
उत्तराखंड के रुद्रपुर में ईद मिलादुन्नबी के जुलूस के दौरान दिए गए एक कथित भड़काऊ बयान को लेकर विवाद बढ़ गया है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी मुफ्ती को गिरफ्तार कर लिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले का संज्ञान लेते हुए उत्तराखंड में कट्टरवादी सोच को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करने की बात कही और कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए।
त्रिशूल चौक के पास जुलूस को संबोधित करते हुए मुस्लिम वक्ता मुफ्ती मुजीब अहमद अजहरी के बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। अवैध मदरसों पर धामी सरकार के एक्शन से भड़का मौलाना धमकी दे रहा था। उसने कहा था कि अगर मदरसों को बंद किया तो मुसलमान वो हाल कर देगा जो कभी नहीं हुआ। मौलाना की भड़काऊ तकरीर पर लोग तालियां बजा रहे थे।
बारावफ़ात के मौके पर 26 अगस्त को मुफ़्ती मुजीब ने ये भडकाऊ तकरीर की थी। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि सामाजिक ताने बाने को बिगाड़ने नहीं दिया जाएगा। ऐसे मौलानाओं के खिलाफ सख़्त एक्शन लिया जाएगा। पुलिस उस मौलाना को गिरफ़्तार कर करके सख़्त कार्रवाई करेगी।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में नफ़रत की कोई जगह नहीं है। ऐसी तकरीरें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। सीएम धामी ने कहा कि मौलाना भारत के संविधान को नहीं मानते हैं और इसी प्रकार से धमकी देने का काम करते हैं। वो ज़माना चला गया जब लोग धमकी पर आते थे और इनके वोटों के चक्कर में तुष्टिकरण करते थे। इनके कब्जों के सहन करते थे। इनके डेमोग्राफ़िक बदलाव पर कुछ नहीं बोलते थे। अब सरकार बदल गई है। कानून का राज स्थापित हुआ है। संवैधानिक जो हमारी मान्यताएं हैं। संविधान ने जो प्रावधान किया है, उसके अनुरूप काम होता है।


