में 'भाई-बहन पौधरोपण के माध्यम से 59 स्थलों पर 109171 पौधे रोपित कर 59 नई रक्षाबंधन वाटिकाओं की स्थापना की गई।

पेड़-पौधों को बांधा रक्षासूत्र

रक्षाबंधन पर बहनों ने भाइयों को राखी बांधकर उनकी खुशहाली की कामना की तो भाई-बहनों ने रक्षासूत्र बांधकर पर्यावरण संरक्षण का भी संकल्प लिया। रक्षाबंधन पर पर्यावरण व प्रकृति के उपकारों के प्रति सम्मान व्यक्त करने तथा पर्यावरण प्रकृति के संरक्षण के लिए प्रत्येक प्रभाग में पौध रोपित किए गए। भाई-बहनों ने पौधरोपण के साथ ही संयुक्त रूप से पेड़-पौधों को रक्षा सूत्र बांधकर सुरक्षा का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री ने लगाया बरगद का पौधा 

गोरखपुर वन प्रभाग में रक्षाबंधन पर भाई-बहन पौधरोपण के अंतर्गत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ विश्वविद्यालय, गोरखपुर में बरगद का पौधा रोपा। साथ ही मौलश्री समेत 101 अन्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक प्रजातियों पर छात्र एवं छात्राओं ने रक्षासूत्र बांधकर प्रकृति की रक्षा का संकल्प लिया गया।

न कार, न सोना…9 साल तक गुल्लक में जोड़े पैसे, फिर युवती ने खरीदी ऐसी चीज, लोग करने लगे तारीफ

वीडियो देखने के बाद लोग दीक्षा की बचत और पैसे को सही जगह लगाने के फैसले से काफी प्रभावित हुए। कई लोगों ने उनकी तारीफ की कि उन्होंने अपनी सालों की बचत को ऐसी चीजों पर खर्च करने के बजाय जमीन में लगाया, जिसकी कीमत समय के साथ बढ़ सकती है

Weather Update: बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया सिस्टम, यूपी से MP तक इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, जानिए कहां-कहां तूफानी मौसम

IMD Heavy Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मानसून की चाल एक बार फिर से तेज हो गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मौसम को लेकर ताजा बुलेटिन जारी करते हुए चेतावनी दी है कि बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र आकार ले रहा है। इसके असर से आने वाले दिनों में देश के कई राज्यों में मूसलाधार बारिश और तूफानी हवाएं चलने की संभावना है। उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल तक बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक पूर्वोत्तर उत्तर प्रदेश और इसके आसपास के इलाकों में बने कम दबाव के क्षेत्र की वजह से पूर्वी मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति बनी हुई है। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल व उत्तर ओडिशा के तटों पर 29 अगस्त के आसपास एक और नया लो-प्रेशर एरिया बनने वाला है। इस नए सिस्टम के चलते ओडिशा में अति भारी बारिश का खतरा मंडरा रहा है।

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में आफत की बारिश, पिछले 24 घंटों का हाल

मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान पश्चिम उत्तर प्रदेश में अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या उससे अधिक) दर्ज की गई है। वहीं उत्तराखंड, मेघालय, मिजोरम और पूर्वी मध्य प्रदेश के कई क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश (12 से 20 सेमी) हुई है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, झारखंड, बिहार, अरुणाचल प्रदेश और पश्चिम मध्य प्रदेश में भी कुछ जगहों पर भारी बारिश दर्ज की गई है।

उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी-उत्तराखंड और हिमाचल में मूसलाधार बारिश का अनुमान

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मानसूनी बारिश का जोर बना रहेगा। उत्तराखंड में 28 अगस्त से 3 सितंबर तक काफी बारिश की संभावना जताई गई है। इसमें 31 अगस्त से 1 सितंबर के बीच भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में 30 अगस्त से 3 सितंबर के दौरान काफी बारिश और 31 अगस्त से 3 सितंबर के बीच भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

उत्तर प्रदेश के संदर्भ में पश्चिम यूपी में 28 अगस्त और 2 से 3 सितंबर के दौरान भारी बारिश का अनुमान है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 31 अगस्त से 3 सितंबर तक भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के इलाकों में भी 31 अगस्त से 1 सितंबर के बीच व्यापक बारिश हो सकती है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में झमाझम बारिश की चेतावनी

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के इलाकों में मौसम विभाग ने काफी बारिश का अलर्ट जारी किया है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 28 से 30 अगस्त और 2 से 3 सितंबर के बीच मध्यम से तेज बारिश होगी। 28 अगस्त और 3 सितंबर को बेहद भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

पश्चिम मध्य प्रदेश में 28 अगस्त और 2-3 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ में 28 अगस्त से 3 सितंबर तक लगातार व्यापक बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। विदर्भ क्षेत्र में भी 28 अगस्त और 2-3 सितंबर के दौरान झमाझम बारिश होने के आसार हैं।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश और तूफानी हवाएं

पूर्वी भारत के राज्यों पर बंगाल की खाड़ी में बन रहे नए मौसमी तंत्र का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। ओडिशा में 28 से 31 अगस्त के दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी जबकि 30 अगस्त को राज्य में कुछ जगहों पर अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 28 और 29 अगस्त को 50 से 60 किमी प्रति घंटे (जो बढ़कर 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है) की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने की आशंका है।

गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में 28 अगस्त से 1 सितंबर के दौरान मध्यम से भारी बारिश के साथ 30 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। बिहार में 28 अगस्त को आकाशीय बिजली चमकने और बिजली गिरने की गंभीर चेतावनी भी दी गई है। पूर्वोत्तर राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 28 अगस्त से 3 सितंबर तक भारी बारिश और बिजली कड़कने की गतिविधियां जारी रहेंगी।

पश्चिम और दक्षिण भारत: कोंकण-गोवा में बारिश, दक्षिण भारत में कमजोर रहेगा मानसून

पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा के तटीय इलाकों में 28 अगस्त से 3 सितंबर के दौरान बारिश जारी रहने का अनुमान है। गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र व कच्छ में छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है। दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत की बात करें तो अगले एक हफ्ते के दौरान यहां मानसूनी गतिविधियां थोड़ी सुस्त रहने की संभावना है। हालांकि, तटीय कर्नाटक, केरल, माहे और लक्षद्वीप में 28-29 अगस्त और 2-3 सितंबर को अच्छी बारिश दर्ज की जा सकती है। तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने और छिटपुट बारिश होने की संभावना जताई गई है।

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