Saif Ali Khan: सैफ अली खान ने मुंबई के अंधेरी में लीज पर दिए दो ऑफिस, किराया 22.76 लाख रुपये महीना

Saif Ali Khan: CRE Matrix द्वारा हासिल किए गए प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन दस्तावेजों के अनुसार सैफ अली खान ने मुंबई के अंधेरी कुर्ला रोड पर 5,692 वर्ग फुट (RERA कारपेट एरिया) की दो कमर्शियल यूनिट्स को ₹22.76 लाख के मासिक किराए पर दिया है।

दस्तावेजो के मुताबिक ‘लीव एंड लाइसेंस’ समझौता 29 सितंबर 2026 को रजिस्टर किया गया था। यह समझौता 10 मई 2026 से 9 मई 2031 तक, यानी पांच साल की अवधि के लिए है। यह जगह ‘दुर्वा फिनटेक प्राइवेट लिमिटेड’ को लीज पर दी गई है, जिसका प्रतिनिधित्व कंपनी के डायरेक्टर विकास मोहन सचदेवा कर रहे हैं। वे ही ‘लाइसेंसी’ (लाइसेंस लेने वाले) हैं। वहीं खान ‘लाइसेंसर’ (लाइसेंस देने वाले) हैं, जो अपने अधिकृत प्रतिनिधि (अटॉर्नी) के जरिए यह समझौता कर रहे हैं।

प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन दस्तावेजों के अनुसार लीज पर ली गई जगह अंधेरी ईस्ट के चकाला में स्थित ‘कनाकिया वॉल स्ट्रीट’ नामक इमारत की ऊपरी मंजिलों पर मौजूद कमर्शियल यूनिट्स हैं। समझौते के तहत कुल 5,692 वर्ग फुट जगह के लिए ₹22,76,800 का मासिक किराया तय किया गया है, जो RERA कारपेट एरिया के हिसाब से लगभग ₹400 प्रति वर्ग फुट प्रति माह बैठता है।

इस समझौते में ₹2.36 करोड़ की सिक्योरिटी डिपॉजिट शामिल है, जो शुरुआती मासिक किराए के 10 महीने से भी अधिक के बराबर है। किराएदार को 10 मई 2026 से 9 जुलाई 2026 तक, यानी दो महीने के लिए बिना किराए की अवधि दी गई है। ताकि वे 10 जुलाई 2026 (किराया शुरू होने की तारीख) से पहले अपनी जरूरत के हिसाब से जगह तैयार (फिट-आउट) कर सकें। पांच साल की लीज अवधि के दौरान, मासिक किराए में हर साल 5% की बढ़ोतरी होगी।

समझौते के अनुसार 60 महीने की अवधि में कुल किराया लगभग ₹14 करोड़ से अधिक होगा, जिसमें लागू वस्तु एवं सेवा कर (GST) शामिल नहीं है। पंजीकरण दस्तावेजों से यह भी पता चलता है कि खान ने नवंबर 2025 में ये दो कमर्शियल यूनिट्स खरीदीं। इंडेक्स-II के रिकॉर्ड बताते हैं कि एक यूनिट ₹30 करोड़ से अधिक में खरीदी गई थी, जिससे कुल खरीद मूल्य ₹30.75 करोड़ हो गया। CRE मैट्रिक्स के अनुसार, ये दोनों खरीद 18 नवंबर 2025 को ‘एपिकोर फार्मास्यूटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड’ से पंजीकृत कराई गई थीं।

जिस इलाके में सैफ अली खान के ये ऑफिस यूनिट्स हैं, वहीं हाल ही में एलन मस्क के सैटेलाइट इंटरनेट वेंचर ‘स्टारलिंक सैटेलाइट कम्युनिकेशंस प्राइवेट लिमिटेड’ ने मुंबई के चांदीवली इलाके में 1,294 वर्ग फुट की ऑफिस जगह पांच साल के लिए लीज पर ली है, जिसका कुल किराया ₹2.33 करोड़ है।

सैफ अली खान का रियल एस्टेट पोर्टफोलियो

सैफ अली खान मुंबई के पॉश इलाके बांद्रा वेस्ट में एक आलीशान अपार्टमेंट में रहते हैं। लगभग एक दशक पहले ‘सतगुरु शरण’ बिल्डिंग में खरीदे गए 24 करोड़ रुपये के फ्लैट के अलावा उनके पास मुंबई में कुछ और प्रॉपर्टी भी हैं। इंडेक्सटैप.कॉम (IndexTap.com) द्वारा हासिल किए गए ‘प्रॉपर्टी इंडेक्स-2’ दस्तावेजों के अनुसार, खान का 6,500 वर्ग फुट से बड़ा यह अपार्टमेंट अप्रैल 2012 में रियल एस्टेट डेवलपर ‘सतगुरु बिल्डर्स’ से 23.50 करोड़ रुपये में खरीदा गया था।

इस अपार्टमेंट में जाने से पहले सैफ अली खान और करीना बांद्रा के ‘फॉर्च्यून हाइट्स’ अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स में रहते थे। रिपोर्ट्स के अनुसार 2013 में इस चार मंजिला प्रॉपर्टी की कीमत ₹48 करोड़ थी, जिसमें 3BHK यूनिट्स थीं। जैपकी.कॉम (Zapkey.com) द्वारा हासिल किए गए प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन दस्तावेजों के मुताबिक अप्रैल 2016 में सैफ अली खान ने मुंबई के बांद्रा स्थित ‘फॉर्च्यून हाइट्स’ में 950 वर्ग फुट से बड़ा एक अपार्टमेंट ₹7 करोड़ में खरीदा था।

Stock Market Outlook: ‘शेयर बाजार में निवेश का सही मौका’, राजेश कोठारी ने कहा- 3 साल में मिल सकता है तगड़ा रिटर्न

Stock Market Outlook: AlfAccurate Advisors के मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश कोठारी का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार अगले 3 से 5 साल में अच्छा रिटर्न दे सकता है। इसके पीछे कंपनियों की कमाई में सुधार, अर्थव्यवस्था की मजबूती और शेयरों की वाजिब वैल्यूएशन जैसे कारण हैं।

CNBC-TV18 को दिए इंटरव्यू में कोठारी ने कहा कि अब इक्विटी में निवेश बढ़ाने का समय है। निवेशकों को लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप, तीनों तरह के शेयरों में मौके तलाशने चाहिए। पिछले दो साल में बाजार से खास रिटर्न नहीं मिला है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन भी कमजोर रहा है।

अर्थव्यवस्था की मजबूती पर भरोसा

कोठारी के मुताबिक, महंगे कच्चे तेल और ऊंची ब्याज दरों की चिंताओं के बावजूद भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत है। नॉन-फूड क्रेडिट ग्रोथ 17-18%, इंडस्ट्रियल क्रेडिट ग्रोथ 20% और पर्सनल लोन में 16% की बढ़ोतरी इसका संकेत है। उनके मुताबिक, इंडस्ट्रियल क्रेडिट ग्रोथ 2011 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंची है।

खपत, सरकार का कैपिटल एक्सपेंडिचर और निर्यात में सुधार भी अर्थव्यवस्था को सहारा दे रहे हैं। कंपनियों की कमाई में भी सुधार दिख रहा है। साथ ही, बाजार की वैल्यूएशन अपने 10 साल के औसत P/E रेशियो से नीचे है।

FII की बिकवाली हर कंपनी के लिए खतरे का संकेत नहीं

कोठारी ने कहा कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली को सिर्फ भारत से उनकी नाराजगी के तौर पर नहीं देखना चाहिए। निवेशकों को नेट खरीद-बिक्री के बजाय कुल खरीद और बिक्री पर भी नजर डालनी चाहिए।

उनके मुताबिक, विदेशी निवेशक उन कंपनियों से पैसा निकाल रहे हैं, जो उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाईं। इसलिए बिकवाली का कारण कई बार देश के बजाय किसी खास कंपनी का कमजोर प्रदर्शन होता है।

इन सेक्टरों में दिख रहे हैं मौके

कोठारी को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS), एयरोस्पेस, कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग (CDMO) और ऑटो एंसिलरी कंपनियों में संभावनाएं दिख रही हैं। EMS सेक्टर को सरकार की PLI स्कीम और भारतीय कंपनियों की बढ़ती उत्पादन क्षमता से मदद मिल रही है।

बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज भी उनकी पसंद में शामिल हैं। मजबूत क्रेडिट ग्रोथ, बेहतर एसेट क्वालिटी और नियंत्रित क्रेडिट लागत से इस सेक्टर को फायदा मिल सकता है। उन्हें स्पेशियलिटी केमिकल्स, कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी और ट्रैवल, मीडिया व डिजिटल एडवर्टाइजिंग प्लेटफॉर्म कारोबार में भी अवसर दिखते हैं।

हर शेयर में तेजी की उम्मीद न करें

कोठारी ने स्टॉक चुनते समय सावधानी बरतने की सलाह दी। उनके मुताबिक, पिछले पांच साल में कोई भी लार्जकैप कंपनी हर साल 20% की ग्रोथ दर्ज नहीं कर पाई। मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में भी करीब 8% ही लगातार इतनी ग्रोथ हासिल कर पाईं।

उन्होंने कहा कि कई प्लेटफॉर्म कंपनियां अब कर्ज-मुक्त हो चुकी हैं। इससे कारोबार को लंबे समय तक आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

Reliance Jio Origin Story: ईशा अंबानी ने सुनाया जियो की शुरुआत का दिलचस्प किस्सा, वो घटना जिसने भारत में ला दी डिजिटल क्रांति

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Jio IPO से पहले आकाश अंबानी का बड़ा बयान, बोले- 2030-31 तक 1.4 लाख करोड़ डॉलर की होगी भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था

Jio IPO से पहले आकाश अंबानी का बड़ा बयान, बोले- 2030-31 तक 1.4 लाख करोड़ डॉलर की होगी भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था

Jio IPO News: रिलायंस जियो के प्रस्तावित आईपीओ से पहले जियो प्लेटफॉर्म्स के चेयरमैन आकाश अंबानी ने भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था और कंपनी की भविष्य की रणनीति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि वित्त वर्ष 2030-31 तक भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था 1.4 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंच जाएगी और इसमें जियो की बड़ी बाजार हिस्सेदारी होगी। आकाश अंबानी के मुताबिक, जियो का लक्ष्य भारत को एक अग्रणी डिजिटल समाज बनाने में मदद करना है।

 

उन्होंने जियो की डेटा सेवाओं की कीमतों का जिक्र करते हुए कहा कि कंपनी प्रति जीबी डेटा के लिए दुनिया में सबसे कम कीमतों में से एक पर सेवाएं उपलब्ध कराती है। जियो आईपीओ के जरिए कंपनी अब निवेशकों के सामने खुद को केवल मोबाइल सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि एक प्रौद्योगिकी कंपनी के रूप में पेश करने की तैयारी में है।

 

जियो आईपीओ से पहले आकाश अंबानी ने क्या कहा?

 

आकाश अंबानी ने कहा कि भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था आने वाले वर्षों में तेजी से बढ़ सकती है। कंपनी को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2030-31 तक इसका आकार 1.4 लाख करोड़ डॉलर हो जाएगा। जियो इस विकास में बड़ी भूमिका निभाने और अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने की संभावनाएं देख रही है।

 

उन्होंने कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स भारत को एक अग्रणी डिजिटल समाज बनाने में प्रभावी भागीदार बन सकती है। कंपनी की रणनीति डिजिटल कनेक्टिविटी, नेटवर्क और तकनीकी सेवाओं का विस्तार करने पर केंद्रित है।

 

मोबाइल कंपनी नहीं, टेक्नोलॉजी कंपनी के रूप में पहचान बनाना चाहती है जियो

 

जियो प्लेटफॉर्म्स ने निवेशकों से कंपनी का मूल्यांकन केवल मोबाइल सेवा प्रदाता के तौर पर नहीं, बल्कि एक प्रौद्योगिकी कंपनी के रूप में करने की अपील की है। कंपनी का कहना है कि उसकी कारोबारी संभावनाएं दूरसंचार सेवाओं से आगे भी फैली हुई हैं।

 

जियो के अनुसार, वह विदेशों में दूरसंचार कंपनियों को नेटवर्क सॉफ्टवेयर और उपकरण उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर काम करेगी। इससे कंपनी को अंतरराष्ट्रीय बाजार में विस्तार करने का अवसर मिल सकता है। हालांकि, उपलब्ध विवरणों के मुताबिक, जियो का कारोबार फिलहाल मुख्य रूप से भारतीय बाजार पर केंद्रित है।

 

कंपनी की यह रणनीति आईपीओ के संदर्भ में महत्वपूर्ण है, क्योंकि निवेशक कंपनी की मौजूदा आय के साथ-साथ भविष्य में बढ़ने की संभावनाओं का भी आकलन करेंगे।

 

21 अक्टूबर को खुलेगा जियो का आईपीओ

 

रिलायंस इंडस्ट्रीज की दूरसंचार और डिजिटल सेवा इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रस्तावित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) 21 अक्टूबर को खुलने और 23 अक्टूबर को बंद होने वाला है। कंपनी की ओर से सेबी के पास जमा विवरण पुस्तिका के अनुसार, यह भारत की ग्राहकों की संख्या के लिहाज से सबसे बड़ी मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनी का आईपीओ होगा। 

कर्नाटक में एसआईआर के खिलाफ अभियान तेज करेगा इंडिया गठबंधन

इंडिया गठबंधन कर्नाटक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ अभियान तेज करेगा और इस सिलसिले में विपक्षी दल शुक्रवार को बेंगलुरु में बैठक कर पात्र मतदाताओं के नाम कथित तौर पर सूची से हटाए जाने, मतदान के अधिकारों की रक्षा और संयुक्त राजनीतिक एवं कानूनी कार्रवाई की रणनीति पर विचार करेंगे।

कर्नाटक कांग्रेस की ओर से बुलाई गई बैठक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद के नेतृत्व में होगी। इसमें मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), भाकपा (माले) लिबरेशन, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक और समाजवादी पार्टी सहित अन्य विपक्षी दलों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

कांग्रेस ने गुरुवार को जारी विज्ञप्ति में बताया कि बैठक में पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने के आरोपों और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़ी चिंताओं पर चर्चा की जाएगी। विपक्षी दल इन मुद्दों को राजनीतिक अभियान, कानूनी हस्तक्षेप और जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से उठाने के उपायों पर विचार करेंगे।

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बैठक में राज्य, जिला और जमीनी स्तर पर विपक्षी दलों के बीच समन्वय मजबूत करने, शिकायतों का दस्तावेजीकरण करने तथा कथित अनियमितताओं के मामलों को संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाने की रणनीति भी बनाई जाएगी। इसके अलावा मतदाताओं को अपने पंजीकरण की स्थिति जांचने और मतदाता सूची में किसी विसंगति की सूचना निर्धारित प्रक्रिया के तहत देने के लिए जागरूक करने पर भी चर्चा होगी।

विपक्षी दलों ने मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता और पात्र नागरिकों के मतदान के अधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता जताई है। शुक्रवार की बैठक में इस संबंध में गठबंधन के आगे के अभियान की रूपरेखा तय की जाएगी। कर्नाटक कांग्रेस ने कहा है कि बैठक में मतदान के अधिकारों की रक्षा करने और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर ध्यान दिया जाएगा।

यह बैठक मतदाता सूची में संशोधन और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने में चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर चल रही व्यापक राजनीतिक बहस के बीच हो रही है। विपक्ष ने जहां पात्र मतदाताओं के सूची से बाहर रह जाने की आशंका जताई है, वहीं गलत तरीके से नाम हटाए जाने के विशिष्ट आरोपों की पुष्टि आधिकारिक चुनावी रिकॉर्ड से करनी होगी।

Pic Credit : UNI

भारत पर 100% टैरिफ का फैसला 10 दिन में संभव:अमेरिकी राजदूत बोले- रूस से तेल खरीदने पर प्रतिबंध लगाएं या नहीं, ट्रम्प तय करेंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर करीब 10 दिन में फैसला ले सकते हैं। यह बात अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में कही। गोर ने कहा कि भारत को प्रतिबंधों से छूट मिलेगी या नहीं, यह भी ट्रम्प ही तय करेंगे। अमेरिकी संसद ने 18 सितंबर को रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने का बिल पास किया था। ट्रम्प ने भी इस कानून को मंजूरी दे दी है, लेकिन किसी देश पर प्रतिबंध नहीं लगाया है। हालांकि कानून पारित होने के 30 दिनों के भीतर फैसला लेना जरूरी है। गोर ने कहा कि इस कानून का मकसद किसी देश को सजा देना नहीं, बल्कि रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने के लिए रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाना है। अमेरिका दूसरे देशों के साथ मिलकर रूस को युद्ध के लिए मिलने वाले पैसे को धीरे-धीरे कम करना चाहता है। कानून में प्रतिबंध लगाने के तीन आधार सर्जियो गोर ने कहा कि संसद ने प्रतिबंधों के तीन विकल्प दिए हैं। इनमें तेल, गैस और प्रतिबंधों से बचने में मदद करना शामिल है। उन्होंने कहा, “इन प्रतिबंधों का निशाना किसी एक देश पर नहीं है। कांग्रेस ने तीन अलग-अलग श्रेणियां तय की हैं। पहली तेल, दूसरी गैस और तीसरी प्रतिबंधों से बचने में मदद करना है।” गोर ने कहा कि इन श्रेणियों में शामिल लोगों की पहचान आंकड़ों के आधार पर की जाती है। उन्होंने कहा कि भारत भी कई अन्य देशों के साथ इनमें से एक श्रेणी में आता है। ट्रम्प अब खुद रूस से डीजल खरीद रहे ट्रम्प अब खुद रूस से डीजल खरीदने जा रहे हैं। उन्होंने रूस से डीजल खरीदने पर लगी रोक 7 अप्रैल 2027 तक हटा दी है। अमेरिका में ईरान जंग के बाद डीजल की कीमतें बढ़कर 6.28 डॉलर प्रति गैलन हो गई हैं। माना जा रहा है कि कीमतें कम करने के लिए ट्रम्प ने यह फैसला लिया है। अमेरिका में जंग से पहले डीजल करीब 3.70 डॉलर प्रति गैलन बिक रहा था। अब इसकी कीमत 6.28 डॉलर हो गई है। 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले ईंधन की बढ़ती कीमतें ट्रम्प प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं। ट्रम्प के मुताबिक, रूस तुरंत 3 लाख टन से ज्यादा डीजल भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी। आगे चलकर यह मात्रा 30 लाख टन तक पहुंच सकती है। भारत से ट्रेड डील पर भी बातचीत जारी गोर ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर कहा कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है और बड़े मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अब कुछ छोटे मुद्दों पर चर्चा बाकी है। दोनों देशों के बीच करीब डेढ़ साल से बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ डिफेंस, आईटी, डेटा सेंटर और चिप मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहता है। गोर ने भारत को AI डेवलपमेंट का बड़ा केंद्र बनने के लिए उपयुक्त बताया। उनके मुताबिक, भारतीय और अमेरिकी टेक कंपनियों की साझेदारी से दोनों देशों को फायदा होगा।

Mahindra XUV 3XO crosses 5 lakh sales milestone

Mahindra XUV 3XO crosses 5 lakh sales milestone
Mahindra XUV 3XO front quarter tracking

The XUV 3XO is the latest model from Mahindra to achieve the 5 lakh domestic market wholesales milestone. This total comprises sales of the XUV300 launched in April 2024, the rebranded model XUV 3XO introduced in April 2024, and the XUV 3XO EV unveiled in January 2026.

Collated sales data for this Mahindra compact SUV from February 2019 to September 2026 shows total domestic market wholesales of 505,590 units. An additional 37,000 units have also been exported.

XUV 3XO Sales Trend: Record Month and the Last 100,000 Units

Mahindra XUV300 / 3XO / 3XO EV Sales

Fiscal

Units

YoY % change

 

FY2019

9,532

 

FY2020

37,576

294%

FY2021

35,965

-4%

FY2022

50,260

40%

FY2023

60,968

21%

FY2024

54,174

-11%

FY2025

1,00,923

86%

FY2026

1,03,341

2%

FY2027*

52,851

19%

Total

5,05,590

 

This Mahindra SUV registered its highest monthly sales in October 2025 (12,237 units) when the 3XO achieved the 4 lakh milestone. This also means that the last 1 lakh 3XOs, comprising both ICE and EV, have been sold in the past 11-odd months. 

The 5,05,590 sales units give the 3XO brand a 17% share of the 30 lakh (30,12,830) SUVs Mahindra has sold from February 2024 till September 2026. FY2026 (103,341 XUV 3XOs), a marginal 2 percent improvement over FY2025 (1,00,923 units), was the best fiscal year yet for this compact SUV. In the first six months of FY2027, the 52,851 units are a 19 percent YoY increase (April-September 2025: 44,400 units) and give the XUV 3XO a 15 percent share of the 3,58,142 SUVs Mahindra dispatched to its dealers. Of the total 5,05,590 units sold, the XUV300 is estimated to account for 2,48,493 units from February 2019 to April 2024. The XUV 3XO, which took over, has sold 2,57,097 units. 

CNG Demand to bring more sales in FY27

Mahindra XUV 3XO CNG

With the addition of a CNG powertrain, the 3XO compact SUV will address a larger target buyer category. Current market trends indicate that CNG-powered vehicles, which typically draw value-conscious buyers keen on lower running costs, now also include buyers in higher-priced vehicle segments. CNG is now a mainstream fuel, particularly in the wake of higher petrol and diesel prices, and Mahindra is looking to tap this growing demand with the arrival of the XUV 3XO CNG. Suffice it to say that FY2027 should see the XUV 3XO (ICE, EV and CNG) achieve its highest-ever fiscal sales of around 1.25 lakh units.

XUV 3XO powertrain options and price

The XUV 3XO is Mahindra’s most affordable model and competes in the compact SUV space. Priced from Rs 7.79 lakh to Rs 15.04 lakh, it is offered with a 111hp, 200Nm 1.2-litre turbo-petrol engine that can also be paired with a factory-fitted CNG kit, a 131hp, 230Nm, turbo-petrol engine, and a 117hp, 300Nm, 1.5-litre turbo-diesel engine. All-electric versions range from Rs 13.89 lakh to Rs 14.96 lakh, and utilise a 39.4kWh battery pack paired with a front-mounted motor that produces 150hp and 310Nm and gets a claimed range of 351km.

All prices are ex-showroom, India

चौकी में महिला से बर्बरता, 3 दिन तक जूतों-डंडों से पीटा, चोरी के शक में पुलिस लाई थी

कानपुर के फजलगंज की गुमटी नंबर पांच चौकी में चोरी के शक में महिला को तीन दिन तक रखने और जूते-डंडों से पीटने का आरोप लगा है। परिजनों ने हंगामा किया। पुलिस ने मारपीट के आरोपों को गलत बताया है।

CJP की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हंगामा, अभिजीत दीपके बोले- 50-100 रुपए देकर बाहर कीजिए, लहरा दो तिरंगा को लेकर बताया प्लान

CJP की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हंगामा, अभिजीत दीपके बोले- 50-100 रुपए देकर बाहर कीजिए, लहरा दो तिरंगा को लेकर बताया प्लान

cjp press confrance

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की प्रमुख नेहा बोरा और अन्य नेताओं को गुरुवार, 15 अक्टूबर को दिल्ली के प्रेस क्लब में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विरोध का सामना करना पड़ा। पत्रकारों से खचाखच भरे परिसर में कुछ लोगों ने ‘बंद करो, दफा हो जाओ’ के नारे लगाए। इस पर अभिजीत दीपके ने तंज कसते हुए आरोप लगाया कि कुछ लोग पैसे लेकर हंगामा करने आए हैं।

यह प्रेस कॉन्फ्रेंस CJP के सह-संयोजक सौरभ दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी तथा उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के विरोध में आयोजित की गई थी। इस दौरान दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर भी निशाना साधा।

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प्रेस क्लब में अचानक शुरू हुआ विरोध, नेताओं ने जताई नाराजगी

 

दिल्ली के प्रेस क्लब में विभिन्न छात्र संगठनों और सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस चल रही थी। नेता बारी-बारी से अपनी बात रख रहे थे। इसी दौरान AISA की प्रमुख नेहा बोरा के संबोधन के बीच कुछ लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया।

 

प्रत्यक्ष विवरण के मुताबिक, परिसर में ‘बंद करो, दफा हो जाओ’ जैसी आवाजें सुनाई देने लगीं। इससे वहां मौजूद पत्रकारों का ध्यान पीछे की ओर चला गया। नेहा बोरा ने लोगों को शांत कराने की कोशिश की और प्रेस क्लब प्रबंधन से हंगामा कर रहे लोगों को बाहर करने की अपील की।

 

इसके बाद अभिजीत दीपके ने माइक संभालते हुए विरोध करने वालों पर पैसे लेकर हंगामा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “इनको 50-100 का नोट दे दीजिए। इसलिए वे आए हैं। प्रेस क्लब वालों से कहता हूं कि इन्हें 50-100 का नोट देकर बाहर कर दीजिए।” नेहा बोरा ने भी इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विरोध करने वालों को एक कोने में ऐसा करने दिया जाए और पत्रकार अपना काम जारी रखें।

 

ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए कार्रवाई का आरोप

 

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना विरोध दोहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकारी तंत्र का इस्तेमाल ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए किया जा रहा है।

 

दीपके ने दावा किया कि पिछले कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे युवाओं के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और विपक्षी नेताओं को भी हिरासत में लिया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर एक व्यक्ति को बचाने के लिए इतनी बड़ी कार्रवाई क्यों की जा रही है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि प्रदर्शनकारियों को सड़कों पर घसीटा गया और दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था इस तरह कड़ी कर दी गई, मानो देश की राजधानी किसी सीमा क्षेत्र में बदल गई हो।

 

सौरभ दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी पर विवाद

CJP के सह-संयोजक सौरभ दास और आशुतोष रांका को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, उनके साथ अजिंक्य शिंदे भी मौजूद थे। तीनों ने कथित तौर पर पुलिस बैरिकेड पार कर जंतर-मंतर में प्रवेश किया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए।

 

दिल्ली पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया। उन पर सरकारी अधिकारी के काम में बाधा डालने समेत कई आरोप लगाए गए। बाद में अदालत ने सौरभ दास और आशुतोष रांका को न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जबकि अजिंक्य शिंदे को निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया।

 

CJP इन गिरफ्तारियों को लेकर विरोध कर रही है और अपने नेताओं के समर्थन में प्रदर्शन का आह्वान किया है।

 

16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में तिरंगा मार्च का ऐलान

 

अभिजीत दीपके ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर को शाम 5 बजे दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ नाम से प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। CJP ने दूसरे शहरों में भी इसी समय तिरंगा मार्च आयोजित करने की अपील की है। दीपके ने नागरिकों से प्रदर्शन में शामिल होने का आग्रह करते हुए कहा कि राष्ट्रीय ध्वज फहराना लोकतांत्रिक अधिकार है।

 

हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कनॉट प्लेस में प्रदर्शन के लिए कोई निर्धारित विरोध स्थल नहीं है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल के तौर पर बाहर रखा गया है। प्रदर्शनकारी आवश्यक अनुमति प्राप्त करने के बाद रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान या CBD मैदान में प्रदर्शन कर सकते हैं।

 

दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने की तैयारी की

 

प्रस्तावित तिरंगा मार्च को देखते हुए कनॉट प्लेस और जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा बढ़ाए जाने की तैयारी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, रणनीतिक स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती, बैरिकेडिंग और लोगों की आवाजाही को नियंत्रित करने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।

 

राजधानी में पहले से अर्धसैनिक बलों की कई कंपनियां तैनात होने की जानकारी भी दी गई है। पुलिस का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है।

 

CJP के प्रदर्शन से जुड़ी 5 बड़ी बातें

 

प्रेस क्लब में हंगामा : 15 अक्टूबर को संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कुछ लोगों ने विरोध में नारे लगाए।

 

अभिजीत दीपके का आरोप : उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग पैसे लेकर हंगामा करने आए थे।

 

गिरफ्तारी का मामला : सौरभ दास और आशुतोष रांका को न्यायिक हिरासत में भेजा गया, जबकि अजिंक्य शिंदे को निजी मुचलके पर रिहा किया गया।

 

तिरंगा मार्च का ऐलान : CJP ने 16 अक्टूबर को शाम 5 बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ प्रदर्शन का आह्वान किया है।

 

सुरक्षा और अनुमति : पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने की तैयारी की है और कहा है कि निर्धारित स्थलों पर प्रदर्शन के लिए आवश्यक अनुमति लेनी होगी।

अंकिता के माता-पिता के साथ, युवा कांग्रेस कार्यकर्ता भी हिरासत में

अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर इंडिया गेट पर उनके माता-पिता के साथ धरने पर बैठे युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब समेत संगठन के कई अन्य कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने गुरुवार सुबह हिरासत में ले लिया और बाद में छोड़ दिया।

युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय चेयरमैन (मीडिया विभाग) वरुण पांडेय ने गुरुवार को बताया कि श्री चिब समेत संगठन के कार्यकर्ता बुधवार रात से ही अंकिता भंडारी के माता-पिता के साथ इंडिया गेट पर सत्याग्रह कर रहे थे। पुलिस ने सुबह करीब चार बजे अंकिता के माता-पिता को हिरासत में लिया और इसके बाद युवा कांग्रेस के नेताओं तथा कार्यकर्ताओं को भी जबरन बसों में बैठाकर हिरासत में ले लिया।

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श्री चिब ने कहा कि अंकिता के माता-पिता पिछले चार वर्षों से न्याय की मांग कर रहे हैं, लेकिन उन्हें ही हिरासत में लिया जा रहा है जबकि दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाया गया है। उन्होंने सवाल किया कि बेटियों को भाजपा नेताओं से बचाना है या राज्यपाल से।

उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस अंकिता और उनके परिवार को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखेगी। दुष्यंत गौतम को राज्यपाल के पद से बर्खास्त करने की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो न्याय की मांग को लेकर देशभर में आंदोलन किया जाएगा।

Pic Credit : UNI

Maruti Victoris gets up to Rs 1.65 lakh discount in October 2026

Maruti Victoris gets up to Rs 1.65 lakh discount in October 2026
Maruti Victoris

Maruti Suzuki is offering discounts on the Victoris, Swift, Wagon R, Alto K10, Celerio, S-Presso and Eeco in October 2026. The highest benefits are available on the Victoris strong hybrid, at up to Rs 1.65 lakh. These offers include cash discounts, exchange or scrappage bonuses, loyalty benefits and additional offers, depending on the model and variant.

Disclaimer: Offers may vary by city and are subject to stock availability. Check with your nearest dealer for exact details.

Maruti Victoris discounts in October 2026

Up to Rs 1.65 lakh off

The Maruti Victoris strong hybrid gets benefits of up to Rs 1.65 lakh, comprising a Rs 40,000 cash discount, a Rs 30,000 loyalty upgrade bonus and an exchange bonus of up to Rs 95,000. A scrappage bonus of up to Rs 45,000 is available as an alternative to the exchange bonus. The petrol variant gets benefits of up to Rs 1.10 lakh, while the CNG variant gets benefits of up to Rs 95,000. Both variants are available with exchange or scrappage benefits, alongside other applicable offers.

The Victoris is priced between Rs 10.50 lakh and Rs 19.99 lakh and rivals the Hyundai Creta, Kia Seltos, Tata Sierra and Honda Elevate.

Maruti Swift discounts in October 2026

Up to Rs 71,000 off

The Swift Blitz Edition petrol variants are available with benefits of up to Rs 71,000, including discounted accessory kits. Other petrol variants get benefits of up to Rs 40,000, comprising a Rs 10,000 cash discount, a Rs 25,000 exchange bonus and a Rs 5,000 additional discount. The CNG variants get benefits of up to Rs 30,000, including an exchange bonus of Rs 25,000 and an additional discount of Rs 5,000. The Swift is priced between Rs 5.84 lakh and Rs 8.74 lakh and rivals the Hyundai Grand i10 Nios and Tata Tiago.

Maruti Celerio discounts in October 2026

Up to Rs 67,500 off

The Maruti Celerio petrol variants get benefits of up to Rs 67,500, comprising a Rs 40,000 cash discount, a Rs 25,000 exchange bonus and a Rs 2,500 additional discount. The CNG variants get benefits of up to Rs 47,500, including a Rs 20,000 cash discount, a Rs 25,000 exchange bonus and a Rs 2,500 additional discount. The Celerio is priced between Rs 4.70 lakh and Rs 6.75 lakh and rivals the Tata Tiago and Renault Kwid.

Maruti Wagon R discounts in October 2026

Up to Rs 67,000 off

The Wagon R Waltz Edition petrol variants get benefits of up to Rs 67,000, including a free accessory kit worth Rs 38,000 and an additional offer of Rs 1,900. Other petrol variants get benefits of up to Rs 57,500, comprising a Rs 30,000 cash discount, a Rs 25,000 exchange bonus and a Rs 2,500 additional discount. The CNG variants get benefits of up to Rs 52,500, including a Rs 25,000 cash discount, a Rs 25,000 exchange bonus and a Rs 2,500 additional discount. The Wagon R is priced between Rs 4.99 lakh and Rs 7.24 lakh and rivals the Tata Tiago and Citroen C3.

Maruti Alto K10 discounts in October 2026

Up to Rs 57,500 off

The Alto K10 LXi petrol variant gets benefits of up to Rs 57,500, comprising a Rs 30,000 cash discount, a Rs 25,000 exchange bonus and a Rs 2,500 additional discount. Other petrol variants get benefits of up to Rs 47,500, while the CNG variants are available with benefits of up to Rs 37,500. A scrappage bonus of up to Rs 10,000 is available as an alternative to the exchange bonus. The Alto K10 is priced between Rs 3.70 lakh and Rs 5.45 lakh and rivals the Renault Kwid.

Maruti S-Presso discounts in October 2026

Up to Rs 37,500 off

The S-Presso petrol variants get benefits of up to Rs 37,500, comprising a Rs 10,000 cash discount, a Rs 25,000 exchange bonus and a Rs 2,500 additional discount. The CNG variants get benefits of up to Rs 27,500, including an exchange bonus of Rs 25,000 and an additional discount of Rs 2,500. The S-Presso is priced between Rs 3.50 lakh and Rs 5.27 lakh and rivals the Renault Kwid and Alto K10.

Maruti Eeco discounts in October 2026

Up to Rs 37,500 off

The Eeco petrol variants get benefits of up to Rs 37,500, comprising a Rs 10,000 cash discount, a Rs 25,000 exchange bonus and a Rs 2,500 additional discount. The CNG variants get benefits of up to Rs 32,500, with a lower cash discount of Rs 5,000, while the exchange bonus and additional discount remain unchanged. The Maruti Eeco is priced between Rs 5.28 lakh and Rs 6.46 lakh.

All prices are ex-showroom, India.