अगस्त के आखिरी हफ्ते में क्यों दबाव में रहा शेयर बाजार? सितंबर में Nifty-Sensex की कैसी रहेगी चाल

अगस्त के आखिरी हफ्ते में क्यों दबाव में रहा शेयर बाजार? सितंबर में Nifty-Sensex की कैसी रहेगी चाल

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Share Market Weekly Review : भारतीय शेयर बाजार के लिए अगस्त का आखिरी हफ्ता भी रेंज बाउंड ही रहा। सेंसेक्स में 276 अंकों की गिरावट दर्ज की गई तो निफ्टी भी 77 अंकों की गिरा। 3 दिन बाजार लाल निशान में तो 2 दिन हरे निशान में रहा। जानिए मार्केट ट्रेड और निवेशकों के लिए कैसा रहेगा सितंबर का पहला सप्ताह।

 

कैसी रही सेंसेक्स और निफ्टी की चाल

हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को सेंसेक्स 172 अंकों की गिरावट के साथ 77369 पर बंद हुआ। निफ्टी 33 अंक गिरकर 24219 पर था। मंगलवार को सेंसेक्स 287 अंक बढ़कर 77656 पर पहुंच गया, इस समय निफ्टी 115 अंकों की बढ़त के साथ 24334 पर था। 

 

इसके बाद लगातार 2 दिन शेयर बाजार लाल निशान में रहा। बुधवार को सेंसेक्स 183 अंकों की गिरावट के साथ 77473 पर था तो निफ्टी 127 अंक गिरकर 24208 पर बंद हुआ। गुरुवार को सेंसेक्स 539 अंक गिरकर के साथ 76933 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 117 अंक गिरकर 24090 पर आ गया। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को सेंसेक्स 331 अंकों की बढ़त के साथ 77264 पर बंद हुआ, निफ्टी 85 अंक बढ़कर 24,175 पर बंद हुआ। 

 

CAS से बढ़ा रिस्क

बाजार विशेषज्ञ योगेश बागौरा ने कहा कि शेयर बाजार में दिन की आखिरी कीमत तय करने के नए तरीके ने ऑपशन ट्रेडर्स को हैरान कर दिया है। गुरुवार को बीएसई पर एक्सपायरी के दिन बैंकेक्स का 65100 का 55 रुपए का पुट 1100 रुपए पर पहुंच गया। इस तरह सेंसेक्स की 77000 वाली कॉल और 77100 की पुट में भी भारी उठापटक दिखाई दी। इससे निवेशकों के लिए रिस्क काफी बढ़ गया है। सही समय पर खरीदने वालों को बंपर फायदा होगा तो कुछ सेकंड की देरी से पूरा पैसा खत्म हो सकता है। बाजार अंतिम क्षणों में किस तरफ जाएगा कहना मुश्किल है। बहरहाल सेबी ने CAS में किसी तरह के बदलाव से इनकार किया है।
 

जियो के सबसे बड़े IPO को सेबी की मंजूरी

जियो के IPO को SEBI की मंजूरी मिल गई। यह आईपीओ करीब 37 हजार करोड़ का हो सकता है, जो अब तक के इतिहास में सबसे बड़ा माना जा रहा है। Jio Platforms ने 27 करोड़ तक के इक्विटी शेयर जारी करने का प्रस्ताव रखा है, जिसमें ऑफर-फ़ॉर-सेल का कोई हिस्सा नहीं है। इसका मतलब है कि मौजूदा शेयरहोल्डर IPO के तहत अपनी हिस्सेदारी नहीं बेचेंगे। इससे पहले 2024 में Hyundai Motor India का 27,870 करोड़ रुपए का IPO आया था।

 

इन फैक्टर्स से तय हुई बाजार की चाल

क्रूड ऑयल भारतीय बाजार के लिए अहम फैक्टर बना रहा। ऊंची तेल कीमतों से भारत के आयात बिल और महंगाई पर दबाव बढ़ने की आशंका बाजार की चिंता रही। हालांकि सप्ताह के अंत में ब्रेंट क्रूड में गिरावट आई। रुपए की चाल, अमेरिकी फेड के ब्याज दर संकेत, ग्लोबल मार्केट सेंटीमेंट और IT शेयरों में खरीदारी ने भी बाजार की चाल तय की। FII की गतिविधियां बाजार के लिए दबाव का कारण बनी रहीं। 28 अगस्त को भी बाजार के प्रमुख ट्रिगर्स में विदेशी फंड आउटफ्लो शामिल था।

 

कैसा रहेगा अगला हफ्ता?

बाजार विशेषज्ञ सुयश राठौर ने बताया कि अमेरिकी फेड ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। इस वजह से अगले हफ्ते अमेरिकी शेयर बाजारों के साथ ही दुनियाभर के बाजार में गिरावट हो सकती है। हीरो मोटोकॉर्प ने एथर एनर्जी में 1758 करोड़ रुपये का निवेश कर अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 32.8% कर ली है। इससे ऑटोमोबाइल सेक्टर की कंपनियों में कुछ सकारात्मकता दिखाई दे सकती है। बाजार फिलहाल पॉजिटिव खबर का इंतजार कर रहा है। अमेरिका ईरान समझौते पर भी नजर है। सोने चांदी में इंपोर्ट ड्यूटी घटाई जा सकती है। अगर ऐसा होता है तो सोने चांदी की कीमतों में और गिरावट आ सकती है।

 

वहीं योगेश बागौरा ने बताया कि निफ्टी में ऊपर में 24600-24800 की रेंज बनी हुई है। इसके ऊपर क्लोजिंग आने पर ही बाजार को मजबूती मिलेगी। नीचे में 23700 से 23900 की रेंज टूटने में बाजार में गिरावट दिखाई दे सकती है। फिलहाल बाजार रेंज बाउंड ही रहने की संभावना है।

 

अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।

Asian Games से बाहर हुए नीरज चोपड़ा, भारतीय एथलेटिक्स दल को बढ़ा झटका

Neeraj Chopra

भारत के भाला फेंक स्टार नीरज चोपड़ा प्रशिक्षण के दौरान चोट लगने के कारण आगामी एशियाई खेलों से बाहर हो गए हैं। चोपड़ा ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम पोस्ट में यह जानकारी देते हुए कहा कि लुसाने में 88.05 मीटर का सीजन का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करने के तुरंत बाद उनके टखने में लिगामेंट फट गया।

चोपड़ा ने कहा, “कड़ी मेहनत के एक दौर के बाद, मुझे आखिरकार लगा कि मैं वह गति हासिल कर रहा हूं जिसकी मुझे तलाश थी, और यह गति मुझे लुसाने में सीजन के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ मिली।दुर्भाग्यवश, कुछ ही समय बाद, प्रशिक्षण के दौरान मेरे टखने के लिगामेंट में चोट लग गई। अपने चिकित्सा और टीम से सलाह मशवरा करने के बाद, हमने फैसला किया है कि मैं इस सीजन के बाकी बचे मैचों में नहीं खेल पाऊंगा। यह निराशाजनक है, खासकर इसलिए क्योंकि मुझे लग रहा था कि मैं अपनी लय पाने के करीब था। लेकिन जैसा कि कहते हैं, उतार-चढ़ाव तो जीवन का हिस्सा होते हैं।

”उन्होंने आगे कहा, “अब मेरा ध्यान पूरी तरह से ठीक होने और पहले से भी अधिक मजबूत होकर वापसी करने पर है।”

चोपड़ा के सीजन से हटने का मतलब यह भी है कि वह डायमंड लीग फाइनल और पहले विश्व एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप में भी हिस्सा नहीं ले पाएंगे, जिसके लिए उन्होंने क्वालीफाई कर लिया था। उन्होंने जून और अगस्त में दोहा और लुसाने में आयोजित डायमंड लीग स्पर्धाओं में दूसरा स्थान हासिल किया था और ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में 85.83 मीटर के थ्रो के साथ रजत पदक जीता था।

बाद में उन्होंने लुसाने डायमंड लीग में अपने प्रदर्शन को सुधारते हुए 88.05 मीटर का थ्रो किया। टोक्यो ओलंपिक चैंपियन को हाल ही में चोटों से काफी परेशानी हुई है, पिछले साल सितंबर से उन्हें पीठ के निचले हिस्से में एक और चोट सता रही है, जिसके कारण पिछले साल विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने का उनका प्रयास विफल रहा।

73 भारतीय एथलीटों की अगुवाई करने वाले थे नीरज चोपड़ा

दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा, जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले एशियन गेम्स 2026 में 73 सदस्यों वाली भारतीय एथलेटिक्स दल की अगुवाई करने वाले थे। भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर (भाला फेंकने वाले खिलाड़ी) नीरज चोपड़ा एशियन गेम्स में दो बार के गत चैंपियन के तौर पर हिस्सा लेने वाले थे। उन्होंने जकार्ता 2018 और हांगझोऊ 2023 में गोल्ड मेडल जीता था।

नक्सल प्रभावित रहे ग्राम बोंदारी में विकास की नई सुबह, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने ग्रामीणों से किया संवाद

नक्सल प्रभावित रहे ग्राम बोंदारी में विकास की नई सुबह, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने ग्रामीणों से किया संवाद

बालाघाट। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज बालाघाट जिले के पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे ग्राम बोंदारी पहुंचकर ग्रामवासियों से संवाद किया और क्षेत्र के विकास तथा ग्रामीणों की आवश्यकताओं पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से चर्चा के दौरान पशुपालन को बढ़ावा देने, आवास सुविधा, पोषण आहार के उपयोग की आदत विकसित करने के लिए जन-जागरूकता अभियान, वन विभाग के सहयोग, चिकित्सा एवं शिक्षा सुविधाओं तथा रोजगार के अवसर बढ़ाने जैसे विषयों पर चर्चा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन सुविधाओं को क्षेत्र में बेहतर ढंग से स्थापित करने और शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

 

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों में अब सुरक्षा के साथ विकास और विकास के साथ रोजगार को प्राथमिकता दी जा रही है। ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर उपलब्ध कराकर उनकी आय बढ़ाने तथा युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।
 

मुख्यमंत्री ने बालाघाट जिले के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न विभागों के माध्यम से 225 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की घोषणा की। इन कार्यों के माध्यम से क्षेत्र में सामाजिक एवं मूलभूत अधोसंरचना को मजबूत किया जाएगा। सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों सहित रोजगार और आजीविका के अवसरों का विस्तार किया जाएगा।

 

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे ग्रामों में विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाए। स्थानीय संसाधनों और संभावनाओं के आधार पर पशुपालन, कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य पालन, वन आधारित आजीविका तथा अन्य रोजगारपरक गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाए।

 

उन्होंने कहा कि बालाघाट अब नक्सल से विकास की ओर आगे बढ़ रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि क्षेत्र में स्थायी शांति के साथ सामाजिक और आर्थिक विकास को गति मिले तथा प्रत्येक गांव और प्रत्येक परिवार को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए।

बहनों ने मुख्यमंत्री को बांधी राखी- वहीं रक्षाबंधन के पावन अवसर पर बालाघाट में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बहनों के प्रति स्नेह और आत्मीयता का भावपूर्ण दृश्य देखने को मिला। बहनों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की कलाई पर राखी बांधकर अपना स्नेह और आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री ने भी बहनों के इस आत्मीय स्नेह को भावपूर्वक स्वीकार करते हुए उन्हें रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं।

 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बहनों से आत्मीय संवाद किया और कहा कि बहनों का स्नेह और आशीर्वाद उनके लिए सदैव प्रेरणा और ऊर्जा का स्रोत है। रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का पर्व नहीं, बल्कि स्नेह, विश्वास और सुरक्षा के संकल्प का भी पर्व है।

‘इन्हें खुद खाओ’: रिश्वत के आरोप में भीड़ ने महाराष्ट्र FDA अधिकारी को घेरा, मुंह में एक्सपायर्ड बिस्किट ठूंसने की कोशिश की

महाराष्ट्र के संभाजीनगर में उस वक्त अजीबोगरीब स्थिति बन गई, जब गुस्साई भीड़ ने एक फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) अधिकारी को घेर लिया और उस पर एक्सपायर्ड बिस्किट के पैकेट फेंकने लगी। NDTV के मुताबिक, भीड़ अधिकारी से कह रही थी, “इन्हें खुद खाओ।”

अधिकारी पर आरोप था कि उन्होंने एक ऐसे दुकानदार को बचाने के लिए रिश्वत ली थी जो कथित तौर पर एक्सपायर हो चुके सामान बेच रहा था। इस हंगामे के बीच, कुछ लोगों ने उनके मुँह में एक्सपायर हो चुके बिस्किट ठूंसने की भी कोशिश की।

लेकिन इतना गुस्सा क्यों?

NDTV के अनुसार, यह गुस्सा एक स्थानीय पान की दुकान पर एक्सपायर्ड (समय-सीमा खत्म हो चुके) प्रोडक्ट बेचने के आरोपों की वजह से भड़का। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एक दो साल का बच्चा उस दुकान से खरीदे गए नमकीन स्नैक मिक्स को खाने के बाद बीमार पड़ गया और उसे चक्कर आने लगे।

बच्चे की हालत बिगड़ने पर उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

इस घटना से छत्रपति संभाजीनगर के लोगों में गुस्सा फैल गया और उन्होंने FDA ऑफिस से संपर्क करके शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद, FDA का एक अधिकारी मौके पर पहुंचा और दुकान की जांच शुरू की।

हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि जांच से पहले ही उस नमकीन स्नैक मिक्स को हटा दिया गया था, जिसका इस घटना से संबंध था। जांच के दौरान, अधिकारी को पान की दुकान पर एक्सपायर्ड बिस्कुट के कई पैकेट बिकते हुए मिले।

एक्सपायर्ड पैकेट जब्त तो कर लिए गए, लेकिन स्थानीय लोगों का दावा है कि दुकानदार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। उनका आरोप है कि अधिकारी रिश्वत लेकर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश कर रहा था।

बता दें कि यह घटना राज्य भर में खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ FDA की बड़ी कार्रवाई के दौरान सामने आई है। हाल के हफ्तों में, खाद्य कंपनियों को कई नोटिस जारी किए गए हैं और अधिकारी खाद्य पदार्थों में मिलावट, एक्सपायर्ड प्रोडक्ट्स की बिक्री और अन्य खामियों को लेकर जांच कर रहे हैं।

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राहुल गांधी का BJP-RSS पर सीधा हमला, ‘शुद्धीकरण’ को बताया आधुनिक छुआछूत, PM से FIR दर्ज कराने की मांग

राहुल गांधी का BJP-RSS पर सीधा हमला, 'शुद्धीकरण' को बताया आधुनिक छुआछूत, PM से FIR दर्ज कराने की मांग

Rahul Gandhi

Haldwani Shuddhikaran Controversy: हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद हुए कथित 'शुद्धीकरण' विवाद ने अब राष्ट्रीय राजनीति में तूल पकड़ लिया है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इस घटना को लेकर भाजपा और आरएसएस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने इसे महज एक धार्मिक अनुष्ठान मानने से इंकार करते हुए सीधे तौर पर 'छुआछूत की संकीर्ण मानसिकता' करार दिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश देने की मांग की है।

'शुद्धीकरण' छुआछूत का ही दूसरा नाम

हल्द्वानी के रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद हुए कथित शुद्धीकरण कांड पर राहुल गांधी ने आक्रामक रुख अपनाया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गांधी ने कहा कि यह देश में चल रही दो विपरीत विचारधाराओं की लड़ाई का जीता-जागता उदाहरण है— एक तरफ बाबा साहेब आंबेडकर, महात्मा गांधी और संविधान की सोच है, तो दूसरी तरफ भाजपा और आरएसएस का एजेंडा।

राहुल गांधी ने स्पष्ट लहजे में कहा कि शुद्धीकरण असल में छुआछूत का ही दूसरा रूप है। जब कोई दलित नेता किसी स्थान पर जाता है और उसके बाद वहां अनुष्ठान कराकर 'पवित्रता' की बात की जाती है, तो समाज में यह विषैला संदेश दिया जाता है कि दलित अशुद्ध है। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 17 इसे गंभीर अपराध मानता है, लेकिन इसे खुलेआम अंजाम दिया जा रहा है। ALSO READ: राहुल गांधी के सामने छात्रा ने उठाया AI और Cyber Security का मुद्दा, पूछा- महंगी पढ़ाई से गरीब छात्रों का क्या होगा

जातिगत भेदभाव पर सवाल, FIR की मांग 

हल्द्वानी की घटना को देश की व्यापक सामाजिक स्थिति से जोड़ते हुए कांग्रेस नेता ने कई जमीनी उदाहरण रखे। उन्होंने कहा कि आज भी कई जगहों पर दलित बच्चों से स्कूलों में झाड़ू लगवाने और शौचालय साफ कराने जैसे काम कराए जाते हैं, जिससे बाल मन पर गहरा सामाजिक भेदभाव घर कर जाता है। गांवों में आज भी दलितों को सार्वजनिक कुओं से पानी नहीं लेने दिया जाता और चाय की दुकानों पर उनके लिए अलग डिस्पोजेबल कप रखे जाते हैं। 

 

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह दलितों के स्वाभिमान की रक्षा करे। उन्होंने मांग की कि इस असंवैधानिक कृत्य में शामिल लोगों पर तुरंत आपराधिक मामला दर्ज किया जाए। उन्होंने कहा कि इस घटना को 20 दिन हो गए हैं, लेकिन अभी तक कोई एक्शन नहीं हुआ है, जो कि बहुत ही शर्मनाक है। 

क्या है पूरा हल्द्वानी विवाद?

दरअसल, हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की 'विजय शंखनाद रैली' आयोजित हुई, जिसे मल्लिकार्जुन खरगे ने संबोधित किया था। 10 अगस्त 2026 को श्री राम सेना नामक संगठन ने मैदान में हवन कर कथित 'शुद्धीकरण' किया। राहुल ने कहा कि खरगे के दलित होने के कारण जानबूझकर उनका और दलित समाज का अपमान किया गया। हालांकि, केन्द्रीय मंत्री जेपी नड्‍डा ने घटना की निंदा करते हुए भाजपा का इससे कोई संबंध होने से इनकार किया था। दूसरी ओर, उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का तर्क है कि सभा में मर्यादा के विपरीत नारे लगने के कारण स्थानीय लोगों ने यह कदम उठाया।

दिल्ली मेट्रो में खड़े दिखे पूर्व तेज गेंदबाज मैसूर एक्सप्रेस जवागल श्रीनाथ ने दिया सादगी का संदेश

दिल्ली मेट्रो में जब भारत के पूर्व तेज गेंदबाज जवागल श्रीनाथ  खड़े दिखे तो उन्हें मैट्रो में सफर करते देश कई लोग आशचर्यचकित हो गए। 90 के दशक में भारत के प्रमुख गेंदबाज एक सूटकेस लेकर कहीं जा रहे थे। उनका यह फोटो सोशल मीडिया पर खासा वायरल हुआ।

जवागल श्रीनाथ जब 90 के दशक में टीम इंडिया से जुड़े तो भारतीय टीम में तेज तर्रार गेंदबाज की कमी थी।उनकी तेज गेंदो के कारण उनको मैसूर एक्सप्रेस कहा जाने लगा। उनका गेंदबाजी एक्शन एक दम किताबी था। कर्नाटक के गेंदबाज श्रीनाथ ने 4 विश्वकप खेले।

नहीं मिला वह सम्मान जिसके वह हकदार थे

पोलॉक ने वेस्टइंडीज के पूर्व तेज गेंदबाज माइकल होल्डिंग और इंग्लैंड के स्टुअर्ट ब्रॉड के साथ एक कार्यक्रम पर कहा था, ‘मुझे लगता है कि भारत के जवागल श्रीनाथ को वह श्रेय नहीं मिला जिसके वह हकदार थे।’

पोलॉक की बात से कई लोग इत्तेफाक रखते हैं। हालांकि इसका एक कारण प्रतियोगिता भी हो सकता है। श्रीनाथ के दौर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तेज गेंदबाजों की शानदार जोड़िया थी। पाकिस्तान के वसीम अकरम और वकार यूनुस, वेस्टइंडीज के लिए कर्टली एम्ब्रोस और कर्टनी वाल्श, ऑस्ट्रेलिया के ग्लेन मैक्ग्रा और ब्रेट ली शामिल थे। न्यूजीलैंड की ओर से डियोन नैश और क्रिस क्रेन्स की जोड़ी थी। दक्षिण अफ्रीका टीम में खुद शॉन पॉलोक और एलेन डॉनाल्ड बहुत घातक थे।

इस कारण जवगल श्रीनाथ भारतीय फैंस के बीच तुलना के शिकार हो गए। उनकी वेंकटेश प्रसाद के साथ जोड़ी थी, इस जोड़ी ने भारत को बीच बीच में सफलता तो दिलाई लेकिन विदेशी गेंदबाजों जितनी प्रभावी यह जोड़ी नहीं थी।

ऐसा रहा करियर

जवागल श्रीनाथ 90 के दशक में भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण के अगुवा रहे। श्रीनाथ ने 1991 से 2003 के बीच 67 टेस्ट और 229 एकदिवसीय खेले है, जिसमें उन्होंने क्रमशः 236 और 315 विकेट लिए हैं।

SBI PO Prelims Result 2026: एसबीआई पीओ प्री परीक्षा का रिजल्ट जारी, 12 सितंबर को मेन्स परीक्षा में शामिल होंगे सफल उम्मीदवार

SBI PO Prelims Result 2026: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की प्रोबेश्नरी अधिकारी (PO) भर्ती 2026 की प्रीलिम्स परीक्षा में शामिल उम्मीदवारों के लिए अहम अपडेट है। इस परीक्षा का आयोजन चुनिंदा परीक्षा केंद्रों पर 01 और 02 अगस्त 2026 को किया गया था। बैंक ने एसबीआई पीओ प्री परीक्षा का रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट sbi.bank.in पर घोषित कर दिया है।

एसबीआई प्रोबेशनरी ऑफिसर प्रीलिम्स परीक्षा में शामिल उम्मीदवार अब एसबीआई करियर पोर्टल के जरिए अपना क्वालिफाइंग स्टेटस चेक कर सकते हैं। यह रिजल्ट 1,500 प्रोबेशनरी ऑफिसर पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया में पहला बड़ा स्क्रीनिंग स्टेज है। एसबीआई पीओ प्रीलिम्स रिजल्ट बैंक के आधिकारिक भर्ती पोर्टल के जरिए चेक किया जा सकता है। रिजल्ट में उन कैंडिडेट की डिटेल दर्ज है जिन्होंने प्रारंभिक परीक्षा का पहला चरण पास कर लिया है और दूसरे चरण में मुख्य परीक्षा में शामिल होने के लिए योग्य हैं।

यह भर्ती 1,500 प्रोबेशनरी ऑफिसर पदों के लिए की जा रही है। प्रीलिम्स परीक्षा 1 और 2 अगस्त को कई शिफ्ट में हुई थी, जिसमें कैंडिडेट का इंग्लिश लैंग्वेज, क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड और रीज़निंग एबिलिटी का टेस्ट लिया गया था।

एसबीआई पीओ प्रीलिम्स रिजल्ट 2026: डाउनलोड करने के स्टेप्स

एसबीआई पीओ प्री परीक्षा 2026 में शामिल उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर एसबीआई पीओ प्रीलिम्स रिजल्ट 2026 डाउनलोड करने के लिए यहां बताए गए स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं:

  • एसबीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और करियर सेक्शन, sbi.bank.in खोलें।
  • करंट ओपनिंग्स या रिक्रूटमेंट रिजल्ट्स सेक्शन में जाएं।
  • एडवर्टाइजमेंट नंबर CRPD/PO/2026-27/09 के तहत प्रोबेशनरी ऑफिसर्स के लिए रिक्रूटमेंट नोटिस ढूंढें।
  • प्रीलिमनरी एग्जामिनेशन रिजल्ट लिंक पर क्लिक करें।
  • रिजल्ट डॉक्यूमेंट स्क्रीन पर खुल जाएगा।
  • रोल नंबर सर्च करने के लिए कंप्यूटर पर Ctrl + F फंक्शन का इस्तेमाल करें।
  • जिन कैंडिडेट्स के रोल नंबर लिस्ट में हैं, उन्हें अगले स्टेज के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है।
  • रिजल्ट को भविष्य के लिए डाउनलोड करके सेव कर लें।

एसबीआई पीओ प्री रिजल्ट 2026 के बाद आगे क्या?

एसबीआई भर्ती प्री परीक्षा 2026 के जरिए 1500 पदों पर भर्ती होनी है। इसमें 1446 सामान्य पद हैं जबकि 54 पद बैकलॉग श्रेणी के हैं। इस चरण को पार करने वाले उम्मीदवार मेन्स परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड डाउनलोड कर पाएंगे। मेन्स परीक्षा 12 सितंबर 2026 को होगी। इसके बाद उम्मीदवारों को साइकोमेट्रिक टेस्ट, ग्रुप एक्सरसाइज और पर्सनल इंटरव्यू जैसे चरणों से भी गुजरना होगा।

मेन्स परीक्षा का वेटेज होगा 75%

एसबीआई पीओ भर्ती 2026 में शामिल सभी उम्मीदवारों को ध्यान रखना चाहिए कि प्री परीक्षा इस भर्ती प्रक्रिया का पहला स्क्रीनिंग चरण था। इसके बाद मुख्य परीक्षा दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण स्क्रीनिंग का चरण होगा। अंतिम चयन सूची तैयार करते वक्त मेन्स परीक्षा का वेटेज सबसे ज्यादा, यानी 75% रहेगा, जबकि इंटरव्यू और ग्रुप एक्सरसाइज को मिलाकर बाकी 25% अंक मिलेंगे। यानी मेन्स परीक्षा असली गेम चेंजर होगी। एसबीआई पीओ भर्ती 2026 की फाइनल मेरिट लिस्ट इसी साल के अंत तक जारी होने की उम्मीद जताई जा रही है।

Guest Faculty Recruitment 2026: राजस्थान में गेस्ट फैकल्टी के बंपरों पदों पर होगी भर्ती, विद्या संबल योजना के जरिए दूर होगी शिक्षकों की कमी

सुभाष चंद्रा के आरोपों पर रिलायंस का पलटवार, कहा- मीडिया प्लेटफॉर्म्स के गलत इस्तेमाल के दावे बेबुनियाद

सुभाष चंद्रा के आरोपों पर रिलायंस का पलटवार, कहा- मीडिया प्लेटफॉर्म्स के गलत इस्तेमाल के दावे बेबुनियाद

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एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन सुभाष चंद्रा की ओर से मीडिया प्लेटफॉर्म्स के गलत इस्तेमाल करने के आरोपों को रिलायंस ने बयान जारी कर गलत बताया है। चंद्रा ने आरोप लगाया था कि रिलायंस की ओर से उन पर गलत आरोप लगाते हुए फेक खबरें प्लांट की जा रहीं हैं।

 

रिलायंस के प्रवक्ता ने बयान में कहा कि रिलायंस ग्रुप ने एसेल ग्रुप के चेयरमैन सुभाष चंद्रा की बेबुनियाद बातों पर निराशा जताई है। हम रिलायंस ग्रुप का हिस्सा रही मीडिया कंपनियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों और इशारों का सख्ती से खंडन करते हैं। हमारे मीडिया ब्रांड्स का इस्तेमाल कभी किसी पर हमला करने के लिए नहीं किया गया है और न ही कभी किया जाएगा। हम एक बिजनेसमैन और एंटरप्रेन्योर के तौर पर सुभाष चंद्रा का बहुत सम्मान करते हैं। हम उनके अच्छे भविष्य की कामना करते हैं।

 

इस सार्वजनिक बयानबाजी ने भारत के दो सबसे बड़े बिजनेस दिग्गजों के बीच सीधे टकराव को सबके सामने ला दिया है, जिसमें चंद्रा के आरोप खास तौर पर रिलायंस के मीडिया बिजनेस के कामकाज से जुड़े हैं।

 

क्या है मामला?

चंद्रा ने जी न्यूज़ के साथ एक इंटरव्यू में आरोप लगाया था कि इन मीडिया कंपनियों ने गलत दावा किया कि उनका 22,000 करोड़ रुपए का कर्ज NCLT के जरिए 6.5 करोड़ रुपए में निपटा दिया गया था।

 

उन्होंने दावा किया कि उन्होंने इस मुद्दे पर अंबानी से संपर्क करने की कोशिश की थी और कोई जवाब न मिलने पर उन्हें पत्र भी लिखा था। उन्होंने अंबानी से अपने और अपने ग्रुप के खिलाफ दुष्प्रचार रोकने को कहा और मीडिया नेटवर्क पर उनके खिलाफ टारगेटेड कैंपेन चलाने का आरोप लगाया।

 

एसेल ग्रुप के चेयरमैन ने 2019 की घटनाओं से जुड़े कई आरोप भी लगाए। उन्होंने दावा किया कि उस समय ज़ी के शेयर की कीमत में भारी गिरावट में अंबानी से जुड़ी कंपनियों की भूमिका थी। चंद्रा ने आरोप लगाया कि इसके बाद इन्वेस्को (Invesco) नाम के इन्वेस्टर के साथ मिलकर ज़ी को खरीदने की कोशिश की गई थी, जो इसलिए आगे नहीं बढ़ पाई क्योंकि प्रस्तावित व्यवस्था माइनॉरिटी शेयरहोल्डर्स के हित में नहीं थी।

 

चंद्रा ने कहा कि सालों के फाइनेंशियल स्ट्रेस और एसेट्स की बिक्री के बाद अब उनके पास खोने के लिए बहुत कम बचा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उन पर हमले जारी रहे तो वे अपना बचाव करेंगे। उन्होंने रिलायंस की मीडिया कंपनियों से यह भी कहा कि वे गलत तरीके से निशाना बनाने के बजाय सही रिपोर्टिंग करें।

Ather Konarc Image gallery

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Ather Konarc front three quarter

Ather has launched the Konarc electric scooter in India at its Annual community day, with prices starting at Rs 1 lakh (ex-showroom, Bengaluru). It is available in three variants – S 100, S 125 and S 161 – with the numbers corresponding to their respective IDC range figures.

The Konarc is aimed at delivering improved ride comfort and stability, with 90mm of front and 100mm of rear suspension travel. It has a 1,352mm wheelbase, the longest of any Ather scooter, along with a 14-inch front wheel and 12-inch rear wheel. The S 100 gets drum brakes at both ends, while the S 125 and S 161 get a 220mm front disc and 130mm rear drum.

The S 100 gets a 2.1kWh battery and produces 4kW and 16Nm, while the S 125 and S 161 use 2.7kWh and 3.5kWh batteries, respectively, and produce 4.7kW and 16Nm. All three have a claimed top speed of 70kph. While their TrueRange figures are 80km, 100km and 130km, respectively.

The Konarc offers 31 litres of underseat storage, along with an 18W USB Type-C port and an underseat lamp. The S 100 gets a 4.2-inch DeepView display, while the higher variants get a 7-inch DeepView display. Other features include Park Assist reverse, which uses the motor to help manoeuvre the scooter backwards, and AutoHold, which holds the scooter stationary when stopped.

The Konarc S 100 is priced at Rs 1 lakh, while the S 125 costs Rs 1.22 lakh and the S 161 is priced at Rs 1.45 lakh. Ather has also revealed Konarc Z variants with 125km and 161km IDC range figures, although their prices are yet to be announce