Video: तीन साल तक ₹10 के सिक्के बचाए, फिर उन्हीं से खरीद ली 1.23 लाख की Honda Activa, 2 घंटे तक गिनते रहे शोरूम वाले!

Honda Activa News: कहते हैं कि बूंद-बूंद से घड़ा भरता है और छोटी-छोटी बचत से बड़े से बड़े सपने पूरे हो जाते हैं। तेलंगाना के मंचेरियल जिले के एक शख्स ने इस कहावत को सच कर दिखाया है। उन्होंने तीन साल तक ₹10 के सिक्के जमा किए और जब पर्याप्त रकम इकट्ठा हो गई, तो उन्हीं सिक्कों से 1 लाख 23 हजार रुपये की होंडा एक्टिवा (Honda Activa) स्कूटर खरीद ली। उनकी इस अनोखी कहानी ने शोरूम के कर्मचारियों से लेकर स्थानीय लोगों तक का ध्यान खींचा है। लक्षेट्टीपेट निवासी बी. रवि जोसेफ ने बताया कि उन्होंने परिवार के लिए कोई उपयोगी चीज खरीदने के उद्देश्य से रोजमर्रा के लेनदेन, जैसे किराने का सामान खरीदने के दौरान मिले 10 रुपये के सिक्कों को सावधानीपूर्वक बचाकर रखा।

परिवार को पहले था शक, लेकिन बाद में किया सपोर्ट

पीटीआई के मुताबिक, जोसेफ ने कहा कि शुरुआत में परिवार के सदस्यों को उनके इस विचार पर शक हुआ था। लेकिन बाद में उन्होंने उनका साथ दिया। रवि ने बताया कि उनकी पुरानी बाइक खराब होने लगा था, जिसके बाद उन्होंने नया स्कूटर खरीदने का फैसला किया। शोरूम के मैनेजर ने बताया कि रवि जोसेफ करीब 15 दिन पहले यह पता करने आए थे कि क्या शोरूम स्कूटर के पेमेंट के लिए सिक्के स्वीकार करेगा। मैनेजर के अनुसार, शोरूम ने सिक्के स्वीकार करने पर सहमति जताई। मैनेजर ने बताया कि इसके बाद रवि जोसेफ एक लाख 23 हजार रुपये के 10 रुपये के सिक्के लेकर शोरूम पहुंचे और स्कूटर खरीदा।

रोजमर्रा के खर्च से बचाए पैसे

रवि जोसेफ पेशे से चर्च के पादरी हैं। रवि ने रोजमर्रा के खर्चों में से थोड़े-थोड़े पैसे बचाकर यह रकम जुटाई। पोर्ट के मुताबिक, उन्होंने 10 अक्टूबर 2023 से ₹10 के सिक्के जमा करना शुरू किया था। किराने का सामान खरीदने और रोजमर्रा के लेन-देन के दौरान मिलने वाले सिक्कों को वह अलग रख देते थे। इस तरह तीन साल तक लगातार बचत करते हुए उन्होंने करीब ₹1.23 लाख जमा कर लिए।

पुराना वाहन खराब हुआ तो लिया नया स्कूटर खरीदने का फैसला

रवि जोसेफ का पुराना वाहन बार-बार खराब होने लगा था। ऐसे में उन्होंने नया दोपहिया वाहन खरीदने का फैसला किया। उनका सपना पहले रॉयल एनफील्ड बुलेट खरीदने का था। लेकिन आर्थिक स्थिति को देखते हुए उन्हें अपना यह इरादा छोड़ना पड़ा। इसके बाद उन्होंने अपनी जमा की गई रकम से परिवार के लिए एक नया स्कूटर खरीदने का फैसला किया। जिस पैसे को उन्होंने लंबे समय तक धीरे-धीरे जमा किया था, वही आखिरकार उनके काम आया।

परिवार ने भी जताई थी चिंता

रवि जोसेफ के लिए तीन साल तक सिक्के जमा करना आसान नहीं था। इस दौरान उनके परिवार के लोगों ने भी चिंता जताई। ₹10 के सिक्कों को लेकर बाजार में इनके बंद होने या कानूनी मान्यता खत्म होने जैसी अफवाहों की चर्चा से परिवार को लगा कि कहीं उनकी मेहनत बेकार न चली जाए। परिवार ने उन्हें सिक्के जमा करना बंद करने की सलाह भी दी। लेकिन रवि जोसेफ ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपना लक्ष्य नहीं छोड़ा और लगातार बचत करते रहे।

दो घंटे तक सिक्के गिनते रहे शोरूम के कर्मचारी

शख्स ने होंडा मोटर्स शोरूम में अपनी जमा रकम से स्कूटर खरीदने का फैसला किया। इसके बाद जब रवि जोसेफ अपने परिवार के साथ सिक्के लेकर शोरूम पहुंचे, तो कर्मचारियों के सामने उन्हें गिनने और रकम का मिलान करने की चुनौती थी। रिपोर्ट के अनुसार, सिक्कों को गिनने और कुल राशि की पुष्टि करने में कर्मचारियों को करीब दो घंटे लग गए। आखिरकार, सिक्कों की कुल कीमत ₹1.23 लाख निकली और रवि जोसेफ ने इन्हीं पैसों से अपनी सपनों की Honda Activa खरीद ली।

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छोटी बचत, बड़ी सीख

रवि जोसेफ की यह कहानी केवल एक स्कूटर खरीदने तक सीमित नहीं है। यह बताती है कि नियमित रूप से थोड़ी-थोड़ी रकम बचाकर भी किसी बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। जहां कई लोग छोटी रकम को नजरअंदाज कर देते हैं। वहीं, रवि ने रोजमर्रा के लेन-देन से मिलने वाले ₹10 के सिक्कों को अपनी ताकत बना लिया। तीन साल की मेहनत के बाद जब वह अपने परिवार के साथ नया स्कूटर लेकर निकले, तो उनकी बचत की कहानी दूसरों के लिए भी प्रेरणा बन गई। रवि सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं।

UP: ट्रकों से डीजल चोरी करने वाले कच्छा गैंग के तीन सदस्य हथियार और गाड़ियों के साथ गिरफ्तार

15 अक्टूबर: कानपुर पुलिस ने हाईवे पर ट्रकों से डीजल चोरी करने वाले कच्छा गैंग के तीन बदमाशों दीपक, सौरभ और हिमांशु को हथियार और वाहनों के साथ गिरफ्तार किया।

लॉन्च से पहले Samsung Galaxy S27 Ultra के फीचर्स लीक, मिलेगा नया Privacy Display, देखें स्पेसिफिकेशंस

Samsung Galaxy S27 Ultra Leaks: अगर आप Samsung के प्रीमियम स्मार्टफोन का इंतजार कर रहे हैं, तो आने वाला Galaxy S27 Ultra आपके लिए खास हो सकता है। इस फोन को लेकर नई लीक सामने आई हैं, जिनमें कैमरा क्वालिटी से लेकर हार्डवेयर तक में बड़े बदलाव होने की उम्मीद जताई गई है। माना जा रहा है कि नया फोन मौजूदा Galaxy S26 Ultra से बेहतर हो सकता है। हालांकि, Samsung ने अभी तक इस स्मार्टफोन को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। आइए जानते हैं कि Galaxy S27 Ultra को लेकर अब तक क्या-क्या सामने आया है।

Samsung Galaxy S27 Ultra लीक: क्या उम्मीद करें

एक जाने-माने टिपस्टर सॉयर गैलोक्स (@Sawyergalox) के अनुसार, Samsung अपनी ‘प्राइवेसी डिस्प्ले’ तकनीक की दूसरी पीढ़ी पर काम कर रहा है। इस अपडेटेड फीचर में स्क्रीन के कई पहलुओं में सुधार देखने को मिल सकता है।

माना जा रहा है कि Galaxy S27 Ultra में ‘Privacy Display’ इनेबल होने पर भी हाई रिजॉल्यूशन मिलेगा। उम्मीद है कि यह कोरियाई टेक कंपनी व्यूइंग एंगल, स्क्रीन रिजॉल्यूशन और ओवरऑल डिस्प्ले क्लैरिटी को बेहतर बनाने पर भी काम कर रही है। बता दैं कि Samsung Galaxy S27 Ultra के 2027 की शुरुआत में लॉन्च होने की उम्मीद है, हालांकि कंपनी ने अभी तक इसकी आधिकारिक लॉन्च टाइमलाइन का खुलासा नहीं किया है।

Samsung Galaxy S27 Ultra (अनुमानित कीमतें)

टिप्स्टर के मुताबिक, Galaxy S27 Ultra में बेहतर डिस्प्ले हार्डवेयर मिलने से इसकी कीमत बढ़ सकती है। लीक के अनुसार, इस प्रीमियम स्मार्टफोन की शुरुआती कीमत 1,400 डॉलर (करीब 1,33,000 रुपये) से 1,500 डॉलर (लगभग 1,43,000 रुपये) के बीच हो सकती है।

हालांकि, इससे पहले सामने आई लीक में फोन की कीमत को लेकर अलग-अलग दावे किए गए थे। पिछली रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में इसकी शुरुआती कीमत 1,399 डॉलर (करीब 1,35,000 रुपये) हो सकती है। वहीं, दक्षिण कोरिया में इसकी कीमत 1,499 डॉलर (लगभग 1,45,000 रुपये) होने की संभावना जताई गई थी।

ध्यान देने वाली बात यह है कि ये सभी कीमतें फिलहाल अनुमान पर आधारित हैं। Samsung ने Galaxy S27 Ultra की कीमत का आधिकारिक ऐलान नहीं किया है। अलग-अलग देशों में इसकी कीमत भी अलग हो सकती है।

कैमरे की बात करें तो Samsung Galaxy S27 Ultra में पीछे की तरफ चार कैमरे मिल सकते हैं। इसमें 200MP का मेन कैमरा, 50MP का टेलीफोटो कैमरा, 50MP का अल्ट्रावाइड कैमरा और 10MP का एक अन्य टेलीफोटो कैमरा शामिल हो सकता है। वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए इसमें 12MP का फ्रंट कैमरा मिलने की उम्मीद है।

Samsung Galaxy S27 Ultra में 6.9 इंच की AMOLED 2X डिस्प्ले दी जा सकती है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करेगी। परफॉर्मेंस के लिए इसमें Qualcomm का अपकमिंग Snapdragon 8 Elite Gen 6 प्रोसेसर मिल सकता है। इसके साथ 12GB रैम और 256GB स्टोरेज दिए जाने की उम्मीद है।

चीन के मशहूर टिप्स्टर Digital Chat Station के मुताबिक, यह प्रोसेसर 2nm टेक्नोलॉजी पर तैयार किया जा सकता है। लीक में यह भी दावा किया गया है कि फोन की मोटाई 7.9mm हो सकती है और इसमें Galaxy S Pen का सपोर्ट मिलेगा।

बैटरी देखें तो Galaxy S27 Ultra में 7,000mAh की बैटरी दी जा सकती है, जो 65W फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट कर सकती है। हालांकि, इन सभी फीचर्स की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

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Jailer 2 Movie Review: रजनीकांत का ‘वन मैन शो’,विद्या बालन ने दमदार एक्टिंग से किया इंप्रेस

कलाकार- रजनीकांत, विद्या बालन, एस. जे. सूर्या, मिथुन चक्रवर्ती और सूरज वेंजारामूडु

निर्देशक- नेल्सन दिलीपकुमार

निर्माता- सन पिक्चर्स

रेटिंग- 3/5

Jailer 2 Movie Review: रजनीकांत की ‘जेलर 2’ आज रिलीज हो गई है और यह दर्शकों की उम्मीदों और चर्चाओं पर पूरी तरह खरी उतरती है। नेल्सन दिलीपकुमार के निर्देशन में बनी इस फिल्म का संगीत अनिरुद्ध रविचंदर ने दिया है। यहां फिल्म का रिव्यू दिया गया है।

फिल्म की कहानी

टाइगर मुथुवेल पांडियन और उनका परिवार…. बेटे की मौत के बाद तमिलनाडु के एक छोटे से गांव में जाकर बस जाता है। अपने बेटे को खोने के गम से उबरने की कोशिश के बीच टाइगर इस बात का पता लगाने में जुट जाते हैं कि देवी-देवताओं की मूर्तियों की तस्करी के पीछे कौन सा मास्टरमाइंड है। अपने बेटे की मौत के बाद भी टाइगर ने अपनी जांच नहीं रोकी और वे इस पूरी तस्करी के असली कारण तक पहुंचने की कोशिश करते रहे। इस जांच के दौरान उनका सामना कई अपराधियों से होता है। वे किस तरह तस्करी के इस पूरे सिस्टम को खत्म करते हैं, इसी के ईर्दगिर्द कहानी घूमती है।

कलाकार और अभिनय

रजनीकांत के अलावा फिल्म में शिव राजकुमार, मोहनलाल और जैकी श्रॉफ भी हैं, जो अपने परिवार को बचाने के मिशन में मुथु का साथ देते हैं। सूरज वेंजारामूडु, विद्या बालन, एसजे सूर्या, मिथुन चक्रवर्ती और अन्य कलाकारों के कैमियो किरदार बहुत अच्छे से लिखे गए हैं और उन्होंने फिल्म में बेहतरीन काम किया है। ऋतिक रोशन का एक खास कैमियो भी है, जिसका फैंस को बेसब्री से इंतजार था। सिनेमाघरों में दर्शकों ने इसे खूब पसंद किया।

सभी कलाकारों ने अपने किरदारों में बहुत अच्छा काम किया है और जिन सीन्स में वे शामिल थे, उनकी अहमियत और बढ़ा दी है। किसी भी किरदार को कमतर नहीं दिखाया गया और सभी को बहुत अच्छे से लिखा गया है। रजनीकांत की पत्नी और बहू का किरदार निभाने वालीं राम्या कृष्णन और मिर्ना मेनन के पास इस सीक्वल में करने के लिए बहुत कुछ नहीं है, लेकिन सच तो यह है कि मुथुवेल पांडियन का पूरा मिशन ही अपने परिवार को बचाना है।

यह फिल्म पूरी तरह से रजनीकांत की है। जब भी वे स्क्रीन पर आते हैं तो दर्शकों के लिए वह एक शानदार पल होता है। ऋतिक रोशन का कैमियो दर्शकों के लिए एक बहुत ही रोमांचक पल था। उन्होंने ‘रॉडी’ नाम का किरदार निभाया है, जो जेलर को एक ऐसी स्थिति में बचाने आते हैं जब वह खतरे में होते हैं। वे यह भी कहते हैं, “20 साल पहले आपने मेरी जो मदद की थी, उसे मैं नहीं भूला हूं, भले ही आप भूल गए हों।”

कांथा के रोल में विद्या बालन स्क्रीन पर छा जाती हैं। ‘जेलर 2’ की कहानी में कुछ खास नहीं है। मुथुवेल बस वर्मा के पीछे के मास्टरमाइंड को खोजने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ वह मास्टरमाइंड भी उस आदमी को ढूंढने में लगा है, जिसने वर्मा को मारा था। फिल्म में कुछ नए किरदार भी जोड़े गए हैं, जो कहानी को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं, ताकि मुथु सही मंजिल तक पहुंच सकें। इस मजेदार फिल्म को इतना शानदार बनाने का श्रेय डायरेक्टर नेल्सन दिलीपकुमार को जाता है।

क्या अच्छा है और क्या नहीं

अनिरुद्ध रविचंदर का बैकग्राउंड म्यूजिक (BGM) और संगीत हर बार जब आप रजनीकांत को स्क्रीन पर देखते हैं तो आपको एक अलग ही जोश से भर देता है। कैमरा वर्क तारीफ के काबिल है। फिल्म में कुछ ऐसे सीन हैं, जो यकीनन दर्शकों को सीट से उठकर सीटी बजाने पर मजबूर कर देंगे, लेकिन ऐसा ज्यादातर पहले हाफ में ही होता है। दूसरे हाफ में कहानी पूरी तरह से एक अलग मोड़ ले लेती है और आपको एक इमोशनल सफर पर ले जाती है।

शिव राजकुमार और मोहनलाल ने पिछले पार्ट की तरह ही शानदार काम किया है। फिल्म में जैकी श्रॉफ के किरदार को न रखा जाता तो भी चलता। फिल्म में कुछ कॉमेडी सीन हैं जो कहानी के प्रवाह में फिट नहीं बैठते। नोरा फतेही के आइटम सॉन्ग की तो कोई जरूरत ही नहीं थी। ‘जेलर 2’ की पूरी कहानी और मुथु के किरदार को और बेहतर तरीके से लिखा जा सकता था, ताकि दर्शक कहानी से पूरी तरह जुड़े रहें।

देखें या नहीं

‘जेलर 2’ एक बेहतरीन कमर्शियल ड्रामा है और रजनीकांत के फैंस के लिए किसी दावत से कम नहीं है। यह एक बहुत ही बढ़िया तरीके से तैयार की गई साउथ इंडियन डिश है, जिसे फेस्टिव सीजन में बहुत अच्छे से परोसा गया है। फिल्म का सिनेमाघरों में जाकर लुत्फ उठाना चाहिए।

24 साल में पहली बार वेस्टइंडीज भारत दौरे पर जीती 3 सीमित ओवर के मैच

वेस्टइंडीज ने हैदराबाद में खेले गए टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भारतीय टीम को घुटने पर लाकर एक नया रिकॉर्ड बना लिया है। यह 24 सालों में पहली बार है जब वेस्टइंडीज ने भारत के खिलाफ भारतीय जमीन पर एक दौरे में 3 मैच जीते हों। गौरतलब है कि वेस्टइंडीज ने एकदिवसीय सीरीज में 352 रनों का पीछा करते हुए 5 विकेट से जीत अर्जित की थी।

वहीं  रांची टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में कैरिबियाई टीम ने 250 रनों का पीछा कर मेजबान टीम से 6 विकेट से मैच जीता इसके बाद कल हैदराबाद में मेहमान टीम को 24 रनों से सफलता मिली। इससे पहले वेस्टइंडीज ने साल 2002 में 7 मैचों की एकदिवसीय सीरीज में 4-3 से जीत हासिल की थी। उस वक्त टी-20 अंतरराष्ट्रीय खेला नहीं जाता था।

इसके अलावा भारतीय जमीन बीते सभी टेस्ट, वनडे या टी-20 दौरों पर कभी ऐसा नहीं हुआ जब वेस्टइंडीज तीन मैच भारत को हरा पाई हो।इन तीन मैचों में जिनमें वेस्टइंडीज ने जीत हासिल की है एक बात समान है। इन तीनों मैचों में कप्तान शाई होप का शतक आया है।

हैदराबाद में 24 रनों से जीता टी-20 मैच

शाई होप (नाबाद 102) के आतिशी शतक और कीमो पॉल के 19वें ओवर में तीन विकेट सहित कुल 41 रन पर पांच विकेट की बदौलत वेस्ट इंडीज ने भारत को चौथे टी 20 में बुधवार को 24 रन से हराकर पांच मैचों की सीरीज में 2-2 से बराबरी हासिल कर ली।

वेस्ट इंडीज ने तीन विकेट पर 247 रन का मजबूत स्कोर बनाने के बाद भारत की चुनौती को 19.3 ओवर में 223 रन पर रोक दिया। अब सीरीज का फैसला बेंगलुरु में आखिरी मैच से होगा। कीमो पॉल ने घातक गेंदबाजी करते हुए पांचवें ओवर में दो विकेट और 19वें ओवर में तीन विकेट लेकर भारत की आज ही सीरीज कब्जाने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

रांची टी-20 में वेस्टइंडीज ने किया रिकॉर्ड 250 रनों का पीछा

झारखंड की राजधानी रांची के जेएससीए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में कैरेबियाई टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को छह विकेट से हरा दिया। भारत के 249 रनों के विशाल स्कोर के बावजूद वेस्टइंडीज ने दमदार बल्लेबाजी के दम पर लक्ष्य हासिल कर लिया।

वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने 45 गेंदों में शानदार शतक जड़कर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। इससे पहले टॉस के बाद बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवर में पांच विकेट के नुकसान पर 249 रन बनाए। भारत की ओर से संजू सैमसन ने 82 रनों की विस्फोटक पारी खेली।


शाई होप के शतक से वेस्टइंडीज ने एकदिवसीय सीरीज में बचाया वाइट वॉश

कप्तान शाई होप की नाबाद 162 रन की साहसिक शतकीय पारी की बदौलत वेस्ट इंडीज ने भारत को तीसरे वनडे में 10 गेंदें शेष रहते पांच विकेट से हराकर अपना सम्मान बचा लिया। यह मैच हारने के बावजूद भारत ने तीन मैचों की सीरीज 2-1 से जीती।

के एल राहुल (नाबाद 129) के आतिशी शतक और ओपनर रोहित शर्मा की 92 रन की बेहतरीन पारी की बदौलत भारत ने 50 ओवर में सात विकेट पर 351 रन का विशाल स्कोर बनाया लेकिन उसे बचा नहीं सके। वेस्ट इंडीज ने 48.2 ओवर में पांच विकेट पर 352 रन बनाकर जीत अपने नाम की। शाई होप ने 143 गेंदों पर नाबाद 162 रन में 17 चौके और तीन छक्के लगाए। इस पारी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला।


TVS Raider 125 gets traction control

TVS Raider 125 gets traction control
TVS Raider TFT DD in Blue and SXC DD in Red colour, front right quarter and front left quarter respectively.

It wouldn’t be an exaggeration to say the TVS Raider 125 played a part in rejuvenating the sporty 125 segment in 2021. It garnered such a positive reception and sales that manufacturers like Hero, Honda and Bajaj responded with options of their own. TVS evidently keeps a close eye on the Raider, as it has just given it a new set of features.

  1. Feature additions are limited to the top two variants: SXC DD and TFT DD
  2. Rear tyre is one section larger than before, at 120/70-17

TVS Raider 125 gets four new features

No changes to the design or engine

TVS hasn’t made any changes to the Raider’s design or its 124.8cc engine; neither are there any updates to the looks of the SXC DD and TFT DD variants. The new features added to these two variants are traction control, emergency brake warning and a 27W USB-C charger.  

The Raider is the first in the 125cc segment to get traction control. For the uninitiated, traction control reduces rear-wheel slip, so both wheels offer enough grip over loose surfaces; think gravel-ridden and/or uneven roads. The wider 120/70-17 rear tyre (previously 110/80-17) should also help with grip and stability. The emergency brake gives an earlier heads-up to those behind during sudden braking by triggering the hazard lights. As a convenience addition, TVS has now added a 27W USB-C charger (versus a 12W USB-A charger before), which should help charge your devices much faster.

Apart from these additions, the Raider remains where it was earlier, which means its engine still puts out 11.2hp and 11.75Nm, of which 0.55Nm is supplied by its integrated starter-motor-generator. The dual-disc brakes with single-channel ABS also remain exclusive to the top two variants. With these updates, the Raider TFT DD variant costs Rs 1,03,170, and the SXC DD variant costs Rs 1,00,330. TVS says the updated versions will be available at its dealerships across the country.

एसआईआर के खिलाफ विपक्षी दलों की याचिका पर चुनाव आयोग को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

उच्चतम न्यायालय ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरुद्ध लोक सभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के अन्य घटक दलों के नेताओं की ओर से दायर याचिका पर गुरुवार को चुनाव आयोग को नोटिस जारी किये।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने चुनाव आयोग के साथ-साथ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू तथा विवेक जोशी को नोटिस जारी किये । मुख्य न्यायाधीश ने याचिका पर सुनवाई के दौरान मौखिक रूप से टिप्पणी की, ” हम याचिकाकर्ताओं में से एक से उनके आचरण के बारे में भी पूछेंगे।” गौरतलब है कि 12 अक्टूबर को श्री गांधी, कांग्रेस और विपक्षी दलों के कुछ अन्य विपक्षी नेताओं ने उच्चतम न्यायालय तक एक मार्च निकाला था और उसके वे उच्चतम न्यायालय में याचिका दाखिल करने गये थे। इससे न्यायालय परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई और हंगामा के स्थिति बन गयी थी।

याचिकाकर्ताओं में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, ममता तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के तेजस्वी प्रसाद यादव, शिवसेना (यूबीटी) के संजय राउत, मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी के एम ए बेबी, भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी के डी. राजा, झारखंड मुक्ति मोर्चा की महुआ माजी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) की सुप्रिया सुले और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के ईटी. मुहम्मद बशीर शामिल हैं। विदुथलाई चिरुथाइगल काची के अध्यक्ष थोल. थिरुमावलवन और नेशनल कॉन्फ्रेंस के सज्जाद अहमद किचलू भी याचिकाकर्ताओं में शामिल हैं।

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कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल एसआईआर प्रक्रिया का शुरू से ही विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि चुनाव आयोग ने भारतीय जनता पार्टी के दबाव में मतदाता सूची में बड़ी संख्या में नाम काट दिये हैं। वे इसको लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे है। न्यायालय ने अल हिंद मुस्लिम इत्तेहाहुल मुसलमीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और कांग्रेस के दिग्विजय सिंह ने भी एसआईआर के विरुद्ध न्यायालय में अलग अलग याचिकाएं दायर की हैं।

याचिकाकर्ताओं ने एसआईआर कराने के संबंध में चुनाव आयोग के 24 जून, 2025 के फैसले के रिकॉर्ड को तलब किये जाने और यह तय करने का अनुरोध किया है कि इस प्रक्रिया में नियम कायदे का पालन हुआ है या नहीं । याचिका में यह भी अनुरोध किया गया है कि इस मामले में यह न्यायिक समीक्षा भी की जाए कि मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और पदावधि) अधिनियम, 2023 के तहत आयोग की निर्णय प्रक्रिया में सामूहिक दायित्व और दस्तावेजी निर्णय लेने की व्यवस्था का अनुपालन हुआ या नहीं।

याचिकाकर्ताओं ने मतदाता सूची से नाम हटाने तथा मतदाता सूची डेटाबेस का ऑडिट करने के लिए उच्चतम न्यायालय के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समिति बनाने की भी मांग की है। याचिकाकर्ताओं ने एसआईआर प्रक्रिया के तहत मतदाता सूचियों से हटाए गए नामों और उन्हें हटाने के कारणों की बूथ-वार जानकारी दिये जाने, नाम हटाने से पहले नोटिस और सुनवाई , नाम वापस जोड़ने की व्यवस्था किये जाने, चुनाव वाले राज्यों में पंजीकरण की समय-सीमा बढ़ाये जाने और जब तक यह मामला चल रहा है, तब तक पूरे देश में एसआईआर प्रक्रिया पर रोक लगाने की भी मांग की है।

Pic Credit : UNI

Production-spec Honda 0 Alpha India debut on December 2

Production-spec Honda 0 Alpha India debut on December 2
Honda 0 Alpha India debut on December 2

Honda India is going to debut the production-spec 0 Alpha EV on December 2. The 0 Alpha SUV concept was revealed in October 2025, and its production version will be the carmaker’s first all-electric vehicle for our market. Honda is expected to reveal the official name of the vehicle as well. A heavily camouflaged prototype of 0 Alpha SUV was recently spied testing on our roads.

IAS की नौकरी छोड़ दिव्या मित्तल की राजनीति में एंट्री, यूपी की मिर्जापुर सदर सीट से लड़ेंगी 2027 का चुनाव, जानिए क्या है सियासी समीकरण

IAS की नौकरी छोड़ दिव्या मित्तल की राजनीति में एंट्री, यूपी की मिर्जापुर सदर सीट से लड़ेंगी 2027 का चुनाव, जानिए क्या है सियासी समीकरण

Divya Mittal ex IAS

Divya Mittal Politics Janniti Bharat Party: उत्तर प्रदेश की चर्चित पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने अपने राजनीतिक सफर को लेकर एक बड़ा और धमाकेदार ऐलान कर दिया है। उन्होंने न केवल 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में उतरने की घोषणा की है, बल्कि अपनी पार्टी का नाम और अपनी चुनावी सीट भी तय कर ली है। उन्होंने अपनी पार्टी का नाम रखा है ‘जन‍नीति भारत’। साथ ही मिर्जापुर सदर सीट से चुनाव लड़ने का भी ऐलान कर दिया है। 

 

उत्तर प्रदेश प्रशासनिक सेवा में अपनी अलग छाप छोड़ने वाली पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल अब सियासत के रंग में रंगने को पूरी तरह तैयार हैं। राजनीति में कदम रखने के अपने इरादे को पहले ही जता चुकीं दिव्या मित्तल ने अब सस्पेंस खत्म करते हुए ऐलान किया है कि वह साल 2027 का यूपी विधानसभा चुनाव ‘मिर्जापुर सदर’ सीट से लड़ेंगी।

 

चौंकाने वाली बात यह है कि उन्होंने अपनी खुद की पार्टी ‘जननीति भारत’ बनाकर चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया है। मिर्जापुर में लंबे समय तक प्रशासनिक अधिकारी के रूप में तैनात रहीं दिव्या मित्तल की जनता के बीच मजबूत पकड़ मानी जाती है, और उनके इस कदम से मिर्जापुर का राजनीतिक तापमान अभी से चढ़ गया है।

क्या कहा दिव्या मित्तल ने?

‍दिव्या ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर पोस्ट वीडियो में कहा कि जननीति भारत 2027 का यूपी चुनाव लड़ेगी, ताकि सरकार आपके (जनता के) हिसाब से चल सके। उन्होंने अपनी पार्टी के तीन वचन के बारे में भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि जननीति भारत का पहला वचन है- देश की नीतियों के केन्द्र में लोग होंगे और उन नीतियों को लोग ही तय करेंगे। दूसरी नीति पर उन्होंने कहा कि जन से नीति और नीति से भारत। अर्थात हर फैसला जरूरत देखकर होगा, पहचान देखकर नहीं। तीसरे वचन पर कहा कि हर काम का हिसाब जनता लेगी। जनता को पता होना चाहिए कि क्या हो रहा है और कब तक होगा। उन्होंने अपने वीडियो में युवा, आम आदमी, किसान, व्यापारियों की बात की। भ्रष्टाचार और लेटलतीफी की बात भी की। ALSO READ: IAS दिव्या मित्तल का इस्तीफा मंजूर, जानिए कौन हैं IIT-IIM पासआउट अफसर और क्या मिर्जापुर से लड़ेंगी चुनाव?

क्यों चुनी मिर्जापुर सदर सीट?

हालांकि पहले से ही अटकलें थीं कि दिव्या मिर्जापुर से चुनाव लड़ेंगी, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि उन्होंने यही सीट क्यों चुनी? दरअसल, इस सीट पर सबसे बड़ा वोट बैंक वैश्य (गुप्ता/साहू/व्यापारी) समाज का है, जिनकी संख्या करीब 1.50 लाख के करीब है। दिव्या मित्तल भी वैश्य समाज से आती हैं। साथ ही वे लंबे समय तक मिर्जापुर जिले की कलेक्टर भी रही हैं। ऐसे में स्थानीय लोग उनके कामकाज के तरीके को भी समझते हैं। इसका फायदा भी उन्हें मिल सकता है। वैश्य मतदाताओं के बाद इस सीट पर ब्राह्मण और क्षत्रिय (ठाकुर) मतदाता भी निर्णायक भूमिका निभाते हैं। ऐसे में यूजीसी के खिलाफ चल रहे आंदोलन के चलते सवर्ण वोटर भी उन्हें एक विकल्प के रूप में देख सकते हैं।  ALSO READ: यूपी की राजनीति में उतरेंगी पूर्व IAS दिव्या मित्तल, क्या होगा अगला कदम? राजभर ने साधा निशाना

आसान नहीं होगी दिव्या की राह

हालांकि मिर्जापुर सदर सीट पर जीत हासिल करना दिव्या के लिए आसान नहीं होगा, क्योंकि यह सीट भाजपा और एनडीए का गढ़ मानी जाती है। वर्ष 2017 के भाजपा के कैलाश चौरसिया ने यहां जीत हासिल की थी। वहीं, 2022 में भाजपा के ही रत्नाकर मिश्रा विजयी रहे थे। इसके साथ ही यह क्षेत्र केंद्रीय मंत्री और अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल का संसदीय क्षेत्र भी है। पिछले 20 वर्षों से यहां पटेल परिवार का वर्चस्व रहा है। ऐसे में दिव्या यहां त्रिकोणीय मुकाबले में उलझ भी सकती हैं।

IAS की नौकरी छोड़ दिव्या मित्तल की राजनीति में एंट्री, यूपी की मिर्जापुर सदर सीट से लड़ेंगी 2027 का चुनाव, जानिए क्या है सियासी समीकरण

IAS की नौकरी छोड़ दिव्या मित्तल की राजनीति में एंट्री, यूपी की मिर्जापुर सदर सीट से लड़ेंगी 2027 का चुनाव, जानिए क्या है सियासी समीकरण

Divya Mittal ex IAS

Divya Mittal Politics Janniti Bharat Party: उत्तर प्रदेश की चर्चित पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने अपने राजनीतिक सफर को लेकर एक बड़ा और धमाकेदार ऐलान कर दिया है। उन्होंने न केवल 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में उतरने की घोषणा की है, बल्कि अपनी पार्टी का नाम और अपनी चुनावी सीट भी तय कर ली है। उन्होंने अपनी पार्टी का नाम रखा है ‘जन‍नीति भारत’। साथ ही मिर्जापुर सदर सीट से चुनाव लड़ने का भी ऐलान कर दिया है। 

 

उत्तर प्रदेश प्रशासनिक सेवा में अपनी अलग छाप छोड़ने वाली पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल अब सियासत के रंग में रंगने को पूरी तरह तैयार हैं। राजनीति में कदम रखने के अपने इरादे को पहले ही जता चुकीं दिव्या मित्तल ने अब सस्पेंस खत्म करते हुए ऐलान किया है कि वह साल 2027 का यूपी विधानसभा चुनाव ‘मिर्जापुर सदर’ सीट से लड़ेंगी।

 

चौंकाने वाली बात यह है कि उन्होंने अपनी खुद की पार्टी ‘जननीति भारत’ बनाकर चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया है। मिर्जापुर में लंबे समय तक प्रशासनिक अधिकारी के रूप में तैनात रहीं दिव्या मित्तल की जनता के बीच मजबूत पकड़ मानी जाती है, और उनके इस कदम से मिर्जापुर का राजनीतिक तापमान अभी से चढ़ गया है।

क्या कहा दिव्या मित्तल ने?

‍दिव्या ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर पोस्ट वीडियो में कहा कि जननीति भारत 2027 का यूपी चुनाव लड़ेगी, ताकि सरकार आपके (जनता के) हिसाब से चल सके। उन्होंने अपनी पार्टी के तीन वचन के बारे में भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि जननीति भारत का पहला वचन है- देश की नीतियों के केन्द्र में लोग होंगे और उन नीतियों को लोग ही तय करेंगे। दूसरी नीति पर उन्होंने कहा कि जन से नीति और नीति से भारत। अर्थात हर फैसला जरूरत देखकर होगा, पहचान देखकर नहीं। तीसरे वचन पर कहा कि हर काम का हिसाब जनता लेगी। जनता को पता होना चाहिए कि क्या हो रहा है और कब तक होगा। उन्होंने अपने वीडियो में युवा, आम आदमी, किसान, व्यापारियों की बात की। भ्रष्टाचार और लेटलतीफी की बात भी की। ALSO READ: IAS दिव्या मित्तल का इस्तीफा मंजूर, जानिए कौन हैं IIT-IIM पासआउट अफसर और क्या मिर्जापुर से लड़ेंगी चुनाव?

क्यों चुनी मिर्जापुर सदर सीट?

हालांकि पहले से ही अटकलें थीं कि दिव्या मिर्जापुर से चुनाव लड़ेंगी, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि उन्होंने यही सीट क्यों चुनी? दरअसल, इस सीट पर सबसे बड़ा वोट बैंक वैश्य (गुप्ता/साहू/व्यापारी) समाज का है, जिनकी संख्या करीब 1.50 लाख के करीब है। दिव्या मित्तल भी वैश्य समाज से आती हैं। साथ ही वे लंबे समय तक मिर्जापुर जिले की कलेक्टर भी रही हैं। ऐसे में स्थानीय लोग उनके कामकाज के तरीके को भी समझते हैं। इसका फायदा भी उन्हें मिल सकता है। वैश्य मतदाताओं के बाद इस सीट पर ब्राह्मण और क्षत्रिय (ठाकुर) मतदाता भी निर्णायक भूमिका निभाते हैं। ऐसे में यूजीसी के खिलाफ चल रहे आंदोलन के चलते सवर्ण वोटर भी उन्हें एक विकल्प के रूप में देख सकते हैं।  ALSO READ: यूपी की राजनीति में उतरेंगी पूर्व IAS दिव्या मित्तल, क्या होगा अगला कदम? राजभर ने साधा निशाना

आसान नहीं होगी दिव्या की राह

हालांकि मिर्जापुर सदर सीट पर जीत हासिल करना दिव्या के लिए आसान नहीं होगा, क्योंकि यह सीट भाजपा और एनडीए का गढ़ मानी जाती है। वर्ष 2017 के भाजपा के कैलाश चौरसिया ने यहां जीत हासिल की थी। वहीं, 2022 में भाजपा के ही रत्नाकर मिश्रा विजयी रहे थे। इसके साथ ही यह क्षेत्र केंद्रीय मंत्री और अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल का संसदीय क्षेत्र भी है। पिछले 20 वर्षों से यहां पटेल परिवार का वर्चस्व रहा है। ऐसे में दिव्या यहां त्रिकोणीय मुकाबले में उलझ भी सकती हैं।