CJP की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हंगामा, अभिजीत दीपके बोले- 50-100 रुपए देकर बाहर कीजिए, लहरा दो तिरंगा को लेकर बताया प्लान

CJP की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हंगामा, अभिजीत दीपके बोले- 50-100 रुपए देकर बाहर कीजिए, लहरा दो तिरंगा को लेकर बताया प्लान

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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की प्रमुख नेहा बोरा और अन्य नेताओं को गुरुवार, 15 अक्टूबर को दिल्ली के प्रेस क्लब में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विरोध का सामना करना पड़ा। पत्रकारों से खचाखच भरे परिसर में कुछ लोगों ने ‘बंद करो, दफा हो जाओ’ के नारे लगाए। इस पर अभिजीत दीपके ने तंज कसते हुए आरोप लगाया कि कुछ लोग पैसे लेकर हंगामा करने आए हैं।

यह प्रेस कॉन्फ्रेंस CJP के सह-संयोजक सौरभ दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी तथा उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के विरोध में आयोजित की गई थी। इस दौरान दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर भी निशाना साधा।

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प्रेस क्लब में अचानक शुरू हुआ विरोध, नेताओं ने जताई नाराजगी

 

दिल्ली के प्रेस क्लब में विभिन्न छात्र संगठनों और सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस चल रही थी। नेता बारी-बारी से अपनी बात रख रहे थे। इसी दौरान AISA की प्रमुख नेहा बोरा के संबोधन के बीच कुछ लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया।

 

प्रत्यक्ष विवरण के मुताबिक, परिसर में ‘बंद करो, दफा हो जाओ’ जैसी आवाजें सुनाई देने लगीं। इससे वहां मौजूद पत्रकारों का ध्यान पीछे की ओर चला गया। नेहा बोरा ने लोगों को शांत कराने की कोशिश की और प्रेस क्लब प्रबंधन से हंगामा कर रहे लोगों को बाहर करने की अपील की।

 

इसके बाद अभिजीत दीपके ने माइक संभालते हुए विरोध करने वालों पर पैसे लेकर हंगामा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “इनको 50-100 का नोट दे दीजिए। इसलिए वे आए हैं। प्रेस क्लब वालों से कहता हूं कि इन्हें 50-100 का नोट देकर बाहर कर दीजिए।” नेहा बोरा ने भी इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विरोध करने वालों को एक कोने में ऐसा करने दिया जाए और पत्रकार अपना काम जारी रखें।

 

ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए कार्रवाई का आरोप

 

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना विरोध दोहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकारी तंत्र का इस्तेमाल ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए किया जा रहा है।

 

दीपके ने दावा किया कि पिछले कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे युवाओं के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और विपक्षी नेताओं को भी हिरासत में लिया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर एक व्यक्ति को बचाने के लिए इतनी बड़ी कार्रवाई क्यों की जा रही है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि प्रदर्शनकारियों को सड़कों पर घसीटा गया और दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था इस तरह कड़ी कर दी गई, मानो देश की राजधानी किसी सीमा क्षेत्र में बदल गई हो।

 

सौरभ दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी पर विवाद

CJP के सह-संयोजक सौरभ दास और आशुतोष रांका को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, उनके साथ अजिंक्य शिंदे भी मौजूद थे। तीनों ने कथित तौर पर पुलिस बैरिकेड पार कर जंतर-मंतर में प्रवेश किया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए।

 

दिल्ली पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया। उन पर सरकारी अधिकारी के काम में बाधा डालने समेत कई आरोप लगाए गए। बाद में अदालत ने सौरभ दास और आशुतोष रांका को न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जबकि अजिंक्य शिंदे को निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया।

 

CJP इन गिरफ्तारियों को लेकर विरोध कर रही है और अपने नेताओं के समर्थन में प्रदर्शन का आह्वान किया है।

 

16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में तिरंगा मार्च का ऐलान

 

अभिजीत दीपके ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर को शाम 5 बजे दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ नाम से प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। CJP ने दूसरे शहरों में भी इसी समय तिरंगा मार्च आयोजित करने की अपील की है। दीपके ने नागरिकों से प्रदर्शन में शामिल होने का आग्रह करते हुए कहा कि राष्ट्रीय ध्वज फहराना लोकतांत्रिक अधिकार है।

 

हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कनॉट प्लेस में प्रदर्शन के लिए कोई निर्धारित विरोध स्थल नहीं है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल के तौर पर बाहर रखा गया है। प्रदर्शनकारी आवश्यक अनुमति प्राप्त करने के बाद रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान या CBD मैदान में प्रदर्शन कर सकते हैं।

 

दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने की तैयारी की

 

प्रस्तावित तिरंगा मार्च को देखते हुए कनॉट प्लेस और जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा बढ़ाए जाने की तैयारी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, रणनीतिक स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती, बैरिकेडिंग और लोगों की आवाजाही को नियंत्रित करने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।

 

राजधानी में पहले से अर्धसैनिक बलों की कई कंपनियां तैनात होने की जानकारी भी दी गई है। पुलिस का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है।

 

CJP के प्रदर्शन से जुड़ी 5 बड़ी बातें

 

प्रेस क्लब में हंगामा : 15 अक्टूबर को संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कुछ लोगों ने विरोध में नारे लगाए।

 

अभिजीत दीपके का आरोप : उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग पैसे लेकर हंगामा करने आए थे।

 

गिरफ्तारी का मामला : सौरभ दास और आशुतोष रांका को न्यायिक हिरासत में भेजा गया, जबकि अजिंक्य शिंदे को निजी मुचलके पर रिहा किया गया।

 

तिरंगा मार्च का ऐलान : CJP ने 16 अक्टूबर को शाम 5 बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ प्रदर्शन का आह्वान किया है।

 

सुरक्षा और अनुमति : पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने की तैयारी की है और कहा है कि निर्धारित स्थलों पर प्रदर्शन के लिए आवश्यक अनुमति लेनी होगी।