भारत में बनाओ, दुनिया भर में बेचो! वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विदेशी कंपनियों को दिया बड़ा ऑफर, GIFT City का भी जिक्र, समझिए पूरी तैयारी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ग्लोबल निवेशकों और कंपनियों को भारत में मैन्युफैक्चरिंग बेस के साथ-साथ टेक्नोलॉजी और इनोवेशन सेंटर स्टैबलिश करने का ओपन ऑफर दिया है। अमेरिका की छह दिन की यात्रा पर गईं वित्त मंत्री ने शिकागो में टॉप इन्वेस्टर्स और बिजनेस लीडर के साथ एक हाई लेवल बिजनेस राउंडटेबल में यह बात कही। उन्होंने ग्लोबल पार्टनर्स से अपील की कि वे भारत की विशाल प्रतिभा और अवसरों का फायदा उठाते हुए देश में कोडेवलपमेंट और कोप्रोडक्शन करें। इससे सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए प्रोडक्ट्स और कैपेसिटी को डेवलप करें।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक शिकागो में भारत के महावाणिज्य दूतावास द्वारा यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम के सहयोग से आयोजित इस बैठक में वित्त मंत्री ने भारत की व्यापक आर्थिक वृद्धि, देश में चल रहे रिफॉर्म्स की स्पीड और लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट को लेकर डिटेल में बात की है।

भारत को सिर्फ एक बाजार नहीं, ग्लोबल प्लेटफॉर्म समझें

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत में निवेश का अवसर किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। यह अपने विशाल पैमाने, विकास दर, इंजीनियरिंग प्रतिभा, आधुनिक बुनियादी ढांचे और पिछले एक दशक में हुए सुधारों से काफी व्यापक इंपैक्ट रखता है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय निवेशकों से आग्रह किया कि वे भारत को सिर्फ एक कंज्यूमर मार्केट के रूप में न देखें बल्कि इसे दुनिया के लिए मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने एक मजबूत प्लेटफॉर्म के रूप में देखें।

इस बैठक का मैं एजेंडा भारत में निर्माण करें — भारत के लिए और दुनिया के लिए (Manufacture in India — for India and for the world) था। इसमें एआई, डिजिटल, फाइनेंशियल सर्विसेज, इंफ्रास्ट्रक्चर, फूड प्रोसेसिंग, डिफेंस और हाई एंड टेक्नोलॉजी में अवसरों पर चर्चा हुई।

डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और AI में नए मौके

वित्त मंत्री ने बताया कि भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) जैसे यूपीआई, डिजिलॉकर, ओएनडीसी और इंडिया स्टैक ने आबादी के स्तर पर कई बड़े और सफल प्लेटफॉर्म तैयार किए हैं। उन्होंने कहा कि अब अगला बड़ा अवसर एआई, इंजीनियरिंग, एनालिटिक्स, प्रोडक्ट डेवलपमेंट, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे हाई वैल्लूर बिजनेस तैयार करने में है। भारत में बनाए गए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स तेजी से ग्लोबल इनोवेशन के सेंटर बनते जा रहे हैं।

गिफ्ट सिटी तेजी से बन रहा इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर

पीटीआई के मुताबिक वित्त मंत्री ने गुजरात की गिफ्ट सिटी (GIFT City) का खास जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर के रूप में तेजी से उभर रहा है। जून 2026 तक गिफ्ट सिटी में 1250 से अधिक रजिस्टर्ड संस्थाएं काम कर रही हैं। सीतारमण ने बताया कि गिफ्ट सिटी बैंकिंग, फंड मैनेजमेंट, रीइंश्योरेंस, एयरक्राफ्ट एंड शिप लीजिंग, सस्टेनेबल फाइनेंस और दूसरी क्रॉस बॉर्डर फाइनेंशियल सर्विसेज में काफी संभावनाएं देता है। उन्होंने ग्लोबल इंस्टीट्यूशन से आग्रह किया वो भी इसे भारत के फाइनेंशियल इकोसिस्टम में एंट्री के गेटवे के रूप में इस्तेमाल करें।

ग्लोबल सप्लाई चेन में बदलाव और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा

वित्त मंत्री ने कहा कि भारत न सिर्फ एक बड़े बाजार के रूप में स्केल देता है, बल्कि एक लॉन्गटर्म इनवेस्टमेंट और ऑपरेशनल प्लेटफ़ॉर्म भी ऑफर करता है। उत्पादन-जुड़े प्रोत्साहन (PLI) जैसी टारगेटेड नीतिगत पॉलिसी स्कीम के जरिए अब भारत का ध्यान सिर्फ पार्ट्स को असेंबल करने तक सीमित नहीं है बल्कि कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग और हाई एंड टेक्नोलॉजी तैयार करने पर भी है। क

इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार, एग्रीकल्चर और डिफेंस सेक्टर पर जोर

वित्त मंत्री ने कहा कि देश में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर्स, रेलवे का मॉडर्नाइजेशन, इलेक्ट्रिफिकेशन और हाई-स्पीड रेल सहित इंफ्रास्ट्रक्चर का काफी तेजी विस्तार हो रहा है। ये सब मिलकर लॉन्गटर्म इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टमेंट के मौके बना रहे हैं। नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) इनमें हिस्सेदारी लेने के लिए ग्लोबल इन्वेस्टर्स को एक कमर्शियल प्लेटफॉर्म दे रहा है।

भारत का एग्रीकल्चर बेस, बढ़ती इनकम और बदलता कंजंशन पैटर्न फूड प्रोसेसिंग, ऑटोमेशन, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स और कोल्ड चेन क्षेत्रों में नए अवसर पैदा कर रही हैं। रक्षा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘iDEX’ जैसी पहलों के माध्यम से भारत ड्रोन, ऑटोनोमस सिस्टम और हाई एंड टेक्नोलॉजी में तेजी से कैपेसिटी बिल्डिंग कर रहा है।

आपको बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान नॉर्थ कैरोलिना के एशविले में जी-20 वित्त मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगी। इसके बाद न्यूयॉर्क का दौरा भी करेंगी।

2026 Tata Punch EV real world range tested, explained

2026 Tata Punch EV real world range tested, explained
Tata Punch EV real world range

The 2026 Tata Punch EV gets changes to its styling, tweaks to the powertrain and bigger battery options. Interestingly, its starting price is now Rs. 1.65 lakh lower than before and the price range spans Rs. 9.7 lakh and Rs. 12.8 lakh (ex-showroom). We put the Tata Punch EV with the 40kWh battery through our real-world efficiency test to see how it performs.

  1. 80 percent recharge takes 27 minutes on a 180kW DC fast charger
  2. Punch EV 40kWh variant weighs 1,365kg
  3. Gets four regen modes; no single pedal driving

Tata Punch EV real-world range and charging explained 

The Punch EV currently is available with either a 30kWh or a 40kWh battery pack, up from 25kWh and 35kWh, respectively. We tested the Punch EV with the 40kWh battery pack, which is powered by a PMSM motor producing 129hp and 154Nm. The Punch EV offers three driving modes – Eco, City and Sport. For our tests, we used the Eco driving mode with the regen level set to L3 in the city and L1 on the highway.

In the city, the Tata Punch EV returned an efficiency of 7.92km/kWh extrapolating to a range of 317km. On the highway, the efficiency dropped to 7.29km/kWh translating to a range of 291km. With an overall efficiency of 7.61km/kWh, the Tata Punch EV can deliver a real-world range of 304km on a full charge.

Tata claims that the DC fast capability of the Punch EV has gone up to 65kW from 50kW in the previous model. That said, we charged the car using a 180kW DC fast charger and noted peak charging speeds around 67.3kW. However, the charging speed dropped after 50 percent state of charge, before rapidly dropping after 90 percent. In terms of charging times, the Punch EV took 27 minutes to charge from 20-80 percent, and took another 31 minutes to reach 100 percent. 

Autocar India’s range testing

Before our real-world range tests, the battery of our test car was fully charged, and we maintained tyre pressures in accordance with the manufacturer’s recommendations. The car was driven on a weekday in Mumbai city and on the adjoining state highway in a fixed loop, and we maintained the set average speeds. At the end of each cycle, we calculated the range based on the percentage charge consumed.

Throughout our tests, the climate control was set to 22deg C in a full-auto setting, and other electricals, such as the audio system, indicators and ventilated front seats, were used when required, just as a regular user would. We take pride in our testing data, which isn’t merely consistent but also gives users an accurate indication of what they can expect in the real world.

क्यों खास है उत्तरकाशी का काशी विश्वनाथ मंदिर? दक्षिण की ओर झुका है 56 सेमी ऊंचा स्वयंभू शिवलिंग

क्यों खास है उत्तरकाशी का काशी विश्वनाथ मंदिर? दक्षिण की ओर झुका है 56 सेमी ऊंचा स्वयंभू शिवलिंग

kashi vishwanth mandir

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी आने वाले श्रद्धालुओं से ऐतिहासिक काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन करने की अपील की। परशुराम द्वारा स्थापित इस प्राचीन शिव मंदिर का इतिहास, महत्व और खासियतों के बारे में जानें।

 

सीएम धामी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, जनपद उत्तरकाशी में स्थित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर भगवान शिव की आराधना का पावन एवं प्रमुख केंद्र है। यहां श्रद्धालु महादेव की पूजा-अर्चना कर आत्मिक शांति एवं आध्यात्मिक ऊर्जा की अनुभूति करते हैं। आप भी उत्तरकाशी आगमन पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन अवश्य करें।
 

क्या है मान्यता?

उत्तरकाशी का काशी विश्वनाथ मंदिर भागीरथी नदी के तट पर स्थित है। यह उत्तराखंड के सबसे प्राचीन और पवित्र शिव मंदिरों में से एक है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस प्राचीन मंदिर की स्थापना भगवान परशुराम ने की थी। वर्ष 1857 में टिहरी रियासत के राजा सुदर्शन शाह की पत्नी, महारानी खनेती ने इस मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था।

 

उत्तरकाशी को भगवान शिव का कलियुग का दूसरा निवास माना जाता है और इसी कारण यहां भी काशी विश्वनाथ मंदिर मौजूद है। ऐसा कहते हैं कि जब काशी पानी में डूब जाएगी तब भगवान काशी विश्वनाथ को उत्तरकाशी के इस मंदिर में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।

 

क्या है मंदिर की विशेषता?

गर्भ गृह में स्थापित शिवलिंग लगभग 56 सेंटीमीटर ऊंचा और स्वयंभू माना जाता है। यह शिवलिंग दक्षिण दिशा की ओर थोड़ा सा झुका हुआ है। मंदिर के सामने शक्ति मंदिर में एक विशाल त्रिशूल है। कहा जाता है कि इसका संबंध पौराणिक काल और देवताओं द्वारा अस्त्र-शस्त्र के प्रयोग से है।

Opinion: Quality of two-wheeler service in India needs to improve

Opinion: Quality of two-wheeler service in India needs to improve
A scooter being serviced at a garage in India

Purchasing an automobile is one of life’s special moments in India. After all, you are not only paying a lot of money but also laying significant faith into a manufacturer’s ability to have properly engineered a safe, reliable and enjoyable product. There’s also the fact that you are entering a long-term relationship with that manufacturer when it comes to service. With three-year warranties becoming common and extended warranties being sold for just a few thousand rupees, the duration of said relationship is now longer than ever. Unfortunately, a lot of customers these days don’t feel like they are being given the treatment they deserve in this ‘relationship’.

While the quality of products coming from domestic two-wheeler manufacturers has grown tremendously in recent years, the same can’t be said for the service support. While some manufacturers fare worse than others, you will find plenty of reports of shoddy work or general ineptness when it comes to authorised service centres. The reasons behind this are multifold.

The first is that motorcycles today are far more complicated than they used to be. Electronics are everywhere, and even the simplest of commuters now have ECUs, electronic fuel pumps and fuel injectors. 150cc bikes and above are constantly increasing the amount of performance, tech and gadgets on offer, and all of this brings in more complication. Caring for more advanced motorcycles requires a more technical approach.

The “chalta hai/chalega sir” attitude that is a universal truth in India presents a challenge when the job gets more technical. Another cultural aspect at play is that people are far more proud of how quickly a job gets done (or with how much ‘jugaad’) rather than how well the job gets done. Case in point, I once insisted on a torque wrench being used on my KTM 790 Duke at an official service centre a couple of years ago. This led to a stool being brought out to reach an overhead cabinet, from which a dusty torque wrench was liberated. Clearly, that tool was almost never used, and the fact is, most mechanics in India simply use their biceps to decide how much force needs to go into tightening a bolt. 

Money is the other big challenge. Time is money, so the more vehicles that are serviced, the better. More so, most junior mechanic salaries are very low, which results in high job attrition. It’s also difficult for dealerships to have enough trained staff and sufficient workshop space for the amount of money that is earned per service. With automobile sales records being broken every other month, there is a big strain on the system.

The ideal scenario is that big cities need more workshops, staff should be trained better and workshop managers need to be more diligent about implementing proper operating procedures. At the end of the day, quality work can only be provided by someone who has been trained well and is remunerated fairly for the job. And that will increase the cost of service for the customer, primarily in terms of the labour cost. 

It is inevitable that service costs in India will rise, as does the constantly improving standard of our motorcycles and the ever increasing cost of living. The big challenge for manufacturers is to ensure that customers get their money’s worth for these increasing costs.

अमेरिका का वेनेजुएला के 65 अरब बैरल तेल पर कब्जा:प्राइवेट कंपनी के साथ करार, ट्रम्प बोले- यह इतिहास की सबसे बड़ी ऑयल डील

अमेरिका ने वेनेजुएला के 65 अरब बैरल से ज्यादा तेल भंडार पर कंट्रोल हासिल करने के लिए एक समझौता किया है। यह आंकड़ा इसलिए भी बड़ा है, क्योंकि अमेरिका के पास खुद करीब 46 अरब बैरल तेल है। अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, यह काम वेनेजुएला में काम करने वाली एक निजी कंपनी के साथ मिलकर किया जाएगा। इस साझेदारी से निकलने वाले तेल में अमेरिका को 55% हिस्सा मिलेगा। हालांकि, इस निजी कंपनी का नाम अभी नहीं बताया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इसे दुनिया की सबसे बड़ी डील बताया है। वेनेजुएला की राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने भी इसे ऐतिहासिक समझौता बताया है। इतना तेल भारत की 40 साल की जरूरत के बराबर वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है। वहां 300 अरब बैरल से ज्यादा तेल मौजूद है। ट्रम्प जिस 65 अरब बैरल तेल पर अमेरिकी कंट्रोल की बात कर रहे हैं, वह वेनेजुएला के कुल तेल भंडार का करीब पांचवां हिस्सा है। वेनेजुएला के पास इतना बड़ा तेल भंडार होने के बावजूद वहां उत्पादन काफी कम है। आर्थिक संकट, निवेश की कमी और अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण उसका तेल उद्योग लंबे समय से मुश्किल में है। भारत से तुलना करें तो देश हर साल करीब 1.6 से 1.7 अरब बैरल कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है। इस हिसाब से 65 अरब बैरल तेल भारत के मौजूदा सालाना आयात के करीब 40 साल के बराबर है। यानी मात्रा के लिहाज से देखें तो ट्रम्प जिस 65 अरब बैरल तेल की बात कर रहे हैं, वह भारत की करीब चार दशक की मौजूदा सालाना तेल जरूरत के बराबर है। अमेरिका के हिस्से में कितना तेल आएगा इस डील में सबसे अहम बात अभी भी साफ नहीं है। अमेरिका को वेनेजुएला के 65 अरब बैरल तेल का मालिकाना हक मिलेगा या सिर्फ उसके उत्पादन में बड़ा हिस्सा मिलेगा, यह समझना जरूरी है। अभी उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अमेरिका को साझेदारी से होने वाले तेल उत्पादन का 55% हिस्सा मिलेगा। लेकिन इस काम में शामिल निजी कंपनी का नाम और समझौते की पूरी शर्तें अभी सामने नहीं आई हैं। इसलिए 65 अरब बैरल तेल पर अमेरिका का कंट्रोल होने का मतलब यह नहीं है कि पूरा तेल अमेरिका का हो गया है। असल में अमेरिका को कितना अधिकार मिलेगा, यह डील की पूरी शर्तें सामने आने के बाद ही साफ होगा। 100 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश राष्ट्रपति रोड्रिगेज के मुताबिक, समझौते के तहत वेनेजुएला के 17 तेल क्षेत्रों को दोबारा विकसित किया जाएगा। इसमें 100 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश होने की बात कही गई है। उनका कहना है कि इस पूरे काम से वेनेजुएला की सरकार को आने वाले समय में करीब 209 अरब डॉलर टैक्स मिल सकता है। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला अपने बड़े तेल भंडार का इस्तेमाल देश के विकास के लिए करना चाहता है। मादुरो की गिरफ्तारी के बाद बदले रिश्ते अमेरिका और वेनेजुएला के रिश्ते जनवरी में निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद बदल गए। डेल्सी रोड्रिगेज के राष्ट्रपति बनने के बाद दोनों देशों में बातचीत बढ़ी और वेनेजुएला का तेल इसका सबसे अहम मुद्दा बन गया। इसके बाद वेनेजुएला ने तेल उद्योग के नियम बदले। नए नियमों से विदेशी कंपनियों को ज्यादा अधिकार मिले और अमेरिकी कंपनियों के लिए वहां निवेश और तेल उत्पादन बढ़ाने का रास्ता खुल गया।

अमेरिका ने वेनेजुएला का 65 अरब बैरल तेल कब्जाया:यह भारत की 40 साल की जरूरत के बराबर; ट्रम्प बोले- इतिहास की सबसे बड़ी डील

अमेरिका ने वेनेजुएला के 65 अरब बैरल से ज्यादा तेल भंडार पर कंट्रोल हासिल करने के लिए एक समझौता किया है। यह आंकड़ा इसलिए भी बड़ा है, क्योंकि अमेरिका के पास खुद करीब 46 अरब बैरल तेल है। भारत से तुलना करें तो देश हर साल करीब 1.6 से 1.7 अरब बैरल कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है। इस हिसाब से 65 अरब बैरल तेल भारत के 40 साल के ऑयल इम्पोर्ट के बराबर है। अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, यह काम वेनेजुएला में काम करने वाली एक निजी कंपनी के साथ मिलकर किया जाएगा। इस साझेदारी से निकलने वाले तेल में अमेरिका को 55% हिस्सा मिलेगा। हालांकि, इस निजी कंपनी का नाम अभी नहीं बताया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इसे दुनिया की सबसे बड़ी डील बताया है। वेनेजुएला की राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने भी इसे ऐतिहासिक समझौता बताया है। वेनेजुएला में 300 अरब बैरल तेल मौजूद वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है। वहां 300 अरब बैरल से ज्यादा तेल मौजूद है। ट्रम्प जिस 65 अरब बैरल तेल पर अमेरिकी कंट्रोल की बात कर रहे हैं, वह वेनेजुएला के कुल तेल भंडार का करीब पांचवां हिस्सा है। वेनेजुएला के पास इतना बड़ा तेल भंडार होने के बावजूद वहां उत्पादन काफी कम है। आर्थिक संकट, निवेश की कमी और अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण उसका तेल उद्योग लंबे समय से मुश्किल में है। अमेरिका के हिस्से में कितना तेल आएगा इस डील में सबसे अहम बात अभी भी साफ नहीं है। अमेरिका को वेनेजुएला के 65 अरब बैरल तेल का मालिकाना हक मिलेगा या सिर्फ उसके उत्पादन में बड़ा हिस्सा मिलेगा, यह समझना जरूरी है। अभी उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अमेरिका को साझेदारी से होने वाले तेल उत्पादन का 55% हिस्सा मिलेगा। लेकिन इस काम में शामिल निजी कंपनी का नाम और समझौते की पूरी शर्तें अभी सामने नहीं आई हैं। इसलिए 65 अरब बैरल तेल पर अमेरिका का कंट्रोल होने का मतलब यह नहीं है कि पूरा तेल अमेरिका का हो गया है। असल में अमेरिका को कितना अधिकार मिलेगा, यह डील की पूरी शर्तें सामने आने के बाद ही साफ होगा। 100 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश राष्ट्रपति रोड्रिग्ज के मुताबिक, समझौते के तहत वेनेजुएला के 17 तेल क्षेत्रों को दोबारा विकसित किया जाएगा। इसमें 100 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश होने की बात कही गई है। उनका कहना है कि इस पूरे काम से वेनेजुएला की सरकार को आने वाले समय में करीब 209 अरब डॉलर टैक्स मिल सकता है। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला अपने बड़े तेल भंडार का इस्तेमाल देश के विकास के लिए करना चाहता है। मादुरो की गिरफ्तारी के बाद बदले रिश्ते अमेरिका और वेनेजुएला के रिश्ते जनवरी में निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद बदल गए। डेल्सी रोड्रिग्ज के राष्ट्रपति बनने के बाद दोनों देशों में बातचीत बढ़ी और वेनेजुएला का तेल इसका सबसे अहम मुद्दा बन गया। इसके बाद वेनेजुएला ने तेल उद्योग के नियम बदले। नए नियमों से विदेशी कंपनियों को ज्यादा अधिकार मिले और अमेरिकी कंपनियों के लिए वहां निवेश और तेल उत्पादन बढ़ाने का रास्ता खुल गया। वेनेजुएला के पास सबसे ज्यादा तेल, फिर भी गरीब वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था लंबे समय से संकट में है। देश की सरकारी तेल कंपनी कमजोर हुई, तेल उद्योग में निवेश कम हुआ और उत्पादन लगातार गिरा। इसके अलावा अमेरिकी प्रतिबंधों ने भी तेल कारोबार को नुकसान पहुंचाया। यानी जमीन के नीचे तेल बहुत है, लेकिन उसे निकालने, बेचने और उससे कमाई करने की क्षमता कमजोर हो गई। इसके साथ ही देश में कई साल तक महंगाई, आर्थिक कुप्रबंधन और राजनीतिक अस्थिरता रही। इसका सीधा असर आम लोगों की कमाई और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ा। इस डील से OPEC को चुनौती OPEC तेल उत्पादक देशों का समूह है। इसके सदस्य तेल का उत्पादन घटाकर या बढ़ाकर बाजार में सप्लाई को प्रभावित करते हैं। सप्लाई कम हो तो कीमत बढ़ सकती है और ज्यादा तेल आने पर कीमत घट सकती है। वेनेजुएला भी OPEC का सदस्य है। अगर वेनेजुएला का उत्पादन बढ़ा और बाजार में ज्यादा तेल आया, तो तेल की कीमतों पर गिरावट का दबाव बन सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि डील के तुरंत बाद पेट्रोल-डीजल सस्ता हो जाएगा। वेनेजुएला में तेल उत्पादन बढ़ाने में समय लगेगा। इसके अलावा ईरान युद्ध, OPEC के फैसले, दुनिया में तेल की मांग और दूसरे देशों का उत्पादन भी कीमत तय करने में बड़ी भूमिका निभाएंगे। —————————– रिपोर्ट- वेनेजुएला का तेल भारत को देगा अमेरिका:ट्रम्प दुनिया की बड़ी ऑयल कंपनियों के अफसरों से मिले; रिलायंस भी तेल खरीद सकती है
अमेरिका, भारत को वेनेजुएला से तेल खरीदने की इजाजत दे सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रम्प प्रशासन के एक सीनियर अधिकारी ने इसकी जानकारी दी है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

IPO News: SEBI की हरी झंडी, दो कंपनियों के आईपीओ के रास्ते का एक बड़ा पड़ाव पार

IPO News: बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने पारस हेल्थकेयर और एमके सन्स के आईपीओ प्रस्ताव को हरी झंडी दिखा दी है। सेबी की साइट पर मौजूद डिटेल्स के मुताबिक अब ये दोनों कंपनियों अपनी आईपीओ योजना पर आगे बढ़ सकती हैं। इन दोनों ने इस साल की शुरुआत में सेबी के पास आईपीओ का ड्राफ्ट फाइल किया था। अब इन्हें हरी झंडी मिल चुकी है लेकिन अभी तक आईपीओ खुलने की तारीख या प्राइस बैंड का ऐलान नहीं हुआ है। आईपीओ की सफलता के बाद इनके शेयरों की बीएसई और एनएसई पर एंट्री होगी।

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पारस हेल्थकेयर ने ₹1,800 करोड़ तक का आईपीओ लाने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत कंपनी की योजना ₹500 करोड़ तक के नए इक्विटी शेयर जारी करने की है को ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत ₹1,300 करोड़ तक के शेयरों की बिक्री हो सकती है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिलेगा तो नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी कर्ज हल्का करने में करेगी। इसके अलावा कंपनी की योजना आईपीओ के पैसों को सब्सिडियरी PMHPL में भी निवेश की है ताकि इसका भी कर्ज हल्का हो सकते है। इसके अलावा आईपीओ के बाकी पैसों का इस्तेमाल आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में होगा।

पारस हेल्थकेयर पारस हेल्थ ब्रांड के तहत काम करती है और टर्शियरी और क्वाटर्नरी हेल्थकेयर सर्विसेज देती है। 31 मार्च 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक यह उत्तर भारत, बिहार और झारखंड में कुल 2,211 बेड की क्षमता वाले आठ अस्पताल चला रही थी। इसके अस्पताल हरियाणा, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, झारखंड और जम्मू-कश्मीर में हैं।

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एमके सन्स फाइन ज्वेल्स रिटेल-फोकस्ड ज्वैलरी कंपनी है। इसकी योजना आईपीओ के तहत 1.36 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करने की है और ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत प्रमोटर शेयरहोल्डर रामचंद मुरलीधर रायमलानी अधिकतम 34 लाख शेयरों की बिक्री कर सकते हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले प्रमोटर को मिलेगा तो नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी महाराष्ट्र में एक नया शोरूम खोलने, गुजरात में अपने मौजूदा शोरूम को बड़ा करने, कर्ज हल्का करने और आम कॉर्रपोरेट उद्देश्यों में करेगी। एमके सन्स फाइन ज्वेल्स अपने शोरूम के जरिए सोने, हीरे और क्यूबिक जिर्कोनिया के गहने बेचती है। अभी मुंबई और अहमदाबाद में इसके पांच शोरूम हैं।

Jio Platforms IPO: क्या आप तैयार हैं? आ रहा है ₹37000 करोड़ का देश का अब तक सबसे बड़ा आईपीओ

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Mantra : चिराग दारूवाला से जानें 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा सितंबर, ग्लोबल अनिश्चितता में कहां करें निवेश

Market Mantra : सेलिब्रिटी एस्ट्रोलॉजर चिराग दारूवाला ने सितंबर महीने में सितारों के हिसाब से बाजार की चाल पर बात करते हुए कहा कि ग्रहों की स्थिति पर नजर डालें तो गणेश जी कहते हैं कि महीने की शुरुआत में सूर्य और जो बृहस्पति यानी जो गुरु है वो कर्क राशि में होंगे। मंगल और बुध सिंह राशि में होंगे। शुक्र कन्या राशि में होंगे। जबकि शनि ग्रह मीन राशि में वक्री रहेंगे। 2 सितंबर को शुक्र तुला राशि में प्रवेश करेंगे। शुक्र के अपनी राशि तुला में आने से बाजार में सकारात्मक माहौल और खरीददारी बढ़ सकती है। इस दौरान बैंकिंग सेक्टर,फाइनेंस सेक्टर,एफएमजीसी सेक्टर,ज्वेलरी और लग्जरी सेक्टर को अच्छा लाभ देखने को मिल सकता है।

7 सितंबर को बुध कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। यह बाजार में ट्रेडिंग,गतिविधियों और वित्तीय निर्णयों के लिए बहुत अनुकूल रह सकता है। आईटी,टेक्नोलॉजी, टेलीकॉम,बैंकिंग और ब्रोकरेज सेक्टर में तेजी देखने को मिल सकती है। 17 सितंबर को सूर्य कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। जबकि 18 सितंबर को मंगल कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। जिससे बाजार में अचानक थोड़ा सा उतार-चढ़ाव और अस्थिरता बढ़ सकती है। लेकिन आपको मायूस नहीं होना है। रियलस्टेट, कंस्ट्रक्शन सेक्टर,ऑयल गैस सेक्टर,केमिकल और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में तेज हलचल देखने को मिल सकती है।

26 सितंबर को बुध फिर से अपनी स्थिति बदलेंगे और तुला राशि में प्रवेश करेंगे। इससे विदेशी निवेशकों और पारंपरिक निवेशकों की भागीदारी बढ़ सकती है। बाजार में बुलिश ट्रेंड देखने को मिल सकता है। इस दौरान बैंकिंग सेक्टर,आईटी सेक्टर,फाइनेंस सेक्टर,मीडिया सेक्टर और टेलीकॉम सेक्टर और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में अच्छी खरीदारी आ सकती है। कुल मिलाकर हम यह कह सकते हैं कि यह महीना इन सेक्टर्स के लिए बहुत ही बेहतरीन रहने वाला है और ग्रह भी इन सेक्टर्स वालों को अच्छा फेवर करेंगे।

राशियों के अनुसार कैसा रहेगा यह महीना?

मेष राशि

चिराग दारूवाला ने कहा कि गणेश जी कहते हैं कि मेष राशि वालों इस महीने आपके लिए बैंकिंग सेक्टर,फाइनेंस सेक्टर और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में निवेश अच्छा रहेगा। इनमें आपको निवेश के लिए काफी अच्छे मौके मिलेंगे। संपत्ति की लेनदेन कर रहे हैं तो सावधानी पूर्वक जांच करें। किसी भी प्रकार का फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन कर रहे हैं तो सोच समझकर कीजिए। जल्दबाजी में लिया हुआ फैसला आपके लिए गलत साबित हो सकता है। आपकी इच्छा पूर्ण हो सकती है। आपका सपना पूरा हो सकता है। आपका खुद का घर आप इस महीने बना सकते हैं। खर्चे बहुत अधिक रहने की भी संभावना है।

उपाय

हर शनिवार को नहाने के पानी में एक चुटकी हल्दी अवश्य मिलाएं। यह समझ लीजिए कि मेष राशि वालों यह महीना आपको कुछ ना कुछ अवश्य देगा।

वृषभ राशि

गणेश जी कहते हैं वृषभ राशि वालों रेलवे सेक्टर इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में निवेश अच्छा रहेगा। म्यूच्यूल फंड में निवेश किया हुआ है तो आपको अच्छे रिटर्न्स देखने को मिल सकते हैं। संपत्ति में निवेश करना चाहते हैं तो थोड़ा सा धैर्य रखना होगा। यह महीना क्रिएटिविटी का महीना है। यानी कि आपको नए-नए विचार,नए-नए तरीके सोचने होंगे और उसे आप अमल में लेकर आइए। अवश्य आपको लाभ होगा। खर्चों पर भी नियंत्रण रखने की आवश्यकता है।

उपाय

हर मंगलवार को गणेश जी की पूजा अर्चना करें। ओम गण गणपताए नमः 108 बार यह मंत्र का उच्चारण करें। जरूर से आपको लाभ देखने को मिलेगा।

मिथुन राशि

गणेश जी कहते हैं मिथुन राशि वालों इस महीना जो उतार-चढ़ाव चल रहा था,जो इनस्टेबिलिटी चल रही थी,वह इनस्टेबिलिटी दूर होगी। व्यापार में अच्छा मुनाफा देखने को मिल सकता है। आपको नए इन्वेस्टर्स,नए क्लाइंट्स मिल सकते हैं। आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। ऑटोमोबाइल सेक्टर,एनर्जी सेक्टर,स्टील सेक्टर में निवेश आपके लिए बेहतरीन रहेगा। इंश्योरेंस और फाइनेंस सेक्टर में भी निवेश करने का विचार कर रहे हैं तो वह बेहतरीन रहेगा। खर्चे आपके थोड़े कम होंगे और आप यह कह सकते हैं कि आप राहत की सांस लेंगे।

उपाय

जब भी भी संभव हो लाल कपड़ों का लाल चीजों का दान अवश्य करें और मंगलवार के दिन यह अवश्य आप करिए। आपको अवश्य कुछ ना कुछ लाभ देखने को मिलेगा।

कर्क राशि

गणेश जी कहते हैं कर्क राशि वालों अभी नहीं तो कभी नहीं। जो दिमाग में चल रहे हैं जो आपके आइडियाज हैं जो थॉट्स हैं उसे आप इंप्लीमेंट करना शुरू कर दीजिए। आईटी सेक्टर,टेक्नोलॉजी सेक्टर,विज्ञान सेक्टर में निवेश आपके लिए बेहतरीन रहेगा। आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। लेकिन पैसों के लेनदेन से आपको बचना है। व्यापार में मेहनत और परिश्रम आपको अच्छी सफलता दिलाएगा। व्यवसाय में कुछ बदलाव नए बदलाव से आपको अच्छा फायदा देखने को मिलेगा। बिजनेस को आगे बढ़ाने में आपको थोड़ा सा सक्रिय रहना होगा।

उपाय

प्रतिदिन सुबह गाय माता को हरा घास,हरा चारा अवश्य खिलाइए।

सिंह राशि

गणेश जी कहते हैं सिंह राशि वालों इस महीने स्टील सेक्टर और सीमेंट सेक्टर में निवेश आपके लिए बेहतरीन रहेगा। अच्छा लाभ मिल सकता है। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। लेकिन आपके जो आय के स्त्रोत है वह बढ़ेंगे। करियर के लिहाज से यह महीना काफी अच्छा रहेगा। प्रॉपर्टी खरीदने के लिए समय योग्य नहीं है। थोड़ा सा रुक जाइए। जल्दबाजी मत कीजिएगा।

उपाय

जरूरतमंद लोगों को दूध,दही या फिर घी का दान अवश्य करें।

कन्या राशि

गणेश जी कहते हैं कन्या राशि वालों इस महीने शुक्र आपके जीवन में बहुत कुछ लेकर आए हैं। यानी कि अलग-अलग जगह से आपको पैसे कमाने का मौका मिल सकता है। व्यापार में नई-नई अपॉर्चुनिटीज आपको मिल सकती है। साथ-साथ में आपने जहां-जहां निवेश किया है,जिन शेयर्स में आपको अच्छा रिटर्न नहीं मिल रहा था,शायद इस महीने आपको अच्छा रिटर्न भी मिल सकता है। हालांकि, आपको अपने पोर्टफोलियो में कुछ बदलाव लाने की जरूरत है। अनियंत्रित खर्चों पर भी आपको ध्यान देना होगा। एक बजट बनाएं और उसके अनुसार ही खर्च करें।

उपाय

प्रत्येक गुरुवार को ओम ब्रह्म बृहस्पतिए नमः का जाप करें, यह मंत्र का गुरु का मंत्र है। 108 बार जाप अवश्य करिए। गुरु अगर आपके फेवर में होंगे तो आपको आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकेगा। यह महीना आपके लिए बेहतरीन रहेगा।

तुला राशि

गणेश जी कहते हैं तुला राशि वालों इस महीने ऑटोमोबाइल सेक्टर,ट्रांसपोर्ट सेक्टर,फाइनेंस सेक्टर में अगर आप निवेश करना चाहते हैं तो आपके लिए बहुत ही बेहतरीन रहेगा। इनमें आपको अच्छे रिजल्ट मिल सकते हैं। सोना चांदी का व्यवसाय कर रहे हैं या करना चाहते हैं तो कीजिए। जरूर से आपको लाभ होगा और आपके किसी भी प्रकार के कुछ काम अटके हुए थे तो आप यह कह सकते हैं 7 सितंबर से लेकर 21 सितंबर का जो समय है वह बहुत ही बेहतरीन है। इंपोर्ट एक्सपोर्ट के व्यवसाय में अच्छा फायदा देखने को मिलेगा। नौकरी कर रहे हैं तो प्रमोशन मिल सकता है और साथ-साथ में नई अपॉर्चुनिटीज भी मिल सकती है।

उपाय

हर शुक्रवार को मां लक्ष्मी जी की पूजा अर्चना करें और माता जी को खीर का भोग लगाएं। यह समझ लीजिए तुला राशि वालों कि इस महीने अनएक्सपेक्टेड मॉनिटरी गेंस यानी ऐसा पैसा जो शायद आपने सोचा भी नहीं हो,अटका हुआ पैसा भी आपको इस महीने मिल सकता है। यह महीना आपके जीवन में खुशियां लेकर आएगा।

वृश्चिक राशि

गणेश जी कहते हैं वृश्चिक राशि वालों अभी नहीं तो कभी नहीं आपको आलस का त्याग करना है। थोड़ा सा आपको एक्टिव हो जाना है। अलर्ट हो जाना है। आप यह समझ लीजिए कि इस महीने आपकी जो आर्थिक स्थिति है वह पहले से बेहतर दिखाई दे रही है। लंबी अवधि के निवेश से अच्छी आय होगी। लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट आपके लिए बहुत बेहतरीन है। इस महीने किसी भी प्रकार का आप फैसला लें वह जल्दबाजी में मत लीजिएगा। जल्दबाजी में लिया हुआ फैसला आपके लिए नुकसानकारक साबित हो सकता है। शेयर बाजार में निवेश से पहले विशेषज्ञों की सलाह जरूर से लीजिए। वरना आप फंस सकते हैं। व्यापार में अच्छे ऑर्डर्स आपको मिल सकते हैं। नए क्लाइंट्स मिल सकते हैं। और सबसे बड़ी बात यह है कि इस महीने जो आपका जो नेटवर्किंग है,आपके जो संपर्क है,वह और भी बढ़ेंगे। प्रभावशाली लोगों के साथ आपके संपर्क बढ़ेंगे और कहीं ना कहीं वह आपको मददगार भी साबित होंगे।

उपाय

प्रत्येक शनिवार को हनुमान जी को तेल और सिंदूर अवश्य अर्पण करें और ओम हनुमंताय रामदूताय नमः यह मंत्र का 108 बार जाप करिए। यह महीना आपके लिए बेहतरीन रहेगा।

धनु राशि

गणेश जी कहते हैं धनु राशि वालों बहुत मेहनत करते हैं। बहुत एफर्ट्स देते हैं। पर परिणाम नहीं मिलता। तो आप यह कह सकते हैं कि आपने जो पास्ट में एफर्ट्स किए थे,जो मेहनत की थी,जिसका परिणाम आपको नहीं मिल रहा था,उसका परिणाम इस महीने आपको मिल सकता है। स्टील सेक्टर और पावर सेक्टर में निवेश आपके लिए बेहतरीन रहेगा। स्माल कैप और मिड कैप शेयर्स आपको अच्छा फायदा कराएंगे। निवेश संबंधित योजनाएं भी बहुत सफल रहेंगी। व्यापार में अच्छी तरक्की देखने को मिल सकती है और अगर आप कोई पार्टनर ढूंढ रहे हैं,कोई इन्वेस्टर ढूंढ रहे हैं अपने व्यापार के लिए तो इस महीने आपको वह इन्वेस्टर भी मिल सकते हैं। आपकी आर्थिक स्थिति में अच्छा सुधार देखने को मिलेगा।

उपाय

प्रत्येक गुरुवार को ओम गुरुवे नमः मंत्र का आप जाप करें और गाय माता को गुड़ अवश्य खिलाइए। यह महीना आपके लिए बेहतरीन रहेगा।

मकर राशि

गणेश जी कहते हैं मकर राशि वालों जितना ज्यादा विचार करेंगे उतना आप कंफ्यूजन में रहेंगे, स्ट्रेस में रहेंगे, एंग्जायटी में रहेंगे, कुछ भी नहीं कर पाएंगे, तो इस महीने आपको ज्यादा विचार नहीं करना है। कार्य के ऊपर फोकस करना है। शेयर बाजार में निवेश करने का विचार कर रहे हैं तो जरूर कीजिए आपके लिए फायदेमंद रहेगा पावर सेक्टर, एनर्जी सेक्टर और गैस सेक्टर में निवेश आपके लिए लाभदायक सिद्ध होगा और जिन शेयर्स में आपका आपका पैसा रुका हुआ था उसमें तेजी देखने को मिल सकती है। घर या कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने का आपका जो सपना है वह सपना इस महीने अवश्य पूर्ण होगा। आपकी आर्थिक स्थिति में थोड़ा सा उतार-चढ़ाव आ सकता है। पर आपको धैर्य रखना है। उत्तेजित नहीं हो जाना है। मन को शांत रख के कोई भी कार्य करेंगे तो अवश्य आने वाले समय में आपका डंका बजेगा।

उपाय

हर शनिवार शाम को शनिदेव जी को काले तिल और सरसों का तेल अवश्य चढ़ाइए।

कुंभ राशि

गणेश जी कहते हैं कुंभ राशि वालों इस महीने आप कोई भी प्रकार का लेनदेन कर रहे हैं तो सोच समझकर कीजिए। दूसरा शेयर बाजार में निवेश कर रहे हैं तो प्रॉपर रिसर्च करके निवेश करिए। किसी की भी बातों में आकर अगर आपने निवेश किया तो शायद आपका पैसा फंस सकता है। आपको फाइनेंस सेक्टर,इंश्योरेंस सेक्टर में अच्छा मुनाफा मिलेगा। सोने में या फिर प्रॉपर्टी में निवेश के लिए थोड़ा सा इंतजार करिए। व्यापार में अच्छी आमदनी होगी। अपना पैसा सोच समझकर निवेश करना होगा।

उपाय

प्रत्येक शनिवार को कौवों को और काले कुत्तों को भोजन अवश्य खिलाइए। शनिदेव जी की मेहरबानी रहेगी तो आपके कर्मों का फल जो आपने एफर्ट्स दिए थे जो आपकी सोच थी उसका आपको अच्छा परिणाम इस महीने देखने को मिलेगा। यह महीना आपके लिए बेहतरीन रहेगा।

मीन राशि

मीन राशि वालों गणेश जी कहते हैं कि बैंकिंग सेक्टर,आईटी सेक्टर, फाइनेंस सेक्टर और एनर्जी सेक्टर में निवेश आपके लिए अच्छा रहेगा। इनमें आपको अच्छा मुनाफा मिल सकता है। महीने के अंत में यानी कि 27 तारीख से लेकर 30 तारीख के बीच में अगर आप प्रॉफिट बुक करने का विचार कर रहे हैं तो आप कर सकते हैं। नौकरी कर रहे हैं अच्छा इंक्रीमेंट मिल सकता है। म्यूच्यूल फंड में निवेश करने का विचार कर रहे हैं तो उसकी शुरुआत आप इस महीने कर सकते हैं। लोन लेने का विचार कर रहे हैं और नहीं मिल रहा है,कुछ ना कुछ अड़चनें आ रही थी तो वो अड़चनें भी इस महीने दूर होगी। सबसे बड़ी बात यह है कि अगर आप कोई भी स्टार्टअप शुरू करने का विचार कर रहे हैं,नया व्यवसाय शुरू करने का विचार कर रहे हैं तो उसकी शुरुआत कर दीजिए। सब्र मत रखिए। थोड़ा सा एक्टिव हो जाइए। थोड़ा सा अलर्ट हो जाइए और एकदम पीछे पड़ जाइए। आप यह समझ लीजिए कि इस महीने लिए हुए कोई भी फैसले, इस महीने किए हुए कोई भी कार्य आने वाले समय में आपको एक अच्छे मुकाम पर पहुंचा सकते हैं।

उपाय

रोजाना सूर्यदेव को जल चढ़ाएं और 21 बार गायत्री मंत्र का जाप करें।

बाजार में डिस्काउंट पर मिल रहे शेयर, न चूकें मौका

चिराग दारूवाला का कहना है कि इस समय सभी तरह के निवेशकों सबसे पहले धैर्य रखना है। दुनिया में जितने भी वॉर चल रहे हैं उसके बावजूद आने वाले कुछ समय में आप देखेंगे कि हमारा सेंसेक्स और निफ्टी ऑल टाइम हाई लगाता दिखेगा। आपको सिर्फ धैर्य रखना है। अगर आपको लग रहा है कि आपका पोर्टफोलियो 15, 20 या 30 फीसदी माइनस में है तो आप उसे साइड में रख के आराम से चैन की नींद लीजिए। जिन लोगों ने अभी तक निवेश नहीं किया है, सोच रहे हैं कि शायद बाजार और गिरेगा तो वे यह कर सकते हैं कि थोड़ा सा निवेश करे क्योंकि अभी आपको बाजार में डिस्काउंट मिल रहा है। बाजार में वैसा की डिस्काउंट मिल रहा है जैसा Flipkart Flipkart और Amazon पर मिलता है। इस समय आप डिस्काउंट पर शेयर्स ले सकते हैं। आने वाले समय में आपको जरूर अच्छा रिटर्न मिलेगा।

 

Daily Voice: मौजूदा भाव पर नए न्यू एज स्टॉक्स लग रहे महंगे, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स,रियल्टी और डिफेंस शेयरों को लेकर भी रहें सतर्क

 

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