छतरपुर में अजयपार धाम के बाबा करण कुशवाहा के पैरों के पास आया सांप, घबराकर हुए बेहोश, अस्पताल से मिली छुट्टी

छतरपुर में अजयपार धाम के बाबा करण कुशवाहा के पैरों के पास आया सांप, घबराकर हुए बेहोश, अस्पताल से मिली छुट्टी

ajay par baba

मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में अजयपार धाम के बाबा करण कुशवाहा के साथ रात के समय एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। अचानक उनके पैरों के पास सांप आ गया और इसी दौरान उनका पैर सांप पर पड़ गया। इस घटना से घबराकर बाबा बेहोश हो गए। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के बाद उनकी हालत सामान्य हो गई और डॉक्टरों ने उन्हें छुट्टी दे दी।

अचानक पैरों के पास आ गया सांप

जानकारी के मुताबिक, रात के समय बाबा करण कुशवाहा के पैरों के पास अचानक सांप आ गया। इसी दौरान उनका पैर सांप पर पड़ गया। अचानक हुई इस घटना से वह घबरा गए और बेहोश हो गए। घटना के बाद उन्हें तत्काल उपचार के लिए छतरपुर के क्रिश्चियन हॉस्पिटल ले जाया गया।

अस्पताल में डॉक्टरों ने किया इलाज

बाबा करण कुशवाहा को अस्पताल में भर्ती कर डॉक्टरों ने उनका उपचार किया। कुछ घंटे बाद उनकी हालत सामान्य होने पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इस घटना से अजयपार धाम से जुड़े लोगों और उनके अनुयायियों के बीच चिंता का माहौल बन गया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार उपचार के बाद बाबा की हालत सामान्य हो गई।

कुमाऊं से दिल्ली-एनसीआर पहुंचना हुआ आसान! पंतनगर से नोएडा एयरपोर्ट के बीच मिली सीधी फ्लाइट से ये सारे फायदे

कुमाऊ क्षेत्र को दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जोड़ने वाली हवाई यातायात से पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। पंतनगर और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच इंडिगो की सीधी उड़ान सेवा से यात्रियों को आवागमन का एक सुविधाजनक विकल्प मिल रहा है। इससे हल्द्वानी, नैनीताल, भीमताल, मुक्तेश्वर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख आर्थिक, व्यावसायिक और शैक्षणिक केंद्रों तक पहुंचने में सहूलियत मिलेगी।

अब तक लंबी दूरी की यात्रा के लिए सड़क मार्ग पर निर्भर रहने वाले यात्रियों को हवाई सफर का एक अतिरिक्त विकल्प मिल रहा है। इससे कारोबारियों, पर्यटकों, विद्यार्थियों और परिवारों को समय के बेहतर प्रबंधन के साथ यात्रा की योजना बनाने में मदद मिल सकती है। खास तौर पर दिल्ली, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद जैसे शहरों से संपर्क बेहतर होने से कुमाऊं और एनसीआर के बीच आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

पर्यटन और धार्मिक यात्राओं को मिलेगा बढ़ावा

कुमाऊं अपनी प्राकृतिक सुंदरता, झीलों, पहाड़ों और धार्मिक स्थलों के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। नैनीताल, भीमताल और मुक्तेश्वर जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंचने वाले यात्रियों के लिए बेहतर हवाई संपर्क क्षेत्र की पर्यटन अर्थव्यवस्था को लाभ पहुंचा सकता है। वहीं, कुमाऊं से दिल्ली और आसपास के धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों, जैसे मथुरा, वृंदावन और आगरा, की यात्रा करने वालों को भी आगे की यात्रा की योजना बनाने में सुविधा मिल सकती है।

बेहतर कनेक्टिविटी से होटल, टैक्सी, स्थानीय परिवहन, रेस्तरां और पर्यटन से जुड़े दूसरे व्यवसायों के लिए भी नए अवसर पैदा हो सकते हैं। पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से स्थानीय रोजगार और छोटे कारोबार को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

देश के बड़े शहरों तक पहुंच का नया विकल्प

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के माध्यम से इंडिगो के व्यापक नेटवर्क से जुड़कर यात्री मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे प्रमुख महानगरों के लिए आगे की यात्रा के विकल्प तलाश सकते हैं। इससे कुमाऊं के व्यापारियों और उद्यमियों को देश के विभिन्न बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, आगे की यात्रा की उपलब्धता संबंधित उड़ानों के कार्यक्रम और कनेक्शन पर निर्भर करेगी।

कार्गो सुविधाओं से कारोबार को नई उम्मीद

यात्री सुविधाओं के साथ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का कार्गो इंफ्रास्ट्रक्चर भी क्षेत्रीय कारोबार के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्थानीय व्यवसायों की जरूरतों के अनुरूप कार्गो सेवाओं का बेहतर उपयोग होने पर माल की आवाजाही को अधिक सुविधाजनक बनाने में मदद मिल सकती है। इससे क्षेत्र के उद्योगों, व्यापारियों और अन्य कारोबारी इकाइयों को व्यापक बाजारों से जुड़ने के अवसर मिल सकते हैं।

इसी दिशा में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, इंडिगो और एयर इंडिया सैट्स ने पंतनगर में ट्रैवल एवं ट्रेड समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ रोडशो आयोजित किया। इसमें कुमाऊं गढ़वाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (केजीसीसीआई), ट्रैवल एजेंटों, फ्रेट फॉरवर्डर्स और कॉरपोरेट प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में यात्री कनेक्टिविटी, आगे की यात्रा के विकल्पों, एयरपोर्ट सुविधाओं और कार्गो संबंधी संभावनाओं पर चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने किफायती किराए, अधिक यात्रा विकल्पों और बेहतर कार्गो मूवमेंट की जरूरत पर जोर दिया।

यात्रियों को मिलेंगे विशेष ऑफर

पंतनगर से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की उड़ानों से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए कुछ विशेष प्रमोशनल ऑफर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पंतनगर का बोर्डिंग पास दिखाने पर एयरपोर्ट के चुनिंदा डाइनिंग आउटलेट्स, जिनमें कोस्टा कॉफी, केएफसी, सबवे, चाय पॉइंट और स्मूर शामिल हैं, पर 10% तक की छूट मिलेगी, जिसकी अधिकतम सीमा 200 रुपये है। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक टैक्सी और कार रेंटल सेवाओं पर 40% तक की छूट का भी प्रावधान है। इन ऑफर्स की लागू शर्तें संबंधित सेवा प्रदाताओं पर निर्भर करेंगी।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के वाइस प्रेसिडेंट क्रिस्टोफ श्नेलमैन के अनुसार, पंतनगर-नोएडा एयरपोर्ट मार्ग कुमाऊँ के यात्रियों के लिए यात्रा के विकल्प बढ़ाने के साथ दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख आध्यात्मिक एवं व्यावसायिक केंद्रों तक पहुंच आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

कुल मिलाकर, पंतनगर और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच हवाई संपर्क कुमाऊं के लिए केवल यात्रा का नया विकल्प नहीं, बल्कि पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय आर्थिक विकास की संभावनाओं को मजबूत करने वाला कदम भी साबित हो सकता है।

ग्रेटर नोएडा से पवन गुप्ता की रिपोर्ट

Southwest monsoon: 12% कम बारिश के साथ पूरी तरह वापस लौटा दक्षिण पश्चिम मॉनसून, 21 अक्टूबर तक उत्तर पूर्व मॉनसून फिर लाएगा बारिश

Gold Silver Prices Today: दिल्ली में लगातार चौथे दिन फिसला सोना, चांदी एक दिन में ₹6000 गिरी

Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में 15 अक्तूबर को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट आई। सोने में लगातार चौथे दिन गिरावट आई। यह 900 रुपये गिरकर 1,49,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती और कमजोर फिजिकल डिमांड का असर सोने की कीमतों पर पड़ा।

चांदी में 6000 रुपये की गिरावट 

दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी में भी बड़ी गिरावट आई। यह 6000 रुपये गिरकर 2.15 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। सोने में भी लगातार चौथे दिन गिरावट आई। एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर एनालिस्टस सौमिल गांधी ने कहा कि रुपये में मजबूती और कमजोर डिमांड की वजह से सोने की कीमतों में नरमी दिखी।

रुपया लगातार पांचवें दिन चढ़ा

डॉलर के मुकाबले रुपये में लगातार चौथे दिन मजबूती आई। यह 12 पैसे की मजबूती के साथ 95.05 के लेवल पर बंद हुआ। आरबीआई ने पिछले हफ्ते रुपये पर दबाव घटाने के लिए कई कदम उठाए थे। इसका असर रुपये पर दिख रहा है। रुपये में मजबूती से सोने की इंपोर्ट कॉस्ट घट जाती है, जिसका असर इसकी कीमतों पर पड़ता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में तेजी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में अच्छी रिकवरी दिखी। सोना 1.22 फीसदी चढ़कर 4,157 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। चांदी 1.84 फीसदी की तेजी के साथ 56 डॉलर प्रति औंस पर थी। इससे पहले के सत्र में सोने और चांदी में गिरावट आई थी। खासकर चांदी में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी।

डॉलर इंडेक्स में गिरावट से सोने को सपोर्ट

मिरै एसेट शेयरखान में कमोडिटीज हेड प्रवीण सिंह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में तेजी की वजह डॉलर इंडेक्स में गिरावट है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी का असर डॉलर इंडेक्स पर पड़ा है। हालांकि, अमेरिका में रिटेल इनफ्लेशन बढ़ा है। इससे इस महीने के आखिर में इंटरेस्ट रेट बढ़ने की संभावना बढ़ी है।

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बुलियन मार्केट की नजरें फेड की पॉलिसी पर 

इस महीने के अंत में फेडरल रिजर्व की मॉनेटरी पॉलिसी आने वाली है। इस बीच, क्रूड ऑयल की कीमतों में हल्की नरमी दिखी है। हालांकि, ब्रेट क्रूड अब भी 104 डॉलर प्रति बैरल पर है। बुलियन मार्केट की नजरें फेड की पॉलिसी पर लगी हैं। अगर फेड इंटरेस्ट रेट बढ़ाता है तो सोने पर दबाव बढ़ सकता है।

दुर्गा पूजा में खींचनी हैं शानदार तस्वीरें? ₹30,000 से कम में खरीदें ये 5 कैमरा स्मार्टफोन

Best Camera Smartphones Under ₹30,000: दुर्गा पूजा शुरू होते ही सड़कों पर रोशनी, जगमगाते दीये और लोगों की भीड़ देखने को मिलती है। ऐसे माहौल में अच्छी तस्वीरें खींचने के लिए एक बढ़िया कैमरा फोन होना जरूरी है। अगर आप ज्यादा पैसे खर्च किए बिना नया स्मार्टफोन खरीदना चाहते हैं, तो आपके लिए अच्छा मौका है। दरअसल, Amazon और Flipkart पर इन दिनों खास सेल चल रही है। इन सेल में ₹30,000 से कम कीमत वाले कई स्मार्टफोन पर छूट मिल रही है। इसके अलावा, ग्राहकों को बैंक ऑफर और पुराने फोन को एक्सचेंज करने पर अतिरिक्त छूट का फायदा भी मिल सकता है।

यहां कुछ ऐसे स्मार्टफोन दिए गए हैं जो खास तौर पर बेहतरीन कैमरा के लिए जाने जाते हैं। आप इस फेस्टिव सीजन में 30,000 रुपये से कम कीमत वाले इन स्मार्टफोन्स पर विचार कर सकते हैं।

Samsung Galaxy A56 5G

Samsung Galaxy A56 5G में तीन रियर कैमरे दिए गए हैं, जो अलग-अलग तरह की तस्वीरें खींचने में अच्छा प्रदर्शन करते हैं। यह फोन फ्रंट और रियर, दोनों कैमरों से 4K वीडियो रिकॉर्डिंग को सपोर्ट करता है। इसके 50MP के मेन कैमरे से साफ और शानदार रंगों वाली तस्वीरें मिलती हैं। साथ ही, यह कैमरा रोशनी और अंधेरे के बीच के अंतर को भी अच्छी तरह कैप्चर करता है।

फोन में 12MP का अल्ट्रावाइड कैमरा भी दिया गया है, जो मेन कैमरे जैसी ही अच्छी तस्वीरें खींचता है। वहीं, इसका 12MP का फ्रंट कैमरा सेल्फी में चेहरे को साफ दिखाता है और त्वचा के रंग को भी प्राकृतिक बनाए रखता है।

Vivo V60e 5G

Vivo V60e 5G भी ₹30,000 से कम कीमत में अच्छी फोटोग्राफी के लिए एक बढ़िया विकल्प है। इसकी सबसे बड़ी खासियत 200MP का प्राइमरी कैमरा है। इसमें OIS यानी ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन का सपोर्ट भी मिलता है, जिससे रात में तस्वीरें खींचते और वीडियो रिकॉर्ड करते समय धुंधलापन कम होता है।

फोन में Vivo की खास रियर रिंग लाइट भी दी गई है, जो कम रोशनी में तस्वीरें खींचने और पोर्ट्रेट फोटो को बेहतर बनाने में मदद करती है। इसके अलावा, फोन में 50MP का सेल्फी कैमरा मिलता है। यह ग्रुप सेल्फी लेते समय भी लोगों के चेहरों पर फोकस बनाए रखने में मदद करता है।

Motorola Edge 70 Fusion

Motorola Edge 70 Fusion में एक संतुलित कैमरा सिस्टम दिया गया है, जिसमें मुख्य रूप से भरोसेमंद 50MP का सोनी LYTIA 710 प्राइमरी सेंसर लगा है। इस कीमत वाले अन्य स्मार्टफोन्स के मुकाबले, इसमें 13MP का हाई-रिजॉल्यूशन अल्ट्रावाइड सेंसर है, जो सामान्य 8MP अल्ट्रावाइड सेंसर की तुलना में कहीं अधिक स्पष्ट तस्वीरें देता है। हालांकि, इसमें कोई समर्पित टेलीफोटो सेंसर नहीं है, फिर भी इसके 2x जूम वाले शॉट्स जल्दी फोटो लेने के काम के लिए काफी अच्छे हैं। इसका 32MP का फ्रंट कैमरा तेज बैकग्राउंड कंट्रास्ट को भी आसानी से संभाल लेता है, जिससे तस्वीरें प्राकृतिक रंगों और एकसमान स्किन टोन के साथ आती हैं।

Vivo T5 Pro

हालांकि, Vivo T5 Pro अपनी बड़ी 9,020 mAh बैटरी के लिए सबसे ज्यादा जाना जाता है, लेकिन इसका कैमरा सिस्टम भी हर तरह की लाइटिंग में एक भरोसेमंद ‘पॉइंट-एंड-शूट’ सेटअप की तरह काम करता है। इस डिवाइस में 50MP का सोनी IMX882 प्राइमरी सेंसर है, जो बहुत ही शार्प और बेहतरीन तस्वीरें देता है। इसके अलावा, इसका 32MP का सेल्फी कैमरा बहुत ही शानदार क्लैरिटी देता है, जिसमें चेहरे की बारीक रेखाएं और बाल भी एकदम साफ दिखाई देते हैं। इन सभी खूबियों की वजह से, यह पूरे दिन फोटोग्राफी करने के लिए एक बेहतरीन फोन है—खासकर तब, जब इसकी मौजूदा कीमत 30,000 रुपये से भी कम है।

OnePlus Nord CE 6 Lite

OnePlus Nord CE 6 Lite, फोटोग्राफी के लिए 30,000 रुपये से कम कीमत में एक बेहतरीन विकल्प है। इसमें 50MP का प्राइमरी कैमरा और साथ ही 2MP का सेंसर दिया गया है। इसके अलावा, इस फोन में 32MP का फ्रंट कैमरा भी मौजूद है।

सीधी धूप में इस फोन से ली गई तस्वीरों में बारीक डिटेल्स साफ नजर आती हैं, साथ ही रंगों का सटीक रिप्रजेंटेशन और बेहतरीन सैचुरेशन देखने को मिलता है। पोर्ट्रेट मोड के लिए, 50MP का सेंसर और 2MP का डेप्थ सेंसर मिलकर काम करते हैं, जिससे एज डिटेक्शन (किनारों की पहचान) काफी सटीक रहती है। 8MP का फ्रंट कैमरा भी बेहतरीन सेल्फी अनुभव देता है, जिसमें रंगों का सटीक रिप्रजेंटेशन और शार्प फोकस मिलता है।

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Southwest monsoon: 12% कम बारिश के साथ पूरी तरह वापस लौटा दक्षिण पश्चिम मॉनसून, 21 अक्टूबर तक उत्तर पूर्व मॉनसून फिर लाएगा बारिश

Southwest monsoon: भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने गुरुवार को कहा कि देश से दक्षिण पश्चिम मॉनसून पूरी तरह वापस चला गया है। मौसम एजेंसी ने इसी दिन दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में उत्तर पूर्वी मॉनसून के आने का भी ऐलान किया। आईएमडी के मुताबिक, उत्तर पूर्व मॉनसून की वजह से तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, कोस्टल आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, साउथ अंदरूनी कर्नाटक, केरल और माहे में बारिश हुई।

उत्तर पूर्व मॉनसून के आने के बाद 21 अक्टूबर तक दक्षिण प्रायद्वीप भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश के साथ बारिश का अनुमान है। भारत में दो बड़े मॉनसून सिस्टम होते हैं, जून से सितंबर तक दक्षिण पश्चिम मॉनसून और अक्टूबर से दिसंबर तक उत्तर पूर्व मॉनसून रहता है, जिसे रिट्रीटिंग मॉनसून भी कहा जाता है।

दक्षिण पश्चिम मॉनसून को भारत की खेती और अर्थव्यवस्था के लिए बहुत जरूरी माना जाता है क्योंकि यह सीधे खरीफ फसल के मौसम को प्रभावित करता है। वहीं, उत्तर पूर्व मॉनसून कम आक्रामक होता है, लेकिन यह रबी फसल की पैदावार को सहयोग करने में, खासकर दक्षिण के राज्यों में, एक अहम रोल निभाता है।

आईएमडी ने कहा कि इस साल दक्षिण पश्चिम मॉनसून 759.4 mm बारिश के साथ खत्म हुआ, जो सामान्य औसत 868.6 mm से 12.6% कम था। एजेंसी ने बारिश में कमी के लिए ट्रॉपिकल प्रशांत महासागर में मौजूदा एल नीनो परिस्थिति को जिम्मेदार बताया। यह जून में सामने आया था और लगातार मजबूत होता जा रहा है।

एल नीनो मौसम का एक पैटर्न है जो पैसिफिक रीजन में समुद्र के तापमान और वातावरण परिस्थितियों में बदलाव से जुड़ा है। यह आमतौर पर भारत में मॉनसून की बारिश को कम करता है, जबकि इसका उल्टा फेज, ला नीना, अक्सर दुनिया का तापमान ठंडा करता है और बारिश के पैटर्न पर असर डाल सकता है।

वर्ल्ड मेटियोरोलॉजिकल ऑर्गनाइजेशन (WMO) समेत वैश्विक मौसम एजेंसियों ने अनुमान लगाया है कि मौजूदा एल नीनो प्रभाव दिसंबर 2026 में शिखर पर हो सकता है। यह 1950 में ऑब्जर्वेशन शुरू होने के बाद से अब तक का सबसे मजबूत रिकॉर्ड बन सकता है। ये हालात फरवरी 2027 तक जारी रहने की उम्मीद है।

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मुस्कान कैदी नंबर 396, साहिल 395… जेल में बदली पहचान, जानिए जेल में दोनों को क्या काम मिलेगा?

मुस्कान कैदी नंबर 396, साहिल 395… जेल में बदली पहचान, जानिए जेल में दोनों को क्या काम मिलेगा?

meerut neela durm hatayakand

कभी नाम से पहचाने जाने वाले मुस्कान और साहिल की अब मेरठ जिला जेल में नई पहचान बन गई है। साहिल को कैदी नंबर 395 और मुस्कान को कैदी नंबर 396 आवंटित किया गया है। चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में अदालत से फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद दोनों की जेल में दिनचर्या बदलने लगी है। अब उनकी पहचान, कामकाज और निगरानी की व्यवस्था सजायाफ्ता कैदियों के लिए निर्धारित नियमों के मुताबिक की जा रही है। जेल की चारदीवारी के भीतर दोनों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल अपने भविष्य और आगे की कानूनी लड़ाई को लेकर है।

बैरक भी अलग, जिम्मेदारियां भी होंगी अलग-अलग

मेरठ जेल में मुस्कान को महिला बंदियों की बैरक संख्या 12बी में रखा गया है, जबकि साहिल बैरक नंबर 15 में रहेगा। दोनों की गिनती और रिकॉर्ड कैदी नंबर के आधार पर दर्ज किए जा रहे हैं। जेल में दोनों अलग-अलग रहेंगे और उनकी दिनचर्या भी अलग होगी।

 

जेल प्रशासन के मुताबिक, सजायाफ्ता कैदियों के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार उनके कामकाज की व्यवस्था की जाती है। इसी क्रम में मुस्कान ने सिलाई और कढ़ाई सीखने की इच्छा जताई थी। अब वह जेल में कपड़ों की सिलाई का काम करेगी। दूसरी ओर, साहिल को खेतीबाड़ी और बागवानी से जुड़े काम में लगाया जाएगा। इस तरह जेल के भीतर दोनों की दिनचर्या अलग-अलग जिम्मेदारियों के साथ आगे बढ़ेगी।

लखनऊ और आगरा जेल भेजे जाने की संभावना

मेरठ जेल में दोनों की आगे की व्यवस्था को लेकर भी चर्चा है। जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा के मुताबिक, जेल के नियमों के तहत दोनों को दूसरी जेल में स्थानांतरित किया जा सकता है। मुस्कान को लखनऊ स्थित नारी निकेतन और साहिल को आगरा जेल भेजे जाने की संभावना है। हालांकि, यह फैसला संबंधित स्थानों पर उपलब्धता और नियमानुसार प्रक्रिया के आधार पर आगामी दिनों में लिया जा सकता है।

 

फिलहाल दोनों मेरठ जिला जेल में ही हैं। दूसरी जेल में स्थानांतरण को लेकर अंतिम निर्णय होने तक उनकी व्यवस्था जेल प्रशासन के निर्देशों के अनुसार संचालित होगी।

भविष्य की चिंता…. 

अदालत के फैसले के बाद मुस्कान और साहिल के सामने अब कानूनी प्रक्रिया का अगला चरण है। दोनों अपने भविष्य को लेकर चिंतित बताए जा रहे हैं और जेल प्रशासन से यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आगे क्या होगा और अपील की प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ेगी। फांसी की सजा के बाद दोनों की कानूनी लड़ाई का अगला पड़ाव अब महत्वपूर्ण होगा। हालांकि, सजा के खिलाफ अपील और आगे की न्यायिक प्रक्रिया का निर्णय संबंधित कानूनी कार्यवाही के तहत होगा।

दोनों बच्चियों की चिंता में भावुक हो रही मुस्कान

अब दोनों के सामने जेल द्वारा निर्धारित दिनचर्या के साथ-साथ आगे की कानूनी प्रक्रिया चलेगी।वहीं मुस्कान के लिए अपनी बच्चियों की चिंता सर्वोपरि है। उसके आंखें बार-बार नम हो रही है कि यदि उसे जल्दी ही फांसी हो गई तो उसकी छोटी बेटी की देखभाल कौन करेगा।

 

Yes Bank News: यस बैंक ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर तोड़ी चुप्पी, शेयर 14% क्रैश होने के बाद कही ये बात

Yes Bank News: प्राइवेट सेक्टर के यस बैंक के शेयरों में गुरुवार, 15 अक्टूबर को भारी गिरावट आई। कारोबार के दौरान स्टॉक करीब 14% तक टूट गया। मामला 8,415 करोड़ रुपये के AT-1 बॉन्ड से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट ने इन बॉन्ड को राइट ऑफ करने का फैसला रद्द कर दिया है। इसके बाद बैंक ने कहा कि वह कोर्ट के फैसले और उसके असर की जांच कर रहा है।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) ने भी शेयर में गिरावट को लेकर बैंक से जवाब मांगा था। इसके बाद यस बैंक ने कहा कि वह फैसले की पूरी कॉपी हासिल कर रहा है। उसे पढ़ने और उसके असर को समझने के बाद बैंक जरूरत के मुताबिक आगे जानकारी देगा।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट ने 15 अक्टूबर को यस बैंक के 8,415 करोड़ रुपये के AT-1 बॉन्ड राइट ऑफ करने के फैसले को खारिज कर दिया। कोर्ट ने बॉम्बे हाई कोर्ट के 2023 के फैसले को बरकरार रखा। यस बैंक और दूसरे पक्षों की अपील भी खारिज कर दी गई।

कोर्ट के मुताबिक, बैंक के पुनर्गठन की अंतिम योजना में इन बॉन्ड को राइट ऑफ करने का साफ प्रावधान नहीं था। इसलिए बैंक के एडमिनिस्ट्रेशन को ऐसा करने का अधिकार नहीं था।

AT-1 बॉन्ड क्या होते हैं?

AT-1 बॉन्ड बैंकों के लिए पूंजी जुटाने का एक तरीका हैं। बैंक इनसे निवेशकों से पैसा जुटाते हैं और बदले में ब्याज देते हैं। लेकिन इनमें जोखिम भी ज्यादा होता है। बैंक की वित्तीय हालत बहुत खराब होने पर नियमों और शर्तों के तहत इन बॉन्ड की रकम घटाई या पूरी तरह खत्म की जा सकती है।

यस बैंक ने दिसंबर 2016 में 3,000 करोड़ रुपये के AT-1 बॉन्ड जारी किए थे। इसके बाद अक्टूबर 2017 में 5,415 करोड़ रुपये के और बॉन्ड जारी किए गए। इस तरह कुल रकम 8,415 करोड़ रुपये थी।

2020 में क्या हुआ था?

मार्च 2020 में यस बैंक गंभीर वित्तीय संकट में फंस गया था। उस समय केंद्र सरकार ने बैंक पर करीब एक महीने के लिए मोरेटोरियम लगाया था। यानी बैंक से पैसे निकालने पर कुछ समय के लिए पाबंदियां लगाई गई थीं। इसके बाद बैंक के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू हुई।

इसी दौरान नियुक्त एडमिनिस्ट्रेशन ने AT-1 बॉन्ड को राइट ऑफ कर दिया। इसका मतलब था कि बॉन्डधारकों की निवेश रकम खत्म कर दी गई। बॉन्डधारकों ने इस फैसले को अदालत में चुनौती दी।

बॉन्डधारक कोर्ट क्यों पहुंचे?

मई 2020 में Axis Trustee Services ने बॉन्डधारकों की ओर से बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की। इसमें बॉन्ड राइट ऑफ करने के फैसले को चुनौती दी गई। वहां बॉन्डधारकों के पक्ष में फैसला आया। मार्च 2023 में यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने भी हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है।

अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यस बैंक इसके कानूनी और वित्तीय असर की समीक्षा कर रहा है। बैंक ने कहा है कि फैसले के अलावा उसके पास ऐसी कोई दूसरी जानकारी नहीं है, जिसका खुलासा करना जरूरी हो।

यस बैंक का स्टॉक 14% क्रैश

यस बैंक का शेयर 14.53% गिरकर 18.12 रुपये पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 20% के लोअर सर्किट के साथ 16.96 रुपये तक फिसला था। हालांकि, बाद में थोड़ी रिकवरी हुई।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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telecom sector

मोबाइल फोन पर कॉल करने वाले की पहचान करना अब आसान हो सकता है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने 1 नवंबर से सभी टेलीकॉम ग्राहकों के लिए कॉलर नेम डिस्प्ले (Caller Name Display) अनिवार्य कर दिया है। इस निर्देश के तहत टेलीकॉम कंपनियों को कॉलर का नाम दिखाने की व्यवस्था लागू करने के साथ-साथ इस सुविधा से जुड़ी ग्राहकों की शिकायतों का समाधान भी करना होगा।

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इस कदम का मुख्य उद्देश्य फोन कॉल के दौरान पारदर्शिता बढ़ाना और मोबाइल यूजर्स को आने वाली कॉल करने वाले व्यक्ति की पहचान करने में मदद देना है।

 

क्या है कॉलर नेम डिस्प्ले की व्यवस्था?

 

कॉलर नेम डिस्प्ले ऐसी सुविधा है, जिसके जरिए मोबाइल फोन पर इनकमिंग कॉल आने के दौरान कॉल करने वाले का नाम दिखाई दे सकता है। इससे यूजर्स को यह समझने में मदद मिल सकती है कि उन्हें किसकी कॉल आ रही है। दूरसंचार विभाग के इस निर्देश का उद्देश्य कॉल करने वाले की पहचान से जुड़ी व्यवस्था को बेहतर बनाना है, ताकि ग्राहकों को अनजान नंबरों से आने वाली कॉल के बारे में अधिक जानकारी मिल सके।

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टेलीकॉम कंपनियों की क्या होगी जिम्मेदारी?

 

दूरसंचार विभाग के निर्देश के अनुसार, टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं को कॉलर नेम डिस्प्ले की अनिवार्य व्यवस्था का पालन सुनिश्चित करना होगा। इसके अलावा, यदि किसी ग्राहक को इस सुविधा से संबंधित परेशानी होती है या वह शिकायत दर्ज कराता है, तो कंपनी को उसका समाधान करना होगा।

 

इससे कॉलर नेम डिस्प्ले सुविधा के संचालन के साथ-साथ ग्राहकों की समस्याओं के निपटारे की जिम्मेदारी भी टेलीकॉम ऑपरेटरों पर होगी।

 

मोबाइल यूजर्स को क्या फायदा होगा?

 

कॉलर नेम डिस्प्ले की व्यवस्था का उद्देश्य फोन पर संपर्क करने वाले व्यक्ति की पहचान को आसान बनाना और दूरसंचार सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ाना है। हालांकि, यह सुविधा अपने आप में हर अनजान कॉल या संभावित धोखाधड़ी वाली कॉल की पहचान की गारंटी नहीं देती। इस निर्देश को लागू करने की विस्तृत प्रक्रिया, नाम दिखाने के तकनीकी मानकों और ग्राहकों की शिकायतों के निपटारे से जुड़े अतिरिक्त विवरणों की जानकारी अभी सामने आनी बाकी है।