Henley Index में 84वें पायदान पर पहुंचा भारत, भारतीय पासपोर्ट धारक बिना अग्रिम वीजा के कर सकते हैं 55 देशों की यात्रा

अक्टूबर 2026 के लिए जारी हेनले पासपोर्ट इंडेक्स में इस साल भारत की रैंकिंग में एक पायदा का सुधार हुआ है। यह 85 से घटकर 84वें नंबर पर आ गया है। रैंकिंग में सुधार के बीच चिंताजनक बात यह है कि भारतीय पासपोर्ट धारक बिना पहले से वीजा लिए अब सिर्फ 55 देशों में जाने के योग्य हैं। पहले यह संख्या 57 देशों की थी। सिंगापुर इस सूची में टॉप पर बना हुआ है।

हेनले एंड पार्टनर्स की 9 अक्टूबर को जारी ताजा रैंकिंग के मुताबिक, अल्जीरिया और मॉरिटानिया के साथ भारत 84वें नंबर पर है। अक्टूबर 2025 के मुकाबले देश का स्कोर दो जगहों से कम हुआ है, जो इसकी रैंकिंग और इसके पासपोर्ट धारकों को मिलने वाले यात्रा विशेषाधिकार के बीच के अंतर को दिखाता है।

क्या है हेलने पासपोर्ट इंडेक्स?

Henley Passport Index दुनिया भर के पासपोर्टों की एक वैश्विक रैंकिंग प्रणाली है, जो यह बताती है कि किसी देश का पासपोर्ट कितना ताकतवर है। हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 199 पासपोर्ट को उन जगहों की संख्या के हिसाब से रैंक करता है, जहां उनके धारक पहले से वीजा लिए बिना जा सकते हैं। यह 227 जगहों को कवर करता है और इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के आंकड़ों का इस्तेमाल करता है।

सिंगापुर का पासपोर्ट सबसे मजबूत

इस सूची में सिंगापुर ने दुनिया के सबसे मजबूत पासपोर्ट के तौर पर अपनी जगह टॉप पर बनाए रखी है। इसके पास बिना पहले वीजा के 193 जगहों पर यात्रा की सुविधा है। जापान, साउथ कोरिया और यूनाइटेड अरब अमीरात एक साथ दूसरे नंबर पर हैं, जिनमें से हर एक के पास 188 जगहों तक एक्सेस है। स्वीडन 187 जगहों के साथ तीसरे नंबर पर है, जबकि बेल्जियम, डेनमार्क, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, इटली और स्पेन उन देशों में शामिल हैं जो 186 जगहों तक एक्सेस के साथ चौथे नंबर पर हैं। यूनाइटेड किंगडम 184 स्कोर के साथ छठे नंबर पर है, जबकि यूनाइटेड स्टेट्स 180 जगहों तक एक्सेस देकर 10वें नंबर पर है।

भारतीय बिना पहले से वीजा लिए कहां घूम सकते हैं?

भारतीय पासपोर्ट धारक विदेश यात्रा से पहले पारंपरिक वीजा लिए बिना कई जगहों पर जा सकते हैं। इनमें भूटान, बारबाडोस, फिजी, मलेशिया, मॉरिशस, नेपाल, थाईलैंड, जमैका, कजाकिस्तान, रवांडा, सेनेगल, डोमिनिका, हैती, माइक्रोनेशिया और वानुअतु वगैरह शामिल हैं। हालांकि, डेस्टिनेशन के हिसाब से प्रवेश की सही जरूरतें अलग-अलग होती हैं। कुछ देशों में आगमन पर वीजा या इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन की जरूरत हो सकती है, जबकि रहने की मंजूर अवधि और दूसरी शर्तें अलग हो सकती हैं।

क्यों मायने रखती है भारत की पासपोर्ट रैंकिंग?

भारत का 85वें से 84वें स्थान पर आने का मतलब जरूरी नहीं कि अधिक यात्री आजादी हो। पासपोर्ट रैंकिंग किसी देश के नागरिकों के लिए पहुंच वाले गंतव्यों की संख्या और दूसरे देशों की वीजा पॉलिसी और रैंकिंग में बदलाव, दोनों को दिखाती है। नतीजतन, कोई देश इंडेक्स में ऊपर जा सकता है, भले ही उसका अपना एक्सेस स्कोर कम हो जाए।

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Voter List Update: 17 राज्यों में वोटर लिस्ट का रिवीजन करेगा चुनाव आयोग, 2027 में 18 साल के होने वाले युवा भी कर सकेंगे आवेदन

Voter List Update: 17 राज्यों में वोटर लिस्ट का रिवीजन करेगा चुनाव आयोग, 2027 में 18 साल के होने वाले युवा भी कर सकेंगे आवेदन

वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी विवाद के बीच चुनाव आयोग ने 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) का आदेश दिया है। इस प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने, छूटे हुए नाम शामिल करने और सूची को अपडेट करने का काम किया जाएगा।

 

चुनाव आयोग के आदेश के मुताबिक, इस पुनरीक्षण के लिए 1 जनवरी 2027 को क्वालिफाइंग डेट निर्धारित किया गया है। इसका मतलब है कि इस तारीख तक 18 साल की उम्र पूरी करने वाले पात्र युवा मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकेंगे।

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किन 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में होगा SSR?

 

चुनाव आयोग ने जिन 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण का आदेश दिया है, उनमें ये शामिल हैं:

 

  • अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह
  • असम
  • बिहार
  • छत्तीसगढ़
  • गोवा
  • गुजरात
  • केरल
  • लक्षद्वीप
  • मध्य प्रदेश
  • मणिपुर
  • पुडुचेरी
  • पंजाब
  • राजस्थान
  • तमिलनाडु
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • पश्चिम बंगाल

 

इनमें से उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और गुजरात में 2027 में विधानसभा चुनाव भी होने हैं। ऐसे में मतदाता सूची का पुनरीक्षण चुनावी तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 

2027 में 18 साल के होने वाले युवाओं को भी मिलेगा मौका

 

चुनाव आयोग ने नए मतदाताओं के नामांकन के लिए चार क्वालिफाइंग डेट का प्रावधान बताया है। इसके तहत 1 जनवरी 2027 के अलावा 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027 को 18 साल की उम्र पूरी करने वाले पात्र युवा भी अग्रिम आवेदन कर सकेंगे।

 

इस व्यवस्था का उद्देश्य पहली बार मतदान के पात्र बनने वाले युवाओं को मतदाता सूची में शामिल होने का अवसर देना है। आयोग ने इससे पहले 29 सितंबर को भी छूटे हुए और पहली बार मतदाता बनने के पात्र युवाओं के नामांकन के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। ध्यान रहे कि आवेदन करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों का पालन करना होगा। आवेदन करने के बाद नाम मतदाता सूची में शामिल हुआ है या नहीं, इसकी पुष्टि करना भी जरूरी है।

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जिन राज्यों में SIR चल रहा है, वहां बाद में आएगा कार्यक्रम

 

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया चल रही है या हाल ही में पूरी हुई है, वहां SSR का कार्यक्रम बाद में घोषित किया जाएगा।

 

इनमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, दिल्ली, ओडिशा, सिक्किम, त्रिपुरा और तेलंगाना शामिल हैं।

 

हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए क्या है व्यवस्था?

 

आयोग के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में अभी SIR शुरू नहीं हुआ है। इन क्षेत्रों में मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्यक्रम तय किया जाएगा।

 

मतदाता अपना नाम कैसे जुड़वाएं?

 

जो युवा निर्धारित तारीखों पर 18 साल के हो रहे हैं और अन्य पात्र नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाना चाहते हैं, वे चुनाव आयोग के आधिकारिक मतदाता सेवा पोर्टल Voters’ Services Portal के माध्यम से आवेदन और संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। आवेदन करने से पहले पात्रता, आवश्यक दस्तावेज और अपने क्षेत्र में लागू कार्यक्रम की जानकारी आधिकारिक चुनाव आयोग की वेबसाइट से जांच लें।

BMW F 450 RR Sportbike revealed

BMW F 450 RR Sportbike revealed
BMW F 450 RR front right quarter.

BMW has revealed the third motorcycle based on its 420cc engine platform, the F 450 RR. This follows the F 450 GS which was revealed last November and the F 450 R, which debuted as recently as two weeks ago. These trio of motorcycles are manufactured by TVS in Hosur.

  1. F 450 RR shares the same 420cc engine and chassis with the other two BMW 450s
  2. Total of three colour options available across four variants
  3. No prices or an Indian launch timeline, just like the F 450 R

BMW F 450 RR: What you should know

A familiar engine and chassis, fine-tuned for track use

BMW’s newest entry to its entry-level motorcycle segment shares its engine and steel tubular chassis that carries said engine as a stressed member, similar to its other two 450s. Its 420cc, twin-cylinder, liquid-cooled mill continues to mete out 48hp at 8,750rpm and 43Nm at 6,750 rpm. Other technical aspects such as the suspension, brakes and kerb weight are closer to its sport-naked sibling, the F 450 R, with sportbike-like design details like winglets and a full fairing, of course.

The F 450 RR has 17-inch tyres at both ends, KYB-supplied 43mm USD fork and monoshock suspension units – the latter offers rebound and preload adjustability as standard. The standard seat height is 790mm and BMW offers two seat options, to either increase it to 810mm, or drop it down to 775mm. Brakes are the same as the R, a 310mm front disc with a Brembo four-piston monobloc caliper and a ByBre 240mm rear disc. The base variant of the F 450 RR has a kerb weight of 177kg.

The F 450 RR has four variants, Base, Exclusive, M Sport and M Sport with Innovation Package. As standard, all four get the exact same rider aids as the R, some of which are, dual-channel and lean-sensitive ABS, a 6.5-inch TFT display with smartphone connectivity, and three ride modes (Rain, Road and Race). The Base gets a single Cosmic Black colour. Stepping up to the Exclusive variant gets you the Racing Red colour, a bi-directional quickshifter and Sport suspension that adds rebound and compression adjustability to the USD fork. The third M Sport variant gives you an additional user-customisable Race Pro ride mode and an Snaefell white/M Motorsport color scheme. The top variant, M Sport with Innovation Package, cinches down the package with ERC (Easy Ride Clutch) – BMW’s take on clutchless riding that we first saw on the F 450 GS.

BMW hasn’t revealed prices for the F 450 RR, or a timeline for an Indian launch, like the F 450 R. For context, the F 450 GS reached our shores six months after its international reveal, which means that the R and the RR could be expected in the first quarter of 2027. Once they get here, we anticipate the F 450 R to be the most affordable option with the F 450 RR sitting between it and the F 450 GS. Currently, the F 450 GS Base starts at Rs 4.95 lakh. BMW has another built-by-TVS sportbike in its line-up, the G 310 RR listed on the BMW Motorrad India website. The G 310 R and G 310 GS were discontinued last year, leaving the future of the G 310 RR uncertain.

जेलेंस्की बोले- रूस की तेल रिफाइनरियों पर फिर हमले करेंगे:ट्रम्प की बात नहीं मानेंगे, अमेरिका का पुतिन से डीजल खरीदने का फैसला गलत

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस की तेल रिफाइनरियों पर फिर हमले करने का ऐलान किया है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की हमले रोकने की अपील मानने से इनकार कर दिया। जेलेंस्की ने अमेरिका के रूस से डीजल खरीदने के फैसले को गलत बताते हुए कहा कि इससे रूस को यूक्रेन के खिलाफ युद्ध जारी रखने के लिए पैसा मिलेगा। उन्होंने ने गुरुवार को फाइनेंशियल टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कहा, “अब बहुत हो चुका।” उन्होंने यह नहीं बताया कि रूसी रिफाइनरियों पर हमले कब शुरू होंगे। ट्रम्प की अपील पर यूक्रेन ने रोके थे हमले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने 11 अक्टूबर को रूस और यूक्रेन के बीच एनर्जी सीजफायर का ऐलान किया था। उन्होंने दोनों देशों से ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने की अपील की थी। यूक्रेन ने इस अपील के बाद रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले रोक दिए थे। हालांकि, यूक्रेन का आरोप है कि रूस ने उसके बिजलीघरों और बिजली सप्लाई करने वाले दूसरे ठिकानों पर हमले जारी रखे। वहीं रूसी राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने दावा किया था कि यूक्रेन ने रूसी रिफाइनरियों पर हमले कभी बंद ही नहीं किए थे। यूक्रेन का कहना है कि उसने अमेरिकी राष्ट्रपति की अपील का पालन किया। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने तेल ठिकानों पर यूक्रेन के हमलों को ट्रम्प के लिए सीधी चुनौती बताया था। अमेरिका ने रूस से डीजल खरीदने का समझौता किया ट्रम्प ने पिछले हफ्ते रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के साथ आने वाले महीनों में लाखों टन डीजल खरीदने का समझौता करने का ऐलान किया था। इसके बाद अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने रूस से डीजल निर्यात पर लगी पाबंदियां हटा दीं। ये प्रतिबंध 2022 में रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद लगाए गए थे, ताकि पुतिन को युद्ध के लिए मिलने वाला पैसा कम किया जा सके। जेलेंस्की ने इस समझौते की आलोचना करते हुए कहा कि एक तरफ यूक्रेन के लोग युद्ध में जान गंवा रहे हैं, दूसरी तरफ अमेरिका रूस के साथ ऊर्जा कारोबार कर रहा है। उन्होंने कहा कि रूस को तेल और डीजल बेचकर मिलने वाला पैसा युद्ध जारी रखने में मदद करेगा। जेलेंस्की ने कहा कि अमेरिका और रूस के बीच ऊर्जा कारोबार बढ़ रहा है, जबकि यूक्रेन के लोग लड़ रहे हैं, जान गंवा रहे हैं और अपने देश को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। रूस के मिसाइल हमलों की जानकारी नहीं मिलने का आरोप जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन को हाल के दिनों में रूसी बैलिस्टिक मिसाइल हमलों के बारे में पहले जैसी खुफिया जानकारी नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने रूस के ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के लिए यूक्रेन पर दबाव बनाया था। यूक्रेन की राजधानी कीव में रूसी हमलों के बाद करीब 6 लाख लोग बिजली से वंचित हो गए थे। जेलेंस्की के मुताबिक, रूस ने दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिन्होंने यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे को नुकसान पहुंचाया। अमेरिका के स्टारलिंक सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम के सैन्य इस्तेमाल पर पाबंदियां लगाए जाने की खबरें भी सामने आईं। स्टारलिंक की मदद से यूक्रेनी सेना युद्ध के मैदान में कम्युनिकेशन बनाए रखती है। यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने गुरुवार को कहा कि वे जांच कर रहे हैं कि चलते हुए उपकरणों के लिए स्टारशील्ड की कनेक्टिविटी बहाल हुई है या नहीं। स्टारशील्ड, स्टारलिंक का सैन्य इस्तेमाल वाला सिस्टम है, जिसका खर्च अमेरिकी रक्षा मंत्रालय उठाता है। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि यूक्रेन के साथ खुफिया जानकारी साझा करना कम नहीं किया गया है। उन्होंने ऐसी मदद रोकने की धमकी देने से भी इनकार किया। जेलेंस्की बोले- अमेरिका जैसा मजबूत साथी खो रहे जेलेंस्की ने ब्रिटिश पत्रकार पियर्स मॉर्गन को दिए इंटरव्यू में कहा कि उन्हें ट्रम्प के फैसलों से धोखा महसूस हुआ है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन को अपने देश को बचाने के लिए अमेरिका और ट्रम्प पर भरोसा है, लेकिन हाल के फैसले दोनों देशों के बीच साझेदारी के अनुरूप नहीं हैं। जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन अमेरिका जैसे मजबूत साझेदार को खो रहा है। उन्होंने ट्रम्प के पुतिन के साथ समझौते करने और तानाशाहों की तारीफ करने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पुतिन को “असली बुराई” बताते हुए कहा, “ट्रम्प उनसे दोस्ती कैसे कर सकते हैं? मुझे लगता है कि यह एक गलती है।” यूरोपीय नेताओं ने रूस की रिफाइनरियों पर हमले का समर्थन किया ब्रसेल्स में यूरोपीय नेताओं ने रूस की तेल रिफाइनरियों पर हमले फिर शुरू करने के जेलेंस्की के फैसले का ज्यादातर समर्थन किया। एस्टोनिया के प्रधानमंत्री क्रिस्टन मिहाल ने कहा कि रूस की रिफाइनरियों और उसकी ऊर्जा बेचने की क्षमता को जितना जल्दी नुकसान पहुंचे, उतना बेहतर है, क्योंकि रूस तेल बेचकर युद्ध के लिए पैसा जुटाता है। नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटन ने अमेरिका-रूस डीजल समझौते की आलोचना करते हुए कहा कि इससे दुनिया के बाजार में कीमतें कम होने की संभावना नहीं है, लेकिन पुतिन को युद्ध के लिए पैसा जरूर मिलेगा। उन्होंने इसे ट्रम्प का गलत फैसला बताया। हालांकि, बुल्गारिया के प्रधानमंत्री रुमेन रादेव ने कहा कि वह किसी भी तेल रिफाइनरी पर हमले का समर्थन नहीं करते। रूस की रिफाइनरी पर ड्रोन हमले के बाद आग लगी गुरुवार तड़के यूक्रेनी ड्रोन ने रूस के रियाजान इलाके में एक तेल रिफाइनरी पर हमला किया। इसके बाद वहां आग लग गई। यह इलाका मॉस्को से करीब 300 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में है। रियाजान के गवर्नर पावेल माल्कोव और रूस के रक्षा मंत्रालय ने हमले के बाद आग लगने की जानकारी दी। एक वरिष्ठ यूक्रेनी अधिकारी ने भी पुष्टि की कि यूक्रेन ने रिफाइनरी को निशाना बनाया था। हालांकि, आग से हुए नुकसान की पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। यह हमला जेलेंस्की के उस बयान के कुछ घंटे बाद हुआ, जिसमें उन्होंने रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले फिर शुरू करने की बात कही थी। ——————————– ये खबर भी पढ़ें… मस्क ने यूक्रेन में स्टारलिंक इंटरनेट की स्पीड घटाई:रूस के खिलाफ सेना के ऑपरेशन पर असर; यही सर्विस भारत में शुरू करना चाहते हैं मस्क अमेरिकी अरबपति इलॉन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने यूक्रेन में स्टारलिंक इंटरनेट की स्पीड पर लिमिट लगा दी है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के सलाहकार सेरही बेस्क्रेस्टनोव ने बुधवार को बताया कि इस फैसले से रूस के खिलाफ लड़ रही यूक्रेनी सेना के कई ऑपरेशन पर असर पड़ा है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

‘नारीशक्ति समर्थ तो राष्ट्र का भविष्य उज्ज्वल’, मां स्कंदमाता के पूजन पर CM योगी का बड़ा संदेश

'नारीशक्ति समर्थ तो राष्ट्र का भविष्य उज्ज्वल', मां स्कंदमाता के पूजन पर CM योगी का बड़ा संदेश

Yogi adityanath

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जगतजननी मां भगवती के स्कंदमाता स्वरूप को वात्सल्य, ममता और पोषण की अधिष्ठात्री देवी बताया। उन्होंने कहा कि मां स्कंदमाता की आराधना हमें यह पावन संदेश देती है कि जब नारीशक्ति स्वस्थ, शिक्षित और समर्थ होती है, तभी राष्ट्र का वर्तमान सुरक्षित और भविष्य उज्ज्वल होता है।

 

2017 से पहले सिर्फ उपेक्षा एवं भ्रष्टाचार

सीएम ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि वर्ष 2017 से पहले बेटियों को संबल देने के बजाय पूर्ववर्ती सरकारें केवल अपने राजनीतिक कुनबे को पोषित करने में व्यस्त थीं। प्रदेश में माताओं का स्वास्थ्य और बेटियों की शिक्षा घोर उपेक्षा एवं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई थी। अस्पतालों की बदहाली, दवाओं का अभाव और संस्थागत प्रसव की लचर व्यवस्था के कारण मातृ-शिशु मृत्यु दर चिंताजनक स्थिति में थी। 

 

डबल इंजन सरकार ने बनाया समग्र सुरक्षा एवं कल्याण चक्र

मुख्यमंत्री ने लिखा कि विगत साढ़े 9 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने इस स्थिति को बदला है। पहले सुविधाओं के अभाव में प्रदेश की लाखों बेटियां पढ़ाई छोड़ने को मजबूर थीं, लेकिन विगत 9.5 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने बेटी के जन्म से लेकर उसकी शिक्षा और सुरक्षित मातृत्व तक समग्र सुरक्षा एवं कल्याण चक्र तैयार किया है।

 

बदले परिदृश्य पर कराया ध्यानाकर्षण

मुख्यमंत्री ने 2017 के बाद बदले परिदृश्य पर भी ध्यानाकर्षण कराया। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन कायाकल्प से प्राथमिक विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का सैचुरेशन 36 से बढ़कर 96 फीसदी से अधिक हो गया है। स्कूल ड्रॉपआउट रेट 20 से घटकर 3 प्रतिशत से भी कम रह गया है। अटल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से श्रमिक व वंचित वर्ग की बेटियों को आधुनिक, विश्वस्तरीय आवासीय शिक्षा मिल रही है।

 

सीएम ने कहा कि कस्तूरबा बालिका विद्यालयों में कक्षा 12 तक पढ़ाई की सुविधा के विस्तार से बेटियों को अपनी शिक्षा पूरी करने के अवसर मिल रहे हैं। बेटियों की शिक्षा में निवेश, उनके आत्मविश्वास और प्रदेश के भविष्य को सशक्त बनाने का निवेश है।

वोटर लिस्ट पर चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, यूपी-पंजाब समेत 17 राज्यों में होगा SSR

Voter List Revision: वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वाने या उसमें किसी तरह का बदलाव कराने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए अहम खबर है। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है। गुरुवार को जारी नोटिस के मुताबिक, इन जगहों पर स्पेशल समरी रिवीजन (SSR) किया जाएगा। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब देशभर में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विवाद चल रहा है।

इस प्रक्रिया के दायरे में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा समेत 17 राज्य शामिल हैं। चुनाव आयोग ने इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21 के तहत मतदाता सूची की जांच और उसे अपडेट करने का निर्देश दिया है।

आयोग ने इस प्रक्रिया के लिए 1 जनवरी 2027 को पात्रता की तारीख तय किया है।

इस पुनरीक्षण (रिवीजन) में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, मणिपुर, पुडुचेरी, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल शामिल होंगे।

यह अधिसूचना तब आई है, जब सुप्रीम कोर्ट ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी और ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के नौ अन्य नेताओं द्वारा दायर एक याचिका पर ECI (चुनाव आयोग), CEC ज्ञानेश कुमार, और चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू तथा विवेक जोशी को नोटिस जारी किया है। इस याचिका में मतदाता सूचियों के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) को चुनौती दी गई है।

आयोग ने कहा है कि जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) चल रहा है या हाल ही में पूरा हुआ है, वहां SSR (स्पेशल समरी रिवीजन) का कार्यक्रम बाद में घोषित किया जाएगा।

बता दें कि यह याचिका 12 अक्टूबर को गांधी के नेतृत्व में विपक्ष द्वारा सुप्रीम कोर्ट की ओर निकाले गए मार्च के बाद दायर की गई है, जो SIR (विशेष पुनरीक्षण) प्रक्रिया के खिलाफ था।

खड़गे, अखिलेश और तेजस्वी समेत कई विपक्षी नेताओं ने दायर की याचिका

इस याचिका को गांधी के साथ-साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, तृणमूल कांग्रेस नेता सौगत रॉय, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, RJD नेता तेजस्वी प्रसाद यादव, शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के नेता एम.ए. बेबी, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के नेता डी. राजा, झारखंड मुक्ति मोर्चा की महुआ माजी, नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार गुट) की सुप्रिया सुले, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के नेता मोहम्मद बशीर, विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) के अध्यक्ष थोल. थिरुमावलवन और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मंत्री सज्जाद अहमद किचलू ने दायर किया है।

इसमें SIR प्रक्रिया की वैधता को चुनौती दी गई है। साथ ही, चुनाव आयोग के रिकॉर्ड को सार्वजनिक करने, हटाए गए मतदाताओं का विवरण जारी करने, मनमाने ढंग से नाम हटाए जाने के खिलाफ सुरक्षा उपाय करने और नाम वापस जोड़ने के लिए एक व्यवस्था बनाने की मांग की गई है।

नेताओं ने वोटर लिस्ट ने संशोधन प्रक्रिया के न्यायिक ऑडिट की भी मांग की और यह भी कहा कि जब तक इस मामले पर कोई फैसला नहीं आ जाता, तब तक सभी राज्यों में यह प्रक्रिया रोक दी जानी चाहिए।

इससे पहले, विपक्षी नेताओं ने SIR प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताएं जताने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करने के लिए CJI सूर्य कांत से मिलने का समय मांगा था। लेकिन CJI ने इसे अस्वीकार कर दिया और कहा कि ये मुद्दे पहले से ही कोर्ट के सामने लंबित हैं, इसलिए नेता न्यायिक कार्यवाही के जरिए राहत मांग सकते हैं।

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CM योगी ने वाराणसी में किया स्वच्छता मित्रों का सम्मान, प्रदान किए अंगवस्त्र व उपहार

CM योगी ने वाराणसी में किया स्वच्छता मित्रों का सम्मान, प्रदान किए अंगवस्त्र व उपहार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार निर्माण समेत बड़े कार्य कर सकती है, लेकिन उसके संरक्षण व सुरक्षा की जिम्मेदारी जागरूक समाज व जनता की होती है। यदि जनता जागरूक नहीं है तो बड़े से बड़े निर्माण को भी धराशायी होने में देर नहीं लगती। प्रयागराज में माफिया ने जमीन पर कब्जा कर लिया था, उसे खाली कराकर सरकार गरीबों, दलितों, वंचितों के लिए हाईराइज बिल्डिंग बनाने जा रही है। यूपी में माफिया की जगह सिर्फ मिट्टी में है और कब्जाई गई जमीनों पर गरीबों के लिए हवेलियां बनेंगी।

 

मुख्यमंत्री ने गुरुवार को स्वच्छता मित्र सम्मान समारोह में नगर निगम व जल निगम के स्वच्छता मित्रों को सम्मानित किया। उन्होंने स्वच्छता मित्रों पर पुष्पवर्षा की और उन्हें भोजन भी परोसा। कबीरचौरा स्थित सरोजा पैलेस में आयोजित इस समारोह में जन-कल्याणकारी कार्यों के संदर्भ में लघु फिल्म भी दिखाई गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता मित्र स्थानीय सांसद एवं विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता पीएम नरेन्द्र मोदी जी के ‘स्वच्छ काशी’ मिशन को धरातल पर उतार रहे हैं।

 

सीएम योगी ने कहा कि स्वच्छता कर्मी नींव के पत्थर हैं, जो दिखते नहीं है, लेकिन इमारत इसी पर खड़ी होती है। सर्दी, गर्मी, बरसात, आंधी-तूफान, त्योहार में भी स्वच्छता मित्र सड़कों पर उतरकर समाज को स्वच्छ वातावरण देते हैं। पहले आपका माहौल उत्सवमय करते हैं और अंत में अपने बच्चों का त्योहार मनवाते हैं। कुछ लोग अपने कृत्यों व कारनामों से गंदगी फैलाते हैं, लेकिन बड़ा तबका अपने पुरुषार्थ व परिश्रम से आमजन को स्वच्छ वातावरण देता है। स्वच्छता कर्मियों के कारण ही प्रयागराज महाकुंभ स्वच्छ, दिव्य-भव्य हो पाया था। वहां 66 करोड़ श्रद्धालु आए और सभी ने स्वच्छता की प्रशंसा की।

अविनाशी काशी का कायाकल्प 

मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी बदल चुकी है। पीएम मोदी जी के नेतृत्व में अविनाशी काशी का कायाकल्प हुआ है। जिस काशी की संकरी गलियों में 2014 से पहले गंदगी का अंबार था। सड़कों पर गोवंश व सांड़ घूमते थे। बिजली के लिए तरसना पड़ता था। बदहाल घाट, जाम और गंदगी काशी की पहचान और नियति बन चुकी थी। 2017 से पहले माफिया काशी में गरीब, व्यापारी की जमीन पर कब्जा कर भय फैलाते थे, परंतु लेकिन अब काशी नई आभा, नए कलेवर के साथ आध्यात्मिक व सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए बढ़ रही है। 

देश को परिवार मानने वाले ही ला सकते परिवर्तन 

सीएम ने विपक्ष पर तंज कसा कि मंथरा बुद्धि वालों की दुर्गति किसी से छिपी नहीं है। हर जागरूक नागरिक का दायित्व है कि सच के साथ खड़े हों, सत्य को धरातल पर उतारें और सुरक्षा-संरक्षण की जिम्मेदारी लें। उन्होंने सपा पर तंज कसते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि को भी जागरूक होना चाहिए। जब जनप्रतिनिधि ही 12 बजे सोकर उठेगा और परिवार को ही समाज व प्रदेश मानने की भूल करेगा तो दुर्गति तय है। जिन लोगों ने समाज, प्रदेश व देश को परिवार माना, वही परिवर्तन ला सकते हैं। 

सरकारी निर्माण कार्यों की सुरक्षा सबकी जिम्मेदारी 

सीएम ने काशी में विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी द्वारा 19 जुलाई से 2 अक्टूबर (76 दिवसीय) तक चलाए गए वार्ड प्रवास एवं स्वच्छता अभियान को नवनिर्माण का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह अवधि बरसात की थी, लेकिन थोड़ी सतर्कता व सफाई रखी जाए तो डेंगू, कालाजार, मलेरिया, इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारियां नजदीक नहीं आ सकतीं। सीएम ने जागरूकता पर बल देते हुए कहा कि सरकार ने जो निर्माण कराया है, सभी नागरिक उसकी सुरक्षा व संरक्षण करें, किसी को क्षति न पहुंचाने दें। 

लोकप्रिय जनप्रतिनिधि वही, जिसकी हर घर में पहुंच 

सीएम ने कहा कि लोकप्रिय जनप्रतिनिधि वही है, जिसकी हर घर में पहुंच हो। जनप्रतिनिधियों को क्षेत्र में अधिक से अधिक समय देना चाहिए। इस 76 दिवसीय वार्ड प्रवास के दौरान जरूरतमंदों को शासन की लोककल्याणकारी योजनाओं, स्वास्थ्य शिविर, आयुष्मान कार्ड, आवास सुविधा, पीएम विश्वकर्मा समेत अन्य सुविधाओं का लाभ मिला। सभी जनप्रतिनिधि सरकार की योजनाओं की जानकारी पात्रों तक अवश्य पहुंचाएं। बिना भेदभाव हर जरूरतमंद को शासन की योजनाओं का लाभ मिलना ही ‘सबका साथ-सबका विकास’ है। 

सीएम ने कराया जिम्मेदारी का अहसास

सीएम ने आमजन को जिम्मेदारी का अहसास कराते हुए कहा कि हम प्रकृति से ले रहे हैं, लेकिन दे क्या रहे हैं। ऐसे में शुद्ध पर्यावरण के लिए पीएम मोदी का मिशन ‘एक पेड़ मां के नाम’ सबसे उपयुक्त है। इस अभियान में चार अलग-अलग कार्यक्रम (स्वच्छता मित्रों का सम्मान, पर्यावरण शुद्धता, सरकार के निर्माण कार्यों का संरक्षण व जागरूकता) सभी के लिए प्रेरक हैं। 

संवाद से ही निकलता है समस्या का समाधान

सीएम ने कहा कि समस्या का समाधान सिर्फ संवाद है। नगर निगम, विकास प्राधिकरण, स्थानीय प्रशासन व शासन के विभिन्न विभाग इस अभियान का हिस्सा बनते हैं। कार्य करने के लिए हर कोई तैयार है, कार्य लेने वाला चाहिए। हर चीज में शिकायती लहजा नहीं होना चाहिए। कार्य कराने की प्रवृत्ति भी होनी चाहिए। ऐसे कार्यक्रम अन्य जनप्रतिनिधियों के लिए भी प्रेरणा हैं।  

स्वच्छ भारत अभियान ने देश को दिलाई नई पहचान

सीएम ने कहा कि मोदी जी ने स्वच्छ भारत अभियान को सफलता की नई ऊंचाइयों पर पहुंचा कर देश को नई पहचान दिलाई है। पीएम की प्रेरणा दुनिया के लिए उदाहरण बनी है। स्वच्छ भारत अभियान के पहले गांवों, गलियों की स्थिति अत्यंत खराब थी। झाड़ू उठाकर सफाई करने वालों को सम्मान भी नहीं मिलता था। काम करने के बावजूद उनका पैसा काट दिया जाता था। 

स्वच्छता कर्मियों का पैसा काटने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई 

सीएम ने कहा कि हमने यूपी में तय किया है कि स्वच्छता कर्मियों का पैसा काटने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। हम मानदेय की गारंटी दे रहे हैं। अब यूपी आउटसोर्स निगम काम कर रहा है। 16 हजार रुपये न्यूनतम मानदेय मिलना चाहिए। ईएसआई के तहत उपचार के लिए हॉस्पिटल की सुविधा मिलनी चाहिए। कार्मिकों को सुरक्षा बीमा मिलेगा, ताकि हादसे पर परिवार के लोग लाचार न हों। पीएफ भी कटेगा। सेवानिवृत्त होने पर उसके पास खुद की पूंजी होगी और बैंक से इस पर ब्याज भी मिलेगा, जिससे वह बच्चों पर आश्रित नहीं होगा। 

 

अतिथियों का स्वागत वाराणसी दक्षिण के विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने किया। इस दौरान प्रदेश सरकार के मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु, हंसराज विश्वकर्मा, महापौर अशोक तिवारी, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, डॉ. अवधेश सिंह, त्रिभुवन राम, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री कृपाशंकर सिंह, भाजपा के महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि आदि मौजूद रहे। 

 

इस अवसर पर मुख्‍यमंत्री ने स्वच्छता मित्र वसीम, रोहित रावत, राजकुमार, पूर्णमासी, आशुतोष, दिनेश, सुनील, रेखा, अल्पना, चिंता देवी को माला पहनाकर, अंगवस्त्र व उपहार देकर मंच पर सम्मानित किया।

Blindness नहीं बनी सीमा,, आज पियानो से जीत रही है दिल | Aeny Mishra | Blind Girl Inspirational Story

Blindness नहीं बनी सीमा,, आज पियानो से जीत रही है दिल | Aeny Mishra | Blind Girl Inspirational Story

15 स्कूलों ने Aeny को सिर्फ इसलिए ठुकरा दिया, क्योंकि वो देख नहीं सकती थी।
लेकिन उन लोगों ने ये नहीं देखा कि वो क्या-क्या कर सकती है। आज Aeny पियानो बजाती है, कराटे करती है, तीन भाषाएं फर्राटे से बोलती है और All India STEM Exhibition में.अपना Science Project भी पेश कर चुकी है। उसकी Blindness कभी उसकी सीमा नहीं थी। सीमाएं तो उन लोगों की सोच में थीं,
जो उसकी काबिलियत की कल्पना तक नहीं कर पाए।

@aeny_mishra

Blindness नहीं बनी सीमा,, आज पियानो से जीत रही है दिल | Aeny Mishra | Blind Girl Inspirational Story

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प्रयागराज में माफिया की जमीन पर गरीबों के घर, कसारी-मसारी अब ‘श्रीकृष्णपुरी’, CM योगी ने किया पद्मलोक योजना का भूमिपूजन

प्रयागराज में माफिया की जमीन पर गरीबों के घर, कसारी-मसारी अब 'श्रीकृष्णपुरी', CM योगी ने किया पद्मलोक योजना का भूमिपूजन

yogi adityanath

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रयागराज के कसारी मसारी में माफिया से मुक्त कराई 9,811 वर्ग मीटर भूमि पर पद्म लोक आवास योजना के अंतर्गत 191 करोड़ से अधिक की लागत से 602 आवासों के निर्माण के लिए भूमि पूजन किया। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत पीपलगांव में निर्मित 556 आवासों के लाभार्थियों को चाबी भी वितरित की।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी आती है, तो माफिया और गुंडे-बदमाश लेकर आती है और भाजपा आती है तो विकास और बदलाव आता है। उन्होंने घोषणा की कि कसारी-मसारी अब नहीं होगा, इस पूरे क्षेत्र को ‘श्रीकृष्णपुरी’ के रूप में विकसित किया जाएगा। माफिया से मुक्त कराई गई जमीन पर गरीबों के लिए आवास बनाए जाएंगे और यहां एक व्यवस्थित टाउनशिप विकसित होगी।

 

अवैध कब्जा कर अय्याशी का अड्डा बनाया था माफिया अतीक ने

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रयागराज में अब कोई माफियागिरी करने का दुस्साहस नहीं करेगा और अगर कोई ऐसा करेगा या करवाएगा, तो उसे मिट्टी में मिलने की तैयारी भी कर लेनी चाहिए। कोई गुंडा या माफिया किसी की संपत्ति पर कब्जा नहीं कर सकता। अगर कोई ऐसा करेगा तो उसके बाप-दादा की कमाई को भी जब्त कर लिया जाएगा। लूकरगंज के बाद अब कसारी-मसारी में भी माफिया से मुक्त कराई गई सरकारी जमीन पर गरीबों के आशियाने बनेंगे। जिस भूमि पर कभी माफिया अतीक अहमद और उसके गुर्गों का कब्जा था, वहां अब गरीब परिवारों के लिए पक्के मकान बनाए जाएंगे। ढाई हेक्टेयर यानी लगभग 15 बीघा जमीन पर अतीक अहमद और उसके गुंडों ने कब्जा कर अस्तबल बनाया हुआ था, उसे अय्याशी का अड्डा बना रखा था। सरकार ने उस अवैध साम्राज्य को ध्वस्त कर जमीन को मुक्त कराया। अब इसी जमीन पर गरीबों के आवास बनेंगे। यह केवल जमीन को कब्जे से मुक्त कराने की कार्रवाई नहीं है, बल्कि उसका उपयोग समाज के गरीब और जरूरतमंद परिवारों के हित में करने का संकल्प भी है।

 

माफिया अतीक-अशरफ के सामने घुटने टेकती थी पिछली सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज तीर्थराज है। यह सामाजिक समता की भूमि, भगवान अक्षयवट की पावन धरा और महर्षि भारद्वाज की साधना से पवित्र हुई धरती है। इस भूमि ने युगों-युगों से तीर्थ के महात्म्य को संजोकर पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाया है। लेकिन इसी प्रयागराज में एक समय ऐसा था, जब माफिया अतीक और माफिया अशरफ जिस जमीन पर पैर रखते थे, वह उनकी हो जाती थी और प्रदेश सरकार उनके सामने घुटने टेककर मौन बनी रहती थी। यहां बेटियों की सुरक्षा पर खतरा होता था। माफिया असलहा लहराते हुए प्रयागराज की सड़कों और गलियों में भय तथा दहशत के पर्याय बने हुए थे। माफिया के आतंक के कारण आम आदमी अपने आपको असुरक्षित महसूस करता था। ऐसे वातावरण में न विकास हो सकता था, न निवेश आ सकता था, न युवाओं को रोजगार मिल सकता था और न ही उनके उज्ज्वल भविष्य की कोई कार्ययोजना आगे बढ़ सकती थी।

 

अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने पहले दिन ही स्पष्ट कर दिया था कि अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। किसी अपराधी को रियायत नहीं मिलेगी और उत्तर प्रदेश को माफिया मुक्त बनाया जाएगा। आज इसी संकल्प के परिणाम सामने दिखाई दे रहे हैं। कभी भय और दहशत के प्रतीक रहे माफिया को उसके किए की सजा दिलाने के लिए सरकार आगे बढ़ी। प्रयागराज में विधायक राजू पाल की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी और तत्कालीन सरकार इन माफियाओं के सामने गिड़गिड़ाती हुई दिखाई देती थी।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने माफिया के अवैध साम्राज्य को ध्वस्त करने और उनसे मुक्त कराई गई जमीन का उपयोग गरीबों के हित में करने का संकल्प लिया। लूकरगंज में माफिया से मुक्त कराई गई जमीन पर 86 गरीब परिवारों के लिए हाईराइज बिल्डिंग बनाकर उन्हें आवास उपलब्ध कराया जा चुका है। अब कसारी-मसारी में भी आवासीय योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। यहां पहले चरण में 602 परिवारों और दूसरे चरण में 598 परिवारों को आवास उपलब्ध कराने की योजना है। इस प्रकार लगभग 1,200 परिवारों को पक्के घर मिलेंगे।

 

बाजार-पार्क-जिम और खेल सुविधाएं भी मिलेंगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब लगभग 1,200 परिवार इस आवासीय परिसर में रहेंगे, तो यहां छह से साढ़े छह हजार से अधिक लोगों की आबादी होगी। उनके लिए केवल मकान ही नहीं, बल्कि अलग से व्यवस्थित टाउनशिप विकसित की जाएगी। यहां बाजार बनेगा, पार्क की सुविधा होगी, खेलकूद के लिए स्थान होगा, जिम बनेगा और लोगों की आवश्यकताओं के अनुरूप अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रयागराज विकास प्राधिकरण इन सुविधाओं को विकसित करने का काम करेगा।

 

उन्होंने कहा कि गरीबों को आवास देने का अर्थ केवल उन्हें छत उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि उनके परिवारों के लिए ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और परिवार सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर सकें। सरकार बिना भेदभाव हर गरीब और हर जाति के व्यक्ति को आवास की सुविधा उपलब्ध करा रही है। आजादी के बाद पहली बार उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने 65 लाख गरीबों को पक्का आवास उपलब्ध कराया है। अब प्रयागराज में भी गरीबों को पक्के आवास की सुविधा दी जा रही है। 

 

प्रयागराज में पुल, लॉ यूनिवर्सिटी का निर्माण भी अंतिम चरण में

मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुंभ के दौरान प्रयागराज में बड़े पैमाने पर सड़कें चौड़ी की गईं। अब यहां सात मीटर से लेकर 14 मीटर तक चौड़ी सड़कें हैं और आवागमन सुगम हुआ है। सरकार सुरक्षा का माहौल इसलिए उपलब्ध करा रही है, जिससे युवाओं को रोजगार मिल सके, उनकी नौकरी का उचित प्रबंध हो, गरीबों को सिर ढकने के लिए आवास मिले और हर नागरिक सुशासन का लाभ लेकर विकास के नए प्रतिमान स्थापित कर सके। इसी उद्देश्य से प्रयागराज में विकास की अनेक योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। सहसों क्षेत्र में गंगा नदी पर बड़े पुल पर 950 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसी विधानसभा क्षेत्र में डॉ. राजेंद्र प्रसाद नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी का निर्माण भी लगभग पूरा होने की स्थिति में है।

 

महाराजा बिजली पासी के नाम पर बनेगा आईटीआई

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज में आईटीआई के निर्माण की योजना भी आगे बढ़ाई जा रही है। इस आईटीआई का नाम महाराजा बिजली पासी के नाम पर रखा जाएगा। महाराजा बिजली पासी ने लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में 12 किले बनवाए थे। वह विदेशी आक्रांताओं के काल में सनातन धर्म के प्रबल रक्षक थे। उनके नाम पर आईटीआई का निर्माण कर उनके योगदान को सम्मान दिया जाएगा।

 

प्रयागराज के लिए अब बेहतर कनेक्टिविटी

सीएम ने कहा कि प्रयागराज अब बेहतर कनेक्टिविटी से जुड़ चुका है। यहां एयरपोर्ट बन चुका है और गंगा एक्सप्रेसवे प्रयागराज से सीधे मेरठ तथा दिल्ली की दूरी कम कर रहा है। पहले प्रयागराज से कार से दिल्ली जाने में 10 से 12 घंटे लगते थे, लेकिन अब गंगा एक्सप्रेसवे के माध्यम से यह दूरी लगभग सात घंटे में पूरी की जा सकती है। यही डबल इंजन की भाजपा सरकार का बदलाव है। 

 

इस अवसर पर प्रयागराज के प्रभारी मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, प्रयागराज पश्चिमी के विधायक और पूर्व मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, सांसद प्रवीण पटेल, महापौर गणेश केसरवानी, विधायक हर्षवर्धन वाजपेई, पीयूष रंजन निषाद, दीपक पटेल, गुरु प्रसाद मौर्य, विधान परिषद सदस्य सुरेंद्र चौधरी, भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश की उपाध्यक्ष और विधायक पूजा पाल और पूर्व सांसद विनोद सोनकर उपस्थित रहे।

 

इन लाभार्थियों को मंच पर मिली आवास की चाबी

  • ममता
  • सिंधु श्रीवास्तव
  • कंचन सोनी
  • बसंती देवी
  • निरुपम चक्रवर्ती
  • शंकरलाल कुशवाहा
  • प्रियंका सोनकर
  • ललिता पांडे
  • रंजीता सोनकर
  • हरिशंकर मिश्रा