राहुल याद रखें, आजादी के लिए नेहरू ही नहीं गए थे जेल : CM योगी

राहुल याद रखें, आजादी के लिए नेहरू ही नहीं गए थे जेल : CM योगी

स्वतंत्रता संग्राम में योगदान और महापुरुषों के सम्मान के मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी जी, एक बात नोट करना। जेल में देश की आजादी के लिए केवल और केवल नेहरू जी नहीं गए थे, देश की आजादी के लिए महाशय मसुरियादीन पासी जी भी जेल गए थे।’ 
 

मुख्यमंत्री ने कहा कि मसुरियादीन ने एक-दो महीने या चार-छह महीने नहीं, बल्कि 1932 से 1944 के बीच नौ वर्ष जेल में रहकर आजादी की लड़ाई लड़ी। इतिहास के कालचक्र में उनके जैसे महान स्वतंत्रता सेनानी को विस्मृत कर दिया गया। विरासत और विकास में विश्वास करने वाली भाजपा की डबल इंजन सरकार अपने महापुरुषों को भुला नहीं सकती। उन्होंने कहा कि महापुरुषों का सम्मान किसी परिवार की बपौती नहीं है। जिन्होंने वंचितों और दलितों को सम्मान दिलाने के लिए संघर्ष किया, उन्हें भी उनका उचित सम्मान मिलना चाहिए।

 

मुख्यमंत्री योगी तेलियरगंज स्थित महाशय मसुरियादीन स्मारक इंटर कॉलेज और टीवी कॉलोनी चौराहे के पास में महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी महाशय मसुरियादीन पासी की प्रतिमा के अनावरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि दो अक्टूबर 1911 को जन्मे मसुरियादीन की जयंती महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के दिन ही पड़ती है। इसके बावजूद उनके योगदान को इतिहास में भुला दिया गया। आज उनकी भव्य प्रतिमा की स्थापना कर सरकार ने उनकी स्मृतियों को जीवंत बनाने का कार्य किया है।

नेहरू के साथ संसद पहुंचे, फिर भी भुला दिए गए

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि महाशय मसुरियादीन ने अपना जीवन देश की स्वतंत्रता और समाज के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। अपने लगभग 66-67 वर्ष के जीवन में उन्होंने नौ वर्ष जेल में बिताए। जेल से बाहर रहकर भी स्वतंत्रता आंदोलन के लिए जनजागरण करते रहे। जनता के बीच उनके प्रति सम्मान का परिणाम था कि वर्ष 1946 में वह उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य बने। स्वतंत्र भारत में वर्ष 1952 से 1972 के बीच चार बार लोकसभा के लिए चुने गए।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1952 में एक ही सीट से दो सांसद चुने जाते थे। उस समय पंडित जवाहरलाल नेहरू और महाशय मसुरियादीन पासी एक साथ चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि देश की आजादी में ऐसे अनेक महापुरुषों ने योगदान दिया, जिनकी स्मृतियों को सम्मान मिलना चाहिए।

जरायम पेशा कानून के खिलाफ आंबेडकर और मसुरियादीन ने लड़ी लड़ाई

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम में अंग्रेजों को चुनौती देने वाली कई जातियों को अपमानित करने के लिए अंग्रेजी हुकूमत ने 1871 में जरायम पेशा कानून बनाया था। पासी समाज सहित कई जातियों को इसकी श्रेणी में रखा गया। वर्ष 1952 में संसद पहुंचने के बाद महाशय मसुरियादीन ने इस कानून के खिलाफ आवाज उठाई।

 

उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर और महाशय मसुरियादीन पासी ने इस काले कानून को समाप्त कराने की लड़ाई लड़ी। इस संघर्ष से पासी, सोनकर और अन्य वंचित समाजों को सम्मानजनक जीवन जीने तथा राष्ट्र की मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे महापुरुषों का योगदान आने वाली पीढ़ियों को बताया जाना चाहिए।

महापुरुषों का सम्मान किसी परिवार की बपौती नहीं

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि देश और समाज के लिए जीवन समर्पित करने वाले हर महापुरुष को सम्मान मिलना चाहिए। यह सम्मान किसी एक परिवार तक सीमित नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने वंचितों और दलितों की आवाज उठाई, उन्हें आगे बढ़ाने के लिए संघर्ष किया, उनकी स्मृतियों को जीवंत रखना आवश्यक है। महापुरुषों को सम्मान देकर ही समाज आगे बढ़ सकता है। अतीत को सम्मान देने से वर्तमान संवरेगा और वर्तमान संवरेगा तो भविष्य भी उज्ज्वल होगा।

 

मुख्यमंत्री ने महाशय मसुरियादीन की पुत्री कमला कुमारी और पौत्र सचिन कुमार को आश्वस्त किया कि उनके सम्मान पर किसी प्रकार की आंच नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि महाशय मसुरियादीन का सम्मान भारत के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का सम्मान है।

मसुरियादीन के नाम पर होगा चौराहा

मुख्यमंत्री योगी ने महाशय मसुरियादीन की स्मृतियों को स्थायी बनाने के लिए महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने महापौर से कहा कि जिस चौराहे पर उनकी प्रतिमा स्थापित की गई है, उसका नाम महाशय मसुरियादीन पासी के नाम पर रखने का प्रस्ताव भेजें। प्रयागराज की किसी एक प्रमुख संस्था का नाम भी उनके नाम पर रखा जाएगा। उस संस्था में उनकी भव्य प्रतिमा भी स्थापित होगी, ताकि वर्तमान और भावी पीढ़ियां उनके जीवन से प्रेरणा ले सकें।

महाराजा बिजली पासी के किले का पुनरुद्धार करा रही सरकार

मुख्यमंत्री ने पासी समाज के शौर्य और पराक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि महाराजा बिजली पासी ने 12वीं शताब्दी में लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में 12 गढ़ बनवाए थे। विदेशी आक्रांताओं से मुकाबले के लिए इन किलों का निर्माण कराया गया था। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने वर्ष 2000 में महाराजा बिजली पासी की प्रतिमा स्थापित कराई थी। अब डबल इंजन सरकार उनके लखनऊ स्थित किले का पुनरुद्धार करा रही है और इसके लिए धन उपलब्ध कराया गया है।

 

मुख्यमंत्री ने मक्का पासी और वीरांगना ऊदा देवी के बलिदान को भी याद किया। कहा कि मक्का पासी के बलिदान के बाद उनकी पत्नी ऊदा देवी ने अंग्रेजों के खिलाफ मोर्चा संभाला और लड़ते हुए बलिदान हो गईं। लखनऊ में गठित होने वाली महिला पीएसी बटालियन का नाम वीरांगना ऊदा देवी पासी के नाम पर रखा जा रहा है। उनकी भव्य अश्वारोही प्रतिमा भी स्थापित की जा रही है।

गरीबों और महापुरुषों के सम्मान के लिए समर्पित है सरकार : मौर्य

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि महाशय मसुरियादीन पासी महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। उन्होंने चार बार लोकसभा में इसी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और गरीब से गरीब व्यक्ति की बात सुनकर उसकी समस्याओं के समाधान का प्रयास किया। ऐसे महान व्यक्तित्व की प्रतिमा का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अनावरण किया जाना उनके योगदान के प्रति सम्मान है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार गरीबों के लिए समर्पित है। डबल इंजन सरकार महापुरुषों को आदर और सम्मान देने का काम कर रही है।

 

मसुरियादीन का अहम योगदान : महाशय मसुरियादीन स्मारक समिति के मंत्री एवं उनके पौत्र सचिन कुमार ने कहा कि अंग्रेजी शासन में दलित जातियों को जरायम पेशा घोषित कर उनका उत्पीड़न किया गया था। इस कानून को समाप्त कराने में महाशय मसुरियादीन का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने समाज के वंचित वर्गों को सम्मान देने के लिए मुख्यमंत्री योगी के प्रयासों की सराहना की। समारोह में कार्यक्रम के आयोजकों ने मुख्यमंत्री को हनुमान जी की प्रतिमा भेंटकर स्वागत किया गया। सचिन कुमार ने उन्हें भगवान बुद्ध की प्रतिमा और पुष्पगुच्छ भेंट किए।

 

कार्यक्रम में ये रहे मौजूद : समारोह में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, सांसद प्रवीण पटेल, विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी, गुरु प्रसाद मौर्य, दीपक पटेल, पीयूष रंजन निषाद, वाचस्पति पासी, विधान परिषद सदस्य लालजी प्रसाद निर्मल, सुरेंद्र चौधरी, महापौर गणेश केसरवानी, भाजपा गंगापार जिलाध्यक्ष निर्मला पासवान सहित अन्य जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और महाशय मसुरियादीन पासी के परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।

अमेरिका में हिंदू मंदिर में नरसंहार की बड़ी साजिश नाकाम, विदेश मंत्रालय ने जताई चिंता, जानिए क्या है पूरा मामला

अमेरिका में हिंदू मंदिर में नरसंहार की बड़ी साजिश नाकाम, विदेश मंत्रालय ने जताई चिंता, जानिए क्या है पूरा मामला

US Illinois Hindu Temple Attack: अमेरिका के इलिनोइस राज्य में एक प्रमुख हिंदू मंदिर को निशाना बनाकर की जाने वाली बड़े पैमाने पर गोलीबारी की भयावह साजिश को पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया है। इस चौंकाने वाली घटना के सामने आने के बाद भारत सरकार ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय ने इस साजिश के हिंदू-विरोधी और नस्लवादी स्वभाव को बेहद चिंताजनक बताते हुए अमेरिकी सरकार से भारतीय मूल के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की है।

 

अमेरिका के इलिनोइस राज्य स्थित ऑरोरा (Aurora) इलाके में बने एक बड़े हिंदू मंदिर के बड़े समूह को निशाना बनाकर गोलीबारी करने की एक बड़ी और खौफनाक साजिश का पर्दाफाश हुआ है। हालांकि अमेरिकी जांच एजेंसियों और स्थानीय पुलिस की मुस्तैदी से यह जानलेवा हमला होने से टल गया। घटना के बाद भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने कड़ा रुख अपनाते हुए इस तरह की नस्लीय और धर्म-विरोधी नफरत पर गहरा दुख और चिंता व्यक्त की है।

भारत विरोधी नफरत पर चिंता 

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस कथित साजिश का हिंदू-विरोधी और नस्लवादी स्वभाव खास तौर पर चिंताजनक है, जिसमें भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ सीधे तौर पर हिंसा फैलाने की बात कही गई है। यह घटना अमेरिका में बढ़ती नस्लवादी दुश्मनी और भारत विरोधी नफरत की चिंताओं को और बढ़ाती है।

जायसवाल ने पुष्टि की कि अमेरिकी पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ प्रासंगिक धाराओं में आरोप तय किए गए हैं। विदेश मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अमेरिकी प्रशासन को ज्यादा सतर्कता बरतनी होगी और नफरत से प्रेरित ऐसी हिंसक घटनाओं के खिलाफ सख्त और ठोस कदम उठाने होंगे।

क्या है पूरा मामला?

यह खौफनाक साजिश इलिनोइस के पैलेटाइन शहर के रहने वाले 19 वर्षीय युवक अलेक्जेंड्रोस पापोराकिस (Alexandros Paporakis) से जुड़ी है। अलेक्जेंड्रोस स्थानीय ‘टैको बेल’ आउटलेट में काम करता था और अपने सहकर्मियों के सामने खुद को खुले तौर पर ‘श्वेत वर्चस्ववादी’ और ‘नव-नाजी’ घोषित करता था।

 

रिपोर्ट्स के अनुसार, रविवार (11 अक्टूबर) को अलेक्जेंड्रोस ऑरोरा स्थित सबसे बड़े हिंदू मंदिर परिसर में दाखिल हुआ। उसका इरादा वहां मौजूद लोगों पर अंधाधुंध गोलीबारी करने का था। हालांकि, जब उसने मंदिर के भीतर अपनी राइफल से गोली चलाने की कोशिश की, तो भाग्यवश उसकी राइफल जाम हो गई। हमला करने में नाकाम रहने के बाद वह घबराकर मौके से फरार हो गया।

सहकर्मी की सतर्कता से हुई गिरफ्तारी

घटना के बाद जब उसने अपने इस हिंसक प्रयास की बात अपने एक सहकर्मी से साझा की, तो उस सजग सहकर्मी ने बिना देर किए तुरंत स्थानीय पुलिस को इस खतरे से अलर्ट किया। पुलिस ने बिना समय गंवाए जाल बिछाया और संदिग्ध अलेक्जेंड्रोस को उस वक्त धर दबोचा जब वह अपने घर से बाहर निकल रहा था। जब पुलिस और जांच एजेंसियों ने अलेक्जेंड्रोस के ठिकाने की तलाशी ली, तो वहां से भारी मात्रा में घातक सामग्री बरामद हुई। इनमें एक AR-स्टाइल सेमी-ऑटोमैटिक राइफल, लगभग 300 राउंड जिंदा कारतूस और कई लोडेड मैगजीन शामिल हैं।

 

इसके साथ ही बॉडी आर्मर (बुलेटप्रूफ जैकेट), टैक्टिकल गियर और नाजी प्रतीकों वाले सामान भी बरामद हुआ। उसने 8 पन्नों के दस्तावेज में विशेष रूप से भारतीय, यहूदी और अफ्रीकी-अमेरिकी लोगों के प्रति घृणा जाहिर करते हुए उन्हें अपना निशाना बनाने की बात लिखी थी। अदालत और स्थानीय पुलिस के साथ-साथ अब एफबीआई (FBI) भी इस मामले की गहन जांच में जुट गई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस खौफनाक आतंकी साजिश में उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति या कोई नफरती संगठन भी शामिल था।

अमेरिका में हिंदू मंदिर में नरसंहार की बड़ी साजिश नाकाम, विदेश मंत्रालय ने जताई चिंता, जानिए क्या है पूरा मामला

अमेरिका में हिंदू मंदिर में नरसंहार की बड़ी साजिश नाकाम, विदेश मंत्रालय ने जताई चिंता, जानिए क्या है पूरा मामला

US Illinois Hindu Temple Attack: अमेरिका के इलिनोइस राज्य में एक प्रमुख हिंदू मंदिर को निशाना बनाकर की जाने वाली बड़े पैमाने पर गोलीबारी की भयावह साजिश को पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया है। इस चौंकाने वाली घटना के सामने आने के बाद भारत सरकार ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय ने इस साजिश के हिंदू-विरोधी और नस्लवादी स्वभाव को बेहद चिंताजनक बताते हुए अमेरिकी सरकार से भारतीय मूल के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की है।

 

अमेरिका के इलिनोइस राज्य स्थित ऑरोरा (Aurora) इलाके में बने एक बड़े हिंदू मंदिर के बड़े समूह को निशाना बनाकर गोलीबारी करने की एक बड़ी और खौफनाक साजिश का पर्दाफाश हुआ है। हालांकि अमेरिकी जांच एजेंसियों और स्थानीय पुलिस की मुस्तैदी से यह जानलेवा हमला होने से टल गया। घटना के बाद भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने कड़ा रुख अपनाते हुए इस तरह की नस्लीय और धर्म-विरोधी नफरत पर गहरा दुख और चिंता व्यक्त की है।

भारत विरोधी नफरत पर चिंता 

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस कथित साजिश का हिंदू-विरोधी और नस्लवादी स्वभाव खास तौर पर चिंताजनक है, जिसमें भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ सीधे तौर पर हिंसा फैलाने की बात कही गई है। यह घटना अमेरिका में बढ़ती नस्लवादी दुश्मनी और भारत विरोधी नफरत की चिंताओं को और बढ़ाती है।

जायसवाल ने पुष्टि की कि अमेरिकी पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ प्रासंगिक धाराओं में आरोप तय किए गए हैं। विदेश मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अमेरिकी प्रशासन को ज्यादा सतर्कता बरतनी होगी और नफरत से प्रेरित ऐसी हिंसक घटनाओं के खिलाफ सख्त और ठोस कदम उठाने होंगे।

क्या है पूरा मामला?

यह खौफनाक साजिश इलिनोइस के पैलेटाइन शहर के रहने वाले 19 वर्षीय युवक अलेक्जेंड्रोस पापोराकिस (Alexandros Paporakis) से जुड़ी है। अलेक्जेंड्रोस स्थानीय ‘टैको बेल’ आउटलेट में काम करता था और अपने सहकर्मियों के सामने खुद को खुले तौर पर ‘श्वेत वर्चस्ववादी’ और ‘नव-नाजी’ घोषित करता था।

 

रिपोर्ट्स के अनुसार, रविवार (11 अक्टूबर) को अलेक्जेंड्रोस ऑरोरा स्थित सबसे बड़े हिंदू मंदिर परिसर में दाखिल हुआ। उसका इरादा वहां मौजूद लोगों पर अंधाधुंध गोलीबारी करने का था। हालांकि, जब उसने मंदिर के भीतर अपनी राइफल से गोली चलाने की कोशिश की, तो भाग्यवश उसकी राइफल जाम हो गई। हमला करने में नाकाम रहने के बाद वह घबराकर मौके से फरार हो गया।

सहकर्मी की सतर्कता से हुई गिरफ्तारी

घटना के बाद जब उसने अपने इस हिंसक प्रयास की बात अपने एक सहकर्मी से साझा की, तो उस सजग सहकर्मी ने बिना देर किए तुरंत स्थानीय पुलिस को इस खतरे से अलर्ट किया। पुलिस ने बिना समय गंवाए जाल बिछाया और संदिग्ध अलेक्जेंड्रोस को उस वक्त धर दबोचा जब वह अपने घर से बाहर निकल रहा था। जब पुलिस और जांच एजेंसियों ने अलेक्जेंड्रोस के ठिकाने की तलाशी ली, तो वहां से भारी मात्रा में घातक सामग्री बरामद हुई। इनमें एक AR-स्टाइल सेमी-ऑटोमैटिक राइफल, लगभग 300 राउंड जिंदा कारतूस और कई लोडेड मैगजीन शामिल हैं।

 

इसके साथ ही बॉडी आर्मर (बुलेटप्रूफ जैकेट), टैक्टिकल गियर और नाजी प्रतीकों वाले सामान भी बरामद हुआ। उसने 8 पन्नों के दस्तावेज में विशेष रूप से भारतीय, यहूदी और अफ्रीकी-अमेरिकी लोगों के प्रति घृणा जाहिर करते हुए उन्हें अपना निशाना बनाने की बात लिखी थी। अदालत और स्थानीय पुलिस के साथ-साथ अब एफबीआई (FBI) भी इस मामले की गहन जांच में जुट गई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस खौफनाक आतंकी साजिश में उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति या कोई नफरती संगठन भी शामिल था।

Stellantis lines up 12 Citroen, Jeep launches for India by 2030

Stellantis lines up 12 Citroen, Jeep launches for India by 2030
Stellantis lines up 12 Citroen, Jeep launches for India by 2030

Stellantis has confirmed 12 Citroen and Jeep launches for India by 2030 as part of a roadmap dubbed ‘FaSTLAne 2030’. Speaking to Autocar India at the 2026 Paris Motor Show, Tianshu Xin – the head of Stellantis China and Asia-Pacific – confirmed a new investment of Rs 4,000 crore for the Indian market and said, “The plan is to introduce 12 new models in the next three years…seven of them will be new models and five are upgrades.”

Stellantis India lines up a dozen launches across Citroen and Jeep

Multiple SUVs inbound, along with an MPV, an entry-level car, and a premium pickup

The first model under FaSTLAne 2030 is scheduled to go on sale in India by the second quarter of 2027. This influx of new Citroen and Jeep launches will cover the compact, midsize, and premium SUV segments, and include a new MPV, an entry-level car, and a premium pickup truck. Of the 12 launches, seven will be from Citroen and five from Jeep.

Brand footprints to be expanded in India

Stellantis says these brands will play “distinct but complementary roles” in its line-up – Jeep will bolster its current position in the premium SUV arena, and Citroen will do the same in the mass-market segments. Expanding the customer reach of Citroen and Jeep is crucial, and Stellantis has committed to growing the brands’ retail and service networks, especially in Tier 2, 3, and 4 cities, along with increasing parts availability.

More Stellantis EVs coming, hybrids also confirmed

Additionally, Stellantis has confirmed a new multi-fuel strategy for the Indian market, which will span “efficient internal combustion engines, hybrid, plug-in hybrid (PHEV), and battery-electric (BEV) technologies.” These are already offered by Stellantis brands globally, and it should be interesting to see the specific powertrains that make it to India. As it stands, the majority of Stellantis India’s powertrain offerings are petrol; Citroen and Maserati also offer EVs, while Jeep additionally offers diesel in entry-level models.

Localisation target of 90 percent

According to Xin, the new models under FaSTLAne 2030 will be produced in India, so localisation will play a key role for competitive pricing. In light of that, Stellantis has set a target of 90 percent localisation across Jeep and Citroen, and will bank on its Indian R&D and manufacturing facilities, along with its supplier ecosystem, to achieve this. Moreover, India-developed FaSTLAne 2030 models will be exported to overseas markets.

Stellantis India’s two major brands, Citroen and Jeep, haven’t been very successful at attracting buyers in recent years. Citroen’s cars, despite recent updates, have struggled to gain traction in India due to their rivals being more aspirational and feature-rich. Jeep India, meanwhile, hasn’t launched any new models or facelifts in several years, turning prospective buyers away to more updated offerings. FaSTLAne 2030 is looking to be the shot in the arm that Stellantis India needs to pique buyer interest again.

What about Leapmotor?

Xin also provided an update on the long-overdue India entry of Stellantis’s Chinese EV brand, Leapmotor. Stellantis had planned to bring Leapmotor to India in 2025, but that evidently didn’t pan out. Xin noted that Leapmotor’s India entry is still being studied, and that there has to be enough “volume potential to justify the business case.” Therefore, a decision on Leapmotor entering India will only be made when the business case is ‘proven and solid.’

बीएचयू में बन रहा ₹57.66 करोड़ का हाईटेक गर्ल्स हॉस्टल, 1200 छात्राओं को मिलेगा वाई-फाई, लिफ्ट और मिनी क्लिनिक का तोहफा

काशी हिंदू विश्वविद्यालय में गर्ल्स स्टूडेंट्स के लिए हाईटेक हॉस्टल तैयार किया जा रहा है। इस हॉस्टल में 1200 स्टूडेंट्स रह सकेंगे। हाईटेक सुविधाओं वाले इस हॉस्टल में डाइनिंग हॉल, वाई फाई, रीडिंग रूम, कैफेटेरिया सहित कई सुविधाएं होंगी। छात्राओं की सुरक्षा के लिहाज से यहां CCTV कैमरे भी लगाए जाएंगे। इसके अलावा इस हॉस्टल में लिफ्ट की सुविधा भी होगी। अगले साल यानी 2027 तक 1200 बेड की क्षमता वाले इस हॉस्टल का निर्माण काम पूरा हो जाएगा।

केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) इसके निर्माण का काम कर रहा है। फिलहाल 1200 बेड वाले इस हॉस्टल का 76% काम पूरा भी हो गया है। बाकी बचे काम को भी तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। बीएचयू में निर्माणधीन इस हॉस्टल पर 57.66 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। बताते चलें की फरवरी 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी आधारशिला रखी थी। वाराणसी के डीएम सतेन्द्र कुमार ने बताया की 1200 बेड वाले इस छात्रावास में 5 ब्लॉक होंगे। इसमें से 1 ब्लॉक और 1 डाइनिंग ब्लॉक का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है। बाकी बचे 2 हॉस्टल ब्लॉक के निर्माण का काम भी अगले साल मार्च महीने तक पूरा हो जाएगा।

बड़े और हवादार कमरे

इस हॉस्टल में बड़े और हवादार कमरे होंगे। छात्राओं के अलावा उनके अभिभावक भी यहां रुक पाएं इसके लिए गेस्ट रूम का निर्माण भी होगा। इतना ही नहीं हॉस्टल में सोशल स्पेस और मिनी क्लिनिक की सुविधा भी होगी। ताकि इमरजेंसी के वक्त छात्राओं को चिकित्सीय सुविधाएं भी हॉस्टल के अंदर ही मिल सकें। महिला महाविद्यालय कैम्पस में निर्माणधीन यह महिला छात्रावास बीएचयू में मौजूद छात्रावासों से काफी हाईटेक होगा। जिसमें छात्र बेहतर फील कर पाएंगे।

हजारों छात्राओं को सीधा फायदा

इस हॉस्टल के निर्माण के बाद दूर दराज से यूनिवर्सिटी में पढ़ने आने वाली छात्राओं को कैम्पस के अंदर ही सुरक्षित और बेहतर आवासीय सुविधाएं मिलेंगी। बताते चलें कि फिलहाल हॉस्टल की कमी के कारण कई ऐसी छात्राएं हैं जो कैम्पस के बाहर निजी हॉस्टल में रहती है। इन हॉस्टल में उन्हें ज्यादा पैसे भी खर्च करने पड़ते है। एक आंकड़े के मुताबिक, यूनिवार्सिटी के आस पास के निजी हॉस्टल में रहने के लिए छात्राओं को 7000 से 9000 रुपये प्रति महीना खर्च करना होता है। हालांकि कैम्पस के अंदर वो आधे से कम कीमत पर बेहतर सुविधाओं का फायदा लें सकेंगी।

वाराणसी से अभिषेक जायसवाल की रिपोर्ट

Video: तीन साल तक ₹10 के सिक्के बचाए, फिर उन्हीं से खरीद ली 1.23 लाख की Honda Activa, 2 घंटे तक गिनते रहे शोरूम वाले!

रेवंत ने कृषि के लिए 20 दिनों तक बिना रुकावट बिजली आपूर्ति के दिये निर्देश

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने कम बारिश के मद्देनजर खड़ी फसलों को बचाने के लिए अगले 20 दिनों तक कृषि क्षेत्र को चौबीसों घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का आदेश दिया है।

इसके साथ ही श्री रेड्डी ने इस मामले में लापरवाही बरतने पर ऊर्जा विभाग के विशेष मुख्य सचिव और टीजी-जेनको के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) सहित वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित करने की चेतावनी भी दी है।

उन्होंने बुधवार रात यहां कम बारिश, अल नीनो के प्रभाव तथा बिजली और पेयजल आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा के लिए आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में बार-बार बिजली कटौती को लेकर कड़ी नाराजगी जतायी। उन्होंने अधिकारियों से सवाल किया कि बार-बार निर्देश दिये जाने के बावजूद स्थिति में सुधार क्यों नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि बिजली की कमी के कारण किसानों की फसलों को नुकसान नहीं होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को कृषि क्षेत्र में बिजली की अधिक मांग वाले क्षेत्रों की पहचान करने और फसल कटाई पूरी होने तक पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए बिजली उत्पादन क्यों नहीं बढ़ाया गया। उन्होंने पूछा कि नैनी और महानदी से कोयले की आपूर्ति की व्यवस्था होने के बावजूद यादाद्रि बिजली संयंत्र अपनी स्थापित क्षमता के अनुसार पूरा उत्पादन क्यों नहीं कर रहा है।

Also Read : कर्नाटक में एसआईआर के खिलाफ अभियान तेज करेगा इंडिया गठबंधन

उन्होंने कहा, “मैं जनता के प्रति जवाबदेह हूं। खड़ी फसलों को बचाने के लिए बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के बार-बार निर्देश देने के बावजूद स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है।” उन्होंने कहा, ” मैं ऐसे किसी भी कदम को बर्दाश्त नहीं करूंगा, जिससे जनता को परेशानी हो। लापरवाही बरतने वाले किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शूंगा।”

मुख्यमंत्री ने अल नीनो के संभावित प्रभाव को कोविड-19 महामारी के समान एक आपदा बताते हुए कहा कि यदि विभागों ने समय रहते बचाव के उपाय नहीं किए, तो मौजूदा परिस्थितियां बड़े संकट का रूप ले सकती हैं। उन्होंने सभी विभागों को जून तक के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने, अल नीनो के संभावित प्रभावों का आकलन करने और सामान्य बारिश बहाल होने तक जनता की परेशानियां कम करने के लिए आपसी समन्वय से काम करने का निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राज्यभर में पेयजल की कमी को रोकने के लिए पहले से व्यवस्था करने और पशुओं के लिए पर्याप्त चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने ग्रेटर हैदराबाद क्षेत्र में निर्माण कार्यों और अन्य उपयुक्त जरूरतों के लिए मलजल शोधन संयंत्रों से शोधित पानी का इस्तेमाल करने को कहा। उन्होंने बताया कि स्थिति से निपटने की तैयारियों के तहत प्रत्येक मंडल में समूह-एक और समूह-दो के अधिकारियों की नियुक्ति की जायेगी। ये अधिकारी बारिश की कमी, बिजली और पेयजल आपूर्ति, फसलों की स्थिति तथा चारे की उपलब्धता पर नजर रखेंगे। उन्होंने कहा कि जमीनी स्थिति की नियमित रिपोर्ट मुख्य सचिव को सौंपी जायेगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दशहरा और दिवाली के बीच ग्राम सभाएं आयोजित करने तथा सांस्कृतिक दलों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाने का भी निर्देश दिया। इन अभियानों के जरिए अल नीनो के संभावित प्रभावों की जानकारी देने के साथ-साथ पानी और बिजली की बचत को बढ़ावा दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि सामान्य बारिश बहाल होने तक सभी विभाग सतर्क रहें और लोगों की परेशानियां कम से कम रखने के लिए पहले से ही आवश्यक कदम उठायें।

Pic Credit : UNI

जियो प्लेटफॉर्म्स दूसरे देशों में अपनी टेलीकॉम टेक्नोलॉजी मॉडल का इस्तेमाल करेगी, आकाश अंबानी ने बताय पूरा प्लान

जियो प्लेटफॉर्म्स अपने एसेट-लाइट मॉडल के जरिए विदेश में अपनी सेवाओं का विस्तार करना चाहती है। इससे कंपनी को अपनी टेलीकॉम टेक्नोलॉजी का फायदा उठाने का मौका मिलेगा। इसके लिए कंपनी दुनियाभर के बाजारों में ऑपरेटर्स से पार्टनरशिप करेगी। कंपनी के चेयरमैन आकाश अंबानी ने गुरुवार को इस बारे में बताया।

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ से जुड़े प्रेस कॉन्फ्रेंस में अंबानी ने कहा कि जियो खुद को नेटवर्क बिल्डर या कनवेंशनल सॉफ्टेवयर सर्विसेज प्रोवाइडर के बजाय मैनेज्ड सर्विसेज पार्टनर के रूप में स्थापित करना चाहती है। इसके लिए कंपनी भारत में विकिसत और इस्तेमाल किए जा रहे टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल दूसरे देशों में करेगी।

उन्होंने कहा कि जियो का प्रॉपरायटरी एंड-टू-एंड टेक्नोलॉजी स्टैक दुनिया के सबसे जटिल टेलीकॉम मार्केट्स में तैयार किया गया है। इसका भारत में इस्तेमाल हो रहा है। हमारे लिए इसका इस्तेमाल दूसरे देशों में करने का मौका है। इसके लिए विकसित और विकासशील दोनों तरह के देशों में ऑपरेटर्स से पार्टनरशिप के मौके हैं।

उन्होंने कहा कि कंपनी विदेश में अपनी सेवाओं के विस्तार के लिए खुद को मैनेज्ड सर्विसेज पार्टनर के रूप में पेश करेगी। इससे टेलीकॉम ऑपरेटर्स को अपनी ग्रोथ के लिए सिर्फ नेटवर्क बिल्डर या सॉफ्टवेयर सर्विस प्रोवाइडर बनने की जगह हमारी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर सकेंगे।

अंबानी ने कहा कि जियो इंटरनेशनल पार्टनर्स के चुनाव में सावधानी बरतेगी। इसके लिए वह बाजार के आकार और अपनी बैलेंसशीट में संभावित योगदान के आधार फैसले लेगी। उन्होंने कहा कि इस स्ट्रेटेजी से आने वाले सालों में कंपनी को टेक्नोलॉजी में अपने निवेश का फायदा उठाने का रास्ता मिलेगा।

जियो प्लेटफॉर्म्स के चेयरमैन ने कहा कि जियो ने अपना टेलीकॉम टेक्नोलॉजी स्टैक विकसित करने के लिए बड़ा निवेश किया है। कंपनी ने 7,220 से ज्यादा पेटेंट्स फाइल किए हैं। इन्हें कंपनी के 12,000 से ज्यादा इंजीनियर्स ने तैयार किए हैं। कंपनी ने भारत में 5जी का व्यापक नेटवर्क बनाया है। उन्होंने इसे चीन के बाहर सबसे बड़ा 5जी सब्सक्राइबर बेस बताया।

जियो IPO से पहले आकाश अंबानी ने खोला ग्रोथ प्लान, मोबिलिटी और होम ब्रॉडबैंड पर बड़ा दांव

जियो IPO से पहले आकाश अंबानी ने खोला ग्रोथ प्लान, मोबिलिटी और होम ब्रॉडबैंड पर बड़ा दांव

aksah ambani

भारत के अब तक के सबसे बड़े IPO से पहले जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने अगले दौर की ग्रोथ का रोडमैप सामने रखा है। मुंबई में पत्रकारों के साथ बातचीत में जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने मोबिलिटी, होम और एंटरप्राइज-इंटरनेशनल को कंपनी के तीन बड़े ग्रोथ इंजन बताया। कंपनी का मानना है कि टेक्नोलॉजी, डिजिटल गेटवे और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के दम पर वह FY31 तक भारत की करीब 1.4 ट्रिलियन डॉलर की डिजिटल इकोनॉमी में बड़ी भूमिका निभा सकती है।

 

आकाश अंबानी ने कहा, “हमारे बिजनेस की सबसे महत्वपूर्ण इकाई हमारा ग्राहक है।” उन्होंने कहा कि जियो का फोकस हर भारतीय, हर घर और हर एंटरप्राइज को बेहतर और किफायती डिजिटल सेवाएं देने पर रहेगा। जियो के पास फिलहाल करीब 53.3 करोड़ कनेक्टिविटी ग्राहक हैं और कंपनी भारत के 60% से ज्यादा डेटा ट्रैफिक को संभालती है।

 

मोबिलिटी में कंपनी अगले पांच वर्षों में करीब 34 करोड़ नए 4G और 5G ग्राहकों का बाजार देख रही है। आकाश के मुताबिक इसमें करीब 10 करोड़ ऐसे नए ग्राहक होंगे जो पहली बार मोबाइल कनेक्शन लेंगे, जबकि करीब 24 करोड़ ग्राहक 2G से 4G और 5G की ओर बढ़ सकते हैं। FY26 में जियो के नेट एक्टिव मोबाइल ग्राहक दूसरे नंबर के ऑपरेटर के मुकाबले करीब तीन गुना ज्यादा बढ़े।

 

होम ब्रॉडबैंड को कंपनी आने वाले वर्षों का बड़ा ग्रोथ इंजन मान रही है। जियो के अभी करीब 2.86 करोड़ फिक्स्ड ब्रॉडबैंड ग्राहक हैं और कंपनी इस बेस को आगे 10 करोड़ घरों तक ले जाना चाहती है। FY26 में देश में जुड़े कुल नए फिक्स्ड ब्रॉडबैंड कनेक्शनों में करीब 67.5% हिस्सेदारी जियो की रही। आकाश ने बताया कि कंपनी फाइबर के साथ अपनी वायरलेस टेक्नोलॉजी के जरिए देश के 19,000 पिन कोड तक पहुंच बढ़ा रही है।

 

तीसरा ग्रोथ इंजन एंटरप्राइज और इंटरनेशनल कारोबार है। जियो भारत में करीब ₹5.1 लाख करोड़ यानी 56.8 अरब डॉलर का एंटरप्राइज डिजिटल सर्विसेज बाजार देख रहा है। आकाश के मुताबिक देश की लगभग 65% बैंक शाखाएं जियो नेटवर्क से जुड़ी हैं।

ALSO READ: Jio IPO से पहले आकाश अंबानी का बड़ा बयान, बोले- 2030-31 तक 1.4 लाख करोड़ डॉलर की होगी भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था

जियो अपनी बनाई एंड-टू-एंड टेक्नोलॉजी स्टैक को चुनिंदा विदेशी बाजारों में भी मॉनेटाइज करना चाहता है। कंपनी की योजना सिर्फ सॉफ्टवेयर बेचने की नहीं, बल्कि ग्लोबल टेलीकॉम कंपनियों के साथ मैनेज्ड सर्विस पार्टनर के रूप में काम करने की है। आकाश ने कहा कि इससे भारत टेक्नोलॉजी आयातक से टेक्नोलॉजी निर्यातक बनने की दिशा में आगे बढ़ सकता है।

akash ambani

इससे पहले ईशा अंबानी ने जियो की शुरुआत और रिलायंस की कारोबारी सोच का जिक्र करते हुए कहा कि कंपनी लंबे समय की सोच, बड़े पैमाने, मजबूत एक्जीक्यूशन और वित्तीय अनुशासन पर भरोसा करती है। प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत उदय कोटक ने रिलायंस के संस्थापक धीरूभाई अंबानी और 1977 के रिलायंस IPO को याद करते हुए की।

Video: 2 साल भारत में रही कोरियाई महिला, 7 शहर घूमने के बाद इस जगह पर आया दिल

भारत में घूमने की जगहों की कमी नहीं है, लेकिन हर किसी की पसंद अलग होती है। दक्षिण कोरिया की जंग ए उम ने अपने बच्चों के साथ भारत में दो साल बिताए और इस दौरान कई शहरों को करीब से जाना। हालांकि, उनकी यात्राओं में एक जगह ऐसी रही, जिसने उन्हें सबसे ज्यादा प्रभावित किया। समुद्र की खूबसूरती और वहां के अनुभवों ने उनका नजरिया ही खास बना दिया। अब उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी पसंदीदा जगह का जिक्र किया है, जिसके बाद लोग उनकी यात्रा पर चर्चा कर रहे हैं और उन्हें नए पर्यटन स्थलों के सुझाव दे रहे हैं।

भारत के सात शहरों में देखा अलग-अलग रंग

जंग ए उम ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया, जिसका शीर्षक था, ‘भारत में 2 साल: एक कोरियाई मां की ईमानदार राय’। इसमें उन्होंने भारत में रहने और घूमने के अपने अनुभव बताए। उन्होंने चेन्नई, बेंगलुरु, दिल्ली, मुंबई, केरल, कोयंबटूर और अंडमान की यात्रा की। उनके मुताबिक, भारत इतना बड़ा और विविधताओं से भरा देश है कि हर शहर में अलग माहौल महसूस होता है। कहीं भाषा बदल जाती है, कहीं खानपान और कहीं लोगों की जीवनशैली। इसके बावजूद उन्हें हर जगह खूबसूरती और लोगों का अच्छा व्यवहार देखने को मिला। उनका कहना है कि भारत के अलग-अलग शहरों का अपना आकर्षण है और हर जगह कुछ नया सीखने और देखने को मिलता है।

अंडमान की खूबसूरती ने किया सबसे ज्यादा प्रभावित

जिन जगहों को जंग ने देखा, उनमें अंडमान द्वीपसमूह उनका पसंदीदा बनकर उभरा। यहां का प्राकृतिक सौंदर्य, साफ पानी और समुद्र के भीतर दिखाई देने वाला जीव-जगत उन्हें बेहद पसंद आया।

स्कूबा डाइविंग के दौरान समुद्री जीवन को करीब से देखने का अनुभव भी उनके लिए खास रहा। उन्होंने बताया कि वह ऑफ-सीजन में अंडमान पहुंची थीं, फिर भी वहां का अनुभव उनकी उम्मीदों से कहीं बेहतर निकला। अपनी पोस्ट के कैप्शन में उन्होंने अंडमान को अपनी पसंदीदा नई खोजों में से एक बताया और वहां की प्राकृतिक सुंदरता को यादगार करार दिया।

भारत में अभी घूमने के लिए बहुत कुछ बाकी

दो साल भारत में बिताने के बावजूद जंग को लगता है कि अभी कई जगहें देखना बाकी हैं। उन्होंने कहा कि जब तक वह भारत में रहेंगी, नई जगहों की खोज करती रहेंगी और अपने अनुभव दुनिया के लोगों के साथ साझा करेंगी। उनकी पोस्ट पर लोगों ने भी खूब प्रतिक्रिया दी। कई यूजर्स ने भारत की तारीफ करने के लिए उनका धन्यवाद किया, जबकि कुछ ने उन्हें पूर्वोत्तर भारत घूमने की सलाह दी। एक यूजर ने बताया कि पूर्वोत्तर का अनुभव देश के दूसरे हिस्सों से काफी अलग है।

सोशल मीडिया पर क्यों पसंद आ रही है कहानी?

जंग का अनुभव बताता है कि भारत की पहचान सिर्फ उसके ऐतिहासिक स्थलों या प्राकृतिक नजारों से नहीं, बल्कि यहां की सांस्कृतिक विविधता और लोगों के व्यवहार से भी बनती है। उनके लिए अंडमान की यात्रा सिर्फ घूमने-फिरने का मौका नहीं, बल्कि एक ऐसी खोज रही, जिसने भारत के प्रति उनकी यादों को और खास बना दिया।

₹5,000 के टिकट बुक कराए, घर जाने की थी खुशी, तभी मैनेजर ने कर दिया खेल! कर्मचारी की कहानी वायरल