पेशावर में विद्यालय की छत ढहने से 34 लोगों की मौत

पाकिस्तान के पेशावर शहर में गुरुवार को एक निजी विद्यालय की छत ढह जाने से 34 लोगों की मौत हो गयी जबकि 52 लोग घायल हो गये। मृतकों में ज्यादातर 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चे और एक शिक्षिका शामिल हैं। घायलों में कई की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।

सरकारी आपातकालीन सेवा ‘रेस्क्यू 1122’ के अनुसार, यह हादसा दीर कॉलोनी के कॉलेज रोड स्थित ‘अल-खैर’ नामक निजी विद्यालय में आज सुबह करीब 08:48 बजे हुआ। सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिये गये। स्थानीय प्रशासन और चश्मदीदों के मुताबिक, हादसे के बाद राहत कर्मियों और स्थानीय लोगों ने घंटों मलबे की तलाशी ली, क्योंकि आशंका थी कि और भी बच्चे मलबे में दबे हो सकते हैं। राहत कार्यों में सहायता के लिए पाकिस्तानी सेना के जवान भी बचाव दलों के साथ जुट गये।

लेडी रीडिंग अस्पताल (एलआरएच) के प्रवक्ता मोहम्मद आसिम ने बताया कि अस्पताल में आपातकाल घोषित कर डॉक्टर घायलों के इलाज में जुटे हैं।

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इस बीच, पेशावर पुलिस ने विद्यालय के मालिक खान मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि इमारत बेहद खतरनाक हालत में है और इसके और अधिक ढहने का जोखिम बना हुआ है। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस भीषण गहरा दुख जताया है।

श्री शरीफ ने ‘एक्स’ पर दुख जताते हुए लिखा है, “विद्यालय की छत गिरने की दुखद और दिल दहला देने वाली घटना का गहरा दुख है, जिससे कई कीमती जानें चली गयी। जान गंवाने वाले बच्चों और शिक्षकों के दुखी परिवारों के साथ मेरी संवेदना है। मैं उन परिवारों के लिए सब्र और हिम्मत की दुआ करता हूं, जिन्होंने अपनी जान गंवायी।”

उन्होंने कहा कि खैबर पख्तूनख्वा के गवर्नर फैसल करीम कुंडी से घटना की पूरी रिपोर्ट मांगी है। उन्हें यह भी निर्देश दिया है कि घटना में घायल हुए बच्चों और दूसरे लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं दी जायें और प्रभावित परिवारों को हर मुमकिन मदद दी जाये।

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी, पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज और सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने भी दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

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Trump का मास्टरप्लान: ईरान पर गिरेगा दुनिया का सबसे खतरनाक ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’? तबाही मचा देता है यह हथियार

Trump Mother of All Bombs: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान के ऊर्जा ढांचों और परमाणु ठिकानों पर अपने सबसे शक्तिशाली बम को गिराने का एक नया स्ट्राइक प्लान तैयार कर लिया है। अब बस ट्रंप के सैन्य अभियानों को फिर से शुरू करने के आदेश का इंतजार है।

सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों ने खुलासा किया है कि प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई में GBU-43/B मैसिव ऑर्डनेंस एयर ब्लास्ट (MOAB), जिसे आम भाषा में ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ कहा जाता है, के इस्तेमाल पर विचार किया जा रहा है। इस योजना में ईरान के पिकैक्स माउंटेन स्थित संदिग्ध अंडरग्राउंड न्यूक्लियर फैसिलिटी को निशाना बनाना भी शामिल है।

क्या है ट्रंप का नया स्ट्राइक प्लान?

अमेरिकी सैन्य रणनीतिकारों ने ट्रंप के निर्देश पर कई ‘स्ट्राइक पैकेज’ तैयार किए हैं, जो अमेरिका में होने वाले आगामी मिडटर्म चुनावों से पहले या बाद में लागू किए जा सकते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने सेना को ईरान के विशाल ऊर्जा ढांचे और पिकैक्स माउंटेन जैसे अत्यधिक सुरक्षित परमाणु ठिकानों को कवर करने वाले विकल्प तैयार करने को कहा है।

संवेदनशीलता का हवाला देते हुए व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने इस पर सीधे टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, लेकिन कहा कि ‘राष्ट्रपति ट्रंप यह सुनिश्चित करने के लिए सभी विकल्प खुले रख रहे हैं कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल न कर सके।’

वैसे अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इन सैन्य विकल्पों के तैयार होने का मतलब यह नहीं है कि ट्रंप ने हमले को अंतिम मंजूरी दे दी है।

आखिर क्या है ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ (MOAB)?

GBU-43/B MOAB अमरीकी सैन्य बेड़े में मौजूद सबसे बड़ा और घातक गैर-परमाणु बम है। लगभग 9,800 किलोग्राम वजनी यह जीपीएस-गाइडेड बम एक बहुत बड़े क्षेत्र में भारी तबाही मचाने के लिए डिजाइन किया गया है।

बंकर-बस्टर बमों के विपरीत, जो जमीन के गहराई में छेद करने के बाद फटते हैं, MOAB जमीन की सतह के ठीक ऊपर विस्फोट करता है। इससे इसका विनाशकारी दबाव बाहर की तरफ फैलता है। इसका धमाका लगभग 9 शहर के ब्लॉक्स के बराबर बड़े इलाके को पूरी तरह तबाह करने में सक्षम है।

आखिर क्या है 'मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स' (MOAB)?

2000 के दशक की शुरुआत में विकसित इस हथियार का मुख्य मकसद दुश्मन की भारी सैन्य टुकड़ियों, हथियारों और मजबूत सैन्य ठिकानों को नष्ट करने के साथ-साथ विरोधी ताकतों में खौफ पैदा करना भी था।

क्या यह ईरान के अंडरग्राउंड न्यूक्लियर ठिकानों को तबाह कर सकता है?

इसकी विशाल विनाशकारी क्षमता के बावजूद, अमेरिकी रक्षा विशेषज्ञों और अधिकारियों को संदेह है कि क्या यह बम ईरान की गहराई में बनी और मजबूत ग्रेनाइट चट्टानों से ढकी परमाणु संरचनाओं को भेद पाएगा।

गहराई में पैठ न बना पाना: पिकैक्स माउंटेन की परमाणु सुविधाएं ग्रेनाइट की कई परतों के नीचे सुरक्षित हैं। सीएनएन से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि ‘MOAB विशाल इलाके को साफ करने के लिए एक बेहतरीन मनोवैज्ञानिक हथियार है, लेकिन इसे जमीन में गहराई तक छेद करने वाले वारहेड के रूप में डिजाइन नहीं किया गया है।’

नागरिकों के नुकसान का खतरा: इसके विशाल ब्लास्ट रेडियस की वजह से आबादी वाले इलाकों के पास मौजूद ऊर्जा ठिकानों पर हमला करने से भारी नागरिक हताहत हो सकते हैं।

सिर्फ मनोवैज्ञानिक दबाव: इसके बावजूद, सैन्य सलाहकारों का मानना है कि भले ही यह सामरिक रूप से निर्णायक साबित न हो, लेकिन तेहरान पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने के लिए यह काफी है।

युद्ध खत्म करने के दबाव में ट्रंप: ‘आतिशबाजी का शो’?

यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब ट्रंप प्रशासन पर पिछले 6 महीनों से अधिक समय से चले आ रहे इस संघर्ष को खत्म करने का भारी दबाव है, क्योंकि कोई कूटनीतिक सफलता हाथ नहीं लगी है।

अमेरिकी अधिकारी ऐसे विकल्पों की तलाश कर रहे हैं जो दुनिया को अमेरिकी सैन्य ताकत भी दिखा सकें और वाशिंगटन को युद्ध से बाहर निकलने का एक आसान रास्ता भी दे सकें। एक सूत्र ने कुछ प्रस्तावों को महज एक ‘आतिशबाजी का शो’ करार दिया, ताकि ट्रंप अपनी प्रतीकात्मक जीत का दावा कर सकें।

अमेरिकी सेना इस बात की तैयारी भी कर रही है कि अगर कोई नया हमला अधिकृत किया जाता है, तो ईरान की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया या जवाबी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।

अमेरिका ने अप्रैल 2017 में ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान अफगानिस्तान में इस्लामिक स्टेट (ISIS) के सुरंग परिसरों को नष्ट करने के लिए पहली बार ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ का इस्तेमाल किया था, जिसमें 36 आतंकी मारे गए थे।

साल भर में 92 लाख का टैक्स दिया, अब 90 लाख की नौकरी भी नहीं मिल रही – Uber इंजीनियर के पोस्ट ने मचाया बवाल

नई दिल्ली। अच्छी सैलरी वाली नौकरी और लाखों रुपये का इनकम टैक्स देने के बाद भी नौकरी जाने का डर खत्म नहीं होता। ऐसा ही एक मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में है। Uber में सीनियर इंजीनियर होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि पिछले साल उन्होंने 92 लाख रुपये इनकम टैक्स दिया था। लेकिन अब पैटरनिटी लीव के दौरान नौकरी जाने के बाद वे नई नौकरी खोजने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

उन्होंने रेडिट (Reddit) पर 7 अक्टूबर 2026 को शेयर की गई उनकी पोस्ट के मुताबिक, घर में नवजात बच्चा है और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच नई नौकरी ढूंढना आसान नहीं होता है।

नौकरी छूटने का कारण रहा पैटरनिटी लीव

इंजीनियर का कहना है कि वे चार महीने की पैटरनिटी लीव (Paternity leave) पर थे, तभी उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया। घर में नवजात बच्चा है और परिवार की मदद के लिए भी कोई खास सहारा नहीं है। ऐसे में बच्चे की देखभाल के साथ नई नौकरी ढूंढना उनके लिए मुश्किल हो रहा है।

उन्होंने बताया कि परिवार की जिम्मेदारियों के चलते वे नौकरी खोजने और इंटरव्यू की तैयारी पर पूरा समय नहीं दे पा रहे हैं। नौकरी जाने के बाद घर के खर्च और बच्चे की देखभाल की चिंता भी बढ़ गई है। वह कहते है कि नौकरी जाने के बाद उन्हें ऐसी नई नौकरी नहीं मिल पा रही है, जिसमें सालाना कम से कम 90 लाख रुपये मिलें।

सेवरेंस पे पर टैक्स से नाराज, भारत छोड़ने की कही बात

नौकरी जाने के बाद मिलने वाले पैसे यानी सेवरेंस पे (Severance pay) पर टैक्स लगने से भी इंजीनियर नाराज हैं। उनका कहना है कि नई नौकरी मिलने तक परिवार का खर्च चलाने के लिए उन्हें इस पैसे की जरूरत है। ऐसे में टैक्स कटने से उनकी परेशानी बढ़ सकती है। इंजीनियर ने कहा कि वे जल्द ही भारत छोड़ देंगे और वापस नहीं आना चाहते।

इस घटना ने एक बार फिर नौकरी की सुरक्षा, टैक्स और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच संतुलन जैसे मुद्दों पर चर्चा शुरू कर दी है।

Manoj Bajpayee: मनोज बाजपेई स्टारर ‘घूसखोर पंडित’ का बदला टाइटल, अब इस नाम से रिलीज होगी फिल्म

Manoj Bajpayee: मनोज बाजपेयी और फिल्म निर्माता नीरज पांडे की फिल्म “घूसखोर पंडित” का नाम बदलकर अब “गजब रात” कर दिया गया है। यह फिल्म 23 अक्टूबर को नेटफ्लिक्स पर रिलीज होगी। नेटफ्लिक्स ने गुरुवार को एक प्रेस रिलीज में बताया कि रितेश शाह द्वारा निर्देशित और पांडे के बैनर ‘फ्राइडे स्टोरीटेलर्स’ द्वारा निर्मित यह क्राइम थ्रिलर एक ऐसे पुलिस अधिकारी की कहानी है, जो अपने निजी फायदे और सही काम करने के बीच फंसा हुआ है।

फिल्म में साकिब सलीम, श्रद्धा दास, अक्षय ओबेरॉय, दिव्या दत्ता, कीकू शारदा और नुसरत भरूचा भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। “गजब रात” के जरिए मनोज बाजपेयी और नीरज पांडे लगभग एक दशक बाद फिर से साथ काम कर रहे हैं। इससे पहले भी वे एक फिल्म पर साथ काम कर चुके हैं।

मनोज बाजपेयी ने एक बयान में कहा, “नेटफ्लिक्स के साथ मेरा जुड़ाव एक रोमांचक सफर रहा है। ‘गजब रात’ एक ऐसा प्रोजेक्ट है जिसका हिस्सा बनकर मुझे बहुत खुशी हो रही है।” बता दें कि बाजपेयी ने नेटफ्लिक्स की 2025 में आने वाली फिल्म “इंस्पेक्टर जेंडे” में भी काम किया है।

उन्होंने आगे कहा, “मुझे हमेशा ऐसे किरदार पसंद आते हैं, जिन्हें आसानी से परिभाषित नहीं किया जा सकता। इस फिल्म ने मुझे एक ऐसी दुनिया में जाने का मौका दिया, जो सस्पेंस, तनाव और जवाबदेही के सवालों से भरी है। इस कहानी की सबसे खास बात यह है कि जैसे-जैसे रात आगे बढ़ती है, किरदारों के इरादे धीरे-धीरे सामने आते जाते हैं।”

“खाकी” फ्रेंचाइजी, “सिकंदर का मुकद्दर” और हाल ही में रिलीज हुए शो “तस्करी” की सफलता के बाद, “गजब रात” के जरिए नीरज पांडे का नेटफ्लिक्स के साथ क्रिएटिव जुड़ाव आगे बढ़ रहा है।

फिल्म निर्माता और प्रोड्यूसर ने कहा, “मेरा हमेशा से मानना ​​रहा है कि एक दिलचस्प कहानी सिर्फ आपको उलझाए ही नहीं, बल्कि आपको सोचने पर भी मजबूर करे। ‘गजब रात’ एक ऐसी थ्रिलर है, जिसमें लोग ऐसे फैसले लेते हैं जो उन्हें एक ऐसे मोड़ पर ला खड़ा करते हैं, जहां कोई आसान जवाब नहीं मिलता। फिल्म में तनाव न केवल उन नैतिक दुविधाओं से पैदा होता है जिनका सामना किरदार करते हैं, बल्कि उन घटनाओं से भी आता है जो एक ही रात के दौरान घटित होती हैं।”

उन्होंने आगे कहा- “मनोज के साथ फिर से काम करना और रितेश को एक निर्देशक के रूप में पेश करना, इस प्रोजेक्ट का एक और रोमांचक पहलू था। मुझे उम्मीद है कि दर्शक नेटफ्लिक्स पर इस फिल्म का आनंद लेंगे।” शाह, जिन्होंने ‘कहानी’, ‘पिंक’, ‘एयरलिफ्ट’ और ‘रेड’ जैसी फिल्मों में लेखक के तौर पर काम किया है, ने बताया कि वे थ्रिलर फिल्मों के बहुत बड़े प्रशंसक रहे हैं।

उन्होंने कहा, “ऐसी फिल्में आपको एक ऐसी स्थिति में ले जाती हैं जहाँ आप हमेशा सोचते रहते हैं कि आगे क्या होगा; ‘गजब रात’ की शुरुआत भी यहीं से हुई। कहानी एक ही रात में घटती है, इसलिए हमारे पास एक तरह की जल्दबाजी (urgency) पैदा करने और जैसे-जैसे घटनाएं आगे बढ़ें, तनाव को और बढ़ाने का मौका था… मुझे इंतजार है कि दर्शक इस फिल्म को देखें और खुद इस कहानी का अनुभव करें।”

नेटफ्लिक्स ने इस साल फरवरी में ‘घूसखोर पंडित’ नाम से इस फिल्म की घोषणा की थी, जिसके बाद सोशल मीडिया पर काफी विरोध हुआ। कई यूजर्स, राजनेताओं और संगठनों ने इसे “जातिवादी और आपत्तिजनक” करार दिया। इस विवाद के चलते FIR दर्ज की गईं और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को एक नोटिस भेजा। यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा, जहां निर्माताओं ने अदालत को बताया कि फिल्म का शीर्षक बदल दिया जाएगा।

जंतर-मंतर को प्रोटेस्ट साइट से क्यों हटाया, सुप्रीम कोर्ट का केंद्र सरकार को नोटिस

जंतर-मंतर को प्रोटेस्ट साइट से क्यों हटाया, सुप्रीम कोर्ट का केंद्र सरकार को नोटिस

supreme court notice on jantar mantar

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में दशकों से राजनीतिक आंदोलनों और विरोध-प्रदर्शनों का गढ़ रहे ‘जंतर-मंतर’ को प्रदर्शन स्थलों की सूची से बाहर करने के केंद्र सरकार के फैसले पर कानूनी शिकंजा कसता नजर आ रहा है। इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च अदालत ने गुरुवार को केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर उनका जवाब तलब किया है। ALSO READ: SIR को लेकर विपक्ष की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने EC से मांगा जवाब, SC मार्च पर कहा- हमें डरा नहीं सकते

 

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा, “हम केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर उनका जवाब मांग रहे हैं। उन्हें जवाब दाखिल करने दें, यदि उनका जवाब संतोषजनक नहीं हुआ, तो कानून अपना काम करेगा।”

 

इन 3 स्थानों पर प्रदर्शन की इजाजत

हाल ही में दिल्ली पुलिस ने एक आदेश जारी कर जंतर-मंतर को प्रदर्शनों की सूची से हटा दिया है। इसके स्थान पर विरोध-प्रदर्शनों के लिए अब केवल तीन जगहों—रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी ग्राउंड (शाहदरा)—को ही चिन्हित किया गया है। सरकार के इस कदम के खिलाफ कोर्ट में याचिका दाखिल कर इसे चुनौती दी गई है।

 

समिति की सिफारिश पर लिया फैसला

मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने का निर्णय किसी एक के कहने पर नहीं, बल्कि एक उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है। ALSO READ: हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम अपनाने पर नहीं मिलेगा आरक्षण का लाभ, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

 

जंतर-मंतर विरोध-प्रदर्शनों का सबसे प्रमुख केंद्र 

गौरतलब है कि दिल्ली के दिल में स्थित जंतर-मंतर हमेशा से विरोध-प्रदर्शनों का सबसे प्रमुख और सुलभ केंद्र रहा है। बीते जुलाई महीने में नीट (NEET) पेपर लीक को लेकर यहां लंबे समय तक भारी विरोध-प्रदर्शन देखने को मिले थे।

इसके बाद से हालिया राजनीतिक मुद्दों और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर भी विपक्ष व विभिन्न संगठनों ने यहां प्रदर्शन की योजना बनाई थी, लेकिन पुलिस की सख्त पाबंदियों और नए नियमों के चलते उन्हें अनुमति नहीं मिल सकी, जिसके बाद यह मामला अदालत की चौखट तक पहुंच गया है।

शेयर बाजारों में जबरदस्त तेजी, सेंसेक्स 1,500 अंक से ज्यादा उछला

कच्चे तेल और डॉलर में नरमी से घरेलू शेयर बाजारों में गुरुवार को जबरदस्त तेजी देखी गई और बीएसई का सेंसेक्स 1,500 अंक से अधिक की तेजी में बंद हुआ।

बाजार की बढ़त में आईटी और वित्तीय क्षेत्रों की कंपनियों ने अगुवाई की। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम घटने और डॉलर सूचकांक में गिरावट तथा घरेलू स्तर पर रुपये जारी तेजी से निवेश धारणा मजबूत हुई है। सेंसेक्स 1,533.72 अंक (2.11 प्रतिशत) चढ़कर 74,315.61 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 376.60 अंक यानी 1.66 प्रतिशत की बढ़त में 22,999.30 अंक पर पहुंच गया। यह दोनों का करीब तीन सप्ताह का उच्चतम स्तर है। वृहत बाजार में मिलाजुला रुख रहा। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.06 प्रतिशत चढ़ा जबकि स्मॉलकैप-100 सूचकांक 1.01 प्रतिशत टूट गया।

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सेक्टर आधारित सूचकांकों में निफ्टी 50 में दो प्रतिशत की तेजी रही। ऑटो समूह का सूचकांक 1.84 प्रतिशत, वित्त का 1.76 प्रतिशत और तेल एवं गैस का 1.60 प्रतिशत की बढ़त में रहा। बैंकिंग, रियल्टी, फार्मा, धातु और स्वास्थ्य सेक्टरों के सूचकांक भी हरे निशान में रहे। सार्वजनिक बैंकों और रसायनों के सूचकांकों में गिरावट रही।

सेंसेक्स की कंपनियों में टेक महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर चार से साढ़े चार प्रतिशत तक की बढ़त में रहे। भारती एयरटेल, इटरनल, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, एचडीएफसी बैंक, टीसीएस, कोटक महिंद्रा बैंक, इंफोसिस और मारुति सुजुकी के शेयर दो से तीन प्रतिशत तक चढ़े। महिंद्रा एंड महिंद्रा, एक्सिस बैंक, इंडिगो, आईटीसी, टाटा स्टील, बजाज फाइनेंस और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयरों में एक से दो प्रतिशत की तेजी रही। भारतीय स्टेट बैंक, सन फार्मा, बजाज फिनसर्व, एलएंडटी और एशियन पेंट्स के शेयर भी हरे निशान में रहे।

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Italjet to enter India through Motohaus

Italjet to enter India through Motohaus
Italjet Dragster studio image

Italian two-wheeler brand Italjet is set to enter India through a strategic partnership with Motohaus India, the Kolhapur-based distributor that also handles the Brixton Motorcycles and VLF (Velocifero) brands. The brand has revealed that full details of its product portfolio, pricing, market positioning and launch timelines will be announced at EICMA 2026 in Milan next month.

  1. Italjet is headquartered in Bologna, Italy
  2. Full product portfolio and launch timeline to be announced at EICMA 2026 in Milan

Italjet scooters: What are they?

The Italian brand is known for its performance-oriented scooters with radical designs

Italjet is a Bologna-based brand best known for its unconventional design philosophy and performance-oriented products. Its global portfolio comprises the Dragster scooter lineup, which starts with the Dragster 125 and goes all the way up to the Dragster 700. These products feature an underbone chassis and are unlike anything else currently available in our market. One look at them and you’ll see why. While they can broadly be classified as scooters based on their overall stance, the Dragster 700 is powered by a 698cc liquid-cooled twin-cylinder engine that produces 69hp and is paired with a 6-speed manual gearbox.

The products more likely to arrive in our market are the lower-capacity Dragster models, such as the Dragster 125 and 300, which share a similar design philosophy with elements such as a unique front suspension setup, Italjet’s Independent Steering System (ISS) and an exposed trellis frame.

Motohaus currently distributes Brixton Motorcycles and VLF scooters in our market, and Italjet products will be the latest addition to its portfolio, with more details expected at EICMA 2026.

iPhone 17 Pro Max पर ₹15,000 तक की छूट, जानें कैसे मिलेगा डिस्काउंट

अगर आप लंबे समय से Apple का प्रीमियम iPhone खरीदने का प्लान बना रहे हैं, लेकिन इसकी कीमत देखकर रुक जा रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। नवरात्रि के मौके पर Croma अपने ग्राहकों को iPhone 17 Pro Max पर शानदार डिस्काउंट दे रहा है। इस ऑफर में फोन की कीमत पर सीधे छूट के साथ बैंक कार्ड का फायदा भी उठाया जा सकता है। दोनों ऑफर मिलाकर इस प्रीमियम iPhone पर ₹15,000 तक की बचत हो सकती है।

iPhone 17 Pro Max पर कैसे मिलेगा डिस्काउंट?

Apple iPhone 17 Pro Max (256GB) को भारत में ₹1,49,900 की शुरुआती कीमत पर लॉन्च किया गया था। हालांकि, Croma के फेस्टिव ऑफर में अब यह फोन कम कीमत पर मिल रहा है। कंपनी इस पर सीधे ₹10,910 की छूट दे रही है, जिसके बाद इसकी कीमत घटकर ₹1,38,990 रह जाती है।

इसके अलावा, ICICI Bank, HDFC Bank या IDFC Bank के क्रेडिट कार्ड से भुगतान करने पर ₹4,000 की अतिरिक्त छूट भी मिल सकती है। इस तरह दोनों ऑफर का फायदा उठाने पर iPhone 17 Pro Max की प्रभावी कीमत ₹1,34,990 हो जाती है। यानी ग्राहक फोन की शुरुआती कीमत के मुकाबले कुल ₹14,910 तक की बचत कर सकते हैं।

iPhone 17 Pro Max के स्पेसिफिकेशन्स

iPhone 17 Pro Max में 6.9 इंच की डिस्प्ले है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करती है। यह स्मार्टफोन A19 Pro प्रोसेसर पर चलता है। दावा किया गया है कि यह डिवाइस 39 घंटे तक का वीडियो प्लेबैक दे सकता है। फोटोग्राफी के लिए, इस फ्लैगशिप फोन में ट्रिपल फ्यूजन रियर कैमरा सिस्टम है, जिसमें 48MP का प्राइमरी सेंसर, 48MP का अल्ट्रावाइड शूटर और 4x ऑप्टिकल जूम वाला 48MP का टेलीफोटो सेंसर शामिल है। वहीं, सेल्फी के लिए इसमें 18MP का कैमरा दिया गया है। यह स्मार्टफोन वेपर चैंबर कूलिंग को भी सपोर्ट करता है और इसमें Ceramic Shield 2 की सुरक्षा दी गई है।

खास बात यह है कि जो लोग iPhone 17 Pro Max को कम कीमत पर खरीदना चाहते हैं, उनके लिए Croma का यह ऑफर एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इसमें मिलने वाले डिस्काउंट और बैंक ऑफर्स को मिलाकर, कुल बचत 14,910 रुपये से भी ज्यादा हो सकती है। हालांकि, ऑर्डर देने से पहले यह जरूर चेक कर लें कि आप बैंक ऑफर के लिए योग्य हैं या नहीं और इसकी शर्तें क्या हैं। ताकि आप अतिरिक्त लाभ उठा सकें। Croma के अनुसार, यह ऑफर 31 अक्टूबर 2026 तक मान्य है।

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