हिमाचल से हो गई ठंड की एंट्री, धौलाधार और मनाली की चोटियों पर सीजन की पहली बर्फबारी, IMD ने मौसम को लेकर दिया ये अलर्ट

शिमला (Shimla): हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में विंटर सीजन ने तय समय से पहले दस्तक दे दी है। बुधवार को वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के एक्टिव होने से धौलाधार रेंज, मनाली और लाहौल-स्पीति की ऊंची चोटियों पर सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। इसका सीधा असर टूरिज्म और लोकल इकोनॉमी पर दिखने लगा है।

मौसम विभाग के मुताबिक, चंबा के सच पास में 1 फीट तक बर्फ गिरी है। सुराल में 3 इंच बर्फ रिकॉर्ड की गई है। बर्फबारी के बाद लाहौल पुलिस ने एहतियातन 3 बड़े हाईवे – रोहतांग से सरचू, दारचा से शिंकू ला और ग्राम्फू से बटल को बंद कर दिया है।

100 गाड़ियां फंसी, पुलिस ने किया रेस्क्यू

भारी बर्फबारी के कारण गोंदला के पास करीब 100 पर्यटक वाहन फंस गए थे, जिन्हें पुलिस ने देर रात रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर निकाला। लाहौल-स्पीति पुलिस ने पर्यटकों के लिए एडवाइजरी जारी की है कि बिना मौसम की जानकारी के हाई-एल्टीट्यूड एरिया में न जाएं।

धर्मशाला में बुधवार को न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। बर्फबारी के बाद धौलाधार का नजारा साफ हुआ तो बड़ी संख्या में लोग इसे देखने बाहर निकले। मनाली में भी ऊपरी इलाकों में बर्फ और निचले इलाकों में बारिश से ठंड बढ़ गई है।

टूरिज्म कारोबार को बूस्टर डोज की उम्मीद

हिमाचल होटल एसोसिएशन के मुताबिक, अक्टूबर में हुई इस पहली बर्फबारी से विंटर टूरिज्म को बड़ा फायदा होगा। पिछले साल अक्टूबर अंत तक बर्फ नहीं गिरी थी, जिससे बुकिंग 30% कम रही थी। इस बार अर्ली स्नोफॉल से दिवाली और क्रिसमस सीजन की एडवांस बुकिंग 20-25% बढ़ने की उम्मीद है।

IMD का लेटेस्ट अपडेट

मौसम विभाग (IMD) ने कहा है कि शुक्रवार तक राज्य के कई हिस्सों में हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा। शनिवार से पूरे प्रदेश में मौसम साफ हो जाएगा और तापमान में और गिरावट आएगी। किसानों के लिए ये बर्फबारी सेब और गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद मानी जा रही है।

Gold Price Today: नवरात्रि के 6ठे दिन सोने में गिरावट, चांदी का भी हाल बेहाल

देश में सोने की कीमत में 16 अक्टूबर को भी गिरावट है। नवरात्रि के 6ठे दिन की सुबह राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 147580 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। एक दिन पहले दिल्ली के सराफा बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 900 रुपये घटी। रुपये में मजबूती और हाजिर मांग कमजोर रहने के कारण ऐसा हुआ। रुपये में मजबूती से डॉलर मूल्य वाली सोने-चांदी जैसी धातुओं का आयात सस्ता हो जाता है, जिससे घरेलू बाजार में उनकी कीमतों पर दबाव पड़ता है।

गुरुवार को रुपया लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में मजबूत हुआ। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले यह 18 पैसे की बढ़त के साथ 94.99 पर बंद हुआ। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने घरेलू मुद्रा को मजबूती देने के उद्देश्य से बीते वीकेंड कई उपाय किए थे।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,152.99 डॉलर प्रति औंस पर है। सोने और चांदी की देश के अंदर कीमतें डोमेस्टिक फैक्टर्स के साथ-साथ ग्लोबल फैक्टर्स से भी प्रभावित होती हैं।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमत: दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 147580 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 135290 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 135140 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 147430 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 147430 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 135140 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 147430 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 135140 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली135290147580
मुंबई135140147430
अहमदाबाद135190147480
चेन्नई135140147430
कोलकाता135140147430
हैदराबाद135140147480
जयपुर135290147580
भोपाल135190148300
लखनऊ135290147580
चंडीगढ़135290147580

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चांदी की कीमत

दूसरी कीमती धातु चांदी में भी गिरावट बरकरार है। 16 अक्टूबर की सुबह चांदी 229900 रुपये प्रति किलोग्राम पर है। एक दिन पहले दिल्ली के सराफा बाजार में चांदी की कीमत 6,000 रुपये गिरी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 57.09 डॉलर प्रति औंस है।

Delhi Weather: बारिश के बाद राजधानी ने ली राहत की सांस, AQI सुधरकर 149 पर पहुंचा; तापमान में भी आई गिरावट

Delhi Weather: दिल्ली में बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत देने के साथ-साथ हवा की सेहत में भी सुधार किया है। गुरुवार को हुई बारिश के बाद राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) घटकर 149 पर पहुंच गया। इससे पहले यानी बुधवार को यह 181 दर्ज किया गया था। बारिश के कारण दिन के तापमान में भी गिरावट आई। हालांकि, कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी।

सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार, सोमवार को दिल्ली का AQI कुछ समय के लिए सुधरकर 83 पर आ गया था, जो ‘संतोषजनक’ श्रेणी में आता है। हालांकि, बाद में यह फिर से मध्यम श्रेणी में आ गया और गुरुवार को गिरकर 149 पर पहुंच गया।

AQI के अलग-अलग स्तरों को इस तरह समझा जा सकता है:

0-50 के AQI को ‘अच्छा’, 51-100 को ‘संतोषजनक’, 101-200 को ‘मॉडरेट’ (मध्यम), 201-300 को ‘खराब’, 301-400 को ‘बहुत खराब’ और 401-500 को ‘गंभीर’ श्रेणी में रखा जाता है।

बारिश से मिली राहत, दिल्ली के AQI में सुधार

गुरुवार को दिल्ली के कई हिस्सों में बारिश होने से हवा की गुणवत्ता (एयर क्वालिटी) में सुधार आया है। बारिश के कारण तापमान में गिरावट भी आई है। सफदरजंग में अधिकतम तापमान 28.3°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग पांच डिग्री कम है और बुधवार के तापमान के मुकाबले छह डिग्री कम है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे के बीच सफदरजंग में 15.9 मिमी बारिश दर्ज की गई। लोधी रोड पर 20 मिमी, रिज में 25.2 मिमी, पालम में 11.2 मिमी और आयानगर में 7.2 मिमी बारिश हुई।

दिल्ली के अन्य मौसम केंद्रों पर भी अधिकतम तापमान सामान्य से कम दर्ज किया गया। पालम में अधिकतम तापमान 28.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि लोधी रोड में यह 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, रिज में अधिकतम तापमान 27.4 डिग्री और आया नगर में 28.4 डिग्री सेल्सियस रहा।

दिन के तापमान में गिरावट के बावजूद, सभी पांचों मौसम केंद्रों पर न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर बना रहा। सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 23.3°C, लोधी रोड पर 22°C और अयानगर में 23.4°C दर्ज किया गया।

दिल्ली भर में जलभराव और ट्रैफिक जाम की खबरें

बारिश से जहां गर्मी से राहत मिली और हवा की गुणवत्ता में भी सुधार हुआ, वहीं कई जगहों पर जलभराव के कारण लोगों परेशानी उठानी पड़ी। साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था बाधित भी हुई।

जलभराव की शिकायत जखीरा अंडरपास, आश्रम अंडरपास, इंद्रलोक और आजाद मार्केट को जोड़ने वाले अंडरपास, लाजपत नगर फ्लाईओवर और मुनिरका से मिली। वहीं, ITO, आश्रम, कालकाजी मंदिर, ग्रेटर कैलाश, मुनिरका, भैरों मार्ग अंडरपास और मथुरा रोड पर भी ट्रैफिक प्रभावित रहा।

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LIVE: दिल्ली में आज CJP का तिरंगा मार्च, पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

LIVE: दिल्ली में आज CJP का तिरंगा मार्च, पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

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Latest News Today Live Updates in Hindi : दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के तिरंगा मार्च को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी। कनॉट पैलेस में धारा 163 लगाई। पल पल की जानकारी…

-CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर को शाम 5 बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में राष्ट्रीय ध्वज के साथ जुटने की अपील की है।
-दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी। कनॉट पैलेस में धारा 163 लगाई। पुलिस ने किए सुरक्षा के कड़े इंतजाम। ALSO READ: दिल्ली में CJP के तिरंगा मार्च से पहले बड़ा फैसला, 16-17 अक्टूबर को बंद रहेगा कनॉट प्लेस का सेंट्रल पार्क

कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित CJP प्रदर्शन को लेकर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बना लें और सफर के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलें। इसके अलावा पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। हालांकि यह डायवर्जन दोपहर 3 बजे से लागू होगा।

आईडीबीआईः नायाब नमूना

आईडीबीआई की कहानी कहीं अधिक गंभीर समस्या का उदाहरण है। आईसीआईसीआई और आईडीबीआई को दीर्घकालिक औद्योगिक एवं ढांचागत विकास के लिए पूंजी उपलब्ध कराने के लिए बनाया गया था। अब ऐसा कोई बैंक मौजूद नहीं है।

भारत में औद्योगिक विकास के सामने मौजूद पूंजी की समस्या को समझना हो, तो आईडीबीआई बैंक खास उदाहरण बन सकता है। अब इसे कनाडा की फैयरफैक्स कंपनी को बेचा जा रहा है। भारत सरकार ने इसकी 60.7 प्रतिशत हिस्सेदारी कनाडाई कंपनी को देने का फैसला किया है। बेशक इस बिक्री से सरकार को बड़ी रकम हासिल होगी, जिससे वर्तमान वित्तीय संकट का सामना करने में मदद मिलेगी। मगर गौरतलब है कि एक अन्य भारतीय बैंक- सीबीएस में फेयरफैक्स की 40 फीसदी हिस्सेदारी है। भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के मुताबिक एक ही समूह दो बैंकों में इतना बड़ा हिस्सा नहीं रख सकता। लेकिन इसका रास्ता शायद निकाल लिया जाएगा।

खबरों के मुताबिक रिजर्व बैंक फेयरफैक्स को सीबीएस का विलय करने या उसमें अपना हिस्सा बेचने के लिए दो साल का समय दे सकता है। कुछ हलकों से बैंकों के विदेशी स्वामित्व पर भी सवाल उठाए गए हैं। इसे देश के रणनीतिक हितों के खिलाफ बताया गया है। बिक्री की इजाजत में कुछ प्रक्रियागत खामियों की तरफ भी इशारा किया गया है। ये सभी वाजिब एतराज हैं, लेकिन आईडीबीआई की कहानी उससे भी कहीं अधिक गंभीर समस्या का उदाहरण है। आईसीआईसीआई और आईडीबीआई बैंकों को दीर्घकालिक औद्योगिक एवं ढांचागत विकास के लिए पूंजी उपलब्ध कराने के लिए बनाया गया था। ऐसी फाइनेंशिंग में जोखिम भी ज्यादा रहता है। इसलिए आम बैंक इससे बचते हैं। इसीलिए “डेवलपमेंट बैंकिंग” सिस्टम का होना जरूरी समझा जाता है। लेकिन उदारीकरण के दौर में आत्म-निर्भर विकास को पिछड़ी धारणा माना जाने लगा।

नतीजतन, 2002 और 2004 में इन दोनों को कॉमर्शियल बैंक बना दिया गया। उसके बाद भारत में कोई डेवलपमेंट बैंक नहीं है। नतीजतन लघु एवं मझौले कारोबारियों के लिए वित्त का टोटा है। ये वो कारोबार हैं, जो शेयर बाजार से पूंजी नहीं उठा सकते। नतीजतन, नए निजी निगमों के उदय का रास्ता बंद है। अब आईडीबीआई का स्वामित्व विदेशी हाथ में दिया जा रहा है। यानी उसे पुराने रूप लाना असंभव हो जाएगा। जिस समय दुनिया में रुझान भूमंडलीकरण से निकल कर आत्म-निर्भरता की ओर लौटने का है, ये फैसला भारत की उलटी दिशा का नायाब नमूना है।

राहुल के मार्च से सुप्रीम कोर्ट नाराज

नई दिल्ली। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और विपक्ष के अन्य नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करके अदालत को नाराज कर दिया है। अदालत ने राहुल सहित सभी नेताओं को नोटिस जारी किया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने तीखी टिप्पणी भी की है। विपक्ष के नेताओं की ओर से 12 अक्टूबर को दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए गुरुवार को चीफ जस्टिस ने कहा कि कोई भी कोर्ट को डरा धमकाकर दबाव में नहीं ला सकता। ऐसी कोशिशें बेकार हैं। इन पर कोई ध्यान नहीं देता।

चीफ जस्टिस इतने पर नहीं रूके। उन्होंने आगे कहा, ‘हमें पता कि कोर्ट के बाहर क्या कहा जा रहा है और कोर्ट के अंदर क्या कहा जा रहा है। हम किसी काल्पनिक दुनिया में नहीं जी रहे हैं। हमें हर बात की जानकारी है’। चीफ जस्टिस ने किसी नेता का नाम नहीं लिया लेकिन जब उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ताओं में से एक के आचरण पर सवाल करेंगे और उसे सफाई देनी होगी तो उनका इशारा राहुल गांधी की ओर ही था।

इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने 12 अक्टूबर को अदालत परिसर में विपक्षी नेताओं और उनके समर्थकों के जुटने से जुड़े मामले में राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अन्य 14 नेताओं को नोटिस जारी किया है। वहीं, SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग के फैसलों के खिलाफ इन नेताओं की याचिका पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से जवाब मांगा। 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट परिसर में विपक्षी नेताओं और उनके समर्थकों के जुटने से जुड़े मामले में राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अन्य 14 नेताओं को नोटिस जारी किया है।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले विपक्ष के प्रति सद्भाव दिखाया था। जब विपक्ष की ओर से उनसे मिलने का समय मांगा गया तो उन्होंने कई कारण बताते हुए मिलने से इनकार कर दिया था। लेकिन यह कहा था कि अगर विपक्षी नेता याचिका दायर करते हैं तो उस पर जल्दी सुनवाई की जाएगी। लेकिन उस समय उनको आइडिया नहीं था कि उनके इनकार के बाद विपक्ष के नेता सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेंगे और खुद परिसर में आकर याचिका दायर करेंगे। उनके इनकार के बाद विपक्षी नेता कनॉट प्लेस से मार्च करते हुए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे और वहां याचिका दायर की थी। हालांकि याचिका में कई कमियां थीं, जिन्हें बाद में दुरुस्त किया गया और उस पर गुरुवार को सुनवाई हुई।

विवाद के बाद मतदाता सूची की समीक्षा की घोषणा

नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर में गड़बड़ियों को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब 17 राज्यों में मतदाता सूची की स्पेशल समरी रिवीजन यानी एसएसआर का ऐलान किया है। गौरतलब है कि मतदाता सूची का समरी रिवीजन यानी संक्षिप्त समीक्षा हमेशा चलती रहती है। इस बार स्पेशल समरी रिवीजन की घोषणा हुई है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान सहित 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह काम होगा।

संक्षिप्त समीक्षा के दौरान मतदाता सूची को और अद्यतन बनाया जाएगा। इसमें नए नाम जोड़े जाएंगे और पहले से दर्ज जानकारी में गलतियां सुधारी जाएंगी। आयोग ने कहा है कि 2027 में 18 साल की उम्र पूरी करने वाले युवा भी मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकेंगे। गौरतलब है कि एसआईआर के दौरान 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में करीब 13 करोड़ नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं।

बहरहाल, चुनाव आयोग ने कहा है कि जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर चल रहा है या हाल ही में पूरा हुआ है, वहां एसएसआर का शेड्यूल बाद में घोषित किया जाएगा। चुनाव आयोग ने कहा है कि एसएएआर का मकसद वोटर लिस्ट को सही और अपडेट रखना है। इसके तहत पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने, दर्ज जानकारी में गलतियां सुधारने और जरूरी बदलाव करने का काम होगा। इसमें युवाओं और पहली बार वोट देने वाले लोगों को शामिल करने पर खास ध्यान दिया जाएगा।

आयोग ने बताया है कि एक जनवरी 2027 के अलावा एक अप्रैल, एक जुलाई और एक अक्टूबर 2027 को 18 साल की उम्र पूरी करने वाले युवा भी पहले से आवेदन कर सकेंगे। चुनाव आयोग के मुताबिक दो नवंबर 2026 तक मतदान केंद्रों की व्यवस्था में जरूरी बदलाव किए जाएंगे। इसके बाद 12 नवंबर को मतदाता सूची की मसौदा कॉपी जारी होगी। मसौदा सूची में नाम या जानकारी को लेकर 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। इनका निपटारा 28 दिसंबर तक किया जाएगा। इसके बाद चार जनवरी 2027 को वोटर लिस्ट की अंतिम सूची जारी होगी।

धर्म बदलने वालों को नहीं मिलेगा आरक्षण का लाभ

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने धर्म परिवर्तन के बाद भी आरक्षण लेने के मामले में निर्णायक फैसला सुना दिया है। सर्वोच्च अदालत ने गुरुवार को अपने फैसले में कहा कि धर्म बदल कर मुस्लिम या ईसाई बनने वालों को आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हिंदू धर्म से गैर हिंदू धर्म अपनाने वाला व्यक्ति पुराने सामाजिक दर्जे के आधार पर आरक्षण का लाभ नहीं मांग सकता। अदालत ने इस मामले में मद्रास हाई कोर्ट का फैसला बरकरार रखा है।

गौरतलब है कि तमिलनाडु सरकार ने नौ मार्च 2024 को पिछड़ा वर्ग, अति पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति आदि के लोगों को इस्लाम अपनाने के बाद मुस्लिम पिछड़ा वर्ग में शामिल करने की अनुमति दी थी। हालांकि मद्रास हाई कोर्ट ने इस फैसले पर रोक लगा दी थी, जिसके बाद राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में इसे चुनौती दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट के फैसले को सही ठहराया है।

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस चंद्रशेखर की बेंच ने कहा कि हिंदू व्यवस्था से गैर हिंदू व्यवस्था में जाने वाला व्यक्ति संविधान के अनुच्छेद 16(4) के तहत सिर्फ पुराने सामाजिक पिछड़ेपन के आधार पर एफर्मेटिवएक्शन का लाभ लेने का दावा नहीं कर सकता। सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के 1950 के अनुसूचित जाति आदेश का जिक्र करते हुए कहा कि अनुसूचित जाति का दर्जा हिंदू, बौद्ध या सिख धर्म के अलावा दूसरे धर्मों के लोगों को नहीं दिया जा सकता।

अदालत ने कहा कि धर्म बदलते ही व्यक्ति का अपनी मूल जाति से जुड़ा अनुसूचित जाति दर्जा खत्म हो जाता है। असल में समीर अहमद नाम के व्यक्ति ने 2015 में इस्लाम अपनाया। उसने धर्म परिवर्तन के बाद भी पिछड़ा वर्ग आरक्षण का लाभ लेने का प्रयास किया। सरकार उसको लाभ देने को तैयार थी। लेकिन हाई कोर्ट ने 25 जून 2026 को सरकार के आदेश को रद्द कर दिया। अदालत ने साफ किया कि सिर्फ इस्लाम धर्म अपनाने भर से कोई व्यक्ति राज्य के तयशुदा मुस्लिम पिछड़े वर्गों का हिस्सा नहीं बन जाता। अब सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के इस फैसले को बरकरार रखा है।

रात में सूरज की रोशनी बेचने की तैयारी:भारत की स्काईरूट एयरोस्पेस और अमेरिकी स्टार्टअप का प्रोजेक्ट, विक्रम रॉकेट से भेजे जाएंगे सैटेलाइट

अमेरिकी स्पेस टेक्नोलॉजी कंपनी रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल रात में धरती के चुनिंदा स्थानों पर सूरज की रोशनी बेचने की तैयारी कर रही है। इसके लिए पृथ्वी की कक्षा में बड़े शीशे लगाए जाएंगे। कैलिफोर्निया की यह स्टार्ट-अप भारत की स्काईरूट एयरोस्पेस की मदद से सैटेलाइट लॉन्च करेगी। दोनों कंपनियों के बीच दो लॉन्च का कॉन्ट्रैक्ट हुआ है। इन सैटेलाइट से आपदा प्रभावित इलाकों में खोज और बचाव अभियान के लिए रोशनी दी जा सकेगी। सोलर फार्म में बिजली बनाने का समय भी बढ़ाया जा सकेगा। दो लॉन्च के लिए हुआ कॉन्ट्रैक्ट रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल ने हैदराबाद स्थित स्काईरूट एयरोस्पेस के साथ दो लॉन्च का समझौता किया है। दोनों लॉन्च विक्रम रॉकेट से किए जाएंगे। कंपनी ने बयान में कहा, “इन लॉन्च से हमें अमेरिका की अन्य तय लॉन्च सेवाओं के साथ पक्का शेड्यूल और क्षमता मिलेगी।” स्काईरूट एयरोस्पेस के CEO पवन चंदाना ने कहा, “रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल के साथ साझेदारी को लेकर उत्साहित हैं। यह कंपनी अंतरिक्ष तकनीक के सबसे नए इस्तेमालों में से एक पर काम कर रही है।” उन्होंने कहा, “हम स्काईरूट ए के साथ उनकी धरती पर मांग के मुताबिक सूरज की रोशनी देने की योजना को लॉन्च करने का इंतजार कर रहे हैं।” पांच किलोमीटर के दायरे में दी जा सकेगी रोशनी जुलाई में रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल को फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन FCC से एक प्रदर्शन सैटेलाइट बनाने, लॉन्च करने और चलाने की मंजूरी मिली थी। स्टार्ट-अप का लक्ष्य ऐसी रोशनी देना है, जिसे कभी भी बंद किया जा सके। इसकी चमक को बदला जा सकेगा और यह पांच किलोमीटर के क्षेत्र में फैलेगी। कंपनी के मुताबिक, मांग पर मिलने वाली यह रोशनी दूरदराज के औद्योगिक इलाकों में काम के घंटे बढ़ा सकती है। इससे रक्षा अभियानों में महत्वपूर्ण ढांचे को रोशन करने में मदद मिल सकती है। कंपनी ने कहा कि सार्वजनिक जगहों पर होने वाले कार्यक्रमों के लिए भी इससे यादगार अनुभव बनाए जा सकते हैं। पहला लॉन्च विक्रम-1 रॉकेट से होगा रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल के को-फाउंडर और CEO बेन नोवैक ने कहा, “हम नए लॉन्च प्रोवाइडर स्काईरूट के साथ काम करने को लेकर उत्साहित हैं। इससे अंतरिक्ष तक पहुंच सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।” इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत पहला लॉन्च विक्रम-1 रॉकेट से होगा। दूसरा लॉन्च स्काईरूट के विकासाधीन विक्रम-1U लॉन्च व्हीकल से किया जाएगा। बयान के मुताबिक, विक्रम-1U में पहले चरण के अतिरिक्त बूस्टर लगाए गए हैं। इसमें बेहतर प्रदर्शन की क्षमता भी है। नोवैक ने कहा, “हमें हाल ही में अपने पहले अंतरिक्ष यान को चलाने के लिए फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन से लाइसेंस मिला है।” उन्होंने कहा, “हम खगोलविदों, स्थानीय समुदायों और नियामकों के साथ काम जारी रखेंगे। इससे बड़े स्तर पर विस्तार की अनुमति हासिल करने में मदद मिलेगी।” 1993 में भी कक्षा से भेजी गई थी सूरज की रोशनी 1993 में रूसी वैज्ञानिकों और इंजीनियरों ने 65 फीट लंबा शीशा कक्षा में तैनात किया था। इससे धरती पर सूरज की रोशनी की एक घूमती हुई किरण भेजी गई थी। यह प्रयोग सफल रहा था। हालांकि, पैसों की कमी के कारण इसे बंद कर दिया गया। इस प्रयोग का नाम ज़नाम्या था। रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल की योजना को लेकर विवाद भी हुआ है। कई पर्यावरण संगठनों ने FCC से प्रदर्शन सैटेलाइट के लिए दी गई मंजूरी रद्द करने की मांग की है। इन संगठनों का कहना है कि रात में तेज रोशनी वन्यजीवों को परेशान कर सकती है। इससे खगोल विज्ञान से जुड़े अध्ययन प्रभावित हो सकते हैं और इंसानों की जैविक दिनचर्या पर असर पड़ सकता है।

रात में सूरज की रोशनी बेचने की तैयारी:अंतरिक्ष में लगेंगे बड़े शीशे; भारत की स्काईरूट एयरोस्पेस और अमेरिकी स्टार्टअप का प्रोजेक्ट

अमेरिकी स्पेस टेक्नोलॉजी कंपनी रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल रात में धरती के चुनिंदा स्थानों पर सूरज की रोशनी बेचने की तैयारी कर रही है। इसके लिए पृथ्वी की कक्षा में बड़े शीशे लगाए जाएंगे। कैलिफोर्निया की यह स्टार्ट-अप भारत की स्काईरूट एयरोस्पेस की मदद से सैटेलाइट लॉन्च करेगी। दोनों कंपनियों के बीच दो लॉन्च का कॉन्ट्रैक्ट हुआ है। इन सैटेलाइट से आपदा प्रभावित इलाकों में खोज और बचाव अभियान के लिए रोशनी दी जा सकेगी। सोलर फार्म में बिजली बनाने का समय भी बढ़ाया जा सकेगा। दो लॉन्च के लिए हुआ कॉन्ट्रैक्ट रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल ने हैदराबाद में स्काईरूट एयरोस्पेस के साथ दो लॉन्च का समझौता किया है। दोनों लॉन्च विक्रम रॉकेट से किए जाएंगे। कंपनी ने बयान में कहा, “इन लॉन्च से हमें अमेरिका की अन्य तय लॉन्च सेवाओं के साथ पक्का शेड्यूल और क्षमता मिलेगी।” स्काईरूट एयरोस्पेस के CEO पवन चंदाना ने कहा, “रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल अंतरिक्ष तकनीक के सबसे नए इस्तेमालों में से एक पर काम कर रही है। हम स्काईरूट ए के साथ उनकी धरती पर मांग के मुताबिक सूरज की रोशनी देने की योजना को लॉन्च करने का इंतजार कर रहे हैं।” पांच किलोमीटर के दायरे में दी जा सकेगी रोशनी जुलाई में रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल को फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन FCC से एक प्रदर्शन सैटेलाइट बनाने, लॉन्च करने और चलाने की मंजूरी मिली थी। स्टार्ट-अप का लक्ष्य ऐसी रोशनी देना है, जिसे कभी भी बंद किया जा सके। इसकी चमक को बदला जा सकेगा और यह पांच किलोमीटर के क्षेत्र में फैलेगी। कंपनी के मुताबिक, मांग पर मिलने वाली यह रोशनी दूरदराज के औद्योगिक इलाकों में काम के घंटे बढ़ा सकती है। इससे रक्षा अभियानों में महत्वपूर्ण ढांचे को रोशन करने में मदद मिल सकती है। पहला लॉन्च विक्रम-1 रॉकेट से होगा रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल के को-फाउंडर और CEO बेन नोवैक ने कहा, “हम नए लॉन्च प्रोवाइडर स्काईरूट के साथ काम करने को लेकर उत्साहित हैं। इससे अंतरिक्ष तक पहुंच सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।” इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत पहला लॉन्च विक्रम-1 रॉकेट से होगा। दूसरा लॉन्च स्काईरूट के विक्रम-1U लॉन्च व्हीकल से किया जाएगा। विक्रम-1U में पहले चरण के एक्स्ट्रा बूस्टर लगाए गए हैं। नोवैक ने कहा, “हमें हाल ही में अपने पहले अंतरिक्ष यान को चलाने के लिए फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन से लाइसेंस मिला है। हम खगोलविदों, स्थानीय समुदायों और रेगुलेटर्स के साथ काम जारी रखेंगे। इससे बड़े स्तर पर विस्तार की अनुमति हासिल करने में मदद मिलेगी।” 1993 में भी कक्षा से भेजी गई थी सूरज की रोशनी 1993 में रूसी वैज्ञानिकों और इंजीनियरों ने 65 फीट लंबा शीशा कक्षा में तैनात किया था। इससे धरती पर सूरज की रोशनी की एक घूमती हुई किरण भेजी गई थी। यह प्रयोग सफल रहा था। हालांकि, पैसों की कमी के कारण इसे बंद कर दिया गया। इस प्रयोग का नाम ज़नाम्या था। रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल की योजना को लेकर विवाद भी हुआ है। कई पर्यावरण संगठनों ने FCC से प्रदर्शन सैटेलाइट के लिए दी गई मंजूरी रद्द करने की मांग की है। इन संगठनों का कहना है कि रात में तेज रोशनी वन्यजीवों को परेशान कर सकती है। इससे खगोल विज्ञान से जुड़े अध्ययन प्रभावित हो सकते हैं और इंसानों की जैविक दिनचर्या पर असर पड़ सकता है। ——————- ये खबर भी पढ़ें… भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च कामयाब:स्काईरूट एयरोस्पेस ने खुद बनाकर अंतरिक्ष में भेजा, 2 दोस्तों ने इसरो छोड़कर बनाई थी यह कंपनी हैदराबाद की स्काईरूट एयरोस्पेस ने शनिवार 18 जुलाई को भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 लॉन्च किया। यह टेस्ट पहले ही प्रयास में कामयाब रहा। विक्रम-1 को स्काईरूट एयरोस्पेस ने तैयार किया और लॉन्चिंग भी खुद ही की। सिर्फ लॉन्चपैड इसरो का था। पढ़ें पूरी खबर…