जबलपुर-इंदौर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए विशेष कंपनी के गठन को कैबिनेट की मंजूरी, सोयाबीन किसानों को मिलेगा भावांतर योजना का लाभ

जबलपुर-इंदौर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए विशेष कंपनी के गठन को कैबिनेट की मंजूरी, सोयाबीन किसानों को मिलेगा भावांतर योजना का लाभ

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में गुरूवार को कैबिनेट की बैठक में जबलपुर-इंदौर इकोनॉमिक कॉरिडोर डेवलपमेंट कंपनी’ के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए खरीफ वर्ष 2026 में सोयाबीन उत्पादक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) दिलाने के लिए ‘पीएम-आशा’ योजना अन्तर्गत भावांतर भुगतान योजना लागू करने की स्वीकृति दी गई। मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के सर्वांगीण विकास को गति देने के लिए लगभग 27,050 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

 

कैबिनेट ने बुरहानपुर, रायसेन, मंदसौर और सिंगरौली की सिंचाई परियोजनाओं की निरंतरता के लिए 3,076.37 करोड़ रुपये तथा 16वें वित्त आयोग की अवधि के लिए विधि एवं विधायी कार्य विभाग की 15,557 करोड़ रुपये से अधिक की राशि की योजनाओं की निरंतरता को मंजूर की गई। प्रदेश में आयुष चिकित्सा विस्तार व राष्ट्रीय आयुष मिशन के लिए 5,232 करोड़ रुपये एवं शासकीय विद्यालयों के अधोसंरचना निर्माण के लिए 2,875.20 करोड़ रुपये की निरंतरता की स्वीकृति दी गई। इसके अतिरिक्त नवगठित जिलों-निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा व मैहर में महिला एवं बाल विकास कार्यालयों के लिए 24 नवीन पदों तथा जनजातीय सांदीपनि विद्यालयों के छात्र परिवहन के लिए 241 करोड़ 88 लाख रुपये का प्रावधान किया गया।

 

जबलपुर-इंदौर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए विशेष कंपनी के गठन की मंजूरी-प्रदेश के औद्योगिक विकास एवं निवेश को नई गति देने के लिए मंत्रि-परिषद ने जबलपुर-इंदौर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के साथ चयनित औद्योगिक एवं आर्थिक हबों के समेकित विकास के लिए पूर्णतः शासकीय स्वामित्व वाली विशेष कंपनी (एसपीवी) ‘जबलपुर-इंदौर इकोनॉमिक कॉरिडोर डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड’ गठित करने की स्वीकृति प्रदान की है। स्वीकृति अनुसार कंपनी पर मध्यप्रदेश शासन का पूर्ण स्वामित्व एवं नियंत्रण रहेगा।

 

कंपनी के सुदृढ़ वित्तीय आधार के लिए राज्य शासन द्वारा 100 करोड़ रूपये की प्रारंभिक चुकता पूंजी उपलब्ध कराई जाएगी। कंपनी के प्रभावी संचालन और नीतिगत निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय सामान्य निकाय गवर्निंग काउंसिल गठित की जाएगी। मुख्यमंत्री द्वारा नामित एवं नियुक्त उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में एक सशक्त कार्यकारी निकाय के माध्यम से कंपनी के कार्यों का संचालन किया जाएगा।

 

इकॉनॉमिक हब के तीव्र और सुव्यवस्थित विकास के उद्देश्य से विशेष कंपनी को भूमि की पहचान, भूमि प्रबंधन, भू-अर्जन, भूमि विकास, जोनिंग, मास्टर प्लानिंग, ले-आउट, भू-आवंटन, लीज/सब-लीज, मोनेटाइजेशन तथा बुनियादी व सामाजिक अधोसंरचना के विकास की शक्तियां प्रदान की जाएंगी। आवश्यकतानुसार राज्य शासन की भूमि सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति से रियायती दर या निर्धारित शर्तों पर कंपनी को उपलब्ध कराई जाएगी। परियोजना में वन भूमि की आवश्यकता होने पर संबंधित केंद्रीय एवं राज्य कानूनों, पूर्वानुमोदन, क्षतिपूर्ति वनीकरण तथा एनपीवी सहित सभी वैधानिक शर्तों की पूर्ति के बाद ही भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।
 

इसके साथ ही मध्यप्रदेश ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम के अंतर्गत विधि विभाग की सहमति से अधिसूचित इकॉनाँमिक हबो के लिए इसे नोडल एजेंसी के रूप में आवश्यक शक्तियां और दायित्व सौंपे जाएंगे। कंपनी के कार्य क्षेत्र के संबंध में यह स्पष्ट किया गया है कि मुख्य सड़क या कॉरिडोर का निर्माण इसके दायरे में नहीं होगा। कंपनी का संपूर्ण ध्यान आर्थिक हबों के भीतर आंतरिक एवं साझा अधोसंरचना और आर्थिक गतिविधियों के संवर्धन पर ही केंद्रित रहेगा।

 

विशेष कंपनी के माध्यम से औद्योगिक पार्क, सेक्टोरल पार्क जैसे फूड पार्क, एग्री-प्रोसेसिंग पार्क, लॉजिस्टिक्स पार्क, टेक्नोलॉजी/आईटी पार्क, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर आदि साझा सुविधाएं आवासीय और सामाजिक बुनियादी ढांचे से संबंधित परियोजनाएं विकसित की जाएंगी। इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए पीपीपी, ईपीसी, कन्सेशन, लीज, संयुक्त उपक्रम तथा डेवलपमेंट एग्रीमेंट जैसे विभिन्न वैधानिक मॉडलों का उपयोग किया जा सकेगा। इस निर्णय के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग को परियोजना से जुड़े विभागों जैसे वित्त, राजस्व, नगरीय विकास एवं आवास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जल संसाधन, ऊर्जा, लोक निर्माण, वन तथा विधि विभाग से आवश्यक समन्वय कर अधिसूचनाएं, शासनादेश एवं अन्य वैधानिक दस्तावेज जारी करने के लिए अधिकृत किया गया है।

 

सोयाबीन किसानों के लिए भावांतर योजना- कैबिनेट ने किसानों को खरीफ वर्ष 2026 में सोयाबीन का उचित मूल्य दिलाने के लिए भावांतर योजना लागू किए जाने की स्वीकृति दी है। यह योजना भारत सरकार के ‘प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान’ (पीएम-आशा) के तहत संचालित ‘प्राइस डिफिसिट पेमेंट स्कीम’ (पीडीपीएस) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लागू की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य के किसानों को उनकी औसत गुणवत्ता वाली सोयाबीन उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित कराना है।
 

योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए सोयाबीन उत्पादक किसानों को खाद्य विभाग के ई-उपार्जन पोर्टल पर 17 अक्टूबर 2026 तक पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। योजना के अंतर्गत अधिसूचित मंडियों में उपज की विक्रय अवधि 22 अक्टूबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक निर्धारित की गई है जिसे आवश्यकता पड़ने पर संशोधित  किया जा सकेगा। योजना के तहत किसानों को भुगतान उनके पंजीकृत रकबे और विगत वर्ष विभाग द्वारा निर्धारित राज्य स्तरीय औसत उत्पादकता के आधार पर किया जाएगा। किसी किसान ने यदि योजना अवधि से पूर्व यानी 1 अक्टूबर से 21 अक्टूबर 2026 के बीच मंडी में सोयाबीन बेची है तो उस मात्रा को उसकी कुल पात्रता सीमा में से घटाकर केवल शेष मात्रा पर ही भावांतर राशि का भुगतान मान्य किया जाएगा।

 

योजना में भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए मॉडल रेट की व्यवस्था लागू की गई है। सीजन के प्रथम 14 दिनों के लिए मॉडल रेट का निर्धारण प्रदेश की सभी मंडियों के भारित औसत के आधार पर किया जाएगा जो 22 अक्टूबर 2026 से आगामी 14 दिनों तक प्रभावी रहेगा। इसके बाद प्रतिदिन विगत 14 दिनों के भारित औसत के आधार पर मॉडल रेट तय कर उसे ई-मंडी पोर्टल पर प्रदर्शित किया जाएगा। । भावांतर राशि का भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में डीबीटी मंडी बोर्ड द्वारा किया जाएगा। जिसकी प्रतिपूर्ति सबसे पहले राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड द्वारा संचालित मूल्य स्थिरीकरण कोष से होगी। कोष में राशि अपर्याप्त होने की स्थिति में राज्य शासन द्वारा मंडी बोर्ड को 1500 करोड़ रुपये की साख सीमा (क्रेडिट लिमिट) एक वर्ष के लिए निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।

Stock Market Rally : शेयर बाजार में तूफानी तेजी, सेंसेक्स 1,533 अंक उछला, निफ्टी में भी 375 अंकों की छलांग

Stock Market Rally : शेयर बाजार में तूफानी तेजी, सेंसेक्स 1,533 अंक उछला, निफ्टी में भी 375 अंकों की छलांग

share market 19 march

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। कारोबार की शुरुआत लगभग सपाट रहने के बाद बाजार ने तेजी पकड़ी और एक घंटे के भीतर सेंसेक्स 1,000 अंकों से ज्यादा उछल गया। कारोबार बंद होने तक बीएसई सेंसेक्स 1,533 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी में 375 अंकों की तेजी दर्ज की गई। हालांकि, एशियाई बाजारों में दबाव बना रहा और दक्षिण कोरिया का प्रमुख शेयर सूचकांक KOSPI 7.57 फीसदी तक टूट गया।

 

सेंसेक्स और निफ्टी में जोरदार उछाल

गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सीमित उतार-चढ़ाव के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 330 अंक ऊपर था, जबकि निफ्टी में 41 अंकों की बढ़त दर्ज की गई। इसके बाद बाजार में खरीदारी बढ़ी और सेंसेक्स ने एक घंटे के भीतर 1,000 अंकों का स्तर पार कर लिया।

 

कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,533 अंकों की बढ़त के साथ बंद हुआ। वहीं, निफ्टी ने 375 अंकों की छलांग लगाई। बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों का ध्यान एक बार फिर भारतीय शेयर बाजार की मजबूती पर गया।

 

एशियाई बाजारों में भारी गिरावट, KOSPI 7.57% टूटा

 

जहां भारतीय बाजार में तेजी देखने को मिली, वहीं एशियाई शेयर बाजारों में दबाव बना रहा। दक्षिण कोरिया का प्रमुख सूचकांक KOSPI 7.57 फीसदी गिरकर बंद हुआ। यह सूचकांक की लगातार सातवें कारोबारी सत्र में गिरावट थी।

 

VT Markets के प्रिंसिपल एनालिस्ट डैनियल मंडे के मुताबिक, अमेरिका में महंगाई के आंकड़ों और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता ने वैश्विक बाजारों पर दबाव बढ़ाया है। इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों की फंडिंग और कर्ज को लेकर चिंताओं ने टेक्नोलॉजी शेयरों में बिकवाली को बढ़ावा दिया।

 

अमेरिका में महंगाई और ब्याज दरों को लेकर चिंता

 

अमेरिका में उम्मीद से ज्यादा महंगाई के आंकड़ों ने फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका को फिर से बढ़ा दिया। हालांकि, फेड अधिकारियों की सतर्क टिप्पणियों के बाद बाजार में इन आशंकाओं में कुछ कमी आई।

 

निवेशकों की चिंता केवल ब्याज दरों तक सीमित नहीं है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहे निवेश को कर्ज के जरिए वित्तपोषित करने की क्षमता पर भी सवाल उठ रहे हैं। इसी कारण अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनियों CoreWeave और Oracle के शेयरों में दबाव देखने को मिला।

 

इसका असर एशियाई बाजारों पर भी पड़ा। दक्षिण कोरिया, ताइवान और जापान जैसे बाजारों में सेमीकंडक्टर और टेक्नोलॉजी कंपनियों का बड़ा प्रभाव है। ऐसे में AI सेक्टर में बिकवाली का असर इन बाजारों पर अधिक पड़ सकता है।

 

अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में नरमी से मिली राहत

 

रातभर के कारोबार में अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर में कुछ नरमी देखने को मिली। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में संकेत दिया गया कि चीन के पास अमेरिकी सरकारी कर्ज की मात्रा आधिकारिक आंकड़ों में दिखाई गई मात्रा से अधिक हो सकती है। इसके साथ ही निवेशकों ने अनिश्चितता के बीच सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख किया।

 

तेजी से गिरावट के बाद बाजार में कुछ सुधार या तकनीकी उछाल आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, विशेषज्ञों के अनुसार, AI कंपनियों की फंडिंग और अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता दूर होने तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

 

निवेशकों के लिए आगे किन बातों पर नजर रखना जरूरी?

 

वैश्विक बाजारों की दिशा तय करने में आने वाले दिनों में कई अहम कारक महत्वपूर्ण रहेंगे।

 

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक: 28 अक्टूबर को होने वाली बैठक पर निवेशकों की नजर रहेगी।

 

महंगाई के आंकड़े : अमेरिका में महंगाई के नए आंकड़े ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों को प्रभावित कर सकते हैं।

 

कच्चे तेल की कीमतें : तेल की कीमतों में तेजी वैश्विक महंगाई और बाजार की धारणा पर असर डाल सकती है।

 

मध्य पूर्व में तनाव : भू-राजनीतिक घटनाक्रम से बाजार में अनिश्चितता बढ़ सकती है।

 

AI कंपनियों की फंडिंग: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर बढ़ते खर्च को कंपनियां किस तरह वित्तपोषित करती हैं, यह टेक्नोलॉजी शेयरों के लिए अहम होगा।

Reliance Jio Origin Story: ईशा अंबानी ने सुनाया जियो की शुरुआत का दिलचस्प किस्सा, वो घटना जिसने भारत में ला दी डिजिटल क्रांति

Reliance Jio Origin Story: रिलायंस जियो के मेगा IPO के ऐतिहासिक ऐलान के बीच, ईशा अंबानी ने वह दिलचस्प किस्सा शेयर किया है कि कैसे एक छोटी सी इंटरनेट समस्या ने भारत के सबसे बड़े डिजिटल नेटवर्क ‘रिलायंस जियो’ को जन्म दिया। इसके साथ ही उन्होंने रिलायंस ग्रुप के बिजनेस फिलॉसफी, नेट-डेट फ्री बनने के सफर और अपने दादा धीरूभाई अंबानी के 50 साल पुराने सपने को याद किया।

2009 की वो एक घटना… और हुआ Reliance Jio का जन्म

ईशा अंबानी ने जियो की शुरुआत के दिनों को याद करते हुए बताया कि कैसे एक असाइनमेंट सबमिट न हो पाने की वजह से देश में डिजिटल क्रांति का विचार उपजा। उन्होंने बताया, ‘बात 2009-2010 की है। आकाश और मैं अमेरिका में पढ़ाई कर रहे थे और छुट्टियों में बॉम्बे वाले घर आए हुए थे। मुझे अपना एक कॉलेज असाइनमेंट ऑनलाइन सबमिट करना था, लेकिन इंटरनेट न चलने की वजह से मैं उसे जमा नहीं कर सकी।’

उन्होंने बताया कि, इसके बाद घर में इस बात पर लंबी चर्चा हुई कि आखिर भारत कनेक्टिविटी के मामले में पश्चिम के देशों से भारत क्यों पीछे है?

आकाश अंबानी का मानना था कि इसका एकमात्र समाधान भारत में एक मजबूत ‘डिजिटल टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म कंपनी’ तैयार करना है। इसी सोच के साथ 2016 में जियो की नींव रखी गई, जो आज 2026 में देश का सबसे बड़ा डिजिटल नेटवर्क बन चुका है।

रिलायंस की सफलता के 3 मूल मंत्र: लॉन्ग-टर्म विजन, स्केल और एग्जीक्यूशन

ईशा अंबानी ने बताया कि रिलायंस में बिजनेस बनाने की फिलॉसफी तीन मुख्य स्तंभों पर टिकी है:

लॉन्ग-टर्म पर्सपेक्टिव: रिलायंस केवल आज या कल के लिए नहीं सोचता, बल्कि आने वाले दशकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर दांव लगाता है।

स्केल: कंपनी हमेशा उस स्तर का स्केल हासिल करने का लक्ष्य रखती है जो उस पूरे उद्योग की इकोनॉमिक्स को बुनियादी तौर पर बदल दे।

एग्जीक्यूशन: रिलायंस एक गहराई से तकनीकी कंपनी है। किसी भी प्रोजेक्ट को तय समय और सटीकता से पूरा करना कंपनी की आदत में शामिल है।

‘फाइनेंशियल प्रूडेंस’ और वादे पर खरे उतरने की मिसाल

अपने बयान में ईशा अंबानी ने रिलायंस की वित्तीय अनुशासन और शेयरधारकों के प्रति प्रतिबद्धता पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया, साल 2019 में मुकेश अंबानी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज को 2021 तक ‘नेट-डेट फ्री’ बनाने का वादा किया था। 2020 में कोरोना महामारी और वैश्विक मंदी आने के बावजूद, कंपनी ने समय सीमा से 9 महीने पहले ही रिलायंस को कर्जमुक्त बना दिया’।

धीरूभाई अंबानी का 50 साल पुराना सपना और 29% एनुअलाइज्ड रिटर्न

रिलायंस इंडस्ट्रीज की ऐतिहासिक यात्रा को याद करते हुए ईशा अंबानी ने अपने दादा धीरूभाई अंबानी को नमन किया। 1977 में धीरूभाई अंबानी रिलायंस इंडस्ट्रीज का आईपीओ (IPO) लेकर आए थे, जिसे लगभग 50 साल पूरे हो चुके हैं। इन 50 वर्षों में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपने शेयरधारकों को 29% का सालाना रिटर्न दिया है।

उन्होंने कहा, ‘मेरे दादाजी के लिए रिलायंस सिर्फ एक कंपनी नहीं थी। रिलायंस एक वादा है कि हर भारतीय को भारत की विकास यात्रा में भागीदार बनने, इसकी समृद्धि को साझा करने और एक बेहतर भविष्य पर विश्वास करने का अवसर मिलना चाहिए।’

Video: तीन साल तक ₹10 के सिक्के बचाए, फिर उन्हीं से खरीद ली 1.23 लाख की Honda Activa, 2 घंटे तक गिनते रहे शोरूम वाले!

Honda Activa News: कहते हैं कि बूंद-बूंद से घड़ा भरता है और छोटी-छोटी बचत से बड़े से बड़े सपने पूरे हो जाते हैं। तेलंगाना के मंचेरियल जिले के एक शख्स ने इस कहावत को सच कर दिखाया है। उन्होंने तीन साल तक ₹10 के सिक्के जमा किए और जब पर्याप्त रकम इकट्ठा हो गई, तो उन्हीं सिक्कों से 1 लाख 23 हजार रुपये की होंडा एक्टिवा (Honda Activa) स्कूटर खरीद ली। उनकी इस अनोखी कहानी ने शोरूम के कर्मचारियों से लेकर स्थानीय लोगों तक का ध्यान खींचा है। लक्षेट्टीपेट निवासी बी. रवि जोसेफ ने बताया कि उन्होंने परिवार के लिए कोई उपयोगी चीज खरीदने के उद्देश्य से रोजमर्रा के लेनदेन, जैसे किराने का सामान खरीदने के दौरान मिले 10 रुपये के सिक्कों को सावधानीपूर्वक बचाकर रखा।

परिवार को पहले था शक, लेकिन बाद में किया सपोर्ट

पीटीआई के मुताबिक, जोसेफ ने कहा कि शुरुआत में परिवार के सदस्यों को उनके इस विचार पर शक हुआ था। लेकिन बाद में उन्होंने उनका साथ दिया। रवि ने बताया कि उनकी पुरानी बाइक खराब होने लगा था, जिसके बाद उन्होंने नया स्कूटर खरीदने का फैसला किया। शोरूम के मैनेजर ने बताया कि रवि जोसेफ करीब 15 दिन पहले यह पता करने आए थे कि क्या शोरूम स्कूटर के पेमेंट के लिए सिक्के स्वीकार करेगा। मैनेजर के अनुसार, शोरूम ने सिक्के स्वीकार करने पर सहमति जताई। मैनेजर ने बताया कि इसके बाद रवि जोसेफ एक लाख 23 हजार रुपये के 10 रुपये के सिक्के लेकर शोरूम पहुंचे और स्कूटर खरीदा।

रोजमर्रा के खर्च से बचाए पैसे

रवि जोसेफ पेशे से चर्च के पादरी हैं। रवि ने रोजमर्रा के खर्चों में से थोड़े-थोड़े पैसे बचाकर यह रकम जुटाई। पोर्ट के मुताबिक, उन्होंने 10 अक्टूबर 2023 से ₹10 के सिक्के जमा करना शुरू किया था। किराने का सामान खरीदने और रोजमर्रा के लेन-देन के दौरान मिलने वाले सिक्कों को वह अलग रख देते थे। इस तरह तीन साल तक लगातार बचत करते हुए उन्होंने करीब ₹1.23 लाख जमा कर लिए।

पुराना वाहन खराब हुआ तो लिया नया स्कूटर खरीदने का फैसला

रवि जोसेफ का पुराना वाहन बार-बार खराब होने लगा था। ऐसे में उन्होंने नया दोपहिया वाहन खरीदने का फैसला किया। उनका सपना पहले रॉयल एनफील्ड बुलेट खरीदने का था। लेकिन आर्थिक स्थिति को देखते हुए उन्हें अपना यह इरादा छोड़ना पड़ा। इसके बाद उन्होंने अपनी जमा की गई रकम से परिवार के लिए एक नया स्कूटर खरीदने का फैसला किया। जिस पैसे को उन्होंने लंबे समय तक धीरे-धीरे जमा किया था, वही आखिरकार उनके काम आया।

परिवार ने भी जताई थी चिंता

रवि जोसेफ के लिए तीन साल तक सिक्के जमा करना आसान नहीं था। इस दौरान उनके परिवार के लोगों ने भी चिंता जताई। ₹10 के सिक्कों को लेकर बाजार में इनके बंद होने या कानूनी मान्यता खत्म होने जैसी अफवाहों की चर्चा से परिवार को लगा कि कहीं उनकी मेहनत बेकार न चली जाए। परिवार ने उन्हें सिक्के जमा करना बंद करने की सलाह भी दी। लेकिन रवि जोसेफ ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपना लक्ष्य नहीं छोड़ा और लगातार बचत करते रहे।

दो घंटे तक सिक्के गिनते रहे शोरूम के कर्मचारी

शख्स ने होंडा मोटर्स शोरूम में अपनी जमा रकम से स्कूटर खरीदने का फैसला किया। इसके बाद जब रवि जोसेफ अपने परिवार के साथ सिक्के लेकर शोरूम पहुंचे, तो कर्मचारियों के सामने उन्हें गिनने और रकम का मिलान करने की चुनौती थी। रिपोर्ट के अनुसार, सिक्कों को गिनने और कुल राशि की पुष्टि करने में कर्मचारियों को करीब दो घंटे लग गए। आखिरकार, सिक्कों की कुल कीमत ₹1.23 लाख निकली और रवि जोसेफ ने इन्हीं पैसों से अपनी सपनों की Honda Activa खरीद ली।

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छोटी बचत, बड़ी सीख

रवि जोसेफ की यह कहानी केवल एक स्कूटर खरीदने तक सीमित नहीं है। यह बताती है कि नियमित रूप से थोड़ी-थोड़ी रकम बचाकर भी किसी बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। जहां कई लोग छोटी रकम को नजरअंदाज कर देते हैं। वहीं, रवि ने रोजमर्रा के लेन-देन से मिलने वाले ₹10 के सिक्कों को अपनी ताकत बना लिया। तीन साल की मेहनत के बाद जब वह अपने परिवार के साथ नया स्कूटर लेकर निकले, तो उनकी बचत की कहानी दूसरों के लिए भी प्रेरणा बन गई। रवि सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं।

UP: ट्रकों से डीजल चोरी करने वाले कच्छा गैंग के तीन सदस्य हथियार और गाड़ियों के साथ गिरफ्तार

15 अक्टूबर: कानपुर पुलिस ने हाईवे पर ट्रकों से डीजल चोरी करने वाले कच्छा गैंग के तीन बदमाशों दीपक, सौरभ और हिमांशु को हथियार और वाहनों के साथ गिरफ्तार किया।

लॉन्च से पहले Samsung Galaxy S27 Ultra के फीचर्स लीक, मिलेगा नया Privacy Display, देखें स्पेसिफिकेशंस

Samsung Galaxy S27 Ultra Leaks: अगर आप Samsung के प्रीमियम स्मार्टफोन का इंतजार कर रहे हैं, तो आने वाला Galaxy S27 Ultra आपके लिए खास हो सकता है। इस फोन को लेकर नई लीक सामने आई हैं, जिनमें कैमरा क्वालिटी से लेकर हार्डवेयर तक में बड़े बदलाव होने की उम्मीद जताई गई है। माना जा रहा है कि नया फोन मौजूदा Galaxy S26 Ultra से बेहतर हो सकता है। हालांकि, Samsung ने अभी तक इस स्मार्टफोन को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। आइए जानते हैं कि Galaxy S27 Ultra को लेकर अब तक क्या-क्या सामने आया है।

Samsung Galaxy S27 Ultra लीक: क्या उम्मीद करें

एक जाने-माने टिपस्टर सॉयर गैलोक्स (@Sawyergalox) के अनुसार, Samsung अपनी ‘प्राइवेसी डिस्प्ले’ तकनीक की दूसरी पीढ़ी पर काम कर रहा है। इस अपडेटेड फीचर में स्क्रीन के कई पहलुओं में सुधार देखने को मिल सकता है।

माना जा रहा है कि Galaxy S27 Ultra में ‘Privacy Display’ इनेबल होने पर भी हाई रिजॉल्यूशन मिलेगा। उम्मीद है कि यह कोरियाई टेक कंपनी व्यूइंग एंगल, स्क्रीन रिजॉल्यूशन और ओवरऑल डिस्प्ले क्लैरिटी को बेहतर बनाने पर भी काम कर रही है। बता दैं कि Samsung Galaxy S27 Ultra के 2027 की शुरुआत में लॉन्च होने की उम्मीद है, हालांकि कंपनी ने अभी तक इसकी आधिकारिक लॉन्च टाइमलाइन का खुलासा नहीं किया है।

Samsung Galaxy S27 Ultra (अनुमानित कीमतें)

टिप्स्टर के मुताबिक, Galaxy S27 Ultra में बेहतर डिस्प्ले हार्डवेयर मिलने से इसकी कीमत बढ़ सकती है। लीक के अनुसार, इस प्रीमियम स्मार्टफोन की शुरुआती कीमत 1,400 डॉलर (करीब 1,33,000 रुपये) से 1,500 डॉलर (लगभग 1,43,000 रुपये) के बीच हो सकती है।

हालांकि, इससे पहले सामने आई लीक में फोन की कीमत को लेकर अलग-अलग दावे किए गए थे। पिछली रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में इसकी शुरुआती कीमत 1,399 डॉलर (करीब 1,35,000 रुपये) हो सकती है। वहीं, दक्षिण कोरिया में इसकी कीमत 1,499 डॉलर (लगभग 1,45,000 रुपये) होने की संभावना जताई गई थी।

ध्यान देने वाली बात यह है कि ये सभी कीमतें फिलहाल अनुमान पर आधारित हैं। Samsung ने Galaxy S27 Ultra की कीमत का आधिकारिक ऐलान नहीं किया है। अलग-अलग देशों में इसकी कीमत भी अलग हो सकती है।

कैमरे की बात करें तो Samsung Galaxy S27 Ultra में पीछे की तरफ चार कैमरे मिल सकते हैं। इसमें 200MP का मेन कैमरा, 50MP का टेलीफोटो कैमरा, 50MP का अल्ट्रावाइड कैमरा और 10MP का एक अन्य टेलीफोटो कैमरा शामिल हो सकता है। वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए इसमें 12MP का फ्रंट कैमरा मिलने की उम्मीद है।

Samsung Galaxy S27 Ultra में 6.9 इंच की AMOLED 2X डिस्प्ले दी जा सकती है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करेगी। परफॉर्मेंस के लिए इसमें Qualcomm का अपकमिंग Snapdragon 8 Elite Gen 6 प्रोसेसर मिल सकता है। इसके साथ 12GB रैम और 256GB स्टोरेज दिए जाने की उम्मीद है।

चीन के मशहूर टिप्स्टर Digital Chat Station के मुताबिक, यह प्रोसेसर 2nm टेक्नोलॉजी पर तैयार किया जा सकता है। लीक में यह भी दावा किया गया है कि फोन की मोटाई 7.9mm हो सकती है और इसमें Galaxy S Pen का सपोर्ट मिलेगा।

बैटरी देखें तो Galaxy S27 Ultra में 7,000mAh की बैटरी दी जा सकती है, जो 65W फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट कर सकती है। हालांकि, इन सभी फीचर्स की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

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Jailer 2 Movie Review: रजनीकांत का ‘वन मैन शो’,विद्या बालन ने दमदार एक्टिंग से किया इंप्रेस

कलाकार- रजनीकांत, विद्या बालन, एस. जे. सूर्या, मिथुन चक्रवर्ती और सूरज वेंजारामूडु

निर्देशक- नेल्सन दिलीपकुमार

निर्माता- सन पिक्चर्स

रेटिंग- 3/5

Jailer 2 Movie Review: रजनीकांत की ‘जेलर 2’ आज रिलीज हो गई है और यह दर्शकों की उम्मीदों और चर्चाओं पर पूरी तरह खरी उतरती है। नेल्सन दिलीपकुमार के निर्देशन में बनी इस फिल्म का संगीत अनिरुद्ध रविचंदर ने दिया है। यहां फिल्म का रिव्यू दिया गया है।

फिल्म की कहानी

टाइगर मुथुवेल पांडियन और उनका परिवार…. बेटे की मौत के बाद तमिलनाडु के एक छोटे से गांव में जाकर बस जाता है। अपने बेटे को खोने के गम से उबरने की कोशिश के बीच टाइगर इस बात का पता लगाने में जुट जाते हैं कि देवी-देवताओं की मूर्तियों की तस्करी के पीछे कौन सा मास्टरमाइंड है। अपने बेटे की मौत के बाद भी टाइगर ने अपनी जांच नहीं रोकी और वे इस पूरी तस्करी के असली कारण तक पहुंचने की कोशिश करते रहे। इस जांच के दौरान उनका सामना कई अपराधियों से होता है। वे किस तरह तस्करी के इस पूरे सिस्टम को खत्म करते हैं, इसी के ईर्दगिर्द कहानी घूमती है।

कलाकार और अभिनय

रजनीकांत के अलावा फिल्म में शिव राजकुमार, मोहनलाल और जैकी श्रॉफ भी हैं, जो अपने परिवार को बचाने के मिशन में मुथु का साथ देते हैं। सूरज वेंजारामूडु, विद्या बालन, एसजे सूर्या, मिथुन चक्रवर्ती और अन्य कलाकारों के कैमियो किरदार बहुत अच्छे से लिखे गए हैं और उन्होंने फिल्म में बेहतरीन काम किया है। ऋतिक रोशन का एक खास कैमियो भी है, जिसका फैंस को बेसब्री से इंतजार था। सिनेमाघरों में दर्शकों ने इसे खूब पसंद किया।

सभी कलाकारों ने अपने किरदारों में बहुत अच्छा काम किया है और जिन सीन्स में वे शामिल थे, उनकी अहमियत और बढ़ा दी है। किसी भी किरदार को कमतर नहीं दिखाया गया और सभी को बहुत अच्छे से लिखा गया है। रजनीकांत की पत्नी और बहू का किरदार निभाने वालीं राम्या कृष्णन और मिर्ना मेनन के पास इस सीक्वल में करने के लिए बहुत कुछ नहीं है, लेकिन सच तो यह है कि मुथुवेल पांडियन का पूरा मिशन ही अपने परिवार को बचाना है।

यह फिल्म पूरी तरह से रजनीकांत की है। जब भी वे स्क्रीन पर आते हैं तो दर्शकों के लिए वह एक शानदार पल होता है। ऋतिक रोशन का कैमियो दर्शकों के लिए एक बहुत ही रोमांचक पल था। उन्होंने ‘रॉडी’ नाम का किरदार निभाया है, जो जेलर को एक ऐसी स्थिति में बचाने आते हैं जब वह खतरे में होते हैं। वे यह भी कहते हैं, “20 साल पहले आपने मेरी जो मदद की थी, उसे मैं नहीं भूला हूं, भले ही आप भूल गए हों।”

कांथा के रोल में विद्या बालन स्क्रीन पर छा जाती हैं। ‘जेलर 2’ की कहानी में कुछ खास नहीं है। मुथुवेल बस वर्मा के पीछे के मास्टरमाइंड को खोजने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ वह मास्टरमाइंड भी उस आदमी को ढूंढने में लगा है, जिसने वर्मा को मारा था। फिल्म में कुछ नए किरदार भी जोड़े गए हैं, जो कहानी को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं, ताकि मुथु सही मंजिल तक पहुंच सकें। इस मजेदार फिल्म को इतना शानदार बनाने का श्रेय डायरेक्टर नेल्सन दिलीपकुमार को जाता है।

क्या अच्छा है और क्या नहीं

अनिरुद्ध रविचंदर का बैकग्राउंड म्यूजिक (BGM) और संगीत हर बार जब आप रजनीकांत को स्क्रीन पर देखते हैं तो आपको एक अलग ही जोश से भर देता है। कैमरा वर्क तारीफ के काबिल है। फिल्म में कुछ ऐसे सीन हैं, जो यकीनन दर्शकों को सीट से उठकर सीटी बजाने पर मजबूर कर देंगे, लेकिन ऐसा ज्यादातर पहले हाफ में ही होता है। दूसरे हाफ में कहानी पूरी तरह से एक अलग मोड़ ले लेती है और आपको एक इमोशनल सफर पर ले जाती है।

शिव राजकुमार और मोहनलाल ने पिछले पार्ट की तरह ही शानदार काम किया है। फिल्म में जैकी श्रॉफ के किरदार को न रखा जाता तो भी चलता। फिल्म में कुछ कॉमेडी सीन हैं जो कहानी के प्रवाह में फिट नहीं बैठते। नोरा फतेही के आइटम सॉन्ग की तो कोई जरूरत ही नहीं थी। ‘जेलर 2’ की पूरी कहानी और मुथु के किरदार को और बेहतर तरीके से लिखा जा सकता था, ताकि दर्शक कहानी से पूरी तरह जुड़े रहें।

देखें या नहीं

‘जेलर 2’ एक बेहतरीन कमर्शियल ड्रामा है और रजनीकांत के फैंस के लिए किसी दावत से कम नहीं है। यह एक बहुत ही बढ़िया तरीके से तैयार की गई साउथ इंडियन डिश है, जिसे फेस्टिव सीजन में बहुत अच्छे से परोसा गया है। फिल्म का सिनेमाघरों में जाकर लुत्फ उठाना चाहिए।

24 साल में पहली बार वेस्टइंडीज भारत दौरे पर जीती 3 सीमित ओवर के मैच

वेस्टइंडीज ने हैदराबाद में खेले गए टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भारतीय टीम को घुटने पर लाकर एक नया रिकॉर्ड बना लिया है। यह 24 सालों में पहली बार है जब वेस्टइंडीज ने भारत के खिलाफ भारतीय जमीन पर एक दौरे में 3 मैच जीते हों। गौरतलब है कि वेस्टइंडीज ने एकदिवसीय सीरीज में 352 रनों का पीछा करते हुए 5 विकेट से जीत अर्जित की थी।

वहीं  रांची टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में कैरिबियाई टीम ने 250 रनों का पीछा कर मेजबान टीम से 6 विकेट से मैच जीता इसके बाद कल हैदराबाद में मेहमान टीम को 24 रनों से सफलता मिली। इससे पहले वेस्टइंडीज ने साल 2002 में 7 मैचों की एकदिवसीय सीरीज में 4-3 से जीत हासिल की थी। उस वक्त टी-20 अंतरराष्ट्रीय खेला नहीं जाता था।

इसके अलावा भारतीय जमीन बीते सभी टेस्ट, वनडे या टी-20 दौरों पर कभी ऐसा नहीं हुआ जब वेस्टइंडीज तीन मैच भारत को हरा पाई हो।इन तीन मैचों में जिनमें वेस्टइंडीज ने जीत हासिल की है एक बात समान है। इन तीनों मैचों में कप्तान शाई होप का शतक आया है।

हैदराबाद में 24 रनों से जीता टी-20 मैच

शाई होप (नाबाद 102) के आतिशी शतक और कीमो पॉल के 19वें ओवर में तीन विकेट सहित कुल 41 रन पर पांच विकेट की बदौलत वेस्ट इंडीज ने भारत को चौथे टी 20 में बुधवार को 24 रन से हराकर पांच मैचों की सीरीज में 2-2 से बराबरी हासिल कर ली।

वेस्ट इंडीज ने तीन विकेट पर 247 रन का मजबूत स्कोर बनाने के बाद भारत की चुनौती को 19.3 ओवर में 223 रन पर रोक दिया। अब सीरीज का फैसला बेंगलुरु में आखिरी मैच से होगा। कीमो पॉल ने घातक गेंदबाजी करते हुए पांचवें ओवर में दो विकेट और 19वें ओवर में तीन विकेट लेकर भारत की आज ही सीरीज कब्जाने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

रांची टी-20 में वेस्टइंडीज ने किया रिकॉर्ड 250 रनों का पीछा

झारखंड की राजधानी रांची के जेएससीए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में कैरेबियाई टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को छह विकेट से हरा दिया। भारत के 249 रनों के विशाल स्कोर के बावजूद वेस्टइंडीज ने दमदार बल्लेबाजी के दम पर लक्ष्य हासिल कर लिया।

वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने 45 गेंदों में शानदार शतक जड़कर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। इससे पहले टॉस के बाद बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवर में पांच विकेट के नुकसान पर 249 रन बनाए। भारत की ओर से संजू सैमसन ने 82 रनों की विस्फोटक पारी खेली।


शाई होप के शतक से वेस्टइंडीज ने एकदिवसीय सीरीज में बचाया वाइट वॉश

कप्तान शाई होप की नाबाद 162 रन की साहसिक शतकीय पारी की बदौलत वेस्ट इंडीज ने भारत को तीसरे वनडे में 10 गेंदें शेष रहते पांच विकेट से हराकर अपना सम्मान बचा लिया। यह मैच हारने के बावजूद भारत ने तीन मैचों की सीरीज 2-1 से जीती।

के एल राहुल (नाबाद 129) के आतिशी शतक और ओपनर रोहित शर्मा की 92 रन की बेहतरीन पारी की बदौलत भारत ने 50 ओवर में सात विकेट पर 351 रन का विशाल स्कोर बनाया लेकिन उसे बचा नहीं सके। वेस्ट इंडीज ने 48.2 ओवर में पांच विकेट पर 352 रन बनाकर जीत अपने नाम की। शाई होप ने 143 गेंदों पर नाबाद 162 रन में 17 चौके और तीन छक्के लगाए। इस पारी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला।


TVS Raider 125 gets traction control

TVS Raider 125 gets traction control
TVS Raider TFT DD in Blue and SXC DD in Red colour, front right quarter and front left quarter respectively.

It wouldn’t be an exaggeration to say the TVS Raider 125 played a part in rejuvenating the sporty 125 segment in 2021. It garnered such a positive reception and sales that manufacturers like Hero, Honda and Bajaj responded with options of their own. TVS evidently keeps a close eye on the Raider, as it has just given it a new set of features.

  1. Feature additions are limited to the top two variants: SXC DD and TFT DD
  2. Rear tyre is one section larger than before, at 120/70-17

TVS Raider 125 gets four new features

No changes to the design or engine

TVS hasn’t made any changes to the Raider’s design or its 124.8cc engine; neither are there any updates to the looks of the SXC DD and TFT DD variants. The new features added to these two variants are traction control, emergency brake warning and a 27W USB-C charger.  

The Raider is the first in the 125cc segment to get traction control. For the uninitiated, traction control reduces rear-wheel slip, so both wheels offer enough grip over loose surfaces; think gravel-ridden and/or uneven roads. The wider 120/70-17 rear tyre (previously 110/80-17) should also help with grip and stability. The emergency brake gives an earlier heads-up to those behind during sudden braking by triggering the hazard lights. As a convenience addition, TVS has now added a 27W USB-C charger (versus a 12W USB-A charger before), which should help charge your devices much faster.

Apart from these additions, the Raider remains where it was earlier, which means its engine still puts out 11.2hp and 11.75Nm, of which 0.55Nm is supplied by its integrated starter-motor-generator. The dual-disc brakes with single-channel ABS also remain exclusive to the top two variants. With these updates, the Raider TFT DD variant costs Rs 1,03,170, and the SXC DD variant costs Rs 1,00,330. TVS says the updated versions will be available at its dealerships across the country.

एसआईआर के खिलाफ विपक्षी दलों की याचिका पर चुनाव आयोग को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

उच्चतम न्यायालय ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरुद्ध लोक सभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के अन्य घटक दलों के नेताओं की ओर से दायर याचिका पर गुरुवार को चुनाव आयोग को नोटिस जारी किये।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने चुनाव आयोग के साथ-साथ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू तथा विवेक जोशी को नोटिस जारी किये । मुख्य न्यायाधीश ने याचिका पर सुनवाई के दौरान मौखिक रूप से टिप्पणी की, ” हम याचिकाकर्ताओं में से एक से उनके आचरण के बारे में भी पूछेंगे।” गौरतलब है कि 12 अक्टूबर को श्री गांधी, कांग्रेस और विपक्षी दलों के कुछ अन्य विपक्षी नेताओं ने उच्चतम न्यायालय तक एक मार्च निकाला था और उसके वे उच्चतम न्यायालय में याचिका दाखिल करने गये थे। इससे न्यायालय परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई और हंगामा के स्थिति बन गयी थी।

याचिकाकर्ताओं में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, ममता तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के तेजस्वी प्रसाद यादव, शिवसेना (यूबीटी) के संजय राउत, मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी के एम ए बेबी, भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी के डी. राजा, झारखंड मुक्ति मोर्चा की महुआ माजी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) की सुप्रिया सुले और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के ईटी. मुहम्मद बशीर शामिल हैं। विदुथलाई चिरुथाइगल काची के अध्यक्ष थोल. थिरुमावलवन और नेशनल कॉन्फ्रेंस के सज्जाद अहमद किचलू भी याचिकाकर्ताओं में शामिल हैं।

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कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल एसआईआर प्रक्रिया का शुरू से ही विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि चुनाव आयोग ने भारतीय जनता पार्टी के दबाव में मतदाता सूची में बड़ी संख्या में नाम काट दिये हैं। वे इसको लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे है। न्यायालय ने अल हिंद मुस्लिम इत्तेहाहुल मुसलमीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और कांग्रेस के दिग्विजय सिंह ने भी एसआईआर के विरुद्ध न्यायालय में अलग अलग याचिकाएं दायर की हैं।

याचिकाकर्ताओं ने एसआईआर कराने के संबंध में चुनाव आयोग के 24 जून, 2025 के फैसले के रिकॉर्ड को तलब किये जाने और यह तय करने का अनुरोध किया है कि इस प्रक्रिया में नियम कायदे का पालन हुआ है या नहीं । याचिका में यह भी अनुरोध किया गया है कि इस मामले में यह न्यायिक समीक्षा भी की जाए कि मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और पदावधि) अधिनियम, 2023 के तहत आयोग की निर्णय प्रक्रिया में सामूहिक दायित्व और दस्तावेजी निर्णय लेने की व्यवस्था का अनुपालन हुआ या नहीं।

याचिकाकर्ताओं ने मतदाता सूची से नाम हटाने तथा मतदाता सूची डेटाबेस का ऑडिट करने के लिए उच्चतम न्यायालय के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समिति बनाने की भी मांग की है। याचिकाकर्ताओं ने एसआईआर प्रक्रिया के तहत मतदाता सूचियों से हटाए गए नामों और उन्हें हटाने के कारणों की बूथ-वार जानकारी दिये जाने, नाम हटाने से पहले नोटिस और सुनवाई , नाम वापस जोड़ने की व्यवस्था किये जाने, चुनाव वाले राज्यों में पंजीकरण की समय-सीमा बढ़ाये जाने और जब तक यह मामला चल रहा है, तब तक पूरे देश में एसआईआर प्रक्रिया पर रोक लगाने की भी मांग की है।

Pic Credit : UNI