युवक की मौत के बाद कमिश्नर ऑफिस में परिजनों का हंगामा, गर्लफ्रेंड पर कार्रवाई नहीं हुई तो सभी कर लेंगे खुदकुशी

युवक की मौत के बाद कमिश्नर ऑफिस में परिजनों का हंगामा, गर्लफ्रेंड पर कार्रवाई नहीं हुई तो सभी कर लेंगे खुदकुशी

इंदौर के बाणगंगा क्षेत्र में रहने वाले एक युवक की मौत के बाद परिजन शुक्रवार को पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। परिजनों ने आरोप लगाया कि युवक ने अपनी महिला मित्र की प्रताड़ना से तंग आकर खुदकुशी की है और युवती ने उस पर जान देने का दबाव बनाया था।

इस दौरान परिजनों ने कार्रवाई नहीं होने पर खुद भी आत्महत्या करने की धमकी दी। हालांकि, अधिकारियों ने उनकी बात सुनने और समझाने के बाद उन्हें खजराना थाने भेज दिया। उन्‍होंने न्याय न मिलने पर आत्महत्या की धमकी दी, साथ ही रक्षित हत्याकांड में बुलडोजर कार्रवाई की मांग की।

बता दें कि इंदौर के बाणगंगा क्षेत्र के रहने वाले एक युवक चिराग सेन की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद मामला लगातार गर्माता जा रहा है। इसी सिलसिले में शुक्रवार को मृतक के परिजन और स्थानीय लोग न्याय की मांग को लेकर सीधे पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि चिराग ने अपनी महिला मित्र की लगातार प्रताड़ना और दबाव से तंग आकर यह आत्मघाती कदम उठाया है। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों की बात ध्यान से सुनने के बाद उन्हें उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए खजराना थाने भेजा है।

क्या है पूरा मामला : जानकारी के मुताबिक बाणगंगा मेन रोड पर रहने वाले चिराग सेन ने बीते रविवार की रात को खजराना इलाके में अज्ञात कारणों से जहरीला पदार्थ खा लिया था। इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान सोमवार रात को उसकी मौत हो गई। मंगलवार को जब शव का पोस्टमार्टम पूरा हुआ, तो परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने वृंदावन कॉलोनी के बाहर मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर जोरदार प्रदर्शन किया था। इस पूरे मामले में मृतक की महिला मित्र निशा का नाम प्रमुखता से सामने आया है, जिस पर युवक को आत्महत्या के लिए उकसाने के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं।

परिजनों ने दी आत्महत्या की धमकी : महिला मित्र के खिलाफ अब तक कोई ठोस कानूनी कार्रवाई न होने से नाराज होकर चिराग सेन के परिजन शुक्रवार को दलित नेता मनोज परमार के साथ पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने उच्च अधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज कराई और रोष व्यक्त किया कि स्थानीय पुलिस मामले में सुस्त रवैया अपना रही है। परिजनों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि जल्द से जल्द निशा के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज नहीं की जाती है, तो वे मजबूरन खुद भी आत्महत्या कर लेंगे। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए अधिकारियों ने परिजनों को शांति से समझाया और मामले की निष्पक्ष जांच व उचित कार्रवाई के लिए उन्हें खजराना थाने रवाना किया।