खत्म हुआ इंतजार, जैक्सन होल की बैठक में फेड ने महंगाई को लेकर जताई यह चिंता

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श का कहना है कि अमेरिका का लेबर मार्केट अब भी मजबूत बना हुआ है और बेरोजगारी की मौजूदा रफ्तार लगभग फुल एंप्लॉयमेंट की स्थिति के हिसाब से है। उनका कहना है कि रोजगार के मोर्चे पर दोनों तरफ से अमेरिकी अर्थव्यवस्था अच्छा परफॉर्म कर रही है। अमेरिका में बेरोजगारी दर अभी 4.1% है जोकि फुल एंप्लॉयमेंट से जुड़ी परिस्थितियों के मुताबिक ही है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी है कि महंगाई अभी भी पॉलिसीमेकर्स के लिए चिंता की बात बनी हुई है। उन्होंने ये बातें शुक्रवार को फेडरल रिजर्व बैंक ऑफ कैनसस सिटी के एनुअल जैक्सन होल सिम्पोजियम में कही।

महंगाई को लेकर क्या है आशंका

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के प्रमुख ने रोजगार के मोर्चे पर इकॉनमी की सेहत को बेहतर तो बताया है लेकिन महंगाई को लेकर सतर्क भी किया है। उन्होंने कहा कि कीमतों का दबाव अभी भी ऊंचे लेवल पर बना हुआ है। उन्होंने महंगाई के आंकड़ों को और अधिक चिंताजनक बताया और कहा कि मौजूदा वित्तीय परिस्थितियां काफी हद तक सख्त है या नहीं, इस पर कु कहना उनके लिए मुश्किल होगा। ऐसे में इस बात के आसार बढ़ गए हैं कि लेबर मार्केट में स्थिरता के संकेतों के बावजूद फेडरल रिजर्व की महंगाई की रफ्तार पर कड़ी नजर बनी रहेगी।

अर्थव्यवस्था पर AI को बढ़ते असर पर भी जोर

केविन वार्श ने अर्थव्यवस्था पर AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के बढ़ते असर पर भी जोर दिया। उन्होंने अभी के समय को इतिहास का एक महत्वपूर्ण मोड़ बताया। केविन के मुताबिक एआई आने वाले वर्षों में प्रोडक्टिविटी, आर्थिक विकास और काम की प्रकृति को बड़े स्तर पर बदल सकती है। बता दें कि इस साल की शुरुआत में केविन वार्श के प्रमुख बनने के बाद से फेड ने अर्थव्यवस्था पर एआई के आर्थिक असर की स्टडी तेज कर दी है। इसके लिए एक खास टास्क फोर्स बनाई गई है, जो यह जांच रही है कि यह प्रोडक्टिविटी में बढ़ोतरी, रोजगार के रुझानों और व्यापक आर्थिक गतिविधियों पर किस तरह असर डाल सकता है।

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Market Technicals: 24400 के नीचे बने रहने तक निफ्टी में जारी रहेगा कंसोलीडेशन, 58000 के ऊपर जाने पर ही बैंक निफ्टी में आएगी तेजी

Market Technicals : 28 अगस्त को निफ्टी में 0.4% की बढ़त के साथ तेजी लौटती दिखी। लेकिन लगातार दूसरे सेशन में भी यह क्लोजिंग बेसिस पर सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे ही बना रहा। इससे पता चलता है कि इसमें मज़बूत मोमेंटम की कमी है और सतर्कता के साथ कंसोलिडेशन का दौर जारी है। इंडेक्स 23,606 से 24,774 तक की रैली के 50 फीसदी फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल से नीचे बना रहा। जबकि मोमेंटम इंडिकेटर्स और ऑसिलेटर्स में मजबूती की कमी दिखी। इन सभी बातों से संकेत मिलता है कि शॉर्ट टर्म में कमजोर रुझान के साथ उतार-चढ़ाव वाला ट्रेड देखने को मिल सकता है।

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक निफ्टी 24350–24400 के आसपास स्थित 200-डे EMA (24,350–24,400) के अहम रेजिस्टेंस के नीचे बना रहता है तब तक कंसोलिडेशन और रेंज-बाउंड ट्रेडिंग जारी रह सकती है। निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24,000 पर है। अगर यह सपोर्ट कायम नहीं रह पाता तो निफ्टी में 23,800 की तरफ गिरावट आ सकती है। हालांकि,अगर यह रेजिस्टेंस जोन के ऊपर मजबूती दिखाता है तो इसमें 24,800 के लेवल की ओर तेजी आती नजर आ सकती है।

निफ्टी कल बढ़त के साथ खुला और दिन भर लगभग 100 अंकों के दायरे में घूमते रहने के बाद 85 अंक यानी 0.35 फीसदी की बढ़त के साथ 24,176 पर बंद हुआ। निफ्टी पूरे हफ्ते ज्यादातर पिछले हफ्ते के दायरे में ही कारोबार करता रहा और अपने शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बंद हुआ। इस हफ्ते इसमें 0.31 फीसदी की गिरावट आई।

डेली टाइमफ्रेम पर बेंचमार्क इंडेक्स ने पिछले दिन की रेंज के अंदर एक अच्छी बुलिश कैंडल बनाई,जिसमें नीचे की तरफ एक छोटी सी विक(wick)थी। वीकली टाइमफ्रेम पर इसने पिछले हफ्ते की रेंज के अंदर एक रेड कैंडल बनाई,जिसमें ऊपर और नीचे की तरफ साफ शैडो(shadows)दिखाई दे रही थीं। यह रेंज-बाउंड ट्रेडिंग का संकेत है।

डेली RSI के लेवल के आस-पास न्यूट्रल बना रहा। इससे पता चलता है कि किसी खास दिशा में मज़बूत मोमेंटम की कमी है। वहीं,निचले लेवल से बढ़ते ADX से संकेत मिला कि धीरे-धीरे उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। हालांकि,किसी निर्णायक ब्रेकआउट के न होने से यह संकेत मिलता रहा कि बाजार एक सीमित दायरे (रेंज-बाउंड)में ही रहेगा।

निफ्टी पर एक्सपर्ट की राय

HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी के मुताबिक गुरुवार को 24150 के लेवल पर ऊपर की ओर जाने वाली ट्रेंडलाइन के ऊंचे सपोर्ट से नीचे आने के बाद,निफ्टी में शुक्रवार को और ज्यादा कमजोरी नहीं आई। यह एक अच्छा संकेत है,क्योंकि अक्सर नीचे की ओर फाल्स ब्रेकआउट के बाद ऊपर की ओर तेज चाल देखने को मिलती है।

उनका मानना ​​है कि निफ्टी का मेन ट्रेंड 24,000 और 24,400 के दायरे में बना हुआ है और इसमें तेजी का रुख है। अगर निचली रेंज के पास से कोई मजबूत उछाल आता है,तो जल्द ही 24,300–24,400 के लेवल तक अच्छी-खासी तेजी देखने को मिल सकती है। ट्रेंड बदलने के लिए 24,000 का लेवल एक अहम सपोर्ट है।

वीकली ऑप्शन डेटा से पता चलता है कि 24,300 और 24,500 स्ट्राइक,जहां सबसे ज़्यादा कॉल ओपन इंटरेस्ट है,वे शॉर्ट टर्म में निफ्टी के लिए रेजिस्टेंस का काम कर सकते हैं। वहीं,24,000 और 24,100 स्ट्राइक,जहां सबसे ज्यादा पुट ओपन इंटरेस्ट है,वे इंडेक्स के लिए सपोर्ट जोन का काम कर सकते हैं।

उधर फियर इंडेक्स के नाम से जाना जाने वाला इंडिया VIX लोअर लेवल पर बना रहा। यह 3.5 फीसदी गिरकर 10.68 पर आ गया और अपने शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा। इन बातों से पता चलता है कि मार्केट में अनिश्चितता और निवेशकों की घबराहट काफी कम हो गई थी।

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बैंक निफ्टी व्यू

बैंकिंग इंडेक्स की शुरुआत गिरावट के साथ हुई,लेकिन इसने रिकवरी की कोशिश की और इंट्राडे में 57,596 का हाई बनाया। हालांकि,यह बढ़त बरकरार नहीं रह सकी और अधिकांस ट्रेडिंग सेशन के दौरान इंडेक्स दबाव में रहा। शुक्रवार को यह इंडेक्स 14 अंक गिरकर 57,496 पर बंद हुआ और अपने 20-डे और 50-डे के EMA के दायरे में रहा,जबकि पूरे हफ्ते में इसमें 0.50 फीसदी की गिरावट आई।

डेली चार्ट पर इस इंडेक्स ने एक छोटी बॉडी वाली बुलिश कैंडल बनाई,जिसके दोनों तरफ साफ तौर पर विक्स(wicks)दिख रहे थे। इससे पता चलता है कि बुल्स और बेयर्स के बीच कोई फैसला नहीं हो पा रहा था और साफ दिशा वाला मोमेंटम नहीं था। वीकली टाइमफ़्रेम पर,इसने ऊपर और नीचे शैडो वाली एक रेड कैंडल बनाई,जो उतार-चढ़ाव के बीच दबाव का संकेत है। हालांकि,इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज के ऊपर बना रहा,जो ऊपर की ओर बढ़ रहे थे। इससे पता चलता है कि मार्केट का ओवरऑल स्ट्रक्चर मजबूत बना हुआ है।

डेली चार्ट पर इंडेक्स अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा,जो शॉर्ट टर्म में सावधानी और कंसोलिडेशन का संकेत है। डेली RSI भी न्यूट्रल जोन में रहा,जिससे साफ तौर पर मजबूत मोमेंटम की कमी पता चलती है।

एक्सपर्ट की राय

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह के अनुसार 57,000–56,900 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है। अगर यह स्तर बना रहता है तो मौजूदा कंसोलिडेशन का दौर जारी रह सकता है।

उनका मानना ​​है कि ऊपर की तरफ 57,900–58,000 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। 58,000 के ऊपर के साफ ब्रेकआउट या 57,000 के नीचे ब्रेकडाउन से मौजूदा कंसोलिडेशन का दौर खत्म हो सकता है और उस दिशा में एक बड़ी ट्रेंडिंग चाल शुरू हो सकती है।

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Petrol Diesel Price Today: आज सस्ता हुआ या महंगा? जानें पेट्रोल-डीजल का ताजा रेट

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 29 आगस्त 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

LPG Price Today August 25: गैस सिलेंडर के दाम में फिर आया बड़ा ट्विस्ट!दिल्ली से मुंबई तक जानिए 14.2 KG और कमर्शियल LPG के नए रेट

दिल्ली-NCR में CNG फिर हुई महंगी, 3.89 रुपये प्रति किलो बढ़े दाम; जानें नई कीमत

दिल्ली-NCR में CNG फिर हुई महंगी, 3.89 रुपये प्रति किलो बढ़े दाम; जानें नई कीमत

cng price hike

CNG Price Hike : दिल्ली-एनसीआर में CNG इस्तेमाल करने वाले लोगों को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने CNG की कीमतों में 3.89 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। नई दरें 29 अगस्त 2026 की सुबह 6 बजे से लागू हो गई हैं।

 

कीमतों में बढ़ोतरी के बाद राजधानी दिल्ली में CNG की कीमत 83.09 रुपये से बढ़कर 86.98 रुपये प्रति किलो हो गई है। यानी अब वाहन चालकों को प्रत्येक किलो CNG के लिए पहले की तुलना में 3.89 रुपये ज्यादा चुकाने होंगे।

 

पहले भी बढ़ चुके हैं CNG के दाम

दिल्ली में CNG की कीमतों में इस साल मई के दौरान भी कई बार बढ़ोतरी की गई थी। 15 मई को CNG के दाम 2 रुपये प्रति किलो बढ़ाए गए थे। इसके बाद 17 मई को 1 रुपये, 23 मई को 1 रुपये और 26 मई को फिर 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई। इस तरह मई महीने में ही CNG की कीमतों में कई बार इजाफा हुआ था। अब अगस्त के अंत में हुई ताजा बढ़ोतरी से दिल्ली-NCR में CNG वाहनों से सफर करने वालों का खर्च एक बार फिर बढ़ सकता है।

 

वाहन चालकों पर बढ़ेगा खर्च

CNG की कीमत बढ़ने का सीधा असर कार और ऑटो जैसे CNG से चलने वाले वाहनों के परिचालन खर्च पर पड़ सकता है। इससे रोजाना लंबी दूरी तय करने वाले वाहन मालिकों का मासिक बजट प्रभावित होने की संभावना है।

कानपुर प्लेन क्रैश: इंजन की खराबी या पायलट की चूक? DGCA ने कब्जे में लिया विमान

कानपुर में  ट्रेनर विमान हादसे के मामले में दिल्ली और लखनऊ की सात सदस्यीय डीजीसीए टीम जांच में जुट गई है। दुर्घटनाग्रस्त विमान के हर पुर्जे और उपकरण की जांच के साथ ही इंजन को सील कर विमान अपने कब्जे में ले लिया है।

September Rajyog 2026: 4 राशियों पर सितंबर में होने वाली है पैसों की बारिश, एक साथ 3 दुर्लभ राजयोग बनाएंगे धनवान

September Rajyog 2026: ज्यातिष शास्त्र में ग्रहों का राशि या नक्षत्र परिवर्तन जितना अहम है, उतना ही महत्वपूर्ण होता है ग्रहों का एक-दूसरे के साथ संयोग। यानी जब किसी राशि या नक्षत्र में एक से अधिक ग्रह एक साथ आते हैं, तो ग्रहों का दुर्लभ संयोग बनता है। ग्रहों का यह दुर्लभ मिनल कई बार शुभ और अशुभ योगों का निर्माण भी करता है। इसमें कुछ तो अत्यंत लाभकारी राजयोग भी होते हैं। ऐसा ही एक ज्योतिषीय संयोग हमें सितंबर 2026 में देखने को मिलेगा। इस महीने में ग्रहों के राशि परिवर्तन और गोचर से 3 बड़े और दुर्लभ राजयोग बन रहे हैं।

इस महीने में कई बड़े ग्रह अपनी चाल में परिवर्तन करेंगे, जिससे मालव्य राजयोग, भद्रा राजयोग और लक्ष्मी नारायण राजयोग का एक साथ दुर्लभ निर्माण होगा। ग्रहों के इस बड़े हेरफेर और शुभ योगों के बनने से 4 राशियों के जीवन में तरक्की, मान-सम्मान और धन-धान्य की बारिश होगी। आइए जानते हैं कि यह सभी राजयोग किन राशियों के लिए शुभ माने जा रहे हैं। सबसे पहले जानते हैं इन राजयोगों के बारे में

3 प्रमुख राजयोग

भद्र राजयोग (7 सितंबर 2026): ग्रहों के राजकुमार बुध देव अपनी उच्च राशि कन्या में प्रवेश करेंगे। इससे ‘भद्र राजयोग’ बनेगा, जो बुद्धि, व्यापार, बैंकिंग और निर्णय क्षमता में वृद्धि कराता है।

लक्ष्मी नारायण राजयोग (7 सितंबर 2026): कन्या या तुला राशि में शुक्र और बुध ग्रह की शुभ युति से ‘लक्ष्मी नारायण राजयोग’ बनेगा, जो धन-धान्य, करियर में वृद्धि और आर्थिक समृद्धि का कारक माना जाता है।

मालव्य राजयोग (18 सितंबर 2026): शुक्र देव अपनी स्वराशि तुला में प्रवेश करेंगे। शुक्र के अपनी राशि में रहने से पंचमहापुरुष योगों में शामिल ‘मालव्य राजयोग’ का निर्माण होता है, जो भौतिक सुख, संपत्ति और ऐश्वर्य दिलाता है।

इन 4 राशियों को होगा फायदा

कन्या राशि : आपकी राशि में बुध के आने से भद्रा और लक्ष्मी नारायण राजयोग दोनों का प्रभाव रहेगा। आर्थिक स्थिति में जबरदस्त सुधार होगा। फंसा हुआ या अटका पैसा वापस मिल सकता है। बौद्धिक क्षमता और निर्णय लेने की शक्ति मजबूत होगी। समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी।

तुला राशि : शुक्र का आपकी ही राशि में गोचर ‘मालव्य राजयोग’ बनाएगा, जो आपके लिए वरदान समान रहेगा। बिजनेस में बड़ा मुनाफा होगा। नए व्यावसायिक संबंध बनेंगे। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन का तोहफा मिल सकता भौतिक सुख-सुविधाओं की वस्तुओं में बढ़ोतरी होगी।

मकर राशि : मकर राशि के जातकों के लिए सितंबर का महीना भाग्योदय लेकर आ रहा है। लंबे समय से रुके हुए काम तेजी से पूरे होंगे। विदेश यात्रा या उच्च शिक्षा के योग बनेंगे। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी और आय में लगातार वृद्धि देखने को मिलेगी।

कुंभ राशि : कुंभ राशि वालों के लिए यह त्रिग्रही और राजयोगों का संयोग अत्यंत शुभ रहने वाला है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को मनचाहा अवसर मिलेगा। अधिकारियों का पूरा सहयोग प्राप्त होगा। घर-परिवार में मांगलिक कार्य संपन्न हो सकते हैं और दांपत्य जीवन में मिठास आएगी।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सामग्री जानकारी मात्र है। हम इसकी सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता का दावा नहीं करते। कृपया किसी भी कार्रवाई से पहले विशेषज्ञ से संपर्क करें

Bhadra Rajyog 2026: 7 सितंबर को अपनी उच्च राशि में गोचर करेंगे बुध और बनाएंगे भद्रा राजयोग, 5 राशियों पर बरसेगा इतना पैसा कि भर जाएगी तिजोरी

Audi Q3 Sportback long term review, 11,500km report

Audi Q3 Sportback long term review, 11,500km report
Audi Q3

Okay, first, a clarification: that’s not me hooning around in the Audi Q3 Sportback. That’s a certain Mr Saumil Shah, who borrowed the car from me for ‘work’ – in the biggest air quotes imaginable.

The Q3 Sportback was the support car for our Lamborghini Sterrato shoot at Nanoli Speedway. And, naturally, a muddy track with acres of runoff was an opportunity that proved far too tempting for him to resist. Fun cars do have a way of making you do slightly silly things when the right opportunity presents itself. And I’d definitely put the Audi Q3 in that category. It’s got a peppy engine, neat handling and even good ground clearance, all wrapped within a compact footprint. As someone who loves smaller cars, the Q3 is right up my alley. 

It might not look cutting-edge, but buttons and knobs make the dash very user-friendly.

I’ll admit, life with a luxury car can be a little stressful on Mumbai’s congested roads, where you’re sharing whatever road space is left after all the construction with cars, bikes, battle-hardened buses and everything in between. But the Q3 takes a lot of that stress away. The small size and elevated seating make it very easy to place, and what makes things more relaxing still is the excellent noise insulation. It’s no EV (the engine does get vocal in a good way when rushed), but the Q3 does cut out a lot of the cacophony outside. Another highlight on the Q3 is ride comfort. It makes light work of bad roads with the chunky tyres taking up a lot of the initial impact. Just wish the Q3 got snazzier wheels. The boring alloys undo much of the glamour of the Sportback’s SUV-coupé shape. Gun to my head, I’d still take the standard Q3 with its more conventional derriere.    

The Sportback has its fans, but I’d have the conventional Q3.

In cars with ADAS, my SOP is to first check if auto-braking functions are off. The Q3 doesn’t have ADAS, but I do still have a pre-flight check. And that is to ensure Automatic Parking Sensor Activation is turned off. The Q3’s overly sensitive proximity sensors seem to react to absolutely everything around the car and the constant beeping can get alarming in heavy traffic. Of course, connecting my phone via a wire is also a requirement because there’s no wireless connectivity in the Audi.  

Constant warnings from over-sensitive proximity sensors an irritant. Best kept off in traffic.

Thing is, I don’t want to overplay these small irritants. Because, in the big picture, the Q3 remains a charming option for buyers looking for an entry luxury car. More so now with some great deals going on the model as it makes way for the next-gen Q3 that comes later this year. Having lived with one, I know I won’t get bored of this Q3 for a long time to come. Heck, maybe I need to scout around for a good deal myself. 

Audi Q3 Sportback 40 TFSI Technology test data
Odometer 11,306km 
Price Rs 54.2 lakh (ex-showroom, Mumbai)  
Economy 7.9kpl
Maintenance cost Nil
Faults None
Previous reports June 2026

Top News 29 August: नेपाल में जलप्रलय से 579 मौतें, दिल्ली-NCR में CNG महंगी; मुंबई में महंगा होगा दूध

Top News 29 August: नेपाल में जलप्रलय से 579 मौतें, दिल्ली-NCR में CNG महंगी; मुंबई में महंगा होगा दूध

top news 29 august: CNG Price hike Delhi NCR, mike price in mumbai

Top News 29 August : नेपाल में जलप्रलय से भारी तबाही हुई। अब तक 579 लोगों की मौत हो गई। दिल्ली NCR में महंगी हुई सीएनजी, मुंबई में दूध के दाम बढ़ेंगे। FSSAI ने पैकेज्ड फूड पर लाल निशान लगाने का फैसला किया। जियो के आईपीओ को सेबी की मंजूरी। 29 अगस्त की बड़ी खबरें : 

 

नेपाल में जलप्रलय के बाद तबाही के मंजर

नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद राहत व बचाव अभियान जारी है। जलप्रलय के बाद नेपाल में तबाही का मंजर दिखाई दे रहा है। इस दर्दनाक घटना में 579 लोगों की मौत हो गई जबकि 1900 से अधिक लोग लापता हैं। इंफोसिस की सहायक कंपनी इंफोसिस पब्लिक सर्विसेज के प्रमुख लैक्स गोपीसेट्टी से संपर्क नहीं हो पा रहा है। ALSO READ: Nepal Flash Flood : नेपाल में फिर बाढ़ का खतरा, जयशंकर ने संभाला मोर्चा, भारतीयों की सुरक्षा को दी सर्वोच्च प्राथमिकता

 

दिल्ली में CNG के दाम बढ़े

देश की राजधानी दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। मंगलवार को सीएनजी की दरों में 3.89 रुपए प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई है। नई दरें 29 अगस्त 2026 को सुबह 6 बजे से लागू हो गई। दिल्ली में सीएनजी का रेट 83.09 रुपए प्रति किलो था। यहां आज से सीएनजी की नई कीमत 86.98 रुपए प्रति किलो हो गई। 

 

मुंबई में दूध महंगा

दूध उत्पादकों ने कीमत में 9 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी का फैसला किया है। इसके बाद 93 रुपए प्रति लीटर मिलने वाला तबेला दूध 102 रुपए प्रति लीटर हो जाएगा। नई दरें एक सितंबर, 2026 से लागू होंगी।

 

पैकेज्ड फूड पर लगेगा लाल चेतावनी संकेत?

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने ऐसे प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों की पैकेजिंग के सामने लाल चेतावनी लेबल लगाने का प्रस्ताव दिया है, जिनमें चीनी, नमक या वसा की मात्रा अधिक है। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को उत्पादों में मौजूद पोषक तत्वों के बारे में स्पष्ट जानकारी देना और उन्हें सोच-समझकर विकल्प चुनने में मदद करना है।

 

जियो के आईपीओ को सेबी की मंजूरी

जियो प्लेटफॉर्म्स को अपने प्रस्तावित आईपीओ के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी सेबी की मंजूरी मिल गई है। कंपनी अधिकतम 27 करोड़ नए शेयर जारी करेगी। हर शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपए होगी। खास बात यह है कि आईपीओ में ऑफर फॉर सेल का कोई हिस्सा नहीं होगा।

Gold Price Today: रक्षाबंधन के अगले दिन चमका गोल्ड, चेक करें दिल्ली से पटना तक 24 से 18 कैरट का भाव

Gold Rate Today in India: अमेरिकी डॉलर की कमजोरी ने गोल्ड की चमक आज बढ़ाई है तो इंडस्ट्रियल डिमांड में नरमी से चांदी नीचे आई। गोल्ड की बात करें तो एक दिन की गिरावट के बाद आज लगातार दूसरे दिन इसकी चमक बढ़ी है। इन दो दिनों में 10 ग्राम 24 कैरट वाला गोल्ड ₹500 और 22 कैरट वाला ₹460 महंगा हुआ है। इससे पहले 27 अगस्त को 24 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड ₹3110 और 22 कैरट वाला ₹2850 सस्ता हुआ था। अब आज की बात करें तो राजधानी दिल्ली में 24 कैरट और 22 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड ₹10 ऊपर चढ़ा है। चांदी की बात करें तो लगातार छह दिनों की स्थिरता के बाद आज दूसरे दिन इसके भाव नीचे आए हैं और इन दो दिनों में एक किलो चांदी ₹5100 सस्ती हुई है।

सिटीवाइज गोल्ड के भाव

देश के 10 बड़े शहरों में 18 कैरट, 22 कैरट और 24 कैरट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने की कीमत क्या है, आइए जानते हैं…

शहर 24 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 22 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 18 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव
दिल्ली₹1,61,290₹1,47,860₹1,21,010
मुंबई₹1,61,140₹1,47,710₹1,20,860
कोलकाता₹1,61,140₹1,47,710₹1,20,860
चेन्नई₹1,61,470₹1,48,010₹1,25,710
बेंगलुरू₹1,61,140₹1,47,710₹1,20,860
हैदराबाद₹1,61,140₹1,47,710₹1,20,860
लखनऊ₹1,61,290₹1,47,860₹1,21,010
पटना₹1,61,190₹1,47,760₹1,20,910
जयपुर₹1,61,290₹1,47,860₹1,21,010
अहमदाबाद₹1,61,190₹1,47,760₹1,20,910

छह दिनों की स्थिरता के बाद दूसरे दिन फिसली चांदी

चांदी की बात करें तो लगातार छह दिनों की स्थिरता के बाद दूसरे दिन आज इसके भाव कम हुए हैं। दो दिनों में एक किलो चांदी ₹5100 सस्ती हुई है और इन छह दिनों की स्थिरता से पहले लगातार दो दिनों में एक किलो चांदी ₹10,500 ऊपर चढ़ी थी तो उससे भी एक दिन पहले 19 अगस्त को एक किलो चांदी ₹5000 नीचे आई थी। अब आज की बात करें तो दिल्ली में एक किलो चांदी ₹100 सस्ती होकर ₹2,54,900 के भाव में बिक रही है। बाकी अहम महानगरों की बात करें तो मुंबई और कोलकाता में भी यह इसी भाव पर बिक रही है। हालांकि चेन्नई में एक किलो चांदी का भाव ₹2,64,900 है यानी कि चारों बड़े महानगरों में सबसे महंगी चांदी चेन्नई में बिक रही है।

आगे क्या है रुझान

360 ONE के प्रेसिडेंट और हेड-ब्रोकरेज विरल शाह का कहना है कि अगर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी आती है तो अगले 6 से 8 महीनों में सोना और चांदी में मौजूदा लेवल से 10% तक ऊपर चढ़ सकता है। उनका मानना ​​है कि जियोपॉलिटिकल घटनाओं और हाई बॉन्ड यील्ड को लेकर अमेरिकी रुझान से इन्हें सपोर्ट मिलता रहेगा। उन्होंने आगे कहा कि अगर डॉलर की कमजोरों बढ़ती है तो इन्हें और फायदा मिल सकता है।

Gold Outlook: क्या सोना और चांदी खरीदने का यह सही समय है

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इन बैंकों में FD पर मिल रहा 8.5% तक का ब्याज! रिटायरमेंट के बाद 10 लाख फिक्स करने पर समझिए इंट्रेस्ट इनकम का पूरा कैलकुलेशन

Bank FD Rate: रिटायरमेंट के बाद वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक सुरक्षित और रेगुलर इनकम का सोर्स होना काफी जरूरी होता है। यही वजह है कि अधिकांश बुजुर्ग अपनी गाढ़ी कमाई और रिटायरमेंट फंड को सेफ रखने के साथ-साथ बेहतर रिटर्न पाने के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) चुनते हैं। बैंकों के बीच एफडी पर इंट्रेस्ट रेट्स में काफी फर्क देखने को मिलता है। स्मॉल फाइनेंस बैंक की ओर से वरिष्ठ नागरिकों को सबसे अधिक इंट्रेस्ट रेट ऑफर किया जाता है। इसके अलावा प्राइवेट, पब्लिक और विदेशी बैंक भी सीनियर सिटिजन्स को एफडी पर कॉम्पिटेटिव रिटर्न देते हैं।

सीनियर सिटिजंस को FD पर मिलने वाले इंट्रेस्ट रेट में मामूली सा भी फर्क उनके टोटल रिटर्न पर अच्छा खासा असर डालता है। खासकर तब जब रिटायरमेंट के बाद बड़े फंड की FD की गई हो। अलग-अलग बैंकों के इंट्रेस्ट रेट की तुलना करना और सही फ्रिक्वेंसी का चयन करना इंट्रेस्ट इनकम को मैक्सिमाइज करने में काफी मदद करता है।

स्मॉल फाइनेंस बैंक: 8.50% तक का मिल रहा है बंपर इंट्रेस्ट

सीनियर सिटिजन को एफडी पर मैक्सिमम रिटर्न देने में स्मॉल फाइनेंस बैंक सबसे आगे हैं। कई स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.50 प्रतिशत तक इंट्रेस्ट मिल रहा है। स्मॉल फाइनेंस बैंक की FD के इंट्रेस्ट रेट को एक नजर में नीचे देखा जा सकता है-

  • इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक (Equitas Small Finance Bank): वरिष्ठ नागरिकों को 8.50 प्रतिशत तक की ब्याज दर दे रहा है।
  • ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक (ESAF Small Finance Bank): वरिष्ठ नागरिकों को 8.50 प्रतिशत तक की ब्याज दर प्रदान कर रहा है।
  • शिवालिक स्मॉल फाइनेंस बैंक (Shivalik Small Finance Bank): एफडी पर 8.50 प्रतिशत तक का ब्याज दे रहा है।
  • सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक (Suryoday Small Finance Bank): वरिष्ठ नागरिकों के लिए 8.50 प्रतिशत तक की दर की पेशकश कर रहा है।
  • जना स्मॉल फाइनेंस बैंक (Jana Small Finance Bank): एफडी पर 8.30 प्रतिशत तक की ब्याज दर दे रहा है।
  • उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक (Ujjivan Small Finance Bank): 8.30 प्रतिशत तक की ब्याज दर की पेशकश कर रहा है।
  • उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक (Utkarsh Small Finance Bank): वरिष्ठ नागरिकों को 8.25 प्रतिशत तक की दर प्रदान कर रहा है।

प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर बैंक: सुरक्षित निवेश के साथ बढ़िया विकल्प

प्राइवेट और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक भी बुजुर्गों को आकर्षित करने के लिए कॉम्पिटेटिव एफडी रेट पेश कर रहे हैं:

प्राइवेट सेक्टर बैंक

एसबीएम बैंक इंडिया वरिष्ठ नागरिकों को सर्वाधिक 8.15 प्रतिशत तक का इंट्रेस्ट रेट दे रहा है। इसके बाद डीसीबी बैंक (DCB Bank) 8.00 प्रतिशत और बंधन बैंक (Bandhan Bank) 7.95 प्रतिशत तक का रिटर्न दे रहे हैं। इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank) और यस बैंक (YES Bank) दोनों 7.75 प्रतिशत तक, आरबीएल बैंक (RBL Bank) और तमिलनाडु मर्केंटाइल बैंक (Tamilnad Mercantile Bank) 7.70 प्रतिशत तक और जम्मू एंड कश्मीर बैंक (Jammu & Kashmir Bank) 7.55 प्रतिशत तक की ब्याज दर की पेशकश कर रहे हैं।

सार्वजनिक क्षेत्र (सरकारी) के बैंक

सरकारी बैंकों में बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India) वरिष्ठ नागरिकों को सबसे अधिक 7.45 प्रतिशत तक की ब्याज दर दे रहा है। बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India) 7.25 प्रतिशत तक की ब्याज दर प्रदान कर रहे हैं। इसके अलावा बैंक ऑफ महाराष्ट्र (Bank of Maharashtra) और इंडियन बैंक (Indian Bank) 7.15 प्रतिशत तक जबकि इंडियन ओवरसीज बैंक (Indian Overseas Bank) और केनरा बैंक (Canara Bank) 7.10 प्रतिशत तक की ब्याज दर दे रहे हैं।

विदेशी बैंक

विदेशी बैंकों की बात करें तो स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक (Standard Chartered Bank) 7.10 प्रतिशत तक, डॉयचे बैंक (Deutsche Bank) 7.00 प्रतिशत तक और एचएसबीसी बैंक (HSBC Bank) 6.00 प्रतिशत तक की एफडी ब्याज दर दे रहे हैं।

10 लाख रुपये की एफडी पर सालाना ब्याज आय का गणित

अगर कोई वरिष्ठ नागरिक 8.50% की उच्चतम वार्षिक ब्याज दर पर 10 लाख रुपये की राशि फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करता है:

कुल फिक्स्ड राशि: ₹10,000,000

वार्षिक ब्याज दर: 8.50%

सालाना ब्याज आय: ₹85,000

यानी 8.50% की दर से 10 लाख रुपये फिक्स करने पर सिर्फ इंट्रेस्ट से ही वरिष्ठ नागरिक को सालाना ₹85000 (करीब ₹7083 प्रति माह) की निश्चित कमाई होगी। (नोट: अगर बैंक में ब्याज का रीइन्वेस्टमेंट या तिमाही आधार पर कम्पाउंडिंग होती है तो इंट्रेस्ट से कुल इनकम इससे भी अधिक हो सकती है।)

विशेषज्ञों की राय: कैसे करें सही और सुरक्षित एफडी निवेश

फाइनेंशियस एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि वरिष्ठ नागरिकों को अपनी पूरी जमा राशि किसी एक ही बैंक में रखने के बजाय अलग-अलग बैंकों में बांटकर निवेश करना चाहिए। इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि वे डीआईसीजीसी (DICGC) के तहत मिलने वाले 5 लाख रुपये तक के जमा बीमा कवर के दायरे में सुरक्षित रहते हैं। उच्च रिटर्न पाने के लिए स्मॉल फाइनेंस बैंकों का चयन समझदारी से करें और अपनी लिक्विडिटी की जरूरतों के हिसाब से एफडी की अवधि तय करें।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।