नक्सल प्रभावित रहे ग्राम बोंदारी में विकास की नई सुबह, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने ग्रामीणों से किया संवाद

नक्सल प्रभावित रहे ग्राम बोंदारी में विकास की नई सुबह, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने ग्रामीणों से किया संवाद

बालाघाट। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज बालाघाट जिले के पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे ग्राम बोंदारी पहुंचकर ग्रामवासियों से संवाद किया और क्षेत्र के विकास तथा ग्रामीणों की आवश्यकताओं पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से चर्चा के दौरान पशुपालन को बढ़ावा देने, आवास सुविधा, पोषण आहार के उपयोग की आदत विकसित करने के लिए जन-जागरूकता अभियान, वन विभाग के सहयोग, चिकित्सा एवं शिक्षा सुविधाओं तथा रोजगार के अवसर बढ़ाने जैसे विषयों पर चर्चा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन सुविधाओं को क्षेत्र में बेहतर ढंग से स्थापित करने और शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

 

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों में अब सुरक्षा के साथ विकास और विकास के साथ रोजगार को प्राथमिकता दी जा रही है। ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर उपलब्ध कराकर उनकी आय बढ़ाने तथा युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।
 

मुख्यमंत्री ने बालाघाट जिले के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न विभागों के माध्यम से 225 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की घोषणा की। इन कार्यों के माध्यम से क्षेत्र में सामाजिक एवं मूलभूत अधोसंरचना को मजबूत किया जाएगा। सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों सहित रोजगार और आजीविका के अवसरों का विस्तार किया जाएगा।

 

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे ग्रामों में विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाए। स्थानीय संसाधनों और संभावनाओं के आधार पर पशुपालन, कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य पालन, वन आधारित आजीविका तथा अन्य रोजगारपरक गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाए।

 

उन्होंने कहा कि बालाघाट अब नक्सल से विकास की ओर आगे बढ़ रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि क्षेत्र में स्थायी शांति के साथ सामाजिक और आर्थिक विकास को गति मिले तथा प्रत्येक गांव और प्रत्येक परिवार को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए।

बहनों ने मुख्यमंत्री को बांधी राखी- वहीं रक्षाबंधन के पावन अवसर पर बालाघाट में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बहनों के प्रति स्नेह और आत्मीयता का भावपूर्ण दृश्य देखने को मिला। बहनों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की कलाई पर राखी बांधकर अपना स्नेह और आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री ने भी बहनों के इस आत्मीय स्नेह को भावपूर्वक स्वीकार करते हुए उन्हें रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं।

 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बहनों से आत्मीय संवाद किया और कहा कि बहनों का स्नेह और आशीर्वाद उनके लिए सदैव प्रेरणा और ऊर्जा का स्रोत है। रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का पर्व नहीं, बल्कि स्नेह, विश्वास और सुरक्षा के संकल्प का भी पर्व है।

‘इन्हें खुद खाओ’: रिश्वत के आरोप में भीड़ ने महाराष्ट्र FDA अधिकारी को घेरा, मुंह में एक्सपायर्ड बिस्किट ठूंसने की कोशिश की

महाराष्ट्र के संभाजीनगर में उस वक्त अजीबोगरीब स्थिति बन गई, जब गुस्साई भीड़ ने एक फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) अधिकारी को घेर लिया और उस पर एक्सपायर्ड बिस्किट के पैकेट फेंकने लगी। NDTV के मुताबिक, भीड़ अधिकारी से कह रही थी, “इन्हें खुद खाओ।”

अधिकारी पर आरोप था कि उन्होंने एक ऐसे दुकानदार को बचाने के लिए रिश्वत ली थी जो कथित तौर पर एक्सपायर हो चुके सामान बेच रहा था। इस हंगामे के बीच, कुछ लोगों ने उनके मुँह में एक्सपायर हो चुके बिस्किट ठूंसने की भी कोशिश की।

लेकिन इतना गुस्सा क्यों?

NDTV के अनुसार, यह गुस्सा एक स्थानीय पान की दुकान पर एक्सपायर्ड (समय-सीमा खत्म हो चुके) प्रोडक्ट बेचने के आरोपों की वजह से भड़का। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एक दो साल का बच्चा उस दुकान से खरीदे गए नमकीन स्नैक मिक्स को खाने के बाद बीमार पड़ गया और उसे चक्कर आने लगे।

बच्चे की हालत बिगड़ने पर उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

इस घटना से छत्रपति संभाजीनगर के लोगों में गुस्सा फैल गया और उन्होंने FDA ऑफिस से संपर्क करके शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद, FDA का एक अधिकारी मौके पर पहुंचा और दुकान की जांच शुरू की।

हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि जांच से पहले ही उस नमकीन स्नैक मिक्स को हटा दिया गया था, जिसका इस घटना से संबंध था। जांच के दौरान, अधिकारी को पान की दुकान पर एक्सपायर्ड बिस्कुट के कई पैकेट बिकते हुए मिले।

एक्सपायर्ड पैकेट जब्त तो कर लिए गए, लेकिन स्थानीय लोगों का दावा है कि दुकानदार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। उनका आरोप है कि अधिकारी रिश्वत लेकर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश कर रहा था।

बता दें कि यह घटना राज्य भर में खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ FDA की बड़ी कार्रवाई के दौरान सामने आई है। हाल के हफ्तों में, खाद्य कंपनियों को कई नोटिस जारी किए गए हैं और अधिकारी खाद्य पदार्थों में मिलावट, एक्सपायर्ड प्रोडक्ट्स की बिक्री और अन्य खामियों को लेकर जांच कर रहे हैं।

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राहुल गांधी का BJP-RSS पर सीधा हमला, ‘शुद्धीकरण’ को बताया आधुनिक छुआछूत, PM से FIR दर्ज कराने की मांग

राहुल गांधी का BJP-RSS पर सीधा हमला, 'शुद्धीकरण' को बताया आधुनिक छुआछूत, PM से FIR दर्ज कराने की मांग

Rahul Gandhi

Haldwani Shuddhikaran Controversy: हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद हुए कथित 'शुद्धीकरण' विवाद ने अब राष्ट्रीय राजनीति में तूल पकड़ लिया है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इस घटना को लेकर भाजपा और आरएसएस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने इसे महज एक धार्मिक अनुष्ठान मानने से इंकार करते हुए सीधे तौर पर 'छुआछूत की संकीर्ण मानसिकता' करार दिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश देने की मांग की है।

'शुद्धीकरण' छुआछूत का ही दूसरा नाम

हल्द्वानी के रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद हुए कथित शुद्धीकरण कांड पर राहुल गांधी ने आक्रामक रुख अपनाया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गांधी ने कहा कि यह देश में चल रही दो विपरीत विचारधाराओं की लड़ाई का जीता-जागता उदाहरण है— एक तरफ बाबा साहेब आंबेडकर, महात्मा गांधी और संविधान की सोच है, तो दूसरी तरफ भाजपा और आरएसएस का एजेंडा।

राहुल गांधी ने स्पष्ट लहजे में कहा कि शुद्धीकरण असल में छुआछूत का ही दूसरा रूप है। जब कोई दलित नेता किसी स्थान पर जाता है और उसके बाद वहां अनुष्ठान कराकर 'पवित्रता' की बात की जाती है, तो समाज में यह विषैला संदेश दिया जाता है कि दलित अशुद्ध है। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 17 इसे गंभीर अपराध मानता है, लेकिन इसे खुलेआम अंजाम दिया जा रहा है। ALSO READ: राहुल गांधी के सामने छात्रा ने उठाया AI और Cyber Security का मुद्दा, पूछा- महंगी पढ़ाई से गरीब छात्रों का क्या होगा

जातिगत भेदभाव पर सवाल, FIR की मांग 

हल्द्वानी की घटना को देश की व्यापक सामाजिक स्थिति से जोड़ते हुए कांग्रेस नेता ने कई जमीनी उदाहरण रखे। उन्होंने कहा कि आज भी कई जगहों पर दलित बच्चों से स्कूलों में झाड़ू लगवाने और शौचालय साफ कराने जैसे काम कराए जाते हैं, जिससे बाल मन पर गहरा सामाजिक भेदभाव घर कर जाता है। गांवों में आज भी दलितों को सार्वजनिक कुओं से पानी नहीं लेने दिया जाता और चाय की दुकानों पर उनके लिए अलग डिस्पोजेबल कप रखे जाते हैं। 

 

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह दलितों के स्वाभिमान की रक्षा करे। उन्होंने मांग की कि इस असंवैधानिक कृत्य में शामिल लोगों पर तुरंत आपराधिक मामला दर्ज किया जाए। उन्होंने कहा कि इस घटना को 20 दिन हो गए हैं, लेकिन अभी तक कोई एक्शन नहीं हुआ है, जो कि बहुत ही शर्मनाक है। 

क्या है पूरा हल्द्वानी विवाद?

दरअसल, हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की 'विजय शंखनाद रैली' आयोजित हुई, जिसे मल्लिकार्जुन खरगे ने संबोधित किया था। 10 अगस्त 2026 को श्री राम सेना नामक संगठन ने मैदान में हवन कर कथित 'शुद्धीकरण' किया। राहुल ने कहा कि खरगे के दलित होने के कारण जानबूझकर उनका और दलित समाज का अपमान किया गया। हालांकि, केन्द्रीय मंत्री जेपी नड्‍डा ने घटना की निंदा करते हुए भाजपा का इससे कोई संबंध होने से इनकार किया था। दूसरी ओर, उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का तर्क है कि सभा में मर्यादा के विपरीत नारे लगने के कारण स्थानीय लोगों ने यह कदम उठाया।

दिल्ली मेट्रो में खड़े दिखे पूर्व तेज गेंदबाज मैसूर एक्सप्रेस जवागल श्रीनाथ ने दिया सादगी का संदेश

दिल्ली मेट्रो में जब भारत के पूर्व तेज गेंदबाज जवागल श्रीनाथ  खड़े दिखे तो उन्हें मैट्रो में सफर करते देश कई लोग आशचर्यचकित हो गए। 90 के दशक में भारत के प्रमुख गेंदबाज एक सूटकेस लेकर कहीं जा रहे थे। उनका यह फोटो सोशल मीडिया पर खासा वायरल हुआ।

जवागल श्रीनाथ जब 90 के दशक में टीम इंडिया से जुड़े तो भारतीय टीम में तेज तर्रार गेंदबाज की कमी थी।उनकी तेज गेंदो के कारण उनको मैसूर एक्सप्रेस कहा जाने लगा। उनका गेंदबाजी एक्शन एक दम किताबी था। कर्नाटक के गेंदबाज श्रीनाथ ने 4 विश्वकप खेले।

नहीं मिला वह सम्मान जिसके वह हकदार थे

पोलॉक ने वेस्टइंडीज के पूर्व तेज गेंदबाज माइकल होल्डिंग और इंग्लैंड के स्टुअर्ट ब्रॉड के साथ एक कार्यक्रम पर कहा था, ‘मुझे लगता है कि भारत के जवागल श्रीनाथ को वह श्रेय नहीं मिला जिसके वह हकदार थे।’

पोलॉक की बात से कई लोग इत्तेफाक रखते हैं। हालांकि इसका एक कारण प्रतियोगिता भी हो सकता है। श्रीनाथ के दौर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तेज गेंदबाजों की शानदार जोड़िया थी। पाकिस्तान के वसीम अकरम और वकार यूनुस, वेस्टइंडीज के लिए कर्टली एम्ब्रोस और कर्टनी वाल्श, ऑस्ट्रेलिया के ग्लेन मैक्ग्रा और ब्रेट ली शामिल थे। न्यूजीलैंड की ओर से डियोन नैश और क्रिस क्रेन्स की जोड़ी थी। दक्षिण अफ्रीका टीम में खुद शॉन पॉलोक और एलेन डॉनाल्ड बहुत घातक थे।

इस कारण जवगल श्रीनाथ भारतीय फैंस के बीच तुलना के शिकार हो गए। उनकी वेंकटेश प्रसाद के साथ जोड़ी थी, इस जोड़ी ने भारत को बीच बीच में सफलता तो दिलाई लेकिन विदेशी गेंदबाजों जितनी प्रभावी यह जोड़ी नहीं थी।

ऐसा रहा करियर

जवागल श्रीनाथ 90 के दशक में भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण के अगुवा रहे। श्रीनाथ ने 1991 से 2003 के बीच 67 टेस्ट और 229 एकदिवसीय खेले है, जिसमें उन्होंने क्रमशः 236 और 315 विकेट लिए हैं।

SBI PO Prelims Result 2026: एसबीआई पीओ प्री परीक्षा का रिजल्ट जारी, 12 सितंबर को मेन्स परीक्षा में शामिल होंगे सफल उम्मीदवार

SBI PO Prelims Result 2026: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की प्रोबेश्नरी अधिकारी (PO) भर्ती 2026 की प्रीलिम्स परीक्षा में शामिल उम्मीदवारों के लिए अहम अपडेट है। इस परीक्षा का आयोजन चुनिंदा परीक्षा केंद्रों पर 01 और 02 अगस्त 2026 को किया गया था। बैंक ने एसबीआई पीओ प्री परीक्षा का रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट sbi.bank.in पर घोषित कर दिया है।

एसबीआई प्रोबेशनरी ऑफिसर प्रीलिम्स परीक्षा में शामिल उम्मीदवार अब एसबीआई करियर पोर्टल के जरिए अपना क्वालिफाइंग स्टेटस चेक कर सकते हैं। यह रिजल्ट 1,500 प्रोबेशनरी ऑफिसर पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया में पहला बड़ा स्क्रीनिंग स्टेज है। एसबीआई पीओ प्रीलिम्स रिजल्ट बैंक के आधिकारिक भर्ती पोर्टल के जरिए चेक किया जा सकता है। रिजल्ट में उन कैंडिडेट की डिटेल दर्ज है जिन्होंने प्रारंभिक परीक्षा का पहला चरण पास कर लिया है और दूसरे चरण में मुख्य परीक्षा में शामिल होने के लिए योग्य हैं।

यह भर्ती 1,500 प्रोबेशनरी ऑफिसर पदों के लिए की जा रही है। प्रीलिम्स परीक्षा 1 और 2 अगस्त को कई शिफ्ट में हुई थी, जिसमें कैंडिडेट का इंग्लिश लैंग्वेज, क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड और रीज़निंग एबिलिटी का टेस्ट लिया गया था।

एसबीआई पीओ प्रीलिम्स रिजल्ट 2026: डाउनलोड करने के स्टेप्स

एसबीआई पीओ प्री परीक्षा 2026 में शामिल उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर एसबीआई पीओ प्रीलिम्स रिजल्ट 2026 डाउनलोड करने के लिए यहां बताए गए स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं:

  • एसबीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और करियर सेक्शन, sbi.bank.in खोलें।
  • करंट ओपनिंग्स या रिक्रूटमेंट रिजल्ट्स सेक्शन में जाएं।
  • एडवर्टाइजमेंट नंबर CRPD/PO/2026-27/09 के तहत प्रोबेशनरी ऑफिसर्स के लिए रिक्रूटमेंट नोटिस ढूंढें।
  • प्रीलिमनरी एग्जामिनेशन रिजल्ट लिंक पर क्लिक करें।
  • रिजल्ट डॉक्यूमेंट स्क्रीन पर खुल जाएगा।
  • रोल नंबर सर्च करने के लिए कंप्यूटर पर Ctrl + F फंक्शन का इस्तेमाल करें।
  • जिन कैंडिडेट्स के रोल नंबर लिस्ट में हैं, उन्हें अगले स्टेज के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है।
  • रिजल्ट को भविष्य के लिए डाउनलोड करके सेव कर लें।

एसबीआई पीओ प्री रिजल्ट 2026 के बाद आगे क्या?

एसबीआई भर्ती प्री परीक्षा 2026 के जरिए 1500 पदों पर भर्ती होनी है। इसमें 1446 सामान्य पद हैं जबकि 54 पद बैकलॉग श्रेणी के हैं। इस चरण को पार करने वाले उम्मीदवार मेन्स परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड डाउनलोड कर पाएंगे। मेन्स परीक्षा 12 सितंबर 2026 को होगी। इसके बाद उम्मीदवारों को साइकोमेट्रिक टेस्ट, ग्रुप एक्सरसाइज और पर्सनल इंटरव्यू जैसे चरणों से भी गुजरना होगा।

मेन्स परीक्षा का वेटेज होगा 75%

एसबीआई पीओ भर्ती 2026 में शामिल सभी उम्मीदवारों को ध्यान रखना चाहिए कि प्री परीक्षा इस भर्ती प्रक्रिया का पहला स्क्रीनिंग चरण था। इसके बाद मुख्य परीक्षा दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण स्क्रीनिंग का चरण होगा। अंतिम चयन सूची तैयार करते वक्त मेन्स परीक्षा का वेटेज सबसे ज्यादा, यानी 75% रहेगा, जबकि इंटरव्यू और ग्रुप एक्सरसाइज को मिलाकर बाकी 25% अंक मिलेंगे। यानी मेन्स परीक्षा असली गेम चेंजर होगी। एसबीआई पीओ भर्ती 2026 की फाइनल मेरिट लिस्ट इसी साल के अंत तक जारी होने की उम्मीद जताई जा रही है।

Guest Faculty Recruitment 2026: राजस्थान में गेस्ट फैकल्टी के बंपरों पदों पर होगी भर्ती, विद्या संबल योजना के जरिए दूर होगी शिक्षकों की कमी

सुभाष चंद्रा के आरोपों पर रिलायंस का पलटवार, कहा- मीडिया प्लेटफॉर्म्स के गलत इस्तेमाल के दावे बेबुनियाद

सुभाष चंद्रा के आरोपों पर रिलायंस का पलटवार, कहा- मीडिया प्लेटफॉर्म्स के गलत इस्तेमाल के दावे बेबुनियाद

reliance industries

एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन सुभाष चंद्रा की ओर से मीडिया प्लेटफॉर्म्स के गलत इस्तेमाल करने के आरोपों को रिलायंस ने बयान जारी कर गलत बताया है। चंद्रा ने आरोप लगाया था कि रिलायंस की ओर से उन पर गलत आरोप लगाते हुए फेक खबरें प्लांट की जा रहीं हैं।

 

रिलायंस के प्रवक्ता ने बयान में कहा कि रिलायंस ग्रुप ने एसेल ग्रुप के चेयरमैन सुभाष चंद्रा की बेबुनियाद बातों पर निराशा जताई है। हम रिलायंस ग्रुप का हिस्सा रही मीडिया कंपनियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों और इशारों का सख्ती से खंडन करते हैं। हमारे मीडिया ब्रांड्स का इस्तेमाल कभी किसी पर हमला करने के लिए नहीं किया गया है और न ही कभी किया जाएगा। हम एक बिजनेसमैन और एंटरप्रेन्योर के तौर पर सुभाष चंद्रा का बहुत सम्मान करते हैं। हम उनके अच्छे भविष्य की कामना करते हैं।

 

इस सार्वजनिक बयानबाजी ने भारत के दो सबसे बड़े बिजनेस दिग्गजों के बीच सीधे टकराव को सबके सामने ला दिया है, जिसमें चंद्रा के आरोप खास तौर पर रिलायंस के मीडिया बिजनेस के कामकाज से जुड़े हैं।

 

क्या है मामला?

चंद्रा ने जी न्यूज़ के साथ एक इंटरव्यू में आरोप लगाया था कि इन मीडिया कंपनियों ने गलत दावा किया कि उनका 22,000 करोड़ रुपए का कर्ज NCLT के जरिए 6.5 करोड़ रुपए में निपटा दिया गया था।

 

उन्होंने दावा किया कि उन्होंने इस मुद्दे पर अंबानी से संपर्क करने की कोशिश की थी और कोई जवाब न मिलने पर उन्हें पत्र भी लिखा था। उन्होंने अंबानी से अपने और अपने ग्रुप के खिलाफ दुष्प्रचार रोकने को कहा और मीडिया नेटवर्क पर उनके खिलाफ टारगेटेड कैंपेन चलाने का आरोप लगाया।

 

एसेल ग्रुप के चेयरमैन ने 2019 की घटनाओं से जुड़े कई आरोप भी लगाए। उन्होंने दावा किया कि उस समय ज़ी के शेयर की कीमत में भारी गिरावट में अंबानी से जुड़ी कंपनियों की भूमिका थी। चंद्रा ने आरोप लगाया कि इसके बाद इन्वेस्को (Invesco) नाम के इन्वेस्टर के साथ मिलकर ज़ी को खरीदने की कोशिश की गई थी, जो इसलिए आगे नहीं बढ़ पाई क्योंकि प्रस्तावित व्यवस्था माइनॉरिटी शेयरहोल्डर्स के हित में नहीं थी।

 

चंद्रा ने कहा कि सालों के फाइनेंशियल स्ट्रेस और एसेट्स की बिक्री के बाद अब उनके पास खोने के लिए बहुत कम बचा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उन पर हमले जारी रहे तो वे अपना बचाव करेंगे। उन्होंने रिलायंस की मीडिया कंपनियों से यह भी कहा कि वे गलत तरीके से निशाना बनाने के बजाय सही रिपोर्टिंग करें।

Ather Konarc Image gallery

Ather Konarc Image gallery
Ather Konarc front three quarter

Ather has launched the Konarc electric scooter in India at its Annual community day, with prices starting at Rs 1 lakh (ex-showroom, Bengaluru). It is available in three variants – S 100, S 125 and S 161 – with the numbers corresponding to their respective IDC range figures.

The Konarc is aimed at delivering improved ride comfort and stability, with 90mm of front and 100mm of rear suspension travel. It has a 1,352mm wheelbase, the longest of any Ather scooter, along with a 14-inch front wheel and 12-inch rear wheel. The S 100 gets drum brakes at both ends, while the S 125 and S 161 get a 220mm front disc and 130mm rear drum.

The S 100 gets a 2.1kWh battery and produces 4kW and 16Nm, while the S 125 and S 161 use 2.7kWh and 3.5kWh batteries, respectively, and produce 4.7kW and 16Nm. All three have a claimed top speed of 70kph. While their TrueRange figures are 80km, 100km and 130km, respectively.

The Konarc offers 31 litres of underseat storage, along with an 18W USB Type-C port and an underseat lamp. The S 100 gets a 4.2-inch DeepView display, while the higher variants get a 7-inch DeepView display. Other features include Park Assist reverse, which uses the motor to help manoeuvre the scooter backwards, and AutoHold, which holds the scooter stationary when stopped.

The Konarc S 100 is priced at Rs 1 lakh, while the S 125 costs Rs 1.22 lakh and the S 161 is priced at Rs 1.45 lakh. Ather has also revealed Konarc Z variants with 125km and 161km IDC range figures, although their prices are yet to be announce

 

Union Budget 2027: यूनियन बजट 2027 बनाने की प्रक्रिया शुरू, सरकार ने जारी किया सर्कुलर

Union Budget 2027: बजट 2027 बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स (बजट डिविजन) ने सरकार के सभी मंत्रालयों को बजट सर्कुलर 2027-28 इश्यू कर दिया है। यूनियन बजट हर साल 1 फरवरी को पेश होता है। इस साल 1 फरवरी, 2027 को पेश होने वाला बजट वित्त वर्ष 2027-28 का केंद्र सरकार का बजट होगा।

12 अक्टूबर से प्री-बजट मीटिंग्स शुरू हो जाएंगी

मंत्रालयों को सर्कुलर जारी होने के साथ ही 2026-27 के रिवाइज्ड एस्टिमेट (RE) और 2027-28 के लिए बजट एस्टिमेट (BE) की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सर्कुलर में मंत्रालयों से दोनों का अनुमान पेश करने को कहा गया है। प्री-बजट मीटिंग्स का सिलसिला 12 अक्तूबर, 2026 से शुरू हो जाएगा। इसकी अध्यक्षता एक्सपेंडिचर सेक्रेटरी करेंगे।

6 अक्टूबर तक मंत्रालयों को अपनी मांग बतानी होगी

सभी मंत्रालयों और विभागों को पैसे की अपनी जरूरत के बारे में यूनियन बजट इंफॉर्मेशन सिस्टम (UBIS) को बताने को कहा गया है। उन्हें यह काम 6 अक्तूबर, 2026 तक पूरा करना होगा। उधर, पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार इस वित्त वर्ष में सरकारी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बेचकर अब तक 55,757 करोड़ रुपये जुटा चुकी है।

सरकार विनिवेश का 78 फीसदी लक्ष्य हासिल कर चुकी है

सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 में सरकारी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बेचकर 80,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य तय किया है। अब तक वह इस टारगेट का 78 फीसदी जुटा चुकी है। अभी इस वित्त वर्ष के खत्म होने में 7 महीने का समय बचा है। अनुमान है कि बाकी पैसा इस दौरान आसानी से जुटा लेगी।

मुश्किल में पेश होगा अगले वित्त वर्ष का बजट 

अगले वित्त वर्ष का यूनियन बजट ऐसे वक्त में पेश होने जा रहा है, जब इकोनॉमी के सामने कई चुनौतियां हैं। वैश्विक स्थितियां खासकर मध्यपूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच टकराव का असर भारत सहित दुनियाभर की अर्थव्यवस्था पर पड़ा रहा है। क्रूड की कीमतों में उछाल से महंगाई लगातार बढ़ रही है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर महंगाई कंट्रोल में नहीं आती है तो इसका असर जीडीपी ग्रोथ पर भी पड़ेगा। इधर, डॉलर के मुकाबले रुपये में काफी गिरावट आई है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने रुपये पर दबाव बढ़ाया है।

अगले साल यूपी चुनावों का असर बजट पर दिख सकता है

सरकार और आरबीआई की कोशिश महंगाई को जल्द से जल्द काबू में करने पर होगी। उधर, अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। यह आबादी के लिहाज से देश का सबसे बड़ा राज्य है। 1 फरवरी, 2027 को पेश होने वाले बजट पर यूपी चुनावों को असर दिख सकता है। सरकार बजट में विदेशी निवेश बढ़ाने वाले उपायों का ऐलान कर सकती है।

CBSE Class 12 Supplementary Result 2026: 12वीं के सप्लिमेंट्री परीक्षा रिजल्ट के बाद रि-इवैल्युएशन की प्रक्रिया शुरू, जानें कब से करें आवेदन

CBSE Class 12 Supplementary Result 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 12 की पूरक परीक्षा (Supplementary exam) 2026 में हिस्सा लेने वाले छात्रों के लिए अहम घोषणा की है। इस परीक्षा में हिस्सा लेने वाले छात्रों का रिजल्ट जारी हो चुका है। इसके बाद अब बोर्ड ने छात्रों के लिए रिजल्ट के बाद मिलने वाली सुविधाओं का शेड्यूल घोषित कर दिया है। यह नोटिस 27 अगस्त को जारी किया गया है।

नोटिस के मुताबिक, उम्मीदवार पहले अपनी मूल्यांकन की हुई आंसर बुक की स्कैन कॉपी के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद अंकों का सत्यापन, री-इवैल्यूएशन, या दोनों करवा सकते हैं। बोर्ड ने छात्रों को सलाह दी है कि वे बताए गए कार्यक्रम और निर्देशों का ध्यान से पालन करें, क्योंकि डेडलाइन के बाद या ऑफलाइन मोड से जमा किए गए आवेदन स्वीकार एक्सेप्ट नहीं किए जाएंगे।

सीबीएसई कक्षा 12 सप्लीमेंट्री 2026: जरूरी तारीखें और फीस

नोटिस के एनेक्सर I में दिए गए शेड्यूल के मुताबिक, छात्र 31 अगस्त से 1 सितंबर, 2026 तक अपनी मूलयांकन की हुई आंसर बुक की स्कैन कॉपी के लिए आवेदन कर सकते हैं। फीस 100 रुपये प्रति विषय है। जिन उम्मीदवारों को स्कैन कॉपी मिलेगी, वे फिर मार्क्स के वेरिफिकेशन, री-इवैल्यूएशन, या दोनों के लिए अप्लाई कर सकते हैं।

स्कैन की हुई आंसर बुक : 31 अगस्त से 1 सितंबर

स्कैन की हुई कॉपी की फीस : हर विषय के लिए 100 रुपये

मार्क्स का वेरिफिकेशन : 7 से 8 सितंबर

री-इवैल्यूएशन : 7 से 8 सितंबर

वेरिफिकेशन फीस : हर आंसर बुक के लिए 100 रुपये

री-इवैल्यूएशन फीस : हर सवाल के लिए 100 रुपये

सीबीएसई सप्लीमेंट्री रिजल्ट 2026: छात्र मार्क्स को कैसे चैलेंज कर सकते हैं?

छात्रों को सबसे पहले मूल्यांकन की हुई आंसर बुक की स्कैन की हुई कॉपी लेनी होगी। इसे मिलने के बाद, वे मूल्यांकन, टोटलिंग या कवर पेज पर डाले गए अंकों में अंतर चेक कर सकते हैं। री-इवैल्यूएशन रिक्वेस्ट सिर्फ थ्योरी वाले हिस्से और पूरे सवाल के लिए स्वीकार की जाएंगी, किसी सवाल के हिस्से के लिए नहीं।

सभी आवेदन और शुल्क भुगतान सिर्फ तय प्रक्रिया के जरिए ऑनलाइन एक्सेप्ट किए जाएंगे। सीबीएसई ने यह भी कहा है कि एक भी अंक की कमी को ध्यान में रखा जाएगा। री-इवैल्यूएशन का नतीजा फाइनल होगा, जिसमें आगे कोई अपील या रिव्यू नहीं होगा।

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₹99,999 में लॉन्च Ather का नया स्कूटर, Konark की मार्केट में इनसे होगी भिड़ंत

Ather Energy New Launch: दिग्गज दोपहिया इलेक्ट्रिक कंपनी एथर एनर्जी ने आज 29 अगस्त को अपना नया इलेक्ट्रिक स्कूटर कोणार्क (Konark) लॉन्च किया है। इसकी शुरुआती कीमत कंपनी ने ₹99,99 रखी है। इसके जरिए कंपनी ने मास-मार्केट सेगमेंट में एंट्री की है। इससे पहले एथर की पहचान मुख्य रूप से प्रीमियम/स्पोर्टी इलेक्ट्रिक स्कूटर्स से थी लेकिन अब कोणार्क के साथ इसने पहली बार बड़े मास-मार्केट सेगमेंट में गंभीरता से प्रवेश किया है। कंपनी ने इसे अपने सालाना कम्युनिटी डे प्रोग्राम में लॉन्च किया है।

Ather Energy के Konark की खास बातें

एथर एनर्जी ने कोणार्क की शुरुआती कीमत ₹99,999 रखी है।

यह स्कूटर कई अलग-अलग रेंज कॉन्फिगरेशन में उपलब्ध होगा। इस लाइनअप में 100 किलोमीटर रेंज वाला वेरिएंट ₹99,999 और 125 किलोमीटर रेंज वाला वेरिएंट ₹1,21,999 है। दोनों की बिक्री सितंबर 2026 में शुरू होने वाली है।

161 किमी रेंज वाला एक और वैरिएंट आने वाला है जिसकी कीमत ₹1,44,999 रखी गई है तो 200 किमी रेंज वाले कोणार्क को भी Q3 2027 में लाने की योजना है। एथर के प्रोडक्ट रोडमैप में कोणार्क जेड भी है, जिसके 125 किमी और 161 किमी रेंज वाला वेरिएंट Q2 2027 में आ सकता है।

यह एथर के न्यू-जेनेरेशन ईएल प्लेटफॉर्म पर बनाया जाने वाला पहला प्रोडक्शन स्कूटर है।

कोणार्क के साथ एथर अपने पोर्टफोलियो को 450 और रिट्जा की रेंज से आगे बढ़ाया है।

कोणार्क के दाम एथर की ही रिट्जा से कम रखे गए हैं और मार्केट में इसकी सीधे टीवीएस और बजाज से भिड़ंत होगी। ₹99,999 की कीमत पर इसका एंट्री-लेवल वेरिएंट टीवीएस आईक्यूब (TVS iQube) और बजाज चेतक सी2501 (Bajaj Chetak C2501) की कीमत के लगभग बराबर है। वहीं ₹1,21,999 वाला 125 किलोमीटर रेंज का कोणार्क की भिड़ंत एथर के ही एंट्री-लेवल रिट्जा एस (Rizta S) के मुकाबले में आ जाता है, जिसकी शुरुआती कीमत ₹1,21,499 है।

कीमत के मुकाबले रेंज की बात करें तो कोणार्क का 100 किलोमीटर वाला वेरिएंट चेतक सी2501 की 113 किलोमीटर और एंट्री-लेवल आईक्यूब की 114 किलोमीटर रेंज के मुकाबले अधिक स्पष्ट फायदा नहीं देता है। हालांकि 144 किलोमीटर वाला वेरिएंट अधिक क्षमता वाले iQube और Chetak वेरिएंट के करीब पहुंचता है, तो यह एथर की अधिक प्रीमियम 450 रेंज से नीचे रहता है।

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