Toyota Glanza Facelift : टोयोटा की सस्ती कार लॉन्च, त्योहारों पर मचाएगी धमाका, जानिए क्या हैं फीचर्स

Toyota Glanza Facelift : टोयोटा की सस्ती कार लॉन्च, त्योहारों पर मचाएगी धमाका, जानिए क्या हैं फीचर्स

Toyota Glanza Facelift

टोयोटा ने भारतीय बाजार में अपनी प्रीमियम हैचबैक Toyota Glanza Facelift 2026 लॉन्च कर दी है। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 6.99 लाख रुपये रखी गई है। अपडेटेड ग्लैंजा को नए इंजन, बदले हुए फ्रंट डिजाइन और अतिरिक्त फीचर्स के साथ पेश किया गया है। कंपनी ने इसमें पेट्रोल और सीएनजी दोनों विकल्प दिए हैं। यह कार भारतीय बाजार में मारुति सुजुकी बलेनो, हुंडई i20 और टाटा अल्ट्रोज जैसी कारों को टक्कर देती है।

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नई ग्लैंजा में लेदराइट सीट अपहोल्स्ट्री, फ्रंट वेंटिलेटेड सीट्स, वायरलेस फोन चार्जर और 360-डिग्री कैमरा जैसे फीचर्स मिलते हैं। इसके अलावा, कार में लेवल-2 ADAS फीचर्स भी दिए गए हैं। हालांकि, नए तीन-सिलेंडर इंजन का पावर आउटपुट पुराने चार-सिलेंडर इंजन के मुकाबले थोड़ा कम है।  डिजाइन में क्या हुए बदलाव?

 

2026 टोयोटा ग्लैंजा फेसलिफ्ट के फ्रंट डिजाइन में बदलाव किए गए हैं। इसमें पहले के मुकाबले बड़ी ग्रिल दी गई है, जिसका डिजाइन टोयोटा के महंगे मॉडलों से प्रेरित नजर आता है। ग्रिल में रडार मॉड्यूल भी दिए गए हैं, जो ADAS फीचर्स के संचालन में भूमिका निभाते हैं।

 

कार के हेडलैंप का डिजाइन पहले जैसा रखा गया है, जबकि LED फॉग लैंप में बदलाव किया गया है। टोयोटा का लोगो अब बोनट पर दिया गया है। इसके अलावा, कार को दो नए कलर ऑप्शन- डिजिटल टील ग्रीन और ब्लूइश ब्लैक में पेश किया गया है।

 

कार के पिछले हिस्से और अलॉय व्हील के डिजाइन में बड़े बदलाव नहीं किए गए हैं।

 

इंटीरियर और फीचर्स: अब मिलेंगी वेंटिलेटेड सीट्स

 

नई ग्लैंजा के केबिन में लेदराइट सीट अपहोल्स्ट्री दी गई है। इसमें पहले की तरह 9-इंच का फ्री-स्टैंडिंग टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम मिलता है। इसके साथ कलर मल्टी-इन्फॉर्मेशन डिस्प्ले (MID) वाला इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर भी दिया गया है।

 

फीचर्स की बात करें तो अपडेटेड मॉडल में फ्रंट वेंटिलेटेड सीट्स और वायरलेस फोन चार्जर जैसे नए फीचर्स शामिल किए गए हैं। इसके अलावा, कार में चार स्पीकर और दो ट्वीटर वाला क्लैरियन साउंड सिस्टम मिलता है। ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल के साथ पीछे बैठने वाले यात्रियों के लिए AC वेंट भी दिए गए हैं।

 

सुरक्षा के लिए मिलेंगे ये फीचर्स

 

टोयोटा ग्लैंजा फेसलिफ्ट में सुरक्षा और ड्राइविंग असिस्टेंस से जुड़े कई फीचर्स दिए गए हैं। इनमें शामिल हैं:

 

  • छह एयरबैग
  • 360-डिग्री कैमरा
  • हिल होल्ड कंट्रोल
  • इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी प्रोग्राम (ESP)
  • लेवल-2 ADAS फीचर्स

 

ADAS यानी एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम ड्राइविंग के दौरान कुछ परिस्थितियों में चालक को सहायता देने के लिए बनाया जाता है। हालांकि, इसकी वास्तविक उपयोगिता उपलब्ध फीचर्स और ड्राइविंग परिस्थितियों पर निर्भर करती है। यह चालक की सतर्कता का विकल्प नहीं है।

 

Toyota Glanza Facelift का इंजन और माइलेज

 

नई टोयोटा ग्लैंजा में 1.2-लीटर का नया Z12E तीन-सिलेंडर इंजन दिया गया है। यह इंजन पेट्रोल और सीएनजी, दोनों विकल्पों में उपलब्ध है।

 

  • पेट्रोल इंजन के स्पेसिफिकेशन
  • इंजन: 1.2-लीटर, तीन-सिलेंडर Z12E
  • अधिकतम पावर: 83 hp
  • अधिकतम टॉर्क: 112 Nm
  • गियरबॉक्स: 5-स्पीड मैनुअल और 5-स्पीड AMT

 

पुराने चार-सिलेंडर इंजन की तुलना में नए पेट्रोल इंजन का पावर आउटपुट 7 hp और टॉर्क 1 Nm कम है। हालांकि, कंपनी के अनुसार इसकी फ्यूल एफिशिएंसी में थोड़ा सुधार हुआ है। ट्रैफिक में ईंधन की खपत कम करने में मदद के लिए इसमें आइडल स्टार्ट/स्टॉप फंक्शन भी दिया गया है।

 

CNG मॉडल में कितना पावर मिलेगा?

 

सीएनजी मोड में यही इंजन 70 hp की पावर और 102 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। सीएनजी वर्जन में भी 5-स्पीड मैनुअल और 5-स्पीड AMT ट्रांसमिशन के विकल्प दिए गए हैं। पेट्रोल इंजन के मुकाबले सीएनजी मोड में पावर 7 hp कम हो जाती है, जबकि टॉर्क 4.5 Nm कम रहता है। कंपनी के दावे के मुताबिक, सीएनजी विकल्प में माइलेज अधिक मिलता है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में नई ग्लैंजा का सटीक माइलेज आंकड़ा नहीं दिया गया है।

 

कार खरीदने से पहले ग्राहकों को पेट्रोल और सीएनजी मॉडल के वास्तविक माइलेज, ईंधन की स्थानीय कीमत और सालाना ड्राइविंग के आधार पर कुल खर्च की तुलना करनी चाहिए।

 

Toyota Glanza Facelift का मुकाबला किन कारों से होगा?

 

भारतीय बाजार में नई टोयोटा ग्लैंजा का मुकाबला मुख्य रूप से इन प्रीमियम हैचबैक कारों से होगा:

मारुति सुजुकी बलेनो: इसकी शुरुआती कीमत 5.99 लाख रुपये बताई गई है। ग्लैंजा की तरह बलेनो भी इसी सेगमेंट में आती है और दोनों कारों में कई समानताएं हैं।

 

हुंडई i20: इसकी शुरुआती कीमत 6 लाख रुपये बताई गई है। यह प्रीमियम हैचबैक सेगमेंट में ग्लैंजा की एक प्रमुख प्रतिद्वंद्वी है।

 

टाटा अल्ट्रोज: इसकी शुरुआती कीमत भी 6 लाख रुपये बताई गई है। यह कार भी ग्लैंजा के साथ प्रतिस्पर्धा करती है।

 

यहां दी गई प्रतिद्वंद्वी कारों की कीमतें शुरुआती एक्स-शोरूम कीमतें हैं। अलग-अलग वेरिएंट और शहर के अनुसार कीमतों में अंतर हो सकता है।

 

क्या नई Toyota Glanza खरीदना फायदे का सौदा हो सकता है?

 

नई ग्लैंजा में डिजाइन, केबिन फीचर्स और सुरक्षा तकनीक से जुड़े कई अपडेट किए गए हैं। छह एयरबैग, 360-डिग्री कैमरा, लेवल-2 ADAS, वायरलेस चार्जिंग और वेंटिलेटेड सीट्स जैसे फीचर्स इसे उन ग्राहकों के लिए प्रासंगिक बनाते हैं, जो प्रीमियम हैचबैक खरीदना चाहते हैं।

 

दूसरी ओर, नए इंजन का पावर आउटपुट पुराने इंजन से कम है। इसलिए कार खरीदने से पहले टेस्ट ड्राइव लेना, पेट्रोल और सीएनजी के माइलेज की तुलना करना और अपने बजट के अनुसार वेरिएंट चुनना बेहतर रहेगा। अंतिम निर्णय लेते समय ऑन-रोड कीमत, वारंटी, सर्विस खर्च और उपलब्ध फीचर्स को भी ध्यान में रखें।

Jio IPO: ‘जियो ने फाइल किए 7220 पेटेंट एप्लिकेशन’, आकाश अंबानी ने कहा- ग्लोबल टॉप 20 में शामिल इकलौती भारतीय कंपनी

Jio IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स के चेयरमैन आकाश अंबानी का कहना है कि ने 7,220 पेटेंट आवेदन दाखिल किए हैं। ये दुनिया की उन टॉप 20 कंपनियों में शामिल इकलौती भारतीय कंपनी है, जिन्होंने वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑर्गनाइजेशन (WIPO) की पेटेंट कोऑपरेशन ट्रीटी रैंकिंग में जगह बनाई है।

Jio Platforms की ओर से IPO के लिए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल करने के एक दिन बाद आकाश अंबानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बात कही। उन्होंने बताया कि कंपनी की टेक्नोलॉजी को डेवलप करने में 12,000 से ज्यादा इंजीनियरों की टीम लगी हुई है।

अपनी टेक्नोलॉजी पर जोर दे रही है Jio

आकाश अंबानी ने कहा कि Jio ने अपनी टेक्नोलॉजी खुद डेवलप करने पर जोर दिया है। इससे कंपनी को बाहरी टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर्स पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना पड़ता।

उन्होंने कहा, ;हमने अपने ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने के लिए अपना टेक्नोलॉजी स्टैक बनाया है।’ टेक्नोलॉजी स्टैक का मतलब उन तकनीकों, सॉफ्टवेयर और सिस्टम से है, जिनकी मदद से कंपनी अपनी सेवाएं चलाती है।

इन कारोबारों पर रहेगा कंपनी का फोकस

आकाश अंबानी के मुताबिक, आने वाले समय में कंपनी का जोर मोबाइल सेवाओं, होम ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज सर्विसेज और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार पर रहेगा।

उन्होंने बताया कि Jio फिलहाल भारत के कुल डेटा ट्रैफिक का करीब 60% हिस्सा संभालती है। इससे देश में कंपनी के टेलीकॉम कारोबार के बड़े पैमाने का अंदाजा लगाया जा सकता है।

दुनिया में सबसे बड़ा 5G सब्सक्राइबर बेस

आकाश अंबानी ने कहा कि Jio ने करीब तीन साल पहले 5G नेटवर्क का विस्तार शुरू किया था। अब चीन को छोड़कर दुनिया में उसके पास सबसे बड़ा 5G सब्सक्राइबर बेस है।

कंपनी के ग्राहकों में डेटा की खपत भी तेजी से बढ़ी है। आकाश अंबानी के मुताबिक, Jio का हर ग्राहक औसतन हर महीने 43.7 GB डेटा इस्तेमाल कर रहा है।

उन्होंने बताया कि डेटा की कीमत भी काफी कम हुई है। पहले एक GB डेटा के लिए करीब 228 रुपये खर्च करने पड़ते थे। वित्त वर्ष 2026 तक यह कीमत घटकर 7.5 रुपये प्रति GB रह गई।

21 अक्टूबर को खुलेगा Jio Platforms IPO

यह जानकारी ऐसे समय आई है, जब रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी Jio Platforms शेयर बाजार में लिस्ट होने की तैयारी कर रही है।

कंपनी ने 14 अक्टूबर को IPO के लिए RHP दाखिल किया था। इसके तहत शेयर का प्राइस बैंड 1,065 रुपये से 1,119 रुपये तय किया गया है। IPO 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा।

इस इश्यू में 27 करोड़ तक नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से कंपनी इस IPO के जरिए अधिकतम 30,213 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

कितनी पढ़ी-लिखी हैं अवंतिका भट्ट, कुत्ते के बर्तन में पानी पीने की वजह से चर्चा में यूट्यूबर सौरभ जोशी की पत्नी

सौरव जोशी की पत्नी अवंतिका भट्ट इन दिनों चर्चा में हैं। हाल ही में कुत्ते के बर्तन पानी पीने का उनका वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

अगले साल कितनी होगी सैलरी हाइक? Aon सर्वे में आया ये आंकड़ा, जानिए किन सेक्टरों में होगी बंपर बढ़ोतरी

Salary Hike Projection: वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और ट्रेड रिस्क के बावजूद भारत में कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। ग्लोबल प्रोफेशनल सर्विसेज फर्म Aon plc के ‘Annual Salary Increase and Turnover Survey for India 2026-27’ के मुताबिक, अगले वित्त वर्ष में देश में औसत सैलरी हाइक 9.1% रहने का अनुमान है, जो कि पिछले साल के 9% से मामूली रूप से ज्यादा है। मजबूत घरेलू खपत और निरंतर निवेश के कारण देश में बिजनेस कॉन्फिडेंस बना हुआ है।

किन सेक्टरों में मिलेगी सबसे ज्यादा सैलरी हाइक?

सर्वे के अनुसार, सभी सेक्टरों में एक जैसी बढ़ोतरी नहीं होगी। कुछ खास सेक्टर्स टैलेंट की मांग और ग्रोथ के चलते सबसे आगे रहने वाले हैं:

NBFC: नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियां 10.1% की सबसे ऊंची सैलरी ग्रोथ के साथ सूची में सबसे आगे रहेंगी।

एनर्जी: ऊर्जा सेक्टर में वेतन वृद्धि औसतन 9.9% तक रहने की उम्मीद है।

रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर: इस क्षेत्र में कर्मचारियों को 9.8% तक की सैलरी हाइक मिल सकती है।

एट्रिशन रेट और टैलेंट की जंग

कंपनियों के बजट स्थिर होने के बावजूद कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने का सिलसिला बढ़ा है। ओवरऑल एट्रिशन रेट बढ़कर 2026 में 18% पर पहुंच गया है, जो कि 2025 में 16.2% और 2024 में 17.1% था। इससे यह साफ होता है कि कुशल और अनुभवी टैलेंट को अपने पास रोके रखने के लिए कंपनियों के बीच मुकाबला काफी कड़ा बना हुआ है।

AI स्किल्स और अपस्किलिंग का दौर: मिल रहा है तगड़ा प्रीमियम

डे-टू-डे वर्क में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की गहरी पैठ और तेजी से बदलते ट्रेंड्स का असर सैलरी और रिक्रूटमेंट पर साफ दिख रहा है। रूटीन कामकाज में एआई प्रोडक्टिविटी टूल्स का इस्तेमाल करने वाली कंपनियां 2025 के 46.1% से बढ़कर 56% हो गई हैं। करीब 60% एंप्लॉयर अपने कर्मचारियों के अपस्किलिंग को प्राथमिकता दे रहे हैं। AI, मशीन लर्निंग और डेटा साइंस के प्रोफेशनल्स के लिए कंपनियां सामान्य से लगभग 10% अधिक पे-प्रीमियम दे रही हैं।

वेज कोड और पेरोल कॉस्ट का असर

सर्वे के मुताबिक, 65.4% एंप्लॉयर पूरी तरह से नए वेज कोड का पालन कर रहे हैं, जबकि 20.9% कंपनियां अगले छह महीनों में इसके अनुपालन की उम्मीद कर रही हैं। वैसे लगभग 42.8% कंपनियों को अंदेशा है कि इससे उनकी पेरोल लागत कम से कम 1% तक बढ़ सकती है, जिसके लिए उन्हें अपने रिवॉर्ड स्ट्रक्चर को समझदारी से री-अलाइन करना होगा।

OTT Watchlist: ‘दिल पड़ोसी’ से लेकर ‘शायद यही है प्यार’ तक, अक्टूबर की अपनी वॉचलिस्ट में शामिल करें फिल्में और सीरीज

OTT Watchlist: अगर आप कुछ नया देखने की तलाश में हैं तो आने वाले समय में OTT पर बहुत कुछ नया आने वाला है। छोटे शहरों के रिश्तों पर आधारित ड्रामा और मॉर्डन अटरेक्शन की कहानियों से लेकर, इंटेंस रोमांटिक थ्रिलर तक-यहां 5 ऐसे टाइटल्स हैं जिन्हें आप शेमारूमी (ShemarooMe), नेटफ्लिक्स, ज़ी5 (ZEE5), अमेजन प्राइम वीडियो और जियोहॉटस्टार (JioHotstar) पर अपनी वॉचलिस्ट में शामिल कर सकते हैं।

1. दिल पड़ोसी – शेमारूमी (ShemarooMe)-15 अक्टूबर, 2026

एक शांत छोटे शहर की बैकग्राउंड पर बेस्ड ‘दिल पड़ोसी’ अटरेक्शन, रिश्तों और उन अनपेक्षित तरीकों की पड़ताल करती है, जिनसे कोई दूसरा व्यक्ति आपकी जिंदगी की दिशा बदल सकता है। कहानी दो जोड़ों के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनकी जिंदगी तब बदलने लगती है जब एक युवा और मॉर्डन कपल उनके पड़ोस में रहने आता है। नायरा एम. बनर्जी, प्रणव कुमार, शिवानी सिंह और जय तलवार अभिनीत यह सीरीज शादी, चाहत और खुद को पहचानने (self-discovery) के सफर को दिखाती है।

2. शायद यही है प्यार- जियोहॉटस्टार (JioHotstar)-28 सितंबर, 2026

यह हिंदी रोमांटिक ड्रामा प्रीति नाम की 35 वर्षीय महिला की कहानी है, जो एक टॉक्सिक रिश्ते से बाहर निकलने के बाद अपनी जिंदगी को फिर से संवार रही है। जब वह खुद को फिर से खोजने पर ध्यान दे रही होती है, तभी अचानक उसे आरव से गहरा लगाव हो जाता है। आरव उससे उम्र में छोटा है और उसका आना प्रीति की नजदीकी, जिंदगी में दूसरे मौके और उम्र के फासले वाले रोमांस को लेकर बनी सोच को चुनौती देता है।

3. #लव (#Love) – नेटफ्लिक्स-2 अक्टूबर, 2026

बालाजी मोहन द्वारा निर्देशित और सौंदर्या रजनीकांत द्वारा निर्मित यह rom-com दो कॉम्पटीटर डेटिंग ऐप फाउंडर्स की कहानी है। एक ऐप ‘डीप कम्पैटिबिलिटी एल्गोरिदम’ (गहरी अनुकूलता वाले एल्गोरिदम) पर आधारित है, जबकि दूसरा ऐप केवल ‘आकर्षण’ (attraction) पर जोर देता है। एक दोस्ताना शर्त अचानक एक ऐसे रोमांस में बदल जाती है, जिसका अंदाजा कोई भी एल्गोरिदम नहीं लगा सकता था।

4. रोमांचकम (Romanchakam)– नेटफ्लिक्स-1 अक्टूबर, 2026

यह लाइव रोमांटिक-कॉमेडी आधुनिक डेटिंग और युवाओं के रिश्तों को एक नए और मजेदार अंदाज में पेश करती है। यह सीरीज उन युवाओं के उतार-चढ़ाव भरे बेहद मजेदार और दिल छू लेने वाले अनुभवों को दिखाती है, जो अपने करियर के लक्ष्यों और नए-नए पनप रहे रोमांस के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

5. पूजा मेरी जान (Pooja Meri Jaan)– ZEE5-2 अक्टूबर, 2026

जो दर्शक इमोशनल रोमांटिक थ्रिलर पसंद करते हैं, उनके लिए यह कहानी एक ऐसे प्रपोजल के रिजेक्शन के इर्द-गिर्द घूमती है, जो बाद में बेकाबू हो जाता है। जब जुनून (ob्सेशन) हद से बढ़ जाता है, तो इसके गंभीर परिणाम सामने आते हैं—जिसमें कोर्ट-कचहरी के ड्रामे और रिश्तों से जुड़े ऐसे राज खुलते हैं, जो इसमें शामिल सभी लोगों के लिए खतरा बन जाते हैं।

Kawasaki KLX300 XPL revealed

Kawasaki KLX300 XPL revealed
An outdoor shot of the new Kawasaki KLX300 XPL

Kawasaki has launched the KLX300 XPL in America, priced at USD 6,499 (equivalent to Rs 6.17 lakh). This travel-oriented dual-sport motorcycle is based on the base KLX300 but has factory-fitted accessories which include a tall windscreen, handguard and rear carrier. This lineup also comprises the standard KLX300, the KLX300 DF (which adds a hand guard and a rear carrier as standard), and KLX300 SM (supermoto with 17-inch wheels and road-focused tyres).

  1. Powered by a 292cc liquid-cooled engine making 27hp, 25Nm of torque
  2. Gets adjustable suspension both at the front and rear
  3. Uses a 21/18 wheel setup like the KLX230

2027 Kawasaki KLX300 XPL details  

The liquid-cooled single-cylinder engine makes around 27hp and 25Nm of torque

Setting the new KLX300 XPL apart from the rest of the range is a distinct round LED headlight. All four variants are powered by the 292cc liquid-cooled single-cylinder engine, producing 26.8hp at 8,000rpm and 24.9Nm of torque at 6,800rpm, paired with a 6-speed gearbox. Kawasaki has introduced revised internals like a new connecting rod bearing design across the 2027 range to enhance engine performance and reliability. The twin-radiator setup from the previous model has also given way to a repositioned single unit to accommodate the new ABS hardware.

On the features front, the 2027 updates brings a redesigned LCD instrument cluster with smartphone connectivity through the Kawasaki Rideology app. Kawasaki has also equipped the KLX300 lineup with front-wheel ABS, which can be disabled to tailor braking performance when riding off-road. When the motorcycle is turned off and restarted, ABS automatically returns to its default active setting.

Chassis setup comprises a double cradle frame paired with an aluminum swingarm. Up front, it features a 43mm USD fork with adjustable compression damping, while the rear gets a fully adjustable link-type monoshock. Despite the additional equipment on offer, the KLX300 XPL (142kg) only weighs 3kg more than the KLX230 which is sold in India (139kg).

In theory, the KLX300 would make for a good step up from the KLX230 (Rs 2.19 lakh ex-showroom) sold in India, which has an air-cooled 233cc motor. However, Kawasaki India currently has made no announcement to indicate that the liquid-cooled KLX models will be coming to our shores.

USD-to-INR conversions are based on exchange rates at the time of writing.

राहुल याद रखें, आजादी के लिए नेहरू ही नहीं गए थे जेल : CM योगी

राहुल याद रखें, आजादी के लिए नेहरू ही नहीं गए थे जेल : CM योगी

स्वतंत्रता संग्राम में योगदान और महापुरुषों के सम्मान के मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी जी, एक बात नोट करना। जेल में देश की आजादी के लिए केवल और केवल नेहरू जी नहीं गए थे, देश की आजादी के लिए महाशय मसुरियादीन पासी जी भी जेल गए थे।’ 
 

मुख्यमंत्री ने कहा कि मसुरियादीन ने एक-दो महीने या चार-छह महीने नहीं, बल्कि 1932 से 1944 के बीच नौ वर्ष जेल में रहकर आजादी की लड़ाई लड़ी। इतिहास के कालचक्र में उनके जैसे महान स्वतंत्रता सेनानी को विस्मृत कर दिया गया। विरासत और विकास में विश्वास करने वाली भाजपा की डबल इंजन सरकार अपने महापुरुषों को भुला नहीं सकती। उन्होंने कहा कि महापुरुषों का सम्मान किसी परिवार की बपौती नहीं है। जिन्होंने वंचितों और दलितों को सम्मान दिलाने के लिए संघर्ष किया, उन्हें भी उनका उचित सम्मान मिलना चाहिए।

 

मुख्यमंत्री योगी तेलियरगंज स्थित महाशय मसुरियादीन स्मारक इंटर कॉलेज और टीवी कॉलोनी चौराहे के पास में महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी महाशय मसुरियादीन पासी की प्रतिमा के अनावरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि दो अक्टूबर 1911 को जन्मे मसुरियादीन की जयंती महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के दिन ही पड़ती है। इसके बावजूद उनके योगदान को इतिहास में भुला दिया गया। आज उनकी भव्य प्रतिमा की स्थापना कर सरकार ने उनकी स्मृतियों को जीवंत बनाने का कार्य किया है।

नेहरू के साथ संसद पहुंचे, फिर भी भुला दिए गए

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि महाशय मसुरियादीन ने अपना जीवन देश की स्वतंत्रता और समाज के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। अपने लगभग 66-67 वर्ष के जीवन में उन्होंने नौ वर्ष जेल में बिताए। जेल से बाहर रहकर भी स्वतंत्रता आंदोलन के लिए जनजागरण करते रहे। जनता के बीच उनके प्रति सम्मान का परिणाम था कि वर्ष 1946 में वह उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य बने। स्वतंत्र भारत में वर्ष 1952 से 1972 के बीच चार बार लोकसभा के लिए चुने गए।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1952 में एक ही सीट से दो सांसद चुने जाते थे। उस समय पंडित जवाहरलाल नेहरू और महाशय मसुरियादीन पासी एक साथ चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि देश की आजादी में ऐसे अनेक महापुरुषों ने योगदान दिया, जिनकी स्मृतियों को सम्मान मिलना चाहिए।

जरायम पेशा कानून के खिलाफ आंबेडकर और मसुरियादीन ने लड़ी लड़ाई

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम में अंग्रेजों को चुनौती देने वाली कई जातियों को अपमानित करने के लिए अंग्रेजी हुकूमत ने 1871 में जरायम पेशा कानून बनाया था। पासी समाज सहित कई जातियों को इसकी श्रेणी में रखा गया। वर्ष 1952 में संसद पहुंचने के बाद महाशय मसुरियादीन ने इस कानून के खिलाफ आवाज उठाई।

 

उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर और महाशय मसुरियादीन पासी ने इस काले कानून को समाप्त कराने की लड़ाई लड़ी। इस संघर्ष से पासी, सोनकर और अन्य वंचित समाजों को सम्मानजनक जीवन जीने तथा राष्ट्र की मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे महापुरुषों का योगदान आने वाली पीढ़ियों को बताया जाना चाहिए।

महापुरुषों का सम्मान किसी परिवार की बपौती नहीं

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि देश और समाज के लिए जीवन समर्पित करने वाले हर महापुरुष को सम्मान मिलना चाहिए। यह सम्मान किसी एक परिवार तक सीमित नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने वंचितों और दलितों की आवाज उठाई, उन्हें आगे बढ़ाने के लिए संघर्ष किया, उनकी स्मृतियों को जीवंत रखना आवश्यक है। महापुरुषों को सम्मान देकर ही समाज आगे बढ़ सकता है। अतीत को सम्मान देने से वर्तमान संवरेगा और वर्तमान संवरेगा तो भविष्य भी उज्ज्वल होगा।

 

मुख्यमंत्री ने महाशय मसुरियादीन की पुत्री कमला कुमारी और पौत्र सचिन कुमार को आश्वस्त किया कि उनके सम्मान पर किसी प्रकार की आंच नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि महाशय मसुरियादीन का सम्मान भारत के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का सम्मान है।

मसुरियादीन के नाम पर होगा चौराहा

मुख्यमंत्री योगी ने महाशय मसुरियादीन की स्मृतियों को स्थायी बनाने के लिए महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने महापौर से कहा कि जिस चौराहे पर उनकी प्रतिमा स्थापित की गई है, उसका नाम महाशय मसुरियादीन पासी के नाम पर रखने का प्रस्ताव भेजें। प्रयागराज की किसी एक प्रमुख संस्था का नाम भी उनके नाम पर रखा जाएगा। उस संस्था में उनकी भव्य प्रतिमा भी स्थापित होगी, ताकि वर्तमान और भावी पीढ़ियां उनके जीवन से प्रेरणा ले सकें।

महाराजा बिजली पासी के किले का पुनरुद्धार करा रही सरकार

मुख्यमंत्री ने पासी समाज के शौर्य और पराक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि महाराजा बिजली पासी ने 12वीं शताब्दी में लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में 12 गढ़ बनवाए थे। विदेशी आक्रांताओं से मुकाबले के लिए इन किलों का निर्माण कराया गया था। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने वर्ष 2000 में महाराजा बिजली पासी की प्रतिमा स्थापित कराई थी। अब डबल इंजन सरकार उनके लखनऊ स्थित किले का पुनरुद्धार करा रही है और इसके लिए धन उपलब्ध कराया गया है।

 

मुख्यमंत्री ने मक्का पासी और वीरांगना ऊदा देवी के बलिदान को भी याद किया। कहा कि मक्का पासी के बलिदान के बाद उनकी पत्नी ऊदा देवी ने अंग्रेजों के खिलाफ मोर्चा संभाला और लड़ते हुए बलिदान हो गईं। लखनऊ में गठित होने वाली महिला पीएसी बटालियन का नाम वीरांगना ऊदा देवी पासी के नाम पर रखा जा रहा है। उनकी भव्य अश्वारोही प्रतिमा भी स्थापित की जा रही है।

गरीबों और महापुरुषों के सम्मान के लिए समर्पित है सरकार : मौर्य

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि महाशय मसुरियादीन पासी महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। उन्होंने चार बार लोकसभा में इसी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और गरीब से गरीब व्यक्ति की बात सुनकर उसकी समस्याओं के समाधान का प्रयास किया। ऐसे महान व्यक्तित्व की प्रतिमा का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अनावरण किया जाना उनके योगदान के प्रति सम्मान है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार गरीबों के लिए समर्पित है। डबल इंजन सरकार महापुरुषों को आदर और सम्मान देने का काम कर रही है।

 

मसुरियादीन का अहम योगदान : महाशय मसुरियादीन स्मारक समिति के मंत्री एवं उनके पौत्र सचिन कुमार ने कहा कि अंग्रेजी शासन में दलित जातियों को जरायम पेशा घोषित कर उनका उत्पीड़न किया गया था। इस कानून को समाप्त कराने में महाशय मसुरियादीन का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने समाज के वंचित वर्गों को सम्मान देने के लिए मुख्यमंत्री योगी के प्रयासों की सराहना की। समारोह में कार्यक्रम के आयोजकों ने मुख्यमंत्री को हनुमान जी की प्रतिमा भेंटकर स्वागत किया गया। सचिन कुमार ने उन्हें भगवान बुद्ध की प्रतिमा और पुष्पगुच्छ भेंट किए।

 

कार्यक्रम में ये रहे मौजूद : समारोह में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, सांसद प्रवीण पटेल, विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी, गुरु प्रसाद मौर्य, दीपक पटेल, पीयूष रंजन निषाद, वाचस्पति पासी, विधान परिषद सदस्य लालजी प्रसाद निर्मल, सुरेंद्र चौधरी, महापौर गणेश केसरवानी, भाजपा गंगापार जिलाध्यक्ष निर्मला पासवान सहित अन्य जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और महाशय मसुरियादीन पासी के परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।

अमेरिका में हिंदू मंदिर में नरसंहार की बड़ी साजिश नाकाम, विदेश मंत्रालय ने जताई चिंता, जानिए क्या है पूरा मामला

अमेरिका में हिंदू मंदिर में नरसंहार की बड़ी साजिश नाकाम, विदेश मंत्रालय ने जताई चिंता, जानिए क्या है पूरा मामला

US Illinois Hindu Temple Attack: अमेरिका के इलिनोइस राज्य में एक प्रमुख हिंदू मंदिर को निशाना बनाकर की जाने वाली बड़े पैमाने पर गोलीबारी की भयावह साजिश को पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया है। इस चौंकाने वाली घटना के सामने आने के बाद भारत सरकार ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय ने इस साजिश के हिंदू-विरोधी और नस्लवादी स्वभाव को बेहद चिंताजनक बताते हुए अमेरिकी सरकार से भारतीय मूल के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की है।

 

अमेरिका के इलिनोइस राज्य स्थित ऑरोरा (Aurora) इलाके में बने एक बड़े हिंदू मंदिर के बड़े समूह को निशाना बनाकर गोलीबारी करने की एक बड़ी और खौफनाक साजिश का पर्दाफाश हुआ है। हालांकि अमेरिकी जांच एजेंसियों और स्थानीय पुलिस की मुस्तैदी से यह जानलेवा हमला होने से टल गया। घटना के बाद भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने कड़ा रुख अपनाते हुए इस तरह की नस्लीय और धर्म-विरोधी नफरत पर गहरा दुख और चिंता व्यक्त की है।

भारत विरोधी नफरत पर चिंता 

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस कथित साजिश का हिंदू-विरोधी और नस्लवादी स्वभाव खास तौर पर चिंताजनक है, जिसमें भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ सीधे तौर पर हिंसा फैलाने की बात कही गई है। यह घटना अमेरिका में बढ़ती नस्लवादी दुश्मनी और भारत विरोधी नफरत की चिंताओं को और बढ़ाती है।

जायसवाल ने पुष्टि की कि अमेरिकी पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ प्रासंगिक धाराओं में आरोप तय किए गए हैं। विदेश मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अमेरिकी प्रशासन को ज्यादा सतर्कता बरतनी होगी और नफरत से प्रेरित ऐसी हिंसक घटनाओं के खिलाफ सख्त और ठोस कदम उठाने होंगे।

क्या है पूरा मामला?

यह खौफनाक साजिश इलिनोइस के पैलेटाइन शहर के रहने वाले 19 वर्षीय युवक अलेक्जेंड्रोस पापोराकिस (Alexandros Paporakis) से जुड़ी है। अलेक्जेंड्रोस स्थानीय ‘टैको बेल’ आउटलेट में काम करता था और अपने सहकर्मियों के सामने खुद को खुले तौर पर ‘श्वेत वर्चस्ववादी’ और ‘नव-नाजी’ घोषित करता था।

 

रिपोर्ट्स के अनुसार, रविवार (11 अक्टूबर) को अलेक्जेंड्रोस ऑरोरा स्थित सबसे बड़े हिंदू मंदिर परिसर में दाखिल हुआ। उसका इरादा वहां मौजूद लोगों पर अंधाधुंध गोलीबारी करने का था। हालांकि, जब उसने मंदिर के भीतर अपनी राइफल से गोली चलाने की कोशिश की, तो भाग्यवश उसकी राइफल जाम हो गई। हमला करने में नाकाम रहने के बाद वह घबराकर मौके से फरार हो गया।

सहकर्मी की सतर्कता से हुई गिरफ्तारी

घटना के बाद जब उसने अपने इस हिंसक प्रयास की बात अपने एक सहकर्मी से साझा की, तो उस सजग सहकर्मी ने बिना देर किए तुरंत स्थानीय पुलिस को इस खतरे से अलर्ट किया। पुलिस ने बिना समय गंवाए जाल बिछाया और संदिग्ध अलेक्जेंड्रोस को उस वक्त धर दबोचा जब वह अपने घर से बाहर निकल रहा था। जब पुलिस और जांच एजेंसियों ने अलेक्जेंड्रोस के ठिकाने की तलाशी ली, तो वहां से भारी मात्रा में घातक सामग्री बरामद हुई। इनमें एक AR-स्टाइल सेमी-ऑटोमैटिक राइफल, लगभग 300 राउंड जिंदा कारतूस और कई लोडेड मैगजीन शामिल हैं।

 

इसके साथ ही बॉडी आर्मर (बुलेटप्रूफ जैकेट), टैक्टिकल गियर और नाजी प्रतीकों वाले सामान भी बरामद हुआ। उसने 8 पन्नों के दस्तावेज में विशेष रूप से भारतीय, यहूदी और अफ्रीकी-अमेरिकी लोगों के प्रति घृणा जाहिर करते हुए उन्हें अपना निशाना बनाने की बात लिखी थी। अदालत और स्थानीय पुलिस के साथ-साथ अब एफबीआई (FBI) भी इस मामले की गहन जांच में जुट गई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस खौफनाक आतंकी साजिश में उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति या कोई नफरती संगठन भी शामिल था।

अमेरिका में हिंदू मंदिर में नरसंहार की बड़ी साजिश नाकाम, विदेश मंत्रालय ने जताई चिंता, जानिए क्या है पूरा मामला

अमेरिका में हिंदू मंदिर में नरसंहार की बड़ी साजिश नाकाम, विदेश मंत्रालय ने जताई चिंता, जानिए क्या है पूरा मामला

US Illinois Hindu Temple Attack: अमेरिका के इलिनोइस राज्य में एक प्रमुख हिंदू मंदिर को निशाना बनाकर की जाने वाली बड़े पैमाने पर गोलीबारी की भयावह साजिश को पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया है। इस चौंकाने वाली घटना के सामने आने के बाद भारत सरकार ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय ने इस साजिश के हिंदू-विरोधी और नस्लवादी स्वभाव को बेहद चिंताजनक बताते हुए अमेरिकी सरकार से भारतीय मूल के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की है।

 

अमेरिका के इलिनोइस राज्य स्थित ऑरोरा (Aurora) इलाके में बने एक बड़े हिंदू मंदिर के बड़े समूह को निशाना बनाकर गोलीबारी करने की एक बड़ी और खौफनाक साजिश का पर्दाफाश हुआ है। हालांकि अमेरिकी जांच एजेंसियों और स्थानीय पुलिस की मुस्तैदी से यह जानलेवा हमला होने से टल गया। घटना के बाद भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने कड़ा रुख अपनाते हुए इस तरह की नस्लीय और धर्म-विरोधी नफरत पर गहरा दुख और चिंता व्यक्त की है।

भारत विरोधी नफरत पर चिंता 

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस कथित साजिश का हिंदू-विरोधी और नस्लवादी स्वभाव खास तौर पर चिंताजनक है, जिसमें भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ सीधे तौर पर हिंसा फैलाने की बात कही गई है। यह घटना अमेरिका में बढ़ती नस्लवादी दुश्मनी और भारत विरोधी नफरत की चिंताओं को और बढ़ाती है।

जायसवाल ने पुष्टि की कि अमेरिकी पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ प्रासंगिक धाराओं में आरोप तय किए गए हैं। विदेश मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अमेरिकी प्रशासन को ज्यादा सतर्कता बरतनी होगी और नफरत से प्रेरित ऐसी हिंसक घटनाओं के खिलाफ सख्त और ठोस कदम उठाने होंगे।

क्या है पूरा मामला?

यह खौफनाक साजिश इलिनोइस के पैलेटाइन शहर के रहने वाले 19 वर्षीय युवक अलेक्जेंड्रोस पापोराकिस (Alexandros Paporakis) से जुड़ी है। अलेक्जेंड्रोस स्थानीय ‘टैको बेल’ आउटलेट में काम करता था और अपने सहकर्मियों के सामने खुद को खुले तौर पर ‘श्वेत वर्चस्ववादी’ और ‘नव-नाजी’ घोषित करता था।

 

रिपोर्ट्स के अनुसार, रविवार (11 अक्टूबर) को अलेक्जेंड्रोस ऑरोरा स्थित सबसे बड़े हिंदू मंदिर परिसर में दाखिल हुआ। उसका इरादा वहां मौजूद लोगों पर अंधाधुंध गोलीबारी करने का था। हालांकि, जब उसने मंदिर के भीतर अपनी राइफल से गोली चलाने की कोशिश की, तो भाग्यवश उसकी राइफल जाम हो गई। हमला करने में नाकाम रहने के बाद वह घबराकर मौके से फरार हो गया।

सहकर्मी की सतर्कता से हुई गिरफ्तारी

घटना के बाद जब उसने अपने इस हिंसक प्रयास की बात अपने एक सहकर्मी से साझा की, तो उस सजग सहकर्मी ने बिना देर किए तुरंत स्थानीय पुलिस को इस खतरे से अलर्ट किया। पुलिस ने बिना समय गंवाए जाल बिछाया और संदिग्ध अलेक्जेंड्रोस को उस वक्त धर दबोचा जब वह अपने घर से बाहर निकल रहा था। जब पुलिस और जांच एजेंसियों ने अलेक्जेंड्रोस के ठिकाने की तलाशी ली, तो वहां से भारी मात्रा में घातक सामग्री बरामद हुई। इनमें एक AR-स्टाइल सेमी-ऑटोमैटिक राइफल, लगभग 300 राउंड जिंदा कारतूस और कई लोडेड मैगजीन शामिल हैं।

 

इसके साथ ही बॉडी आर्मर (बुलेटप्रूफ जैकेट), टैक्टिकल गियर और नाजी प्रतीकों वाले सामान भी बरामद हुआ। उसने 8 पन्नों के दस्तावेज में विशेष रूप से भारतीय, यहूदी और अफ्रीकी-अमेरिकी लोगों के प्रति घृणा जाहिर करते हुए उन्हें अपना निशाना बनाने की बात लिखी थी। अदालत और स्थानीय पुलिस के साथ-साथ अब एफबीआई (FBI) भी इस मामले की गहन जांच में जुट गई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस खौफनाक आतंकी साजिश में उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति या कोई नफरती संगठन भी शामिल था।

Stellantis lines up 12 Citroen, Jeep launches for India by 2030

Stellantis lines up 12 Citroen, Jeep launches for India by 2030
Stellantis lines up 12 Citroen, Jeep launches for India by 2030

Stellantis has confirmed 12 Citroen and Jeep launches for India by 2030 as part of a roadmap dubbed ‘FaSTLAne 2030’. Speaking to Autocar India at the 2026 Paris Motor Show, Tianshu Xin – the head of Stellantis China and Asia-Pacific – confirmed a new investment of Rs 4,000 crore for the Indian market and said, “The plan is to introduce 12 new models in the next three years…seven of them will be new models and five are upgrades.”

Stellantis India lines up a dozen launches across Citroen and Jeep

Multiple SUVs inbound, along with an MPV, an entry-level car, and a premium pickup

The first model under FaSTLAne 2030 is scheduled to go on sale in India by the second quarter of 2027. This influx of new Citroen and Jeep launches will cover the compact, midsize, and premium SUV segments, and include a new MPV, an entry-level car, and a premium pickup truck. Of the 12 launches, seven will be from Citroen and five from Jeep.

Brand footprints to be expanded in India

Stellantis says these brands will play “distinct but complementary roles” in its line-up – Jeep will bolster its current position in the premium SUV arena, and Citroen will do the same in the mass-market segments. Expanding the customer reach of Citroen and Jeep is crucial, and Stellantis has committed to growing the brands’ retail and service networks, especially in Tier 2, 3, and 4 cities, along with increasing parts availability.

More Stellantis EVs coming, hybrids also confirmed

Additionally, Stellantis has confirmed a new multi-fuel strategy for the Indian market, which will span “efficient internal combustion engines, hybrid, plug-in hybrid (PHEV), and battery-electric (BEV) technologies.” These are already offered by Stellantis brands globally, and it should be interesting to see the specific powertrains that make it to India. As it stands, the majority of Stellantis India’s powertrain offerings are petrol; Citroen and Maserati also offer EVs, while Jeep additionally offers diesel in entry-level models.

Localisation target of 90 percent

According to Xin, the new models under FaSTLAne 2030 will be produced in India, so localisation will play a key role for competitive pricing. In light of that, Stellantis has set a target of 90 percent localisation across Jeep and Citroen, and will bank on its Indian R&D and manufacturing facilities, along with its supplier ecosystem, to achieve this. Moreover, India-developed FaSTLAne 2030 models will be exported to overseas markets.

Stellantis India’s two major brands, Citroen and Jeep, haven’t been very successful at attracting buyers in recent years. Citroen’s cars, despite recent updates, have struggled to gain traction in India due to their rivals being more aspirational and feature-rich. Jeep India, meanwhile, hasn’t launched any new models or facelifts in several years, turning prospective buyers away to more updated offerings. FaSTLAne 2030 is looking to be the shot in the arm that Stellantis India needs to pique buyer interest again.

What about Leapmotor?

Xin also provided an update on the long-overdue India entry of Stellantis’s Chinese EV brand, Leapmotor. Stellantis had planned to bring Leapmotor to India in 2025, but that evidently didn’t pan out. Xin noted that Leapmotor’s India entry is still being studied, and that there has to be enough “volume potential to justify the business case.” Therefore, a decision on Leapmotor entering India will only be made when the business case is ‘proven and solid.’